
रायपुर।
व्यापारी को प्रेम संबंधों के जरिए हनी ट्रैप में फंसाकर करीब ढाई करोड़ रुपये की अवैध वसूली, रेस्टोरेंट अपने भाई के नाम करवाने, महंगी कार और हीरे के आभूषण लेने जैसे गंभीर आरोपों में कल्पना वर्मा, उप पुलिस अधीक्षक, जिला दंतेवाड़ा को निलंबित कर दिया गया है। निलंबन आदेश राज्य शासन द्वारा जारी किया गया है।

इस कार्रवाई को लेकर पुलिस विभाग के दोहरे रवैये पर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। उल्लेखनीय है कि मात्र 30 हजार रुपये के लेनदेन के आरोप और एक वीडियो वायरल होने के बाद राजेंद्र जायसवाल को तत्काल निलंबित कर दिया गया था, जबकि कल्पना वर्मा के खिलाफ ढाई करोड़ रुपये की वसूली और नक्सल ऑपरेशन से जुड़ी गोपनीय सूचनाएं लीक करने जैसे गंभीर आरोपों पर 1400 पन्नों की जांच रिपोर्ट आने के बावजूद लंबे समय तक कार्रवाई नहीं हुई।
जांच में यह भी सामने आया कि डीएसपी कल्पना वर्मा ने अपने कारोबारी प्रेमी के साथ नक्सल विरोधी अभियानों से जुड़ी खुफिया चैट्स और पुलिस टीमों की मूवमेंट संबंधी संवेदनशील जानकारियां साझा कीं। यह जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर के नेतृत्व में की गई थी, जिसमें गोपनीय जानकारी लीक होने की पुष्टि हुई।
जारी आदेश के अनुसार, प्राथमिक जांच प्रतिवेदन में वित्तीय लेनदेन, जांच के दौरान दिए गए कथनों और व्हाट्सएप चैट्स में विरोधाभास, कर्तव्य के दौरान अवैध आर्थिक लाभ प्राप्त करना, पद का दुरुपयोग करना और अनुपातहीन संपत्ति अर्जित करने के तथ्य पाए गए। यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के नियम-3 का उल्लंघन है।
इसके आधार पर राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के तहत आपात प्रभाव से डीएसपी कल्पना वर्मा को निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर अटल नगर रहेगा तथा नियमानुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।






