
✍️ भागीरथी यादव
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर राज्य की सियासत गर्माने लगी है। एक ओर जहां राजनीतिक दल सीट बंटवारे और उम्मीदवार चयन को लेकर मंथन में जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर चुनाव आयोग ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में 16 सदस्यीय उच्चस्तरीय टीम बिहार दौरे पर है। रविवार को टीम के दौरे का दूसरा दिन रहा।
चुनाव आयोग ने बताया कि रविवार को आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। इसमें विभिन्न प्रवर्तन एजेंसियों के प्रमुखों और नोडल अधिकारियों ने भाग लिया। आयोग ने कहा कि चुनावी प्रक्रियाओं को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त दोपहर में प्रेस कॉन्फ्रेंस भी कर सकते हैं। माना जा रहा है कि यह प्रेस वार्ता चुनावी तैयारियों और संभावित तारीखों को लेकर महत्वपूर्ण हो सकती है। बिहार में विधानसभा चुनाव इस साल के अंत तक प्रस्तावित हैं, और आयोग के इस दौरे के बाद चुनाव तिथियों की घोषणा की संभावना बढ़ गई है।
शनिवार को दौरे के पहले दिन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पटना में आयोजित बैठक में राज्यभर की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की थी। आयोग ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों — भाजपा, जदयू, राजद, कांग्रेस, लोजपा (रामविलास), रालोजपा, आप, बसपा, भाकपा, माकपा, माले (लिबरेशन) और एनपीपी — के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनके सुझाव भी लिए।
ज्ञानेश कुमार ने कहा कि राजनीतिक दल एक सशक्त लोकतंत्र के अहम स्तंभ हैं और उन्हें मतदान से लेकर मतगणना तक हर चरण में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने सभी दलों से अपील की कि वे मतदाताओं को अधिक से अधिक मतदान के लिए प्रेरित करें और चुनाव को लोकतंत्र के उत्सव के रूप में मनाएं।
इस बीच, भाजपा की राज्य चुनाव समिति की बैठक भी रविवार को जारी रही। बैठक में 2020 के विधानसभा चुनाव में हारी गई सीटों पर विशेष रणनीति पर विचार किया गया। इसके साथ ही, मौजूदा विधायकों के प्रदर्शन और सिटिंग सीटों पर संभावित उम्मीदवारों के चयन पर भी चर्चा हुई। शनिवार को हुई बैठक में पार्टी ने 60 सीटों पर मंथन किया था।
> राजनीतिक हलकों में अब उम्मीद जताई जा रही है कि चुनाव आयोग की समीक्षा बैठकों के बाद बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान जल्द ही किया जा सकता है।






