
✍️ भागीरथी यादव
एसडीएम अनामिका श्रीवास्तव के घर हुई लाखों की चोरी का भी खुलासा, 30 लाख के जेवर बरामद
लखनऊ में दिवाली के दौरान बंद पड़े घरों को निशाना बनाने वाले चोरी के एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि गिरोह के दो सदस्य अब भी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस का दावा है कि यही गिरोह मड़ियांव क्षेत्र में एसडीएम अनामिका श्रीवास्तव के घर हुई बड़ी चोरी के लिए जिम्मेदार था। बरामदगी में पुलिस को करीब 30 लाख रुपए के सोने-चांदी के जेवर, 50 हजार नकद और चोरी में इस्तेमाल कार मिली है।
पिछले महीने त्योहारों के दौरान लखनऊ के कई इलाकों—मड़ियांव, अलीगंज और जानकीपुरम—में बंद घरों से चोरी की लगातार वारदातें सामने आई थीं। 23 अक्टूबर को एसडीएम अनामिका श्रीवास्तव के घर में हुई लाखों की चोरी ने शहर की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। घर उस समय पूरी तरह बंद था, और आरोपी इसी कमजोरी का फायदा उठाकर फरार हो गए थे।
मुखबिर की सूचना पर गिरी गाज
एडीसीपी गोपी नाथ सोनी ने बताया कि शुक्रवार को पुलिस को सूचना मिली कि चोरी करने वाले गिरोह के सदस्य कार से घूम रहे हैं। पुलिस ने चेकिंग के दौरान कार को रोका और उसमें सवार जीशान, अरशद और रियाज को दबोच लिया। तलाशी में भारी मात्रा में चोरी के जेवरात बरामद हुए।
पुलिस जांच में सामने आया कि—
मड़ियांव में 7,
अलीगंज व जानकीपुरम में 1-1 मुकदमे दर्ज थे।
ये सभी घटनाएं पिछले डेढ़ महीने में घटित हुई थीं।
आरोपियों का काला इतिहास
अरशद पर 22 मुकदमे दर्ज
जीशान पर कई गंभीर मामले
रियाज पर भी मुकदमा दर्ज
गिरोह के दो सदस्य—इमरान व एक अन्य—फरार
यह गिरोह बंद घरों को ही अपना “सॉफ्ट टारगेट” बनाता था। पहले इलाके की रेकी करता, घरों की गतिविधि पर नजर रखता और फिर बारीकी से चोरी को अंजाम देता था।
गैंगस्टर के तहत होगी कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ पूर्व में भी गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की जा चुकी है। अब एक बार फिर इनपर कठोर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है ताकि ऐसे अपराधियों पर कड़ी नकेल कसी जा सके।
लखनऊ पुलिस की इस बड़ी सफलता से जहां शहरवासियों को राहत मिली है, वहीं कई दिनों से खुले में घूम रहे इस गिरोह के पकड़े जाने से पुलिस की कार्यवाही पर उठते सवालों का भी आंशिक जवाब मिल गया है। अब फरार आरोपियों की सरगर्मी से तलाश जारी है।








