शराब के लिए पैसे न मिलने पर चाकूबाजी करने वाला ‘टोबो’ गिरफ्तार, भेजा गया जेल

✍️ भागीरथी यादव     बिलासपुर: शहर में अपराधियों के हौसले पस्त करने के लिए बिलासपुर पुलिस लगातार ‘एक्शन मोड’ में है। ताज़ा मामला कोनी थाना क्षेत्र का है, जहाँ शराब पीने के लिए पैसे की मांग करने और मना करने पर धारदार हथियार से हमला करने वाले एक आदतन बदमाश को पुलिस ने चंद घंटों के भीतर सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है। क्या है पूरा मामला? मिली जानकारी के अनुसार, जलसों निवासी प्रार्थी सुनील कौशिक 22 फरवरी की शाम करीब 6:00 बजे गांव के गुड़ी चौक पर सामान लेने गया था। वहां पहले से मौजूद आरोपी चंदर उर्फ टोबो वर्मा (21 वर्ष) ने सुनील को रोक लिया और शराब पीने के लिए पैसों की मांग की। जब सुनील ने पैसे देने से इनकार किया, तो आरोपी गाली-गलौज पर उतर आया। विवाद इतना बढ़ा कि टोबो ने जान से मारने की धमकी देते हुए अपने पास रखे धारदार चाकू से सुनील पर हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गया। पुलिस की त्वरित कार्यवाही घटना की रिपोर्ट दर्ज होते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) रजनेश सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए। कोनी थाना पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी चंदर उर्फ टोबो वर्मा को हिरासत में लिया। बरामदगी: पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त धारदार चाकू को जब्त कर लिया है। कानूनी धाराएं: आरोपी के विरुद्ध बीएनएस (BNS) की धारा 296, 115(2), 351(3), और 119(1) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। कोर्ट ने भेजा जेल बिलासपुर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य जुटाते हुए आज दिनांक 24 फरवरी 2026 को उसे माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहाँ से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस की इस त्वरित कार्यवाही की क्षेत्र में सराहना हो रही है। मुख्य बिंदु: आरोपी: चंदर उर्फ टोबो वर्मा (निवासी जलसों)। जुर्म: अवैध वसूली (शराब के लिए पैसे मांगना) और जानलेवा हमला। पुलिस की सीख: सार्वजनिक स्थानों पर गुंडागर्दी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

करोड़ों की ज्वेलरी लूटने वाले अंतर्राज्यीय गैंग का पर्दाफाश, 07 गिरफ्तार

✍️ भागीरथी यादव     बिलासपुर। बिलासपुर पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए ‘महालक्ष्मी ज्वेलर्स’ के संचालक से करोड़ों की लूट करने वाले खतरनाक अंतर्राज्यीय गिरोह को दबोच लिया है। पुलिस ने न केवल शत-प्रतिशत मशरूका (लूटा गया माल) बरामद किया है, बल्कि हत्या की सुपारी और कई अन्य लूट की कोशिशों के सनसनीखेज राज भी खोले हैं। प्रमुख खुलासे: हत्या की सुपारी से लेकर तिजोरी लूटने की साजिश तक गिरफ्तार आरोपियों से कड़ी पूछताछ में पुलिस ने कई बड़े मामलों का खुलासा किया है: करोड़ों की लूट: 17 फरवरी को महालक्ष्मी ज्वेलर्स के संचालक संतोष तिवारी की कार को ठोकर मारकर, उन पर कट्टे और हथौड़ी से जानलेवा हमला किया गया और 2 किलो सोना व नकदी लूट ली गई। हत्या की सुपारी (25 लाख): जमीन विवाद के चलते आरोपी राजू सोनकर ने कारोबारी बंधु मौर्य की हत्या के लिए 25 लाख की सुपारी दी थी। 18 दिसंबर 2025 को हत्या का प्रयास किया गया था जो असफल रहा। होटल कारोबारी से लूट का प्रयास: 19 दिसंबर 2025 को ‘नेटी समोसा’ के संचालक लखन देवांगन से भी लूट की कोशिश की गई थी। त्योहार में बड़ी चोरी की योजना: गिरोह ने सदर बाजार में एक ज्वेलर्स की तिजोरी लूटने का प्लान बनाया था, जिसे पुलिस ने नाकाम कर दिया। मिर्जापुर (UP) से पकड़े गए कुख्यात आरोपी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह के नेतृत्व में बिलासपुर पुलिस की टेक्निकल टीम ने आरोपियों का पीछा उत्तर प्रदेश तक किया। मिर्जापुर पुलिस के सहयोग से घेराबंदी कर मुख्य आरोपियों को हथियारों और लूटे गए माल के साथ गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों के नाम: विनोद उर्फ बिन्नु प्रजापति (अनूपपुर, म.प्र.) करीम खान (बरेली, उ.प्र.) विजय लाम्बा (नई दिल्ली) मोनू उर्फ राहुल (नोएडा, उ.प्र.) इरफान अली (सीपत, बिलासपुर) नारद उर्फ सुमित श्रीवास (बिलासपुर) राजू सोनकर (सरकंडा, बिलासपुर) बरामदगी का विवरण पुलिस ने आरोपियों के पास से निम्नलिखित सामान बरामद किया है: नकद: 05 लाख 33 हजार रुपये। हथियार: 01 देशी कट्टा, 01 जिंदा कारतूस, 06 धारदार चाकू। वाहन: 01 मारुति ईको, 01 रेनॉल्ट क्विड, 01 महिंद्रा स्कार्पियो। अन्य: 06 मोबाइल फोन और भारी मात्रा में सोने के जेवर। पुलिस टीम को मिलेगा नकद ईनाम इस चुनौतीपूर्ण मामले को सुलझाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों, जिसमें एसीसीयू (ACCU) और थाना सरकंडा की संयुक्त टीम शामिल थी, की सराहना करते हुए आईजी श्री रामगोपाल गर्ग और एसएसपी श्री रजनेश सिंह ने पूरी टीम के लिए नकद इनाम की घोषणा की है।

आदतन अपराधी सफीक खान 24 लीटर अवैध महुआ शराब के साथ गिरफ्तार

✍️ भागीरथी यादव   बेलगहना/कोटा (बिलासपुर): जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे ‘चेतना अभियान’ के तहत बेलगहना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशों पर अमल करते हुए पुलिस ने घेराबंदी कर एक आदतन बदमाश को अवैध शराब बेचते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। धान मंडी के पास दी दबिश पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम टेंगनमाड़ा (करवा) में धान मंडी के पास अवैध रूप से शराब की बिक्री की जा रही है। सूचना मिलते ही बेलगहना पुलिस ने टीम गठित कर मौके पर घेराबंदी की। इस दौरान सफीक खान (पिता हिकमत उल्ला खान, 42 वर्ष) को अवैध शराब के साथ धर दबोचा गया। जप्ती और कार्रवाई पुलिस ने आरोपी के कब्जे से निम्नलिखित मशरूका बरामद किया है: 24 लीटर हाथ भट्टी की बनी महुआ शराब (दो जरिकेन और बोतलों में)। शराब बिक्री की रकम: 200 रुपये। कुल जप्त मशरूका की कीमत: 2,600 रुपये। पुराना अपराधी है सफीक खान पुलिस के अनुसार, पकड़ा गया आरोपी सफीक खान क्षेत्र का आदतन गुंडा बदमाश है। उसके विरुद्ध बेलगहना चौकी में पूर्व में भी आबकारी एक्ट के कई मामले दर्ज हैं। आरोपी के खिलाफ धारा 34(2) आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। इनकी रही मुख्य भूमिका इस सफल कार्यवाही में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) श्रीमती मधुलिका सिंह और एसडीओपी कोटा श्रीमती नुपुर उपाध्याय के मार्गदर्शन में चौकी प्रभारी उप निरीक्षक हेमंत सिंह, प्रधान आरक्षक नरेंद्र कुमार पात्रे, आरक्षक धीरज जायसवाल और कौशल बिन्झवार का विशेष योगदान रहा। नोट: बेलगहना पुलिस ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में अवैध नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए अभियान निरंतर जारी रहेगा।  

मस्तूरी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 10 महीने से फरार आरोपी प्रत्यूष बंजारे गिरफ्तार

✍️ भागीरथी यादव   मल्हार/मस्तूरी: थाना मस्तूरी के अंतर्गत आने वाली चौकी मल्हार पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने पिछले 10 महीनों से फरार चल रहे आरोपी प्रत्यूष बंजारे को दिनांक 20 फरवरी 2026 को घेराबंदी कर धर दबोचा। मामले का विवरण आरोपी प्रत्यूष बंजारे (पिता: सचिन बंजारे), निवासी चकरबेड़ा, पिछले लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। उसके विरुद्ध अपराध क्रमांक 315/25 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज था: धाराएं: 296, 351(2), 115(2), 119(1) एवं 3(5) BNS। स्थिति: आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए पिछले 10 महीनों से लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था। पुलिस की कार्रवाई मुखबिर की सटीक सूचना पर मल्हार पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को मल्हार क्षेत्र में ही लोकेट किया और उसे हिरासत में ले लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ वैधानिक कार्यवाही पूरी की गई और उसे माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। पुलिस का संदेश: अपराधियों के विरुद्ध पुलिस का अभियान जारी है। लंबे समय से फरार चल रहे अन्य आरोपियों की भी तलाश तेज कर दी गई है।

बिलासपुर एयरपोर्ट के लिए ऐतिहासिक दिन: नाइट लैंडिंग का सफल ट्रायल संपन्न

    बिलासपुर | 20 फरवरी 2026 बिलासपुर के बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट (चकरभाठा) ने आज नागरिक उड्डयन के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। शुक्रवार को यहाँ पहली बार रात्रिकालीन उड़ान (नाइट लैंडिंग) का सफल ट्रायल किया गया। स्टेट प्लेन के माध्यम से किए गए इस परीक्षण ने बिलासपुर में हवाई सेवाओं के एक नए अध्याय की शुरुआत कर दी है। ट्रायल की मुख्य बातें: सफलता: ट्रायल के दौरान रनवे लाइटिंग सिस्टम, एप्रोच लाइट्स और एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) के बीच समन्वय पूरी तरह सटीक रहा। उपस्थिति: इस ऐतिहासिक पल के साक्षी एयरपोर्ट डायरेक्टर श्री एन. बिरेन सिंह, क्षेत्रीय निदेशक (नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो, रायपुर) और एयरपोर्ट के अन्य तकनीकी अधिकारी बने। तकनीकी मानक: सभी सुरक्षा और तकनीकी मापदंडों को जांचा गया, जो पूरी तरह संतोषजनक पाए गए। विकास को मिलेगी नई गति एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार, नाइट लैंडिंग की सुविधा मिलने से न केवल यात्रियों को उड़ानों के अधिक विकल्प मिलेंगे, बल्कि बिलासपुर के औद्योगिक, व्यावसायिक और पर्यटन क्षेत्रों को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाने में मदद मिलेगी। “आवश्यक औपचारिकताओं और अंतिम विभागीय स्वीकृतियों के बाद, बिलासपुर से नियमित नाइट फ्लाइट्स का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।” — एयरपोर्ट प्रशासन वर्तमान स्थिति वर्तमान में बिलासपुर एयरपोर्ट से निजी विमानन कंपनी अलायंस एयर द्वारा दिल्ली और प्रयागराज के लिए नियमित विमान सेवाएं संचालित की जा रही हैं। नाइट लैंडिंग की अनुमति मिलने के बाद अब देर शाम और रात की उड़ानें भी संभव हो सकेंगी।

बिलासपुर: अरपा नदी चेक डैम के पास हुई युवक की हत्या का खुलासा; लूट के इरादे से दो आरोपियों ने पुल से नीचे फेंका

  बिलासपुर। सिटी कोतवाली पुलिस ने अरपा नदी चेक डैम के पास मिले अज्ञात शव की गुत्थी को महज कुछ ही दिनों में सुलझा लिया है। लूट की नीयत से एक मासूम युवक की जान लेने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने ‘ह्यूमन इंटेलिजेंस’ और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से गिरफ्तार कर लिया है। घटना की पृष्ठभूमि बीती 15 जुलाई 2025 को अरपा नदी चेक डैम के पास एक अज्ञात युवक का शव बरामद हुआ था। मृतक की पहचान राजेंद्र सूर्यवंशी (25 वर्ष), निवासी नरगोड़ा के रूप में की गई। शुरुआती जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह स्पष्ट हो गया कि यह सामान्य मौत नहीं बल्कि हत्या है। पुलिस ने तत्काल भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) और 309(6) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। ऐसे पकड़े गए हत्यारे सीएसपी गगन कुमार और थाना प्रभारी देवेश सिंह राठौर के नेतृत्व में गठित टीम ने संदिग्धों की तलाश शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने दो युवकों को हिरासत में लिया: विकास उर्फ भोले केवट (20 वर्ष) शनि उर्फ छोटू गंधर्व (20 वर्ष) क्रूरता की कहानी: नशे में लूट और हत्या कड़ी पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उन्होंने बताया कि वारदात के वक्त वे शराब के नशे में थे। उन्होंने अरपा नदी के पास अकेले बैठे राजेंद्र को देखा और लूटपाट के इरादे से उस पर हमला कर दिया। जब राजेंद्र ने विरोध किया, तो आरोपियों ने उसे बेदम होने तक पीटा। सबूत मिटाने और मौत सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने अधमरी हालत में राजेंद्र को पुल की रेलिंग से नीचे नदी में फेंक दिया। बरामदगी और कार्रवाई पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मृतक का लूटा हुआ मोबाइल फोन बरामद कर लिया है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस की अपील: सुनसान इलाकों में देर रात अकेले जाने से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी थाना या डायल 112 को दें।

बिलासपुर में 3.5 करोड़ की लूट का खुलासा, यूपी से चार आरोपी हिरासत में

    बिलासपुर के राजकिशोर नगर स्थित सराफा कारोबारी संतोष तिवारी से 17 फरवरी की रात हुई करीब 3.50 करोड़ रुपये की सनसनीखेज लूट मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के अहरौरा थाना क्षेत्र से चार संदिग्ध आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस टीम उन्हें बिलासपुर ला रही है। घटना उस समय हुई जब वसंत विहार चौक स्थित महालक्ष्मी ज्वेलरी के संचालक संतोष तिवारी दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। बीएसएनएल ऑफिस गली के पास एक कार ने उनकी गाड़ी को टक्कर मारी। जैसे ही वे बाहर निकले, हथियारबंद बदमाशों ने हमला कर करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये के आभूषण, नकदी और उनकी कार लूट ली। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने छह महीने तक किराये के मकान में रहकर रेकी की थी। मोबाइल लोकेशन और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से पुलिस ने उन्हें ट्रैक किया। उत्तर प्रदेश एटीएस के सहयोग से गिरफ्तारी संभव हो सकी। गंभीर रूप से घायल संतोष तिवारी का इलाज जारी है। उनके सिर पर गहरे घाव आए हैं और करीब 50 टांके लगे हैं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ के बाद पूरे घटनाक्रम का आधिकारिक खुलासा करेगी।

केंद्रीय जेल बिलासपुर में सनसनी: कैदी ने हंसिया से गला रेतकर आत्महत्या की कोशिश

✍️ भागीरथी यादव     बिलासपुर। केंद्रीय जेल बिलासपुर में मंगलवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब किचन में काम कर रहे एक सजायाफ्ता कैदी ने सब्जी काटने के हंसिया से अपना गला रेतकर आत्महत्या का प्रयास कर लिया। गंभीर रूप से घायल कैदी को तत्काल उपचार के लिए छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) बिलासपुर में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। हत्या के मामले में काट रहा है आजीवन कारावास जानकारी के अनुसार, पेंड्रा निवासी विकास कश्यप हत्या के मामले में पिछले दो वर्षों से जेल में बंद है। वर्ष 2024 में उसे अपनी दादी की हत्या के प्रकरण में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। फिलहाल उससे जेल के किचन में भोजन बनाने का कार्य लिया जा रहा था। सुबह किचन में उठाया खौफनाक कदम मंगलवार सुबह लगभग 7 बजे विकास अपने बैरक से निकलकर किचन पहुंचा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, काम के दौरान उसने अचानक सब्जी काटने वाले हंसिया से अपना गला रेत लिया। पास में मौजूद अन्य कैदियों ने उसे खून से लथपथ हालत में तड़पते देखा और तत्काल जेल प्रशासन को सूचना दी। सूचना मिलते ही जेल अधीक्षक, जेलर सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। गंभीर स्थिति को देखते हुए जेल एंबुलेंस से उसे तुरंत सिम्स भेजा गया। मानसिक स्थिति पर उठे सवाल सूत्रों के मुताबिक, कैदी की मानसिक स्थिति पिछले कुछ समय से ठीक नहीं बताई जा रही थी और उसका उपचार भी चल रहा था। हालांकि, गला रेतने के कारण वह फिलहाल बातचीत करने की स्थिति में नहीं है, जिससे आत्महत्या के प्रयास के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। जांच के बाद खुलेगा राज जेल प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम की आंतरिक जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि कैदी के होश में आने और बयान दर्ज होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि उसने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया। घटना ने जेल सुरक्षा और कैदियों की मानसिक स्वास्थ्य निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

औद्योगिक क्षेत्र की फैक्ट्री में भीषण आग, कोई जनहानि नहीं

    बिलासपुर। बिलासपुर के तिफरा औद्योगिक क्षेत्र में स्थित अनव इंडस्ट्री की पेंट, टाइल्स और पुट्टी निर्माण फैक्ट्री में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। फैक्ट्री परिसर में रखे केमिकल में आग भड़कने के बाद लपटें तेजी से फैल गईं और कुछ ही देर में पूरा परिसर धुएं से भर गया। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। ज्वलनशील सामग्री अधिक होने से आग पर काबू पाने में मशक्कत करनी पड़ी। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। आग से हुए नुकसान का आकलन बाद में किया जाएगा। एहतियातन आसपास की फैक्ट्रियों में काम रोक दिया गया है।

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने धारा 306 में दोषसिद्धि रद्द की, आरोपी बरी

✍️ भागीरथी यादव     बिलासपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने आत्महत्या के लिए उकसाने (धारा 306 आईपीसी) के एक मामले में निचली अदालत द्वारा सुनाई गई चार वर्ष की सजा को निरस्त करते हुए आरोपी को बरी कर दिया है। जस्टिस रजनी दुबे की एकल पीठ ने कहा कि अभियोजन पक्ष आत्महत्या के लिए उकसाने के आवश्यक और ठोस साक्ष्य प्रस्तुत करने में विफल रहा। यह मामला जांजगीर-चांपा जिले के बलौदा थाना क्षेत्र का है। बसंत कुमार सतनामी पर आरोप था कि उसकी पत्नी टिकैतिन बाई ने विवाह के लगभग चार वर्ष बाद कथित प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या कर ली। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश, एफटीसी जांजगीर ने 31 जुलाई 2007 को आरोपी को धारा 306 के तहत दोषी ठहराते हुए चार वर्ष के सश्रम कारावास और 500 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई थी। निचली अदालत के फैसले के खिलाफ आरोपी ने हाईकोर्ट में अपील दायर की। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पाया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण स्पष्ट नहीं बताया गया था। चिकित्सक ने गवाही में स्वीकार किया कि मौत उल्टी-दस्त से भी हो सकती है, जबकि एस्फिक्सिया की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया। मामले में एफएसएल रिपोर्ट भी प्रस्तुत नहीं की गई। अदालत ने यह भी नोट किया कि गवाहों के बयान परस्पर विरोधाभासी थे। कुछ ने जहर सेवन, कुछ ने शराब पीने, तो कुछ ने उल्टी-दस्त से मृत्यु होने की बात कही। ऐसे विरोधाभासों के चलते मृत्यु का कारण स्पष्ट रूप से स्थापित नहीं हो सका। अपने फैसले में हाईकोर्ट ने कहा कि पति-पत्नी के बीच सामान्य विवाद या पारिवारिक कलह मात्र से धारा 306 के तहत उकसाने का अपराध सिद्ध नहीं होता, जब तक कि स्पष्ट आपराधिक मंशा और प्रत्यक्ष उकसावे का प्रमाण न हो। अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न निर्णयों का हवाला देते हुए कहा कि दोषसिद्धि के लिए ठोस और विश्वसनीय साक्ष्य आवश्यक हैं। अंततः कोर्ट ने माना कि अभियोजन यह साबित नहीं कर सका कि मृतका की मृत्यु आत्महत्या थी या आरोपी ने उसे आत्महत्या के लिए उकसाया। इस आधार पर ट्रायल कोर्ट की दोषसिद्धि को टिकाऊ नहीं मानते हुए आरोपी को बरी कर दिया गया।

अन्य खबरे

होटल की छत पर चल रहा था हुक्का बार, चकरभाठा पुलिस की रेड में संचालक गिरफ्तार
जादू-टोना के शक में महिला की बेरहमी से हत्या, पति समेत 4 आरोपी गिरफ्तार
बालोद जिला-सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी, ई-मेल से मिली सूचना; कोर्ट परिसर खाली कराया गया
कोरबा अग्रसेन चौक ओवरब्रिज पर स्कॉर्पियो में भीषण आग, देखें VIDEO – मची अफरा-तफरी
अयोध्यापुरी के पार्षद व एमआईसी सदस्य बंटी सरोज शांडिल भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के जिला मंत्री नियुक्त
भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा में डेनियल मंगेशकर जिला उपाध्यक्ष नियुक्त, कार्यकर्ताओं में उत्साह