
दुर्ग–नागपुर–उड़ीसा रूट बना तस्करी का हॉटस्पॉट, पुलिस की सख्त कार्रवाई
दुर्ग।
छत्तीसगढ़ में नशे के खिलाफ चल रही मुहिम में दुर्ग पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जिले के एसपी विजय अग्रवाल ने बताया कि पिछले एक वर्ष में दुर्ग पुलिस ने करीब 300 एनडीपीएस प्रकरण दर्ज कर 300 ग्राम हेरोइन जब्त की है। उड़ीसा से छत्तीसगढ़ तक गांजा अलग-अलग रूटों से पहुंच रहा था, जिसे रोकने के लिए हर संभावित मार्ग पर बैरिकेडिंग और सघन वाहन जांच की जा रही है।
एसपी ने स्पष्ट किया कि पुलिस की नजर अंतरराज्यीय ड्रग गिरोहों पर लगातार बनी हुई है और आने वाले समय में इस नेटवर्क से जुड़े बड़े तस्कर जेल की सलाखों के पीछे होंगे। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ में एनडीपीएस कानून को सख्ती से लागू करने का उदाहरण मानी जा रही है।
गांजा-अफीम के बाद अब सिंथेटिक ड्रग्स का जाल
छत्तीसगढ़ पुलिस के अनुसार, गांजा और अफीम की तस्करी करने वाले गिरोह अब एमडीएमए और मेफेड्रॉन जैसे सिंथेटिक ड्रग्स के कारोबार में भी सक्रिय हो गए हैं।
फॉरेंसिक विशेषज्ञों का कहना है कि एमडीएमए जैसे ड्रग्स को सामान्य केमिकल्स से केवल 4 घंटे में तैयार किया जा सकता है। महज 12 हजार रुपये के केमिकल से ऐसी ड्रग्स बनती हैं, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 2 करोड़ रुपये तक पहुंच जाती है।
नागपुर–छत्तीसगढ़ के बीच ‘बार्टर सिस्टम’
पुलिस जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। नागपुर और छत्तीसगढ़ के तस्करों के बीच एक तरह का ‘बार्टर सिस्टम’ चल रहा है।
नागपुर से एमडीएमए उड़ीसा से गांजा
इस नेटवर्क के तहत ड्रग्स की अदला-बदली की जा रही थी।
अक्टूबर 2025 में दुर्ग पुलिस ने एक ट्रक से 388 किलो गांजा जब्त किया था। इस मामले में नागपुर के ईप्पा और ढम गैंग से जुड़े कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
ऑपरेशन ‘निश्चल’ और ‘निश्चय’ में बड़ी कामयाबी
छत्तीसगढ़ पुलिस के एंटी ड्रग्स ऑपरेशन ‘निश्चल’ के तहत नागपुर से छत्तीसगढ़ लाई जा रही एमडीएमए ड्रग्स की खेप पर बड़ा वार किया गया।
रायपुर से शुभम राजू धावड़े नामक तस्कर को गिरफ्तार कर साढ़े तीन लाख रुपये मूल्य की एमडीएमए जब्त की गई। आरोपी रायपुर में ड्रग डिलीवरी देने आया था, लेकिन पुलिस ने समय रहते उसे दबोच लिया।
वहीं, रायपुर में ऑपरेशन ‘निश्चय’ के तहत बीते कुछ महीनों में 80 से अधिक ड्रग तस्करों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस का कहना है कि ज्यादातर ड्रग्स महाराष्ट्र से छत्तीसगढ़ लाई जा रही थीं।
महाराष्ट्र में ड्रग फैक्ट्रियों पर भी शिकंजा
नागपुर, वर्धा, सांगली और सातारा जैसे शहरों में पुलिस और डीआरआई ने कई अवैध ड्रग कारखानों का भंडाफोड़ किया है।
दिसंबर 2025 में वर्धा से 128 किलो मेफेड्रॉन जब्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 192 करोड़ रुपये आंकी गई।






