खेलो इंडिया ईस्ट जोन किकबॉक्सिंग: कोरबा के शुभम और मयंक संभालेंगे मैच रेफरी की जिम्मेदारी
✍️ भागीरथी यादव कोरबा। छत्तीसगढ़ के मार्शल आर्ट्स खिलाड़ियों के लिए गौरव का विषय है कि कोरबा के होनहार खिलाड़ी शुभम यादव और मयंक डड़सेना का चयन आगामी ‘अस्मिता खेलो इंडिया ईस्ट जोन किकबॉक्सिंग प्रतियोगिता’ के लिए बतौर मैच रेफरी किया गया है। दोनों ही खिलाड़ी स्थानीय सी.एम.ए. (CMA) किकबॉक्सिंग एकेडमी में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। पश्चिम बंगाल में होगा आयोजन भारत सरकार के युवा मामले एवं खेल मंत्रालय और भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के मार्गदर्शन में खेलो इंडिया कार्यक्रम के तहत इस प्रतियोगिता का आयोजन 25 से 29 फरवरी 2026 तक सिलीगुड़ी (पश्चिम बंगाल) में किया जा रहा है। ‘वाको इंडिया किकबॉक्सिंग फेडरेशन’ के तत्वाधान में आयोजित इस ईस्ट जोन प्रतियोगिता में बिहार, सिक्किम, मिजोरम, त्रिपुरा, असम, मणिपुर, नागालैंड, झारखंड, अरुणाचल प्रदेश और मेजबान पश्चिम बंगाल की टीमें हिस्सा लेंगी। देशभर के क्वालीफाइड रेफरी में मिली जगह छत्तीसगढ़ किकबॉक्सिंग एसोसिएशन के संस्थापक व कार्यकारी अध्यक्ष तारकेश मिश्रा एवं महासचिव आकाश गुरुद्वान ने बताया कि इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट को संपन्न कराने के लिए फेडरेशन द्वारा देशभर के चुनिंदा और क्वालीफाइड रेफरी का चयन किया गया है। इसमें कोरबा के शुभम और मयंक ने अपनी जगह बनाकर जिले का मान बढ़ाया है। खेल जगत में हर्ष की लहर शुभम और मयंक की इस उपलब्धि पर खेल प्रेमियों और अधिकारियों ने खुशी जाहिर की है। बधाई देने वालों में मुख्य रूप से शामिल हैं: एसोसिएशन पदाधिकारी: प्रदेश अध्यक्ष छगन लाल मूंदड़ा, कार्यकारी अध्यक्ष तारकेश मिश्रा, महासचिव आकाश गुरुद्वान। खेल विभाग: जिला खेल अधिकारी दीनू पटेल, सहायक खेल प्रभारी आर.के. साहू। एकेडमी व अन्य: क्रीड़ा भारती जिलाध्यक्ष बलराम विश्वकर्मा, CMA एकेडमी की डायरेक्टर श्रीमती प्रीति मिश्रा और ओलंपिक एसोसिएशन के पदाधिकारीगण। इसके साथ ही वरिष्ठ खिलाड़ी प्रभात साहू, अंकुश लाल यादव, जुनैद आलम सहित एकेडमी के अन्य साथियों ने दोनों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।
कोरबा: पुराने बस स्टैंड की शराब दुकान हटाने की मांग, व्यापारी संघ ने आबकारी मंत्री को सौंपा ज्ञापन
कोरबा। शहर के व्यस्ततम हृदय स्थल ‘पुराना बस स्टैंड’ और मेन रोड क्षेत्र में संचालित सरकारी विदेशी शराब दुकान अब स्थानीय निवासियों और व्यापारियों के लिए जी का जंजाल बन गई है। इस समस्या को लेकर मध्य नगरीय व्यापारी संघ ने मोर्चा खोल दिया है। संघ ने प्रदेश के आबकारी एवं उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन को पत्र लिखकर इस दुकान को तत्काल किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की है। नियमों की धज्जियां उड़ा रही शराब दुकान व्यापारी संघ ने अपने शिकायती पत्र में कई गंभीर आरोप लगाए हैं। संघ के अनुसार, यह शराब दुकान आबकारी नियमों के विपरीत संचालित हो रही है: धार्मिक और शैक्षणिक संस्थानों के पास: दुकान से मात्र 20-30 मीटर की दूरी पर मंदिर और 80-90 मीटर के दायरे में स्कूल स्थित है। अस्पताल के करीब: पास ही रानी धनराज कुंवर सरकारी अस्पताल स्थित है, जहाँ मरीजों और उनके परिजनों का आना-जाना लगा रहता है। घनी आबादी के बीच: यह क्षेत्र घनी आबादी वाला है जहाँ व्यापारी अपने परिवारों के साथ दशकों से रह रहे हैं। असामाजिक तत्वों का जमावड़ा और महिलाओं की सुरक्षा पर खतरा व्यापारियों का कहना है कि शराब दुकान के कारण सड़क पर ही शराबियों का मजमा लगा रहता है। नशे की हालत में शराबी आपस में मारपीट करते हैं और यहाँ से गुजरने वाली महिलाओं व छात्राओं पर अभद्र टिप्पणी (छींटाकशी) करते हैं। स्थिति इतनी बदतर हो गई है कि संभ्रांत परिवारों की महिलाओं और बच्चों का इस मार्ग से पैदल निकलना भी दूभर हो गया है। व्यापार पर बुरा असर और ट्रैफिक जाम गीतांजलि भवन जैसे प्रमुख व्यावसायिक केंद्र के सामने स्थित होने के कारण यहाँ दिनभर ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है। ग्राहकों को दुकान तक पहुँचने में दिक्कत होती है, जिससे स्थानीय व्यापार भी प्रभावित हो रहा है। “आबकारी नियमों के अनुसार शराब दुकान स्कूल, मंदिर और मुख्य मार्ग से दूर होनी चाहिए। यहाँ की स्थिति अत्यंत विस्फोटक है और लोगों में भारी आक्रोश है। यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो अप्रिय स्थिति निर्मित हो सकती है।” — मध्य नगरीय व्यापारी संघ, कोरबा व्यापारी संघ ने कहा है कि जनहित और सुरक्षा को देखते हुए इस दुकान को जल्द से जल्द हटाया जाए। इस पत्र की प्रतिलिपि जिला कलेक्टर, कोरबा को भी आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित की गई है।
जनसुनवाई से पहले निर्माण पर बवाल: युवा कांग्रेस ने जिला प्रशासन पर उठाए सवाल, राहुल गांधी को भेजी शिकायत
✍️ भागीरथी यादव कोरबा। अमरकंटक लेको पावर प्लांट की प्रस्तावित 1680 मेगावाट विस्तार परियोजना को लेकर कोरबा में सियासत गरमा गई है। भारतीय युवा कांग्रेस, कोरबा (शहर) ने आरोप लगाया है कि जनसुनवाई से पूर्व ही निर्माण और इंस्टॉलेशन कार्य प्रारंभ कर दिया गया है, जो नियमों और पर्यावरणीय प्रक्रिया का खुला उल्लंघन है। जिला अध्यक्ष रोकेश पंकज के नेतृत्व में युवा कांग्रेस ने इस मामले में नेता प्रतिपक्ष लोकसभा राहुल गांधी को पत्र भेजकर हस्तक्षेप की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि प्रशासन और संबंधित विभागों को पहले ही लिखित रूप से अवगत कराया गया था कि जनसुनवाई से पहले किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य न कराया जाए। इसके बावजूद अडानी समूह की इकाई द्वारा यूनिट 7-8 और 5-6 के विस्तार कार्य शुरू कर दिए गए हैं। युवा कांग्रेस ने इसे प्रशासन की “गंभीर निष्क्रियता” और “नियमों की अनदेखी” करार देते हुए कहा कि यदि जनसुनवाई केवल औपचारिकता बनकर रह जाएगी और पहले ही निर्माण शुरू हो जाएगा, तो यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया और स्थानीय जनता के अधिकारों का सीधा हनन है। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि परियोजना के लिए बड़े पैमाने पर किसानों की भूमि अधिग्रहित की गई है। लगभग 1000 एकड़ से अधिक कृषि भूमि के अधिग्रहण का दावा करते हुए संगठन ने आरोप लगाया कि हजारों परिवार आजीविका संकट से जूझ रहे हैं। प्रभावितों को न तो समुचित पुनर्वास मिला है और न ही स्थायी रोजगार की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। युवा कांग्रेस ने राहुल गांधी से चार प्रमुख मांगें रखी हैं— जनसुनवाई से पूर्व चल रहे निर्माण कार्य पर तत्काल रोक। संबंधित अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई। भूमि अधिग्रहण, मुआवजा और विस्थापन की पारदर्शी जांच। प्रभावित किसानों और ग्रामीणों के पुनर्वास व रोजगार अधिकारों की विधिसम्मत सुरक्षा। संगठन का कहना है कि जनहित और पर्यावरण संरक्षण के लिए उच्च स्तर पर हस्तक्षेप आवश्यक है। इस मुद्दे ने जिले में विकास बनाम पर्यावरण और जनाधिकार की बहस को फिर से तेज कर दिया है। देखें शिकायत
कोरबा से दो मासूम लापता, परिजनों की आंखों में उम्मीद और चिंता का साया
✍️ भागीरथी यादव कोरबा। शहर के बस स्टैंड क्षेत्र से दो स्कूली बच्चे संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए हैं। इस घटना ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे इलाके को चिंता में डाल दिया है। मासूम चेहरों की तलाश में परिजनों की आंखें हर राहगीर में उम्मीद खोज रही हैं। लापता बच्चों के नाम आयुष भगत (उम्र लगभग 13 वर्ष) और आयुष नागदेव हैं। परिजनों के अनुसार दोनों को आखिरी बार 19 फरवरी 2026 की शाम करीब 5 बजे कोरबा बस स्टैंड (छत्तीसगढ़) के पास देखा गया था। इसके बाद से उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। बच्चों की पहचान के बारे में बताया गया है कि वे स्कूल ड्रेस में थे — सफेद टी-शर्ट, स्लेटी शर्ट और काली टोपी पहने हुए थे। परिवार लगातार रिश्तेदारों, परिचितों और आसपास के क्षेत्रों में तलाश कर रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है। परिजनों ने बच्चों की सुरक्षित वापसी की अपील करते हुए जानकारी देने वाले व्यक्ति के लिए ₹5,000 नकद इनाम की घोषणा की है। उन्होंने आम नागरिकों से सहयोग की अपील की है कि यदि किसी को भी इन बच्चों के बारे में कोई सूचना मिले तो तुरंत संपर्क करें। संपर्क नंबर: 📞 9663969072 (अनुज भगत) 📞 8234015590 या नजदीकी पुलिस सहायता नंबर 112 पर तुरंत सूचना दें।
बोईदा में विकास की नई इबारत: विधायक प्रेमचंद पटेल ने किया तीन आंगनबाड़ी भवनों का भूमिपूजन
ज्ञान शंकर तिवारी पाली/हरदीबाजार | ग्राम पंचायत बोईदा में बच्चों के बेहतर भविष्य और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। सरपंच संजय राज के विशेष प्रयासों से स्वीकृत तीन नए आंगनबाड़ी भवनों का विधिवत भूमिपूजन कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल द्वारा संपन्न किया गया। लागत और स्थान का विवरण: ग्राम पंचायत के तीन अलग-अलग मोहल्लों में इन भवनों का निर्माण किया जाएगा। प्रत्येक भवन की लागत 11 लाख 69 हजार रुपये तय की गई है: आंगनबाड़ी भाटपारा आंगनबाड़ी आवासपारा आंगनबाड़ी सराईपाली ‘गांवों का सर्वांगीण विकास हमारी प्राथमिकता’ – विधायक भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक प्रेमचंद पटेल ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण अंचलों के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देते हुए कहा: “इन नए भवनों के निर्माण से बच्चों को न केवल बेहतर पोषण मिलेगा, बल्कि उन्हें प्रारंभिक शिक्षा के लिए एक सुरक्षित और सुविधायुक्त वातावरण भी प्राप्त होगा। बोईदा क्षेत्र निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है।” जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की गरिमामयी उपस्थिति इस अवसर पर विधायक प्रतिनिधि दुष्यंत शर्मा ने कहा कि शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही उनका मुख्य लक्ष्य है। सरपंच संजय राज ने ग्रामवासियों का आभार जताते हुए भविष्य में भी शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्य जारी रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे: जनपद सदस्य प्रतिनिधि कौशल श्रीवास, पंच लंबोदर कंवर, उमेद सिंह, माखन पटेल, माधूरी पटेल, शांति लाल पटेल, कलेश पटेल, अंजली पटेल, चम्पा बाई पटेल, गौरी बाई, श्रवण पटेल, नंदलाल पटेल एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण जन।
दर्री-एनटीपीसी मार्ग पर सोलर स्ट्रीट लाइट परियोजना का शुभारंभ, गेट से जेलगांव चौक तक होगा रोशन मार्ग
✍️ भागीरथी यादव कोरबा। दर्री स्थित एनटीपीसी गेट से जेलगांव चौक तक सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। लंबे समय से अंधेरे और अपर्याप्त प्रकाश व्यवस्था की समस्या से जूझ रहे इस मार्ग पर अब आधुनिक सोलर लाइटें लगाई जाएंगी, जिससे क्षेत्रवासियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। परियोजना के तहत सड़क किनारे खंभों की स्थापना के लिए मशीनों के माध्यम से गड्ढे खोदने का कार्य तेज गति से किया जा रहा है। तकनीकी टीम द्वारा निर्धारित दूरी पर पोल लगाए जाएंगे, जिन पर सोलर पैनल और एलईडी लाइट फिट की जाएंगी। इससे न केवल रात में आवागमन सुगम होगा, बल्कि दुर्घटनाओं की आशंका भी कम होगी। स्थानीय नागरिकों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि एनटीपीसी गेट से जेलगांव चौक तक का मार्ग व्यस्त रहने के बावजूद रात में अंधेरे के कारण असुरक्षित महसूस होता था। सोलर स्ट्रीट लाइट लगने से क्षेत्र में सुरक्षा और सुविधा दोनों में सुधार आएगा। विशेषज्ञों के अनुसार, सोलर लाइट प्रणाली ऊर्जा संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे बिजली की खपत कम होगी और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। प्रशासन ने निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य तय किया है, ताकि जल्द से जल्द क्षेत्र रोशनी से जगमग हो सके।
भक्ति की बहेगी गंगा: पोड़ी खुर्द (टुरीपारा) में 22 फरवरी से श्री शिवपुराण कथा का भव्य आयोजन
कोरबी-चोटिया | सुशील जायसवाल कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत पोड़ी खुर्द (टुरीपारा) में आध्यात्म और श्रद्धा का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। समस्त ग्रामवासियों और आयोजक समिति के तत्वावधान में यहाँ आठ दिवसीय भव्य श्री शिवपुराण कथा एवं बगलामुखी हवन का आयोजन किया जा रहा है। 22 फरवरी से होगा शुभारंभ भक्तिमय ‘कथा सरोवर प्रसंग’ का मंगल शुभारंभ 22 फरवरी 2026, दिन रविवार से होने जा रहा है। यह आध्यात्मिक आयोजन 1 मार्च 2026 तक चलेगा। समापन के दिन सहस्रधारा, विशेष हवन और विशाल भंडारे (प्रसाद वितरण) के साथ कार्यक्रम की पूर्णाहुति होगी। विद्वान कथावाचक बिखेरेंगे संगीत की महिमा इस पावन अवसर पर सुप्रसिद्ध कथावाचक पंडित श्याम दुबे के मुखारविंद से श्रद्धालु शिवपुराण की अमृतवाणी का रसपान करेंगे। कथा को संगीत की मधुर धुनों के साथ प्रस्तुत किया जाएगा, जो श्रोताओं को शिव भक्ति के सागर में सराबोर कर देगा। आयोजन में यजमानों का विशेष योगदान कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए क्षेत्र के श्रद्धालु बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। इस धार्मिक अनुष्ठान के मुख्य यजमानों में: श्री राम सजीवन एवं सिलोचनी साहू श्री लोकनाथ एवं लक्ष्मी श्रीवास श्री लय कुमार एवं तारा देवी जायसवाल श्री राजेश एवं ऊषा खैरवार श्री विनोद एवं पूर्णिमा जायसवाल श्री सुख साय एवं मंगली बाई श्रीमती कलावती, परिकुंवर, सुकवरिया, सुखराज बाई, इंद्र कुंवर सहित अन्य यजमानों का सराहनीय योगदान और सक्रिय सहभागिता बनी हुई है। श्रद्धालुओं को आमंत्रण आयोजक समिति और समस्त ग्रामवासियों ने क्षेत्र के सभी धर्मप्रेमी बंधुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पधारकर श्री शिवपुराण कथा का श्रवण करें और महादेव का आशीर्वाद प्राप्त कर पुण्य के भागी बनें।
हाथी प्रभावित क्षेत्रों में धान उठाव न होने से बढ़ा खतरा: खुले आसमान के नीचे पड़े लाखों क्विंटल धान पर हाथियों की नजर
कोरबा/पोड़ी उपरोड़ा | सुशील जायसवाल कोरबा जिले के धान उपार्जन केंद्रों में खरीदी प्रक्रिया समाप्त हुए 19 दिन बीत चुके हैं, लेकिन धान का उठाव न होने से अब संकट गहराने लगा है। विशेष रूप से पोड़ी उपरोड़ा और कटघोरा विकासखंड के हाथी प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति भयावह है। खुले आसमान और खेतों में रखा लाखों क्विंटल धान हाथियों के दल को रिहायशी इलाकों की ओर खींच रहा है, जिससे जन-धन की हानि का खतरा बढ़ गया है। आंकड़ों की स्थिति: 11 लाख क्विंटल धान अब भी केंद्रों में जिले में इस वर्ष कुल 27.47 लाख क्विंटल धान की खरीदी की गई है। चौंकाने वाली बात यह है कि इसमें से लगभग 11 लाख क्विंटल धान अभी भी केंद्रों में ही डंप है। सबसे अधिक चिंता उन 11 संवेदनशील केंद्रों की है जो सीधे तौर पर ‘एलीफेंट कॉरिडोर’ (हाथी प्रभावित क्षेत्र) में आते हैं। यहाँ करीब 2 लाख क्विंटल धान रखा है, जिसकी महक हाथियों को आकर्षित कर रही है। हाथियों का तांडव और प्रभारियों में खौफ पसान, जटगा, कोरबी, मोरगा और लेमरू जैसे क्षेत्रों में हाथियों का दल लगातार विचरण कर रहा है। हाल ही में जटगा परिक्षेत्र के धोबीबारी में हाथियों ने 10 मकानों को ध्वस्त कर दिया और मवेशियों को नुकसान पहुँचाया है। अब फड़ प्रभारियों को डर है कि धान की महक हाथियों को सीधे उपार्जन केंद्रों तक ले आएगी। कलेक्टर के निर्देशों की अनदेखी? कलेक्टर कुणाल दुदावत ने पहले ही निर्देश दिए थे कि हाथी प्रभावित क्षेत्रों से धान उठाव को प्राथमिकता दी जाए। इसके बावजूद मिलर्स की सुस्ती बरकरार है। मिलर्स केवल डिलीवरी ऑर्डर (DO) कटवा रहे हैं, लेकिन परिवहन की गति अत्यंत धीमी है। फड़ प्रभारियों पर दोहरी मार वर्तमान स्थिति में कर्मचारी और प्रभारी दोतरफा संकट झेल रहे हैं: जान का जोखिम: हाथियों के डर के बीच रात भर जागकर धान की रखवाली करना। आर्थिक जिम्मेदारी: यदि धूप के कारण धान सूखता है (वजन में कमी) या हाथी उसे नुकसान पहुँचाते हैं, तो नियमतः इसकी रिकवरी नोडल अधिकारी और प्रभारी से की जाती है। प्रशासनिक रुख प्राधिकारी शशिकांत द्विवेदी ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विपणन अधिकारी को सख्त निर्देश दिए हैं कि 28 फरवरी तक हर हाल में संवेदनशील केंद्रों से धान का उठाव पूर्ण कर लिया जाए। चेतावनी: यदि समय रहते धान का परिवहन नहीं किया गया, तो हाथियों का दल बड़ी जन-धन की हानि कर सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और लापरवाह मिलर्स की होगी।
कमला नेहरू महाविद्यालय कोरबा में इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब पर संगोष्ठी, युवाओं ने लिया शत-प्रतिशत मतदान का संकल्प
कोरबा। लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त करने और युवाओं को मतदान प्रक्रिया से जोड़ने की दिशा में गुरुवार, 19 फरवरी 2026 को कमला नेहरू महाविद्यालय कोरबा में ‘इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब’ (ईएलसी) पर आधारित एक प्रभावशाली संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम सहायक जिला स्वीप नोडल अधिकारी सतीश प्रकाश सिंह की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। संगोष्ठी का उद्देश्य जिले के युवाओं को निर्वाचन प्रक्रिया के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें जिम्मेदार मतदाता के रूप में तैयार करना था। इस अवसर पर महाविद्यालय में औपचारिक रूप से ईएलसी क्लब का गठन भी किया गया, जिससे परिसर में चुनावी साक्षरता गतिविधियों को निरंतर बढ़ावा दिया जा सके। अपने संबोधन में सहायक जिला स्वीप नोडल अधिकारी सतीश प्रकाश सिंह ने ‘इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब’ और एस.आई.आर. की भूमिका स्पष्ट करते हुए बताया कि 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाला प्रत्येक युवा अपने मतदान केंद्र में नाम पंजीकृत कर लोकतंत्र की मजबूती में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि जागरूक और जिम्मेदार युवा ही लोकतांत्रिक व्यवस्था की वास्तविक शक्ति हैं। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रशांत बोपापुरकर ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और सुदृढ़ीकरण में युवाओं की भूमिका को निर्णायक बताया तथा उन्हें सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का संचालन जिला संगठक एनएसएस वाय.के. तिवारी ने किया। संगोष्ठी में सहायक प्राध्यापक गोविन्द माधव तिवारी (कार्यक्रम अधिकारी एनएसएस), प्रीति महंत (महाविद्यालय स्वीप प्रभारी), ए.के. सोनी, वेदव्रत उपाध्याय, विशुभा सिंह, विकास पाण्डेय सहित स्वीप कैम्पस एम्बेसडर छात्र देवांश तिवारी एवं मुस्कान राजपूत तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थितों ने शपथ लेकर शत-प्रतिशत मतदान एवं मतदाता पंजीकरण के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। संगोष्ठी ने युवाओं में लोकतांत्रिक चेतना को नई ऊर्जा प्रदान की।
कोरबा फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सुनाई 10 साल की सजा झाड़फूंक का झांसा देकर दुष्कर्म
कोरबा। झाड़फूंक के बहाने एक महिला के साथ दुष्कर्म करने के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही न्यायालय ने उस पर 1 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह घटना रजगामार चौकी क्षेत्र की है, जो करीब सात माह पूर्व 3 जून को हुई थी। मामले में लोक अभियोजक मोहन सोनी ने शासन की ओर से प्रभावी पैरवी की। अभियोजन पक्ष के अनुसार, ओमपुर निवासी सूरज चौहान उर्फ दादू दोपहर के समय पीड़िता के घर पहुंचा। उसने झाड़फूंक का बहाना बनाकर महिला को उसकी सास के कमरे में ले गया और सुनसान का फायदा उठाते हुए दुष्कर्म किया। घटना के दौरान पीड़िता के शोर मचाने पर उसका 11 वर्षीय बेटा कमरे में पहुंच गया। उसने आरोपी को आपत्तिजनक स्थिति में देखा, जिसकी गवाही बाद में अदालत में अहम साक्ष्य साबित हुई। रजगामार पुलिस ने शिकायत दर्ज कर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया और न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया। विवेचना पूरी होने के बाद मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट में प्रस्तुत किया गया। सुनवाई के दौरान ठोस दलीलों और साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराया। फास्ट ट्रैक कोर्ट की अपर सत्र न्यायाधीश सीमा प्रताप चंद्रा ने आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाते हुए स्पष्ट किया कि इस तरह के अपराध समाज में अस्वीकार्य हैं और दोषियों के प्रति सख्त रुख जरूरी है। यह फैसला पीड़िता को न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
















