
✍️ भागीरथी यादव
बिलासपुर। छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के अध्यक्ष और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख अमित बघेल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेज हो गई है। उनकी संभावित अग्रिम जमानत याचिका को ध्यान में रखते हुए बिलासपुर निवासी अजय सिदारा ने हाईकोर्ट में कैविएट दाखिल की है। सिदारा ने अदालत से आग्रह किया है कि यदि बघेल जमानत की याचिका दायर करें, तो किसी भी राहत से पहले उनका पक्ष भी सुना जाए।
इस बीच रायपुर पुलिस ने फरार चल रहे अमित बघेल की गिरफ्तारी पर 5 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया है। पुलिस के अनुसार बघेल लगातार ठिकाने बदलकर गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रहा है। रायपुर, दुर्ग, धमतरी और बिलासपुर में पुलिस की टीमें उसकी तलाश कर रही हैं।
पुलिस रिकॉर्ड बताते हैं कि बघेल पर छत्तीसगढ़ के अलावा मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के कई शहरों—जैसे इंदौर, ग्वालियर, नोएडा और प्रयागराज—में भी मामले दर्ज हैं।
विवाद की शुरुआत 26 अक्टूबर को रायपुर के वीआईपी चौक में “छत्तीसगढ़ महतारी” की प्रतिमा तोड़फोड़ की घटना से हुई थी। अगले दिन बघेल के संगठन के प्रदर्शन में दिए गए उनके विवादित बयानों के बाद अग्रवाल और सिंधी समाज ने जोरदार विरोध शुरू किया।
वर्तमान में कई जिलों में धरना, रैलियां और एफआईआर की मांग को लेकर आंदोलन जारी है। माना जा रहा है कि बघेल जल्द ही अग्रिम जमानत याचिका दायर कर सकते हैं, जिसके मद्देनज़र विरोध पक्ष ने पहले ही कैविएट लगाकर अदालत से एकतरफा राहत न देने की मांग की है।






