
महासमुंद। छत्तीसगढ़ के वनांचल जिले महासमुंद में पुलिस ने नशे के कारोबार पर अब तक की सबसे बड़ी चोट करते हुए 5 क्विंटल 20 किलो गांजा बरामद किया है। इस कार्रवाई में तीन अंतरराज्यीय गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जो ओडिशा से महाराष्ट्र गांजे की खेप पहुंचाने की फिराक में थे। जब्त गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 2 करोड़ 60 लाख रुपये आंकी गई है।
ट्रैवल एंबुलेंस बनी तस्करी का जरिया
पुलिस को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी कि ओडिशा के खरियार रोड से एक ट्रैवल एंबुलेंस में गांजे की बड़ी खेप लाई जा रही है। सूचना मिलते ही महासमुंद पुलिस हरकत में आई और कोमाखान थाना क्षेत्र में चेकिंग के दौरान संदिग्ध वाहन को रोका गया। तलाशी में एंबुलेंस के भीतर छिपाकर रखी गई 14 प्लास्टिक की बोरियों से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ।
गोलमोल जवाब, फिर गिरफ्तारी
पूछताछ के दौरान आरोपी संतोषजनक जवाब नहीं दे सके, जिसके बाद पुलिस ने तीनों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक पूछताछ में तस्करों ने कबूल किया कि वे यह खेप ओडिशा के भवानीपटना से महाराष्ट्र के नागपुर ले जा रहे थे।

एसपी के निर्देश पर सख्त अभियान
जिले में नशीले पदार्थों की तस्करी पर लगाम कसने के लिए एसपी के निर्देश पर सभी थाना प्रभारियों को सख्त कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। इसी के तहत चेक पोस्टों पर लगातार सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है, जिसका यह बड़ा परिणाम सामने आया है।
एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स की अहम भूमिका
यह पूरी कार्रवाई थाना कोमाखान पुलिस और एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स की सतर्कता से अंजाम दी गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रतिभा पाण्डेय ने बताया कि सभी आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है।
नशे के सौदागरों के लिए कड़ा संदेश
महासमुंद पुलिस की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि जिले में नशे के कारोबार के लिए अब कोई जगह नहीं है। आने वाले दिनों में तस्करी से जुड़े अन्य लोगों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी की जा रही है।






