कोरबा में उन्नाव गैंगरेप मामले को लेकर युवा कांग्रेस का आक्रोश, टीपी नगर चौक पर आरएसएस-भाजपा का पुतला दहन

✍️ भागीरथी यादव   कोरबा। उन्नाव गैंगरेप पीड़िता को न्याय दिलाने की माँग को लेकर शनिवार को जिला युवा कांग्रेस, कोरबा (शहर) द्वारा टीपी नगर चौक में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरएसएस-भाजपा का पुतला दहन कर अपना तीखा विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान युवा कांग्रेस पदाधिकारियों ने कहा कि उन्नाव गैंगरेप पीड़िता एक बार फिर न्याय की गुहार लगाने सड़कों पर उतरने को मजबूर है, जो देश की न्याय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस जघन्य अपराध का आरोपी भाजपा नेता कुलदीप सिंह सेंगर को जमानत मिलना पीड़िता के साथ अन्याय है और सत्ता के संरक्षण को उजागर करता है। युवा कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक पीड़िता को पूर्ण न्याय नहीं मिलता, तब तक उनका आंदोलन और संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि दोषियों को सख्त सजा दिलाई जाए और पीड़िता को हर स्तर पर न्याय व सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। इस विरोध प्रदर्शन में युवा कांग्रेस के पवन विश्वकर्मा, सुनील निर्मलकर, विवेक श्रीवास, अमित सिंह, सुजीत बर्मन, नारायण यादव, आशीष गुप्ता, हरीश भारती, लगन चौहान, मिनकेतन गबेल, अरुण यादव, आकाश प्रजापति, संजय महंत, अभिषेक तंबोली, घनश्याम चौहान, सोयल साहू, आशीष खड़िया, अभिषेक ठाकुर, तुषार दुबे, दिनेश जायसवाल, सूरज चौहान, राजेश यादव, अर्जुन सिंह, आकाश कुमार प्रजापति, कमल किशोर चंद्रा, बबलू सहित बड़ी संख्या में महिला पदाधिकारी—संगीता श्रीवास, द्रौपदी तिवारी, माधुरी ध्रुव, सांता मरावी, पिंकी महंत एवं अन्य कार्यकर्ता साथी उपस्थित रहे। युवा कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि पीड़िता को जल्द न्याय नहीं मिला, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

रायपुर | विधानसभा थाना क्षेत्र में सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा

    ✍️ भागीरथी यादव विधानसभा थाना क्षेत्र के ग्राम छपोरा में प्रेम संबंध के शक में युवक की बेरहमी से हत्या करने के मामले में पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने युवक के सिर पर लोहे की रॉड और लकड़ी के बत्ते से हमला कर उसकी हत्या की और पहचान छिपाने के इरादे से शव को आंशिक रूप से जला दिया। पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान ललित कुमार धीवर (22 वर्ष), निवासी ग्राम कुर्रा (बंगोली), थाना खरोरा, जिला रायपुर के रूप में हुई है। इस हत्याकांड में शामिल आरोपी अजीत कुमार लहरे उर्फ हरजीत विधानसभा थाना क्षेत्र का कुख्यात हिस्ट्रीशीटर है, जिसके खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। खेत में मिला जला हुआ शव, जांच में हुआ खुलासा 23 दिसंबर 2025 को पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम छपोरा के गोठान के पास खेत में एक अज्ञात युवक का शव पड़ा है। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने देखा कि शव आंशिक रूप से जला हुआ है और सिर पर गंभीर चोट के निशान हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में गंभीर चोट को मौत का कारण बताया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने गांव-गांव पूछताछ, मुखबिर तंत्र और सीसीटीवी फुटेज के जरिए जांच को आगे बढ़ाया। तीन दिन तक ग्राम छपोरा में कैंप कर संदिग्धों पर नजर रखी गई। प्रेम संबंध के शक में रची गई हत्या की साजिश जांच के दौरान सामने आया कि मृतक को आखिरी बार ग्राम छपोरा निवासी अर्जुन ध्रुव और अजीत कुमार लहरे के साथ देखा गया था। कड़ाई से पूछताछ में दोनों ने अपराध कबूल कर लिया। आरोपियों ने बताया कि अर्जुन ध्रुव को अपनी बहन और ललित कुमार के बीच प्रेम संबंध होने का शक था। इसी शक और रंजिश के चलते हत्या की योजना बनाई गई। शराब पार्टी के बाद दिया वारदात को अंजाम पुलिस के अनुसार 20 दिसंबर को गुरु घासीदास जयंती मेले के दौरान ललित कुमार छपोरा आया था। 21 दिसंबर को तीनों ने साथ बैठकर शराब पी। इसके बाद सुनसान जगह पर विवाद हुआ और आरोपियों ने लोहे की रॉड व लकड़ी के बत्ते से ललित के सिर पर हमला कर उसकी हत्या कर दी। सबूत मिटाने के लिए शव पर पैरा डालकर आग लगा दी गई। मृतक की मोटरसाइकिल तालाब में फेंक दी गई, जबकि मोबाइल फोन अलग स्थान पर छिपाया गया। हथियार और सामान बरामद, आरोपी जेल भेजे गए पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त लोहे की रॉड, लकड़ी का बत्ता, मृतक की मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन बरामद कर लिया है। दोनों आरोपी—अर्जुन ध्रुव (19 वर्ष) और अजीत कुमार लहरे उर्फ हरजीत (25 वर्ष), निवासी ग्राम छपोरा—को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।  

रायगढ़ | जिंदल कोल ब्लॉक के विरोध में उग्र प्रदर्शन, पुलिस पर पथराव, महिला टीआई घायल

✍️ भागीरथी यादव   रायगढ़ जिले के तमनार ब्लॉक अंतर्गत धौराभाठा गांव में जिंदल उद्योग को आवंटित गारे–पेलमा सेक्टर-1 कोल ब्लॉक में भू-अधिग्रहण और प्रस्तावित उत्खनन परियोजना के विरोध में ग्रामीणों का आंदोलन उग्र हो गया। सीएचपी चौक पर धरने पर बैठे ग्रामीणों को हटाने पहुंची पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर झूमाझटकी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई।   स्थिति उस वक्त और बिगड़ गई जब आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। इस दौरान मौके पर खड़ी एक बस में भी तोड़फोड़ की गई। हिंसा में महिला थाना प्रभारी कमला पुसाम गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया है। घटना के बाद इलाके में भारी तनाव का माहौल है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए गांव और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना उनकी सहमति और उचित मुआवजे के जमीन अधिग्रहण किया जा रहा है, जिससे उनकी आजीविका और भविष्य पर संकट खड़ा हो गया है। वहीं प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं। फिलहाल हालात तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताए जा रहे हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है और उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है।

रायपुर | छत्तीसगढ़ बंद के बाद बढ़ा तनाव: मैग्नेटो मॉल तोड़फोड़ मामले में हिरासत के विरोध में बजरंग दल का चक्काजाम

  रायपुर के मैग्नेटो मॉल में छत्तीसगढ़ बंद के दौरान हुए हंगामे और तोड़फोड़ के मामले में पुलिस कार्रवाई के विरोध में बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने तेलीबांधा थाने के सामने चक्काजाम कर दिया। चौंकाने वाली बात यह रही कि पुलिस को चक्काजाम की पूर्व सूचना नहीं थी। प्रशासन को केवल यह जानकारी थी कि बजरंग दल के कार्यकर्ता गिरफ्तारी देने पहुंचेंगे। मैग्नेटो मॉल में हुई तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने बलवा सहित अन्य धाराओं में FIR दर्ज की है। शुक्रवार (26 दिसंबर) देर रात पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने कार्रवाई करते हुए करीब एक दर्जन बजरंग दल कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को हिरासत में लिया था। इसी कार्रवाई के विरोध में शनिवार को अन्य कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। बजरंग दल के जिला संयोजक विजेंद्र वर्मा ने आरोप लगाया कि कांकेर में 800 लोगों ने मिलकर 25 हिंदू युवकों के साथ मारपीट की, लेकिन वहां सख्त कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस-प्रशासन समय रहते कार्रवाई करता तो छत्तीसगढ़ बंद नहीं होता और ऐसी स्थिति पैदा ही नहीं होती। विजेंद्र वर्मा ने मॉल प्रबंधन पर भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि चैंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा बंद का आह्वान किया गया था, इसके बावजूद बजरंग दल को चिढ़ाने के उद्देश्य से मॉल में संता की मूर्ति लगाई गई। उन्होंने दावा किया कि इससे किसी की धार्मिक भावना आहत नहीं हुई है और बाइबल में भी संता का उल्लेख नहीं है। बजरंग दल का कहना है कि उन्होंने मॉल में तोड़फोड़ नहीं की और केवल डेकोरेशन को लेकर हुई कार्रवाई को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। कार्यकर्ताओं के अनुसार, सजावट को नुकसान पहुंचाने के आरोप में इतनी बड़ी पुलिस कार्रवाई करना गलत है, इसी के विरोध में यह प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने साफ कहा कि आज का चक्काजाम उनके पूर्व नियोजित कार्यक्रम का हिस्सा था और जिस थाने में FIR दर्ज हुई है, उसी थाने का घेराव किया जाएगा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तेलीबांधा थाने में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। मौके पर 2 एएसपी, 4 सीएसपी और दर्जनभर थाना प्रभारियों के साथ अतिरिक्त पुलिस बल मौजूद है। सुरक्षा व्यवस्था के चलते मंदिर हसौद और एयरपोर्ट की ओर से रायपुर शहर में आने वाले यातायात को तेलीबांधा चौक के पास नेशनल हाईवे की ओर डायवर्ट किया गया है। फिलहाल इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और पुलिस हालात पर नजर बनाए हुए है।

जशपुर में दर्दनाक सड़क हादसा

✍️ भागीरथी यादव   NH-43 पर दो ट्रकों की भीषण आमने-सामने टक्कर दोनों चालकों की मौके पर ही मौत, केबिन बने मौत का पिंजरा जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में नेशनल हाइवे-43 पर एक भीषण सड़क दुर्घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया। काईकछार के पास दो भारी वाहनों की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई, जिसमें दोनों ट्रक चालकों की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसा इतना भयावह था कि दोनों ट्रकों के केबिन पूरी तरह चकनाचूर हो गए। टक्कर के बाद चालक केबिन में ही बुरी तरह फंस गए, जिससे मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। गैस कटर से निकाले गए शव घटना की सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंचा। काफी मशक्कत के बाद गैस कटर की मदद से ट्रकों के केबिन काटे गए, तब जाकर दोनों चालकों के शव बाहर निकाले जा सके। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद शवों को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। कोयला और मक्का से लदे थे ट्रक जानकारी के अनुसार, हादसे में शामिल एक ट्रक कोयला लेकर जा रहा था, जबकि दूसरा ट्रक मक्का से लदा हुआ था। टक्कर की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दुर्घटना के बाद सड़क पर लंबा जाम लग गया और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। हादसे की जांच में जुटी पुलिस फिलहाल पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच में जुटी हुई है। प्रारंभिक तौर पर तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे की वजह माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।  

चोरी के जेवर बिना दस्तावेज गिरवी रखना पड़ा भारी

  बजाज फाइनेंस की महिला कर्मचारी गिरफ्तार रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में चोरी के जेवरात को बिना किसी वैध दस्तावेज के गिरवी रखना बजाज फाइनेंस की महिला कर्मचारी को भारी पड़ गया। पुलिस ने इस गंभीर लापरवाही और नियमों की अनदेखी के मामले में महिला फाइनेंस कर्मी को गिरफ्तार कर लिया है। मामला न्यू राजेन्द्र नगर थाना क्षेत्र का है। परसुराम नगर पुरैना निवासी एक महिला के घर से चोरी किए गए सोने-चांदी के जेवरात को चोरों ने तेलीबांधा स्थित बजाज फाइनेंस कंपनी में गिरवी रखा था। हैरानी की बात यह रही कि कंपनी की महिला कर्मचारी ने बिना किसी वैध दस्तावेज के इन जेवरात को स्वीकार कर लिया। पहले ही पकड़े जा चुके हैं चोर पुलिस जांच में सामने आया कि चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी आशीष नेताम और एक नाबालिग को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि चोरी के जेवरात बजाज फाइनेंस, तेलीबांधा शाखा में गिरवी रखे गए हैं। कैसे हुआ पूरे मामले का खुलासा पीड़िता 4 दिसंबर को स्वास्थ्य कारणों से अपने परिवार के साथ उड़ीसा चली गई थी। 25 दिसंबर की शाम जब वह अपने घर लौटी तो देखा कि घर के मुख्य दरवाजे और कमरे का ताला टूटा हुआ है। अलमारी से सोने-चांदी के जेवरात और नकद राशि गायब थी। घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और आरोपियों तक पहुंचने में सफलता हासिल की। महिला कर्मचारी की भूमिका उजागर पुलिस जब तेलीबांधा स्थित बजाज फाइनेंस कार्यालय पहुंची तो जांच में पता चला कि कंपनी की महिला कर्मचारी सनोहर जाहां (उम्र 27 वर्ष) ने बिना किसी वैध दस्तावेज के चोरी के जेवरात गिरवी स्वीकार किए थे, जो कानूनन अपराध है। इस लापरवाही और अवैध प्रक्रिया के चलते पुलिस ने सनोहर जाहां को धारा 317(2) बीएनएस के तहत गिरफ्तार कर लिया है। जांच जारी, और भी खुलासों की संभावना फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं इस तरह की लापरवाही पहले भी तो नहीं की गई और क्या इसमें किसी अन्य की संलिप्तता है।

रायपुर : इंडिगो एयरलाइन की लापरवाही, चेक-इन किया गया सामान गुम भाजपा नेता दीपक चोइथवानी को झेलनी पड़ी भारी परेशानी, 30 मिनट तक हंगामे के बाद मिला लगेज

रायपुर। इंडिगो एयरलाइन की एक और बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है, जहां कनेक्टिंग फ्लाइट से यात्रा कर रहे एक यात्री को भारी असुविधा और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा। जयपुर–इंदौर–रायपुर रूट की यात्रा कर रहे तिल्दा-नेवरा भाजपा शहर मंत्री दीपक चोइथवानी का चेक-इन किया गया सामान रायपुर एयरपोर्ट पर गुम हो गया।   बताया जा रहा है कि श्री चोइथवानी जब तय समय से करीब 30 मिनट की देरी से रायपुर पहुंचे, तो उन्हें बैगेज बेल्ट पर अपना सामान नहीं मिला। उन्होंने तुरंत इंडिगो के लगेज कार्यालय में संपर्क किया, लेकिन वहां मौजूद कर्मचारियों के पास कोई संतोषजनक जवाब नहीं था। इससे उनकी चिंता और बढ़ गई, क्योंकि गुम हुए बैग में जरूरी कपड़े, महत्वपूर्ण दस्तावेज और आवश्यक दवाइयां रखी हुई थीं।   30 मिनट तक हंगामा, तब जाकर मिला सामान   यात्री के अनुसार, लगभग 30 मिनट तक बहस और हंगामे के बाद इंडिगो एयरलाइन द्वारा उनका सामान उपलब्ध कराया गया। इस दौरान एयरलाइन स्टाफ का व्यवहार भी उदासीन और गैर-जिम्मेदाराना बताया जा रहा है।   सोशल मीडिया के जरिए उठाई आवाज   घटना से आक्रोशित भाजपा नेता दीपक चोइथवानी ने सोशल मीडिया के माध्यम से इंडिगो एयरलाइन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए जांच और कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते हंगामा नहीं किया जाता, तो शायद सामान मिलने में और देर होती।   यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा पर सवाल   इस घटना ने एक बार फिर एयरलाइंस की बैगेज हैंडलिंग व्यवस्था और यात्रियों के प्रति जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही से न केवल समय की बर्बादी होती है, बल्कि जरूरी दवाइयों और दस्तावेजों के गुम होने से गंभीर संकट भी खड़ा हो सकता है।   यात्रियों ने मांग की है कि इंडिगो एयरलाइन इस मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई करे, ताकि भविष्य में किसी अन्य यात्री को ऐसी परेशानी न झेलनी पड़े।

बस्तर | माचकोट में वन भूमि पर बेजा कब्जे का बड़ा प्रयास विफल, 10 अतिक्रमणकारी गिरफ्तार

  बस्तर जिले के माचकोट क्षेत्र में वन भूमि पर अवैध कब्जे का गंभीर मामला सामने आया है। माचकोट रेंज के आरक्षित वन कक्ष क्रमांक आरएफ–1252 में अतिक्रमणकारियों द्वारा बड़े पैमाने पर जंगल को नुकसान पहुंचाकर वन भूमि पर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा था। सूत्रों के अनुसार, अतिक्रमणकारी बीते कई दिनों से लगातार जंगल को खंडित कर पेड़ों की कटाई में लगे हुए थे। सूचना मिलने पर वन विभाग की विशेष टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर दबिश दी और पेड़ काटते हुए 10 अतिक्रमणकारियों को रंगे हाथों पकड़ लिया। सुकमा जिले के निवासी, सामूहिक कब्जे की साजिश पकड़े गए सभी आरोपी सुकमा जिले के छिंदगढ़ क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं। आरोप है कि ये लोग संगठित रूप से माचकोट क्षेत्र की वन भूमि पर अवैध कब्जा करने की मंशा से जंगल को नष्ट कर रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों में दो नाबालिग भी शामिल हैं। कड़ी कानूनी कार्रवाई वन विभाग ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम 1927 एवं लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम 1984 की सुसंगत धाराओं के तहत वन अपराध प्रकरण दर्ज किया है। मामले में 8 आरोपियों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, जिला बस्तर के समक्ष तथा 2 नाबालिगों को किशोर न्याय बोर्ड, जगदलपुर में प्रस्तुत किया गया। न्यायालय के आदेश पर सभी आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में केंद्रीय जेल जगदलपुर भेज दिया गया है, वहीं नाबालिगों को बाल संप्रेक्षण गृह जगदलपुर में रखा गया है। वन विभाग सख्त, निगरानी बढ़ी इस घटना के बाद वन विभाग ने माचकोट सहित संवेदनशील वन क्षेत्रों में निगरानी और गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वन भूमि पर किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों पर कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

कोरबा | कुसमुंडा क्षेत्र में लापता बुजुर्ग का शव मिलने से सनसनी

✍️ भागीरथी यादव   कोरबा जिले के कुसमुंडा थाना क्षेत्र अंतर्गत वैशाली नगर खम्हरिया निवासी 55 वर्षीय चैतराम यादव का शव कुसमुंडा खदान से सटे बरपाली इलाके में मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। बताया जा रहा है कि चैतराम यादव पिछले 10 से 12 दिनों से लापता थे, जिसकी सूचना परिजनों द्वारा पहले ही पुलिस को दी जा चुकी थी। शनिवार को स्थानीय लोगों ने खोडरी बरपाली से खदान की ओर जाने वाले ऊपरी रास्ते पर एक बुजुर्ग का शव देखा, जिसके बाद तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची कुसमुंडा पुलिस ने शव की पहचान चैतराम यादव के रूप में कर परिजनों को इसकी जानकारी दी। ठंड से मौत की आशंका प्राथमिक जांच में पुलिस ने ठंड से शरीर अकड़ने के कारण मौत होने की आशंका जताई है। हालांकि, शव की स्थिति को देखते हुए यह अनुमान भी लगाया जा रहा है कि मौत हाल ही में हुई है। शव को विकास नगर स्थित अस्पताल की मर्चुरी में सुरक्षित रखवाया गया है, जहां मर्ग पंचनामा की कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा। परिजनों ने पहले दर्ज कराई थी गुमशुदगी परिजनों के अनुसार, चैतराम यादव अक्सर घर से घूमने निकल जाया करते थे और कुछ समय बाद लौट आते थे। लेकिन इस बार कई दिनों तक वापस नहीं लौटने पर परिवार ने चिंता जताते हुए पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। साथ ही रिश्तेदारों और आसपास के क्षेत्रों में भी उनकी तलाश की जा रही थी। फोन के जरिए शव मिलने की सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे। मौके से मिला सामान पुलिस को घटनास्थल के पास से बीड़ी और एक थैला भी मिला है। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही बुजुर्ग की मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।

कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव का बड़ा बयान: आकांक्षा टोप्पो की गिरफ्तारी लोकतंत्र पर हमला

✍️ भागीरथी यादव   कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा:    छत्तीसगढ़ की चर्चित सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर बहन आकांक्षा टोप्पो को छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने का मैं पुरजोर विरोध करता हूं। आकांक्षा टोप्पो लगातार जनभावनाओं से जुड़े मुद्दे उठाती रही हैं और उन्होंने बिना किसी पक्षपात के हर राजनीतिक दल से सवाल किए हैं। हाल ही में उन्होंने महिला एवं बाल विकास मंत्री और सीतापुर विधायक से एक दिव्यांग परिवार को उनकी जमीन से बेदखल किए जाने के मामले में सवाल उठाए थे। सवाल पूछने के जवाब में उन्हें हथकड़ी और जेल मिली। यह छत्तीसगढ़ के Gen Z की आवाज़ को दबाने वाली, आलोचना असहिष्णु सरकार का उदाहरण है, जो नए तरीके का फासीवाद थोप रही है। अगर सरकार को आलोचना बर्दाश्त नहीं है तो उसे सत्ता में बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है। इस्तीफा दे दीजिए, फिर कोई सवाल ही क्यों करेगा? कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव ने कहा कि लोकतंत्र में सवाल पूछना अपराध नहीं है और सरकार को आलोचना से डरने के बजाय जवाबदेह बनना चाहिए।

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