न्यायधानी बिलासपुर में चमकेगी कराते की प्रतिभा स्टेट कराते चैंपियनशिप 2025 के लिए तैयार हुआ मंच, पोस्टर का भव्य अनावरण
बिलासपुर। खेलों की उभरती नगरी न्यायधानी बिलासपुर एक बार फिर एक बड़े राज्यस्तरीय आयोजन की मेजबानी करने जा रही है। स्टेट कराते चैंपियनशिप 2025 का भव्य आयोजन आगामी 27 एवं 28 दिसंबर को डी.पी. विप्र महाविद्यालय के विशाल परिसर में होने जा रहा है। उत्साह और जोश से भरी तैयारियों के बीच मंगलवार को प्रतियोगिता का आधिकारिक पोस्टर अनावरण कर कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की गई। पोस्टर अनावरण के अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्या अंजू शुक्ला ने आयोजन को बिलासपुर के लिए गौरव का क्षण बताया। इस मौके पर एम.एस. तांबोली, डॉ. अजय यादव, डॉ. निधीश चौबे, डॉ. राम, डॉ. आशीष शर्मा, सृष्टि कांसकर, विकास सिंह, अरुण नथानी, राज वर्मा एवं संजुक्ता दास उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने संयुक्त रूप से पोस्टर का विमोचन करते हुए प्रतियोगिता की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दीं। कराते एसोसिएशन ऑफ छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष सुशील चंद्रा एवं महासचिव अविनाश सेठी ने बताया कि राज्यभर—बस्तर, कोरबा, रायगढ़, रायपुर, महासमुंद, जांजगीर और बिलासपुर समेत सभी जिलों से बड़ी संख्या में खिलाड़ी इस आयोजन में भाग लेने पहुंचेंगे। यह चैंपियनशिप युवाओं को राज्य स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच ही नहीं देगी, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए भी रास्ता खोलकर तैयार करेगी। इस आयोजन को लेकर कराते एसोसिएशन ऑफ बिलासपुर और जिला खेल विभाग पूरी ऊर्जा के साथ जुटे हुए हैं। खिलाड़ियों के ठहराव, सुरक्षा, चिकित्सा सुविधाओं, तकनीकी व्यवस्थाओं और मैदान की तैयारियों का निरीक्षण किया जा रहा है। आयोजन समिति के अनुसार, विभिन्न आयु वर्गों में काता और कुमिते के कई रोमांचक मुकाबले आयोजित होंगे। कराते एसोसिएशन ऑफ बिलासपुर के महासचिव प्रतीक सोनी ने कहा कि ऐसे आयोजन न सिर्फ खिलाड़ियों को अवसर देते हैं, बल्कि जिले की खेल संस्कृति को नई पहचान भी दिलाते हैं। उन्होंने बताया कि दर्शकों के लिए भी विशेष व्यवस्थाएँ की जाएँगी, ताकि अधिक से अधिक लोग इस राज्यस्तरीय प्रतियोगिता के साक्षी बन सकें। लगातार बैठकों और तैयारियों के बीच आयोजन समिति का दावा है कि यह चैंपियनशिप बिलासपुर के खेल इतिहास में एक यादगार अध्याय जोड़ने जा रही है।
गुमशुदा नाबालिग की तलाश में परिजनों की व्याकुल गुहार, 11 दिन बाद भी नहीं मिला कोई सुराग
बिलासपुर से दर्द भरी अपील… बिलासपुर। पुराना पावर हाउस चौक में रहने वाले महेश कुमार नायक का परिवार इन दिनों भारी चिंता और बेचैनी में है। उनके 17 वर्षीय पुत्र विनय कुमार नायक के लापता हुए आज 11 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक उसका कोई अता-पता नहीं चल सका है। हर बीतता दिन परिवार की उम्मीदों को कम और चिंता को बढ़ा रहा है। परिजनों के अनुसार, 15 नवंबर 2025 की सुबह करीब 9:30 बजे विनय घर से निकला था, लेकिन उसके बाद वह वापस नहीं लौटा। लगातार खोजबीन, मोहल्लेवासियों से पूछताछ और रिश्तेदारों से संपर्क के बावजूद विनय का कोई सुराग नहीं मिला। अगले ही दिन 16 नवंबर 2025 को परिजनों ने तोरवा थाना, बिलासपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसका एफआईआर नंबर 0518 है। लेकिन शिकायत दर्ज हुए 11 दिन गुजर जाने के बाद भी पुलिस हाथ खाली है। परिवार का कहना है कि नाबालिग होने के बावजूद पुलिस की कार्रवाई धीमी है, जिससे उनकी चिंता और भी बढ़ती जा रही है। विनय के पिता महेश नायक की आवाज में अब थकान के साथ बेबसी भी साफ झलकती है। वह कहते हैं— “हमने हर जगह खोजा… स्कूल, दोस्तों के घर, रिश्तेदारों के यहां… लेकिन कहीं भी हमारा बेटा नहीं मिला। समझ नहीं आ रहा कि वह कहां होगा, कैसी हालत में होगा। बस एक बार उसे सुरक्षित देख लें… यही दुआ है।” परिजनों को आशंका है कि विनय किसी परेशानी में हो सकता है। इतने दिनों तक कोई संपर्क न होना उन्हें भीतर तक तोड़ रहा है। परिवार ने प्रशासन और पुलिस से विशेष टीम बनाकर तेजी से खोजबीन करने की मांग की है, ताकि उनके बेटे को सुरक्षित वापस लाया जा सके। साथ ही उन्होंने आम नागरिकों से भी विनय के बारे में किसी भी तरह की जानकारी मिलते ही तत्काल नजदीकी पुलिस स्टेशन या परिवार को सूचित करने की अपील की है। — आवेदक: महेश कुमार नायक पता : पुराना पावर हाउस चौक, बिलासपुर (छत्तीसगढ़)
पुराना बस स्टैंड बना नशे का गढ़: अवैध चखना दुकानों का बोलबाला, पुलिस-आबकारी पर उठे गंभीर सवाल
बिलासपुर का पुराना बस स्टैंड नशे के शिकंजे में अवैध चखना दुकानों का साम्राज्य, आबकारी और पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल रौनक से बर्बादी तक – एक इलाका जो पहचान खो बैठा बिलासपुर का पुराना बस स्टैंड कभी यात्रियों और दुकानदारों की रौनक से भरा इलाका था। लेकिन आज यही इलाका नशे, अवैध बिक्री और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों का अड्डा बन गया है। शाम ढलते ही यहां हुड़दंगियों और नशेड़ियों का कब्जा हो जाता है। कानून की अनदेखी, खुलेआम चल रहा धंधा आबकारी अधिनियम के मुताबिक, किसी भी शराब दुकान से 50 मीटर की दूरी में चखना दुकान या शराब सेवन स्थल चलाना प्रतिबंधित है। इसके बावजूद पुराने बस स्टैंड में नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। सड़क किनारे अवैध चखना दुकाने दिन-रात खुली रहती हैं और शराबियों को खुली छूट मिली हुई है। — नशे का कारोबार बेखौफ, पुलिस-आबकारी पर सवाल स्थानीय नागरिकों ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि आबकारी विभाग और पुलिस की मिलीभगत के बिना यह कारोबार चल ही नहीं सकता। शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होती, जिससे लोगों में नाराजगी है। एक नागरिक ने कहा — > “यहां हर शाम कानून का मखौल उड़ता है, और प्रशासन आंख मूंदे बैठा है।”
अरपाँचल लोकमंच का रावण दहन विवाद: शासन-प्रशासन का ग्रहण, राजनीतिक दबाव पर उठे सवाल
Loksadan। सिद्धांशु मिश्रा बोले – क्यों रोका जा रहा परंपरागत सांस्कृतिक आयोजन, जनता की इच्छाओं के खिलाफ प्रशासन ने थमाया रोकथाम का पहरा बिलासपुर, 08 अगस्त 2025 – छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में अरपाँचल लोकमंच समिति द्वारा साइनस कॉलेज मैदान में आयोजित होने वाला भव्य रावण दहन कार्यक्रम इस वर्ष अनचाही विवादों में घिर गया। परंपरागत दशहरा पर्व के उपलक्ष्य में आयोजित यह सांस्कृतिक आयोजन पिछले चार वर्षों से सर्व समाज का प्रतीक बन चुका है। लेकिन इस बार, अरपापार सरकंडा क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम को साइनस कॉलेज प्रबंधन ने बिना किसी स्पष्ट वजह के अनुमति देने से इनकार कर दिया और प्रशासन को जिम्मेदारी सौंप दी। समिति के अध्यक्ष पं. सिद्धांशु मिश्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में गम्भीर आरोप लगाते हुए बताया कि यह निर्णय किसी राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित प्रतीत होता है। मिश्रा ने कहा, “साइनस कॉलेज प्रशासन बार-बार ‘ऊपर वाले’ का नाम बताने से कतरा रहा है, जबकि हर कोई जानना चाहता है कि कौन-सा शक्तिशाली व्यक्ति इस रामकाज को रोकने के लिए प्रशासन के पीछे खड़ा है।” समिति के पदाधिकारी यह भी स्पष्ट करते हैं कि यह आयोजन क्षेत्र के ग्रामीण अंचल के हजारों रामभक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है। वे पैदल चलकर साइनस कॉलेज मैदान आते हैं ताकि रावण दहन के ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बन सकें। परंतु इस बार कॉलेज प्रशासन द्वारा अनुमति ना देने के निर्णय से आयोजकों और समाज के विभिन्न वर्गों में भारी आक्रोश व्याप्त है। सिद्धांशु मिश्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “अगर शासन-प्रशासन सत्ता पक्ष के दबाव में आकर परंपरागत रावण दहन कार्यक्रम में विघ्न डालते हैं तो हम हर हाल में साइनस कॉलेज मैदान पर ही इसे संपन्न कराएंगे, चाहे जेल की हवा क्यों न खानी पड़े।” उन्होंने यह भी बताया कि हर वर्ष समिति यह निर्णय लेती है कि आयोजन में सभी राजनीतिक दलों के नेता एक मंच पर सामूहिक रूप से उपस्थित होकर समाज में सौहार्द का संदेश दें। पिछले वर्षों की कांग्रेस, भाजपा, और अन्य दलों के विधायकों-सांसदों की संयुक्त तस्वीरें प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदर्शित करते हुए मिश्रा ने सवाल उठाया, “अब बताइए इसमें दलगत राजनीति की कितनी गुंजाइश बचती है?” समिति अडिग है कि यह आयोजन उसी स्थान पर होगा। अब देखना यह है कि सत्ता पक्ष के दबाव में प्रशासन अपने आप को इस नैतिक एवं सामाजिक महापाप से कैसे बचाएगा। दशहरा पर्व तक साइनस कॉलेज मैदान प्रदेश की चर्चा का मुख्य बिंदु बना रहेगा, जहाँ अच्छाई और बुराई की परस्पर टक्कर स्पष्ट होगी।
“इंडियन ऑयल दिवस पर डीलरों के बीच खेला गया मैत्रीपूर्ण क्रिकेट मैच”
Loksadan. बिलासपुर। इंडियन ऑयल दिवस के अवसर पर 01 सितंबर 2025 को इंडियन ऑयल बिलासपुर द्वारा डीलरों के बीच एक मैत्रीपूर्ण क्रिकेट मैच का आयोजन किया गया। इस आयोजन में सभी डीलरों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और आपसी सहयोग एवं सौहार्द की मिसाल पेश की। खेल के दौरान खिलाड़ियों ने शानदार बल्लेबाज़ी और उम्दा गेंदबाज़ी का प्रदर्शन कर दर्शकों का मन मोह लिया। मैच का रोमांचक माहौल पूरे समय बना रहा और दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। मैच के समापन पर विजेता टीम को ट्रॉफी प्रदान की गई, वहीं सभी प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इंडियन ऑयल अधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन से न केवल खेल भावना को बढ़ावा मिलता है, बल्कि आपसी मेलजोल और भाईचारे की भावना भी मजबूत होती है।
‘धर्म का मतलब है सबको अपनेपन से देखना… बिलासपुर में बोले मोहन भागवत
लोकसदन :- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने शनिवार को कहा कि धर्म का मतलब है सभी के साथ अपनत्व का भाव रखना और विविधताओं को सामंजस्य के साथ आगे बढ़ाना. छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में आयोजित ‘लो हितकारी काशीनाथ स्मारिका विमोचन समारोह’ में बोलते हुए भागवत ने कहा कि संघ की असली ताकत उसके साधारण स्वयंसेवक हैं, जिन्होंने तमाम चुनौतियों के बावजूद संगठन का विस्तार किया.इस अवसर पर उन्होंने संघ के बिलासपुर के वरिष्ठ कार्यकर्ता दिवंगत काशीनाथ गोर के जीवन और कार्यों पर आधारित स्मारिका का विमोचन किया. यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (CIMS) के सभागार में हुआ. भागवत ने कहा, “जो कुछ मैंने कहा, या अन्य वक्ताओं ने कहा, वह शायद दोपहर के भोजन तक भुला दिया जाएगा. लेकिन काशीनाथ गोर के कार्य हमेशा याद रखे जाएंगे. हमारी जिम्मेदारी है कि इस स्मृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाएं, ताकि यह उन्हें निरंतर प्रेरणा देती रहे. जब भी हमें प्रेरणा की आवश्यकता होती है, हम अपने पूर्वजों को याद करते हैं.” उन्होंने आगे कहा, “कुछ लोग पूर्वजों की स्मृति को बेकार समझते हैं. लेकिन वही लोग, जब देश संकट में पड़ता है, तो अपने पूर्वजों का आह्वान करते हैं ताकि समाज की सामूहिक शक्ति और साहस जाग्रत हो. धर्म का अर्थ है सबको अपनत्व से देखना और विविधताओं को सामंजस्यपूर्वक आगे बढ़ाना.” संघ और समाज को मजबूत करने में स्वयंसेवकों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि संघ में सबसे बड़ी जिम्मेदारी एक साधारण स्वयंसेवक होने की है. उन्होंने कहा, “संघ की स्थापना को 100 साल हो गए हैं. आज यह कई तरीकों से चर्चा में है, लेकिन यह मुकाम संघ को इसलिए मिला क्योंकि उसके स्वयंसेवकों ने हर परिस्थिति में इसे आगे बढ़ाने का संकल्प लिया. तमाम बाधाओं और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने संघ का विस्तार किया.” भागवत ने कहा कि संगठन को आगे बढ़ाने के लिए स्वयंसेवकों ने जनसंपर्क का विस्तार किया और हिंदू समाज में पहले से मौजूद ‘अपनापन’ को और अधिक जाग्रत किया. उन्होंने कहा, “हम आज यहां तक पहुंचे हैं स्वयंसेवकों के 100 वर्षों की मौन तपस्या की शक्ति से.” भागवत ने कहा कि दुनिया को इस अपनत्व को नहीं भूलना चाहिए और हिंदू समाज को इसमें उदाहरण बनना चाहिए. कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह भी मौजूद थे.
छत्तीसगढ़ में तेज़ गर्मी का कहर: 11 जिलों में लू का अलर्ट
छत्तीसगढ़ में इन दिनों बहुत तेज गर्मी पड़ रही है। राजधानी रायपुर समेत बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा जैसे जिलों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। इतनी तेज धूप और गर्म हवाओं की वजह से लोग दिन में घर से बाहर निकलने से बच रहे हैं। 11 जिलों में लू का खतरा मौसम विभाग ने राज्य के 11 जिलों में लू का येलो अलर्ट जारी किया है। इनमें दुर्ग, बिलासपुर, बलौदाबाजार, बेमेतरा, सक्ती, कबीरधाम, मुंगेली, रायगढ़, कोरबा और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही शामिल हैं। गर्म हवाओं के चलते 25 अप्रैल से सभी सरकारी और निजी स्कूलों में छुट्टियाँ कर दी गई हैं। तेज़ तापमान और परेशानी रायपुर में दिन का तापमान 43.2 डिग्री और बिलासपुर में 43.7 डिग्री रिकॉर्ड हुआ है। दुर्ग सबसे गर्म जिला बन गया है जहाँ तापमान 44 डिग्री से ज्यादा है। रात में भी गर्मी और उमस से लोग परेशान हैं। हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ा तेज़ गर्मी से हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और सिरदर्द की शिकायतें बढ़ रही हैं। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर न निकलें और खूब पानी पिएं। खासतौर पर बच्चों और बुज़ुर्गों को ध्यान रखना चाहिए। अभी राहत की उम्मीद नहीं अगले तीन दिन भी गर्मी से राहत की उम्मीद नहीं है। तापमान सामान्य से 3-4 डिग्री ऊपर रहेगा और लू चलती रहेगी। मानसून अभी दूर है। सावधानी ही सुरक्षा है सरकार और मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि बिना ज़रूरत धूप में न निकलें, और निकलें तो सिर ढककर जाएं। गर्मी से बचाव ही सुरक्षित रहने का तरीका है।













