उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व में बड़ी कार्रवाई, अवैध शिकार करते 3 आरोपी गिरफ्तार, भेजे गए जेल
✍️ भागीरथी यादव मैनपुर | उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर वन विभाग ने बड़ी सफलता हासिल की है। अखिल भारतीय बाघ गणना 2026 के दौरान एंटी-पोचिंग टीम ने अवैध शिकार में लिप्त तीन आरोपियों को भरमार बंदूक सहित गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 की गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 15 जनवरी 2026 को सुबह करीब 9 बजे दक्षिण उदंती (कोर क्षेत्र) के नागेश बीट में गश्त के दौरान परिसर रक्षी ने छह लोगों को अवैध रूप से भरमार बंदूक लेकर जंगल में घूमते देखा। तत्काल सूचना मिलने पर एंटी-पोचिंग टीम ने घेराबंदी कर एक आरोपी राजमन पिता कन्हैया यादव को मौके पर पकड़ लिया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी 13 से 16 जनवरी 2026 के बीच उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में अवैध शिकार के उद्देश्य से सक्रिय थे। 16 जनवरी को गोमारझरी नाला में पानी पीने आए तीन जंगली सूअरों में से एक को आरोपी गुप्ताराम ने भरमार बंदूक से गोली मारकर शिकार किया। बाद में जंगली सूअर को प्लास्टिक बोरी में भरकर कांवर के माध्यम से अपने गांव ले जाया गया और मांस का आपस में बंटवारा किया गया। 20 जनवरी 2026 को वन विभाग ने गुप्त सूचना के आधार पर गुप्ताराम को भूतबेड़ा बाजार से गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उसके घर से भरमार बंदूक, 3.100 किलोग्राम जंगली सूअर का कच्चा मांस, भालू का पंजा, बंदूक बनाने के कलपुर्जे, लोहे के छर्रे, कुल्हाड़ी, हंसिया सहित अन्य आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई। वहीं आरोपी भादुराम के घर से खरगोश फंदा, क्लच वायर का फंदा और अन्य शिकार उपकरण बरामद किए गए। इस मामले में वन विभाग ने अज्ञात पीओआर क्रमांक 51/09 दिनांक 15.01.2026 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया। विवेचना अधिकारी वनपाल एवं सहायक परिक्षेत्र अधिकारी धर्मेन्द्र सिंह सोनवानी द्वारा तीनों आरोपियों— गुप्ताराम पिता फरसराम (42 वर्ष), भादुराम पिता बीकोराम (40 वर्ष) और राजमन पिता कन्हैया (30 वर्ष)—को गिरफ्तार कर 22 जनवरी 2026 को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, गरियाबंद के समक्ष पेश किया गया। न्यायालय के आदेश पर तीनों आरोपियों को 13 दिन के न्यायिक रिमांड पर जिला जेल गरियाबंद भेज दिया गया है। प्रकरण में शामिल उड़ीसा राज्य के तीन अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। इस पूरी कार्रवाई में वन विभाग के साथ-साथ गरियाबंद पुलिस साइबर सेल, एंटी-पोचिंग दल और क्षेत्रीय वन अमले का सराहनीय योगदान रहा। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि टाइगर रिजर्व क्षेत्र में अवैध शिकार और घुसपैठ के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
धान खरीदी महापर्व में भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार, बालोद में दो अधिकारी निलंबित देखे आदेश
✍️ भागीरथी यादव कलेक्टर दिव्या मिश्रा के सख्त रुख से मचा हड़कंप बालोद। छत्तीसगढ़ में जारी धान खरीदी महापर्व के बीच किसानों को परेशान करने और भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। बालोद कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा के स्पष्ट और कड़े निर्देशों के बाद जिले में दो जिम्मेदार पदों पर पदस्थ अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई से जिले के उपार्जन केंद्रों में हड़कंप मच गया है। किसान से रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप डौंडी विकासखंड के ग्राम साल्हे में पदस्थ ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी (RAEO) ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह पर एक किसान से रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। जानकारी के अनुसार किसान केशव राम साहू अपनी निजी भूमि का 125 बोरी धान ट्रैक्टर में भरकर बालोद मंडी ले जा रहे थे, तभी रास्ते में अधिकारी ने वाहन रोककर धान छोड़ने के बदले 50 हजार रुपये की मांग की। UPI ट्रांजैक्शन से खुली पोल किसान की शिकायत पर प्रशासन ने त्वरित जांच कराई, जिसमें चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच में अधिकारी के खाते में UPI के माध्यम से 15 हजार रुपये ट्रांसफर किए जाने के स्पष्ट साक्ष्य मिले। सिविल सेवा आचरण नियमों के उल्लंघन को गंभीर मानते हुए उप संचालक कृषि ने अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। सहकारी समिति प्रभारी पर भी गिरी गाज दूसरा मामला डौंडीलोहारा क्षेत्र की आदिम जाति सेवा सहकारी समिति, रानाखुज्जी से जुड़ा है। यहां के समिति प्रभारी हंसराज प्रजापति पर आर्थिक अनियमितता और शासन के निर्देशों की अनदेखी के आरोप सिद्ध हुए हैं। सहकारिता, खाद्य विभाग और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की संयुक्त जांच टीम ने उपार्जन केंद्र में गंभीर खामियां उजागर कीं। शासन को हो सकती थी आर्थिक क्षति जांच रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि समिति प्रभारी द्वारा धान खरीदी योजना के नियमों का उल्लंघन किया गया, जिससे सरकारी खजाने को आर्थिक नुकसान पहुंचने की आशंका बनी। छत्तीसगढ़ सहकारी सोसायटी अधिनियम के तहत प्राधिकृत अधिकारी की बैठक में निर्णय लेते हुए हंसराज प्रजापति को निलंबित कर दिया गया। कलेक्टर का सख्त संदेश कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने साफ शब्दों में कहा है कि धान खरीदी शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसानों को परेशान करने, रिश्वत मांगने या किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिले के सभी उपार्जन केंद्रों पर प्रशासन की कड़ी निगरानी जारी है और दोषियों पर आगे भी सख्त कार्रवाई होगी।
छत्तीसगढ़ वाणिज्यिक कर विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, कई जिलों में कर्मचारियों के तबादले
✍️ भागीरथी यादव रायपुर। छत्तीसगढ़ वाणिज्यिक कर विभाग में प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ व प्रभावी बनाने के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर कर्मचारियों के तबादले किए गए हैं। विभाग द्वारा जारी आदेश के तहत विभिन्न संवर्गों के कर्मचारियों को एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय में स्थानांतरित किया गया है। इस तबादला आदेश में सहायक ग्रेड-तीन, सहायक ग्रेड-दो, डाटा एंट्री ऑपरेटर, सहायक एंट्री ऑपरेटर, स्टेनोटाइपिस्ट और वाहन चालक स्तर के कर्मचारी शामिल हैं। यह फेरबदल राज्य के कई जिलों और संभागों में किया गया है। कई जिलों में नई पदस्थापना जारी सूची के अनुसार धमतरी, दुर्ग, कोंडागांव, कांकेर, गरियाबंद, रायपुर, बालोद, दंतेवाड़ा, कवर्धा, राजनांदगांव, खैरागढ़, सारंगढ़, रायगढ़, बेमेतरा, जशपुर, सूरजपुर, कोरिया, कोरबा और बिलासपुर सहित अन्य जिलों में कर्मचारियों की नई पदस्थापना की गई है। इसके अलावा कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों को संभागीय कार्यालयों एवं बीआईयू (BIU) इकाइयों में भी भेजा गया है। कार्य संतुलन और कर संग्रहण पर जोर विभागीय सूत्रों के अनुसार, यह तबादला पूरी तरह से नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है। इसका मुख्य उद्देश्य कार्यालयों के बीच कार्य संतुलन बनाना और कर संग्रहण से जुड़े कार्यों में तेजी लाना है। वाणिज्यिक कर विभाग का मानना है कि इस कदम से विभागीय कार्यों की दक्षता बढ़ेगी और कर प्रशासन अधिक प्रभावी होगा। शीघ्र कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश स्थानांतरित कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे शीघ्र ही अपने नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करें, ताकि विभागीय कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए।
खड़गवां पुलिस की अनूठी पहल, गांव-गांव पहुंचा सड़क सुरक्षा का संदेश
✍️ भागीरथी यादव नुक्कड़ नाटक और चलित थाना के माध्यम से ग्रामीणों को किया गया जागरूक चिरमिरी। सड़क सुरक्षा जागरूकता सप्ताह के तहत खड़गवां पुलिस द्वारा साप्ताहिक बाजार के अवसर पर ग्राम आमाडांड में व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम स्थानीय थाना प्रभारी सुनील तिवारी के नेतृत्व में पुलिस प्रशासन और विद्यालय के छात्र-छात्राओं के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। साप्ताहिक बाजार में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी को देखते हुए पुलिस ने नुक्कड़ सभा और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों का संदेश सरल व प्रभावशाली तरीके से आमजन तक पहुंचाया। छात्र-छात्राओं ने अपने नाट्य प्रदर्शन के जरिए बताया कि हेलमेट पहनना सिर्फ कानून का पालन नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा है, वहीं नशे की हालत में वाहन चलाना स्वयं के साथ-साथ दूसरों के लिए भी घातक हो सकता है। कार्यक्रम के दौरान यातायात संकेतों का पालन, मोबाइल फोन का उपयोग न करने, वाहन के सभी दस्तावेज साथ रखने और नियमों के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने पर विशेष जोर दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की कि वे हेलमेट को मजबूरी नहीं, सुरक्षा की आवश्यकता समझें और दुर्घटना की स्थिति में भयमुक्त होकर घायलों की सहायता करें। इस अवसर पर ग्राम आमाडांड के पारा वार्ड क्रमांक-05 में चलित थाना का भी आयोजन किया गया। इसमें ग्राम सरपंच श्रीमती जमुनी बाई, उप सरपंच दुर्गावती, वार्ड पंच प्रेमकुंवर, राजकुमारी, विष्णु, जितेंद्र सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। पुलिस स्टाफ द्वारा ग्रामीणों को यातायात जागरूकता के साथ-साथ साइबर अपराध, साइबर ठगी से बचाव, मोटरसाइकिल पर तीन सवारी न बैठाने, नाबालिगों को वाहन न देने, वैध ड्राइविंग लाइसेंसधारी को ही वाहन चलाने देने, चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट लगाने तथा बीमा, रजिस्ट्रेशन, फिटनेस और प्रदूषण प्रमाण पत्र जैसे सभी आवश्यक दस्तावेज साथ रखने की जानकारी दी गई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है और नियम तोड़ने पर चालान भी काटे जा रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य दंड नहीं, बल्कि सुरक्षित और जिम्मेदार यातायात संस्कृति को बढ़ावा देना है।
चट्टानपारा बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ सड़कों पर उतरे पीड़ित
✍️ भागीरथी यादव विधायक विक्रम मंडावी के नेतृत्व में तहसील का घेराव, प्रशासन पर उठे गंभीर सवाल बीजापुर। बीजापुर के न्यू बस स्टैंड के पीछे स्थित चट्टानपारा में 16–17 जनवरी को हुई बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ आज पीड़ित परिवारों का आक्रोश फूट पड़ा। सैकड़ों की संख्या में प्रभावित परिवारों ने विधायक विक्रम शाह मंडावी के नेतृत्व में चट्टानपारा से तहसील कार्यालय तक रैली निकालकर प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बिना किसी पूर्व सूचना और वैकल्पिक व्यवस्था के उनके आशियानों को ध्वस्त कर दिया गया, जिससे कई परिवार खुले आसमान के नीचे जीवन जीने को मजबूर हो गए हैं। पीड़ितों ने कहा कि बिजली, पानी और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित कर दिया जाना अमानवीय है और यह सीधे तौर पर गरीबों के अधिकारों का हनन है। तहसील परिसर में धरने के बाद प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में चार प्रमुख मांगें रखी गईं, जिनमें चट्टानपारा से पीड़ित परिवारों को हटाने की कार्रवाई तत्काल रोकने, सभी मूलभूत सुविधाएं बहाल करने, भविष्य में इस प्रकार की कार्रवाई दोबारा न करने तथा प्रशासन और प्रभावित परिवारों के बीच संवाद स्थापित कर स्थायी समाधान निकालने की मांग शामिल है। इस दौरान पीड़ित परिवारों ने 20 सदस्यीय प्रतिनिधि समिति गठित करने का प्रस्ताव भी रखा, ताकि प्रशासन के साथ सीधी बातचीत कर समस्या का समाधान खोजा जा सके। एसडीएम ने प्रतिनिधि मंडल से वार्ता करने और मांगों पर संवेदनशीलता से विचार करने का आश्वासन दिया। प्रदर्शन को देखते हुए तहसील कार्यालय परिसर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। हालांकि पूरे कार्यक्रम के दौरान स्थिति शांतिपूर्ण बनी रही।
भरतपुर–सोनहत में रेत उत्खनन बना बड़ा मुद्दा
चुनावी वादों पर सवाल, जनता और पत्रकारों को विधायक के जवाब का इंतज़ार एमसीबी/भरतपुर–सोनहत। भरतपुर–सोनहत विधानसभा क्षेत्र में रेत उत्खनन एक बार फिर जनचर्चा का केंद्र बन गया है। क्षेत्र की जनता और स्थानीय पत्रकारों में भारी असंतोष देखा जा रहा है। विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए वादों को लेकर अब विधायक रेणुका सिंह से जवाब मांगा जा रहा है। चुनाव प्रचार के समय प्रत्याशी रहीं रेणुका सिंह ने तत्कालीन विधायक गुलाब कमरों पर रेत उत्खनन के मुद्दे पर केवल दिखावटी विरोध करने के आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि भाजपा की सरकार बनने पर क्षेत्र में रेत उत्खनन पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। जनसभाओं और पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने यह भी कहा था कि जनता की इच्छा सर्वोपरि होगी और यदि जनता कहेगी तो रेत से भरी गाड़ियों को मौके पर ही रोक दिया जाएगा। हालांकि, चुनाव के बाद परिस्थितियां इसके उलट दिखाई दे रही हैं। क्षेत्र में रेत उत्खनन की गतिविधियां पहले से अधिक तेज़ होने के आरोप लग रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नदियों से अवैध रूप से रेत का परिवहन बेरोकटोक जारी है। इतना ही नहीं, कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के इस कारोबार से जुड़े होने के आरोप भी सामने आ रहे हैं। इन हालातों में जनता सवाल उठा रही है कि क्या चुनावी वादे सिर्फ सत्ता हासिल करने तक सीमित थे? जिन मुद्दों पर पूर्व विधायक को घेरा गया था, वही हालात अब दोबारा क्यों बन रहे हैं? क्या इसे सुशासन कहा जा सकता है? क्षेत्र के नागरिकों और पत्रकारों की मांग है कि विधायक रेणुका सिंह इस विषय पर सार्वजनिक रूप से प्रेस वार्ता कर स्थिति स्पष्ट करें। साथ ही यदि जनहित वास्तव में प्राथमिकता में है, तो रेत उत्खनन पर तत्काल और प्रभावी रोक लगाकर ठोस कार्रवाई की जाए। लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता का सवाल पूछना स्वाभाविक है और उन सवालों का जवाब देना जनप्रतिनिधियों का कर्तव्य। अब देखना यह है कि विधायक इन सवालों पर कब और क्या प्रतिक्रिया देती हैं।
जगदलपुर में बाइक चोर गिरोह का पर्दाफाश, तीन आरोपी गिरफ्तार, 6 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद
जगदलपुर। बस्तर पुलिस ने बाइक चोरी के बढ़ते मामलों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एक सक्रिय बाइक चोर गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से अलग-अलग इलाकों से चोरी की गई कुल 6 मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पूर्व साकेत कॉलोनी से एक मोटरसाइकिल चोरी होने की शिकायत पीड़ित द्वारा बोधघाट थाना में दर्ज कराई गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर बोधघाट थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम गठित कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की, जिसमें उन्होंने साकेत कॉलोनी सहित शहर के अन्य क्षेत्रों में पांच बाइक चोरी की वारदातों को अंजाम देने की बात स्वीकार की। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने एक अन्य आरोपी को भी गिरफ्तार किया, जिसके पास से चोरी की गई एक और बाइक बरामद की गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रितेश पांडे, कृष्णा बघेल और तुलसी कश्यप के रूप में हुई है। पुलिस ने तीनों के कब्जे से कुल 6 चोरी की मोटरसाइकिलें जब्त की हैं। फिलहाल पुलिस इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस का कहना है कि आगे की जांच जारी है और चोरी के अन्य मामलों में भी अहम खुलासे होने की संभावना है।
धमतरी इतिहास के नए अध्याय में प्रवेश, जिला हुआ पूरी तरह नक्सल मुक्त
✍️ भागीरथी यादव धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले ने नक्सल हिंसा के लंबे और कठिन दौर को पीछे छोड़ते हुए इतिहास रच दिया है। जिले को अब आधिकारिक रूप से नक्सल मुक्त घोषित कर दिया गया है। माओवादी संगठन की सीतानदी एरिया कमेटी से जुड़े अंतिम बचे 9 इनामी नक्सलियों ने रायपुर रेंज के आईजी अमरेश मिश्रा के समक्ष हथियारों सहित आत्मसमर्पण कर दिया, जिससे जिले में नक्सल गतिविधियों का पूर्णतः अंत हो गया। 47 लाख के इनामी 9 नक्सलियों का सरेंडर आत्मसमर्पण करने वालों में 7 महिलाएं और 2 पुरुष नक्सली शामिल हैं। इन सभी पर कुल 47 लाख रुपये का इनाम घोषित था। 2 नक्सलियों पर ₹8-8 लाख 6 नक्सलियों पर ₹5-5 लाख 1 नक्सली पर ₹1 लाख का इनाम लंबे समय से ये नक्सली सुरक्षाबलों के लिए गंभीर चुनौती बने हुए थे। हथियारों का जखीरा पुलिस के हवाले सरेंडर के दौरान नक्सलियों ने बड़ी संख्या में अत्याधुनिक हथियार और संचार उपकरण सौंपे। इनमें— 5 ऑटोमेटिक राइफल 2 SLR, 2 INSAS, 1 कार्बाइन 1 भरमार बंदूक लगभग 50 जिंदा कारतूस वॉकी-टॉकी, रेडियो और टैबलेट शामिल हैं। यह बरामदगी नक्सली नेटवर्क के पूरी तरह बिखरने का स्पष्ट संकेत मानी जा रही है। शीर्ष और तकनीकी कैडर ने भी डाले हथियार आत्मसमर्पण करने वालों में संगठन के वरिष्ठ और तकनीकी कैडर के नक्सली शामिल हैं— डीवीसीएम ज्योति, डीवीसीएम (टेक्निकल) उषा, एलओएस कमांडर रामदास, सीतानदी एरिया कमेटी कमांडर रोनी उमा, एससीएम (टेक्निकल) निरंजन, एसीएम सिंधु, एसीएम रीना, एसीएम अमिला और लक्ष्मी (बॉडीगार्ड)। अब विकास और सामान्य पुलिसिंग पर जोर रायपुर रेंज के आईजी अमरेश मिश्रा ने इस मौके पर कहा कि धमतरी जिला अब पूरी तरह नक्सल मुक्त हो चुका है। आगे इन क्षेत्रों में सामान्य पुलिसिंग, विकास कार्यों और जनसुरक्षा पर विशेष फोकस किया जाएगा। उन्होंने इसे सुरक्षाबलों, पुलिस और शासन की संयुक्त रणनीति की बड़ी और निर्णायक सफलता बताया।
राजधानी रायपुर में पुलिस प्रशासन में बड़ा फेरबदल, 8 राज्य पुलिस सेवा अधिकारियों के तबादले
✍️ भागीरथी यादव रायपुर। राजधानी रायपुर में पुलिस प्रशासन को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों का बड़ा तबादला आदेश जारी किया है। एक साथ 8 अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जिससे पुलिस महकमे में व्यापक प्रशासनिक बदलाव देखने को मिल रहा है। जारी आदेश के अनुसार, तारकेश पटेल को रायपुर एडिशनल डीसीपी (मध्य) की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। वहीं राहुल देव शर्मा को एडिशनल डीसीपी (पश्चिम) और आकाश मरकाम को एडिशनल डीसीपी (उत्तर) के पद पर पदस्थ किया गया है। ट्रैफिक और क्राइम विंग में भी बदलाव तबादला सूची में ट्रैफिक विभाग को भी शामिल किया गया है। विवेक शुक्ला और डी. आर. पोर्ते को एडिशनल डीसीपी ट्रैफिक की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिससे राजधानी की यातायात व्यवस्था को और बेहतर बनाने की उम्मीद जताई जा रही है। इसके साथ ही अपराध और साइबर अपराध जैसे संवेदनशील विभागों में भी बदलाव किया गया है। गौरव मंडल और अनुज गुप्ता को एडिशनल डीसीपी क्राइम एवं साइबर नियुक्त किया गया है। हेडक्वार्टर की कमान अर्चना झा को प्रशासनिक समन्वय को मजबूत करने के लिए अर्चना झा को एडिशनल डीसीपी हेडक्वार्टर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सरकार के इस फैसले को पुलिसिंग व्यवस्था को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। नए पदस्थापन के बाद राजधानी में कानून-व्यवस्था, ट्रैफिक नियंत्रण और साइबर अपराधों पर और सख्ती की उम्मीद की जा रही है।
एफआईआर दर्ज न होने से आक्रोश, तहसीलदार थाने के सामने धरने पर बैठे, कलेक्टर के गनमैन पर बेटे से मारपीट का आरोप
✍️ भागीरथी यादव सारंगढ़-बिलाईगढ़। बेटे के साथ कथित मारपीट के मामले में पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज नहीं किए जाने से नाराज़ कोरबा में पदस्थ तहसीलदार बंदे राम भगत थाने के सामने धरने पर बैठ गए। उन्होंने सीधे तौर पर जिले के कलेक्टर के गनमैन पर गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हलचल मच गई है। जानकारी के अनुसार यह घटना 20 जनवरी की है, जो सारंगढ़ कोतवाली थाना क्षेत्र में हुई। तहसीलदार का आरोप है कि उनका बेटा राहुल भगत स्कूटी से जा रहा था, तभी सड़क पर खड़े कलेक्टर के गनमैन से किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि कथित तौर पर गनमैन ने राहुल भगत के साथ हाथापाई करते हुए उसकी पिटाई कर दी। घटना के बाद राहुल भगत ने कोतवाली थाना पहुंचकर पूरे मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। तहसीलदार का कहना है कि शिकायत में घटना से जुड़े सभी तथ्य स्पष्ट रूप से दर्ज कराए गए, इसके बावजूद पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की। इसी से आहत होकर तहसीलदार बंदे राम भगत ने थाने के सामने धरना शुरू कर दिया। धरने पर बैठे तहसीलदार ने कहा कि जब एक राजपत्रित अधिकारी के बेटे की शिकायत पर कार्रवाई नहीं हो रही है, तो आम नागरिकों को न्याय कैसे मिलेगा—यह गंभीर सवाल है। उन्होंने निष्पक्ष जांच और तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की। वहीं, इस पूरे मामले पर एसपी आंजनेय वार्ष्णेय ने कहा है कि प्रकरण की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। मामले ने तूल पकड़ लिया है और अब इसे कानून के समान अनुपालन और पुलिस की कार्यप्रणाली से जोड़कर देखा जा रहा है।
स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट शासकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय कोरबी में सरस्वती पूजन हर्षोल्लास से संपन्न











