कोरबा में दिल दहला देने वाली घटना: प्रेमी की प्रताड़ना से टूटी 17 साल की नाबालिग, जंगल में पेड़ से लटकी मिली लाश
✍️ भागीरथी यादव कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। कोरबी चौकी क्षेत्र के पाली गांव में एक 17 वर्षीय नाबालिग लड़की ने अपने बॉयफ्रेंड की लगातार मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के करीब एक महीने बाद पुलिस ने आरोपी प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है। शक, ताने और रोज़ का झगड़ा बना मौत की वजह परिजनों के मुताबिक आरोपी युवक दिलराज मरकाम (20) लड़की पर लगातार शक करता था। वह आए दिन उसे बेवफा कहता, किसी और से संबंध होने का आरोप लगाता और झगड़ा करता था। इस मानसिक दबाव ने नाबालिग को अंदर से पूरी तरह तोड़ दिया। बाजार गई, फिर कभी वापस नहीं लौटी 27 नवंबर को नाबालिग अपने भाई-बहन के साथ गांव के बाजार गई थी। रात में घर लौटने के बाद तीनों अपने-अपने कमरे में सो गए। लेकिन अगली सुबह लड़की अपने कमरे में नहीं मिली। परिजनों ने गांव और आसपास के इलाकों में उसकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद कोरबी चौकी पुलिस को सूचना दी गई। जंगल में पेड़ से लटका मिला शव दो दिन बाद, 29 नवंबर को गांव से सटे जंगल में एक पेड़ पर नाबालिग का शव फांसी के फंदे से लटका मिला। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों से शव की पहचान कराई। इस दृश्य ने पूरे गांव को सन्न कर दिया। आखिरी बार प्रेमी के साथ देखी गई थी परिवार ने पुलिस को बताया कि लड़की के लापता होने के दौरान वह दिलराज मरकाम से मिलने गई थी। वहां दोनों के बीच फिर से झगड़ा हुआ। आरोप है कि इसी झगड़े और मानसिक यातना से आहत होकर नाबालिग ने आत्महत्या जैसा खौफनाक कदम उठाया। जुर्म कबूल, आरोपी गिरफ्तार परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने दिलराज मरकाम को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान आरोपी ने नाबालिग से प्रेम संबंध और मानसिक उत्पीड़न की बात स्वीकार कर ली। कबूलनामे के बाद पुलिस ने उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया। गांव में आक्रोश, न्याय की मांग घटना के बाद से पाली गांव में गहरा शोक और आक्रोश का माहौल है। परिजन और ग्रामीण नाबालिग को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि मानसिक प्रताड़ना भी किसी की जान ले सकती है, और ऐसे मामलों में समय रहते हस्तक्षेप कितना जरूरी है।
कोरबा में उन्नाव गैंगरेप मामले को लेकर युवा कांग्रेस का आक्रोश, टीपी नगर चौक पर आरएसएस-भाजपा का पुतला दहन
✍️ भागीरथी यादव कोरबा। उन्नाव गैंगरेप पीड़िता को न्याय दिलाने की माँग को लेकर शनिवार को जिला युवा कांग्रेस, कोरबा (शहर) द्वारा टीपी नगर चौक में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरएसएस-भाजपा का पुतला दहन कर अपना तीखा विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान युवा कांग्रेस पदाधिकारियों ने कहा कि उन्नाव गैंगरेप पीड़िता एक बार फिर न्याय की गुहार लगाने सड़कों पर उतरने को मजबूर है, जो देश की न्याय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस जघन्य अपराध का आरोपी भाजपा नेता कुलदीप सिंह सेंगर को जमानत मिलना पीड़िता के साथ अन्याय है और सत्ता के संरक्षण को उजागर करता है। युवा कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक पीड़िता को पूर्ण न्याय नहीं मिलता, तब तक उनका आंदोलन और संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि दोषियों को सख्त सजा दिलाई जाए और पीड़िता को हर स्तर पर न्याय व सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। इस विरोध प्रदर्शन में युवा कांग्रेस के पवन विश्वकर्मा, सुनील निर्मलकर, विवेक श्रीवास, अमित सिंह, सुजीत बर्मन, नारायण यादव, आशीष गुप्ता, हरीश भारती, लगन चौहान, मिनकेतन गबेल, अरुण यादव, आकाश प्रजापति, संजय महंत, अभिषेक तंबोली, घनश्याम चौहान, सोयल साहू, आशीष खड़िया, अभिषेक ठाकुर, तुषार दुबे, दिनेश जायसवाल, सूरज चौहान, राजेश यादव, अर्जुन सिंह, आकाश कुमार प्रजापति, कमल किशोर चंद्रा, बबलू सहित बड़ी संख्या में महिला पदाधिकारी—संगीता श्रीवास, द्रौपदी तिवारी, माधुरी ध्रुव, सांता मरावी, पिंकी महंत एवं अन्य कार्यकर्ता साथी उपस्थित रहे। युवा कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि पीड़िता को जल्द न्याय नहीं मिला, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
कोरबा | कुसमुंडा क्षेत्र में लापता बुजुर्ग का शव मिलने से सनसनी
✍️ भागीरथी यादव कोरबा जिले के कुसमुंडा थाना क्षेत्र अंतर्गत वैशाली नगर खम्हरिया निवासी 55 वर्षीय चैतराम यादव का शव कुसमुंडा खदान से सटे बरपाली इलाके में मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। बताया जा रहा है कि चैतराम यादव पिछले 10 से 12 दिनों से लापता थे, जिसकी सूचना परिजनों द्वारा पहले ही पुलिस को दी जा चुकी थी। शनिवार को स्थानीय लोगों ने खोडरी बरपाली से खदान की ओर जाने वाले ऊपरी रास्ते पर एक बुजुर्ग का शव देखा, जिसके बाद तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची कुसमुंडा पुलिस ने शव की पहचान चैतराम यादव के रूप में कर परिजनों को इसकी जानकारी दी। ठंड से मौत की आशंका प्राथमिक जांच में पुलिस ने ठंड से शरीर अकड़ने के कारण मौत होने की आशंका जताई है। हालांकि, शव की स्थिति को देखते हुए यह अनुमान भी लगाया जा रहा है कि मौत हाल ही में हुई है। शव को विकास नगर स्थित अस्पताल की मर्चुरी में सुरक्षित रखवाया गया है, जहां मर्ग पंचनामा की कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा। परिजनों ने पहले दर्ज कराई थी गुमशुदगी परिजनों के अनुसार, चैतराम यादव अक्सर घर से घूमने निकल जाया करते थे और कुछ समय बाद लौट आते थे। लेकिन इस बार कई दिनों तक वापस नहीं लौटने पर परिवार ने चिंता जताते हुए पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। साथ ही रिश्तेदारों और आसपास के क्षेत्रों में भी उनकी तलाश की जा रही थी। फोन के जरिए शव मिलने की सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे। मौके से मिला सामान पुलिस को घटनास्थल के पास से बीड़ी और एक थैला भी मिला है। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही बुजुर्ग की मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
सेवा, सुशासन और राष्ट्रनिष्ठा के प्रतीक थे अटल बिहारी वाजपेई — डॉ. पवन सिंह
सुशील जायसवाल सिरमिना में सेवा सुशासन दिवस पर उमड़ा जनउत्साह कोरबी (सिरमिना)। भारत रत्न, भूतपूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की जयंती को सेवा सुशासन दिवस के रूप में पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड अंतर्गत दूरस्थ सीमा क्षेत्र ग्राम पंचायत सिरमिना में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। 25 दिसंबर को आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह रहे। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, पार्टी कार्यकर्ता और ग्रामवासी उपस्थित रहे, जिनके चेहरों पर उल्लास और गौरव स्पष्ट झलक रहा था। मुख्य अतिथि डॉ. पवन सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि “अटल बिहारी वाजपेई केवल एक राजनेता नहीं थे, बल्कि वे सुशासन, राष्ट्रनिष्ठा और संवेदनशील राजनीति की जीवंत मिसाल थे। सत्ता में हों या विपक्ष में, मर्यादा, संवाद और राष्ट्रहित उनके सार्वजनिक जीवन की पहचान रही।” उन्होंने आगे कहा कि अटल जी का सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत का सपना आज ‘विकसित भारत’ के संकल्प के रूप में साकार होता दिख रहा है। उनके दूरदर्शी नेतृत्व ने 21वीं सदी के नए भारत की मजबूत नींव रखी। विचार, वाणी और व्यवहार — तीनों में “राष्ट्र प्रथम” की भावना आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत है। इस अवसर पर ग्राम पंचायत चौक में निर्माणाधीन अटल स्मारक में डॉ. पवन सिंह ने अटल बिहारी वाजपेई के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। वहीं भारतीय जनता पार्टी सिरमिना मंडल के कार्यकर्ताओं द्वारा ग्राम पंचायत छिंदिया, पाली, कोरबी सहित विभिन्न बूथों पर भी अटल जी के तैलचित्र पर श्रीफल, माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से विवेक मारकंडे (जिला मंत्री), मंडल अध्यक्ष सोहन सिंह कोराम, पूर्व मंडल अध्यक्ष विष्णु यादव, रवि मरकाम, प्रहलाद सिंह, राकेश जायसवाल, दुबे, अशोक रजक, हीरा प्रताप सिंह, श्रीकुमार, मुरली गुप्ता सहित अनेक बूथ अध्यक्ष, पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन अटल जी के विचारों को आत्मसात करने और सेवा व सुशासन के मार्ग पर चलने के संकल्प के साथ किया गया।
कोरबा में भाजपा नेता अक्षय गर्ग हत्याकांड का 24 घंटे में खुलासा, साजिशकर्ता समेत सभी आरोपी गिरफ्तार
✍️ भागीरथी यादव कोरबा, 24 दिसंबर। कोरबा जिले को झकझोर देने वाले वरिष्ठ भाजपा नेता एवं जनपद पंचायत बिंझरा के सदस्य अक्षय गर्ग की जघन्य हत्या के मामले में पुलिस ने ऐतिहासिक सफलता हासिल करते हुए महज 24 घंटे के भीतर साजिशकर्ता से लेकर हत्यारों तक सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस सनसनीखेज हत्याकांड के खुलासे से न केवल पुलिस की कार्यकुशलता सामने आई है, बल्कि जिले में फैली दहशत पर भी अंकुश लगा है। घटना की गंभीरता को देखते हुए आईजी डॉ. संजीव शुक्ला स्वयं कटघोरा पहुंचे, जबकि पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने कटघोरा थाना अंतर्गत जटगा पुलिस सहायता केंद्र में कैंप लगाकर पूरे ऑपरेशन की कमान संभाली। कप्तान के नेतृत्व में गठित तकनीकी व विशेष टीमों ने लगातार काम करते हुए कुछ ही घंटों में हत्या की साजिश की परतें खोल दीं। ऐसे रची गई हत्या की साजिश पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या की साजिश एक दिन पहले ही रच ली गई थी, लेकिन मौके के अभाव में अगले दिन वारदात को अंजाम दिया गया। घटना के दिन गुलशन दास बाइक से आगे-आगे चलकर अक्षय गर्ग की गतिविधियों की रेकी करता रहा। इसके बाद मौके पर पहुंचे मुख्य साजिशकर्ता मुस्ताक अहमद ने चाकू से हमला किया, जबकि विश्वजीत ओग्रे ने कुल्हाड़ी से जानलेवा वार कर अक्षय गर्ग की हत्या कर दी। आरोपी जिस चार पहिया वाहन (अर्बन क्रूज़र, CG 12 BF 4345) से घटनास्थल तक पहुंचे थे, उसे पुलिस ने जब्त कर लिया है। साथ ही हत्या में प्रयुक्त चाकू, लोहे की टंगिया, खून से सने कपड़े, मोबाइल फोन और अन्य अहम साक्ष्य भी बरामद किए गए हैं। हत्या की वजह: व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा और राजनीतिक रंजिश पुलिस के अनुसार इस हत्याकांड की जड़ में व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा और राजनीतिक रंजिश थी। मुख्य आरोपी मुस्ताक अहमद ठेकेदारी के क्षेत्र में काम करना चाहता था, लेकिन अक्षय गर्ग के प्रभाव के कारण उसे क्षेत्र में अवसर नहीं मिल पा रहा था। पूर्व जनपद चुनाव में दोनों के बीच सीधा मुकाबला हुआ था। चुनाव में अक्षय गर्ग की जीत के बाद उनका सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव बढ़ा, जबकि मुस्ताक का दबदबा कमजोर हुआ—यही बात धीरे-धीरे घातक रंजिश में बदल गई। गिरफ्तार आरोपी मिर्जा मुस्ताक अहमद (27 वर्ष) – निवासी ग्राम मलदा, मुख्य साजिशकर्ता विश्वजीत ओग्रे (21 वर्ष) – निवासी ग्राम सिंघिया कोरबी गुलशन दास (26 वर्ष) – निवासी ग्राम मलदा एक 15 वर्षीय नाबालिग – विधि से संघर्षरत बालक सभी वयस्क आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है, जबकि नाबालिग को बाल न्याय अधिनियम के तहत विधिसम्मत कार्रवाई में लिया गया है। इस पूरे अभियान में पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नितिश ठाकुर, एसडीओपी, कटघोरा थाना पुलिस और जिला पुलिस टीम की भूमिका को सराहनीय बताया जा रहा है। कोरबा पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं और अपराधी कितने भी प्रभावशाली क्यों न हों, वे न्याय से बच नहीं सकते।
भाजपा नेता हत्याकांड पर बड़ा अपडेट: कॉल डिटेल और वाहन से खुलेगा राज
✍️ भागीरथी यादव अपडेट (update) कोरबा। कटघोरा थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह हुई भाजपा नेता व पीएमजीएसवाई ठेकेदार अक्षय गर्ग की नृशंस हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। इस सनसनीखेज हत्याकांड में पुलिस ने 5 संदिग्धों को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ शुरू कर दी है। सूत्रों का दावा है कि जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जा सकता है। दिनदहाड़े कंस्ट्रक्शन साइट पर धारदार हथियार से की गई हत्या ने न केवल क्षेत्र में दहशत फैला दी, बल्कि राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी खलबली मचा दी। प्रारंभिक जांच में पुरानी रंजिश को हत्या की बड़ी वजह माना जा रहा है। पुलिस को यह भी अहम सुराग मिला है कि वारदात में इस्तेमाल वाहन किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर पंजीकृत है, जिसकी भूमिका को लेकर जांच तेज कर दी गई है। उधर, पीएमजीएसवाई ठेकेदार की हत्या की खबर से विभाग में भी हड़कंप है। जानकारी सामने आई है कि हत्या से ठीक पहले एक सब-इंजीनियर से फोन पर बातचीत हुई थी। पुलिस ने इस कॉल डिटेल को जांच के दायरे में लेते हुए घटनाक्रम की हर कड़ी को जोड़ना शुरू कर दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्य, कॉल रिकॉर्ड और हिरासत में लिए गए संदिग्धों से मिली जानकारियों के आधार पर जांच अंतिम चरण में है। जल्द ही इस बहुचर्चित हत्याकांड से पर्दा उठाते हुए आरोपियों को बेनकाब किया जाएगा।
संवेदनशील न्यायिक क्षेत्र में सवालों के घेरे में थाना प्रभारी
FIR न लिखने, अवैध वसूली और जुए–सट्टे को संरक्षण देने के गंभीर आरोप कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले का सिविल लाइन रामपुर थाना—जहां न्यायालय, कलेक्टर कार्यालय, पुलिस अधीक्षक कार्यालय और वरिष्ठ अधिकारियों के शासकीय आवास स्थित हैं—आज खुद सवालों के कठघरे में खड़ा नजर आ रहा है। कारण हैं, थाना प्रभारी प्रमोद दंसेना, जिन पर एक के बाद एक गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं। स्थानीय नागरिकों और पीड़ितों का आरोप है कि थाना प्रभारी न केवल गंभीर मामलों में एफआईआर दर्ज करने से बचते रहे, बल्कि निजी लाभ के लिए आरोपियों को संरक्षण भी दिया गया। हैरानी की बात यह है कि इतने संवेदनशील क्षेत्र में, गंभीर आरोपों के बावजूद, थाना प्रभारी का एक साल से अधिक समय तक उसी पद पर बने रहना, पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। वीडियो सूत्र कोरबा न्यूज टुडे से थाने से न्याय नहीं, अपमान मिला पीड़ित युवती ने कैमरे पर बयां किया दर्द हाल ही में एक युवती शारीरिक शोषण की शिकायत लेकर सिविल लाइन थाना पहुंची, लेकिन आरोप है कि वहां उसे न्याय देने के बजाय डराया गया, अपमानित किया गया और थाने से भगा दिया गया। थाने से बाहर निकलकर युवती ने कैमरे के सामने अपनी आपबीती सुनाई, जिसमें उसने स्पष्ट कहा कि मदद की गुहार लगाने पर उसकी बात तक नहीं सुनी गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई एक घटना नहीं है, बल्कि इस थाने में पीड़ितों के साथ ऐसा व्यवहार लगातार होता आ रहा है। बांकीमोगरा कार्यकाल भी रहा विवादों से घिरा थाना प्रभारी प्रमोद दंसेना का पूर्व पदस्थापन बांकीमोगरा थाना में भी विवादों में रहा है। आरोप हैं कि उस दौरान जुआ और सट्टा जैसे अवैध कारोबार को खुला संरक्षण मिला, जिससे कई परिवार बर्बादी के कगार पर पहुंच गए। इतना ही नहीं, कोरबा न्यायालय द्वारा अवमानना से जुड़े एक मामले में गैर-जमानती धाराओं के तहत अपराध दर्ज करने के आदेश के बावजूद, आरोप है कि मामले को पुलिस स्तर पर कमजोर कर अदालत में प्रस्तुत किया गया। यह प्रकरण आज भी न्यायालय में लंबित बताया जा रहा है। पुलिस की कार्यशैली पर उठते सवाल लगातार सामने आ रहे मामलों ने थाना प्रभारी की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि समय रहते निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई होती, तो पीड़ितों को दर-दर भटकना नहीं पड़ता। ये आरोप सिर्फ एक अधिकारी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरी पुलिस व्यवस्था की जवाबदेही और पारदर्शिता पर सवाल खड़े करते हैं। लोकसदन पीड़ितों के साथ लोकसदन परिवार स्पष्ट रूप से पीड़ितों के साथ खड़ा है। ऐसे आरोप न केवल आम जनता के भरोसे को तोड़ते हैं, बल्कि कानून-व्यवस्था की साख पर भी गहरा आघात पहुंचाते हैं। लोकसदन ऐसे मामलों पर लगातार नजर बनाए हुए है और सच्चाई को सामने लाने के लिए प्रतिबद्ध है। जनता से अपील यदि थाना प्रभारी प्रमोद दंसेना से जुड़े कोई पुराने या नए मामले, शिकायतें, दस्तावेज़ या प्रमाण आपके पास हैं, तो उन्हें लोकसदन परिवार के समक्ष साझा करें। आपकी आवाज़ को मंच मिलेगा, आपकी लड़ाई में लोकसदन आपके साथ खड़ा रहेगा। 👉 आने वाले एक-दो दिनों में रायपुर और कोरबा से एक साथ प्रकाशित होने वाले लोकप्रिय दैनिक अख़बार और लोकसदन टीवी न्यूज़ चैनल पर इस पूरे मामले को और अधिक विस्तार और साक्ष्यों के साथ प्रसारित किया जाएगा।
RTE में KG-1, KG-2 और नर्सरी प्रवेश बंद करने के फैसले के खिलाफ कांग्रेस का तीखा विरोध
✍️ भागीरथी यादव पवन विश्वकर्मा और सुनील निर्मलकर बोले – गरीब बच्चों के भविष्य से हो रहा खिलवाड़ कोरबा। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) 2009 के तहत KG-1, KG-2 एवं नर्सरी कक्षाओं में प्रवेश बंद कर सीधे कक्षा पहली में दाखिले के निर्णय के खिलाफ कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। भारतीय युवा कांग्रेस कोरबा (शहर) के जिलाध्यक्ष राकेश पंकज के नेतृत्व में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर इस निर्णय को तत्काल वापस लेने की मांग की गई। इस विरोध में युवा नेता पवन विश्वकर्मा एवं कोरबा ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सुनील निर्मलकर ने भी सरकार के फैसले को जनविरोधी बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी। युवा नेता पवन विश्वकर्मा ने कहा कि प्रारंभिक बाल शिक्षा बच्चों के मानसिक, सामाजिक और शैक्षणिक विकास की नींव होती है। KG-1, KG-2 और नर्सरी कक्षाओं को समाप्त करना गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से दूर करने जैसा है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय निजी स्कूलों को फायदा पहुंचाने वाला है, जबकि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों का भविष्य दांव पर लगाया जा रहा है। वहीं कोरबा ब्लॉक अध्यक्ष सुनील निर्मलकर ने कहा कि ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार पहले ही संसाधनों की कमी से जूझ रहे हैं। अब बच्चों को सीधे कक्षा पहली में डालना न केवल अव्यवहारिक है, बल्कि इससे ड्रॉप-आउट की संख्या भी बढ़ेगी। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि समान शिक्षा के अधिकार की भावना को समझते हुए पुराने नियमों को बहाल किया जाए। ज्ञापन में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया कि यदि यह निर्णय वापस नहीं लिया गया तो प्रदेशभर में कांग्रेस और युवा कांग्रेस आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी। नेताओं ने कहा कि बच्चों के भविष्य से कोई भी समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कांग्रेस नेताओं को उम्मीद है कि राज्य सरकार इस गंभीर विषय पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेकर KG-1, KG-2 और नर्सरी में पुनः प्रवेश प्रक्रिया शुरू करेगी, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।
कोरबा में दिनदहाड़े सनसनीखेज हत्या: भाजपा के वरिष्ठ नेता व जनपद सदस्य अक्षय गर्ग पर जानलेवा हमला, अस्पताल पहुंचने से पहले मौत
✍️ भागीरथी यादव कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से सोमवार को एक हिला देने वाली वारदात सामने आई है। कारखाना मोहल्ला निवासी, भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, जनपद सदस्य और ठेकेदार अक्षय गर्ग पर अज्ञात हमलावरों ने दिनदहाड़े धारदार हथियारों से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में गंभीर रूप से घायल अक्षय गर्ग की इलाज के दौरान मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घटना आज सुबह करीब 9 से 10 बजे के बीच की बताई जा रही है। अक्षय गर्ग ग्राम केशलपुर में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत चल रहे सड़क निर्माण कार्य की साइट पर मौजूद थे। इसी दौरान एक काले रंग की कार में सवार होकर पहुंचे करीब तीन हमलावरों ने उन पर अचानक ताबड़तोड़ हमला कर दिया और मौके से फरार हो गए। हमले में गंभीर रूप से घायल अक्षय गर्ग को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की खबर फैलते ही कटघोरा सहित पूरे जिले में सनसनी फैल गई। अस्पताल परिसर में परिजनों, शुभचिंतकों और बड़ी संख्या में कटघोरावासियों की भीड़ जमा हो गई है। माहौल शोक के साथ आक्रोशपूर्ण बना हुआ है। सूचना मिलते ही कटघोरा थाना प्रभारी धर्म नारायण तिवारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गए हैं। वहीं, जिला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी कटघोरा और घटनास्थल की ओर रवाना हो चुके हैं। पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है, हमलावरों की तलाश के लिए नाकेबंदी और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। दिनदहाड़े एक जनप्रतिनिधि की इस तरह निर्मम हत्या ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस जल्द ही पूरे मामले के खुलासे का दावा कर रही है।
कोरबा–कटघोरा में पुलिस महकमे की बड़ी अदला-बदली
✍️ भागीरथी यादव सीएसपी बदले, कटघोरा को मिला नया एसडीओपी रायपुर/कोरबा। छत्तीसगढ़ शासन के गृह (पुलिस) विभाग मंत्रालय द्वारा राज्य पुलिस सेवा के 95 अधिकारियों के व्यापक तबादले किए गए हैं। इस सूची में 35 एडिशनल एसपी/उप सेनानी और 60 डीएसपी रैंक के अधिकारी शामिल हैं। इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल का सीधा असर कोरबा जिले और कटघोरा अनुभाग पर भी पड़ा है। जारी आदेश के अनुसार कोरबा के सीएसपी भूषण एक्का का तबादला कर उन्हें एसडीओपी बेमेतरा के पद पर नई जिम्मेदारी दी गई है। वहीं कटघोरा के एसडीओपी पंकज ठाकुर को स्थानांतरित कर डीएसपी पीटीएस राजनांदगांव बनाया गया है। जिला मुख्यालय में पदस्थ डीएसपी प्रतिभा मरकाम को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देते हुए डीएसपी एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट, बस्तर में पदस्थ किया गया है। कोरबा सीएसपी के पद पर अब प्रतीक चतुर्वेदी (पूर्व में डीएसपी अजाक/क्राइम, कबीरधाम) की नियुक्ति की गई है, जबकि विजय सिंह राजपूत (डीएसपी सुरक्षा, जशपुर) को कटघोरा का नया एसडीओपी बनाया गया है। इस प्रशासनिक बदलाव से कोरबा और कटघोरा क्षेत्र में पुलिस व्यवस्था को और अधिक मजबूत व प्रभावी बनाने की उम्मीद जताई जा रही है। नई पदस्थापनाओं के बाद जिले में कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर नई रणनीति के संकेत भी मिल रहे हैं।

स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट शासकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय कोरबी में सरस्वती पूजन हर्षोल्लास से संपन्न














