बिलासपुर से बड़ी खबर: मिड-डे मील में लापरवाही पर हाईकोर्ट सख्त, बच्चों की सेहत सर्वोपरि — वहीं बर्खास्त शिक्षक को अंतरिम राहत

✍️ भागीरथी यादव   बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े दो अहम मामलों में सक्रिय भूमिका निभाते हुए एक ओर जहां बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर प्रशासन को कठघरे में खड़ा किया है, वहीं दूसरी ओर एक शिक्षक के अधिकारों की रक्षा करते हुए न्यायिक संतुलन का स्पष्ट संदेश दिया है। मिड-डे मील मामला: दूषित भोजन पर हाईकोर्ट का स्वतः संज्ञान बिलासपुर में मिड-डे मील खाने से 25 बच्चों के बीमार पड़ने के गंभीर मामले में हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने इस घटना को बेहद संवेदनशील मानते हुए राज्य के मुख्य सचिव से विस्तृत जवाब तलब किया है। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि बच्चों को दूषित भोजन परोसा गया था। इस लापरवाही के चलते तीन शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। कोर्ट के निर्देश पर प्रभावित 25 बच्चों के परिजनों को प्रति बच्चा 5,000 रुपये मुआवजा दिया गया, जिसका वितरण 19 जनवरी 2026 को किया गया। इतना ही नहीं, भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए हाईकोर्ट ने सेंट्रल किचन सिस्टम लागू करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी आदेश दिया गया कि मिड-डे मील वितरण स्थल को बच्चों के अनुकूल, स्वच्छ और सुरक्षित बनाया जाए। कोर्ट ने साफ कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता और प्रशासन की जवाबदेही तय की जाएगी। फर्जी दस्तावेज मामला: बर्खास्त शिक्षक को हाईकोर्ट से राहत दूसरी ओर, बिलासपुर में ही फर्जी दस्तावेज पेश करने के आरोप में बर्खास्त किए गए शिक्षक ईश्वरी निर्मलकर को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। ईश्वरी निर्मलकर सहित छह याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने बर्खास्तगी आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। ईश्वरी निर्मलकर की नियुक्ति वर्ष 2007 में शिक्षाकर्मी वर्ग-3 के रूप में हुई थी। 2009 में सेवा नियमित 2018 में स्कूल शिक्षा विभाग में एब्जॉर्प्शन 2023 में प्राइमरी स्कूल हेडमास्टर के पद पर पदोन्नति हालांकि, उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज है, लेकिन उसका ट्रायल अभी लंबित है। इसके बावजूद जिला शिक्षा अधिकारी, धमतरी द्वारा 6 जनवरी 2026 को उन्हें बर्खास्त कर दिया गया था। हाईकोर्ट ने इस आदेश पर रोक लगाते हुए यह संकेत दिया कि जब तक दोष सिद्ध न हो, तब तक कर्मचारी के अधिकारों की अनदेखी नहीं की जा सकती। न्यायालय का स्पष्ट संदेश इन दोनों मामलों में हाईकोर्ट का रुख यह दर्शाता है कि बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता है वहीं शिक्षकों और कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा भी उतनी ही जरूरी है किसी भी निर्णय में उचित प्रक्रिया और संवैधानिक संतुलन अनिवार्य है हाईकोर्ट की यह सक्रियता न केवल शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि प्रशासन के लिए भी एक कड़ा संदेश है कि लापरवाही और मनमानी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

कोविड मृत्यु बीमा दावा खारिज करना पड़ा महंगा, मैक्स लाइफ को 1 करोड़ रुपये भुगतान का आदेश

✍️ भागीरथी यादव   बिलासपुर। कोविड-19 से हुई मृत्यु के एक मामले में बिलासपुर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने बीमा कंपनियों के लिए नजीर बनने वाला फैसला सुनाया है। आयोग ने मैक्स लाइफ इंश्योरेंस को मृतका के परिजनों को 1 करोड़ रुपये की बीमा राशि 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित देने का निर्देश दिया है। साथ ही मानसिक प्रताड़ना और वाद व्यय के रूप में 2 लाख रुपये अतिरिक्त भुगतान का आदेश भी दिया गया है। उपभोक्ता को मानसिक प्रताड़ना मानते हुए लगाया जुर्माना आयोग ने अपने फैसले में स्पष्ट कहा कि बीमा दावा खारिज करना न केवल उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि इससे पीड़ित परिवार को गहरी मानसिक पीड़ा भी पहुंची। आयोग ने माना कि कंपनी का यह रवैया बीमा नियमों के खिलाफ है और इसी आधार पर हर्जाना लगाया गया। पॉलिसी जारी होने से पहले पूरी तरह स्वस्थ थीं मृतका मामले के अनुसार बिलासपुर निवासी कौशल प्रसाद कौशिक ने अपनी पत्नी शैल कौशिक के नाम पर मैक्स लाइफ इंश्योरेंस का ‘प्लैटिनम वेल्थ प्लान’ लिया था। पॉलिसी जारी करने से पहले बीमा कंपनी द्वारा कराई गई मेडिकल जांच में शैल कौशिक को पूरी तरह स्वस्थ घोषित किया गया था। कोविड संक्रमण के बाद बिगड़ी हालत, इलाज के दौरान मौत सितंबर 2020 में शैल कौशिक कोविड-19 से संक्रमित हुईं। इलाज के दौरान उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती गई और 11 अक्टूबर 2020 को उनका निधन हो गया। इसके बाद पति द्वारा नियमानुसार बीमा दावा प्रस्तुत किया गया। ‘पहले से बीमारी’ का दावा आयोग ने किया खारिज बीमा कंपनी ने यह कहकर दावा अस्वीकार कर दिया था कि पॉलिसीधारक पहले से गंभीर बीमारी से ग्रस्त थीं। आयोग ने इस दलील को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि कंपनी की अपनी मेडिकल रिपोर्ट में महिला को स्वस्थ बताया गया था, ऐसे में दावा खारिज करना अनुचित है। तुरंत भुगतान करने के निर्देश उपभोक्ता आयोग ने मैक्स लाइफ इंश्योरेंस को निर्देश दिए हैं कि मृतका के परिजनों को— 1 करोड़ रुपये की बीमा राशि उस पर 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज 2 लाख रुपये मानसिक पीड़ा व वाद व्यय का भुगतान तत्काल किया जाए। आयोग के इस फैसले को कोविड से जुड़े बीमा दावों में उपभोक्ताओं के अधिकारों की बड़ी जीत माना जा रहा है।

रतनपुर में 25 जनवरी को सर्व यादव समाज महिला प्रकोष्ठ का ऐतिहासिक महिला सम्मेलन

✍️ भागीरथी यादव   कोरबा/रतनपुर। सर्व यादव समाज छत्तीसगढ़ महिला प्रकोष्ठ के तत्वावधान में मां भगवती महामाया सिद्ध शक्ति पीठ की पावन धरा रतनपुर, जिला बिलासपुर में ऐतिहासिक महिला सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। यह सम्मेलन रविवार, 25 जनवरी 2026 को प्रातः 11:00 बजे से आयोजित होगा। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती धनमती यादव, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष श्रीमती किरण यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती सविता यादव एवं प्रदेश संगठन महामंत्री श्रीमती गीता यादव के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। महिला सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य प्रदेश महिला संगठन का गठन करना है। संगठन गठन के पश्चात शपथ ग्रहण समारोह भी विधिवत संपन्न किया जाएगा। सम्मेलन के माध्यम से यादव समाज की महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक, आध्यात्मिक एवं राजनीतिक सर्वांगीण विकास को सशक्त करने का संकल्प लिया जाएगा। कार्यक्रम आयोजकों ने यादव समाज की सभी माताओं एवं बहनों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर सम्मेलन को सफल बनाएं। आयोजकों का कहना है कि नारी शक्ति को जागृत कर यादव समाज को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से यह सम्मेलन एक महत्वपूर्ण कदम है। इस संबंध में जिला कोरबा संगठन महामंत्री श्रीमती शांति यादव ने प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि समाज की महिलाओं की सक्रिय सहभागिता ही इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी सफलता होगी।  

गर्डर डी-लॉन्चिंग कार्य से रेल यातायात प्रभावित बिलासपुर रेल मंडल में 3 दिन तक 6 पैसेंजर ट्रेनें रद्द

✍️ भागीरथी यादव     बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर रेल मंडल में एक बार फिर रेल यात्रियों की परेशानी बढ़ने वाली है। समपार फाटक पर गर्डर डी-लॉन्चिंग कार्य के चलते 23 से 25 जनवरी तक कुल 6 पैसेंजर ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। इस दौरान बिलासपुर–रायगढ़–बिलासपुर और बिलासपुर–कोरबा–बिलासपुर मेमू लोकल ट्रेनें नहीं चलेंगी, जिससे रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को खासा दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार, जांजगीर नैला–चांपा सेक्शन के बीच किलोमीटर संख्या 672/27–673/02 पर स्थित समपार फाटक संख्या 343 (खोखसा फाटक) में गर्डर डी-लॉन्चिंग का कार्य किया जाना है। इस कार्य के लिए ट्रैफिक सह पावर ब्लॉक लिया जाएगा, जिसके कारण दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से चलने और गुजरने वाली कई ट्रेनें प्रभावित रहेंगी। बीच रास्ते समाप्त होंगी दो ट्रेनें गर्डर डी-लॉन्चिंग के कारण दो मेमू पैसेंजर ट्रेनों को आंशिक रूप से रद्द किया गया है। 23 और 25 जनवरी को गाड़ी संख्या 68861 गोंदिया–झारसुगुड़ा मेमू पैसेंजर बिलासपुर स्टेशन में ही समाप्त होगी। बिलासपुर से झारसुगुड़ा के बीच यह ट्रेन रद्द रहेगी। इसी तरह 23 और 25 जनवरी को गाड़ी संख्या 68862 झारसुगुड़ा–गोंदिया मेमू पैसेंजर बिलासपुर स्टेशन से प्रारंभ होगी और झारसुगुड़ा से बिलासपुर के बीच इसका परिचालन नहीं होगा। पहले भी झेलनी पड़ी थी यात्रियों को परेशानी गौरतलब है कि इससे पहले भी 17 और 18 जनवरी को बिलासपुर–रायगढ़–बिलासपुर और बिलासपुर–कोरबा–बिलासपुर मेमू लोकल ट्रेनों को दो दिनों के लिए रद्द किया गया था। उस दौरान कोटमीसोनार–जयरामनगर सेक्शन में ट्रैफिक ब्लॉक लेकर मेंटेनेंस कार्य किया गया था, जिससे यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। लगातार हो रहे रेल कार्यों और ट्रेनों की रद्दीकरण से खासकर दैनिक यात्रियों, नौकरीपेशा लोगों और छात्रों की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से वैकल्पिक साधनों का उपयोग करने और यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति की जानकारी लेने की अपील की है।

तखतपुर : कर्तव्य की राह में बुझ गया एक समर्पित प्रहरी, थाना प्रभारी नंदलाल पैकरा का सड़क हादसे में निधन

  तखतपुर। पुलिस विभाग से एक बेहद हृदयविदारक खबर सामने आई है। जरहागांव थाना प्रभारी नंदलाल पैकरा का शासकीय कर्तव्य निभाते हुए सड़क दुर्घटना में असामयिक निधन हो गया। वे एक गुमशुदा व्यक्ति की तलाश के सिलसिले में राजस्थान गए हुए थे, तभी यह दर्दनाक हादसा घटित हुआ। इस अचानक घटना ने उनके परिवार, पुलिस महकमे और पूरे क्षेत्र को गहरे शोक में डुबो दिया है। कर्तव्य के प्रति निष्ठा और जिम्मेदारी की मिसाल रहे नंदलाल पैकरा, अपने पीछे आंसुओं, यादों और अधूरे सपनों का सैलाब छोड़ गए। जिस वर्दी को उन्होंने ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ जिया, उसी वर्दी की सेवा करते हुए उनका जीवन थम गया। एक अधिकारी नहीं, इंसान थे पैकरा नंदलाल पैकरा को केवल एक थाना प्रभारी के रूप में नहीं, बल्कि एक संवेदनशील, मिलनसार और जनसेवा के लिए हमेशा तत्पर अधिकारी के रूप में जाना जाता था। आमजन की समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुनना, पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए अथक प्रयास करना और अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ परिवार जैसा व्यवहार करना उनकी पहचान थी। पुलिस विभाग को अपूरणीय क्षति उनके निधन से पुलिस विभाग ने एक अनुभवी, ईमानदार और जमीनी अधिकारी को खो दिया है। सहकर्मियों का कहना है कि पैकरा साहब हर हाल में ड्यूटी को प्राथमिकता देते थे और कभी भी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटे।

बिलासपुर पुलिस का डबल स्ट्राइक: पेट्रोल पंप लूट गिरोह और हाईवे मर्डर-लूट गैंग का एक ही दिन में खुलासा

✍️ भगीरथी यादव   बिलासपुर। जिले में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ बिलासपुर पुलिस ने बड़ी और निर्णायक कार्रवाई करते हुए एक ही दिन में दो सनसनीखेज मामलों का खुलासा कर अपराधियों को कड़ा संदेश दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के नेतृत्व में चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत पुलिस ने जहां पेट्रोल पंपों में लूट करने वाले अंतरजिला गिरोह को धर दबोचा, वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग पर लूट के दौरान हुई हत्या के मामले में शामिल शातिर अपराधियों को भी गिरफ्तार किया है। देशी कट्टा दिखाकर पेट्रोल पंपों में लूट करने वाला गिरोह गिरफ्तार पहला मामला थाना रतनपुर क्षेत्र का है। 11 जनवरी 2026 की रात ग्राम जाली स्थित बी.बी. पेट्रोल पंप में पल्सर मोटरसाइकिल से पहुंचे तीन युवकों ने पेट्रोल भरवाने के बाद सेल्समैन को देशी कट्टा दिखाकर करीब 15 हजार रुपये लूट लिए और फरार हो गए। घटना को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी के निर्देश पर एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ए.सी.सी.यू.) और थाना रतनपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर तंत्र के आधार पर पुलिस ने वेद प्रकाश वैष्णो, अभिषेक प्रजापति और कपिल पटेल को बेलतरा क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने रतनपुर, चैतमा (कोरबा) और पाली क्षेत्र में पेट्रोल पंप व एक प्रॉपर्टी डीलर से लूट की वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया। पुलिस ने इनके पास से दो मोटरसाइकिल (एक चोरी की पल्सर), देशी कट्टा व कारतूस, धारदार चाकू, नकदी और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। मुख्य आरोपी वेद प्रकाश पूर्व में भी चोरी के मामलों में जेल जा चुका है। आरोपियों के खिलाफ रतनपुर थाना में बीएनएस की धारा 309(4), 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। हाईवे पर लूट के दौरान हत्या करने वाला गिरोह भी बेनकाब दूसरा बड़ा खुलासा राष्ट्रीय राजमार्ग पर लूट व हत्या से जुड़े मामले में हुआ। पुलिस ने कोनी, हिर्री और चकरभाठा थाना क्षेत्र में ट्रक चालकों से लूटपाट करने वाले गिरोह के तीन सदस्यों जय दिवाकर, सूरज साहू और प्रदीप धुरी को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान कई सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी इनपुट और स्थानीय मुखबिरों की मदद से आरोपियों की पहचान की गई। आरोपियों ने पूछताछ में लूट के दौरान हत्या की वारदात को स्वीकार किया। इनके कब्जे से पल्सर मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन, धारदार हथियार, अन्य लूटे गए मोबाइल और नकदी बरामद की गई है। तीनों आरोपी आदतन अपराधी हैं और पहले भी जेल जा चुके हैं। पुलिस टीम को मिलेगा नगद इनाम इन दोनों बड़ी सफलताओं में एएसपी मधुलिका सिंह, एएसपी पंकज पटेल, एएसपी/ए.सी.सी.यू. अनुज कुमार, सीएसपी गगन कुमार (भा.पु.से.), एसडीओपी नूपूर उपाध्याय, थाना प्रभारी रतनपुर निरीक्षक निलेश पाण्डेय, थाना प्रभारी कोनी निरीक्षक भावेश सेंड्रे सहित ए.सी.सी.यू. और संबंधित थानों की टीम की अहम भूमिका रही। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने उत्कृष्ट कार्य के लिए पूरी टीम की सराहना करते हुए नगद पुरस्कार देने की घोषणा की है। अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश लगातार हो रही इन प्रभावी कार्रवाइयों से साफ है कि बिलासपुर पुलिस संगठित अपराध और आदतन अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है। आने वाले समय में भी जिले में अपराधियों पर ऐसी ही सख्त और त्वरित कार्रवाई जारी रहेगी।  

बिलासपुर में उत्तराधिकार प्रमाण पत्र पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

✍️ भागीरथी यादव   राजस्व अधिकारियों की सीमा तय, ग्रेच्युटी-पीएफ पर केवल सिविल कोर्ट का अधिकार बिलासपुर। शिक्षिका की मौत के बाद खुद को जैविक संतान बताकर सरकारी लाभ हासिल करने के मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण और दूरगामी फैसला सुनाया है। कोर्ट ने साफ कर दिया है कि कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर या तहसीलदार जैसे राजस्व अधिकारी केवल परिवार पेंशन (कंट्रीब्यूटरी फैमिली पेंशन) के उद्देश्य से ही आश्रित प्रमाण पत्र जारी कर सकते हैं। ग्रेच्युटी, पीएफ और अन्य वित्तीय लाभों के लिए उत्तराधिकार तय करने का अधिकार केवल सक्षम सिविल कोर्ट को है। मामला बिलासपुर जिले के बिल्हा स्थित रहंगी मिडिल स्कूल में पदस्थ उच्च वर्ग की शिक्षिका शमशाद बेगम से जुड़ा है। उनकी मृत्यु के बाद काजोल खान ने खुद को मृतका की जैविक पुत्री बताते हुए कलेक्टर कार्यालय में आवेदन दिया। इस पर तत्कालीन डिप्टी कलेक्टर ने जून 2014 में उसे एकमात्र कानूनी वारिस घोषित करते हुए प्रमाण पत्र जारी कर दिया। इसी प्रमाण पत्र के आधार पर काजोल खान को पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य शासकीय लाभ प्राप्त हो गए। इस फैसले को मृतका के भाइयों मोहम्मद इखलाक खान और मोहम्मद इकबाल खान ने हाईकोर्ट में चुनौती दी। उन्होंने याचिका में बताया कि शमशाद बेगम अविवाहित थीं, ऐसे में उनके निधन के बाद मिलने वाले सभी शासकीय लाभों पर उनका अधिकार बनता है। मामले की सुनवाई जस्टिस राकेश मोहन पाण्डेय की एकलपीठ में हुई। कोर्ट ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1976 के नियम 47(14) और राज्य सरकार के 17 दिसंबर 2003 के सर्कुलर का विस्तृत विश्लेषण किया। कोर्ट ने पाया कि राजस्व अधिकारियों को केवल परिवार पेंशन के लिए आश्रितों की पहचान करने का सीमित अधिकार है। इसके विपरीत, ग्रेच्युटी, पीएफ जैसे अन्य वित्तीय लाभों के लिए भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम, 1925 के तहत सिविल कोर्ट से प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट टिप्पणी करते हुए कहा कि इस मामले में डिप्टी कलेक्टर ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर प्रमाण पत्र जारी किया, जो कानूनन गलत है। कोर्ट का यह फैसला न सिर्फ इस प्रकरण में बल्कि भविष्य में ऐसे सभी मामलों के लिए एक मजबूत नजीर माना जा रहा है।  

शहर में ऑनलाइन हथियार बिक्री पर पुलिस का शिकंजा, वेयरहाउसों में चला सघन जांच अभियान

  शहर में ऑनलाइन माध्यम से अवैध हथियारों की बिक्री पर रोक लगाने के उद्देश्य से पुलिस ने विशेष अभियान चलाया। इस अभियान के तहत ई-कॉमर्स कंपनियों के वेयरहाउसों में अचानक दबिश देकर गहन निरीक्षण किया गया, जिससे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए हो रही संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ा संदेश गया है। Amazon-Flipkart सहित बड़े ई-कॉमर्स वेयरहाउस जांच के घेरे में पुलिस टीम ने Amazon, Flipkart, Meesho, Blinkit और Blue Dart जैसे प्रमुख ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के वेयरहाउसों में पहुंचकर पैकेट-टू-पैकेट जांच की। इस दौरान वेयरहाउस प्रबंधन को वैध और प्रतिबंधित सामग्री के संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए तथा नियमों के पालन की सख्त चेतावनी भी दी गई। जांच में बरामद हुए धारदार चाकू औचक निरीक्षण के दौरान कई शिपमेंट बॉक्सों में धारदार चाकू पाए गए। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी संदिग्ध सामग्रियों को तत्काल जब्त कर लिया और संबंधित वेयरहाउस प्रबंधकों से पूछताछ की। ऑनलाइन हथियार बिक्री पर जीरो टॉलरेंस पुलिस अधिकारियों ने दो टूक कहा कि किसी भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से धारदार हथियारों की बिक्री और डिलीवरी पूरी तरह प्रतिबंधित है। नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों, वेयरहाउस और डिलीवरी एजेंसियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वेयरहाउस प्रबंधकों को सख्त निर्देश पुलिस ने सभी वेयरहाउस मैनेजरों को भविष्य में इस तरह की लापरवाही न बरतने की कड़ी हिदायत दी है। साथ ही किसी भी संदिग्ध पार्सल या सामग्री की सूचना तत्काल पुलिस को देने के निर्देश जारी किए गए हैं। पुलिस का यह अभियान न केवल ऑनलाइन अपराधों पर लगाम कसने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है, बल्कि शहर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने का स्पष्ट संकेत भी देता है।  

बिलासपुर | न्यायिक प्रशासन में बड़ा फेरबदल

✍️ भागीरथी यादव   छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने न्यायिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं संतुलित बनाने की दिशा में बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया है। राज्य के विभिन्न जिलों में पदस्थ जिला न्यायाधीशों और सिविल जजों के तबादलों को लेकर हाई कोर्ट ने आदेश जारी किए हैं। यह कदम न्यायिक कार्यों के सुचारू संचालन और प्रशासनिक मजबूती को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। हायर ज्यूडिशियल सर्विस में बदलाव हाई कोर्ट के आदेश के तहत हायर ज्यूडिशियल सर्विस में कई महत्वपूर्ण तबादले किए गए हैं। डॉ. ममता भोजवानी को कोरबा में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। सरिता दास को मनेंद्रगढ़ में द्वितीय जिला न्यायाधीश के पद पर पदस्थ किया गया है। वहीं रश्मि नेताम का दुर्ग से धमतरी और श्रुति दुबे का मनेंद्रगढ़ से बिलासपुर स्थानांतरण किया गया है। इसके अलावा अमित राठौर को सारंगढ़ तथा यशोदा नाग को कोंडागांव में जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया है। सिविल जज (जूनियर डिवीजन) के तबादले सिविल जज (जूनियर डिवीजन) संवर्ग में भी प्रशासनिक आधार पर व्यापक फेरबदल हुआ है। खुशबू जैन का महासमुंद से गरियाबंद, प्रणव वैद्य का धमतरी से बिलासपुर और लव कुमार लहरे का कोरबा से रामानुजगंज तबादला किया गया है। वहीं सुनिति नेताम को कांकेर से सारंगढ़ पदस्थ किया गया है। नई पदस्थापना और नियुक्तियां हाई कोर्ट के आदेशानुसार सागर चंद्राकर को कटघोरा में पदस्थ किया गया है, जबकि गीतांजलि कश्यप का महासमुंद से बिलासपुर तबादला किया गया है। राजधानी रायपुर में प्रज्ञा सिंह, सुहासिनी ठाकुर, चंद्रप्रताप सिंह और प्रीति पालीवाल को नई न्यायिक जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। हाई कोर्ट के इस फैसले को न्यायिक व्यवस्था में गति लाने और कार्यक्षमता बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

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