
✍️ भागीरथी यादव
दुर्ग। जिले में बढ़ती चोरी की वारदातों पर दुर्ग पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुई चोरियों का खुलासा कर दिया है। थाना पुरानी भिलाई और जामुल पुलिस की संयुक्त सतर्कता और तेज़ विवेचना के चलते कुल चार शातिर चोरों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, वहीं लाखों रुपये की चोरी गई संपत्ति भी बरामद की गई है।
मोबाइल दुकान में सेंध: शटर तोड़कर 40 हजार की चोरी, दो आरोपी गिरफ्तार
पहला मामला थाना पुरानी भिलाई क्षेत्र का है।
5 जुलाई 2025 को ट्रांसपोर्ट नगर हथखोज स्थित एक मोबाइल दुकान में अज्ञात चोरों ने शटर तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। चोर दुकान से कीपैड मोबाइल, एयर बर्ड, पुराने इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन और दराज व गुल्लक में रखी नगदी सहित करीब 40 हजार रुपये लेकर फरार हो गए थे।
मामले की विवेचना के दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि खुर्सीपार निवासी कुलदीप कौशिक चोरी के मोबाइल बेचने की फिराक में है। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपने साथी विराज निर्मलकर के साथ मिलकर चोरी करना स्वीकार किया।
आरोपियों के कब्जे से 6 कीपैड मोबाइल और 2 एयर बर्ड बरामद किए गए, जबकि नगदी खर्च हो जाना बताया गया।
दोनों आरोपियों को 29 दिसंबर 2025 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
सूने मकान पर हाथ साफ: 1.83 लाख की चोरी का पर्दाफाश
दूसरा मामला थाना जामुल क्षेत्र का है।
शंकर नगर छावनी स्थित एक सूने मकान में चोरी की वारदात सामने आई थी। प्रार्थी पुरेंद्र कुमार साहू ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह पत्नी के इलाज के लिए रायपुर गए थे। वापस लौटने पर घर में रखे सोने-चांदी के जेवरात, चांदी के सिक्के और नगदी गायब मिले।
मुखबिर की सूचना और संदिग्धों के हुलिए के आधार पर पुलिस ने खुर्सीपार निवासी कुलदीप सिंह उर्फ बी. कुलदीप और एस. विनय उर्फ बुल्लू को हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों ने चोरी की वारदात स्वीकार कर ली।
आरोपियों के पास से सोने की अंगूठी, टॉप्स, 9 चांदी के सिक्के, चांदी की बिछिया सहित कुल 1,83,500 रुपये की संपत्ति बरामद की गई। दोनों को 29 दिसंबर 2025 को गिरफ्तार कर केन्द्रीय जेल दुर्ग भेज दिया गया।
अन्य मामलों में भी बढ़ेगी कार्रवाई
दुर्ग पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वर्ष के शेष बचे मामलों में भी आरोपियों की पतासाजी लगातार जारी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जिन मामलों में कड़ियां जुड़ रही हैं, उनमें जल्द गिरफ्तारी की जा रही है।
पुलिस का दावा है कि इस वर्ष के अधिकांश पेंडिंग मामले सुलझा लिए गए हैं, और साल के अंतिम दो दिनों में भी अन्य मामलों में बड़ी कार्रवाई संभव है।
दुर्ग पुलिस की यह कार्रवाई अपराधियों के लिए साफ संदेश है—चोरी और अपराध करने वालों के लिए जिले में कोई जगह नहीं।






