कोरबा में वन कटाई को लेकर बवाल, ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन, 50 पर दर्ज हुआ मामला

  कोरबा, 22 दिसंबर।: बनमंडल कोरबा अंतर्गत कोलगा क्षेत्र में कूप कटाई के नाम पर बड़े पैमाने पर जंगल साफ किए जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। वन विभाग की कार्रवाई और पुलिस में दर्ज प्रकरण के विरोध में ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर अपना आक्रोश जाहिर किया है। ग्रामीणों का आरोप है कि कूप कटाई की आड़ में हरे-भरे जंगल को नुकसान पहुंचाया जा रहा है, जिससे पर्यावरण असंतुलन के साथ-साथ कोलगा गुफा जैसे ऐतिहासिक और प्राकृतिक धरोहर को भी क्षति पहुंची है। ग्रामीणों का कहना है कि यह क्षेत्र पहले से ही संवेदनशील है और यहां किसी भी प्रकार की अंधाधुंध कटाई भविष्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। बीते दिनों इसी मुद्दे को लेकर ग्रामीणों और वन विभाग की टीम के बीच टकराव की स्थिति बन गई थी। आक्रोशित ग्रामीणों ने कटाई में उपयोग किए जा रहे औजार जब्त कर लिए थे। इसके बाद वन विभाग ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर लगभग 50 ग्रामीणों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया गया। इस कार्रवाई से क्षेत्र में नाराजगी और बढ़ गई है। मामले को लेकर कोलगा के जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में ग्रामीण जिला प्रशासन के साप्ताहिक जनदर्शन कार्यक्रम में पहुंचे और ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने वन विभाग पर मनमानी का आरोप लगाते हुए दर्ज किए गए सभी मामलों को वापस लेने की मांग की है। ग्रामीण चंद्रशेखर सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले भी कोयला सर्वेक्षण को लेकर क्षेत्र में विवाद हो चुका है और वे जंगल कटाई को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे। उनका कहना है कि जंगल ही उनकी आजीविका और पर्यावरण सुरक्षा का आधार है। वहीं, वन विभाग का पक्ष है कि संबंधित क्षेत्र में शासन की अनुमति के तहत केवल अनुपयोगी और चिन्हित पेड़ों की ही कटाई की जा रही है। विभाग का दावा है कि पूरी प्रक्रिया नियमों के अनुसार की जा रही है और किसी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई है। फिलहाल यह मामला प्रशासनिक और विभागीय स्तर पर विचाराधीन है। जिला प्रशासन ने ग्रामीणों की शिकायत पर जांच और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

कोरबा वन मंडल में ‘खूनी हाथी’ का तांडव, ड्रोन से 24 घंटे निगरानी

  कोरबा में ‘मौत का हाथी’ बना दहशत का कारण, 3 जानें लेने के बाद 40 गांवों में खौफ कोरबा। कोरबा वन मंडल में एक नर हाथी ग्रामीणों के लिए भय का पर्याय बन गया है। बीते कुछ दिनों में तीन लोगों की जान लेने के बाद यह हाथी लगातार अलग-अलग वन क्षेत्रों और गांवों के आसपास विचरण कर रहा है, जिससे जिले के दर्जनों गांवों में दहशत का माहौल है। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीण रात-रात भर जागकर अपने परिवार और खेतों की सुरक्षा करने को मजबूर हैं। जानकारी के अनुसार, यह हाथी पहले बिलासपुर रेंज में एक महिला को कुचलने के बाद कटघोरा वन मंडल पहुंचा, जहां इसने दो और महिलाओं की जान ले ली। इसके बाद हाथी कोरबा शहर से सटे बालको रेंज में भी सक्रिय रहा, जहां एक ग्रामीण की मौत हुई। लगातार घटनाओं के बाद हाथी की मौजूदगी से पूरे इलाके में भय व्याप्त हो गया है। वर्तमान में हाथी करतला रेंज के सुईयारा जंगल के बड़मार बीट में डेरा डाले हुए है। बताया जा रहा है कि हाथी ने पिछले 72 घंटों में करीब 75 किलोमीटर की दूरी तय की है और लगभग 40 गांवों से होकर गुजरा है। उसका रास्ता खेतों और आबादी वाले इलाकों से होकर निकल रहा है, जिससे खतरा और बढ़ गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग अलर्ट मोड पर है। दो विशेष टीमों को तैनात कर हाथी की 24 घंटे ड्रोन कैमरे से निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। वन विभाग लगातार ग्रामीणों को सतर्क रहने और जंगल की ओर न जाने की अपील कर रहा है। कोरबा में यह नर हाथी अब सिर्फ एक वन्यजीव नहीं, बल्कि ग्रामीणों के लिए डर और अनिश्चितता का प्रतीक बन चुका है।

एबीवीपी के प्रदेश सह मंत्री बने छात्र नेता आयुष कुमार शर्मा

पाली से ज्ञान शंकर तिवारी की रिपोर्ट कोरबा। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) छत्तीसगढ़ प्रदेश के 58वें प्रदेश अधिवेशन में प्रदेश कार्यसमिति की घोषणा की गई। इस दौरान कोरबा जिले के दीपका निवासी छात्र नेता आयुष कुमार शर्मा को छत्तीसगढ़ प्रदेश का प्रदेश सह मंत्री नियुक्त किया गया। यह नियुक्ति कोरबा जिले के लिए गौरव का विषय है, क्योंकि आयुष शर्मा जिले से ऐसे पहले छात्र नेता बने हैं जिन्हें विद्यार्थी परिषद में यह महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया है। संगठन ने उन पर विश्वास जताते हुए रायगढ़ विभाग का विभाग संयोजक पद भी उन्हें पुनः सौंपा है। रायगढ़ विभाग के अंतर्गत कोरबा, रायगढ़, जांजगीर-चांपा, सक्ती और सारंगढ़ जिले शामिल हैं। आयुष कुमार शर्मा ने बी.कॉम. तक की शिक्षा पूर्ण कर ली है और वर्तमान में वे एलएलबी की पढ़ाई कर रहे हैं। वर्ष 2018 से विद्यार्थी परिषद से जुड़े आयुष शर्मा ने संगठन में रहते हुए विभिन्न जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया है। इनमें कॉलेज अध्यक्ष, नगर सह मंत्री, नगर मंत्री, बिलासपुर महानगर भाग संयोजक, जिला संयोजक कोरबा, प्रांत कार्यकारिणी सदस्य और प्रांत कार्यसमिति सदस्य जैसे महत्वपूर्ण दायित्व शामिल हैं। उनकी इस उपलब्धि से विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं, छात्रों और शुभचिंतकों में खुशी का माहौल है। सभी ने उन्हें बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया है कि वे संगठन को और सशक्त बनाने के साथ-साथ छात्र हितों के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करेंगे।

पाली में पल्स पोलियो अभियान का भव्य शुभारंभ, बच्चों को पिलाई गई सुरक्षा की दो बूंदें

पाली से ज्ञान शंकर तिवारी की रिपोर्ट पाली। नगर पंचायत पाली में पल्स पोलियो अभियान के प्रथम चरण का शुभारंभ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाली में उत्साह और जागरूकता के साथ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन नगर पंचायत की पूर्व उपाध्यक्ष वैशाली पंकज राजपाल एवं पार्षद दीप्ति दीपक शर्मा ने नन्हे बच्चों को पल्स पोलियो की दो बूंद दवा पिलाकर किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, कर्मचारी एवं जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति रही। प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल सराफ, डॉ. तिवारी सहित अन्य विभागीय अधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। अभियान के शुभारंभ पर वैशाली पंकज राजपाल ने कहा कि पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए पल्स पोलियो अभियान अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने आमजन एवं जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएं और 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के प्रत्येक बच्चे को अनिवार्य रूप से पोलियो की दो बूंद दवा पिलवाने में सहयोग करें। उन्होंने शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के लिए सुदृढ़ योजना बनाकर कार्य करने पर बल दिया। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा चौक-चौराहों, बाजारों एवं हॉट में भी बच्चों को पल्स पोलियो की दवा पिलाने की विशेष व्यवस्था की गई है, जो सराहनीय प्रयास है। इसके लिए उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की प्रशंसा करते हुए आभार व्यक्त किया। स्वास्थ्य अधिकारियों ने जानकारी दी कि अभियान के दौरान कोई भी बच्चा पोलियो की दवा से वंचित न रहे, इसके लिए टीमों का गठन कर घर-घर संपर्क किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान अभिभावकों को जागरूक करते हुए समय पर बच्चों को पोलियो की खुराक दिलाने की अपील की गई। पल्स पोलियो अभियान के माध्यम से नगर पंचायत पाली को पोलियो मुक्त बनाए रखने का संकल्प दोहराया गया।

किसानों के हक़ और मानवता की आवाज़ बने संत रामपाल जी महाराज, “किसान रत्न” सम्मान से हुए सम्मानित

✍️ भागीरथी यादव      कोरबा (छत्तीसगढ़)। समाज सुधार, किसान कल्याण और मानव सेवा के क्षेत्र में ऐतिहासिक योगदान देने वाले जगत गुरु तत्वदर्शी संत रामपाल  महाराज जी को हरियाणा के हिसार में 100 गांवों के किसानों एवं किसान ट्रेड यूनियन द्वारा “किसान रत्न” सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान किसानों के अधिकारों, जागरूकता, सामाजिक एकता और नैतिक मूल्यों के संरक्षण हेतु किए गए उनके अतुलनीय प्रयासों का प्रतीक है। इस गौरवपूर्ण सम्मान समारोह का सीधा लाइव प्रसारण छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के जमनीपाली स्थित अग्रसेन भवन, साडा कॉलोनी में किया गया, जहाँ बड़ी संख्या में श्रद्धालु संगत, किसान भाई-बहन एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। सभी ने भावविभोर होकर सत्संग एवं सम्मान समारोह का सजीव प्रसारण देखा और संत रामपाल जी महाराज जी के विचारों से प्रेरणा प्राप्त की। संत रामपाल जी महाराज जी के पावन मार्गदर्शन में मुनिंदर धर्मार्थ ट्रस्ट, कुरुक्षेत्र (हरियाणा) द्वारा दहेज-मुक्त विवाह, नशा-मुक्त समाज निर्माण, जाति-भेद उन्मूलन, स्त्री-पुरुष समानता, नैतिक शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण तथा सत्य भक्ति के प्रचार के साथ-साथ किसान, मजदूर और गरीब वर्ग के कल्याण के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। इन्हीं जनकल्याणकारी कार्यों के कारण संस्था एवं संत रामपाल जी महाराज जी को देश-विदेश में अनेक सामाजिक और मानवीय सम्मानों से नवाजा गया है।   मानव सेवा की प्रेरक मिसाल बनी “अन्नपूर्णा मुहिम” के तहत ट्रस्ट द्वारा गरीब, असहाय, वृद्ध एवं जरूरतमंद लोगों को नियमित रूप से निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे। साथ ही बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के समय खाद्यान्न, वस्त्र एवं आवश्यक राहत सामग्री वितरित कर हजारों पीड़ित परिवारों को संबल प्रदान किया गया है।   इस कार्यक्रम में संस्था के प्रमुख जिला संयोजक अजय कुर्रे, सुमिरन कँवर, बाबू दास मानिकपुरी, धर्मदास महंत, हर्बंस गबेल, गोपाल केवट, होरीलाल श्रीवास, गया दास महंत, चेतन दास सहित बड़ी संख्या में क्षेत्र के गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।   यह आयोजन मानवता, सेवा, समानता और सामाजिक न्याय के मूल्यों को जन-जन तक पहुँचाने की दिशा में एक सशक्त और प्रेरणादायक पहल साबित हुआ।

कोरबा में कानून व्यवस्था को खुली चुनौती

  आबकारी टीम पर जानलेवा हमला, अधिकारी ढाई घंटे तक बंधकसरकारी वाहन क्षतिग्रस्त, पुलिस के पहुंचने पर छूटे अफसर कोरबा, 20 दिसंबर। जिले के उरगा थाना क्षेत्र अंतर्गत भैसमा गांव के पहरीपारा में शुक्रवार को उस वक्त सनसनी फैल गई, जब अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची आबकारी विभाग की टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। हालात इतने बिगड़ गए कि टीम का नेतृत्व कर रहे आबकारी अधिकारी नारायण सिंह कंवर को करीब ढाई घंटे तक बंधक बना लिया गया। मारपीट, तोड़फोड़ और बंधक बनाने की वारदात प्राप्त जानकारी के अनुसार आबकारी टीम में दो वर्दीधारी जवान, एक मुखबिर और स्कॉर्पियो वाहन चालक शामिल थे। कार्रवाई के दौरान विवाद बढ़ा और अचानक ग्रामीणों ने उग्र रूप धारण कर लिया। आरोप है कि मुखबिर प्रमोद देवांगन और वाहन चालक के साथ जमकर मारपीट की गई, वहीं सरकारी वाहन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया। जान बचाकर भागे टीम के सदस्य घटना के दौरान टीम के अन्य सदस्य किसी तरह मौके से निकलकर अपनी जान बचाने में सफल रहे और तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी। 112 की टीम लौटी खाली हाथ, बाद में पुलिस ने छुड़ाया अधिकारी सूचना मिलने पर 112 की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन ग्रामीणों के आक्रोश के चलते उसे वापस लौटना पड़ा। इसके बाद उरगा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में करते हुए बंधक बनाए गए अधिकारी को सुरक्षित बाहर निकाला। ग्रामीणों का गंभीर आरोप, जांच के आदेश ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मुखबिर द्वारा अवैध वसूली की जा रही थी, जिससे नाराजगी बढ़ी और यह घटना हुई। आबकारी अधिकारी आशा सिंह ने बताया कि मामले में तत्काल पुलिस शिकायत दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं कोरबा सीएसपी भूषण एक्का ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि मारपीट की शिकायत मिली है, जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी। स्थिति नियंत्रण में, पुलिस तैनात फिलहाल इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात है और पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। यह घटना न केवल प्रशासन की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है, बल्कि सरकारी अधिकारियों पर बढ़ते हमलों की चिंताजनक तस्वीर भी पेश करती है।

पोड़ी उपरोड़ा के सरहदी वनांचल में शिक्षा की नई सुबह

सुशील जायसवाल | सिरमिना (कोरबा) कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के दुरस्त और सरहदी वनांचल क्षेत्रों में अब शिक्षा की तस्वीर बदलती नजर आ रही है। जिला मुख्यालय से करीब 120 किलोमीटर दूर स्थित इन ग्रामीण अंचलों में प्राथमिक शिक्षा को नई दिशा देने का कार्य नवपदस्थ शिक्षकों द्वारा किया जा रहा है। युक्तियुक्तकरण 2025 के तहत संकुल केंद्र सिमगा के विभिन्न विद्यालयों में पदस्थ हुए शिक्षकों ने सीमित संसाधनों के बावजूद नवाचारी शिक्षण पद्धतियों से शिक्षा का अलख जगा दिया है। खास तौर पर प्राथमिक शाला सरनापारा में पदस्थ सहायक शिक्षक तेजराम चंद्रा द्वारा किए जा रहे प्रयास क्षेत्र में चर्चा का विषय बने हुए हैं। तेजराम चंद्रा ने पालकों और ग्रामीणों को शिक्षा से जोड़ते हुए शिक्षक–पालक–विद्यार्थी के बीच सतत संपर्क स्थापित किया। बच्चों को स्वयं से सीखने के लिए प्रेरित करने, रुचिकर गतिविधियों के माध्यम से अध्यापन को प्रभावी बनाने और पढ़ाई के प्रति सकारात्मक माहौल तैयार करने पर विशेष ध्यान दिया गया। इन प्रयासों का असर यह हुआ कि जहां कभी बच्चों की उपस्थिति चिंता का विषय थी, वहीं अब विद्यालय में शत-प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की जा रही है। छोटे-छोटे बच्चों में सीखने की ललक और आत्मविश्वास बढ़ा है, जिससे उनका सर्वांगीण विकास संभव हो रहा है। दुरस्त वनांचल क्षेत्र में शिक्षा के प्रति यह जागरूकता न केवल भविष्य की मजबूत नींव रख रही है, बल्कि यह साबित कर रही है कि यदि शिक्षक में समर्पण और नवाचार हो, तो सबसे दूरस्थ इलाकों में भी शिक्षा की रोशनी पहुंचाई जा सकती है।  

🟥 कोरबी में दहशत: दतैल हाथी का आतंक, कच्चा मकान तोड़ा — वृद्धा बाल-बाल बची, युवक घायल

सुशील जायसवाल   कोरबी (चोटिया)। कटघोरा वन मंडल के केंदई रेंज अंतर्गत ग्राम फुलसर कोरबी में शुक्रवार तड़के एक बार फिर दतैल हाथी के अचानक गांव में घुस आने से हड़कंप मच गया। करीब सुबह 4:30 बजे हाथी ने ग्रामीण रविंद्रा सिंह नेटी के कच्चे मकान की दीवार तोड़ दी। दीवार गिरने से घर में सो रहे 21 वर्षीय अमन कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि पास में सो रहीं 75 वर्षीय वृद्धा राजकुंवर बाल-बाल बच गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दीवार गिरते ही तेज आवाज हुई। मकान मालिक रविंद्रा सिंह ने शोर मचाया, तब आसपास के लोग जुटे और काफी मशक्कत के बाद हाथी जंगल की ओर लौट गया। घटना के बाद परिवार और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। घायल अमन कुमार को तत्काल कोरबी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। हमले में घर के भीतर रखा कंप्यूटर सेट, डबल बेड और अन्य कीमती सामान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। ग्रामीणों का आरोप है कि गजराज दल द्वारा किसी प्रकार की मुनादी या पूर्व सूचना नहीं दी गई, जिससे लोग पूरी तरह असावधान थे। घटना की सूचना स्थानीय वन विभाग को दे दी गई है, लेकिन अब तक ठोस राहत या मुआवजा नहीं मिल पाया है। ग्रामीणों का आक्रोश—वन विभाग पर गंभीर सवाल हाथी प्रभावित क्षेत्रों में समय पर गजराज दल नहीं पहुंचता वन विभाग के वाहन कंडम हालत में हाथी से सुरक्षा के स्थायी इंतजाम नदारद नुकसान का उचित मुआवजा आज तक नहीं जिम्मेदार उच्च अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचते     लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में भय और आक्रोश है। उनका कहना है कि हाथी प्रभावित इलाकों में तत्काल चेतावनी प्रणाली, गश्त और मुआवजा व्यवस्था लागू नहीं की गई तो किसी बड़ी जनहानि से इनका इंकार नहीं किया जा सकता।

🟥 जनहित में चेतावनी: क्या Star Health मेडिकल इंश्योरेंस पर भरोसा करना अब जोखिम भरा?

✍️ भागीरथी यादव   पिछले कुछ समय से Star Health and Allied Insurance को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोकसदन से संपर्क करने वाले अनेक पीड़ित उपभोक्ताओं ने बताया कि जेनुइन (वास्तविक) मेडिकल क्लेम होने के बावजूद उनके दावे खारिज कर दिए गए। इससे आम बीमाधारकों में रोष और असुरक्षा का माहौल बन रहा है। ⸻   ❗ “बीमा है, फिर भी इलाज के समय निराशा”   पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने समय पर प्रीमियम भरा, पॉलिसी की सभी शर्तें पूरी कीं, फिर भी: • अस्पताल में भर्ती होने पर क्लेम रिजेक्ट कर दिया गया • कभी छोटी शर्तों का हवाला, कभी डॉक्यूमेंट्स की कमी बताकर मामला लटकाया गया • कई मामलों में कैशलेस सुविधा भी नहीं मिली   यह सब उस समय हुआ, जब मरीज और परिवार पहले से मानसिक व आर्थिक दबाव में थे। ⸻   📉 भरोसा टूट रहा, लोग पॉलिसी छोड़ रहे   लोकसदन को मिली जानकारी के अनुसार: • कई उपभोक्ता Star Health की पॉलिसी रिन्यू नहीं कर रहे • कुछ लोग दूसरी कंपनियों में पोर्टेबिलिटी करा रहे हैं • सोशल मीडिया और उपभोक्ता मंचों पर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं   बीमा का मकसद संकट में सहारा देना होता है, लेकिन जब वही संकट बढ़ा दे तो सवाल उठना स्वाभाविक है। ⸻   ⚠️ आम लोगों के लिए चेतावनी   यदि आप या आपके परिवार का कोई सदस्य Star Health की पॉलिसी लेने की सोच रहा है, तो: • पॉलिसी की बारीक शर्तें अच्छी तरह पढ़ें • क्लेम से जुड़े अनुभव पहले जान लें • अस्पताल नेटवर्क और कैशलेस रिकॉर्ड की जांच करें   सिर्फ विज्ञापन और बड़े नाम देखकर फैसला करना भारी पड़ सकता है। ⸻   🗣️ लोकसदन की अपील   लोकसदन उन सभी पीड़ितों की आवाज बनेगा जिनके साथ अन्याय हुआ है। यदि आपका भी जेनुइन क्लेम रिजेक्ट हुआ है, तो अपनी आपबीती हमारे साथ साझा करें। यह सिर्फ एक कंपनी का मुद्दा नहीं, जनहित और जनविश्वास का सवाल है।

**NTPC कोरबा की STP परियोजना पर गंभीर सवाल

✍️ भागीरथी यादव   सिविल O&M विभाग अनजान या फिर अंदरूनी मिलीभगत?**   कोरबा। एनटीपीसी कोरबा में CISF कॉलोनी स्थित 150 KLD क्षमता की STP (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) परियोजना को लेकर लगातार नए तथ्य सामने आ रहे हैं। यह परियोजना Greenagers Enviro Solutions & Services Pvt. Ltd. द्वारा MBER टेक्नोलॉजी पर संचालित की जा रही है।   एनटीपीसी परिसर में कार्यरत कर्मचारियों से मिली जानकारी के अनुसार, परियोजना से जुड़े बिल, केमिकल सप्लाई और भुगतान प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि क्या एनटीपीसी कोरबा का सिविल O&M विभाग इन तथ्यों से अनजान है, या फिर अधिकारियों की जानकारी में यह प्रक्रिया चल रही है?   सूत्रों के अनुसार STP प्लांट में उपयोग होने वाले सोडियम हाइपोक्लोराइड के नाम पर लगातार भारत केमिकल, कोरबा के नाम से बिल दर्शाए गए। जब इस संबंध में भारत केमिकल से संपर्क किया गया, तो वहां से यह जानकारी सामने आई कि उल्लिखित तिथि, बिल नंबर और दर्शाई गई मात्रा में किसी भी प्रकार का केमिकल उनकी ओर से सप्लाई नहीं किया गया। इस खुलासे के बाद बिलों की सत्यता और भुगतान प्रक्रिया पर गंभीर संदेह उत्पन्न हो गया है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि   केमिकल खरीद से जुड़े बिल,   स्टॉक रजिस्टर, उपयोग लॉग, मापन पुस्तिका (MB) और भुगतान फाइलों का मिलान कराया जाए, तो स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकती है।   जानकारों का मानना है कि बिना सिविल O&M विभाग की जानकारी या लापरवाही के इस तरह की प्रक्रिया लंबे समय तक चल पाना संभव नहीं लगता। इसी कारण अब यह सवाल चर्चा में है कि यह महज प्रशासनिक चूक है या फिर अंदरूनी समन्वय का परिणाम।   फिलहाल इस पूरे मामले में Greenagers Enviro Solutions & Services Pvt. Ltd., भारत केमिकल, तथा एनटीपीसी प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि कर्मचारियों से मिली जानकारी के बाद प्रशासनिक और तकनीकी स्तर पर हलचल तेज हो गई है और मामले की आंतरिक जांच व तकनीकी ऑडिट की मांग जोर पकड़ रही है।  

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