
रायपुर जिले के मुनरेठी धान खरीदी केंद्र में धान खरीदी प्रक्रिया के दौरान गंभीर अनियमितता का मामला सामने आया है। यहां सूखत (वजन में कमी) कम दिखाने के उद्देश्य से धान से भरे सैकड़ों बोरों पर पाइप के माध्यम से पानी डाला गया। यह पूरी घटना वीडियो में कैद हो गई, जो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन की नजर में आई।
जानकारी के अनुसार खरीदी केंद्र परिसर में करीब आधे घंटे तक लगातार बोरों पर पानी डाला गया। उस समय केंद्र में हजारों क्विंटल धान सैकड़ों बोरों में संग्रहित था। वीडियो वायरल होते ही प्रशासन ने तत्काल जांच शुरू कर दी, जिसमें प्रथम दृष्टया अनियमितता की पुष्टि हुई।
जांच प्रतिवेदन में स्पष्ट किया गया है कि वायरल वीडियो प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्रेड़ी से संबंधित है। यह घटना 1 फरवरी 2026 की शाम 6.45 बजे से 7.10 बजे के बीच की है। जांच के दौरान समिति कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, हमालों के बयान और प्रभारी समिति प्रबंधक के स्पष्टीकरण का परीक्षण किया गया।
जांच में कुलेश्वर प्रसाद वर्मा (हमाल), महरन राय (रात्रिकालीन चौकीदार/हमाल), योगेश्वर बंजारे (रात्रिकालीन चौकीदार/हमाल) और संजू ढीढ़ी (धान खरीदी दैनिक कर्मचारी) की संलिप्तता स्पष्ट रूप से सामने आई है। वहीं, प्रभारी समिति प्रबंधक चंद्रप्रकाश खंडेलवाल घटना के समय मौके पर उपस्थित नहीं थे, लेकिन जांच में यह माना गया कि कर्मचारियों और हमालों पर उनका प्रभावी नियंत्रण नहीं था।
प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए समिति प्रभारी सहित चारों दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को तत्काल हटा दिया है। साथ ही आगे की कार्रवाई के लिए रिपोर्ट उच्च कार्यालय को भेज दी गई है। इस घटना ने धान खरीदी व्यवस्था की पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।





