
✍️ भागीरथी यादव
कोरबा, 20 जनवरी।
महिलाओं से जुड़े अपराधों के प्रति लापरवाही पर कोरबा पुलिस में कड़ा संदेश देते हुए पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने बांकीमोंगरा थाना में पदस्थ दो आरक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई गैंगरेप पीड़िता की शिकायत दर्ज न करने जैसी गंभीर चूक के चलते की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आरक्षक क्रमांक 127 राकेश मेहता एवं आरक्षक क्रमांक 771 राजेन्द्र राज पर आरोप है कि गैंगरेप की शिकार महिला न्याय की उम्मीद लेकर थाने पहुंची थी, लेकिन ड्यूटी पर तैनात दोनों आरक्षकों ने न तो उसकी शिकायत दर्ज की और न ही आवेदन लिया। पीड़िता को थाने से लौटा देना पुलिस कर्तव्य का खुला उल्लंघन माना गया।
यह मामला हाल ही में सामने आए गैंगरेप प्रकरण से जुड़ा है, जिसमें डायल 112 के चालक और पीड़िता के प्रेमी को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। प्रारंभिक जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि घटना के तुरंत बाद पीड़िता ने पुलिस से मदद मांगी थी, लेकिन उदासीनता के चलते उसकी फरियाद अनसुनी रह गई।
मामले की जांच पूरी होने के बाद पुलिस अधीक्षक ने इसे गंभीर लापरवाही करार देते हुए दोनों आरक्षकों को निलंबित करने का आदेश जारी किया।
एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “महिलाओं से जुड़े अपराधों में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी चाहे किसी भी पद पर हो, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई तय है।”
इस कार्रवाई के बाद जिले के पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। सभी थानों को महिलाओं से संबंधित शिकायतों के त्वरित पंजीयन और संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि पीड़ित की अनदेखी अब किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी।






