
कोरबा/कोरबी चोटिया। जिले के कटघोरा वन मंडल अंतर्गत केंदाई रेंज के कोरबी चोटिया परिक्षेत्र में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहां बिजली करंट की चपेट में आने से एक नर जंगली भालू की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग में हड़कंप मच गया और अधिकारियों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना सखोदा बीट के जंगल क्षेत्र की है। बुधवार, 25 मार्च की रात भालू भोजन और पानी की तलाश में जंगल में विचरण कर रहा था। इसी दौरान वह भुजुग कछार (सलाई गोट) क्षेत्र से गुजर रही 11 केवी विद्युत लाइन के खंभे के पास पहुंच गया। खंभे में लगी अर्थिंग की खुली तार के संपर्क में आते ही भालू करंट की चपेट में आ गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि बिजली लाइन की अर्थिंग तार खुली और असुरक्षित हालत में थी, जो वन्यजीवों के लिए गंभीर खतरा बनी हुई थी। इस लापरवाही ने एक बेजुबान वन्यजीव की जान ले ली, जिससे वन्यजीव संरक्षण को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
घटना की सूचना मिलते ही कटघोरा वन मंडलाधिकारी कुमार निशांत एवं केंदाई रेंज के वन परिक्षेत्र अधिकारी अभिषेक दुबे टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी की। इसके बाद भालू के शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम कराया गया।
पोस्टमार्टम के उपरांत केंदाई (मोरगा) परिक्षेत्र कार्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में मृत भालू का विधिवत अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान सहायक अधिकारी सुनील डिक्सेना, वनरक्षक पंकज खैरवार (सखोदा बीट प्रभारी) एवं अशोक श्रीवास सहित वन विभाग का अमला उपस्थित रहा।
घटना के बाद वन विभाग और बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जंगल क्षेत्रों में खुले तार और असुरक्षित विद्युत व्यवस्था लगातार वन्यजीवों के लिए खतरा बनी हुई है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे संवेदनशील स्थानों की जल्द पहचान कर सुधार कार्य किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
फिलहाल वन विभाग पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस घटना में कहीं लापरवाही तो नहीं बरती गई।
