
✍️ भागीरथी यादव
पटना। राजधानी के हाई-प्रोफाइल चंदन मिश्रा हत्याकांड में न्यायिक प्रक्रिया अब तेज़ हो गई है। एसीजेएम कोर्ट ने सोमवार को मामले में बड़ा कदम उठाते हुए पांच आरोपितों के केस रिकॉर्ड को ‘दौरा सुपुदर्गी’ के तहत प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पास भेज दिया, ताकि इन आरोपितों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल शुरू किया जा सके।
वहीं, इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी शेरू सिंह उर्फ ओंकारनाथ सिंह समेत अन्य आरोपितों पर पुलिस की जांच अभी भी जारी है।
मजबूत सबूतों के आधार पर बढ़ी कार्रवाई की रफ्तार
लोक अभियोजक राजेश कुमार के मुताबिक, पुलिस ने मामले में कई अहम और तकनीकी साक्ष्य जुटाए हैं, जिनमें—
सीसीटीवी फुटेज
वैज्ञानिक साक्ष्य
तकनीकी जांच
एफएसएल रिपोर्ट
इन सभी सबूतों ने केस को मजबूत आधार दिया है। वर्तमान में पांचों आरोपित न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं।

ये पांच आरोपी स्पीडी ट्रायल में शामिल
1. तौशिफ राजा उर्फ बादशाह (भागलपुर, वर्तमान पता–फुलवारीशरीफ)
2. विजयकांत पांडेय उर्फ धन्नु/रुद्र पांडेय (बक्सर)
3. सदमान हसन खान उर्फ निशु खान (राजाबाजार)
4. हर्ष कुमार (दीघा)
5. भीम कुमार (माली टोला, दीघा)
चार्जशीट का संज्ञान लेने के बाद अदालत ने तुरंत इन पांचों के मामले को स्पीडी ट्रायल में शामिल करने का आदेश दिया है।
मुख्य आरोपी शेरू सिंह समेत आठ पर जारी है जांच
मुख्य आरोपी शेरू सिंह के साथ जिन अन्य सात लोगों पर पुलिस की जांच जारी है, वे हैं—
बलवंत कुमार सिंह (बक्सर)
रविरंजन सिंह
अभिषेक कुमार
शुभम सिंह (बेगूसराय)
राजेश यादव (बक्सर)
मोनू कुमार सिंह
डॉ. पिंटू कुमार सिंह (पारस अस्पताल)

17 जुलाई को अस्पताल के अंदर हुई थी दिनदहाड़े हत्या
इस चर्चित वारदात ने पूरे प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। 17 जुलाई को पारस अस्पताल में भर्ती चंदन मिश्रा की अस्पताल के अंदर घुसकर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
सीसीटीवी में दर्ज वीडियो ने इस घटना को और भी सनसनीखेज बना दिया था।
नई सरकार के बाद एक्शन मोड में पुलिस
नई सरकार और नए गृह मंत्री सम्राट चौधरी के कार्यभार संभालते ही उन्होंने स्पष्ट कहा था—
“बिहार अपराधियों के लिए नहीं है, सुशासन अराजकता को खत्म करेगा। अपराधी या तो जेल जाएंगे या बिहार छोड़ देंगे।”
चंदन मिश्रा हत्याकांड में कोर्ट की त्वरित कार्रवाई उसी दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।
उम्मीद—अब जल्दी मिलेगा न्याय
जैसे ही केस को स्पीडी ट्रायल में भेजा गया है, पीड़ित परिवार और शहरवासियों में यह उम्मीद बढ़ गई है कि अब इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड में न्यायिक प्रक्रिया तेज होगी और जल्द ही बड़ा फैसला सामने आ सकता है।








