दिल्ली ब्लास्ट केस पर जांच तेज, पुलिस-एनआईए की संयुक्त कार्रवाई तेज हुई
✍️ भागीरथी यादव दिल्ली कार ब्लास्ट मामले की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। सुरक्षा एजेंसियों ने राजधानी में सुरक्षा तंत्र को और सख्त करते हुए बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली पुलिस ने शहर के सभी निजी अस्पतालों को नोटिस जारी कर उन डॉक्टरों की जानकारी मांगी है, जिन्होंने विदेश से एमबीबीएस की पढ़ाई की है और वर्तमान में दिल्ली में प्रैक्टिस कर रहे हैं। पुलिस ने विशेष रूप से पाकिस्तान, बांग्लादेश, यूएई और चीन जैसे देशों से मेडिकल शिक्षा प्राप्त डॉक्टरों का पूरा विवरण प्रस्तुत करने को कहा है। अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई ब्लास्ट केस में सामने आए कई अंतरराष्ट्रीय एंगल को ध्यान में रखते हुए की गई है। अस्पतालों को अपने संस्थान में कार्यरत ऐसे सभी डॉक्टरों की पृष्ठभूमि, दस्तावेज और अन्य आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध करानी होंगी। — फरीदाबाद से जुड़ा बड़ा सुराग – शोएब 10 दिन की रिमांड पर इस बीच एनआईए ने 26 नवंबर को ब्लास्ट केस में एक अहम गिरफ्तारी की। फरीदाबाद में पकड़े गए आरोपी शोएब को पाटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया, जहां उसे 10 दिन की रिमांड मिल गई। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि शोएब ने मुख्य साजिशकर्ता डॉ. उमर मोहम्मद उर्फ उमर उन-नबी को ब्लास्ट से पहले आश्रय दिया था और ऑपरेशन के लिए जरूरी लॉजिस्टिक सपोर्ट भी प्रदान किया। — एक और आरोपी की कस्टडी बढ़ी – नेटवर्क की कड़ियां जुड़ रही हैं उधर, एनआईए ने इसी केस में गिरफ्तार आरोपी आमिर राशिद अली की कस्टडी भी 7 दिन के लिए बढ़ा दी है। एजेंसी का कहना है कि शोएब और आमिर दोनों मिलकर विस्फोटक योजना का हिस्सा थे और कई अहम जानकारियां अभी जुटाई जानी बाकी हैं। — देशभर में छापेमारी, अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जांच तेज एनआईए और दिल्ली पुलिस संयुक्त रूप से कई राज्यों में लगातार छापेमारी कर रही हैं। एजेंसी का मकसद सुसाइड बॉम्बिंग की साजिश से जुड़े सभी सबूतों को इकट्ठा करना और पूरी आतंक मॉड्यूल चेन को बेनकाब करना है। 10 नवंबर को लाल किले के पास हुए इस कार ब्लास्ट में कई लोगों की मौत हुई थी और कई घायल हुए थे। शोएब इस केस में गिरफ्तार सातवां आरोपी है। इससे पहले उमर मोहम्मद के छह करीबी साथियों को भी हिरासत में लिया जा चुका है। —
कपिल शर्मा के कैफ़े पर फायरिंग केस में बड़ी सफलता: दिल्ली क्राइम ब्रांच ने मुख्य आरोपी को दबोचा, गोल्डी बराड़ गैंग से सीधा कनेक्शन उजागर
✍️ भागीरथी यादव मुंबई/दिल्ली। कनाडा में कॉमेडियन कपिल शर्मा के कैफ़े पर हुई लगातार फायरिंग की घटनाओं के मामले में दिल्ली क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। यह वही मोस्ट वॉन्टेड शूटर है, जिसकी तलाश भारत और विदेश की कई एजेंसियां कर रही थीं। सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान बंधनु मान सिंह के रूप में हुई है। जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि वह कुख्यात गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के नेटवर्क से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है। आरोपी के खिलाफ कई गंभीर अपराध पहले से दर्ज हैं। छापेमारी के दौरान पुलिस ने उसके कब्जे से एक हाई-एंड चाइनीज़ पिस्टल और 8 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। — फायरिंग के बाद भारत भाग आया था आरोपी क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के अनुसार, कनाडा में कपिल शर्मा के कैफ़े पर फायरिंग करते ही आरोपी भारत लौट आया था, ताकि विदेशी एजेंसियों की कार्रवाई से बच सके। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार शहर बदलता रहा, लेकिन अंततः दिल्ली क्राइम ब्रांच ने उसे अपने जाल में फंसा लिया। अब उससे गैंग के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क, फायरिंग की पूरी साजिश और भारत–कनाडा कनेक्शन को लेकर गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस को शक है कि यह गिरोह उगाही, धमकाने और अंतरराष्ट्रीय तस्करी जैसे अपराधों में सक्रिय है। — कपिल शर्मा का कैफ़े बन चुका था निशाना—तीन महीनों में तीन फायरिंग पहली फायरिंग — जुलाई 2025 दूसरी—अगस्त 2025 तीसरी—अक्टूबर 2025 लगातार तीन हमलों ने न केवल कनाडा बल्कि भारत में भी सुरक्षा एजेंसियों की चिंताएं बढ़ा दी थीं। इन वारदातों के बाद सोशल मीडिया पर गोल्डी ढिल्लों गिरोह के नाम से एक पोस्ट वायरल हुई थी, जिसमें हमलों की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया गया था कि यह कार्रवाई केवल “उनके टारगेट्स” के खिलाफ है। दिल्ली पुलिस की बड़ी कामयाबी मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी को दिल्ली क्राइम ब्रांच की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि यह केस दो देशों तक फैले एक खतरनाक गैंग नेटवर्क से जुड़ा है। अब पूछताछ के आधार पर कई और खुलासों की उम्मीद है। कपिल शर्मा के कैफ़े पर फायरिंग की गुत्थी सुलझाने की दिशा में यह गिरफ्तारी सबसे अहम कदम साबित हो सकती है।
मणिपुर: भारत–म्यांमार सीमा पर असम राइफल्स की पेट्रोलिंग टीम पर घातक हमला, चार जवान घायल—एक की हालत गंभीर
✍️ भागीरथी यादव मणिपुर के तेंगनौपाल जिले में भारत–म्यांमार सीमा के पास शुक्रवार सुबह अज्ञात सशस्त्र आतंकियों ने असम राइफल्स की तीसरी बटालियन की पेट्रोलिंग पार्टी पर घात लगाकर भीषण हमला कर दिया। घटना सीमा स्तंभ 85 से 87 के बीच स्थित सेबोल (साइबोल) गांव के करीब हुई, जो इम्फाल से लगभग 100 किमी दूर है। अचानक हुई इस अंधाधुंध गोलीबारी में चार जवान घायल हो गए, जिनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों को हेलीकॉप्टर से इम्फाल ले जाकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। — कैसे हुआ हमला? घटना सुबह करीब 4:30 बजे की है। असम राइफल्स के जवान नियमित गश्त पर थे, तभी पहाड़ी व घने जंगलों में छिपे आतंकियों ने अचानक आधुनिक हथियारों और विस्फोटकों से फायरिंग शुरू कर दी। करीब 30 मिनट तक चली इस मुठभेड़ में हमलावरों ने बम का भी इस्तेमाल किया। जवानों ने जवाबी कार्रवाई की, लेकिन आसपास के गांवों में किसी नागरिक को नुकसान न पहुंचे, इस वजह से संयमित फायरिंग की गई। भारी गोलीबारी के बाद आतंकी म्यांमार की ओर भाग निकले। अभी तक किसी आतंकी के मारे जाने या पकड़े जाने की पुष्टि नहीं हुई है। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार— “हमलावर संभवतः म्यांमार से आए घुसपैठिए थे, जो सीमा क्षेत्र में सक्रिय रहते हैं।” — बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन हमले के बाद इलाके में असम राइफल्स और भारतीय सेना की संयुक्त टीमों ने कंबिंग, कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। सीमा पर अतिरिक्त टुकड़ियां तैनात कर दी गई हैं ताकि किसी भी संभावित घुसपैठ को रोका जा सके। सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। — कौन हो सकता है हमले के पीछे? अभी तक किसी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। हालाँकि, सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि इसके पीछे— संयुक्त कुकी नेशनल आर्मी (UNKA) या अन्य सीमा-पार सक्रिय उग्रवादी समूह का हाथ हो सकता है। यह वही क्षेत्र है जहां हथियारों और विस्फोटकों की तस्करी की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं। अगस्त 2025 में इसी इलाके से पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के चार कैडर गिरफ्तार किए गए थे। — सीमा क्षेत्र की चुनौतियाँ बढ़ीं भारत–म्यांमार सीमा की 398 किमी लंबी खुली सीमा चंदेल, तेंगनौपाल, उखरुल और चुराचांदपुर जिलों तक फैली है। यह क्षेत्र लंबे समय से— उग्रवाद तस्करी जातीय तनाव का केंद्र रहा है। म्यांमार में सैन्य उथल-पुथल के बाद सीमा पार से उग्रवादियों की गतिविधियां और बढ़ गई हैं। इसी कारण असम राइफल्स पर इस संवेदनशील इलाके में लगातार दबाव बना हुआ है।— तेंगनौपाल में हुआ यह ताजा हमला सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है और यह संकेत देता है कि सीमा पार से घुसपैठ करने वाले उग्रवादी अब और अधिक सक्रिय हो रहे हैं।
यादव समाज ने अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी संजू देवी यादव का किया सम्मान, भावनाओं से भरा रहा पल
✍️ भागीरथी यादव कोरबा। यादव समाज के गौरव और भारत का नाम दुनिया में रोशन करने वाली अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी कु. संजू देवी यादव का आज इंटक कार्यालय, एचटीटीएस दर्री कोरबा में समाज के पदाधिकारियों द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया। सर्व यादव समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने संजू देवी को गुलदस्ता भेंट कर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस दौरान पूरे परिसर में गर्व और भावनाओं का माहौल देखने को मिला। जिला अध्यक्ष नत्थू लाल यादव ने कहा कि संजू देवी यादव न सिर्फ यादव समाज का गौरव हैं, बल्कि पूरे प्रदेश और देश की बेटियों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उनकी लगन, मेहनत और संघर्ष की बदौलत आज समाज का सिर गर्व से ऊँचा हुआ है। कार्यक्रम में उपस्थित पदाधिकारियों ने ईश्वर से उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि संजू देवी आगे भी ऐसे ही भारत का तिरंगा विश्व पटल पर लहराती रहें।
छत्रपति संभाजीनगर में बड़ा खुलासा: फर्जी IAS बनकर रह रही महिला गिरफ्तार, अफगानिस्तान–पाकिस्तान फंडिंग से जुड़ाव
✍️ भागीरथी यादव छत्रपति संभाजीनगर के एक फाइव स्टार होटल में खुद को IAS अधिकारी बताकर ठहर रही एक महिला को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी महिला की पहचान 45 वर्षीय कल्पना त्रिंबकराव भागवत के रूप में हुई है, जो पडेगांव के चिनार गार्डन की रहने वाली है। पुलिस जांच में महिला के अफगानिस्तान और पाकिस्तान से गहरे कनेक्शन सामने आने के बाद मामला बेहद गंभीर हो गया है। 🔴 विदेशों से भारी रकम का लेनदेन पुलिस के अनुसार, महिला के बैंक खातों में अफगानिस्तान में रहने वाले उसके बॉयफ्रेंड अशरफ खलील और पाकिस्तान में मौजूद उसके भाई आवेद खलील के खातों से बड़े पैमाने पर रकम ट्रांसफर की गई थी। महिला के मोबाइल फोन से विदेशी नागरिकों के पासपोर्ट, वीज़ा, और भारत आने के आवेदन दस्तावेज़ की कई संवेदनशील तस्वीरें भी बरामद हुईं, जिससे जांच एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। 🔴 फर्जी IAS नियुक्ति पत्र बरामद होटल रूम की तलाशी के दौरान महिला ने शुरू में पुलिस पर रौब दिखाने और पूछताछ से बचने की कोशिश की। लेकिन उसके बैग से UPSC 2017 की फर्जी चयन सूची IAS नियुक्ति पत्र की नकली फोटो कॉपी बरामद होते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में ले लिया। 🔴 ATS और IB की एंट्री, गहन पूछताछ शुरू मामले की गंभीरता को देखते हुए एटीएस (ATS) और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) की टीम भी जांच में शामिल हो गई है। विदेशी फंडिंग, फर्जी दस्तावेज़ और संदिग्ध गतिविधियों को लेकर महिला से लगातार पूछताछ की जा रही है। 🔴 अदालत ने भेजा पुलिस हिरासत में सिडको पुलिस स्टेशन में महिला के खिलाफ केस दर्ज कर उसे कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए महिला को पुलिस हिरासत में भेज दिया है। — यह मामला न सिर्फ फर्जी IAS गिरोह की ओर संकेत करता है, बल्कि भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी नए सवाल खड़े करता है। अफगानिस्तान और पाकिस्तान से होने वाले संदिग्ध फंड ट्रांसफर ने जांच को और गहरा बना दिया है।
खगड़िया में भाजपा नेता पर जानलेवा हमला: नई सरकार के लिए बड़ी चुनौती, दिनदहाड़े सीने में मारी गोली
✍️ भागीरथी यादव खगड़िया। बिहार में नई सरकार के गठन के तुरंत बाद ही अपराधियों ने बेखौफ होकर कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती दे दी है। शुक्रवार को जिले में हुए एक सनसनीखेज हमले ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। गंगौर थाना क्षेत्र में भाजपा के वरिष्ठ नेता दिलीप कुमार को अपराधियों ने दिनदहाड़े गोली मारकर घायल कर दिया। गोली सीधे उनके सीने में लगी, जिससे उनकी हालत बेहद गंभीर है। त्रिभुवन टोला पुलिया के पास घात लगाकर हमला वारदात बिशनपुर मोड़ स्थित त्रिभुवन टोला पुलिया के पास हुई। 56 वर्षीय दिलीप कुमार किसी निजी कार्य से वहां पहुंचे थे। इसी दौरान पहले से घात लगाए अज्ञात हमलावरों ने अचानक फायरिंग कर दी। गोली लगते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई और हमलावर फरार हो गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत उन्हें खगड़िया सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने स्थिति गंभीर बताते हुए बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पताल रेफर कर दिया। राजनीति में सक्रिय चेहरा, पूर्व महामंत्री रह चुके हैं दिलीप कुमार खगड़िया भाजपा का एक जाना-पहचाना नाम हैं। वह पार्टी के पूर्व जिला महामंत्री रह चुके हैं और वर्तमान में मंडल कार्यसमिति सदस्य के रूप में सक्रिय हैं। सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में उनकी मजबूत पकड़ के कारण इस हमले से राजनीतिक हलकों में गहरा रोष है। — पत्नी का दर्द – “उन्होंने सिर्फ इतना कहा… मुझे किसी ने गोली मार दी है” घटना के बाद दिलीप कुमार की पत्नी बेहद सदमे में हैं। उन्होंने बताया— “मुझे उनके फोन पर बस इतना सुनाई दिया कि मुझे किसी ने गोली मार दी है… इसके बाद कुछ भी नहीं कह पाए।” परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में तनाव का माहौल व्याप्त है। — पुलिस जांच में जुटी, अपराधियों की तलाश तेज गंगौर थानाध्यक्ष सुंदर पासवान ने बताया कि फिलहाल पीड़ित का इलाज सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा— “अभी पीड़ित पक्ष से लिखित शिकायत नहीं मिली है। फिर भी पुलिस ने केस की जांच शुरू कर दी है और अपराधियों की पहचान व गिरफ्तारी के लिए छापेमारी चल रही है।” — कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल नए शासन के कार्यभार संभालते ही राजनीतिक हस्ती पर इस तरह का हमला बिहार की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अपराधियों में कोई डर नहीं है और पुलिस को तुरंत कठोर कार्रवाई करके अपराधियों को पकड़ना चाहिए। लोगों ने मांग की है कि इस हमले की उच्चस्तरीय जांच हो और दोषियों को कड़ी सजा मिले।
सिवान में बड़ी कार्रवाई: हसनपुरा अंचल कार्यालय में विजिलेंस ने सीआई सहित दो को रिश्वत लेते पकड़ा
✍️ भागीरथी यादव सिवान। बिहार के सिवान जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ निर्णायक कदम उठाते हुए निगरानी विभाग ने शुक्रवार को हसनपुरा अंचल कार्यालय में धावा बोल दिया। पटना से पहुंची विजिलेंस टीम ने पूर्व निर्धारित शिकायत के आधार पर सर्किल इंस्पेक्टर (सीआई) दिलीप सिन्हा और उनके एक सहयोगी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। सूत्रों के अनुसार, जमीन से जुड़ी एक महत्वपूर्ण फाइल पास कराने के लिए अवैध राशि की मांग की जा रही थी। शिकायत की पुष्टि होते ही टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप लगाया और जैसे ही रुपये का लेन–देन हुआ, अधिकारियों ने दोनों को मौके पर ही दबोच लिया। कार्यालय में हड़कंप, घंटों चली छानबीन गिरफ्तारी की खबर फैलते ही अंचल कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई। विजिलेंस टीम ने आरोपियों को पकड़े जाने के बाद सीधे पटना निगरानी थाना भेज दिया, वहीं दूसरी ओर कार्यालय में कई घंटों तक सघन तलाशी अभियान चलाया। जांच के दौरान— रिकॉर्ड रूम, भूमि संबंधित फाइलें, राजस्व अभिलेख, डायरी लॉग को बारीकी से खंगाला गया। टीम ने यह भी जांचा कि फाइलों में अनियमितताओं के पीछे कहीं किसी बिचौलिये का नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है। — लंबे समय से मिल रही थीं शिकायतें जांच में शामिल एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अंचल में जमीन संबंधित कार्यों में अवैध वसूली की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। सत्यापन के बाद ही यह कार्रवाई की गई। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि आगे की जांच में और नाम सामने आते हैं, तो उन पर भी कड़ी कार्रवाई होगी। — लोगों ने की कार्रवाई की सराहना हसनपुरा सहित आसपास के ग्रामीणों ने विजिलेंस की इस कार्रवाई का स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि ऐसे कठोर कदमों से सरकारी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा। उधर, जिला प्रशासन ने संकेत दिया है कि अंचल के सभी विभागों की फाइलों की पुनः समीक्षा की जाएगी ताकि किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार की गुंजाइश न रहे।
नोएडा में प्रेम संबंध का दुखद अंत — युवक ने पीजी में घुसकर प्रेमिका की गोली मारकर हत्या की
✍️ भागीरथी यादव नोएडा, 29 नवंबर 2025 | विशेष रिपोर्ट नोएडा के फेज-2 थाना क्षेत्र स्थित याकूबपुर गांव में शुक्रवार देर रात एक दिल दहला देने वाली वारदात हुई। 25 वर्षीय युवती की उसके प्रेमी ने पीजी में घुसकर गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के बाद पूरा क्षेत्र दहशत और सनसनी से भर गया है। — 🔴 क्या हुआ था रात 11 बजे? युवती सोनू, जो याकूबपुर के एक पीजी में रहती थी और घरेलू सहायिका का काम करती थी, रात करीब 11 बजे अपने कमरे में थी। तभी उसका प्रेमी कृष्णा वहाँ पहुंचा। दोनों के बीच पिछले कुछ दिनों से विवाद चल रहा था, और शुक्रवार की रात दोनों के बीच फिर झगड़ा हुआ। विवाद बढ़ते ही कृष्णा ने नज़दीक से गोली चला दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई! — 🔵 आरोपी फरार, पुलिस ने बनाई 4 टीमें घटना के तुरंत बाद कृष्णा फरार हो गया। डीसीपी सेंट्रल शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि— पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है। आरोपी की तलाश में चार विशेष टीमें गठित की गई हैं। सीसीटीवी फुटेज से पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं। — 🔶 प्रेम संबंध और हालिया विवाद बना कारण? जांच में सामने आया कि दोनों पहले एक ही जगह काम करते थे, वहीं से उनका प्रेम संबंध शुरू हुआ। लेकिन कुछ दिनों से उनके बीच तनाव चल रहा था। इसी तनाव ने इस हादसे को जन्म दिया—ऐसा पुलिस को प्राथमिक जांच में पता चला है। — 🛑 इलाके में दहशत का माहौल घटना की सूचना जैसी ही फैली, याकूबपुर गांव में हड़कंप मच गया। लोग देर रात मौके पर जमा हो गए और पीजी के बाहर भारी भीड़ लग गई। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। युवती के परिवार को घटना की जानकारी दे दी गई है। उसी थाना क्षेत्र में कुछ दिन पहले एक किशोर की हत्या भी हुई थी, जिससे लोग पहले ही सहमे हुए थे। — 🔺 पुलिस का दावा — “आरोपी जल्द गिरफ्तार होगा” डीसीपी अवस्थी ने कहा कि तेज़ी से की जा रही कार्रवाई के चलते आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। —
चुनावी कार्य में लापरवाही पर तीन शिक्षक निलंबित
✍️ भागीरथी यादव बलौदाबाजार-भाटापारा, जिला कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री दीपक सोनी ने निर्वाचन कार्य में गंभीर लापरवाही को लेकर कड़ा कदम उठाते हुए तीन शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) कार्य में रुचि न लेने, डिजिटाइजेशन की धीमी प्रगति और BLO ऐप के माध्यम से गणना पत्रक की ऑनलाइन प्रविष्टि न करने की वजह से की गई है। — 🔹 पहला मामला – पलारी विकासखंड शासकीय प्राथमिक शाला बम्हनी में पदस्थ सहायक शिक्षक (एलबी) प्रितम कुमार ध्रुव पर निर्वाचन नामावलियों के विशेष पुनरीक्षण-2026 के तहत गणना पत्रक वितरण, प्राप्ति के बाद ऑनलाइन प्रविष्टि जैसे दायित्वों का पालन नहीं करने का आरोप सिद्ध हुआ। इन पर अनुशासनहीनता पाई जाने के बाद उन्हें तत्काल निलंबित कर विकासखंड शिक्षा अधिकारी, पलारी कार्यालय में अटैच किया गया है। — 🔹 दूसरा मामला – भाटापारा विकासखंड निर्वाचन कार्य में उदासीनता और आदेशों की अवहेलना पर दो और शिक्षकों पर कार्रवाई की गई है— 1. अजय प्रकाश बंजारे, शिक्षक, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला, भाटापारा 2. द्रोपति ध्रुव, सहायक शिक्षक, शासकीय प्राथमिक शाला, निपनिया अधिकारियों ने पाया कि दोनों ने एसआईआर जैसे महत्वपूर्ण निर्वाचन कार्य के प्रति गंभीर लापरवाही बरती। यह कृत्य लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 13 ख (2), छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3, तथा छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 9(1)(क) के विपरीत पाया गया। दोनों शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विकासखंड शिक्षा अधिकारी, भाटापारा कार्यालय में नियत किया गया है। — 🔹 निलंबन अवधि में लाभ नियम के अनुसार निलंबन अवधि में तीनों शिक्षक जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त करने के पात्र होंगे। — 🔹 प्रशासन का संदेश कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि निर्वाचन कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता का विषय है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही को कठोरता से लिया जाएगा। यह कार्रवाई आगामी निर्वाचन प्रक्रिया को पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित सुनिश्चित करने की दिशा में एक सख्त और आवश्यक कदम माना जा रहा है।
विशेष रिपोर्ट — बस्तर में लौट रहा विश्वास, सुरक्षा और स्थायी शांति
रायपुर, बस्तर को भय और हिंसा से उबरकर विश्वास, सुरक्षा और स्थायी शांति की दिशा में ले जाने के लिए प्रदेश सरकार की पहलें लगातार परिणाम दे रही हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि सरकार की “आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025” और “पूना मारगेम : पुनर्वास से पुनर्जीवन” जैसी मानवीय और दूरदर्शी नीतियों ने बस्तर में एक नए युग की शुरुआत कर दी है। मुख्यमंत्री के अनुसार, इन प्रयासों का असर साफ दिखाई दे रहा है—माओवादी संगठनों के भ्रमजाल में फँसे लोग अब हथियार छोड़कर शांति और विकास का रास्ता चुन रहे हैं। इसी कड़ी में आज एक बड़ी सफलता मिली है। दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के वरिष्ठ सदस्य, 25 लाख के इनामी चैतू उर्फ श्याम दादा, सहित कुल 65 लाख रुपए के इनाम वाले 10 सक्रिय माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने इसे “बदलते बस्तर” की सबसे सशक्त तस्वीर बताते हुए कहा कि आत्मसमर्पण करने वालों को सुरक्षित, सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि बढ़ता आत्मसमर्पण सरकार की नीतियों पर जनता के गहरे भरोसे और बस्तर में तेजी से बदलते माहौल का प्रमाण है। मुख्यमंत्री ने यह उपलब्धि राज्य की प्रभावी रणनीति, पुलिस-प्रशासन की सतत मेहनत और जनता के सहयोग का संयुक्त परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि यह कदम बस्तर के स्थायी शांति मिशन को मजबूत करता है और क्षेत्र को विकास की नई दिशा प्रदान करेगा। बस्तर में शांति स्थापना की ओर यह महत्वपूर्ण प्रगति प्रदेश के इतिहास में एक नया अध्याय लिख रही है।
















