
✍️ भागीरथी यादव
सिवान।
बिहार के सिवान जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ निर्णायक कदम उठाते हुए निगरानी विभाग ने शुक्रवार को हसनपुरा अंचल कार्यालय में धावा बोल दिया। पटना से पहुंची विजिलेंस टीम ने पूर्व निर्धारित शिकायत के आधार पर सर्किल इंस्पेक्टर (सीआई) दिलीप सिन्हा और उनके एक सहयोगी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

सूत्रों के अनुसार, जमीन से जुड़ी एक महत्वपूर्ण फाइल पास कराने के लिए अवैध राशि की मांग की जा रही थी। शिकायत की पुष्टि होते ही टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप लगाया और जैसे ही रुपये का लेन–देन हुआ, अधिकारियों ने दोनों को मौके पर ही दबोच लिया।

कार्यालय में हड़कंप, घंटों चली छानबीन
गिरफ्तारी की खबर फैलते ही अंचल कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई। विजिलेंस टीम ने आरोपियों को पकड़े जाने के बाद सीधे पटना निगरानी थाना भेज दिया, वहीं दूसरी ओर कार्यालय में कई घंटों तक सघन तलाशी अभियान चलाया।
जांच के दौरान—
रिकॉर्ड रूम,
भूमि संबंधित फाइलें,
राजस्व अभिलेख,
डायरी लॉग
को बारीकी से खंगाला गया। टीम ने यह भी जांचा कि फाइलों में अनियमितताओं के पीछे कहीं किसी बिचौलिये का नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है।
—
लंबे समय से मिल रही थीं शिकायतें
जांच में शामिल एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अंचल में जमीन संबंधित कार्यों में अवैध वसूली की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। सत्यापन के बाद ही यह कार्रवाई की गई। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि आगे की जांच में और नाम सामने आते हैं, तो उन पर भी कड़ी कार्रवाई होगी।
—
लोगों ने की कार्रवाई की सराहना
हसनपुरा सहित आसपास के ग्रामीणों ने विजिलेंस की इस कार्रवाई का स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि ऐसे कठोर कदमों से सरकारी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा।
उधर, जिला प्रशासन ने संकेत दिया है कि अंचल के सभी विभागों की फाइलों की पुनः समीक्षा की जाएगी ताकि किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार की गुंजाइश न रहे।






