संतान न होने के विवाद में पति ने की पत्नी की हत्या, कटघोरा पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार

    कोरबा। जिले के कटघोरा थाना क्षेत्र में पारिवारिक विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जहां संतान न होने और चरित्र पर संदेह के चलते एक पति ने अपनी पत्नी की फावड़े से हमला कर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, गायत्री बस्ती ढेलवाडीह निवासी तुलसी यादव (37) की शादी करीब 18 वर्ष पूर्व रंजना यादव (35) से हुई थी। लंबे समय से दंपती को संतान नहीं थी, जिसे लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। बताया जा रहा है कि आरोपी अपनी पत्नी के चरित्र पर भी संदेह करता था, जिससे घर का माहौल तनावपूर्ण बना रहता था। हाल ही में रंजना यादव अपने मायके ढेलवाडीह मेला देखने गई थी। पति भी मेले में पहुंचा था। वहां से लौटने के बाद रविवार शाम को पुरानी बातों को लेकर दोनों के बीच फिर से झगड़ा शुरू हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि गुस्से में आकर तुलसी यादव ने घर में रखे फावड़े से पत्नी के सिर और चेहरे पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। हमले में गंभीर रूप से घायल रंजना जमीन पर गिर पड़ी। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। चीख-पुकार सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे और घायल रंजना को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही कटघोरा थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव का पंचनामा तैयार किया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। फरार आरोपी की तलाश शुरू की गई और सोमवार को उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।

कोरबा डामौकुंडा में पत्नी की गला घोंटकर हत्या, आरोपी पति गिरफ्तार

  कोरबा। जिले के बांगो थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम डामौकुंडा में पति द्वारा पत्नी की हत्या किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपी ने घरेलू विवाद के दौरान अपनी पत्नी का गला दबाकर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। जानकारी के अनुसार, मृतिका हिरोंडिया मरावी (41 वर्ष) अपने पति कल्लू उर्फ कल्याण सिंह (42 वर्ष) के साथ गांव में रहती थी। उनके दो बेटे और दो बेटियां हैं। बेटियों की शादी हो चुकी है, जबकि दोनों बेटे कटघोरा स्थित एक बर्फ फैक्ट्री में कार्यरत हैं। घर में पति-पत्नी ही निवास करते थे। घटना का खुलासा तब हुआ जब आरोपी ने स्वयं अपने बेटे को फोन कर बताया कि उसकी मां उठ नहीं रही है और उसे घर बुलाया। बेटे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में मामला संदिग्ध प्रतीत होने पर एफएसएल टीम को बुलाया गया। पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पोड़ी भेजा गया। शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला की मौत सामान्य नहीं बल्कि हत्या होना पाया गया। इसके बाद पुलिस ने संदेह के आधार पर पति से कड़ाई से पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि वह पिछले कुछ दिनों से अपनी खराब मोटरसाइकिल बनवाने के लिए पत्नी से पैसे मांग रहा था। पत्नी द्वारा पैसे देने से इनकार करने पर 7 फरवरी 2026 को उसने गुस्से में आकर उसका गला दबा दिया। हत्या के बाद आरोपी ने घटना को सामान्य दिखाने के लिए शव को सोने की अवस्था में लिटा दिया और स्वयं शराब पीकर कमरे में पड़ा रहा, ताकि किसी को शक न हो। बांगो पुलिस  आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

सूने मकान में सेंध: मां–बेटे ने पार की 11 लाख से ज्यादा की ज्वेलरी, कोरबा पुलिस ने 48 घंटे में किया खुलासा

✍️ भागीरथी यादव     कोरबा। जिले में बढ़ते संपत्ति संबंधी अपराधों पर अंकुश लगाने के अभियान के तहत कोरबा पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। सूने मकान में हुई चोरी की वारदात का त्वरित खुलासा करते हुए पुलिस ने मां–बेटे की जोड़ी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए गए हैं, जिनकी वर्तमान बाजार कीमत करीब 11 लाख 11 हजार रुपये आंकी गई है। मामला 6 फरवरी 2026 का है, जब प्रार्थी ने पुलिस सहायता केंद्र माणिकपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह परिवार सहित रायपुर गया हुआ था। 7 फरवरी की रात लौटने पर घर के बाहर और भीतर के ताले टूटे मिले। कमरे अस्त-व्यस्त थे और सोने-चांदी के जेवर, नकदी सहित अन्य कीमती सामान गायब था। प्रारंभिक तौर पर चोरी की रकम लगभग 1 लाख 80 हजार रुपये बताई गई थी। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं एसडीओपी के मार्गदर्शन में माणिकपुर चौकी और कोतवाली कोरबा की संयुक्त टीम ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए और संदेह के आधार पर कुछ लोगों से पूछताछ की गई। कड़ी पूछताछ में संजय वैष्णव उर्फ गोलू (31 वर्ष) और उसकी मां लव कुमारी वैष्णव (50 वर्ष), निवासी निहारिका साडा कॉलोनी, थाना सिविल लाइन रामपुर, कोरबा ने चोरी की वारदात कबूल कर ली। जांच में यह भी सामने आया कि चोरी किए गए आभूषणों को आरोपियों ने ‘मधुर फाइनेंस’ में गिरवी रख दिया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए फाइनेंस कंपनी से विधिवत प्रक्रिया के तहत सम्पर्क कर सभी आभूषण बरामद कर लिए। बरामद ज्वेलरी का बाजार मूल्य 11 लाख 11 हजार रुपये आंका गया है, जो प्रारंभिक अनुमान से कहीं अधिक है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 331(4), 305(1) और 317(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी संजय वैष्णव के खिलाफ पहले भी चोरी, नकबजनी और दुष्कर्म जैसे गंभीर मामलों में बालकोनगर, सिविल लाइन रामपुर और कोतवाली थानों में प्रकरण दर्ज हैं।  

जमीन नामांतरण पर ग्रामवासियों का विरोध, रजिस्ट्री निरस्त करने की मांग

सुशील जायसवाल     कोरबा। पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के ग्राम दन्हामुड़ा (प.ह.नं. 17) में जमीन नामांतरण को लेकर ग्रामीणों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। ग्रामवासियों ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को ज्ञापन सौंपकर संबंधित भूमि के नामांतरण पर रोक लगाने और की गई रजिस्ट्री को निरस्त करने की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार खसरा नंबर 141/3 रकबा 0.24360 हेक्टेयर भूमि, जिसे वर्ष 2016 में खरीदा गया था, को लेकर गांव में लगातार आपत्ति जताई जा रही है। आरोप है कि उक्त भूमि का उपयोग धार्मिक निर्माण कार्य के लिए किए जाने की तैयारी है, जिससे गांव की सामाजिक एवं सांस्कृतिक समरसता प्रभावित हो सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि इस कदम से क्षेत्र की पारंपरिक आदिवासी संस्कृति और सामाजिक संतुलन पर विपरीत असर पड़ेगा। बताया गया है कि तहसील कार्यालय द्वारा 31 दिसंबर 2025 को जारी इश्तहार के बाद भी ग्रामवासियों ने लिखित आपत्ति प्रस्तुत की थी। इसके बावजूद नामांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाए जाने की आशंका को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर नामांतरण पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा विवादित भूमि की रजिस्ट्री निरस्त की जाए। साथ ही उन्होंने क्षेत्र में सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने की अपील की है। इस पूरे मामले को लेकर अब प्रशासन के निर्णय पर ग्रामीणों की नजरें टिकी हुई हैं।

बरबसपुर बायपास पर अवैध स्क्रैप यार्ड पर उरगा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 30 लाख का माल जब्त

✍️ भागीरथी यादव     कोरबा। उरगा पुलिस ने अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बरबसपुर बायपास रोड स्थित एक स्क्रैप यार्ड पर बड़ी कार्रवाई की है। संयुक्त टीम की दबिश में करीब 30 लाख रुपये मूल्य के लगभग 1200 टन वाहनों के पुर्जे और भारी मात्रा में लोहे का सामान जब्त किया गया। कार्रवाई के बाद नगर निगम की टीम ने यार्ड को सील कर दिया। पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम बरबसपुर बायपास मार्ग पर संचालित स्क्रैप यार्ड में चोरी से संबंधित हाइवा, ट्रेलर और ट्रक के पुर्जे अवैध रूप से संग्रहित किए जा रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए थाना उरगा पुलिस ने संबंधित विभागों के साथ संयुक्त कार्रवाई की योजना बनाई और मौके पर दबिश दी। जांच के दौरान यार्ड संचालक नूर आलम (33) मौके पर मौजूद मिला। पुलिस द्वारा जब्त सामग्री से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया, लेकिन वह कोई भी अधिकृत कागजात उपलब्ध नहीं करा सका। दस्तावेजों के अभाव में पुलिस ने पूरे माल को संदिग्ध मानते हुए विधि सम्मत जब्ती की कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और जब्त सामग्री के स्रोत की पड़ताल की जाएगी। यदि चोरी या अन्य आपराधिक कृत्य से जुड़ाव पाया जाता है तो संबंधित धाराओं में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

दर्री में नए टीआई का सख़्त एक्शन: पदभार संभालते ही बदमाशों को थाने बुलाकर दी चेतावनी

✍️ भागीरथी यादव    दर्री। दर्री थाना में पदभार ग्रहण करते ही टीआई आशीष सिंह ने साफ संकेत दे दिया है कि क्षेत्र में अब कानून-व्यवस्था से कोई समझौता नहीं होगा। कार्यभार संभालने के तुरंत बाद उन्होंने गुंडा और बदमाश प्रवृत्ति के लोगों को थाने तलब कर कड़ी चेतावनी दी। टीआई आशीष सिंह ने दो टूक कहा कि क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि, शांति भंग करने की कोशिश या कानून से खिलवाड़ को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में तत्काल और सख़्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने सभी संदिग्ध तत्वों को स्पष्ट शब्दों में समझाइश दी कि वे अपनी गतिविधियों में सुधार लाएं, अन्यथा पुलिस की कार्रवाई के लिए तैयार रहें। पदभार संभालने के पहले ही दिन थाना परिसर में हलचल का माहौल देखने को मिला। कई असामाजिक तत्वों को थाने पहुंचकर हाजिरी देनी पड़ी। कुछ लोगों के देर से पहुंचने पर भी पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया, जिससे साफ जाहिर हुआ कि नए टीआई का संदेश गंभीरता से लिया जा रहा है। टीआई ने यह भी कहा कि अपराध नियंत्रण, क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखना और आम नागरिकों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कानून का पालन करने वालों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी, लेकिन कानून तोड़ने वालों के लिए दर्री थाना अब सख़्त रुख अपनाएगा। दर्री क्षेत्र में अब स्पष्ट संदेश है—कानून के दायरे में रहकर ही गतिविधियां संचालित करनी होंगी, अन्यथा कार्रवाई तय है।    

भागवत कथा जीवन के भय से मुक्ति और मोक्ष का मार्ग: पूज्या हेमलता शर्मा

ज्ञान शंकर तिवारी   हरदी बाजार (कोरबा): ग्राम बम्हनीकोन में यादव परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में श्रद्धा और भक्ति की धारा बह रही है। कथा के दौरान राष्ट्रीय भगवताचार्य पूज्या दीदी हेमलता शर्मा ने भक्तों को जीवन के सार और भक्ति की महिमा से अवगत कराया। कथा के मुख्य अंश मृत्यु के भय से मुक्ति: दीदी हेमलता शर्मा ने कहा कि श्रीमद भागवत मात्र एक कहानी नहीं, बल्कि वह महापुराण है जो मनुष्य को मृत्यु के भय से मुक्त कर मोक्ष की ओर ले जाता है। शरणागति का महत्व: उन्होंने बताया कि जो भक्त स्वयं को भगवान के चरणों में समर्पित कर देता है, ईश्वर उसे जन्म-मरण (चौरासी के चक्र) के बंधन से मुक्त कर देते हैं। जीवन दर्शन: कथा के माध्यम से भक्ति, आत्मज्ञान और नैतिक मूल्यों पर चलने का संदेश दिया गया। आकर्षक झांकियां और प्रसंग कथा के दौरान विभिन्न धार्मिक प्रसंगों का सजीव वर्णन किया गया, जिसमें मुख्य रूप से शामिल थे: वामन अवतार श्री राम एवं श्री कृष्ण जन्म मनमोहक महारास इन प्रसंगों के दौरान निकाली गई झांकियों ने उपस्थित श्रद्धालुओं का मन मोह लिया और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। आगामी कार्यक्रम यह आयोजन 2 फरवरी से प्रारंभ हुआ है, जिसका विधिवत समापन 10 फरवरी को होगा। समापन के दिन निम्नलिखित विशेष अनुष्ठान संपन्न किए जाएंगे: हवन एवं पूजन गीता पाठ तुलसी वर्षा ब्राह्मण भोजन एवं भंडारा अपील: आयोजक यादव परिवार ने क्षेत्र के सभी धर्मप्रेमी जनता से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कथा श्रवण करने और पुण्य लाभ अर्जित करने का आग्रह किया है।

स्वास्थ्य व्यवस्था पर ताला: कोरबा के ECRP वार्ड से डॉक्टर-स्टाफ नदारद, तड़पते रहे मरीज

कोरबा। (ज्ञान शंकर तिवारी) सरकारी दावों और हकीकत के बीच की खाई शनिवार को जिला मुख्यालय स्थित 20 बिस्तर ई.सी.आर.पी. (ECRP) वार्ड में साफ नजर आई। जहां सुबह के 9:40 बजने के बाद भी अस्पताल का दरवाजा तो खुला था, लेकिन भीतर की कुर्सियां और मेज खाली पड़ी थीं। न तो कोई डॉक्टर ड्यूटी पर तैनात था और न ही नर्सिंग स्टाफ का अता-पता था। बेड खाली, उम्मीदें टूटीं शनिवार की सुबह इलाज की आस लेकर कई मरीज और उनके परिजन दूर-दराज से इस वार्ड में पहुंचे थे। वार्ड के भीतर बेड, पर्दे और मशीनें तो अपनी जगह पर दुरुस्त थीं, लेकिन उन्हें संचालित करने वाला कोई ‘जिम्मेदार’ मौजूद नहीं था। काफी देर तक इंतजार करने के बाद जब कोई भी स्वास्थ्य कर्मी नजर नहीं आया, तो मरीजों को मजबूरन बिना इलाज कराए वापस लौटना पड़ा। लापरवाही की इंतहा: समय का कोई पाबंद नहीं नियमों के मुताबिक सुबह 8 बजे से ही ओपीडी और वार्डों में हलचल शुरू हो जानी चाहिए, लेकिन 9:40 बजे तक स्टाफ की अनुपस्थिति जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। “हम इलाज के लिए सुबह से खड़े हैं, लेकिन यहां कोई सुनने वाला नहीं है। अगर इमरजेंसी में किसी की जान पर बन आए, तो इसका जिम्मेदार कौन होगा?” — एक पीड़ित परिजन का दर्द कार्रवाई की मांग: क्या जागेगा प्रशासन? स्थानीय नागरिकों और मरीजों के परिजनों ने इस मामले को लेकर भारी आक्रोश जताया है। नागरिकों का कहना है कि बायोमेट्रिक अटेंडेंस और सख्त नियमों के दावों के बीच कर्मचारी ड्यूटी से गायब रहकर मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। ग्रामीणों और पीड़ितों ने स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि लापरवाह स्टाफ की पहचान कर उन पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।   “अस्पताल खुला, जिम्मेदार नदारद” — शनिवार सुबह 9:40 बजे कोरबा स्थित ई.सी.आर.पी. वार्ड का दृश्य, जहां स्टाफ की गैरमौजूदगी के कारण सन्नाटा पसरा रहा और मरीज भटकते नजर आए।

भरोसे का कत्ल: बांगो में मासूम से दरिंदगी, लकड़ी बीनने के बहाने पड़ोसी ने बनाया हवस का शिकार

✍️ भागीरथी यादव   कोरबा (छत्तीसगढ़): मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक घटना में, बांगो थाना क्षेत्र के एक गांव में 11 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ उसके पड़ोसी ने ही दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। आरोपी, जिस पर परिवार आंख मूंदकर भरोसा करता था, उसी ने मासूम के बचपन को अपनी हवस की आग में झोंक दिया। विश्वासघात की पूरी कहानी मिली जानकारी के अनुसार, बच्ची अपने घर के बाहर खेल रही थी, तभी पड़ोसी बुधराम मरकाम उर्फ धनरसिया (42) वहां पहुंचा। उसने बच्ची को बहलाया-फुसलाया और सूखी लकड़ियां बीनने के बहाने पास की झाड़ियों में ले गया। वहां आरोपी ने मासूम की चीखों को अनसुना कर उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई घटना के बाद लहूलुहान हालत में बच्ची रोती-बिलखती अपने घर पहुंची और परिजनों को आपबीती सुनाई। परिजनों ने बिना देर किए पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी की और आरोपी बुधराम को तुरंत गिरफ्तार कर लिया। बच्ची को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उसका उपचार जारी है। “आरोपी मासूम को लकड़ी बीनने के बहाने सुनसान जगह ले गया था। मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपी को सलाखों के पीछे भेज दिया गया है। पुलिस इस मामले में कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।”  

गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज के अपमान का आरोप, प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग

सुशील जायसवाल   कोरबा। 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज के अपमान का गंभीर मामला सामने आया है। पोड़ीउपरोड़ा तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत दसमहझुड़ा में आयोजित शासकीय कार्यक्रम के दौरान नियमों के विरुद्ध राष्ट्रीय ध्वज उल्टा फहराए जाने का आरोप लगाया गया है। इस घटना को लेकर ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों द्वारा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पोड़ीउपरोड़ा को लिखित शिकायत सौंपकर बताया गया कि 26 जनवरी 2026 को ग्राम पंचायत भवन में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान ग्राम सरपंच द्वारा राष्ट्रीय ध्वज का सही प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया, जिससे तिरंगे का अपमान हुआ। शिकायत में इसे गंभीर एवं दंडनीय कृत्य बताते हुए दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। आवेदन में यह भी उल्लेख है कि घटना से संबंधित फोटो साक्ष्य संलग्न किए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि राष्ट्रीय प्रतीक का अपमान किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है और ऐसे कृत्य पर त्वरित कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की पुनरावृत्ति न हो। मामले ने पूरे क्षेत्र में चर्चा और नाराजगी का माहौल बना दिया है। अब प्रशासन की भूमिका पर सभी की निगाहें टिकी हैं कि जांच के बाद दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है। यह मामला कोरबा जिला में संवेदनशील विषय बन गया है।

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