
बीजापुर। नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा और विकास को गति देने के लिए जिला प्रशासन ने नई पहल की है। भोपालपटनम थाना क्षेत्र के सुदूरवर्ती ग्राम उल्लूर (9 सितंबर) और चिल्लामरका (11 सितंबर) में नवीन सुरक्षा एवं जन-सुविधा कैम्प की स्थापना की गई। “नियद नेल्ला नार” योजना के तहत शुरू हुई यह पहल ग्रामीणों को सुरक्षा कवच देने के साथ विकास की नई राह भी खोल रही है।
कठिन परिस्थितियों में सफलता
दुर्गम पहाड़ी रास्तों और प्रतिकूल मौसम के बीच सुरक्षा बलों ने साहस दिखाते हुए दोनों कैम्प स्थापित किए। अधिकारियों का कहना है कि अब सुरक्षा के साथ-साथ आसपास के गांवों में विकास की रफ्तार भी पहुँचेगी।

सड़क और संपर्क की नई उम्मीद
इन कैम्पों से भोपालपटनम से फरसेगढ़, सेंड्रा और गढ़चिरौली (महाराष्ट्र) तक संपर्क मज़बूत होगा। आने वाले दिनों में नेशनल पार्क के गांव भी सड़क, बिजली और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ सकेंगे।
सुरक्षा के साथ सुविधाएं
प्रशासन का दावा है कि स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, बिजली, स्वच्छ पेयजल, पीडीएस दुकानें, मोबाइल नेटवर्क और सड़क जैसी सुविधाएं अब धीरे-धीरे उपलब्ध होंगी। इससे माओवादी गतिविधियों पर नियंत्रण पाना आसान होगा।
नक्सल उन्मूलन में प्रगति
बीजापुर में पिछले दो वर्षों में 36 सुरक्षा कैम्प खोले जा चुके हैं। अब तक 496 नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके, 193 मारे गए और 900 से अधिक गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इसे नक्सल उन्मूलन अभियान की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
अधिकारियों का योगदान
इस अभियान में बस्तर रेंज आईजी सुन्दरराज पी., केरिपु सेक्टर रायपुर के आईजी शालिन, डीआईजी कमलोचन कश्यप और बीजापुर एसपी डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने अहम भूमिका निभाई।






