एलआईसी बिलासपुर मंडल की बड़ी उपलब्धि, कोरबा के रूकेश पटेल बने एमडीआरटी एजेंट

ज्ञान शंकर तिवारी   बिलासपुर। भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) बिलासपुर मंडल ने बीमा क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कोरबा जिले के एलआईसी एजेंट रूकेश पटेल को अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित एमडीआरटी (मिलियन डॉलर राउंड टेबल) एजेंट के रूप में सम्मानित किया है। यह सम्मान बीमा जगत में असाधारण प्रदर्शन का प्रतीक माना जाता है, जिसे देशभर में केवल शीर्ष 1 प्रतिशत एजेंट ही हासिल कर पाते हैं। उत्कृष्ट प्रदर्शन का मिला अंतरराष्ट्रीय सम्मान रूकेश पटेल को यह गौरव उनके निरंतर उत्कृष्ट व्यवसायिक प्रदर्शन, ग्राहकों के प्रति ईमानदारी, पारदर्शिता और उच्च स्तरीय सेवा गुणवत्ता के लिए प्रदान किया गया। एमडीआरटी सम्मान विश्व स्तर पर बीमा और वित्तीय सेवा क्षेत्र में कार्यरत उन चुनिंदा पेशेवरों को दिया जाता है, जो निर्धारित कड़े मानकों पर खरे उतरते हैं। उनकी यह उपलब्धि न केवल कोरबा जिला, बल्कि पूरे बिलासपुर मंडल और भोपाल जोन के लिए गर्व का विषय बन गई है। सफलता के पीछे भरोसा और सेवा भावना सम्मान समारोह के दौरान रूकेश पटेल ने अपनी सफलता का श्रेय अपने क्लाइंट्स के अटूट विश्वास, अपनी समर्पित टीम के निरंतर प्रयास और परिवार के सहयोग को दिया। उन्होंने कहा कि “ग्राहकों की जरूरतों को समझकर उन्हें सही, पारदर्शी और भरोसेमंद बीमा समाधान देना ही मेरी कार्यशैली का मूल मंत्र है।” उन्होंने यह भी कहा कि बीमा केवल एक वित्तीय योजना नहीं, बल्कि परिवारों के सुरक्षित भविष्य की मजबूत नींव है। एलआईसी जैसी प्रतिष्ठित संस्था के साथ जुड़कर समाज के हर वर्ग तक बीमा सुरक्षा पहुंचाना उनका मुख्य उद्देश्य है। अन्य एजेंटों के लिए बने प्रेरणा स्रोत इस अवसर पर बिलासपुर मंडल और भोपाल जोन के वरिष्ठ अधिकारियों ने रूकेश पटेल को बधाई देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि अन्य एलआईसी एजेंटों के लिए प्रेरणादायक है। अधिकारियों ने विश्वास जताया कि वे आगे भी इसी लगन, निष्ठा और परिश्रम के साथ कार्य करते हुए एलआईसी की साख को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे। उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अधिकारियों, सहकर्मियों और शुभचिंतकों ने रूकेश पटेल को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल और सफल भविष्य की कामना की। यह सम्मान निश्चय ही उनके समर्पण, मेहनत और सेवा भावना का सशक्त प्रमाण है।

विद्यालय स्तर खेल आयोजन रंगोले में उत्साह और खेल भावना का शानदार प्रदर्शन

ज्ञान शंकर तिवारी   रंगोले। पूर्व माध्यमिक शाला रंगोले में विद्यालय स्तर खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन प्रधान पाठक श्री एस.के. गुप्ता के कुशल मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक–8 के जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि सम्माननीय श्री रुपेश कुमार कंवर द्वारा रिबन काटकर किया गया। शुभारंभ के साथ ही विद्यालय परिसर बच्चों की तालियों और उत्साह से गूंज उठा। आयोजन के दौरान प्राथमिक एवं मिडिल स्कूल के बालक-बालिकाओं ने बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई और खेल भावना का उत्कृष्ट परिचय दिया। प्रतियोगिताओं में लंबी कूद, ऊंची कूद, बोरा दौड़, चम्मच दौड़ एवं फुगड़ी जैसे रोचक खेल शामिल रहे, जिनमें विद्यार्थियों ने पूरे जोश और आत्मविश्वास के साथ प्रदर्शन किया। प्रत्येक खेल में प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहन स्वरूप पुरस्कार देने हेतु नामांकित किया गया, जिससे बच्चों में आगे भी खेलों के प्रति रुचि और प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित हो सके। इस सफल आयोजन को संपन्न कराने में पूर्व माध्यमिक शाला के शिक्षकगण श्री सुबन सिंह पैकरा, श्री विजय कुमार सिंह तंवर, श्री विजय देवांगन, श्रीमती अन्नुलता कंवर, श्रीमती ज्योति महंत, श्री संत लाल यादव एवं श्री चरण दास महंत का विशेष योगदान रहा। सभी शिक्षकों के सहयोग और समर्पण से यह खेल आयोजन विद्यार्थियों के लिए यादगार बन गया।  

सिरमिना क्रिकेट प्रीमियर लीग का भव्य समापन, अमका बनी चैंपियन

सुशील जायसवाल   सिरमिना/कोरबी। विकासखंड पोड़ी उपरोड़ा अंतर्गत दूरस्थ वनांचल ग्राम पंचायत सिरमिना में नववर्ष के अवसर पर आयोजित ग्रामीण स्तरीय क्रिकेट प्रीमियर लीग–2026 का भव्य समापन फाइनल मुकाबले के साथ संपन्न हुआ। प्रतियोगिता का आयोजन 7 जनवरी से 14 दिनों तक किया गया, जिसमें आसपास के क्षेत्रों एवं पड़ोसी जिलों से तीन दर्जन से अधिक टीमों ने भाग लिया। क्रिकेट प्रतियोगिता का रोमांचक फाइनल मुकाबला एमसीबी जिले की अमका टीम एवं कोटया टीम के बीच स्वामी आत्मानंद स्कूल खेल मैदान में खेला गया। दर्शकों से खचाखच भरे मैदान में खेले गए कड़े संघर्षपूर्ण मुकाबले में अमका टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज कर चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया, वहीं कोटया टीम उपविजेता रही। विजेता टीम अमका को मुख्य अतिथियों द्वारा ₹25,000 नगद एवं शील्ड, जबकि उपविजेता टीम कोटया को ₹12,500 नगद एवं शील्ड प्रदान की गई। प्रतियोगिता में तीसरा एवं चौथा स्थान प्राप्त करने वाली टीमों को भी आकर्षक पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार अमका टीम के खिलाड़ी को तथा मैन ऑफ द सीरीज का सम्मान अमन को प्रदान किया गया। समापन समारोह में मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार सिंह, जनपद पंचायत पोड़ी उपरोड़ा अध्यक्ष माधुरी देवी तंवर, उपाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जाखड़, सरपंच संघ ब्लॉक अध्यक्ष एवं भाजपा मंडल अध्यक्ष प्रताप सिंह मरावी, जिला पंचायत सदस्य विद्वान सिंह मरकाम, पूर्व तहसीलदार जेपी सिंह, जनपद सदस्य कमला पेंद्रो, मंडल महामंत्री राकेश जायसवाल, पूर्व मंडल अध्यक्ष रवि मरकाम, ग्राम पंचायत सिरमिना की सरपंच श्रीमती कैलाश श्याम सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि डॉ. पवन कुमार सिंह ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल में हार-जीत जीवन का हिस्सा है, जीत में संयम और हार में धैर्य जरूरी है। उन्होंने मंच से ही ग्राम सिरमिना में सांस्कृतिक मंच निर्माण हेतु ₹5 लाख देने की घोषणा भी की। जनपद उपाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जाखड़ ने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं युवाओं में अनुशासन, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता का विकास करती हैं। मैदान में दर्शकों और खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने के लिए आयोजन समिति द्वारा छक्के एवं शानदार कैच पर डीजे की धुन पर सांस्कृतिक नृत्य कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिससे पूरा मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इस सफल आयोजन में मंच संचालन लालचंद पैंदरो द्वारा किया गया। आयोजन समिति के सदस्यों, स्वयंसेवकों एवं ग्रामवासियों के सहयोग से यह 14 दिवसीय क्रिकेट महोत्सव खेल भावना, अनुशासन और सौहार्द के संदेश के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

रतनपुर में 25 जनवरी को सर्व यादव समाज महिला प्रकोष्ठ का ऐतिहासिक महिला सम्मेलन

✍️ भागीरथी यादव   कोरबा/रतनपुर। सर्व यादव समाज छत्तीसगढ़ महिला प्रकोष्ठ के तत्वावधान में मां भगवती महामाया सिद्ध शक्ति पीठ की पावन धरा रतनपुर, जिला बिलासपुर में ऐतिहासिक महिला सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। यह सम्मेलन रविवार, 25 जनवरी 2026 को प्रातः 11:00 बजे से आयोजित होगा। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती धनमती यादव, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष श्रीमती किरण यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती सविता यादव एवं प्रदेश संगठन महामंत्री श्रीमती गीता यादव के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। महिला सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य प्रदेश महिला संगठन का गठन करना है। संगठन गठन के पश्चात शपथ ग्रहण समारोह भी विधिवत संपन्न किया जाएगा। सम्मेलन के माध्यम से यादव समाज की महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक, आध्यात्मिक एवं राजनीतिक सर्वांगीण विकास को सशक्त करने का संकल्प लिया जाएगा। कार्यक्रम आयोजकों ने यादव समाज की सभी माताओं एवं बहनों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर सम्मेलन को सफल बनाएं। आयोजकों का कहना है कि नारी शक्ति को जागृत कर यादव समाज को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से यह सम्मेलन एक महत्वपूर्ण कदम है। इस संबंध में जिला कोरबा संगठन महामंत्री श्रीमती शांति यादव ने प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि समाज की महिलाओं की सक्रिय सहभागिता ही इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी सफलता होगी।  

पुनर्वास–मुआवजा को लेकर भिलाईखुर्द में जुटे ग्रामीण, जय सिंह अग्रवाल बोले—अन्याय नहीं होने देंगे

✍️ भागीरथी यादव   कोरबा नगर पालिक निगम क्षेत्र अंतर्गत ग्राम भिलाईखुर्द क्रमांक–01 में एसईसीएल से प्रभावित ग्रामीणों के आह्वान पर उनके ग्राम में पुनर्वास एवं मुआवजा प्रकरण को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में पूर्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल उपस्थित रहे। बैठक के दौरान एसईसीएल से प्रभावित ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं, पुनर्वास, मुआवजा एवं अन्य अधिकारों से जुड़े मुद्दों को विस्तार से रखा। पूर्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल ने ग्रामीणों की बातों को गंभीरता से सुना और उन्हें आश्वस्त किया कि उनके संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए वे हरसंभव सहयोग एवं मदद प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रभावित ग्रामीणों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और पुनर्वास एवं मुआवजा संबंधी मामलों को लेकर प्रशासन एवं एसईसीएल प्रबंधन से ठोस स्तर पर बात की जाएगी।

Korba Breaking NH-130 पर रफ्तार का कहर, तान नदी पुल बना हादसे का गवाह देखें वीडियो…

सुशील जायसवाल   गलत साइड से आई पिकअप ने कार को मारी सीधी टक्कर, कार के उड़े परखच्चे—बाल-बाल टली बड़ी अनहोनी कोरबी चोटिया कटघोरा–अंबिकापुर राष्ट्रीय राजमार्ग NH-130 पर सोमवार शाम उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब बांगे थाना क्षेत्र अंतर्गत गुरसिया के पास तान नदी पुल के समीप तेज रफ्तार और लापरवाही ने एक बड़े हादसे को जन्म दे दिया। शाम करीब 6 बजे कार और पिकअप वाहन (TATA MAX) के बीच हुई आमने-सामने की जबरदस्त भिड़ंत में कार के चीथड़े उड़ गए, हालांकि किस्मत अच्छी रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार कटघोरा से अंबिकापुर की ओर जा रही थी, जबकि अंबिकापुर से कटघोरा की दिशा में तेज रफ्तार से आ रही पिकअप वाहन गलत साइड में घुस गई। तान नदी पुल के पास दोनों वाहनों की सीधी टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों वाहन सड़क पर बुरी तरह क्षतिग्रस्त अवस्था में जा गिरे। हादसे के तुरंत बाद मौके पर चीख-पुकार और भगदड़ मच गई। स्थानीय लोगों ने सराहनीय तत्परता दिखाते हुए घायलों को वाहन से बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी। दुर्घटना में पिकअप चालक को मामूली चोटें आईं, जिसे उपचार के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। दुर्घटनाग्रस्त पिकअप वाहन का नंबर CG-08-AJ-1635 बताया गया है। सूचना मिलते ही बांगे थाना पुलिस मौके पर पहुंची, क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाकर यातायात बहाल कराया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 👉 यह हादसा एक बार फिर NH-130 पर तेज रफ्तार और लापरवाही से ड्राइविंग के खतरे की चेतावनी दे गया। देखें वीडियो… 🎥

कोरबा पुलिस में बड़ी कार्रवाई: गैंगरेप पीड़िता की शिकायत न लेने पर दो आरक्षक निलंबित

✍️ भागीरथी यादव   कोरबा, 20 जनवरी। महिलाओं से जुड़े अपराधों के प्रति लापरवाही पर कोरबा पुलिस में कड़ा संदेश देते हुए पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने बांकीमोंगरा थाना में पदस्थ दो आरक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई गैंगरेप पीड़िता की शिकायत दर्ज न करने जैसी गंभीर चूक के चलते की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार आरक्षक क्रमांक 127 राकेश मेहता एवं आरक्षक क्रमांक 771 राजेन्द्र राज पर आरोप है कि गैंगरेप की शिकार महिला न्याय की उम्मीद लेकर थाने पहुंची थी, लेकिन ड्यूटी पर तैनात दोनों आरक्षकों ने न तो उसकी शिकायत दर्ज की और न ही आवेदन लिया। पीड़िता को थाने से लौटा देना पुलिस कर्तव्य का खुला उल्लंघन माना गया। यह मामला हाल ही में सामने आए गैंगरेप प्रकरण से जुड़ा है, जिसमें डायल 112 के चालक और पीड़िता के प्रेमी को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। प्रारंभिक जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि घटना के तुरंत बाद पीड़िता ने पुलिस से मदद मांगी थी, लेकिन उदासीनता के चलते उसकी फरियाद अनसुनी रह गई। मामले की जांच पूरी होने के बाद पुलिस अधीक्षक ने इसे गंभीर लापरवाही करार देते हुए दोनों आरक्षकों को निलंबित करने का आदेश जारी किया। एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “महिलाओं से जुड़े अपराधों में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी चाहे किसी भी पद पर हो, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई तय है।” इस कार्रवाई के बाद जिले के पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। सभी थानों को महिलाओं से संबंधित शिकायतों के त्वरित पंजीयन और संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि पीड़ित की अनदेखी अब किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी।

घरेलू सहायिका निकली चोर, सीसीटीवी ने खोला राज बांकीमोंगरा में सिलसिलेवार चोरी का पुलिस ने किया पर्दाफाश

    कोरबा/बांकीमोंगरा। कोरबा जिले के बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र में एक ही मकान से लगातार हो रही चोरी की घटनाओं का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाली कोई बाहर की नहीं, बल्कि घर में काम करने वाली घरेलू महिला ही थी। पुलिस ने महिला के साथ चोरी का माल खरीदने वाले व्यक्ति को भी गिरफ्तार कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बांकीमोंगरा मुख्य मार्ग स्थित भानु डेंटल क्लिनिक के प्रथम तल में निवासरत कमल किशोर दुबे के घर से बीते कुछ समय से नगदी और जेवरात रहस्यमय तरीके से गायब हो रहे थे। बार-बार सामान गायब होने पर संदेह गहराया, जिसके बाद दुबे ने घर में सीसीटीवी कैमरे लगवाए। कैमरे लगाए जाने की जानकारी घरेलू कामकाज करने वाली महिला माना बाई को नहीं थी। सीसीटीवी लगने के बावजूद चोरी की घटनाएं जारी रहीं। जब फुटेज की जांच की गई तो चौंकाने वाला सच सामने आया—महिला स्वयं चोरी करते हुए कैमरे में कैद हो गई। इसके बाद पीड़ित ने बांकीमोंगरा थाने में शिकायत दर्ज कराई। सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और आरोपी महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में महिला ने चोरी की घटनाओं को स्वीकार करते हुए बताया कि उसने चुराए गए जेवरात पुरुषोत्तम सोनी को बेच दिए थे। पुलिस ने इस आधार पर पुरुषोत्तम सोनी को भी गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने 3600 रुपये नगद, एक जोड़ी झुमके और एक जोड़ी पायल बरामद की है। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है। यह मामला एक बार फिर घरेलू सहायकों के सत्यापन और सतर्कता की जरूरत पर सवाल खड़े करता है।

**SECL दीपका पर संविधान की अनदेखी के आरोप

ज्ञान शंकर तिवारी    भू-विस्थापितों का फूटा आक्रोश — “कोल बेरिंग एक्ट नहीं, मनमानी से चल रहा प्रशासन”** कोरबा। छत्तीसगढ़ की ऊर्जा राजधानी कहे जाने वाले कोरबा जिले में विकास की चकाचौंध के पीछे भू-विस्थापितों का गहरा दर्द अब सड़कों पर उतर आया है। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के दीपका क्षेत्र प्रबंधन पर भारतीय संविधान, कोल बेरिंग एक्ट और पेसा कानून की खुली अवहेलना के गंभीर आरोप लगे हैं। भू-विस्थापितों और मूल निवासियों का कहना है कि दीपका परियोजना में कानून नहीं, बल्कि “तानाशाही सोच” से फैसले थोपे जा रहे हैं। ग्रामीणों ने दो टूक कहा है — “हमारे लिए संविधान सर्वोपरि है और न्यायालय ही हमारे मंदिर हैं, लेकिन SECL प्रबंधन इसे मानने को तैयार नहीं।” अनुसूचित क्षेत्र में कानून की अनदेखी का आरोप कोरबा जिला भारतीय संविधान की पाँचवीं अनुसूची के अंतर्गत पूर्ण रूप से अनुसूचित क्षेत्र घोषित है। यहां पेसा कानून (PESA Act, 1996) लागू होता है, जिसके तहत जल-जंगल-जमीन पर ग्राम सभा को निर्णायक अधिकार प्राप्त हैं। आरोप है कि दीपका विस्तार परियोजना में ग्राम सभाओं की सहमति के बिना ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई, जो सीधे-सीधे संविधान और पेसा कानून का उल्लंघन है। आंदोलन की आग को हवा देने वाले मुख्य मुद्दे भेदभाव का आरोप भू-विस्थापितों का कहना है कि SECL प्रबंधन SC-ST-OBC वर्ग के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपना रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि यहां कोल बेरिंग एक्ट 1957 की जगह “हिटलरशाही” और “मनमानी नीति” से फैसले लिए जा रहे हैं। भूमि अधिग्रहण और मुआवजा विवाद कोल बेरिंग एक्ट के अनुसार यदि किसी गांव की अधिकांश जमीन अधिग्रहित हो जाती है, तो शेष भूमि भी अनुपयोगी हो जाती है, ऐसी स्थिति में पूरी जमीन का मुआवजा, नौकरी और पुनर्वास अनिवार्य है। ग्रामीणों का दावा है कि SECL इन प्रावधानों को जानबूझकर नजरअंदाज कर रहा है। खनन के बाद जमीन वापसी का नियम ठंडे बस्ते में नियमों के मुताबिक खनन के बाद जमीन को 5 फीट उपजाऊ मिट्टी डालकर किसानों को लौटाना होता है, लेकिन धरातल पर इसका पालन कहीं नजर नहीं आता। 1991-92 पुनर्वास नीति लागू करने की मांग प्रदर्शनकारियों की स्पष्ट मांग है कि 1991-92 की पुनर्वास नीति के तहत हर खाताधारी और पट्टाधारी को नौकरी दी जाए, चाहे उसकी जमीन एक-दो डिसमिल ही क्यों न हो। हरदी बाजार भू-अधिग्रहण बना टकराव का केंद्र दीपका विस्तार परियोजना के तहत ग्राम हरदी बाजार में जारी भूमि अधिग्रहण को ग्रामीणों ने पूरी तरह अवैध बताया है। प्रशासन द्वारा निर्माण रोकने के लिए जारी नोटिस को ग्रामीणों ने सिरे से खारिज कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि — धारा 3-4 के प्रकाशन से पहले कोई त्रिपक्षीय बैठक नहीं हुई वर्ष 2002 से 2022 तक की पूरी अधिग्रहण प्रक्रिया शून्य और अवैध है मुआवजा 2025-26 की नई गाइडलाइन के अनुसार दिया जाए गाइडलाइन रेट्स का तुलनात्मक आंकड़ा 2019-20: बिना कॉलम मकान ₹662 कॉलम वाला ₹828 प्रति वर्गफुट 2024-25: बिना कॉलम ₹1150 कॉलम वाला ₹1750 2025-26 (वर्तमान): RCC मकान ₹1150 स्कूल/दुकान ₹1700 गोदाम ₹1550 प्रति वर्गफुट ग्रामीणों का कहना है कि इन्हीं दरों पर मुआवजा मिलना चाहिए। ग्रामीणों की दो टूक चेतावनी (बाइट) “जब दीपका प्रोजेक्ट की ब्लास्टिंग से हमारे घर जर्जर हो रहे हैं, तो मरम्मत पर रोक क्यों? जब अधिग्रहण ही अवैध है, तो नोटिस भी अवैध है। हम इसे स्वीकार नहीं करेंगे।” ‘हड़प नीति’ का आरोप, कानूनी लड़ाई की तैयारी समाजसेवी मनीराम भारती ने SECL की कार्यप्रणाली की तुलना अंग्रेजों की ‘हड़प नीति’ से करते हुए इसे असंवैधानिक बताया है। मनीराम भारती का बयान: “SECL विस्तार के नाम पर किसानों की संपत्ति हड़प रहा है। यदि संविधान और कानून के अनुसार मुआवजा व बसाहट नहीं दी गई, तो माननीय न्यायालय इस अवैध अधिग्रहण को ध्वस्त कर देगा।” इस संबंध में मांग पत्र और विरोध की प्रतियां 📌 कलेक्टर कोरबा 📌 एसडीएम पाली 📌 तहसीलदार हरदी बाजार 📌 SECL दीपका क्षेत्र के महाप्रबंधक को सौंप दी गई हैं।

समय से पहले बंद मिला आयुष्मान आरोग्य मंदिर, मरीज लौटे मायूस स्टाफ नदारद, स्वास्थ्य सेवाओं पर उठे सवाल

ज्ञान शंकर तिवारी     कोरबा। कोरबा जिले के मुड़ापार स्थित शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर में स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल सोमवार शाम उस समय खुल गई, जब निर्धारित समय के भीतर पहुंचे मरीजों को केंद्र का मुख्य द्वार बंद मिला। शाम करीब 7:00 बजे स्वास्थ्य केंद्र पर ताला लटका हुआ था, जबकि डॉक्टर एवं अन्य स्टाफ पूरी तरह अनुपस्थित पाए गए। इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचे मरीजों को बिना उपचार लौटना पड़ा। सबसे अधिक परेशानी महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को झेलनी पड़ी, जो देर शाम तक केंद्र खुलने का इंतजार करते रहे। कई मरीजों ने बताया कि नियमित समय में भी स्टाफ की अनुपस्थिति अब आम बात हो चुकी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई बार समय से पहले स्वास्थ्य केंद्र बंद मिलने की शिकायतें सामने आ चुकी हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। घटना से नाराज क्षेत्रवासियों ने जिला स्वास्थ्य प्रशासन से मांग की है कि लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं, केंद्र की नियमित निगरानी की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि आम जनता को शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ मिल सके। अब सवाल यह है कि आम जनता के लिए खोले गए आयुष्मान आरोग्य मंदिर आखिर किसके भरोसे चल रहे हैं? यदि समय पर इलाज नहीं मिला, तो “स्वास्थ्य सुरक्षा” की मंशा केवल कागजों तक ही सीमित रह जाएगी।

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ग्रामीणों को दस्तावेज उपलब्ध कराने सैचुरेशन शिविर आयोजित करें – कलेक्टर संबित मिश्रा