
✍️ भागीरथी यादव
रायपुर। पुलिस विभाग ने भ्रष्टाचार पर कड़ी लगाम कसते हुए सख्त कदम उठाया है। चालान पेश करने और जमानत आवेदन पर कार्रवाई आगे बढ़ाने के नाम पर अवैध वसूली करने के मामले में प्रधान आरक्षक अनिल साहू को दोषी पाए जाने पर पदावनत कर आरक्षक बना दिया गया है। यह कार्रवाई एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देशन में हुई विभागीय जांच के बाद की गई।
पूरा मामला नवंबर 2024 का है, जब पीड़ित ने अनिल साहू का रिश्वत मांगते हुए वीडियो बनाकर शिकायत की थी। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हुआ, जिसमें वह वाहन को राजसात होने से बचाने और जमानत प्रक्रिया आगे बढ़ाने के बदले पैसों की मांग करते साफ नजर आ रहा था। शिकायतकर्ता और आरोपी के बीच पैसों को लेकर हुई बातचीत भी वीडियो में सुनाई दी थी।
शिकायत को गंभीर मानते हुए पुलिस मुख्यालय ने तुरंत विभागीय जांच शुरू की। जांच रिपोर्ट में भ्रष्टाचार की पुष्टि के बाद एसएसपी ने अनिल साहू को दो वर्षों के लिए पदावनत करने का आदेश जारी किया।
पुलिस विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार के किसी भी मामले में कठोर कार्रवाई की जाएगी, चाहे आरोपी किसी भी पद पर क्यों न हो। भविष्य में भी ऐसी हरकतों पर जीरो टॉलरेंस की नीति लागू रहेगी।






