**छिंदपुर में लो-वोल्टेज का कहर, जनजीवन अस्त-व्यस्त

ज्ञान शंकर तिवारी    10 दिन में समाधान नहीं तो CSPDCL कार्यालय का घेराव तय** कोरबा/पाली (लोक सदन)। पाली विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत छिंदपुर में जर्जर विद्युत व्यवस्था ग्रामीणों के लिए गंभीर संकट बन गई है। उपस्वास्थ्य केंद्र से लेकर प्राथमिक शाला तक महज एक सिंगल केबल के सहारे बिजली आपूर्ति की जा रही है, जिससे लगातार ओवरलोड और लो-वोल्टेज की स्थिति निर्मित हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि इसी एक केबल पर वेल्डिंग मशीन जैसे भारी उपकरण चलाए जाने से वोल्टेज बार-बार गिर रहा है। नतीजतन मोटर पंप बंद हो जा रहे हैं और घंटों बिजली गुल रहती है। इससे पेयजल आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाएं और स्कूली गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। समस्या को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता कृष्णानंद राठौर ने बताया कि करीब चार माह पूर्व CSPDCL दीपका कार्यालय में सहायक अभियंता को लिखित शिकायत सौंपी गई थी, लेकिन आज तक कोई ठोस पहल नहीं की गई। विभागीय उदासीनता से ग्रामीणों में आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों की ओर से कार्यपालन अभियंता, CSPDCL कोरबा को ज्ञापन सौंपकर मांग की गई है कि छिंदपुर में अलग से नई विद्युत केबल लाइन बिछाई जाए, जिससे ओवरलोड और लो-वोल्टेज की समस्या का स्थायी समाधान हो सके। ज्ञापन में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि 10 दिनों के भीतर समस्या का निराकरण नहीं किया गया, तो ग्रामीण CSPDCL दीपका कार्यालय का घेराव करेंगे, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी विभाग की होगी। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है, ताकि गांव को इस लंबे समय से चली आ रही समस्या से राहत मिल सके।

पाली | धवईहापारा में राज्य स्तरीय कबड्डी महाकुंभ का भव्य समापन, खेल भावना और जनउत्साह का अद्भुत संगम

ज्ञान शंकर तिवारी   पाली विकासखंड के ग्राम धवईहापारा में आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता का समापन 18 जनवरी की देर रात लगभग 12 बजे फाइनल मुकाबले के साथ भव्य और रोमांचक अंदाज़ में हुआ। ठंड और देर रात के बावजूद बड़ी संख्या में दर्शकों की मौजूदगी ने आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। पूरा क्षेत्र खेल उत्सव और जोश से सराबोर नजर आया। प्रतियोगिता में राज्य के विभिन्न गांवों से आई टीमों ने उत्कृष्ट खेल कौशल, अनुशासन और जुझारूपन का शानदार प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों की ऊर्जा और समर्पण ने यह स्पष्ट कर दिया कि ग्रामीण अंचलों में भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतिभाएं मौजूद हैं, जिन्हें सही मंच और प्रोत्साहन मिलने की आवश्यकता है। प्रतियोगिता के परिणाम 🥇 प्रथम स्थान : हरनमुंडी 🥈 द्वितीय स्थान : बिंझरापारा 🥉 तृतीय स्थान : देवगांव 🏅 चतुर्थ स्थान : धवईहापारा व्यक्तिगत पुरस्कार ⭐ बेस्ट रेडर : मनीष उईके (हरनमुंडी) ⭐ बेस्ट केचर : संदीप मरावी (हरनमुंडी) ⭐ बेस्ट ऑलराउंडर : मनोज पटेल (देवगांव) फाइनल मुकाबला दर्शकों के लिए सांसें रोक देने वाला रहा। दोनों टीमों ने अंतिम क्षण तक कड़ा संघर्ष किया। तालियों की गड़गड़ाहट और उत्साहवर्धन के नारों ने खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया और मुकाबले को यादगार बना दिया। जनसेवा और खेल प्रोत्साहन की मिसाल बने कौशल नेटी इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र क्रमांक 09, श्री कौशल नेटी की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की शोभा बढ़ाई। उन्होंने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में युवाओं को अनुशासन, संघर्ष, मेहनत और लक्ष्य के प्रति निष्ठा का संदेश दिया। कार्यक्रम का सबसे सराहनीय पहलू तब सामने आया, जब श्री नेटी ने बिना किसी औपचारिक घोषणा के अपनी ओर से आयोजन समिति को ₹5000 की सहयोग राशि प्रदान की। उनकी यह पहल उनके सरल स्वभाव, खेल प्रेम और जनसेवा की भावना को दर्शाती है। आयोजकों एवं क्षेत्रवासियों ने इस सहयोग के लिए उनका हृदय से आभार व्यक्त किया। जनता के विश्वास पर खरे उतरते जनप्रतिनिधि उल्लेखनीय है कि कौशल नेटी ने पुलिस विभाग में सेवा देने के बाद अपने पद से इस्तीफा देकर जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा। जनता और युवाओं ने उन पर भरोसा जताया और आज वे उस विश्वास पर खरे उतरते हुए क्षेत्र में आयोजित सामाजिक, खेल एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनकी सहभागिता से क्षेत्र में सकारात्मक और प्रेरक संदेश जा रहा है। धवईहापारा की यह राज्य स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता न केवल खेल आयोजन रही, बल्कि ग्रामीण प्रतिभा, सामाजिक सहभागिता और जनप्रतिनिधियों की सक्रियता का जीवंत उदाहरण बनकर उभरी।

कानून के रक्षक पर दाग: कटघोरा थाने में पदस्थ एसआई पर छेड़खानी का मामला, गिरफ्तार

✍️ भागीरथी यादव  वर्दी की आड़ में धमकी और उत्पीड़न का आरोप, न्यायिक रिमांड पर भेजा गया कोरबा। जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने पुलिस महकमे की साख पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कटघोरा थाना क्षेत्र में पदस्थ सब-इंस्पेक्टर शिव प्रसाद कोसरिया के खिलाफ उसी थाने में छेड़खानी का अपराध दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी एसआई को न्यायालय में पेश किए जाने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पीड़िता महिला ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि आरोपी एसआई उसके पति को अवैध शराब के मामले में जेल भेजने की धमकी देकर लगातार फोन पर परेशान करता था। महिला के अनुसार, आरोपी ने अपने पद और प्रभाव का दुरुपयोग करते हुए उस पर दबाव बनाया और भय का माहौल पैदा किया। मामला रविवार रात और गंभीर हो गया, जब आरोप है कि एसआई शराब के नशे में महिला के घर पहुंचा और जबरन छेड़खानी करने की कोशिश की। घटना से डरी महिला ने साहस दिखाते हुए थाने पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की लिखित शिकायत दर्ज कराई। महिला की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने बीएनएस की धारा 354 के तहत मामला दर्ज किया और आरोपी सब-इंस्पेक्टर को तत्काल हिरासत में ले लिया। बाद में उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर भेजने के आदेश दिए गए। कटघोरा थाना प्रभारी डीएन तिवारी ने बताया कि प्रकरण में कानून के अनुसार त्वरित कार्रवाई की गई है। आरोपी एसआई की गिरफ्तारी के साथ ही आगे की जांच जारी है। इस घटना से जिले भर में चर्चा का माहौल है। वर्दीधारी अधिकारी पर लगे गंभीर आरोपों ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जब कानून के रक्षक ही कानून तोड़ें, तो आम जनता की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी। पुलिस प्रशासन के लिए यह मामला बड़ी परीक्षा बन गया है।

जनता की आवाज बने पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, उनके हस्तक्षेप से खुला स्याहीमुड़ी–रामनगर मार्ग

✍️ भागीरथी यादव     सीएसईबी इरेक्टर हॉस्टल में हुई बैठक, 6 फीट सड़क खोलने का निर्णय कोरबा (दर्री)। कोरबा जिले के दर्री क्षेत्र अंतर्गत स्याहीमुड़ी–रामनगर से सीएसईबी कॉलोनी जाने वाला महत्वपूर्ण मार्ग सीएसईबी प्रबंधन द्वारा मलबा डालकर बंद कर दिया गया था। इस मनमाने निर्णय से सैकड़ों स्थानीय नागरिकों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया था। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और आपातकालीन सेवाओं को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। सीएसईबी प्रबंधन की उदासीनता से निराश स्थानीय निवासियों ने पूर्व राजस्व मंत्री एवं वरिष्ठ जननेता श्री जयसिंह अग्रवाल पर भरोसा जताते हुए अपनी पीड़ा उनके समक्ष रखी। सूचना मिलते ही जयसिंह अग्रवाल ने बिना किसी देरी के मोर्चा संभाला और सीएसईबी के उच्च अधिकारियों से सीधे बातचीत कर जनहित का पक्ष मजबूती से रखा। पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल के हस्तक्षेप के बाद सीएसईबी इरेक्टर हॉस्टल में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें मुख्य अभियंता, अतिरिक्त मुख्य अभियंता, आरसीएफ सहित सीएसईबी के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में जनहित से जुड़े सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के उपरांत आपसी सहमति से यह निर्णय लिया गया कि स्याहीमुड़ी–रामनगर से सीएसईबी कॉलोनी की ओर न्यूनतम 6 फीट चौड़ी सड़क तत्काल खोली जाएगी, ताकि स्थानीय लोगों की आवाजाही पुनः सुचारू रूप से बहाल हो सके। महज औपचारिकता तक सीमित न रहकर पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल स्वयं मौके पर पहुंचे, स्थानीय नागरिकों के साथ खड़े होकर स्थिति का जायजा लिया  निर्णय को जमीन पर उतरवाया। उनके इस जमीनी, संवेदनशील और निर्भीक नेतृत्व से क्षेत्रवासियों में नया विश्वास जगा है। स्थानीय लोगों ने एक स्वर में कहा कि जयसिंह अग्रवाल सत्ता में न होते हुए भी जनता के लिए ढाल बनकर खड़े रहते हैं। उन्होंने यह साबित कर दिया कि सच्चा जननेता वही होता है, जो हर परिस्थिति में आम आदमी के साथ खड़ा हो। क्षेत्रवासियों ने पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल का आभार व्यक्त करते हुए सीएसईबी प्रबंधन से भविष्य में बिना वैकल्पिक व्यवस्था दिए किसी भी जनमार्ग को अवरुद्ध न करने की मांग भी की है।

राजस्व भूमि पर अवैध कब्जों का खुला खेल, प्रशासन मौन ग्राम पंचायत चैतमा में शासकीय जमीनें तेजी से हो रहीं गायब

ज्ञान शंकर तिवारी   कोरबा/पाली। जिला कोरबा की तहसील पाली अंतर्गत ग्राम पंचायत चैतमा में शासकीय (राजस्व) भूमि पर अवैध कब्जा अब एक-दो मामलों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह एक संगठित और बेखौफ गतिविधि का रूप ले चुका है। स्थिति यह है कि ग्राम पंचायत, राजस्व विभाग और संबंधित अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी मूकदर्शक बने हुए हैं। ग्रामीणों के अनुसार ग्राम पंचायत चैतमा में शासकीय भूमि पर कब्जा कर न केवल मकान बनाए जा रहे हैं, बल्कि उन्हें खुलेआम खरीदा-बेचा भी जा रहा है। शिकायतों के बावजूद न तो अवैध निर्माण रोका जा रहा है और न ही किसी पर ठोस कार्रवाई हो रही है। खसरा नंबर 76/1क बना अवैध निर्माण का केंद्र ताजा मामला शासकीय भूमि खसरा नंबर 76/1क, रकबा 17.3590 हेक्टेयर का है। बताया जा रहा है कि यह भूमि पहले बेलतरा निवासी द्वारा अवैध रूप से खरीदी गई और बाद में तीसरे व्यक्ति को बेचकर कब्जा सौंप दिया गया। इसके बाद रातों-रात मकान निर्माण शुरू कर दिया गया। सरपंच द्वारा मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य रोकने को कहा गया, लेकिन इसके बावजूद निर्माण जारी है। इससे स्पष्ट है कि अवैध कब्जाधारियों को न प्रशासन का डर है और न ही कानून का। पहले भी हो चुकी हैं शिकायतें, कार्रवाई शून्य यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी पंचायत प्रतिनिधियों और जागरूक नागरिकों ने अवैध कब्जों की लिखित शिकायत तहसीलदार पाली एवं अनुविभागीय अधिकारी (एसडीओ) पाली से की थी। बावजूद इसके अवैध निर्माण पूरे हुए और आज वहां पक्के मकान खड़े हैं। इस निष्क्रियता ने अवैध कब्जाधारियों के हौसले और बुलंद कर दिए हैं। आरक्षित भूमि तक सुरक्षित नहीं ग्रामीणों का आरोप है कि चैतमा में केवल एक ही खसरा नंबर नहीं, बल्कि शासकीय भवन हेतु आरक्षित भूमि, देवस्थल की जमीन, वन विभाग के लिए आरक्षित भूमि तक पर अवैध कब्जा कर बिक्री की जा चुकी है। हैरानी की बात यह है कि इन गंभीर मामलों में भी अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। कलेक्टर के आदेश की उड़ रही धज्जियां कुछ समय पूर्व कलेक्टर कोरबा द्वारा स्पष्ट आदेश जारी किया गया था कि सभी शासकीय भूमियों पर खसरा नंबर और रकबा सहित सूचना बोर्ड लगाए जाएं, ताकि भूमि की पहचान स्पष्ट हो सके। लेकिन ग्राम पंचायत चैतमा में आज तक एक भी शासकीय भूमि पर बोर्ड नहीं लगाया गया, जिससे संदेह और गहरा हो गया है। ग्रामीणों की चेतावनी ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने सख्त कदम नहीं उठाए, तो आने वाले समय में ग्राम पंचायत चैतमा में एक इंच भी शासकीय भूमि नहीं बचेगी। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि तत्काल अवैध निर्माण रोका जाए, दोषी कब्जाधारियों पर कड़ी कार्रवाई हो, और सभी शासकीय भूमियों पर बोर्ड लगाकर भूमि को सुरक्षित किया जाए। अब बड़ा सवाल यह है कि राजस्व विभाग कब जागेगा? या फिर शासकीय भूमि पर अवैध कब्जों का यह खेल यूं ही चलता रहेगा?

कोरबा : मन्दयन्ति कप 2026 का भव्य शुभारंभ, देशभर की टीमें ले रहीं हिस्सा

✍️ भागीरथी यादव   कोरबा। मन्दयन्ति स्पोर्ट्स सोसायटी कोरबा के तत्वावधान में आयोजित अखिल भारतीय ड्यूज बॉल क्रिकेट प्रतियोगिता “मन्दयन्ति कप 2026” का शुभारंभ आज 18 जनवरी 2026 को सेंट्रल स्टेडियम, एसईसीएल में भव्य रूप से संपन्न हुआ। प्रतियोगिता का उद्घाटन पूर्व राजस्व मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल ने मुख्य अतिथि के रूप में किया। इस प्रतिष्ठित क्रिकेट प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों उड़ीसा, झारखंड, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र एवं छत्तीसगढ़ की टीमें भाग ले रही हैं। टूर्नामेंट के शुभारंभ के साथ ही खिलाड़ियों और दर्शकों में खासा उत्साह देखने को मिला। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व राजस्व मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल ने मन्दयन्ति स्पोर्ट्स सोसायटी के पदाधिकारियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के खेल आयोजन जिले के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने और आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों को नववर्ष की शुभकामनाएं भी दीं। शुभारंभ अवसर पर मन्दयन्ति स्पोर्ट्स सोसायटी के अध्यक्ष श्री विकास सिंह सहित अशोक लोध, महेंद्र सिंह, सुनील शर्मा, राजेंद्र तिवारी, अंकित वर्मा, अनिल प्रजापति, भुनेश्वर कश्यप, युवा कांग्रेस अध्यक्ष राकेश पंकज, बृजभूषण प्रसाद, अमित सिंह, आकाश प्रजापति, नितेश यादव, नारायण यादव, अश्वनी पटेल सहित बड़ी संख्या में खेल प्रेमी एवं दर्शकगण उपस्थित रहे। मन्दयन्ति कप के आयोजन से क्षेत्र में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन की पहल से भिलाई खुर्द के 300 भूविस्थापितों को मिला न्याय

एसईसीएल ने मकानों के मुआवजे व बसाहट के लिए प्रति परिवार 6.78 लाख देने पर दी सहमति कोरबा। कैबिनेट मंत्री एवं कोरबा नगर विधायक श्री लखन लाल देवांगन की पहल पर मानिकपुर खदान क्षेत्र के ग्राम भिलाई खुर्द के लगभग 300 भूविस्थापित परिवारों के मुआवजे का रास्ता आखिरकार खुल गया है। वर्षों से लंबित इस मामले में एसईसीएल (साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) ने मकानों के मुआवजे, बसाहट एवं शिफ्टिंग सहायता देने पर लिखित सहमति प्रदान की है। शुक्रवार को एसईसीएल विश्राम गृह, कोरबा में आयोजित बैठक में मंत्री श्री देवांगन की अध्यक्षता में भूविस्थापितों, जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों एवं एसईसीएल प्रबंधन के बीच विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि 50 वर्ष पूर्व खदान के लिए भूमि अधिग्रहण के बाद अब बिना उचित मुआवजा दिए बस्ती खाली कराना पूरी तरह गलत है। मंत्री श्री देवांगन ने भूविस्थापितों की मांग को मजबूती से रखते हुए कहा कि इतने वर्षों में एक ही भू-धारक के कई परिवार बन चुके हैं, इसलिए मुआवजा एक जमीन मालिक नहीं, बल्कि प्रत्येक परिवार के आधार पर दिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि देश की ऊर्जा आवश्यकताओं के लिए कोयला महत्वपूर्ण है, लेकिन विकास के साथ विस्थापितों के अधिकारों की रक्षा भी उतनी ही जरूरी है। मंत्री के हस्तक्षेप के बाद एसईसीएल प्रबंधन ने बैठक में ही तीन अहम निर्णयों की घोषणा की— सभी भूविस्थापित परिवारों के मकान एवं परिसंपत्तियों का मूल्यांकन कर मुआवजा दिया जाएगा। बसाहट एवं विस्थापन हेतु प्रति परिवार 6.78 लाख रुपये प्रदान किए जाएंगे। मानिकपुर खदान की आउटसोर्सिंग कंपनियों में भूविस्थापितों को रोजगार में प्राथमिकता दी जाएगी। एसईसीएल के इन निर्णयों का ग्राम भिलाई खुर्द के भूविस्थापितों ने स्वागत करते हुए मंत्री श्री लखन लाल देवांगन के प्रति आभार व्यक्त किया। वहीं मंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देशित किया कि सभी परिवारों की बारीकी से गणना कर शीघ्र मुआवजा वितरण की प्रक्रिया पूरी की जाए। बैठक में यह भी सहमति बनी कि मुआवजे के साथ-साथ ठेका कंपनियों में रोजगार के अवसरों में भी भूविस्थापितों को प्राथमिकता दी जाएगी।  

घने जंगलों के ऊपर चार दिनों से हवाई सर्वे, कोरबा में बढ़ी हलचल देखे वीडियो

✍️ भागीरथी यादव     रानी अटारी–विजय वेस्ट कोल माइंस क्षेत्र बना चर्चा का केंद्र कोरबा | ऊर्जाधानी कोरबा एक बार फिर रहस्यमय गतिविधियों को लेकर सुर्खियों में है। जिले के रानी अटारी और विजय वेस्ट कोल माइंस क्षेत्र के घने जंगलों के ऊपर बीते चार दिनों से लगातार हवाई सर्वेक्षण किए जाने से पूरे इलाके में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।   प्राप्त जानकारी के अनुसार यह हवाई सर्वे कोसाई पर्वत से लेकर पसान क्षेत्र तक किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस क्षेत्र में यूरेनियम, कॉपर सहित अन्य दुर्लभ खनिजों की मौजूदगी की संभावनाओं को लेकर आधुनिक तकनीक से अध्ययन किया जा रहा है। हालांकि प्रशासन या खनिज विभाग की ओर से अब तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सर्वे बेहद गोपनीय तरीके से किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों में चिंता और तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। ग्रामीणों को आशंका है कि यह सर्वे कहीं प्रस्तावित रेलवे लाइन के निर्माण या नए खनन परियोजनाओं से जुड़ा न हो। बताया जा रहा है कि पेंड्रा रोड से दीपका तक प्रस्तावित रेलवे लाइन को लेकर भी जंगल क्षेत्रों—बीजा डांड, पुटी पखना, अडसरा, सिंदूरगढ़, धवलपुर, रानी अटारी और विजय वेस्ट कोल माइंस—में गुप्त सर्वे किए जाने की चर्चाएं जोरों पर हैं। गौरतलब है कि हाल ही में रुगंटा कंपनी द्वारा प्रस्तावित नए खदानों के विरोध में ग्राम संगठन और ग्रामीणों द्वारा आंदोलन भी शुरू किया गया है। ऐसे में हवाई सर्वेक्षण की टाइमिंग ने संदेह को और गहरा कर दिया है। यदि इन क्षेत्रों में दुर्लभ खनिजों की पुष्टि होती है, तो कोरबा जिले का सामरिक और आर्थिक महत्व राष्ट्रीय स्तर पर और बढ़ सकता है। फिलहाल प्रशासन की चुप्पी और आसमान में उड़ते विमान ग्रामीणों के बीच बेचैनी का कारण बने हुए हैं।

कटघोरा वन मंडल में अखिल भारतीय बाघ आकलन–2026 को लेकर प्रशिक्षण सह कार्यशाला आयोजित

सुशील जायसवाल   कोरबा (कोरबी चोटिया)। कटघोरा वन मंडल के अंतर्गत पसान एवं केंदई वन परिक्षेत्र में अखिल भारतीय बाघ आकलन–2026 के सफल क्रियान्वयन को लेकर एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम परिक्षेत्र कार्यालयों में संपन्न हुआ, जिसमें वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। प्रशिक्षण कार्यक्रम में कटघोरा वन मंडल के प्रशिक्षु वन क्षेत्रपाल, विभिन्न परिक्षेत्रों के परिक्षेत्र अधिकारी, परिक्षेत्र सहायक एवं वन रक्षक उपस्थित रहे। कार्यशाला के दौरान बाघ आकलन की नवीन पद्धतियों, फील्ड डाटा संग्रह, ट्रैक सर्वे, कैमरा ट्रैपिंग, तथा जैव विविधता संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यशाला का उद्देश्य बाघ गणना प्रक्रिया को वैज्ञानिक एवं प्रभावी ढंग से संपन्न करना, साथ ही वन कर्मियों की क्षमता में वृद्धि करना रहा। अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के प्रशिक्षण से जमीनी स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों को आकलन कार्य में बेहतर समन्वय और सटीकता प्राप्त होगी। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने बाघ संरक्षण एवं वन्यजीव प्रबंधन को लेकर अपने अनुभव साझा किए और आगामी बाघ आकलन को सफल बनाने का संकल्प लिया।

कटघोरा किसान मेला 2026 से पहले विवादों की आहट

  गुपचुप वाहन स्टैंड आबंटन पर उठे सवाल, नगर पालिका की भूमिका संदेह के घेरे में** कोरबा/कटघोरा | 16 जनवरी 2026 कटघोरा में गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाला बहुप्रतीक्षित किसान मेला 2026 इस बार शुभारंभ से पहले ही विवादों में घिरता नजर आ रहा है। मेला मैदान में झूलों और अन्य व्यवस्थाओं का काम तेज़ी से जारी है, वहीं 26 जनवरी से शुरू होने वाले इस आयोजन को लेकर नगर में उत्साह का माहौल बना हुआ है। लेकिन इसी बीच वाहन स्टैंड के आबंटन को लेकर नगर पालिका परिषद पर गंभीर आरोप लगने लगे हैं, जिससे मेले की छवि पर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रत्येक वर्ष की तरह इस बार भी नगर पालिका परिषद द्वारा मेला परिसर के बाहर वाहन स्टैंड का आबंटन किया जाना है। पूर्व वर्षों में यह प्रक्रिया खुली निविदा (ओपन टेंडर) के माध्यम से होती रही है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती थी और नगर पालिका को अधिकतम राजस्व की प्राप्ति होती थी। लेकिन सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस वर्ष नगर पालिका परिषद द्वारा वाहन स्टैंड का आबंटन गुपचुप तरीके से, बिना ओपन टेंडर और बिना सार्वजनिक सूचना के करने की तैयारी की जा रही है। आरोप है कि यह आबंटन आपसी सहमति और कथित साठगांठ के आधार पर किसी चहेते व्यक्ति को सौंपा जा सकता है। इस संभावित निर्णय से वाहन स्टैंड संचालन में रुचि रखने वाले ठेकेदारों और स्थानीय नागरिकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। इच्छुक लोगों का कहना है कि यदि ओपन निविदा प्रक्रिया अपनाई जाती है तो सभी को समान अवसर मिलेगा और नगर पालिका की आय में भी वृद्धि होगी। वहीं, गुपचुप तरीके से किया गया आबंटन न केवल नियमों के विरुद्ध है, बल्कि इससे भ्रष्टाचार की आशंका भी प्रबल हो जाती है। आक्रोशित नागरिकों ने साफ शब्दों में कहा है कि वाहन स्टैंड जैसा महत्वपूर्ण और लाभदायक कार्य पारदर्शी प्रक्रिया के तहत ही होना चाहिए, न कि किसी विशेष व्यक्ति को लाभ पहुंचाने के लिए। इस मुद्दे को लेकर नगर में नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ माहौल गरमाता जा रहा है। गौरतलब है कि कटघोरा का किसान मेला केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में लोग इसमें शामिल होते हैं। ऐसे में वाहन स्टैंड की व्यवस्था मेला संचालन की एक अहम कड़ी मानी जाती है। अब देखने वाली बात यह होगी कि नगर पालिका परिषद जनता के आक्रोश को गंभीरता से लेते हुए ओपन टेंडर प्रक्रिया अपनाती है या नहीं, अथवा किसान मेला 2026 इस बार भी विवादों और आरोप-प्रत्यारोप के साए में शुरू होता है।

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