सिवान में फिर गोलियों की गूंज—मुखिया की दिनदहाड़े हत्या, देर रात युवक को मारी गोली
✍️ भागीरथी यादव अपराध की बढ़ती घटनाओं से दहशत में आम लोग, सड़क पर उतरे ग्रामीण सिवान जिले में बुधवार का दिन और रात दोनों ही दहशतभरे साबित हुए। रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के गोपी पत्तियांव पंचायत में बुधवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई जब पंचायत के मुखिया रांधा साह की बाइक सवार बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। फुलवरिया मोड़ के पास हुई इस वारदात ने पूरे इलाके में खौफ भर दिया। मुखिया की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि हमलावर फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण उग्र हो उठे। सैकड़ों की संख्या में लोग गुठनी–मांझी मुख्य पथ पर जुट गए और शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। प्रखंड के सभी मुखियाओं सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतर आए और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने इलाके में बढ़ते अपराध को लेकर पुलिस पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया और हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी, पीड़ित परिवार को मुआवजा व सुरक्षा प्रदान करने की मांग की। जाम के कारण मुख्य मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह ठप हो गया। बाद में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को शांत कराने का प्रयास किया। इधर, रात होते-होते जिले में एक और गोलीकांड हो गया। बड़हरिया थाना क्षेत्र के सिसवा पश्चिम टोला में देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई जब पल्सर बाइक पर सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने आग ताप रहे 28 वर्षीय नसीम अहमद को पीछे से गोली मार दी। गोली नसीम की कमर को चीरती हुई आर-पार हो गई। ग्रामीणों ने गंभीर रूप से घायल नसीम को तत्काल सदर अस्पताल सिवान पहुंचाया, जहां से डॉक्टरों ने हालत नाजुक देखते हुए उसे पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PMCH) रेफर कर दिया। बड़हरिया पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। प्रारंभिक रूप से पुरानी रंजिश की आशंका जताई जा रही है। अपराधियों की तलाश में पुलिस कई जगहों पर छापेमारी कर रही है। पिछले एक महीने में सिवान जिले में गोलीकांड और हत्याओं की दर्जनों वारदातें हो चुकी हैं, जिससे लोगों में भय और असुरक्षा की भावना गहरी होती जा रही है। विपक्ष ने भी सरकार और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए हमला बोला है। सम्राट चौधरी द्वारा चुनाव से पहले किए गए वादे—“अपराधी बिहार छोड़कर भाग जाएंगे”—की याद दिलाते हुए विपक्ष ने वर्तमान स्थिति को सरकार की नाकामी बताया है। सिवान में लगातार बढ़ती आपराधिक वारदातों ने जिले की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और आम जनता में बेचैनी गहराती जा रही है।
छपरा में पुलिस-शराब माफिया आमने-सामने: कुख्यात तस्कर अजय राय मुठभेड़ में घायल, हथियारों का जखीरा बरामद
✍️ भागीरथी यादव बिहार में नई सरकार बनने के बाद अपराधियों पर शिकंजा कसना तेज हो गया है। इसी सख्ती का असर छपरा के मांझी इलाके में देखने को मिला, जहां देर रात पुलिस और शराब माफियाओं के बीच जोरदार मुठभेड़ हुई। जवाबी कार्रवाई में कुख्यात तस्कर अजय राय को पैर में गोली लगने से घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि उसका साथी सुकेश कुमार मौके पर ही सरेंडर कर गया। सूत्रों के मुताबिक, अजय राय भारी मात्रा में अवैध शराब की खेप लेकर नदी मार्ग से दुर्गा घाट पर पहुंचा था। गुप्त सूचना पर मांझी थाना पुलिस पहले से ही घेराबंदी कर चुकी थी। जैसे ही तस्करों ने पुलिस को देखा, उन्होंने अचानक अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी तत्काल जवाबी कार्रवाई की और कुछ ही मिनटों में हालात काबू में कर लिए। घायल तस्कर अजय राय को छपरा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका उपचार जारी है। मौके से पुलिस ने दो देसी कट्टा, चार जिंदा कारतूस और दो खोखे बरामद किए हैं। बताया जा रहा है कि तस्कर नाव से यूपी-बिहार सीमा के बीच सक्रिय बड़े गिरोहों के लिए शराब की सप्लाई कर रहे थे। नगर में चर्चा है कि गृह मंत्री सम्राट चौधरी के कार्यभार संभालने के बाद 12 दिनों में यह तीसरा बड़ा एनकाउंटर है। लगातार हो रही कार्रवाई से शराब माफियाओं में हड़कंप मचा है। पुलिस अब गिरफ्तार तस्करों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क और सप्लाई चेन की कड़ियों को खंगाल रही है। मांझी क्षेत्र में बीते कुछ महीनों से शराब तस्करी तेजी से बढ़ रही थी, लेकिन नई सरकार के बाद शुरू हुए अभियान से ऐसे नेटवर्क पर कड़ा प्रहार किया जा रहा है। इस ताजा मुठभेड़ ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि बिहार पुलिस अब शराब माफियाओं को किसी कीमत पर बख्शने के मूड में नहीं है।
बगहा में सनसनी: दवा दुकान में फंदे से लटका मिला युवक, संदिग्ध नोट ने बढ़ाई रहस्य की पहेली
✍️ भागीरथी यादव बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में स्थित पुलिस जिला बगहा से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। पटखौली थाना क्षेत्र में एक दवा दुकान के अंदर 25 वर्षीय युवक राजा कुमार का शव फंदे से लटका हुआ मिलने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। मामले को और अधिक रहस्यमय बना दिया है शव के पास से मिला एक संदिग्ध नोट, जिसे पुलिस ने कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। सुबह-सुबह मिली दिल दहला देने वाली खबर वाल्मीकिनगर थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर रमपुरवा निवासी मदन खटीक का बेटा राजा कुमार पिछले छह महीनों से पटेहरा चौक पर अपनी दवा दुकान चला रहा था। रविवार की सुबह जब उसके नाना भागीरथी खटीक ने उसे कॉल किया तो फोन स्विच ऑफ मिला। संदेह होने पर उन्होंने अपने बेटे लालमोहन कुमार को दुकान पर भेजा। खिड़की से झांका तो उड़ गए होश दुकान पहुंचने पर लालमोहन ने देखा कि शटर अंदर से बंद था। खिड़की से झांकते ही उसके पैरों तले जमीन खिसक गई — राजा का शव फंदे से झूल रहा था। सूचना मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। राजा तीन बहनों का इकलौता भाई था और अभी अविवाहित था, ऐसे में उसकी मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। संदिग्ध नोट बना जांच का केंद्र सूचना पर पहुंची पुलिस ने दुकान का शटर खुलवाकर कमरे की तलाशी ली। इसी दौरान एक संदिग्ध नोट बरामद हुआ, जिसने मामले को पेचीदा बना दिया है। थानाध्यक्ष हृदयानंद सिंह के अनुसार— > “प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का लगता है, लेकिन नोट की भाषा और उसमें दर्ज बातें कई सवाल खड़े करती हैं। असली सच पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा।” फॉरेंसिक टीम ने मौके से कई अहम सैंपल इकट्ठा किए हैं, जिसमें लिखावट, रस्सी, फर्श के निशान आदि शामिल हैं। परिवार और क्षेत्र में मातम युवक की मौत की खबर फैलते ही पटेहरा चौक और आसपास के इलाके में शोक का माहौल है। लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर छह महीने से दुकान चला रहे शांत स्वभाव के इस युवक की मौत के पीछे क्या वजह हो सकती है? फिलहाल पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है और नोट की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
छपरा में पुलिस की बड़ी कार्रवाई: कुख्यात अपराधी ‘शिकारी राय’ मुठभेड़ में घायल होकर गिरफ्तार
✍️ भागीरथी यादव छपरा में सोमवार सुबह हुई पुलिस मुठभेड़ ने पूरे क्षेत्र में हलचल मचा दी। हत्या सहित कई गंभीर मामलों में वांछित कुख्यात अपराधी नंदकिशोर राय उर्फ शिकारी राय पुलिस की गोली लगने से घायल होकर धर लिया गया। उसके बाएं पैर में गोली लगते ही पुलिस टीम ने उसे काबू में कर लिया। घायल अवस्था में उसे तुरंत एम्बुलेंस से सदर अस्पताल भेजा गया, जहां भारी सुरक्षा के बीच उसका इलाज जारी है। तेलपा हत्याकांड के बाद SIT की ताबड़तोड़ कार्रवाई रविवार दोपहर तेलपा में एक युवक की सिर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज वारदात के बाद गठित SIT टीम ने बिशनपुर में छापेमारी शुरू की। इसी दौरान शिकारी राय ने पुलिस को देखते ही अंधाधुंध फायरिंग कर दी, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें आरोपी घायल हो गया। ASI घायल, स्थिति अब स्थिर मुठभेड़ की गोलीबारी में एक ASI भी घायल हो गए। उन्हें तत्काल सदर अस्पताल लाया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। हथियारों का जखीरा बरामद एसएसपी कुमार आशीष ने बताया कि आरोपी के पास से दो पिस्टल आठ जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। पूछताछ में उसने तेलपा हत्याकांड में शामिल होने की बात कबूल की है। संपूर्ण नेटवर्क पर पुलिस की नजर पुलिस अब शिकारी राय के आपराधिक नेटवर्क, सहयोगियों और सप्लायरों की पहचान में जुट गई है। नई सरकार के बाद बिहार पुलिस का यह एक और बड़ा एक्शन माना जा रहा है। यह मुठभेड़ साफ संकेत देती है कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस अब पूरी तरह एक्शन मोड में है।
पटना बेऊर जेल में तड़के बड़ी छापेमारी: नए गृह मंत्री के निर्देश के बाद पुलिस एक्शन में, जेल प्रशासन में हड़कंप
✍️ भागीरथी यादव पटना के अति संवेदनशील बेऊर केंद्रीय कारा में शनिवार तड़के पुलिस ने व्यापक छापेमारी अभियान चलाया। कार्रवाई इतनी अचानक और बड़े पैमाने पर थी कि जेल प्रशासन में अफरा-तफरी मच गई। यह छापेमारी बिहार के नए गृह मंत्री सम्राट चौधरी द्वारा जेलों में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों पर सख्त कदम उठाने के निर्देश के बाद की गई है। बेऊर जेल वह स्थान है जहां फिलहाल मोकामा के विधायक और बाहुबली नेता अनंत सिंह बंद हैं, जिसके कारण यह छापेमारी और भी संवेदनशील मानी जा रही है। — सुबह 5 बजे अचानक शुरू हुआ ऑपरेशन सर्च ऑपरेशन सुबह करीब 5 बजे शुरू हुआ, जब सभी कैदी अपने-अपने वार्डों में बंद थे। अभियान का नेतृत्व सिटी एसपी पूर्वी, सिटी एसपी मध्य और एडीएम ने किया। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सभी वार्डों की गहन तलाशी ली गई और किसी बाहरी व्यक्ति को जेल परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। — बेऊर जेल से आपराधिक गतिविधियों के तार जुड़ने का शक सूत्रों के अनुसार, राजधानी पटना और आसपास के जिलों में हाल ही में हुई हत्या, लूट और डकैती जैसी बड़ी वारदातों के तार बेऊर जेल में बंद कुछ अपराधियों से जुड़े होने की आशंका थी। इसी शक के आधार पर पुलिस ने निगरानी बढ़ाई और औचक छापेमारी को लगातार जारी रखा है। — बरामदगी को लेकर इंतजार, पुलिस बोले—जांच पूरी होने पर खुलासा सर्च के दौरान क्या-क्या सामग्री मिली है, इस पर आधिकारिक बयान अभी नहीं दिया गया है। सिटी एसपी पूर्वी ने बताया कि छापेमारी पूरी होने के बाद ही बरामदगी और आगे की कार्रवाई के बारे में जानकारी दी जाएगी। — अन्य जिलों में भी एक्शन, बाढ़ उपकारा में भी छापा बिहार के कई जिलों में जेलों में छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। बाढ़ उपकारा में भी पुलिस ने इसी तरह की कार्रवाई की है। स्पष्ट है कि गृह मंत्रालय के नए नेतृत्व के बाद पुलिस पूरे राज्य में जेलों में सक्रिय आपराधिक नेटवर्क को तोड़ने के लिए कड़े कदम उठा रही है। — यह छापेमारी राज्य सरकार के सख्त रुख और जेलों में अपराध पर लगाम लगाने की बड़ी पहल का संकेत मानी जा रही है।
खगड़िया में भाजपा नेता पर जानलेवा हमला: नई सरकार के लिए बड़ी चुनौती, दिनदहाड़े सीने में मारी गोली
✍️ भागीरथी यादव खगड़िया। बिहार में नई सरकार के गठन के तुरंत बाद ही अपराधियों ने बेखौफ होकर कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती दे दी है। शुक्रवार को जिले में हुए एक सनसनीखेज हमले ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। गंगौर थाना क्षेत्र में भाजपा के वरिष्ठ नेता दिलीप कुमार को अपराधियों ने दिनदहाड़े गोली मारकर घायल कर दिया। गोली सीधे उनके सीने में लगी, जिससे उनकी हालत बेहद गंभीर है। त्रिभुवन टोला पुलिया के पास घात लगाकर हमला वारदात बिशनपुर मोड़ स्थित त्रिभुवन टोला पुलिया के पास हुई। 56 वर्षीय दिलीप कुमार किसी निजी कार्य से वहां पहुंचे थे। इसी दौरान पहले से घात लगाए अज्ञात हमलावरों ने अचानक फायरिंग कर दी। गोली लगते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई और हमलावर फरार हो गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत उन्हें खगड़िया सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने स्थिति गंभीर बताते हुए बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पताल रेफर कर दिया। राजनीति में सक्रिय चेहरा, पूर्व महामंत्री रह चुके हैं दिलीप कुमार खगड़िया भाजपा का एक जाना-पहचाना नाम हैं। वह पार्टी के पूर्व जिला महामंत्री रह चुके हैं और वर्तमान में मंडल कार्यसमिति सदस्य के रूप में सक्रिय हैं। सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में उनकी मजबूत पकड़ के कारण इस हमले से राजनीतिक हलकों में गहरा रोष है। — पत्नी का दर्द – “उन्होंने सिर्फ इतना कहा… मुझे किसी ने गोली मार दी है” घटना के बाद दिलीप कुमार की पत्नी बेहद सदमे में हैं। उन्होंने बताया— “मुझे उनके फोन पर बस इतना सुनाई दिया कि मुझे किसी ने गोली मार दी है… इसके बाद कुछ भी नहीं कह पाए।” परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में तनाव का माहौल व्याप्त है। — पुलिस जांच में जुटी, अपराधियों की तलाश तेज गंगौर थानाध्यक्ष सुंदर पासवान ने बताया कि फिलहाल पीड़ित का इलाज सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा— “अभी पीड़ित पक्ष से लिखित शिकायत नहीं मिली है। फिर भी पुलिस ने केस की जांच शुरू कर दी है और अपराधियों की पहचान व गिरफ्तारी के लिए छापेमारी चल रही है।” — कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल नए शासन के कार्यभार संभालते ही राजनीतिक हस्ती पर इस तरह का हमला बिहार की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अपराधियों में कोई डर नहीं है और पुलिस को तुरंत कठोर कार्रवाई करके अपराधियों को पकड़ना चाहिए। लोगों ने मांग की है कि इस हमले की उच्चस्तरीय जांच हो और दोषियों को कड़ी सजा मिले।
पटना में बड़ा राजनीतिक बवाल: RJD एमएलसी सुनील सिंह के खिलाफ साइबर थाने में FIR, ‘नेपाल जैसा नज़ारा’ बयान पर हंगामा
✍️ भागीरथी यादव पटना, 13 नवंबर 2025 — बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की मतगणना से जुड़ा एक बयान अब सियासी और कानूनी विवाद का कारण बन गया है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) सुनील सिंह के खिलाफ पटना साइबर थाना में भड़काऊ और अपमानजनक बयान देने के आरोप में गंभीर मामला दर्ज किया गया है। यह शिकायत पुलिस अवर निरीक्षक (SI) खुशबू कुमारी द्वारा 13 नवंबर को दर्ज कराई गई। शिकायत के अनुसार, एमएलसी सुनील सिंह ने सोशल मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों पर मतगणना प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप लगाते हुए एक विवादित बयान दिया था, जिसमें उन्होंने कहा कि— > “अगर मतगणना में गड़बड़ी हुई तो बिहार की सड़कों पर नेपाल जैसा नज़ारा दिखेगा।” 🔴 पुलिस का आरोप: “बयान भड़काऊ और विधि-व्यवस्था के लिए खतरा” शिकायतकर्ता के मुताबिक, इस बयान में सामाजिक वैमनस्य, घृणा फैलाने, और लोक शांति भंग करने की क्षमता है। पुलिस का कहना है कि इस तरह की टिप्पणी जनभावनाओं को भड़काने और विभिन्न समुदायों के बीच तनाव पैदा करने वाली है, जिससे राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता है। ⚖️ कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज पुलिस ने सुनील सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम (RPA) की कई धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। इनमें प्रमुख धाराएं हैं: BNS की धारा 174 – लोक सेवक द्वारा विधि का उल्लंघन, धारा 353 – लोक सेवक के कार्य में बाधा डालना, धारा 352 – शांति भंग करने का प्रयास, धारा 123(4) व 125 (RPA) – चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने और समाज में वैमनस्य फैलाने से संबंधित प्रावधान। 🕵️ जांच की जिम्मेदारी DySP मिथलेश कुमार को इस संवेदनशील मामले की जांच डीएसपी स्तर के अधिकारी मिथलेश कुमार को सौंपी गई है। वे बयान की प्रामाणिकता, वीडियो/पोस्ट के स्रोत, और संभावित आपराधिक इरादे की दिशा में जांच कर रहे हैं। 📱 सोशल मीडिया पर बयान की तलाश पुलिस टीम फिलहाल एमएलसी सुनील सिंह के सोशल मीडिया अकाउंट्स और वायरल वीडियो की जांच में जुटी है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या बयान किसी सार्वजनिक सभा या डिजिटल मंच पर दिया गया था। 🗣️ राजनीतिक हलकों में हलचल राजद खेमे ने इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बताया है, जबकि विपक्षी दलों ने इसे “लोकतंत्र के खिलाफ भड़काऊ राजनीति” का उदाहरण कहा है। चुनावी मौसम में यह मामला अब बिहार की राजनीति में नया तूल पकड़ चुका है।
स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट शासकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय कोरबी में सरस्वती पूजन हर्षोल्लास से संपन्न













