कोरबा ब्रेकिंग: दीवार गिरने से डेढ़ वर्षीय मासूम की मौत, आक्रोशित परिजनों ने किया चक्काजाम
कोरबा। शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत लक्ष्मण बन तालाब के समीप एक दर्दनाक हादसे में डेढ़ वर्षीय मासूम की जान चली गई। निर्माणाधीन आवासीय फ्लैट के पीछे खाली जमीन पर बनी बाउंड्री वॉल का एक हिस्सा अचानक ढह गया, जिसकी चपेट में आकर तीन लोग मलबे में दब गए। हादसे में घायल डेढ़ वर्षीय गणेश कर्ष को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं दो अन्य युवक गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं और उनका इलाज जारी है। लापरवाही का आरोप प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि जेसीबी ऑपरेटर द्वारा असावधानीपूर्वक कार्य किया जा रहा था। मौके पर सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया, जिसके चलते दीवार का हिस्सा भरभराकर गिर पड़ा। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। आक्रोश में फूटा गुस्सा मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिजनों और बस्तीवासियों में भारी आक्रोश फैल गया। पहले से ही लापरवाही को लेकर नाराज लोग बड़ी संख्या में थाना कोतवाली पहुंचे और जिम्मेदारों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। इसके बाद आक्रोशित लोगों ने ओवरब्रिज और मुख्य मार्ग पर बैठकर चक्काजाम कर दिया, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। समाचार लिखे जाने तक मार्ग पर लोगों की भीड़ जुटी हुई है और आवागमन प्रभावित है। पुलिस कर रही समझाइश पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। परिजन और स्थानीय लोग दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई तथा मृतक के परिवार को मुआवजा देने की मांग पर अड़े हुए हैं। फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, लेकिन पुलिस हालात को नियंत्रित करने में जुटी है।
जटगा पुलिस ने चलाया ‘सतर्क कोरबा’ जागरूकता अभियान
कोरबा/जटगा: वर्तमान समय में बढ़ते डिजिटल अपराधों और ऑनलाइन ठगी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए कोरबा पुलिस अब ‘एक्शन मोड’ में है। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के कुशल निर्देशन में पूरे जिले में ‘सतर्क कोरबा’ अभियान के तहत जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जटगा पुलिस ने स्थानीय स्तर पर सघन अभियान चलाकर ग्रामीणों और नागरिकों को साइबर सुरक्षा के गुर सिखाए। सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव जटगा पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे अपनी निजी वित्तीय जानकारी को पूरी तरह गोपनीय रखें। पुलिस ने सख्त लहजे में कहा है कि: अपना ओटीपी (OTP), एटीएम पिन, या बैंक विवरण किसी को न बताएं। अपरिचितों द्वारा भेजे गए संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें। किसी भी अनजान व्यक्ति से बैंक खाते या चेकबुक की जानकारी साझा करना न केवल जोखिम भरा है, बल्कि जांच के दायरे में आने पर यह मुसीबत का सबब भी बन सकता है। ठगों के नए पैंतरे: लालच और डर का खेल जटगा चौकी प्रभारी कुवर साय पैकरा ने ठगी के तरीकों का खुलासा करते हुए बताया कि अपराधी अब मनोवैज्ञानिक तरीके अपना रहे हैं। उन्होंने कहा: “ठग गिरोह कभी रकम दोगुनी करने का लालच देते हैं, तो कभी खुद को बैंक अधिकारी या पुलिस ऑफिसर बताकर लोगों को कानूनी कार्रवाई का डर दिखाते हैं। जनता को यह समझने की जरूरत है कि कोई भी बैंक या सरकारी संस्थान फोन पर आपकी निजी जानकारी या पैसे की मांग नहीं करता।” त्वरित सहायता के लिए डायल करें 1930 पुलिस ने ग्रामीणों को समझाइश दी है कि यदि वे किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी का शिकार होते हैं, तो बिना देर किए तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या नजदीकी साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराएं। समय पर दी गई सूचना से ठगी गई राशि को फ्रीज (रोकने) कराने में मदद मिलती है। कोरबा पुलिस का स्पष्ट संदेश: “आपकी सतर्कता ही आपकी सुरक्षा है। जागरूक रहें और ठगों के झांसे में न आएं।”
योनेक्स–सनराइज 24वीं छत्तीसगढ़ राज्य मास्टर्स बैडमिंटन चैम्पियनशिप में पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने बढ़ाया खिलाड़ियों का उत्साह
✍️ भागीरथी यादव कोरबा। कोरबा डिस्ट्रिक्ट बैडमिंटन एसोसिएशन द्वारा एकलव्य स्पोर्ट्स एरीना में आयोजित योनेक्स–सनराइज 24वीं छत्तीसगढ़ राज्य मास्टर्स बैडमिंटन चैम्पियनशिप 2025-26 का समापन समारोह गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया। समारोह को संबोधित करते हुए श्री अग्रवाल ने कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, समर्पण और स्वस्थ जीवनशैली का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मास्टर्स वर्ग की यह प्रतियोगिता इस बात का प्रमाण है कि खेल के प्रति जुनून उम्र का मोहताज नहीं होता। खिलाड़ियों की ऊर्जा और प्रतिबद्धता युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि कोरबा में राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन जिले की खेल प्रतिभाओं को मंच प्रदान कर रहा है। इससे स्थानीय खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रतिस्पर्धा का अनुभव मिलता है और खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलता है। पूर्व मंत्री ने सभी प्रतिभागियों एवं विजेताओं को हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने मुख्य अतिथि का स्मृति चिन्ह भेंट कर आभार व्यक्त किया। यह प्रतियोगिता खेल भावना, अनुशासन और उत्कृष्ट प्रदर्शन का जीवंत उदाहरण बनकर उभरी, जिसने कोरबा को एक बार फिर खेल मानचित्र पर प्रमुखता से स्थापित
बीजा डांड में रुंगटा के खिलाफ 45वें दिन भी हड़ताल जारी
सुशील जायसवाल एसडीएम पहुंचे धरना स्थल, नहीं बनी सहमति; ग्रामीण बोले—मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रानी अटारी, बीजा डांड (पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक/पसान तहसील)। ग्राम बीजा डांड में रुंगटा माइंस के विरोध में तिरिया जंगल बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले चल रहा अनिश्चितकालीन धरना शुक्रवार को 45वें दिन भी जारी रहा। आंदोलन स्थल पर पोड़ी उपरोड़ा के एसडीएम मनोज कुमार बंजारे और पसान तहसीलदार वीरेंद्र कुमार श्याम पहुंचे तथा प्रभावित ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों से बातचीत की। हालांकि लंबी चर्चा के बावजूद किसी ठोस सहमति पर बात नहीं बन सकी। धरना स्थल पर जनपद सदस्य संतोष मरावी, सरपंच पुटी पखना चंद्र प्रताप सिंह, मनोज मरावी सहित बड़ी संख्या में महिला-पुरुष मौजूद रहे। ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “जब तक हमारी मुख्य मांगें पूरी नहीं होंगी, रुंगटा कंपनी को खदान नहीं खोलने देंगे और आंदोलन जारी रहेगा।” क्या हैं ग्रामीणों की प्रमुख आपत्तियां ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में भूमिगत खनन गतिविधियां पिछले लगभग 25 वर्षों से संचालित हैं, लेकिन प्रभावित गांवों को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल सकीं। उनका कहना है कि— सड़क, पेयजल, बिजली और स्थानीय रोजगार की समुचित व्यवस्था अब तक नहीं हुई। खदान क्षेत्र में भू-धंसान की घटनाओं से जान-माल का खतरा बना रहता है। मवेशियों की मौत के मामलों में क्षतिपूर्ति नहीं दी गई। गांव में कोयले की धूल (डस्ट) से प्रदूषण बढ़ रहा है, जबकि शुद्ध पेयजल उपलब्ध नहीं है। ग्रामीणों ने प्रशासन के समक्ष नाराजगी जताते हुए कहा कि “सिर्फ कोयले का डस्ट मिला है, विकास नहीं।” प्रशासन का आश्वासन एसडीएम मनोज कुमार बंजारे ने आंदोलनकारियों की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए त्वरित निराकरण का भरोसा दिया। उन्होंने बताया कि वन अधिकार पट्टों का सर्वे कराया जा रहा है और किसी भी भू-स्वामी की संपत्ति, मकान या कृषि भूमि को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। साथ ही, खनन से संभावित प्रभावों पर लिखित आश्वासन देने की बात भी कही। उन्होंने दोनों पक्षों से समन्वय बनाकर समाधान निकालने और प्रशासन को सहयोग करने की अपील की। आगे की रणनीति तय होगी धरना जारी रहने के बीच तिरिया जंगल बचाओ संघर्ष समिति, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी और मतीन दाई ठेका श्रमिक संघ समिति के पदाधिकारियों तथा क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक शनिवार 28 फरवरी को धरना स्थल बीजा डांड में बुलाई गई है। बैठक की अध्यक्षता गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के जिला अध्यक्ष एवं जिला पंचायत सदस्य विद्वान सिंह मरकाम करेंगे। सूत्रों के अनुसार बैठक में रुंगटा कंपनी के खिलाफ आगामी उग्र आंदोलन की रणनीति और एसईसीएल रानी अटारी प्रबंधन के साथ प्रस्तावित चर्चा में रखी जाने वाली मांगों पर विस्तार से विचार किया जाएगा। फिलहाल, आंदोलनकारी अपने रुख पर अडिग हैं और प्रशासन-प्रबंधन के साथ टकराव की स्थिति बनी हुई है।
ब्रेकिंगन्यूज़ब्रेकिंग न्यूज़
सुशील जायसवाल कोरबी-चोटिया। कोरबी पुलिस चौकी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम दम्हा मुडा में शुक्रवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे में 16 वर्षीय नाबालिग की मौत हो गई। घटना गौठान के पास मुख्य मार्ग पर शाम लगभग 6 बजे की बताई जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार मोटरसाइकिल क्रमांक CG 12 MY 3944 पर सवार दो व्यक्ति मडिया कछार की ओर से दम्हा मुडा मुख्य मार्ग की तरफ आ रहे थे। इसी दौरान अचानक सामने किसी अज्ञात वाहन के आ जाने से बाइक चालक का संतुलन बिगड़ गया और दोनों सड़क पर गिर पड़े। हादसे में बाइक के पीछे बैठे 16 वर्षीय नाबालिग के सिर में गंभीर चोट आई। स्थानीय लोगों की मदद से उसे संभालने की कोशिश की गई, लेकिन अत्यधिक रक्तस्राव और गंभीर सिर की चोट के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद मोटरसाइकिल चालक मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही कोरबी पुलिस चौकी की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार मृतक पसान थाना क्षेत्र के ग्राम कोटगार का निवासी था और अपने रिश्तेदार के यहां आया हुआ था। अज्ञात वाहन की तलाश की जा रही है तथा फरार चालक के संबंध में भी जांच जारी है। इस हादसे के बाद गांव में शोक का माहौल है। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
28 फरवरी को खातों में आएगा धान का बोनस
सुशील जायसवाल कोरबा/पोड़ी उपरोड़ा | छत्तीसगढ़ के लाखों अन्नदाताओं के लिए होली से पहले खुशियों की दस्तक होने वाली है। राज्य सरकार ने आधिकारिक आदेश जारी करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि 28 फरवरी की दोपहर तक किसानों के बैंक खातों में धान की अंतर राशि (बोनस) का भुगतान कर दिया जाएगा। यह राशि सीधे DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से हस्तांतरित की जाएगी। 10 हजार करोड़ का होगा भुगतान इस वर्ष सरकार लगभग 10,000 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि सीधे किसानों की जेब में डालने जा रही है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत 25 लाख से अधिक पंजीकृत किसानों से 141 लाख मीट्रिक टन धान की रिकॉर्ड खरीदी की गई है। भुगतान का गणित: कुल खरीदी सीमा: 21 क्विंटल प्रति एकड़। निर्धारित दर: ₹3100 प्रति क्विंटल। अंतर राशि: समर्थन मूल्य और तय दर के बीच के अंतर को बोनस के रूप में दिया जा रहा है। “इस भुगतान से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। कृषक उन्नति योजना के तहत अब तक कुल भुगतान का आंकड़ा 35 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा।” भुगतान पाने के लिए जरूरी शर्तें किसानों को सलाह दी गई है कि वे राशि प्राप्त करने हेतु निम्नलिखित तकनीकी पहलुओं की जांच कर लें: बैंक खाता आधार (Aadhaar) से अनिवार्य रूप से लिंक हो। धान बिक्री का पंजीकरण विवरण पूरी तरह सही होना चाहिए। मोबाइल नंबर अपडेट रखें ताकि भुगतान का SMS प्राप्त हो सके। पुलिस की अपील: “सजग कोरबा” अभियान के तहत सतर्कता जरूरी पसान और कोरबी पुलिस ने ‘सजग कोरबा’ अभियान के तहत किसानों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने गांव-गांव में प्रचार-प्रसार करते हुए अपील की है कि: अकेले न जाएं: बैंक से बड़ी राशि निकालते समय साथ में कम से कम दो भरोसेमंद व्यक्तियों को जरूर रखें। सावधानी बरतें: किसी भी अनजान व्यक्ति के झांसे में न आएं और संदिग्ध व्यक्ति दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें। नशे से दूर रहें: राशि लेकर लौटते समय शराब का सेवन कर वाहन न चलाएं, यह जानलेवा हो सकता है।
भू-विस्थापितों की दो टूक: “बाहरी को काम, स्थानीय बेरोजगार बदहाल — अब चुप नहीं बैठेंगे”
ज्ञान शंकर तिवारी कोरबा जिले में खदान परियोजनाओं से प्रभावित परिवारों का आक्रोश फिर सतह पर है। भू-विस्थापित कोयला कर्मचारी एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष संतोष पटेल ने केंद्रीय कोयला मंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया है कि दीपका, गेवरा और कुसमुंडा परियोजनाओं में प्रभावित परिवारों को अब तक वादा किया गया वैकल्पिक रोजगार नहीं मिला। ज्ञापन में उल्लेख है कि 10 नवंबर 2024 को दीपका परियोजना में कार्यबंदी के दौरान जिला प्रशासन, कंपनी प्रबंधन और श्रमिक संगठनों के बीच त्रिपक्षीय समझौता हुआ था। इस समझौते में भू-विस्थापित परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार देने का आश्वासन दिया गया था। संघ का आरोप है कि यह आश्वासन अब तक कागज़ों से बाहर नहीं आ पाया है। “स्थानीयों की अनदेखी, बाहरी को प्राथमिकता” संतोष पटेल ने आरोप लगाया कि स्थानीय बेरोजगार युवाओं को दरकिनार कर बाहरी लोगों को काम दिया जा रहा है। साथ ही ठेका कंपनियों पर मजदूरी भुगतान में अनियमितता और रेट निर्धारण में पारदर्शिता की कमी के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। कुछ क्षेत्रों में महिलाओं द्वारा परियोजना कार्यालयों के सामने विरोध प्रदर्शन की घटनाएं भी सामने आई हैं, जो बढ़ते असंतोष का संकेत हैं। 30–40 गांव प्रभावित, परिवार आर्थिक संकट में संघ का दावा है कि लगभग 30 से 40 गांव विभिन्न परियोजनाओं से प्रभावित हैं। भूमि अधिग्रहण के समय स्थायी रोजगार और पुनर्वास का भरोसा दिया गया था, लेकिन आज कई परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। बच्चों की पढ़ाई, इलाज और रोजमर्रा का खर्च उठाना तक मुश्किल हो गया है। प्रमुख मांगें कोयला मंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में संघ ने मांग की है— प्रभावित परिवारों को तत्काल रोजगार दिया जाए। त्रिपक्षीय समझौते का पालन सुनिश्चित किया जाए। ठेका कंपनियों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने का स्पष्ट आदेश जारी किया जाए। संतोष पटेल ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो धरना, प्रदर्शन और कामबंद आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी कंपनी प्रबंधन और प्रशासन की होगी। अब निगाहें केंद्र सरकार और मंत्रालय के फैसले पर टिकी हैं। सवाल यह है कि खदानों की समृद्धि में अपनी जमीन गंवाने वाले परिवारों को न्याय कब मिलेगा?
ब्रेकिंग न्यूज भीषण सड़क हादसा
सुशील जायसवाल तनेरा घाटी के नीचे पेड़ से टकराकर ट्रेलर में लगी आग, मलबे में तब्दील हुआ वाहन कोरबी चोटिया/पसान: पसान थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कोरबी चौकी क्षेत्र में बीती रात एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। कोरबी-रानी अटारी मार्ग पर स्थित ग्राम सरमा और तनेरा घाटी के पास एक तेज रफ्तार ट्रेलर अनियंत्रित होकर पेड़ से जा टकराया। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन में तत्काल आग लग गई और देखते ही देखते ट्रेलर धूं-धूं कर जलने लगा। घटना का विवरण जानकारी के अनुसार, ट्रेलर क्रमांक CG 04 PC 5784 रानी अटारी की ओर जा रहा था। तनेरा घाटी के नीचे चालक ने संभवतः वाहन पर से नियंत्रण खो दिया और ट्रेलर हेल्पर साइड से सीधे एक विशाल पेड़ में जा घुसा। प्रत्यक्षदर्शियों और राहगीरों के मुताबिक, यह दुर्घटना मंगलवार रात की है। आशंका: शुरुआती कयास लगाए जा रहे हैं कि चालक को झपकी आने की वजह से यह हादसा हुआ होगा। मौके का मंजर: रात के सन्नाटे में धमाकों की आवाज से पूरा जंगल गूंज उठा। टायर और डीजल टैंक फटने के कारण आग की लपटें काफी ऊंचाई तक उठ रही थीं। वर्तमान स्थिति: सुबह जब ग्रामीण और राहगीर मौके पर पहुंचे, तब तक ट्रेलर पूरी तरह जलकर खाक हो चुका था। जंगल में आग फैलने का खतरा स्थानीय ग्रामीणों ने चिंता जाहिर की है कि ट्रेलर में लगी आग और तेज हवाओं के कारण आसपास के सूखे जंगल में भी आग फैल सकती है। यदि समय रहते स्थिति पर काबू नहीं पाया गया, तो यह एक बड़ी वनाग्नि का रूप ले सकती है। पुलिस और प्रशासन की स्थिति हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद पुलिस को इसकी आधिकारिक सूचना देरी से मिली। इस संबंध में कोरबी चौकी प्रभारी सुरेश कुमार जोगी ने बताया कि समाचार लिखे जाने तक उनके पास घटना की कोई लिखित या औपचारिक जानकारी नहीं पहुंची थी। लापता है चालक: दुर्घटना के बाद से ट्रेलर का चालक लापता है। वह आगजनी का शिकार हुआ या मौके से फरार हो गया, इसकी पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
युवाओं के सपनों को पंख देगा छत्तीसगढ़ का बजट: कृष्णानंद राठौर
ज्ञान शंकर तिवारी विधायक प्रतिनिधि ने बजट को बताया ‘विकसित छत्तीसगढ़’ की ठोस आधारशिला; बोले- स्टार्टअप और AI मिशन से आत्मनिर्भर बनेगी नई पीढ़ी कोरबा/छत्तीसगढ़: भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला कार्यसमिति सदस्य एवं विधायक प्रतिनिधि कृष्णानंद राठौर ने राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026-27 के बजट का पुरजोर स्वागत किया है। उन्होंने इस बजट को “युवाओं के सपनों को साकार करने वाला दूरदर्शी बजट” करार देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ अब ‘विकसित राज्य’ बनने की दिशा में मजबूती से कदम बढ़ा चुका है। युवाओं को ‘रोजगार प्रदाता’ बनाने वाला बजट बजट की बारीकियों पर प्रकाश डालते हुए श्री राठौर ने कहा कि यह केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को सशक्त बनाने का रोडमैप है। उन्होंने स्टार्टअप और स्वरोजगार के लिए की गई घोषणाओं की सराहना करते हुए कहा: “स्टार्टअप के लिए सब्सिडी, बिना ब्याज के ऋण और तकनीकी मार्गदर्शन जैसी सुविधाएं युवाओं को नौकरी मांगने वाले के बजाय ‘नौकरी देने वाला’ बनाएंगी। यह नवाचार और स्थानीय उद्योगों के लिए क्रांतिकारी साबित होगा।” 5 मुख्यमंत्री मिशन: आधुनिक तकनीक और अवसर का संगम कृष्णानंद राठौर ने बजट में घोषित 5 प्रमुख मिशनों को छत्तीसगढ़ के कायाकल्प का आधार बताया: AI मिशन: युवाओं को भविष्य की डिजिटल तकनीक से जोड़ना। स्टार्टअप-NIPUN मिशन: कौशल विकास और उद्यमिता को नई ऊंचाइयों पर ले जाना। खेल उत्कर्ष मिशन: जिला स्तर पर खेल अकादमियों से ग्रामीण प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच दिलाना। पर्यटन एवं अधोसंरचना मिशन: निवेश के जरिए स्थानीय रोजगार के नए द्वार खोलना। सर्वस्पर्शी और संतुलित विकास विधायक प्रतिनिधि ने आगे कहा कि बजट में न केवल युवाओं, बल्कि किसानों और महिलाओं के सशक्तिकरण पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। महिला स्व-सहायता समूहों को बढ़ावा देना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत” के संकल्प को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। निष्कर्ष: श्री राठौर ने विश्वास व्यक्त किया कि यह संतुलित और दूरदर्शी बजट छत्तीसगढ़ को विकास की दौड़ में देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित करेगा। उन्होंने इस ऐतिहासिक बजट के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और वित्त मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।
बिलासपुर में प्रशासनिक अधिकारी को निशाना बनाने की साजिश? छवि धूमिल करने के लिए पुरानी फाइलों का सहारा
ज्ञान शंकर तिवारी कोरबा/बिलासपुर | ज्ञान शंकर तिवारी न्यायधानी बिलासपुर में इन दिनों प्रशासनिक गलियारों में एक नया विवाद गर्माया हुआ है। भू-अर्जन शाखा में पदस्थ अधीक्षक खिलेन्द्र यादव के खिलाफ कुछ वेब पोर्टलों द्वारा चलाए जा रहे ‘नकारात्मक अभियान’ ने पत्रकारिता की नैतिकता और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अधीक्षक यादव ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे व्यक्तिगत द्वेष से प्रेरित एक सोची-समझी साजिश करार दिया है। भ्रामक खबरों पर अधीक्षक का कड़ा रुख लगातार लग रहे आरोपों पर चुप्पी तोड़ते हुए अधीक्षक खिलेन्द्र यादव ने स्पष्ट किया कि प्रसारित खबरें पूरी तरह तथ्यहीन और भ्रामक हैं। उन्होंने कहा: “बिना मेरा पक्ष जाने और बिना किसी आधिकारिक दस्तावेज की पुष्टि किए खबरें चलाना पत्रकारिता के सिद्धांतों के विरुद्ध है। यह केवल एकतरफा छवि बनाने का प्रयास है।” शिकायत की विश्वसनीयता पर सवाल रिपोर्ट के अनुसार, जिस शिकायत के आधार पर खबरें बनाई जा रही हैं, वह किसी ‘छद्म नाम’ (Anonymous) से की गई प्रतीत होती है। सामान्य प्रशासन विभाग के नियमानुसार, बिना नाम और पते की शिकायतों का कोई आधार नहीं होता। अधीक्षक ने दावा किया कि विभाग को अब तक ऐसी कोई वैध शिकायत प्राप्त ही नहीं हुई है। प्रमुख बिंदुओं पर स्पष्टीकरण विषय अधीक्षक खिलेन्द्र यादव का पक्ष निलंबन विवाद 3 वर्ष पूर्व कलेक्टर की जांच में डेटा लीक या अनियमितता के आरोप गलत पाए गए थे। शासन ने जांच रिपोर्ट के आधार पर बहाल किया था। अब इसे दोबारा उठाना केवल चरित्र हनन है। पदस्थापना एक ही जिले में पदस्थ रहना शासन का निर्णय है। प्रशासन को हर माह अपडेटेड जानकारी भेजी जाती है। इसमें कुछ भी गोपनीय या गलत नहीं है। सीमांकन एवं डायवर्सन भू राजस्व संहिता के अनुसार ये अधिकार तहसीलदार और SDM के पास हैं। अधीक्षक भू अभिलेख का इसमें सीधा हस्तक्षेप नहीं होता। जांच रिपोर्ट 28 मई 2025 की शिकायत पर कलेक्टर द्वारा भेजी गई जांच रिपोर्ट में आरोपों को ‘निराधार और द्वेषपूर्ण’ बताया जा चुका है। निजता का हनन और मानसिक प्रताड़ना अधीक्षक यादव ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी निजी और गोपनीय जानकारियों को सार्वजनिक कर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने इसे अपनी निजता और स्वतंत्रता के संवैधानिक अधिकारों का हनन बताया है। निष्कर्ष: सच क्या है? न्यायधानी में चर्चा आम है कि क्या यह वास्तव में भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज है या फिर किसी कर्मठ अधिकारी को रास्ते से हटाने का प्रयास? फिलहाल, आधिकारिक दस्तावेजों और कलेक्टर की जांच रिपोर्ट अधीक्षक के पक्ष में झुकी नजर आती है। अब देखना यह होगा कि भ्रामक खबरें फैलाने वाले पोर्टलों पर शासन क्या रुख अपनाता है।
















