
रायपुर में लगातार बढ़ रही दोपहिया वाहन चोरी की घटनाओं पर पुलिस ने बड़ी और निर्णायक कार्रवाई करते हुए संगठित वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट की विशेष टीम ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों से 03 दर्जन (36) एक्टिवा वाहन चोरी करने वाले मुख्य आरोपी सहित चोरी के वाहन खपाने और खरीदने वाले कुल 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से बरामद एक्टिवा वाहनों की अनुमानित कीमत करीब 19 लाख 80 हजार रुपये बताई जा रही है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई राजधानी में सक्रिय दोपहिया वाहन चोरी के नेटवर्क पर अब तक की सबसे बड़ी चोट मानी जा रही है।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर बनी विशेष टीम
पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर वाहन चोरी की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट की विशेष टीम गठित की गई थी। टीम ने सीसीटीवी फुटेज, मुखबिर तंत्र, तकनीकी विश्लेषण और लगातार पेट्रोलिंग के माध्यम से आरोपियों की पहचान कर सटीक कार्रवाई को अंजाम दिया।
मास्टर चाबी से करता था चोरी, गांवों में खपाता था वाहन
पुलिस जांच में सामने आया कि रोशन रात्रे, निवासी बोरियाकला-मुजगहन, इस गिरोह का मुख्य सरगना है। वह मास्टर चाबी की मदद से अलग-अलग थाना क्षेत्रों से एक्टिवा वाहन चोरी करता था। चोरी के बाद वह वाहनों को अपने परिचितों कमल जांगडे, गितेश कुमार पाटले और मुस्कान रात्रे को सौंप देता था। ये लोग चोरी की गाड़ियों को खुद इस्तेमाल करने के साथ-साथ गांवों में रिश्तेदारों और परिचितों को सस्ते दामों पर बेच देते थे।
रवि भवन पार्किंग में चला ऑपरेशन
पुलिस टीम ने रवि भवन पार्किंग और आसपास के इलाकों में करीब एक सप्ताह तक कैंप कर मुख्य आरोपी रोशन रात्रे को गिरफ्तार किया। उसकी पूछताछ के बाद वाहन खरीदी-बिक्री में शामिल 17 अन्य आरोपियों की भी पहचान कर उन्हें हिरासत में लिया गया।
24 वाहन पहले से दर्ज चोरी के मामलों से जुड़े
पुलिस ने बताया कि जब्त की गई 36 एक्टिवा में से 24 वाहनों की चोरी के मामले थाना सिविल लाइन, डीडी नगर और गोलबाजार में पहले से दर्ज हैं। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2026 के महज 15 दिनों में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट द्वारा कुल 44 दोपहिया वाहन जब्त किए जा चुके हैं, जो पुलिस की सक्रियता को दर्शाता है।
पुलिस का सख्त संदेश
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि राजधानी में वाहन चोरी और संगठित अपराधों के खिलाफ अभियान आगे भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा। आम नागरिकों से अपील की गई है कि संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
यह कार्रवाई न सिर्फ वाहन चोरों के लिए चेतावनी है, बल्कि आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा भी मजबूत करती है।






