
✍️ भागीरथी यादव
कोरबा। दर्री थाना क्षेत्र में अवैध रेत खनन और परिवहन का कारोबार प्रतिदिन तेज़ी से जारी है। कई ट्रैक्टर बिना नंबर प्लेट और बिना रॉयल्टी के मुख्य सड़कों पर तेज रफ्तार से रेत ढोते देखे जा रहे हैं। यह न केवल कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ा रहा है बल्कि सड़क सुरक्षा और आम जनता के लिए गंभीर खतरा बन गया है।
सूत्रों के अनुसार, रात और सुबह के समय इन गतिविधियों में सबसे अधिक तेजी रहती है, जब अंधेरा और कम दृश्यता के कारण दुर्घटनाओं की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।
9 अक्टूबर की सुबह लगभग 10:20 बजे, जेलगांव चौक मेन रोड से जमीनीपाली एनटीपीसी गेट तक के एनएच कोरबा–कटघोरा मार्ग पर नीले रंग का एक ट्रैक्टर रेत से भरा हुआ तेज रफ्तार में दौड़ता देखा गया। बताया गया कि ट्रैक्टर बिना नंबर प्लेट के था और पूरी तरह रेत से लदा हुआ था।
इससे पहले भी इसी मार्ग पर लाल रंग का ट्रैक्टर बिना रॉयल्टी और दस्तावेज़ों के रेत परिवहन करते देखा गया था। अब नीले ट्रैक्टर का दिखना यह स्पष्ट करता है कि यह अवैध गतिविधि लगातार और प्रतिदिन हो रही है, जबकि संबंधित विभागों की निगरानी नाकाफी साबित हो रही है।
प्रश्न उठता है — आखिर कार्रवाई क्यों नहीं?
इतने स्पष्ट प्रमाण और रोज़ाना हो रही गतिविधि के बावजूद अब तक ठोस कदम न उठाए जाने पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। क्या प्रशासन और पुलिस इस खनन नेटवर्क पर नियंत्रण खो चुके हैं?
प्रमुख मांगें:
1. अवैध रेत परिवहन में शामिल सभी वाहनों की पहचान और जब्ती की जाए।
2. बिना रॉयल्टी एवं बिना नंबर प्लेट वाले ट्रैक्टरों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
3. रॉयल्टी वसूली और खनन नियंत्रण की पारदर्शी व्यवस्था लागू की जाए।
4. संबंधित थाना क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई जाए और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय हो।
लगातार बढ़ता खतरा:
अवैध रेत परिवहन सड़क सुरक्षा के अलावा पूरे समुदाय के लिए एक गंभीर जोखिम बन चुका है। तेज रफ्तार से दौड़ते ये वाहन किसी भी समय बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। प्रशासन से अपेक्षा है कि किसी अनहोनी से पहले इस प्रतिदिन बढ़ते खतरे पर सख्त और त्वरित कार्रवाई की जाए।






