
✍️ भागीरथी यादव
अब 200 यूनिट तक 50% छूट, 42 लाख उपभोक्ता होंगे लाभान्वित
राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ के घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को अत्यंत राहत देते हुए मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान (M-URJA) की शुरुआत 1 दिसंबर 2025 से कर दी है। अभियान के तहत अब घरेलू उपभोक्ताओं को पहले 100 यूनिट के बजाय 200 यूनिट प्रति माह तक बिजली बिल पर 50% छूट मिलेगी। यह राहत 400 यूनिट तक खपत वाले उपभोक्ताओं पर भी लागू होगी।
400 यूनिट तक उपभोग करने वालों के लिए भी राहत
राज्य सरकार ने 200 से 400 यूनिट तक खपत करने वाले 6 लाख उपभोक्ताओं को अगले एक वर्ष तक 200 यूनिट पर 50% छूट देने का निर्णय लिया है। इस अवधि को विशेष रूप से इसलिए तय किया गया है ताकि उपभोक्ता चाहें तो अपने घरों में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर प्लांट स्थापित करा सकें और भविष्य में पूरा बिजली बिल शून्य करने की दिशा में कदम बढ़ा सकें।
इस तरह M-URJA अभियान से प्रदेश के 42 लाख उपभोक्ताओं को प्रत्यक्ष राहत मिलेगी, जबकि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ प्रदेश के सभी उपभोक्ताओं को उपलब्ध रहेगा।
सौर ऊर्जा को बढ़ावा—अतिरिक्त राज्य सब्सिडी
पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को प्रभावी बनाने राज्य सरकार द्वारा अतिरिक्त प्रोत्साहन भी दिया जा रहा है—
1 kW सोलर प्लांट पर ₹15,000 की अतिरिक्त सब्सिडी
2 kW या उससे अधिक क्षमता वाले प्लांट पर ₹30,000 की अतिरिक्त सब्सिडी
यह व्यवस्था राज्य में सौर ऊर्जा अपनाने को तेज गति देगी और उपभोक्ताओं को आधी बिजली से पूर्णतः मुफ्त बिजली की ओर ले जाएगी।
अन्य प्रमुख कैबिनेट निर्णय
भंडार क्रय नियमों में संशोधन
मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ भंडार क्रय नियम 2002 में महत्वपूर्ण संशोधन को मंजूरी दी है। इससे—
स्थानीय लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा
जेम पोर्टल पर क्रय प्रक्रिया और पारदर्शी बनेगी
खरीद प्रक्रिया सरल होगी
प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और संसाधनों की बचत होगी
दो महत्वपूर्ण विधेयकों को मंजूरी
मंत्रिपरिषद ने दो अहम विधेयकों के प्रारूपों को स्वीकृति प्रदान की—
1. छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) (संशोधन) विधेयक, 2025
2. छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना संशोधन विधेयक, 2025
यह संशोधन राज्य में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस,
रोजगार वृद्धि और सेवा शर्तों के सरलीकरण को मजबूत करेगा।
छत्तीसगढ़ सरकार के इन निर्णयों से राज्य में ऊर्जा सुरक्षा, उद्योग वृद्धि, उच्च शिक्षा और रोजगार के नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त होगा।






