दर्री में नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़, आरोपी गिरफ्तार कर भेजा गया जेल
✍️ भागीरथी यादव कोरबा दर्री दर्री थाना क्षेत्र से एक गंभीर और शर्मनाक मामला सामने आया है, जहाँ स्कूल से घर लौट रही एक नाबालिग छात्रा के साथ छेड़छाड़ एवं अभद्र व्यवहार किया गया। यह घटना दर्री सीएसईबी कॉलोनी की है, जिसने क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोपहर करीब 4 से 5 बजे के बीच छात्रा स्कूल से अपने घर लौट रही थी। इसी दौरान अयोध्यापुरी निवासी विक्की श्रीवास नामक युवक ने रास्ता रोककर छात्रा के साथ अश्लील हरकतें कीं और अभद्र व्यवहार किया। घटना से भयभीत छात्रा रोते हुए घर पहुँची और अपने माता-पिता को पूरी घटना की जानकारी दी। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन तत्काल दर्री थाना पहुँचे और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए दर्री पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए जाँच शुरू की और आरोपी विक्की श्रीवास (उम्र 28 वर्ष), पिता बलराम श्रीवास, निवासी अयोध्यापुरी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74/75(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
कुसमुंडा खदान में दर्दनाक हादसा, मशीन रिपेयरिंग के दौरान ऑपरेटर की मौत
✍️ भागीरथी यादव एसईसीएल ठेका कंपनी नीलकंठ में सिलेंडर फटने से दो मजदूर गंभीर घायल, जांच जारी कोरबा, 16 जनवरी। एसईसीएल की कुसमुंडा खदान से एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा पर सवाल खड़े करने वाली घटना सामने आई है। खदान में कार्यरत ठेका कंपनी नीलकंठ में मशीन की मरम्मत के दौरान हुए भीषण हादसे में एक ऑपरेटर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों का इलाज निजी अस्पताल में जारी है। हादसे में जान गंवाने वाले मजदूर की पहचान संजय देवांगन के रूप में हुई है, जो पिछले तीन वर्षों से नीलकंठ कंपनी में ऑपरेटर के पद पर कार्यरत था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बीती शाम मशीन रिपेयरिंग के दौरान अचानक मशीन का सिलेंडर फट गया, जिसकी चपेट में आने से संजय की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं पुलिस के अनुसार, मरम्मत के दौरान मशीन का पिस्टन तेज़ी से बाहर निकलकर संजय के सीने में जा लगा, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पास में काम कर रहे दो अन्य कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के सही कारणों को लेकर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतक संजय देवांगन बलरामपुर जिले का निवासी था और अपने परिवार में चार बहनों का इकलौता भाई था। घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों और सहकर्मियों ने ठेका कंपनी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि छुट्टी के दिन भी संजय से मिस्त्री का काम कराया जा रहा था, जबकि वह ऑपरेटर था। इसी लापरवाही के चलते यह दर्दनाक हादसा हुआ।
बिलासपुर में उत्तराधिकार प्रमाण पत्र पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
✍️ भागीरथी यादव राजस्व अधिकारियों की सीमा तय, ग्रेच्युटी-पीएफ पर केवल सिविल कोर्ट का अधिकार बिलासपुर। शिक्षिका की मौत के बाद खुद को जैविक संतान बताकर सरकारी लाभ हासिल करने के मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण और दूरगामी फैसला सुनाया है। कोर्ट ने साफ कर दिया है कि कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर या तहसीलदार जैसे राजस्व अधिकारी केवल परिवार पेंशन (कंट्रीब्यूटरी फैमिली पेंशन) के उद्देश्य से ही आश्रित प्रमाण पत्र जारी कर सकते हैं। ग्रेच्युटी, पीएफ और अन्य वित्तीय लाभों के लिए उत्तराधिकार तय करने का अधिकार केवल सक्षम सिविल कोर्ट को है। मामला बिलासपुर जिले के बिल्हा स्थित रहंगी मिडिल स्कूल में पदस्थ उच्च वर्ग की शिक्षिका शमशाद बेगम से जुड़ा है। उनकी मृत्यु के बाद काजोल खान ने खुद को मृतका की जैविक पुत्री बताते हुए कलेक्टर कार्यालय में आवेदन दिया। इस पर तत्कालीन डिप्टी कलेक्टर ने जून 2014 में उसे एकमात्र कानूनी वारिस घोषित करते हुए प्रमाण पत्र जारी कर दिया। इसी प्रमाण पत्र के आधार पर काजोल खान को पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य शासकीय लाभ प्राप्त हो गए। इस फैसले को मृतका के भाइयों मोहम्मद इखलाक खान और मोहम्मद इकबाल खान ने हाईकोर्ट में चुनौती दी। उन्होंने याचिका में बताया कि शमशाद बेगम अविवाहित थीं, ऐसे में उनके निधन के बाद मिलने वाले सभी शासकीय लाभों पर उनका अधिकार बनता है। मामले की सुनवाई जस्टिस राकेश मोहन पाण्डेय की एकलपीठ में हुई। कोर्ट ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1976 के नियम 47(14) और राज्य सरकार के 17 दिसंबर 2003 के सर्कुलर का विस्तृत विश्लेषण किया। कोर्ट ने पाया कि राजस्व अधिकारियों को केवल परिवार पेंशन के लिए आश्रितों की पहचान करने का सीमित अधिकार है। इसके विपरीत, ग्रेच्युटी, पीएफ जैसे अन्य वित्तीय लाभों के लिए भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम, 1925 के तहत सिविल कोर्ट से प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट टिप्पणी करते हुए कहा कि इस मामले में डिप्टी कलेक्टर ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर प्रमाण पत्र जारी किया, जो कानूनन गलत है। कोर्ट का यह फैसला न सिर्फ इस प्रकरण में बल्कि भविष्य में ऐसे सभी मामलों के लिए एक मजबूत नजीर माना जा रहा है।
रायपुर | गांजा तस्करी पर न्यायालय की कड़ी चोट, हिस्ट्रीशीटर रवि साहू उर्फ ‘रवि बाबा’ समेत 6 दोषियों को 10-10 साल की सजा
राजधानी रायपुर में मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी कानूनी कार्रवाई सामने आई है। विशेष न्यायाधीश किरण थवाईत की एनडीपीएस कोर्ट ने गांजा तस्करी के एक गंभीर मामले में हिस्ट्रीशीटर रवि साहू उर्फ रवि बाबा और उसके पांच साथियों को दोषी करार देते हुए प्रत्येक को 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही सभी दोषियों पर एक-एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में आरोपियों को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। कोतवाली थाना क्षेत्र का मामला यह पूरा मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है, जहां लंबे समय से गांजा तस्करी का नेटवर्क सक्रिय था। न्यायालय के इस फैसले को राजधानी में नशे के अवैध कारोबार पर बड़ा प्रहार माना जा रहा है। सजा पाने वाले आरोपी सजा पाए आरोपियों में— रवि साहू उर्फ रवि बाबा, निवासी कोतवाली अनील उर्फ अली जुल्फेकार संजय उर्फ लेंडी जुल्फेकार गणेश बागर्ती, निवासी बलांगीर, ओडिशा विक्रम शाह, निवासी बलांगीर, ओडिशा प्रियवंत कुम्हार, निवासी बलांगीर, ओडिशा गांजा बेचते रंगे हाथों पकड़े गए थे आरोपी विशेष लोक अभियोजक भुवन लाल साहू ने बताया कि पुलिस ने 4 फरवरी 2025 को गांजा तस्करी की पुख्ता सूचना मिलने पर कार्रवाई की थी। कालीबाड़ी चौक में दबिश देकर आरोपियों को मादक पदार्थ के साथ रंगे हाथों पकड़ा गया। आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ था, जिसे वे बैग में रखकर छोटी-छोटी पुड़िया बनाकर ग्राहकों को बेच रहे थे। रवि साहू के इशारे पर चल रहा था नेटवर्क पुलिस द्वारा कोर्ट में पेश केस डायरी के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे हिस्ट्रीशीटर रवि साहू के निर्देश पर गांजा की बिक्री कर रहे थे। रवि साहू पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहा था और उसके गुर्गे शहर में गांजा खपाने का काम करते थे। कोर्ट ने मानी अभियोजन की दलीलें एनडीपीएस कोर्ट ने सभी साक्ष्यों, गवाहों और अभियोजन पक्ष की दलीलों को सही मानते हुए आरोपियों को एनडीपीएस एक्ट के तहत दोषी ठहराया और सख्त सजा सुनाई। यह फैसला राजधानी में नशे के अवैध कारोबार में लिप्त तत्वों के लिए स्पष्ट चेतावनी है कि कानून से बच पाना अब आसान नहीं होगा।
रायपुर | दोपहिया वाहन चोर गिरोह पर पुलिस का बड़ा वार, 36 एक्टिवा जब्त, 21 आरोपी गिरफ्तार
रायपुर में लगातार बढ़ रही दोपहिया वाहन चोरी की घटनाओं पर पुलिस ने बड़ी और निर्णायक कार्रवाई करते हुए संगठित वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट की विशेष टीम ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों से 03 दर्जन (36) एक्टिवा वाहन चोरी करने वाले मुख्य आरोपी सहित चोरी के वाहन खपाने और खरीदने वाले कुल 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से बरामद एक्टिवा वाहनों की अनुमानित कीमत करीब 19 लाख 80 हजार रुपये बताई जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई राजधानी में सक्रिय दोपहिया वाहन चोरी के नेटवर्क पर अब तक की सबसे बड़ी चोट मानी जा रही है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर बनी विशेष टीम पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर वाहन चोरी की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट की विशेष टीम गठित की गई थी। टीम ने सीसीटीवी फुटेज, मुखबिर तंत्र, तकनीकी विश्लेषण और लगातार पेट्रोलिंग के माध्यम से आरोपियों की पहचान कर सटीक कार्रवाई को अंजाम दिया। मास्टर चाबी से करता था चोरी, गांवों में खपाता था वाहन पुलिस जांच में सामने आया कि रोशन रात्रे, निवासी बोरियाकला-मुजगहन, इस गिरोह का मुख्य सरगना है। वह मास्टर चाबी की मदद से अलग-अलग थाना क्षेत्रों से एक्टिवा वाहन चोरी करता था। चोरी के बाद वह वाहनों को अपने परिचितों कमल जांगडे, गितेश कुमार पाटले और मुस्कान रात्रे को सौंप देता था। ये लोग चोरी की गाड़ियों को खुद इस्तेमाल करने के साथ-साथ गांवों में रिश्तेदारों और परिचितों को सस्ते दामों पर बेच देते थे। रवि भवन पार्किंग में चला ऑपरेशन पुलिस टीम ने रवि भवन पार्किंग और आसपास के इलाकों में करीब एक सप्ताह तक कैंप कर मुख्य आरोपी रोशन रात्रे को गिरफ्तार किया। उसकी पूछताछ के बाद वाहन खरीदी-बिक्री में शामिल 17 अन्य आरोपियों की भी पहचान कर उन्हें हिरासत में लिया गया। 24 वाहन पहले से दर्ज चोरी के मामलों से जुड़े पुलिस ने बताया कि जब्त की गई 36 एक्टिवा में से 24 वाहनों की चोरी के मामले थाना सिविल लाइन, डीडी नगर और गोलबाजार में पहले से दर्ज हैं। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2026 के महज 15 दिनों में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट द्वारा कुल 44 दोपहिया वाहन जब्त किए जा चुके हैं, जो पुलिस की सक्रियता को दर्शाता है। पुलिस का सख्त संदेश पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि राजधानी में वाहन चोरी और संगठित अपराधों के खिलाफ अभियान आगे भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा। आम नागरिकों से अपील की गई है कि संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें। यह कार्रवाई न सिर्फ वाहन चोरों के लिए चेतावनी है, बल्कि आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा भी मजबूत करती है।
कोंडागांव | रॉन्ग नंबर से शुरू हुई दरिंदगी का अंत 20 साल की सख्त सजा से, स्पेशल पॉक्सो कोर्ट का कड़ा फैसला
✍️ भागीरथी यादव कोंडागांव – रॉन्ग नंबर से शुरू हुई बातचीत को दोस्ती का जामा पहनाकर नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर अगवा करने और महीनों तक अलग-अलग गांवों में ले जाकर दैहिक शोषण करने वाले आरोपी को स्पेशल पॉक्सो कोर्ट ने कड़ी सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी दुलबो बघेल (27) को दोषी ठहराते हुए कुल 20 वर्ष के सश्रम कारावास और अर्थदंड से दंडित किया है। रॉन्ग नंबर से बना जाल, फिर मेला बना साजिश का मौका मामला वर्ष 2023 का है। पीड़िता के मोबाइल पर आए एक रॉन्ग नंबर से बातचीत की शुरुआत हुई। कॉल करने वाले युवक ने अपना नाम दुलबो बघेल बताया और धीरे-धीरे बातचीत को दोस्ती में बदल लिया। लगभग दो माह बाद गांव में मेला लगने के दौरान आरोपी ने फोन कर पीड़िता को मेला से बाहर बुलाया और बहाने से उसे मोटरसाइकिल पर बैठाकर ग्राम मंगनार ले गया। अलग-अलग गांवों में ले जाकर किया लगातार दुष्कर्म अभियोजन के अनुसार आरोपी ने पीड़िता को पहले ग्राम मंगनार में अपने दोस्त के घर एक कमरे में 5–6 दिनों तक रखा और इस दौरान लगातार शारीरिक शोषण किया। इसके बाद वह उसे ग्राम बिंजोली ले गया, जहां 10–15 दिनों तक उसकी मर्जी के खिलाफ दुष्कर्म करता रहा। इसके बाद ग्राम लावागांव और फिर ग्राम खोमार ले जाकर भी आरोपी ने लगभग एक-एक सप्ताह तक पीड़िता को बंधक बनाकर उसके साथ दैहिक शोषण किया। कोर्ट ने माना पीड़िता को नाबालिग न्यायालय में पीड़िता के जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल रजिस्टर और मार्कशीट पेश की गईं, जिन्हें स्कूल की शिक्षिका ने प्रमाणित किया। कोर्ट ने पीड़िता की जन्मतिथि 28 जनवरी 2008 स्वीकार करते हुए घटना के समय उसे नाबालिग माना। गुमशुदगी से खुला संगीन अपराध का राज 14 मई 2024 को पीड़िता के पिता ने थाना अनंतपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनकी बेटी मेला देखने गई थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। पुलिस ने धारा 363 भादवि के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। बाद में पीड़िता की बरामदगी और बयान के आधार पर आरोपी पर धारा 366, 376(2)(ढ) भादवि और पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। कोर्ट का सख्त फैसला स्पेशल पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई— धारा 376(2)(ढ) भादवि व पॉक्सो एक्ट धारा 6: 20 वर्ष सश्रम कारावास + ₹1000 जुर्माना धारा 366(क) भादवि: 10 वर्ष सश्रम कारावास + ₹1000 जुर्माना धारा 363 भादवि: 5 वर्ष सश्रम कारावास + ₹1000 जुर्माना जुर्माना अदा न करने पर आरोपी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। यह फैसला न सिर्फ पीड़िता को न्याय दिलाने वाला है, बल्कि समाज में ऐसे अपराधियों के लिए कड़ा संदेश भी है कि नाबालिगों के खिलाफ अपराध करने वालों को कानून किसी भी हाल में बख्शेगा नहीं।
रायपुर | अभनपुर में मेला देखकर लौट रहे युवकों के बीच हिंसक झड़प, चाकूबाजी में 6 घायल
✍️ भागीरथी यादव रायपुर जिले के अभनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम केंद्री में बुधवार देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब दो पक्षों के बीच हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया। घटना में चाकू से किए गए हमले में कुल 6 लोग घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अभनपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। धूल उड़ाने और रॉन्ग साइड को लेकर शुरू हुआ विवाद अभनपुर थाना प्रभारी सत्येंद्र सिंह श्याम के अनुसार, अभनपुर निवासी हेमंत साहू, कैलाश तिवारी और अजय गोंड एक्टिवा से केंद्री गांव का मेला देखकर लौट रहे थे। रास्ते में उन्होंने अपनी एक्टिवा एनएचएआई कार्यालय के पास खड़ी की। इसी दौरान रायपुर से इनोवा कार में सवार दिलेश मंडावी, चंदन यादव और नीलेश सेन भी मेला देखकर अभनपुर की ओर ढाबे में खाना खाने जा रहे थे। इसी बीच रॉन्ग साइड चलने और धूल उड़ाने को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि एक्टिवा सवार एक युवक ने चाकू निकालकर कार सवारों पर हमला कर दिया। चाकूबाजी में 6 घायल, आरोपी फरार इस हमले में इनोवा चालक दिलेश मंडावी समेत 6 लोग घायल हुए हैं। सभी घायलों का इलाज अस्पताल में जारी है। घटना के बाद मुख्य आरोपी अजय गोंड मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है। पुलिस ने हत्या के प्रयास सहित अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घायलों के नाम दिलेश मंडावी (इनोवा चालक), निवासी रायपुर दुर्गेश साहू, निवासी रायपुर नितेश सेन, निवासी रायपुर मनीष साहू, निवासी रायपुर रिंकू साहू, निवासी केंद्री चंद्रशेखर साहू, निवासी केंद्री फिलहाल पुलिस क्षेत्र में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
शिक्षक ने मौत को गले लगाया, गांव में पसरा सन्नाटा
सुशील जायसवाल कोरबा (बागों)। पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड से एक बेहद दुखद और हृदयविदारक खबर सामने आई है। गुरसियां बांधा पारा निवासी शिक्षक परदेशी राम प्रजापति ने अपने ही घर में फांसी लगाकर जीवन लीला समाप्त कर ली। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। मृतक परदेशी राम प्रजापति, पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक के ग्राम पंचायत जलके स्थित शासकीय विद्यालय में पदस्थ थे। बताया जा रहा है कि वे पिछले काफी समय से अस्वस्थ चल रहे थे और लगातार इलाजरत थे। बीमारी और मानसिक पीड़ा ने उन्हें अंदर से तोड़ दिया था। घटना आज 15 जनवरी, गुरुवार की बताई जा रही है। दुर्भाग्यवश घटना के समय परिवार के सदस्य घर पर मौजूद नहीं थे। जब आसपास के लोगों को इसकी जानकारी मिली तो तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही बागों थाना प्रभारी दुर्गेश वर्मा तथा नायब तहसीलदार सुमन दास मानिकपुरी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई पूरी की और आगे की जांच में जुट गई है। एक जिम्मेदार शिक्षक का इस तरह जीवन समाप्त कर लेना न सिर्फ परिवार बल्कि समाज के लिए भी गहरा आघात है। उनके निधन से गांव और विद्यालय परिसर में गमगीन माहौल बना हुआ है।
ब्रेकिंग न्यूज़
सुशील जायसवाल अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार की दर्दनाक मौत कोरबा | पसान थाना क्षेत्र कोरबा जिले के पसान थाना अंतर्गत मोहनपुर के पास मंगलवार को एक भीषण सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा थोहा नाला के समीप उस वक्त हुआ, जब युवक अपने घर लौट रहा था। मृतक की पहचान समार सिंह पिता जरिहत सिंह (35 वर्ष), निवासी बोकरा के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, समार सिंह मुड़ी की ओर से बाइक से लौट रहा था, तभी सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उसकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयावह थी कि युवक सड़क पर उछलकर गिर पड़ा और सिर में गंभीर चोट लगने से अत्यधिक रक्तस्राव हो गया। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, लेकिन जब तक पुलिस मौके पर पहुंची, तब तक युवक की मौत हो चुकी थी। बाइक सड़क पर पलटी अवस्था में पड़ी मिली, जबकि युवक सड़क के बीच लहूलुहान हालत में पड़ा था। सूचना मिलते ही पसान पुलिस मौके पर पहुंची। प्रधान आरक्षक गुलशन मिंज ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई की और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रही है। इस दर्दनाक घटना के बाद क्षेत्र में शोक की लहर है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सड़क पर तेज रफ्तार वाहनों पर सख्ती, नियमित पुलिस गश्त और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सुरक्षा उपाय बढ़ाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
हरदीबाजार में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, कौशल श्रीवास का भव्य अभिनंदन
ज्ञान शंकर तिवारी पूर्व विधायक सहित वरिष्ठ नेताओं ने दी शुभकामनाएं, संगठन को मिलेगी नई धार कोरबा | ब्लॉक कांग्रेस कमेटी हरदीबाजार के नवनियुक्त अध्यक्ष कौशल श्रीवास के स्वागत में हरदीबाजार में भव्य और ऐतिहासिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पूर्व जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एक मंच पर नजर आए, जिससे कार्यक्रम राजनीतिक एकजुटता और संगठनात्मक मजबूती का प्रतीक बन गया। कार्यक्रम में पूर्व विधायक पुरुषोत्तम कंवर, रामशरण कंवर, मीरा कंवर सहित कांग्रेस के कई प्रमुख नेता मौजूद रहे। मंच पर सैयद कलाम, शत्रुहन यादव, रमेश अहीर, लक्ष्मी बंजारे, विकास सिंह, इशाक खान, मंगलदास, मुकेश बर्मन, शुभम शुक्ला, हिमांशु जायसवाल और गुलशन जायसवाल की गरिमामयी उपस्थिति रही। नेताओं और कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं से कौशल श्रीवास का भव्य स्वागत कर उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए बधाई दी। वरिष्ठ नेताओं ने अपने संबोधन में कहा कि कौशल श्रीवास के नेतृत्व में हरदीबाजार ब्लॉक में कांग्रेस संगठन को नई ऊर्जा और दिशा मिलेगी। जमीनी स्तर पर पार्टी की पकड़ मजबूत होगी और आमजन से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाया जाएगा। अपने उद्बोधन में ब्लॉक अध्यक्ष कौशल श्रीवास ने पार्टी नेतृत्व, वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसे पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाएंगे। उन्होंने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और जनता की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ उठाने का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे, जिससे पूरे आयोजन में उत्साह, जोश और सकारात्मक ऊर्जा का माहौल बना रहा।
स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट शासकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय कोरबी में सरस्वती पूजन हर्षोल्लास से संपन्न
















