कोरबा: वनकर्मियों से मारपीट पर बड़ी कार्रवाई, पांच आरोपी गिरफ्तार
करतला परिक्षेत्र के ग्राम जोगीपाली में वनकर्मियों से मारपीट मामले में पुलिस ने तेज कार्रवाई करते हुए मनाराम, संजय, पंडेवालाल, प्रमोद और अंकुश पटेल को गिरफ्तार कर लिया। मामले में वनकर्मियों ने एकजुट होकर कड़ी कार्रवाई की मांग की थी, जिसके बाद वन कर्मचारी संघ के नेतृत्व में एसपी कार्यालय को ज्ञापन सौंपा गया। 26 नवंबर को पुलिस और वन विभाग ने संयुक्त अभियान चलाया, जिसमें 7 टीआई, 9 एसआई/एएसआई और 70 से ज्यादा कर्मचारी शामिल थे। गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। करतला थाने में एफआईआर दर्ज है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
पटना बेऊर जेल में तड़के बड़ी छापेमारी: नए गृह मंत्री के निर्देश के बाद पुलिस एक्शन में, जेल प्रशासन में हड़कंप
✍️ भागीरथी यादव पटना के अति संवेदनशील बेऊर केंद्रीय कारा में शनिवार तड़के पुलिस ने व्यापक छापेमारी अभियान चलाया। कार्रवाई इतनी अचानक और बड़े पैमाने पर थी कि जेल प्रशासन में अफरा-तफरी मच गई। यह छापेमारी बिहार के नए गृह मंत्री सम्राट चौधरी द्वारा जेलों में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों पर सख्त कदम उठाने के निर्देश के बाद की गई है। बेऊर जेल वह स्थान है जहां फिलहाल मोकामा के विधायक और बाहुबली नेता अनंत सिंह बंद हैं, जिसके कारण यह छापेमारी और भी संवेदनशील मानी जा रही है। — सुबह 5 बजे अचानक शुरू हुआ ऑपरेशन सर्च ऑपरेशन सुबह करीब 5 बजे शुरू हुआ, जब सभी कैदी अपने-अपने वार्डों में बंद थे। अभियान का नेतृत्व सिटी एसपी पूर्वी, सिटी एसपी मध्य और एडीएम ने किया। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सभी वार्डों की गहन तलाशी ली गई और किसी बाहरी व्यक्ति को जेल परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। — बेऊर जेल से आपराधिक गतिविधियों के तार जुड़ने का शक सूत्रों के अनुसार, राजधानी पटना और आसपास के जिलों में हाल ही में हुई हत्या, लूट और डकैती जैसी बड़ी वारदातों के तार बेऊर जेल में बंद कुछ अपराधियों से जुड़े होने की आशंका थी। इसी शक के आधार पर पुलिस ने निगरानी बढ़ाई और औचक छापेमारी को लगातार जारी रखा है। — बरामदगी को लेकर इंतजार, पुलिस बोले—जांच पूरी होने पर खुलासा सर्च के दौरान क्या-क्या सामग्री मिली है, इस पर आधिकारिक बयान अभी नहीं दिया गया है। सिटी एसपी पूर्वी ने बताया कि छापेमारी पूरी होने के बाद ही बरामदगी और आगे की कार्रवाई के बारे में जानकारी दी जाएगी। — अन्य जिलों में भी एक्शन, बाढ़ उपकारा में भी छापा बिहार के कई जिलों में जेलों में छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। बाढ़ उपकारा में भी पुलिस ने इसी तरह की कार्रवाई की है। स्पष्ट है कि गृह मंत्रालय के नए नेतृत्व के बाद पुलिस पूरे राज्य में जेलों में सक्रिय आपराधिक नेटवर्क को तोड़ने के लिए कड़े कदम उठा रही है। — यह छापेमारी राज्य सरकार के सख्त रुख और जेलों में अपराध पर लगाम लगाने की बड़ी पहल का संकेत मानी जा रही है।
वाराणसी में डिलीवरी बॉय पर जानलेवा हमला: दो नाबालिग आरोपी गिरफ्तार, रंजिश में दी वारदात को अंजाम
वाराणसी में डिलीवरी बॉय पर हुए सनसनीखेज हमले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के खजूरी गांव के पास हाईवे-19 पर मंगलवार देर रात घायल पाए गए युवक आलोक सिंह पर हमला उसके ही दो दोस्तों ने किया था। दोनों आरोपी नाबालिग हैं और पुलिस ने टेक्निकल सर्विलांस की मदद से शनिवार को उन्हें गिरफ्तार कर लिया। रंजिश में दिया हमला, लूट का नहीं था इरादा पूछताछ में सामने आया कि वारदात लूट के लिए नहीं, बल्कि व्यक्तिगत रंजिश के चलते की गई। दोनों आरोपी पहले आलोक के साथ एक ही डिलीवरी कंपनी में काम करते थे। मुख्य आरोपी को शक था कि आलोक उसकी गर्लफ्रेंड के बारे में गलत टिप्पणियां करता है और उसके साथ पुराना संबंध होने की वजह से जानबूझकर विवाद खड़ा करता है। कॉल कर बुलाया, शराब पिलाई और फिर गला रेता मुख्य आरोपी ने बताया कि मंगलवार देर रात उसने आलोक को फोन कर हाईवे किनारे बुलाया। वहां उसने अपने साथी के साथ मिलकर आलोक को एक सुनसान प्लॉट में ले जाकर शराब पिलाई। इसके बाद दोनों ने धारदार हथियार से उसके गले पर वार कर दिया और उसकी बाइक व मोबाइल लेकर भाग निकले। हालांकि बाइक में पेट्रोल कम होने से वे कुछ ही दूरी तय कर पाए और उसे वहीं छोड़कर फरार हो गए। पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने आलोक का मोबाइल भी जला दिया। पूरी रात तड़पता रहा घायल युवक घायल आलोक पूरी रात वहीं पड़ा तड़पता रहा। बुधवार सुबह स्थानीय लोगों की नजर उस पर पड़ी तो उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। युवक को वाराणसी ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। फोरेंसिक टीम ने जुटाए अहम सबूत पुलिस ने घटना के बाद इलाके को सील कर फोरेंसिक टीम को बुलाया। टीम ने खून के नमूने, टायरों के निशान और वारदात में इस्तेमाल धारदार हथियार बरामद किया। आलोक के पिता की तहरीर पर पुलिस ने नामजद FIR दर्ज कर जांच शुरू की। टेक्निकल सर्विलांस से मिली सफलता एडीसीपी गोमती जोन वैभव के निर्देशन में गठित टीम ने तकनीकी साक्ष्यों की मदद से दोनों नाबालिग आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से वारदात में उपयोग की गई बाइक भी बरामद कर ली गई है। पुलिस की अपील थाना प्रभारी मिर्जामुराद ने बताया कि मामले में आगे की कार्रवाई चल रही है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि किसी भी विवाद को आपसी बातचीत से सुलझाएं और निजी रंजिश में हिंसक कदम उठाने से बचें। यह घटना एक बार फिर दोस्ती के नाम पर भरोसे को तोड़ने और आपसी रंजिश के चलते बढ़ती हिंसा पर सवाल खड़े करती है।
आजमगढ़ में दिल दहला देने वाली वारदात: घरेलू कलह में पति ने पत्नी की हत्या, तीन बच्चों ने देखा खौफनाक मंजर
✍️ भागीरथी यादव आजमगढ़ जिले के महुआरी मठिया गांव में बीती रात एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। घरेलू विवाद इतना बढ़ गया कि पति सुनील यादव ने आवेश में आकर अपनी पत्नी सुनीता यादव (35) की पेचकस से हमला कर बेरहमी से हत्या कर दी। वारदात के समय घर में मौजूद तीनों मासूम बच्चे सहम कर चीख भी न सके। आधी रात का खौफनाक पल जानकारी के अनुसार, शुक्रवार देर रात करीब 12 बजे पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि सुनील यादव ने पहले पत्नी को पीटा और फिर धारदार पेचकस से कई वार कर दिए। गले और शरीर पर गहरे घावों के चलते सुनीता की मौके पर ही मौत हो गई। बच्चों ने दी पुलिस को सूचना घटना के दौरान 16 वर्षीय हर्ष, 14 वर्षीय अंशिका और 8 वर्षीय प्रिंस घर में ही मौजूद थे। मां की चीखें सुनकर तीनों बच्चे दहशत में आ गए। बड़ी बहादुरी दिखाते हुए बड़े बेटे हर्ष ने घटना की सूचना पुलिस को दी। पड़ोसी भी डर से नहीं निकले बाहर शोर-शराबे के बाद भी पड़ोसी घर के बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा सके। वारदात की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम रात में ही मौके पर पहुंची और घर को घेराबंदी में ले लिया। फील्ड यूनिट और डॉग स्क्वायड ने की जांच वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। फील्ड यूनिट और डॉग स्क्वायड ने साक्ष्य जुटाए। घटनास्थल से खून से सना पेचकस और अन्य महत्वपूर्ण सबूत कब्जे में लिए गए। आरोपी पति हिरासत में एसपी सिटी मधुबन कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी सुनील यादव को तुरंत हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है। मृतका के परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। परिजनों में मातम, गांव में सन्नाटा घटना के बाद गांव में सन्नाटा है और मृतका के मायके पक्ष में मातम पसरा है। तीन मासूम बच्चे अब मां की मौत और पिता की गिरफ्तारी के बीच सदमे में हैं।
दुर्ग में सनसनीखेज अपहरण कांड का खुलासा 24 घंटे में शिक्षिका सकुशल बरामद, ऑटो चालक निकला मास्टरमाइंड
दुर्ग। जिले में शिक्षिका राधा साहू के अपहरण और पाँच लाख की फिरौती मांगने के मामले में पुलिस ने मात्र 24 घंटे के भीतर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई, तकनीकी जांच और सूझबूझ से न सिर्फ शिक्षिका को सुरक्षित बरामद कर लिया गया, बल्कि साजिश रचने वाले आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। — पति को आया फिरौती का कॉल, बढ़ी सनसनी शुक्रवार को राधा साहू के पति मुकेश साहू को उनकी पत्नी के मोबाइल से एक अज्ञात कॉल आया। कॉलर ने खुद को अपहरणकर्ता बताते हुए राधा साहू को अपने कब्जे में होने की बात कही और उनकी रिहाई के बदले 5 लाख रुपये की फिरौती की मांग की। पैसे न देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी गई। इस धमकी ने मुकेश साहू को दहशत में डाल दिया और वह तत्काल छावनी थाने पहुँचकर लिखित शिकायत दर्ज कराने पहुंचे। — एसएसपी ने दिया तत्काल एक्शन का आदेश शिकायत मिलते ही एसएसपी विजय अग्रवाल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए छावनी थाना पुलिस और एसीसीयू टीम को फौरन कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कॉल डिटेल्स ट्रेस कीं, मोबाइल लोकेशन खंगाली और सुरागों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। — मोबाइल ट्रेस करते-करते पुलिस पहुँची ऑटो चालक इंतखाब आलम तक तकनीकी जांच पुलिस को एक नाम तक ले गई—इंतखाब आलम, जो पेशे से ऑटो चालक था। पुलिस ने उसे हिरासत में लिया और सख्ती से पूछताछ की, जिसके बाद पूरा मामला सामने आया। — विश्वास का फायदा उठाकर किया षड्यंत्र पूछताछ में आरोपी ने बताया कि पिछले तीन साल से वह राधा साहू को रोज स्कूल लाने-ले जाने का काम करता था। इस दौरान उसने शिक्षिका की सरलता और मददगार स्वभाव का फायदा उठाया। गरीबी, कर्ज और परिवार की परेशानी का हवाला देकर वह उनसे समय-समय पर आर्थिक मदद लेता रहा, लेकिन लालच धीरे-धीरे इतना बढ़ गया कि उसने फर्जी अपहरण की साजिश रच डाली। — नई ऑटो और कर्ज चुकाने के बहाने मांगे थे 5 लाख रुपये इंतखाब ने स्वीकार किया कि उसने राधा साहू से नई ऑटो खरीदने और कर्ज चुकाने के नाम पर पाँच लाख रुपये मांगे थे। शिक्षिका के मना करने पर उसने उन्हें अपने जाल में फंसाकर मोबाइल से उनके पति को फिरौती का कॉल किया। — पुलिस की तेज कार्रवाई—कुछ ही घंटों में शिक्षिका सुरक्षित पुलिस ने इंतखाब आलम को गिरफ्तार कर शिक्षिका को सकुशल बरामद कर लिया। आरोपी से मोबाइल फोन, ऑटो और शिक्षिका की सिम कार्ड जब्त कर लिए गए हैं। आरोपी पर अपहरण, फिरौती मांगने, धमकी देने सहित गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। — दुर्ग पुलिस की तेज कार्रवाई की सराहना सिर्फ 24 घंटे में इस गंभीर मामले का खुलासा कर शिक्षिका को सुरक्षित वापस लाना दुर्ग पुलिस की तत्परता और तकनीकी दक्षता का बड़ा उदाहरण है। जिले के लोगों ने भी पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है।
ऑपरेशन बाज की बड़ी सफलता: अवैध शराब नेटवर्क पर पुलिस का प्रहार, दो आरोपी गिरफ्तार
मुंगेली// जिले में नशे के कारोबार पर नकेल कसते हुए मुंगेली पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के निर्देशन में चल रहे “ऑपरेशन बाज” के तहत फास्टरपुर–सेतगंगा पुलिस ने अवैध शराब बेचने वाले दो युवकों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान— डोमेश चेसकर, पिता पुरनदास चेसकर (25 वर्ष), निवासी ग्राम बोदा दीपक टंडन, पिता बाबूजी टंडन (19 वर्ष), निवासी ग्राम तालम दोनों आरोपी लंबे समय से क्षेत्र में अवैध रूप से देशी प्लेन शराब की सप्लाई कर रहे थे। पुलिस की टीम ने दबिश देकर उनके कब्जे से 140 पाव (25.200 बल्क लीटर) अवैध देशी प्लेन शराब बरामद की है, जिसकी कीमत करीब 11,200 रुपये आंकी गई है। इसके साथ ही घटना में प्रयुक्त वाहन और दो मोबाइल फोन सहित कुल 66,200 रुपये का माल भी जब्त किया गया। थाना फास्टरपुर–सेतगंगा में अपराध क्रमांक 98/2025, धारा 34(2) आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को 28 नवंबर 2025 को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने कहा कि जिले में अवैध गतिविधियों, विशेषकर नशे के कारोबार पर कड़ी नजर रखी जा रही है। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया— “जिले में नशे का कोई भी व्यापार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।” एसपी ने आम जनता से अपील की है कि यदि कहीं भी अवैध शराब, नशा, जुआ या अन्य गैरकानूनी गतिविधियों की जानकारी मिले तो तुरंत नजदीकी थाने या पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी। यह कार्रवाई जिले में कानून व्यवस्था को मजबूत करने और नशे के प्रसार को रोकने की दिशा में मुंगेली पुलिस की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
जशपुर में 6 करोड़ की ठगी का भंडाफोड़
✍️ भागीरथी यादव ऑपरेशन अंकुश में फर्जी निवेश कंपनी के 3 आरोपी झारखंड से गिरफ्तार जशपुर। जिले में करोड़ों की ठगी को अंजाम देने वाली फर्जी निवेश कंपनी ‘C Bulls Global Solution’ के तीन मुख्य आरोपियों को जशपुर पुलिस ने ऑपरेशन अंकुश के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए झारखंड से गिरफ्तार कर लिया है। ये आरोपी निवेश पर तीन गुना मुनाफे का झांसा देकर ग्रामीणों से लगभग 6 करोड़ रुपये की ठगी कर फरार थे। पत्थलगांव थाना क्षेत्र में 17 अक्टूबर 2025 को दर्ज शिकायत के बाद से पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी थी। शुरुआती जांच में सामने आया कि मदनपुर (इंजिको) निवासी जागेश्वर लाल यादव और उनके साथियों ने कृषि आधारित उत्पाद और प्लांट में निवेश कर भारी लाभ का भरोसा दिलाने पर कंपनी में लाखों रुपये लगाए थे। कुछ महीनों तक झूठा ब्याज देने के बाद कंपनी अचानक गायब हो गई। ❗ कैसे रचा गया पूरा ठगी का जाल संतोष कुमार साव ने खुद को कंपनी का कर्मचारी बताते हुए पहले कृषि उत्पादों में निवेश का झांसा दिया। जब पैसा रुक गया, तो निवेशकों को कथित एमडी मो. सिराज आलम से मिलवाया गया, जिसने कहानी बदलते हुए कहा कि कंपनी कृषि नहीं, बल्कि शेयर ट्रेडिंग कंपनी है और सेबी से रजिस्टर्ड है। उसने दावा किया कि— ✔ प्रतिदिन 1% ब्याज ✔ 10 महीने में निवेश तीन गुना ✔ बैंक गारंटी के रूप में चेक इन झूठे दावों पर भरोसा कर कोरबा, चांपा, अंबिकापुर, बिलासपुर और घरघोड़ा में मीटिंग कर करोड़ों रुपये जुटा लिए गए। ❗ इंश्योरेंस और रजिस्ट्री के नाम पर नई चाल जब लोगों ने पैसे मांगना शुरू किया, तब आरोपियों ने ओडिशा के सुंदरगढ़ में बैठक कर ‘हेल्थ इंश्योरेंस कार्ड’ दिलाने का बहाना बनाकर आधार–पैन व हस्ताक्षर ले लिए। इसके बाद निवेशकों के नाम से C Bulls सहयोग निधि रियल स्टेट एवं फाइनेंस लिमिटेड में रजिस्ट्रेशन कर उन्हें ही सदस्य और डायरेक्टर बना दिया गया। जैसे ही कामयाबी मिली— ❌ कंपनी की वेबसाइट बंद ❌ मोबाइल फोन स्विच ऑफ ❌ सभी आरोपी फरार ❗ तकनीकी टीम ने लगाया पता, झारखंड से पकड़े गए एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देश पर गठित टीम को पता चला कि— मो. सिराज आलम — बोकारो में संतोष कुमार साव — रांची में इमरान खान — रांची में छिपे हुए हैं पुलिस टीम ने दबिश देकर तीनों को गिरफ्तार कर जशपुर लाया। इनके पास से मोबाइल, लैपटॉप, आधार–पैन कार्ड और बैंक दस्तावेज बरामद किए गए हैं। डेटा और बैंक ट्रांज़ैक्शन की जांच जारी है। ❗ कबूलनामे में खुला राज पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि यह पूरा खेल पोंजी स्कीम पर आधारित था। शुरू में पुराने निवेशकों को नए निवेशकों के पैसे से ब्याज दिया जाता था। जैसे ही पैसे आने बंद हुए— ➡ ब्याज बंद ➡ कंपनी बंद ➡ पूरा पैसा हड़पकर फरार ✔ पहले ही दो आरोपी जेल में इस मामले में पहले ही हरिशरण देवांगन संतोष कुमार साहू को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। गिरफ्तार आरोपी 1. मो. सिराज आलम (38 वर्ष) — हिंद पीढ़ी, रांची 2. संतोष कुमार साव (34 वर्ष) — सीदपा, चतरा 3. इमरान खान (35 वर्ष) — दौठवा, हजारीबाग जशपुर पुलिस की बड़ी सफलता इस कार्रवाई में साइबर सेल जशपुर और थाना पत्थलगांव की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। तीनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजने की प्रक्रिया चल रही है।
रायपुर में छेड़छाड़ का विरोध करना पड़ा भारी, युवती के भाई पर चाकू से जानलेवा हमला
✍️ भागीरथी यादव रायपुर। राजधानी में प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर हाई अलर्ट जारी था, लेकिन इसी बीच कोतवाली थाना क्षेत्र में शुक्रवार देर रात एक सनसनीखेज वारदात हो गई। बहन के साथ छेड़छाड़ का विरोध करना एक युवक को इतना महंगा पड़ गया कि बदमाशों ने उस पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर उसे बुरी तरह घायल कर दिया। रात 10 बजे हुई घटना जानकारी के अनुसार पीड़ित रौनक तांडी रात करीब 10 बजे अपनी बहन के साथ घर के पास किसी काम से निकला था। तभी क्षेत्र के बदमाश हर्ष सोनी, नवीन सोनी, रैंबो सैंदरे और ईशान दीप ने युवती के साथ अभद्रता की कोशिश की। रौनक ने विरोध किया और उन्हें रोकने की कोशिश की। इसी से बौखलाए आरोपियों ने पहले गाली-गलौज की और फिर अचानक रौनक पर चाकू तान दिया। युवक के शरीर पर कई गहरे घाव हमले में रौनक के हाथ, सीने और पीठ पर गहरे घाव आए। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई है। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की तलाश में विशेष टीम गठित की गई है। सभी आरोपी घटना के बाद फरार हो गए। FIR दर्ज, आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कोतवाली थाना प्रभारी ने बताया कि पीड़ित के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। चारों आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास, छेड़छाड़ सहित कई गंभीर धाराओं में FIR दर्ज की गई है। पुलिस आसपास के CCTV फुटेज खंगाल रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। हाई अलर्ट में भी अपराधियों के हौसले बुलंद घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया है। स्थानीय लोगों ने पुलिस से गश्त बढ़ाने और असामाजिक तत्वों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। हाई अलर्ट के बीच खुलेआम हुई यह वारदात शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है।
दिल्ली ब्लास्ट केस पर जांच तेज, पुलिस-एनआईए की संयुक्त कार्रवाई तेज हुई
✍️ भागीरथी यादव दिल्ली कार ब्लास्ट मामले की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। सुरक्षा एजेंसियों ने राजधानी में सुरक्षा तंत्र को और सख्त करते हुए बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली पुलिस ने शहर के सभी निजी अस्पतालों को नोटिस जारी कर उन डॉक्टरों की जानकारी मांगी है, जिन्होंने विदेश से एमबीबीएस की पढ़ाई की है और वर्तमान में दिल्ली में प्रैक्टिस कर रहे हैं। पुलिस ने विशेष रूप से पाकिस्तान, बांग्लादेश, यूएई और चीन जैसे देशों से मेडिकल शिक्षा प्राप्त डॉक्टरों का पूरा विवरण प्रस्तुत करने को कहा है। अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई ब्लास्ट केस में सामने आए कई अंतरराष्ट्रीय एंगल को ध्यान में रखते हुए की गई है। अस्पतालों को अपने संस्थान में कार्यरत ऐसे सभी डॉक्टरों की पृष्ठभूमि, दस्तावेज और अन्य आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध करानी होंगी। — फरीदाबाद से जुड़ा बड़ा सुराग – शोएब 10 दिन की रिमांड पर इस बीच एनआईए ने 26 नवंबर को ब्लास्ट केस में एक अहम गिरफ्तारी की। फरीदाबाद में पकड़े गए आरोपी शोएब को पाटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया, जहां उसे 10 दिन की रिमांड मिल गई। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि शोएब ने मुख्य साजिशकर्ता डॉ. उमर मोहम्मद उर्फ उमर उन-नबी को ब्लास्ट से पहले आश्रय दिया था और ऑपरेशन के लिए जरूरी लॉजिस्टिक सपोर्ट भी प्रदान किया। — एक और आरोपी की कस्टडी बढ़ी – नेटवर्क की कड़ियां जुड़ रही हैं उधर, एनआईए ने इसी केस में गिरफ्तार आरोपी आमिर राशिद अली की कस्टडी भी 7 दिन के लिए बढ़ा दी है। एजेंसी का कहना है कि शोएब और आमिर दोनों मिलकर विस्फोटक योजना का हिस्सा थे और कई अहम जानकारियां अभी जुटाई जानी बाकी हैं। — देशभर में छापेमारी, अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जांच तेज एनआईए और दिल्ली पुलिस संयुक्त रूप से कई राज्यों में लगातार छापेमारी कर रही हैं। एजेंसी का मकसद सुसाइड बॉम्बिंग की साजिश से जुड़े सभी सबूतों को इकट्ठा करना और पूरी आतंक मॉड्यूल चेन को बेनकाब करना है। 10 नवंबर को लाल किले के पास हुए इस कार ब्लास्ट में कई लोगों की मौत हुई थी और कई घायल हुए थे। शोएब इस केस में गिरफ्तार सातवां आरोपी है। इससे पहले उमर मोहम्मद के छह करीबी साथियों को भी हिरासत में लिया जा चुका है। —
कपिल शर्मा के कैफ़े पर फायरिंग केस में बड़ी सफलता: दिल्ली क्राइम ब्रांच ने मुख्य आरोपी को दबोचा, गोल्डी बराड़ गैंग से सीधा कनेक्शन उजागर
✍️ भागीरथी यादव मुंबई/दिल्ली। कनाडा में कॉमेडियन कपिल शर्मा के कैफ़े पर हुई लगातार फायरिंग की घटनाओं के मामले में दिल्ली क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। यह वही मोस्ट वॉन्टेड शूटर है, जिसकी तलाश भारत और विदेश की कई एजेंसियां कर रही थीं। सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान बंधनु मान सिंह के रूप में हुई है। जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि वह कुख्यात गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के नेटवर्क से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है। आरोपी के खिलाफ कई गंभीर अपराध पहले से दर्ज हैं। छापेमारी के दौरान पुलिस ने उसके कब्जे से एक हाई-एंड चाइनीज़ पिस्टल और 8 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। — फायरिंग के बाद भारत भाग आया था आरोपी क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के अनुसार, कनाडा में कपिल शर्मा के कैफ़े पर फायरिंग करते ही आरोपी भारत लौट आया था, ताकि विदेशी एजेंसियों की कार्रवाई से बच सके। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार शहर बदलता रहा, लेकिन अंततः दिल्ली क्राइम ब्रांच ने उसे अपने जाल में फंसा लिया। अब उससे गैंग के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क, फायरिंग की पूरी साजिश और भारत–कनाडा कनेक्शन को लेकर गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस को शक है कि यह गिरोह उगाही, धमकाने और अंतरराष्ट्रीय तस्करी जैसे अपराधों में सक्रिय है। — कपिल शर्मा का कैफ़े बन चुका था निशाना—तीन महीनों में तीन फायरिंग पहली फायरिंग — जुलाई 2025 दूसरी—अगस्त 2025 तीसरी—अक्टूबर 2025 लगातार तीन हमलों ने न केवल कनाडा बल्कि भारत में भी सुरक्षा एजेंसियों की चिंताएं बढ़ा दी थीं। इन वारदातों के बाद सोशल मीडिया पर गोल्डी ढिल्लों गिरोह के नाम से एक पोस्ट वायरल हुई थी, जिसमें हमलों की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया गया था कि यह कार्रवाई केवल “उनके टारगेट्स” के खिलाफ है। दिल्ली पुलिस की बड़ी कामयाबी मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी को दिल्ली क्राइम ब्रांच की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि यह केस दो देशों तक फैले एक खतरनाक गैंग नेटवर्क से जुड़ा है। अब पूछताछ के आधार पर कई और खुलासों की उम्मीद है। कपिल शर्मा के कैफ़े पर फायरिंग की गुत्थी सुलझाने की दिशा में यह गिरफ्तारी सबसे अहम कदम साबित हो सकती है।
















