
बिलासपुर। सिटी कोतवाली पुलिस ने अरपा नदी चेक डैम के पास मिले अज्ञात शव की गुत्थी को महज कुछ ही दिनों में सुलझा लिया है। लूट की नीयत से एक मासूम युवक की जान लेने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने ‘ह्यूमन इंटेलिजेंस’ और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से गिरफ्तार कर लिया है।
घटना की पृष्ठभूमि
बीती 15 जुलाई 2025 को अरपा नदी चेक डैम के पास एक अज्ञात युवक का शव बरामद हुआ था। मृतक की पहचान राजेंद्र सूर्यवंशी (25 वर्ष), निवासी नरगोड़ा के रूप में की गई। शुरुआती जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह स्पष्ट हो गया कि यह सामान्य मौत नहीं बल्कि हत्या है। पुलिस ने तत्काल भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) और 309(6) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
ऐसे पकड़े गए हत्यारे
सीएसपी गगन कुमार और थाना प्रभारी देवेश सिंह राठौर के नेतृत्व में गठित टीम ने संदिग्धों की तलाश शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने दो युवकों को हिरासत में लिया:
विकास उर्फ भोले केवट (20 वर्ष)
शनि उर्फ छोटू गंधर्व (20 वर्ष)
क्रूरता की कहानी: नशे में लूट और हत्या
कड़ी पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उन्होंने बताया कि वारदात के वक्त वे शराब के नशे में थे। उन्होंने अरपा नदी के पास अकेले बैठे राजेंद्र को देखा और लूटपाट के इरादे से उस पर हमला कर दिया। जब राजेंद्र ने विरोध किया, तो आरोपियों ने उसे बेदम होने तक पीटा। सबूत मिटाने और मौत सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने अधमरी हालत में राजेंद्र को पुल की रेलिंग से नीचे नदी में फेंक दिया।
बरामदगी और कार्रवाई
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मृतक का लूटा हुआ मोबाइल फोन बरामद कर लिया है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस की अपील: सुनसान इलाकों में देर रात अकेले जाने से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी थाना या डायल 112 को दें।





