सुदूर वनांचल घोसरा में गौरा-गौरी महोत्सव का भव्य आयोजन, सांसद ज्योत्सना महंत रहीं शामिल
सुशील जायसवाल विधायक तुलेश्वर मरकाम ने दो कच्चे पहुंच मार्गों के सीसी रोड निर्माण की घोषणा कोरबा (कोरबी-चोटिया)। जिले के अंतिम सीमा क्षेत्र एवं पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत घोसरा में प्रत्येक तीन वर्ष में आयोजित होने वाले पारंपरिक गौरा-गौरी महोत्सव का समापन समारोह गुरुवार 8 जनवरी को भव्य रूप से संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कोरबा सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत तथा विशिष्ट अतिथि क्षेत्रीय विधायक तुलेश्वर मरकाम शामिल हुए। महोत्सव स्थल पर आयोजित सुआ नृत्य में विशाल जनसमूह की उपस्थिति के बीच सांसद ज्योत्सना महंत ने भी सहभागिता निभाई और नृत्य दलों को प्रोत्साहन स्वरूप राशि भेंट की। वहीं विधायक तुलेश्वर मरकाम ने भी महिला नृत्य दलों को एक हजार रुपये की भेंट प्रदान की। अपने उद्बोधन में सांसद श्रीमती महंत ने कहा कि छत्तीसगढ़ की आदिवासी संस्कृति और परंपराएं आज भी जीवंत हैं। गौरा-गौरी विवाह की यह परंपरा गांवों में पूजा-पाठ, सेवा भाव, नाच-गान और रात्रि में गौरा देव की बारात के साथ गौरी देवी के विवाह के रूप में बड़े हर्षोल्लास से मनाई जाती है, जो हमारी सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है। विधायक तुलेश्वर मरकाम ने कहा कि घोसरा गांव में हजारों की संख्या में दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं की उपस्थिति इस महोत्सव की गरिमा को दर्शाती है। उन्होंने ग्राम सरपंच श्रीमती शाम बाई बिंझवार एवं ग्रामीणों की मांग पर मंच से ही मुख्य मार्ग से गौरा-गौरी पूजा स्थल तक तथा मुख्य मार्ग से माध्यमिक शाला स्कूल तक दो कच्चे पहुंच मार्गों के सीसी रोड निर्माण की घोषणा विधायक निधि से किए जाने की बात कही। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से हरिष परसाई, किरण चौरसिया, पूर्व विधायक मोहित राम केरकेट्टा, पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी ताना खार, दुलेश्वरी बाई, जुनैद खान, जनपद सदस्य भारत सिंह, विधायक प्रतिनिधि कुलदीप मरकाम, जिला पंचायत सदस्य एवं जिला अध्यक्ष विद्वान सिंह मरकाम, ग्राम पंचायत घोसरा के सरपंच प्रतिनिधि मनोहर सिंह बिंझवार, उपसरपंच सुंदरलाल, सचिव अमृतलाल, सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं पत्रकार सुशील जायसवाल उपस्थित रहे। शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने के लिए कोरबी चौकी प्रभारी सुरेश कुमार जोगी पुलिस बल के साथ मौके पर तैनात रहे। कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
खेल मासूमियत में बदला मातम, कुएं में डूबने से 4 साल के बच्चे की दर्दनाक मौत
✍️ भागीरथी यादव जिले के मानिकपुर चौकी क्षेत्र में बुधवार को एक मासूम की मौत ने पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया। खेलते-खेलते कुएं में नहाने गए चार वर्षीय प्रशांत यादव की डूबने से मौत हो गई। यह हादसा कुछ ही पलों में खुशियों को मातम में बदल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रशांत अपने हमउम्र बच्चों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान सभी बच्चे पास स्थित कुएं की ओर चले गए और नहाने लगे। मासूम प्रशांत को गहराई का अंदाजा नहीं था और वह अचानक गहरे पानी में चला गया। देखते ही देखते वह डूबने लगा, जिससे अन्य बच्चे घबरा गए और शोर मचाते हुए गांव की ओर दौड़े। सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बच्चे को कुएं से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। मासूम की जान नहीं बचाई जा सकी। बताया जा रहा है कि घटना के समय प्रशांत के माता-पिता रोज़गार के सिलसिले में बाहर गए हुए थे। बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में शोक का माहौल व्याप्त है। यह हादसा एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा और खुले जलस्रोतों की घेराबंदी को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।
निरधी धान उपार्जन केंद्र में तौल पर सवाल, किसानों के हक पर डाका?
ज्ञान शंकर तिवारी पाली। पाली विकासखंड के निरधी धान उपार्जन केंद्र में धान खरीदी की प्रक्रिया एक बार फिर विवादों में आ गई है। यहां तौल व्यवस्था को लेकर किसानों में गहरा आक्रोश और असंतोष देखने को मिल रहा है। किसानों का आरोप है कि शासन द्वारा तय मानक के विपरीत उनसे प्रति बोरी तय मात्रा से अधिक धान लिया जा रहा है, जिससे उन्हें सीधे तौर पर आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। किसानों ने नाम उजागर न करने की शर्त पर बताया कि प्रति कट्ठा 40 किलो धान की जगह 40 किलो 850 ग्राम से लेकर 41 किलो तक तौल की जा रही है। एक किसान ने बताया कि 2 क्विंटल धान बेचने पर उससे करीब 900 ग्राम अतिरिक्त धान लिया गया, जबकि दूसरे किसान ने दावा किया कि उससे हर कट्ठा में पूरे 41 किलो धान लिया गया। किसानों का कहना है कि यह खुला नियम उल्लंघन है। मामले की पड़ताल के दौरान जब मीडिया टीम निरधी उपार्जन केंद्र पहुंची, तो तौल प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए। इलेक्ट्रॉनिक कांटे से वजन करने की बात कहने पर हमाल ने अभद्र व्यवहार करते हुए इंकार कर दिया। बाद में एक किसान ने स्वयं तौल कराई, जिसमें वजन 40 किलो 850 ग्राम पाया गया। किसानों का आरोप है कि यदि कोई किसान तौल को लेकर आपत्ति करता है या शिकायत की कोशिश करता है, तो उसे भविष्य में धान बेचने में परेशान किया जाता है। इसी डर के कारण अधिकांश किसान खुलकर सामने आने से कतरा रहे हैं और मीडिया से बात करने में भी संकोच कर रहे हैं। निरधी उपार्जन केंद्र में किसान असहाय और मजबूर नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि धान बेचने के लिए वे पूरी तरह इसी केंद्र पर निर्भर हैं, इसलिए कर्मचारियों द्वारा बताए गए वजन को मानने के अलावा उनके पास कोई विकल्प नहीं बचता। नियमों के विरुद्ध हो रही तौल से किसान खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि उपार्जन केंद्र में पारदर्शी और निष्पक्ष तौल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए, ताकि किसानों के हक की खुली लूट पर रोक लग
आपसी विवाद बना खूनी संघर्ष, कुल्हाड़ी से हत्या गनियारी में सनसनीखेज वारदात, घंटों में आरोपी गिरफ्तार
✍️ भागीरथी यादव कोरबा। जिले के करतला थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गनियारी में सोमवार को एक दिल दहला देने वाली हत्या की घटना सामने आई, जिसने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया। हालांकि, पुलिस की तत्परता से घटना के कुछ ही घंटों के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया, जिससे इलाके में फैली दहशत कुछ हद तक कम हुई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह ग्रामीणों ने नंदकुमार पटेल का लहूलुहान शव गांव में जयशंकर के घर से सटे बाड़ी के आंगन में पड़ा देखा। शव के सिर और चेहरे पर गहरे घाव के निशान थे, जिससे प्रथम दृष्टया ही हत्या की आशंका जताई गई। घटना की सूचना मिलते ही करतला थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घटनास्थल को सील कर जांच शुरू की। हत्या की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने डॉग स्क्वायड एवं फोरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया। जांच के दौरान डॉग स्क्वायड के श्वान ने शव से गंध लेकर सीधे पड़ोस में रहने वाले जयशंकर के घर तक पहुंचकर अहम सुराग दिया, जिसके बाद पुलिस का शक उसी पर केंद्रित हो गया। पुलिस ने संदिग्ध जयशंकर को हिरासत में लेकर जब कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने कथित तौर पर अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि मृतक नंदकुमार का आरोपी के घर आना-जाना था और घरेलू विवाद को लेकर दोनों के बीच तनाव चल रहा था। रविवार रात इसी बात को लेकर विवाद बढ़ा और गुस्से में आकर जयशंकर ने नंदकुमार पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मृतक और आरोपी दोनों ही विवाहित हैं तथा उनके बच्चे भी हैं। इस हृदयविदारक घटना ने दोनों परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है, वहीं पूरे गांव में भय और शोक का माहौल व्याप्त है। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। हत्या में प्रयुक्त हथियार जब्त किया जा रहा है और मामले की गहन विवेचना जारी है। आरोपी के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा।
VB-G RAM G जागरूकता अभियान को लेकर भाजपा की बड़ी पहल
जिला कोरबा में समन्वय टोली गठित, चुलेश्वर राठौर बने जिलासंयोजक पाली | ज्ञान शंकर तिवारी की रिपोर्ट कोरबा। VB-G RAM G जागरूकता अभियान को जिले में व्यापक स्तर पर सफल बनाने की दिशा में भारतीय जनता पार्टी ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। भाजपा जिला कोरबा के जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी ने संगठनात्मक मजबूती और बेहतर समन्वय के उद्देश्य से जिला स्तरीय समन्वय टोली का गठन किया है। इस नवगठित टोली में चुलेश्वर राठौर को जिलासंयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि डॉ. पवन सिंह, उमेश्वर सोनी एवं रामकुमार गभेल को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। यह टोली VB-G RAM G जागरूकता अभियान के अंतर्गत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यक्रमों का आयोजन, कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय तथा आमजन से संवाद स्थापित करने का कार्य करेगी। भाजपा नेतृत्व का मानना है कि यह जिला स्तरीय टोली अभियान को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगी। साथ ही संगठन और कार्यकर्ताओं के बीच निरंतर संपर्क बनाए रखते हुए अभियान को नई गति प्रदान करेगी। पार्टी पदाधिकारियों ने विश्वास जताया है कि VB-G RAM G जागरूकता अभियान के माध्यम से जन-जन तक सरकार की योजनाओं और उद्देश्यों की जानकारी पहुंचेगी तथा संगठनात्मक ढांचा और अधिक सशक्त होगा।
कोरबी–चोटिया: मानव–हाथी द्वंद्व पर मंथन, ‘जनहानि शून्य–हाथी हानि शून्य’ का संकल्प
सुशील जायसवाल कोरबी/चोटिया। वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा मानव–हाथी द्वंद्व की गंभीर समस्या के समाधान को लेकर एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का आयोजन हाथी नियंत्रण केंद्र, चोटिया (वन परिक्षेत्र केंदई) में किया गया। कार्यशाला का मूल उद्देश्य मानव और हाथियों के बीच बढ़ते टकराव को रोकते हुए सुरक्षित सहअस्तित्व सुनिश्चित करना रहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री के. के. बिसेन, सदस्य सी.पी.ई.एम.सी. (प्रोजेक्ट टाइगर एवं हाथी डिवीजन), पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार रहे। वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता वनमंडल अधिकारी कुमार निशांत ने की। हाथियों की सुरक्षा और मानव जीवन बचाने पर जोर कार्यशाला में वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि मानव–हाथी द्वंद्व प्रबंधन का लक्ष्य केवल नुकसान की भरपाई नहीं, बल्कि जनहानि शून्य और हाथी हानि शून्य की दिशा में ठोस एवं व्यावहारिक कदम उठाना है। हाथियों के पारंपरिक विचरण मार्गों, भोजन व जल स्रोतों की सुरक्षा, तथा मानवीय गतिविधियों के संतुलन पर विशेष चर्चा की गई। प्रारंभिक चेतावनी तंत्र और त्वरित प्रतिक्रिया दल पर चर्चा कार्यक्रम के दौरान हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने वाले प्रारंभिक चेतावनी तंत्र, त्वरित प्रतिक्रिया दल की भूमिका, ग्रामीणों की समय पर सूचना प्रणाली तथा जन-जागरूकता अभियानों को मजबूत करने पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। अधिकारियों ने कहा कि विभाग और ग्रामीणों के बीच समन्वय ही इस समस्या का स्थायी समाधान है। अधिकारी, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण रहे उपस्थित कार्यशाला में सहायक वन संरक्षक सुश्री यामिनी पोर्ते, वन परिक्षेत्र अधिकारी केंदई अभिषेक कुमार दुबे, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, हाथी मित्र दल, एवं बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे। इसके साथ ही जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी रही, जिनमें — भारत सिंह सिदार, जनपद सदस्य लाल बहादुर, सरपंच, ग्राम पंचायत लाद जवाहर सिंह, सरपंच, ग्राम पंचायत परला श्रीमती प्यारो बाई रायसिंह, सरपंच, ग्राम पंचायत चोटिया सहित अन्य सरपंच प्रतिनिधि शामिल रहे। समन्वित प्रयासों का आह्वान कार्यक्रम के समापन अवसर पर सभी सहभागियों से आह्वान किया गया कि वन विभाग, प्रशासन, जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण मिलकर सामूहिक प्रयास करें, ताकि मानव और हाथी दोनों सुरक्षित रह सकें और क्षेत्र में स्थायी शांति एवं संतुलन बना रहे।
वनांचल क्षेत्र के स्कूलों में शिक्षकों की मनमानी उजागर
कुकरी बहरा प्राथमिक शाला में शिक्षक अनुपस्थित, जनपद सदस्य ने जताई नाराजगी सुशील जायसवाल कोरबा (कोरबी/चोटिया) — जिले के सुदूर वनांचल ग्रामीण क्षेत्रों में पदस्थ शिक्षकों की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत धवलपुर के ग्राम कुकरी बहरा प्राथमिक शाला में शिक्षक की अनुपस्थिति पाए जाने से शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार क्षेत्र के भ्रमण पर निकले युवा जनपद सदस्य एवं अधिवक्ता संतोष मरावी जब कुकरी बहरा पहुंचे, तो एकल शिक्षकिय प्राथमिक शाला में पदस्थ शिक्षक रेशम लाल रात्रे सुबह लगभग 10:30 बजे तक विद्यालय से अनुपस्थित पाए गए। जनपद सदस्य संतोष मरावी ने इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि वर्तमान समय में बच्चों की अर्धवार्षिक परीक्षा चल रही है और ऐसे संवेदनशील समय में शिक्षक की गैरमौजूदगी बच्चों के भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ है। मामले को लेकर जब सेंन्हा संकुल के प्रभारी जन शिक्षक घनश्याम चक्रधारी से जानकारी ली गई, तो उन्होंने बताया कि कुकरी बहरा प्राथमिक शाला में मूल रूप से पदस्थ शिक्षिका विमला यादव अवकाश पर हैं। उनके स्थान पर व्यवस्था के तहत रेशम लाल जांगड़े को पदस्थ किया गया है, जो बच्चों की अर्धवार्षिक परीक्षा के प्रश्नपत्र लेने सीएससी सेंन्हा आए थे। इस जवाब के बाद संकुल प्रभारी ने जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि वनांचल क्षेत्रों में पदस्थ कई शिक्षक अपनी जिम्मेदारियों के प्रति गंभीर नहीं रहते। वहीं विभागीय अधिकारी एवं जन शिक्षक समय-समय पर विद्यालयों की मॉनिटरिंग नहीं करते, जिससे ऐसी लापरवाहियां लगातार सामने आ रही हैं। इस संबंध में जनपद सदस्य संतोष मरावी ने कहा कि ऐसे लापरवाह शिक्षकों के खिलाफ वे पोड़ी उपरोड़ा जनपद पंचायत की आगामी मासिक बैठक में मामला उठाएंगे, ताकि वनांचल क्षेत्रों की शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाया जा सके।
दर्री में दिल दहला देने वाला हादसा: तेज रफ्तार हाइवा ने मां-बेटी को कुचला, मौके पर मौत, आक्रोशित लोगों ने किया चक्का जाम
कोरबा। दर्री थाना क्षेत्र में रविवार शाम एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया। बाजार से खरीदारी कर स्कूटी से घर लौट रही एक महिला और उसकी मासूम बेटी को तेज रफ्तार हाइवा वाहन ने पीछे से टक्कर मार दी। हादसा इतना भयावह था कि दोनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हाइवा चालक तेज गति और लापरवाही से वाहन चला रहा था। अचानक हुई टक्कर में स्कूटी सड़क पर घिसटती चली गई और मां-बेटी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। कुछ ही पलों में खुशहाल परिवार मातम में बदल गया। घटना की सूचना फैलते ही इलाके में आक्रोश का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक घटनास्थल पर पहुंच गए और सड़क पर उतरकर यातायात बाधित कर दिया। लोगों ने हाइवा चालक को हादसे का जिम्मेदार ठहराते हुए उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। चक्का जाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और हालात तनावपूर्ण हो गए। सूचना मिलते ही दर्री थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित करने का प्रयास किया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तथा मामले में वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस प्रशासन भीड़ को समझाइश देकर शांत कराने और यातायात को बहाल करने में जुटा हुआ है। बताया जा रहा है कि हादसे के बाद हाइवा चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है और पूरे घटनाक्रम की गहन जांच की जा रही है। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर शहर में भारी वाहनों की बेलगाम रफ्तार और सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन दोषियों पर कितनी सख्ती दिखाता है और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।
गेवरा खदान में बवाल: दो निजी कंपनियों के कर्मचारियों में भिड़ंत, सुरक्षा कर्मी भी बने शिकार, वीडियो वायरल
कोरबा। एसईसीएल की गेवरा खदान में शनिवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब दो गुटों के बीच मामूली कहासुनी देखते ही देखते हिंसक झड़प में तब्दील हो गई। यह विवाद केसीपीएल और केके इंटरप्राइजेज कंपनियों के कर्मचारियों के बीच हुआ, जिसमें दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर जमकर लात-घूंसे बरसाए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे खदान प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विवाद इतना उग्र हो गया कि मौके पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों को बीच-बचाव के लिए आगे आना पड़ा, लेकिन हालात बेकाबू होने के कारण वे खुद भी हाथापाई की चपेट में आ गए। कुछ देर तक खदान परिसर रणक्षेत्र बना रहा, जिससे कामकाज पूरी तरह प्रभावित हुआ। कर्मचारियों का कहना है कि गेवरा खदान में इस तरह की घटनाएं अब आम होती जा रही हैं। स्थानीय सूत्रों का आरोप है कि खदान में बढ़ती दबंगई और आपसी टकराव के बावजूद प्रबंधन आंख मूंदे बैठा है। पहले खदान परिसर में सख्त निगरानी व्यवस्था थी—सीसीटीवी कैमरों के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखी जाती थी और मारपीट या अनुशासनहीनता पर संबंधित कंपनी के खिलाफ जांच के बाद कड़ी कार्रवाई, यहां तक कि ब्लैकलिस्टिंग भी की जाती थी। लेकिन अब वह व्यवस्था कमजोर पड़ती नजर आ रही है, जिससे कर्मचारियों में कार्रवाई का भय खत्म होता जा रहा है। कर्मचारियों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो खदान परिसर में कभी भी कोई बड़ी और गंभीर घटना घट सकती है। सूत्रों के अनुसार, इस पूरे मामले की जानकारी एसईसीएल प्रबंधन को दे दी गई है, लेकिन अब तक किसी ठोस कार्रवाई या आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है। इधर, दीपका थाना प्रभारी प्रेमचंद साहू ने बताया कि मामले में शिकायत दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने घटनाक्रम की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या गेवरा जैसी देश की प्रमुख कोयला खदान में अनुशासन बहाल करने के लिए प्रबंधन सख्त कदम उठाएगा, या फिर ऐसी घटनाएं यूं ही बढ़ती रहेंगी?
संपत्ति विवाद में खूनखराबे की नौबत: बड़े भाई ने छोटे भाई को तलवार लेकर दौड़ाया, आरोपी जेल भेजा गया
सुशील जायसवाल कोरबी/चोटिया (पसान)। पसान थाना अंतर्गत कोरबी चौकी क्षेत्र के ग्राम पंचायत जलके (तेंदूटिकरा) में संपत्ति विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। भैंस की लेन-देन और बंटवारे को लेकर हुए विवाद में बड़े भाई ने छोटे भाई की जान लेने की नीयत से उस पर धारदार तलवार लेकर दौड़ा दिया। घटना से गांव में अफरा-तफरी मच गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना शनिवार 3 जनवरी 2026 की है। प्रार्थी बाबूलाल यादव (27 वर्ष), पिता प्रभु यादव, निवासी ग्राम पंचायत जलके ने पुलिस को बताया कि उसका बड़ा भाई बनवारी लाल यादव लंबे समय से संपत्ति और भैंस की लेन-देन को लेकर उससे झगड़ा करता आ रहा था। शनिवार को इसी विवाद ने उग्र रूप ले लिया। आरोप है कि भैंस बेचने को लेकर हुए विवाद में बनवारी लाल यादव तैश में आ गया और भारी-भरकम लोहे की धारदार तलवार लेकर अपने छोटे भाई बाबूलाल को मारने की नीयत से दौड़ा दिया। जान बचाने के लिए बाबूलाल किसी तरह मौके से भागा और गांव के कोटवार के साथ स्थानीय पुलिस चौकी पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए चौकी प्रभारी सुरेश कुमार जोगी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी बनवारी लाल यादव को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 296, 351(3) एवं आर्म्स एक्ट की धारा 25 व 27 के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया। न्यायालय में जमानत नहीं मिलने पर आरोपी को जेल भेज दिया गया है। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है, वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं।
स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट शासकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय कोरबी में सरस्वती पूजन हर्षोल्लास से संपन्न















