बिलासपुर में शातिर ठग महिला का नया तरीका, बर्तन बदलने के बहाने लाखों के जेवर लेकर फरार

✍️ भागीरथी यादव   बिलासपुर। जिले में ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां बर्तन बदलने के नाम पर एक शातिर महिला ने घर की महिलाओं को अपने झांसे में लेकर सोने-चांदी के कीमती जेवर और बर्तन लेकर फरार हो गई। घटना के बाद पीड़ित परिवार में हड़कंप मच गया। पीड़ितों की शिकायत पर चकरभाठा थाना पुलिस ने अज्ञात महिला के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मिली जानकारी के अनुसार, चकरभाठा थाना क्षेत्र के परसदा माता चौरा निवासी ममता सूर्यवंशी 29 दिसंबर को दोपहर करीब 2 बजे अपने घर में मौजूद थीं। इसी दौरान एक अज्ञात महिला उनके घर पहुंची और पुराने बर्तनों के बदले नए बर्तन देने की पेशकश करने लगी। घर में उस वक्त ममता सूर्यवंशी के साथ उनकी जेठानी शुक्रवारा बाई सूर्यवंशी और मिलापा बाई सूर्यवंशी भी मौजूद थीं। आरोपी महिला ने खुद को बर्तन बदलने का काम करने वाली बताते हुए दावा किया कि वह सोने-चांदी के जेवरों की फोटो लेकर विदेश भेजती है, जहां उनकी डिजाइन तैयार होती है। उसने भरोसा दिलाया कि फोटो लेने के बाद सभी जेवर उसी दिन वापस कर दिए जाएंगे और बदले में ज्यादा पैसा भी दिया जाएगा। महिला की चिकनी-चुपड़ी बातों में आकर ममता सूर्यवंशी ने पुराने बर्तनों के साथ सोने की माला, चांदी का हाफ करधन, छल्ला, एक जोड़ी पायल, सोने का लॉकेट और टॉप्स सौंप दिए। वहीं जेठानी शुक्रवारा बाई ने पुराने बर्तन, चांदी की चेन और बिछिया दी, जबकि जेठानी मिलापा बाई ने सोने की माला और पायल ठग महिला को सौंप दी। आरोपी महिला ने कहा कि वह शाम करीब 4 बजे डिजाइन दिखाकर सभी का बर्तन बदलकर नया बर्तन और जेवर लौटा देगी। ज्यादा मुनाफा देने का लालच देकर वह सभी जेवर और बर्तन अपने साथ लेकर चली गई, लेकिन उसके बाद वापस नहीं लौटी। काफी देर इंतजार के बाद जब महिला का कोई पता नहीं चला, तब पीड़ितों को ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद पीड़ित परिवार ने चकरभाठा थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने ममता सूर्यवंशी की रिपोर्ट पर अज्ञात महिला के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय बर्तन बदलने वाली महिलाओं की जानकारी जुटाने के साथ-साथ सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि बर्तन बदलने या जेवर जांच के नाम पर घर में आने वाले अज्ञात लोगों से सतर्क रहें और किसी भी परिस्थिति में अपने कीमती सामान किसी अनजान व्यक्ति को न सौंपें।

तिहाड़ जेल से छूटते ही बना लुटेरा, बिलासपुर में होटल व्यवसायी को बनाया निशाना

✍️ भागीरथी यादव   दिल्ली का आरोपी अनुपपुर से गिरफ्तार, फरार साथियों की तलाश तेज बिलासपुर। दिल्ली की कुख्यात तिहाड़ जेल से हत्या के मामले में सजा काटकर बाहर निकला एक अपराधी बिलासपुर में लूट की वारदात को अंजाम देने की फिराक में था। सरकंडा थाना क्षेत्र में होटल व्यवसायी से पिस्टल अड़ाकर लूटपाट के प्रयास के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को मध्यप्रदेश के अनुपपुर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के अन्य साथी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। सुबह-सुबह हथियार के दम पर लूट का प्रयास पुलिस के अनुसार, 19 दिसंबर की सुबह करीब 7:15 बजे, जबड़ापारा निवासी लखन उर्फ निटी देवांगन अपनी एक्टिवा से कंपनी गार्डन के पास स्थित समोसा दुकान जा रहा था। आनंद डेयरी के पास पहुंचते ही बाइक सवार तीन युवकों ने रास्ता रोक लिया। पीछे बैठे आरोपी ने पीड़ित की गर्दन में पहनी सोने की चेन पकड़कर कट्टा अड़ा दिया और “चेन दे दो, नहीं तो गोली मार दूंगा” कहते हुए फायर कर जान से मारने की धमकी दी। हालांकि, पीड़ित ने हिम्मत दिखाते हुए शोर मचाया, जिससे घबराकर आरोपी मुख्य सड़क की ओर फरार हो गए। तकनीकी साक्ष्यों से पुलिस को मिली बड़ी सफलता घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देशन में एसीसीयू, साइबर सेल और सरकंडा थाना की संयुक्त टीम गठित की गई। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे करीब 300 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपियों का लोकेशन अनुपपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेस हुआ। पुलिस टीम ने मौके पर दबिश देकर गगनदीप बंसल, निवासी दिल्ली को गिरफ्तार कर लिया। तिहाड़ जेल में बनी दोस्ती, बाहर आकर शुरू किया अपराध पूछताछ में गगनदीप बंसल ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि वह पूर्व में तिहाड़ जेल में हत्या के मामले में बंद था, जहां उसकी दोस्ती विजय लाम्बा (दिल्ली) से हुई। जेल से रिहा होने के बाद विजय लाम्बा, आमीर और शकील के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई और बिलासपुर में वारदात को अंजाम दिया। चोरी की बाइक, रेलवे स्टेशन पर छोड़ी घटना को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने तखतपुर और अम्बिकापुर से दो मोटरसाइकिल चोरी की थीं। वारदात के बाद दोनों बाइक को बिलासपुर रेलवे स्टेशन के पास छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने दोनों बाइक बरामद कर ली हैं। मुख्य आरोपी फरार, हथियार की तलाश जारी पुलिस के अनुसार, वारदात में प्रयुक्त देशी कट्टा फिलहाल फरार आरोपी विजय लाम्बा के पास है। आरोपी विजय लाम्बा, आमीर और शकील की तलाश लगातार की जा रही है। पुलिस का सख्त संदेश पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जेल से छूटकर दोबारा अपराध करने वालों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और ऐसे अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। जल्द ही फरार आरोपियों को भी गिरफ्तार कर पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जाएगा।

25 टन चावल की खेप गटक गया ट्रक चालक, बेटी की शादी में उड़ा दिए 6 लाख

✍️ भागीरथी यादव   तखतपुर पुलिस ने अमानत में खयानत का बड़ा मामला किया उजागर तखतपुर। अमानत में खयानत के एक सनसनीखेज मामले में तखतपुर पुलिस ने ट्रक चालक को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। रायपुर की सत्यम रोड लाइंस ट्रांसपोर्ट से बिहार भेजे जाने वाले 25 टन चावल को रास्ते में ही बेचकर आरोपी ने न केवल ट्रांसपोर्टर के भरोसे को तोड़ा, बल्कि पूरी रकम अपनी बेटी की शादी में खर्च कर दी। मामला 22 अक्टूबर 2024 का है, जब नवरंग राइस मिल, तखतपुर से बिहार भेजने के लिए 25 टन चावल सत्यम रोड लाइंस ट्रांसपोर्ट के माध्यम से बुक किया गया था। चावल परिवहन के लिए ट्रक क्रमांक BR 01 GM 7496 निर्धारित किया गया, जिसे चालक अमरनाथ चौधरी चला रहा था। ट्रांसपोर्टर द्वारा इसके एवज में ₹28,600 का भुगतान नगद और फोन-पे के माध्यम से किया गया। गंतव्य तक नहीं पहुंचा चावल, शक गहराया निर्धारित समय सीमा के बावजूद जब चावल बिहार नहीं पहुंचा, तो ट्रांसपोर्ट संचालक को संदेह हुआ। चालक से संपर्क करने पर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर थाना तखतपुर में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। जांच में हुआ बड़ा खुलासा पुलिस जांच में सामने आया कि चालक ने पूरे 25 टन चावल को रास्ते में ही बेच दिया। शिकायत के आधार पर बीएनएस की धारा 316(3) (अमानत में खयानत) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना की गई। ट्रक जब्त, गोदाम निकला खाली विवेचना के दौरान पुलिस टीम ने ट्रक को सुरतजा पेट्रोल पंप, चकसिकंदर (बिहार) से जब्त किया। इसके बाद आरोपी के किराए के गोदाम हाजीपुर (बिहार) में दबिश दी गई, लेकिन वहां चावल नहीं मिला। सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी टूट गया और अपना अपराध स्वीकार कर लिया। बेटी की शादी में खर्च की पूरी रकम आरोपी अमरनाथ चौधरी ने पुलिस को बताया कि उसने चावल को बिहार की एक दुकान में करीब ₹6 लाख में बेच दिया। इसमें से ₹5,99,000 रुपये उसने अपनी बेटी की शादी में खर्च कर दिए, जबकि मात्र ₹1,000 रुपये शेष बचे थे। गिरफ्तारी के बाद जेल भेजा गया पर्याप्त साक्ष्य, बयान और दस्तावेजी प्रमाण मिलने के बाद पुलिस ने 30 दिसंबर 2025 को सुबह 11:45 बजे आरोपी अमरनाथ चौधरी (50 वर्ष), निवासी ग्राम धंधुआ, जिला वैशाली (बिहार) को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। विवेचना जारी, और भी खुलासों की संभावना पुलिस अब यह जांच कर रही है कि चावल की बिक्री में किसी अन्य व्यापारी या बिचौलिए की भूमिका तो नहीं रही, साथ ही आरोपी का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है। पुलिस की सख्त चेतावनी पुलिस अधिकारियों ने कहा कि अमानत में खयानत जैसे अपराध समाज के भरोसे को तोड़ते हैं और ऐसे मामलों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। इस पूरे मामले के खुलासे में एसआई डी.आर. मनहर एवं आरक्षक सत्यार्थ शर्मा की सराहनीय भूमिका रही।  

तखतपुर | जमीन विवाद बना खून की वजह: बैंक से अपहरण कर युवक की हत्या, 7 फरार आरोपी गिरफ्तार, कुल 12 जेल में

  मुंगेली जिले के जरहागांव थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बरेला में हुए बहुचर्चित अपहरण व हत्या कांड में पुलिस को बड़ी और निर्णायक सफलता मिली है। जमीन विवाद के चलते युवक का अपहरण कर बेरहमी से हत्या करने वाले 07 फरार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही इस जघन्य हत्याकांड में अब तक कुल 12 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। बैंक परिसर से उठा ले गए युवक, पीट-पीटकर ले ली जान पुलिस के अनुसार, 26 दिसंबर 2025 को ग्राम बरेला स्थित पंजाब नेशनल बैंक परिसर से राजकुमार धुरी (21 वर्ष) का सरेआम अपहरण किया गया। आरोपियों ने उसे जबरन वाहन में बैठाकर ठकुरीकापा नर्सरी ले जाकर हाथ-मुक्कों और डंडों से बेरहमी से पीटा। गंभीर चोटों के कारण युवक की मौत हो गई। जमीन विवाद की रंजिश में रची गई थी हत्या की साजिश पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी प्रदीप उर्फ छोटू साहू का मृतक के परिवार से पिछले एक वर्ष से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी रंजिश में आरोपियों ने आपराधिक षड्यंत्र रचकर राजकुमार धुरी की हत्या की योजना बनाई और उसे अंजाम दिया। एसपी के निर्देशन में बनीं विशेष टीमें मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल (भा.पु.से.) के निर्देशन में विशेष टीमों का गठन किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवनीत कौर छाबड़ा एवं एसडीओपी मयंक तिवारी के पर्यवेक्षण में जरहागांव पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मुखबिर तंत्र और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की धरपकड़ की। राज्य से बाहर तक भागे आरोपी, फिर भी पुलिस ने दबोचा हत्या के बाद आरोपी सबूत छिपाने और पुलिस से बचने के लिए भाठापारा, रायपुर, दुर्ग, नागपुर तक भागते रहे। वाहनों को अलग-अलग स्थानों पर छिपाया गया। बावजूद इसके पुलिस ने सतर्कता दिखाते हुए 30 दिसंबर 2025 को सभी 7 फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। घटना में प्रयुक्त वाहन, डंडा और अन्य सामग्री भी विधिवत जब्त की गई है। 30 दिसंबर 2025 को गिरफ्तार आरोपी प्रदीप उर्फ छोटू साहू पिता संतोष (27) – निवासी बरेला विनीत साहू उर्फ चिन्टु पिता राकेश (20) – निवासी बरेला रवि निर्मलकर पिता स्व. बिहारी लाल (25) – निवासी बरेला राजा धुरी पिता लक्ष्मीप्रसाद (25) – निवासी बरेला प्रदीप धु्रवंशी पिता स्व. पवन (25) – निवासी बरेला मनीष साहू पिता शिव (22) – निवासी बरेला योगेश साहू पिता जितेन्द्र (25) – निवासी खपरी, थाना नांदघाट, जिला बेमेतरा न्यायिक रिमांड पर भेजे गए आरोपी थाना जरहागांव में अपराध क्रमांक 194/25 के तहत भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस की सख्त चेतावनी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है और इस हत्याकांड में संरक्षण या सहायता देने वालों पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। कानून से बचने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। यह कार्रवाई अपराधियों के लिए स्पष्ट संदेश है—कानून से ऊपर कोई नहीं।  

बिलासपुर में डिजिटल अरेस्ट ठगी का पर्दाफाश, 57 लाख की साइबर ठगी करने वाला अंतर्राज्यीय आरोपी गिरफ्तार

    बिलासपुर। डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय साइबर गिरोह का रेंज साइबर थाना बिलासपुर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने उत्तरप्रदेश के बुलंदशहर से गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार करते हुए करीब 57 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी का पर्दाफाश किया है। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां एक स्थानीय निवासी को वर्चुअल और फर्जी मोबाइल नंबरों से कॉल कर खुद को जांच एजेंसी का अधिकारी बताया गया। आरोपी ने पीड़ित को मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर मामले में फंसने और डिजिटल अरेस्ट की धमकी दी। डर के माहौल में आकर पीड़ित ने आरोपी के बताए खातों में अलग-अलग किश्तों में कुल 57 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। फर्जी सिम, वर्चुअल नंबर और बैंक खातों से रची ठगी की साजिश जांच में सामने आया कि ठग गिरोह फर्जी सिम कार्ड, वर्चुअल मोबाइल नंबर और फर्जी बैंक खातों के जरिए वारदात को अंजाम देता था। ठगी की रकम निकालने के लिए सोशल मीडिया पर प्रचारित ‘लेगेसी लोन’ एप का इस्तेमाल किया जाता था, जिसके माध्यम से आम लोगों को लोन बांटने की आड़ में ठगी का पैसा आहरित किया जाता था। दिल्ली-यूपी में छापेमारी के बाद दबोचा गया आरोपी साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल, बैंक ट्रांजेक्शन डिटेल्स और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को आरोपियों के दिल्ली और उत्तरप्रदेश से जुड़े होने के अहम सुराग मिले। इसके बाद रेंज साइबर थाना की विशेष टीम ने दिल्ली और यूपी में दबिश दी। तीन दिन की कड़ी मशक्कत के बाद शिकारपुर, बुलंदशहर निवासी मनिंदर सिंह (54 वर्ष) को हिरासत में लिया गया। कंपनी के खाते में मंगवाता था ठगी का पैसा पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर मनी लॉन्ड्रिंग, ड्रग पार्सल जैसे झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देकर लोगों से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी करता था। आरोपी कमीशन के लालच में अपनी कंपनी शिकारपुरिहा रियालिटी प्राइवेट लिमिटेड के करंट अकाउंट में ठगी की रकम मंगवाता था और बाद में उसे निकाल लेता था। फिलहाल आरोपी से गहन पूछताछ जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान पूरे गिरोह और ठगी के नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों के बारे में अहम जानकारियां सामने आएंगी।

तखतपुर में पुरानी रंजिश का खूनी अंत: युवक का अपहरण कर बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या

  तखतपुर। क्षेत्र में पुरानी रंजिश ने एक 20 वर्षीय युवक की जान ले ली। आरोप है कि पाँच युवकों ने साजिशन युवक का अपहरण कर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतक की पहचान रामकुमार धुरी (20 वर्ष), पिता बेनीराम धुरी, निवासी वार्ड क्रमांक 13, बरेला के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, रामकुमार का कुछ युवकों से लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के चलते 26 दिसंबर की शाम करीब 6 बजे, पंजाब नेशनल बैंक के पास से आरोपियों ने उसे जबरन कार में बैठाकर अगवा कर लिया। परिजनों का आरोप है कि आरोपियों ने कार में ही नहीं, बल्कि अन्य स्थानों पर ले जाकर भी रामकुमार के साथ बेरहमी से मारपीट की। गंभीर रूप से घायल अवस्था में उसे उसके घर के पास छोड़कर सभी आरोपी फरार हो गए। घटना के बाद परिजन उसे तत्काल अस्पताल ले जाने के लिए रवाना हुए, लेकिन अस्पताल पहुँचने से पहले ही रास्ते में रामकुमार की मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि मृतक की पीठ और शरीर पर पिटाई के स्पष्ट निशान मौजूद थे, जिससे मारपीट की पुष्टि होती है। इस मामले में तखतपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर सुनील हंसराज ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला सामान्य मृत्यु का नहीं, बल्कि गंभीर पिटाई के कारण हुई हत्या का प्रतीत होता है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों की तलाश के लिए टीमें गठित की गई हैं। वहीं, इस निर्मम हत्या से क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।  

“आई लव यू” कहना और हाथ पकड़ना भी अपराध, हाईकोर्ट का सख्त संदेश

✍️ भागीरथी यादव   महिला की मर्यादा भंग करने का मामला, पॉक्सो से बरी लेकिन IPC 354 में दोष बरकरार रायपुर/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा को लेकर एक अहम फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि “आई लव यू” कहना, किसी लड़की का हाथ पकड़ना और जबरन अपनी ओर खींचना महिला की मर्यादा भंग करने की श्रेणी में आता है और यह दंडनीय अपराध है। हालांकि, पीड़िता की उम्र नाबालिग साबित नहीं हो पाने के कारण कोर्ट ने आरोपी को पॉक्सो एक्ट से बरी कर दिया, लेकिन आईपीसी की धारा 354 के तहत दोष को बरकरार रखते हुए सजा को 3 साल से घटाकर 1 साल कर दिया। हाईकोर्ट का स्पष्ट रुख जस्टिस एन.के. चंद्रवंशी की सिंगल बेंच ने कहा कि महिलाओं की मर्यादा का अर्थ केवल शारीरिक नहीं, बल्कि उनकी गरिमा और यौन शालीनता (Sexual Decency) से जुड़ा है। ऐसी हरकतें समाज में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा करती हैं और इन्हें हल्के में नहीं लिया जा सकता। क्या है पूरा मामला घटना 28 नवंबर 2019 की है। रायगढ़ जिले के भूपदेवपुर थाना क्षेत्र में रहने वाली एक छात्रा स्कूल से घर लौट रही थी। इसी दौरान 19 वर्षीय रोहित चौहान ने उसका हाथ पकड़कर “आई लव यू” कहा और उसे जबरन अपनी ओर खींचने लगा। विरोध करने पर आरोपी ने गाली-गलौज की। पीड़िता की छोटी बहन और एक सहेली ने बीच-बचाव किया, जिसके बाद वे डर के कारण छिप गईं। घर पहुंचकर पीड़िता ने मां को घटना बताई और पिता के साथ थाने जाकर शिकायत दर्ज कराई। फास्ट ट्रैक कोर्ट का फैसला रायगढ़ की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 20 मई 2022 को आरोपी को IPC धारा 354 पॉक्सो एक्ट की धारा 8 के तहत दोषी मानते हुए 3-3 साल की सजा और एक-एक हजार रुपए जुर्माना लगाया था। हाईकोर्ट में क्यों बदला फैसला अपील के दौरान आरोपी की ओर से तर्क दिया गया कि पीड़िता की उम्र का कोई ठोस प्रमाण नहीं है। स्कूल रिकॉर्ड में जन्मतिथि 15 जून 2005 दर्ज पिता ने गवाही में जन्म वर्ष 2003 बताया न तो जन्म प्रमाणपत्र और न ही आधार कार्ड पेश किया गया कोर्ट ने माना कि उम्र संदेह से परे साबित नहीं हुई, इसलिए पॉक्सो एक्ट लागू नहीं हो सकता। अंतिम आदेश पॉक्सो एक्ट की धारा 8 निरस्त IPC धारा 354 में दोष सिद्ध सजा 3 साल से घटाकर 1 साल आरोपी फिलहाल जमानत पर, शेष सजा काटने के लिए सरेंडर करने का निर्देश महत्वपूर्ण संदेश यह फैसला समाज को स्पष्ट संदेश देता है कि महिलाओं के साथ किसी भी प्रकार की जबरदस्ती, अश्लील या अमर्यादित हरकत कानूनन अपराध है, भले ही उसे हल्के शब्दों या “प्रेम प्रस्ताव” का नाम दिया जाए।

बिलासपुर: आधी रात सड़क पर हाईवोल्टेज ड्रामा, युवती ने युवक को जड़े थप्पड़, आत्महत्या की धमकी से मचा हड़कंप

  बिलासपुर। शहर में देर रात एक सनसनीखेज घटना सामने आई, जहां बीच सड़क पर युवक–युवती का हाईवोल्टेज ड्रामा करीब एक घंटे तक चलता रहा। मामला कोनी थाना क्षेत्र का है, जहां एक युवती सड़क पर हंगामा करते हुए युवक को लगातार थप्पड़ मारती रही और वाहनों के सामने कूदकर जान देने की धमकी देती रही। पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।   प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आधी रात युवक और युवती के बीच अचानक विवाद शुरू हुआ, जो देखते ही देखते सड़क पर तमाशे में बदल गया। युवती गुस्से में आकर कभी युवक पर हाथ उठाती तो कभी दौड़ती हुई वाहनों के सामने जाकर आत्महत्या की धमकी देने लगती। इस दौरान युवक लगातार उसे समझाने और मनाने की कोशिश करता नजर आया। 🚨 शराब के नशे में थे दोनों जानकारी के अनुसार, युवक तालापारा का निवासी है, जबकि युवती भी उसी मोहल्ले में रहती है। चौंकाने वाली बात यह है कि दोनों शादीशुदा हैं और उनके बच्चे भी हैं। बताया जा रहा है कि तीन दिन पहले युवती अपने एक परिचित की महिला के साथ कोनी रोड गई थी, जहां युवक भी मौजूद था। उस समय युवक शराब के नशे में था और युवती भी नशे की हालत में बताई जा रही है। ❗ छेड़छाड़ का शक, फिर खुली सच्चाई जब राहगीरों ने युवती को इस तरह सड़क पर हंगामा करते और युवक को थप्पड़ मारते देखा, तो उन्हें लगा कि युवक युवती से छेड़छाड़ कर रहा है। इसी संदेह के चलते कुछ युवकों ने पुलिस को सूचना दी। हालांकि, बाद में सामने आया कि दोनों आपसी विवाद में ड्रामा कर रहे थे। 🎥 थप्पड़ मारने का वीडियो वायरल घटना के दौरान मौजूद लोगों ने युवती द्वारा युवक को थप्पड़ मारने का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि युवती युवक पर हाथ उठाती है और दोनों सड़क पर हंगामा करते हैं।  

कोनी में अपराधियों पर पुलिस का शिकंजा

✍️ भागीरथी यादव   शांति भंग की साजिश नाकाम, 4 शातिर बदमाश BNSS की धारा 170 में जेल भेजे गए बिलासपुर। आम नागरिकों की सुरक्षा और क्षेत्र में स्थायी शांति बनाए रखने के उद्देश्य से कोनी थाना पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ बड़ा और निर्णायक अभियान चलाया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में की गई इस सख्त कार्रवाई के तहत क्षेत्र के चार चिन्हित शातिर गुंडा बदमाशों को प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया गया। पुलिस प्रशासन ने इस कार्रवाई के जरिए कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले असामाजिक तत्वों को साफ संदेश दिया है कि क्षेत्र में किसी भी तरह की अवैध गतिविधि, भय फैलाने या शांति भंग करने की कोशिश को कदापि बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अपराध से पहले कार्रवाई, पुलिस की सक्रिय रणनीति कोनी थाना प्रभारी के नेतृत्व में गठित विशेष निगरानी टीम लगातार आपराधिक प्रवृत्ति वाले व्यक्तियों की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी। इसी दौरान मुखबिर तंत्र से सूचना मिली कि कुछ आदतन अपराधी क्षेत्र में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने त्वरित घेराबंदी कर चार संदिग्धों को हिरासत में लिया। इनके पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड और वर्तमान गतिविधियों का विश्लेषण करने के बाद पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 170 के तहत कार्रवाई की, जिसका उद्देश्य संज्ञेय अपराध होने से पहले ही उसे रोकना है। BNSS 170 : अपराधियों के लिए चेतावनी पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई अपराध के बाद नहीं, बल्कि अपराध से पहले हस्तक्षेप की नीति का हिस्सा है, जिससे क्षेत्र में शांति और नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा कायम किया जा सके। जिन पर कसी कार्रवाई, उनके नाम पुलिस द्वारा प्रतिबंधित और जेल भेजे गए आरोपियों में शामिल हैं— लक्की भारत (27 वर्ष), पिता: श्रीकांत भारत, निवासी: आवासपारा सेंदरी (काली मंदिर के पास) भोलू यादव उर्फ राकेश यादव (26 वर्ष), पिता: सरजू यादव, निवासी: गोदामपारा, कोनी भीमशंकर वर्मा (20 वर्ष), पिता: इतवारी वर्मा, निवासी: घुटकु, कोनी सुनील यादव (20 वर्ष), पिता: संतोष यादव, निवासी: यादवपारा, कोनी फिलहाल कोनी थाना क्षेत्र में अतिरिक्त गश्त और निगरानी बढ़ा दी गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आगे भी असामाजिक तत्वों के खिलाफ ऐसी कठोर और निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी।

भाई ने छीना बहन का हक, न्याय की चौखट पर पहुंची बेबस पीड़िता

✍️ भागीरथी यादव   बिलासपुर। रिश्तों की डोर जब स्वार्थ और लालच से उलझ जाए, तो खून के रिश्ते भी बोझ बन जाते हैं। ऐसा ही एक मार्मिक मामला बिलासपुर जिले से सामने आया है, जहां एक सगी बहन को अपने ही भाई से न्याय की गुहार लगानी पड़ी। कोटा नगर पंचायत निवासी श्रीमती गनेशिया बाई बिंझवार आज अपनी पैतृक जमीन के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं, जबकि आरोप है कि उनके सगे भाई ने ही उनके हक पर डाका डाल दिया। तखतपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत कोड़ापुरी में स्थित लगभग पौने दो एकड़ पैतृक भूमि, जो विधिवत पारिवारिक बंटवारे में गनेशिया बाई के हिस्से में आई थी, आज उनके हाथों से फिसलती नजर आ रही है। पीड़िता का कहना है कि गांव में कम आना-जाना होने का फायदा उठाकर उनके भाई धनवान सिंह बिंझवार ने जमीन पर जबरन कब्जा कर लिया और उसे खेत में तब्दील कर फसल भी बो दी। जब बहन ने अपने अधिकार की बात उठाई, तो भाई ने न सिर्फ जमीन लौटाने से इनकार कर दिया, बल्कि धमकियों का सहारा लेकर उसे चुप कराने की कोशिश भी की। इस अन्याय ने गनेशिया बाई को अंदर तक तोड़ दिया। मानसिक पीड़ा, सामाजिक अपमान और आर्थिक नुकसान के बीच वह खुद को असहाय महसूस करने लगीं। आखिरकार हिम्मत जुटाकर उन्होंने सामाजिक संगठन आज़ाद युवा संगठन के प्रमुख इशहाक कुरैशी से संपर्क किया। संगठन के सहयोग से पीड़िता जिला कलेक्टर और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की शरण में पहुंचीं, जहां उन्होंने लिखित ज्ञापन सौंपकर अपने हक की गुहार लगाई। ज्ञापन में अवैध कब्जा हटाने, जमीन वापस दिलाने और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। मामले की संवेदनशीलता को समझते हुए जिला कलेक्टर ने तुरंत संज्ञान लिया और संबंधित एसडीएम से चर्चा कर शीघ्र जांच व उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रशासन की इस तत्परता से गनेशिया बाई की आंखों में उम्मीद की एक नई चमक दिखाई देने लगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे पारिवारिक विवादों में अक्सर महिलाएं और कमजोर वर्ग ही सबसे ज्यादा पीड़ित होते हैं। समय पर प्रशासनिक हस्तक्षेप ही उन्हें न्याय दिला सकता है। अब सबकी नजरें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं, ताकि एक बहन को उसका छीना हुआ हक वापस मिल सके और रिश्तों पर लगे इस दाग को इंसाफ से धोया जा सके।

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