एसआईआर में गड़बड़ी का आरोप, कांग्रेस ने कलेक्टर से की शिकायत
✍️ भागीरथी यादव बिलासपुर। मतदाता गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में अनियमितता के आरोपों को लेकर कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी संजय अग्रवाल से मुलाकात कर निष्पक्ष जांच की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने मतदाता सूची में नाम गलत स्थान पर दर्ज होने को गंभीर चूक बताया। कांग्रेस ने दावा किया कि वरिष्ठ नेता विजय केशरवानी का नाम एसआईआर के दौरान गलत तरीके से भिलाई नगर निगम की मतदाता सूची में दर्शाया गया, जबकि वे वर्षों से बिलासपुर के मतदाता रहे हैं। इसे लेकर प्रतिनिधिमंडल ने प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने शिकायत को गंभीर बताते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ), रायपुर से जांच कराने का आश्वासन दिया। कांग्रेस नेताओं ने एसआईआर कार्य में सुधार, सावधानी और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की है।
बिलासपुर में युवती पर सनसनीखेज हमला, स्कूटी सवार को नुकीले हथियार से किया घायल
✍️ भगीरथी यादव बिलासपुर। चकरभाठा थाना क्षेत्र में बुधवार दोपहर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब स्कूटी से घर लौट रही एक युवती पर दो अज्ञात बाइक सवार युवकों ने जानलेवा हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले में युवती को शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार सरकंडा क्षेत्र के कपिल नगर निवासी 24 वर्षीय अनामिका तिवारी पेट्रोल पंप में नोजल ऑपरेटर के रूप में कार्यरत हैं। बुधवार दोपहर ड्यूटी समाप्त कर वह स्कूटी से बिलासपुर की ओर लौट रही थीं। दोपहर करीब 1:30 बजे जब वह चकरभाठा थाना क्षेत्र अंतर्गत ओयो होटल और हिर्री माइंस के पास पहुंचीं, तभी पीछे से तेज रफ्तार बाइक पर सवार दो युवक उनके करीब आ गए। बताया जा रहा है कि बाइक सवार युवकों ने युवती को जबरन रोकने की कोशिश की और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने लगे। स्थिति को भांपते हुए अनामिका ने स्कूटी की रफ्तार बढ़ा दी। इसी दौरान बाइक पर पीछे बैठे युवक ने अचानक नुकीले हथियार से उन पर हमला कर दिया। हमले में अनामिका की दाहिनी जांघ, बाएं हाथ और सिर के पिछले हिस्से में गहरी चोटें आईं। खून बहता देख वह घबरा गईं और मदद के लिए चिल्लाने लगीं। युवती की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके की ओर बढ़े, जिससे घबराकर आरोपी युवक बाइक मोड़ते हुए पेण्ड्रीडीह चौक की दिशा में फरार हो गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायल युवती ने हिम्मत जुटाई और सीधे चकरभाठा थाना पहुंचकर पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर लिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार घटना स्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। हमलावरों की पहचान और उनकी मोटरसाइकिल का सुराग जुटाने के लिए आसपास के थाना क्षेत्रों को अलर्ट किया गया है। फिलहाल पीड़िता का उपचार जारी है, जबकि पुलिस टीमें आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं। इस घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।
बिलासपुर–मडगांव रूट पर शीतकालीन स्पेशल ट्रेन, छुट्टियों में यात्रियों को बड़ी राहत
✍️ भागीरथी यादव छत्तीसगढ़ के यात्रियों के लिए रेलवे ने महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए बिलासपुर से मडगांव (गोवा) के बीच शीतकालीन स्पेशल ट्रेन चलाने की घोषणा की है। यह विशेष ट्रेन 20 दिसंबर से शुरू होकर कुल चार फेरों के लिए संचालित की जाएगी। छुट्टियों के दौरान गोवा जाने वाले यात्रियों के लिए यह कदम बड़ी राहत लेकर आया है, क्योंकि फिलहाल ट्रेन में पर्याप्त सीटें उपलब्ध हैं। ट्रेन संचालन का शेड्यूल बिलासपुर से मडगांव के लिए ट्रेन संख्या 08241 को 20 दिसंबर, 27 दिसंबर, 3 जनवरी और 10 जनवरी को शनिवार के दिन चलाया जाएगा। वहीं मडगांव से बिलासपुर की ओर लौटने वाली ट्रेन संख्या 08242 को 22 और 29 दिसंबर, तथा 5 और 12 जनवरी को सोमवार को रवाना किया जाएगा। प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ट्रेन का वाणिज्यिक ठहराव दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत आने वाले बिलासपुर, भाटापारा, रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, गोंदिया और नागपुर स्टेशनों में निर्धारित किया गया है। इससे मध्य भारत के यात्रियों के लिए गोवा की यात्रा और सुगम हो जाएगी। कोच संरचना शीतकालीन स्पेशल ट्रेन में कुल 18 कोच लगाए गए हैं— 1 एसएलआरडी कोच 3 सामान्य कोच 2 स्लीपर कोच 2 एसी–III इकोनॉमी 8 एसी–III कोच 1 एसी–II कोच 1 जनरेटर कार इस कोच संरचना के माध्यम से रेलवे का उद्देश्य त्योहारों और अवकाश सीजन में अधिकतम यात्रियों को आरामदायक और सुरक्षित यात्रा उपलब्ध कराना है। छुट्टियों में गोवा जाने वालों के लिए यह ट्रेन एक बेहतर विकल्प साबित होने की उम्मीद है।
घोरामार हत्याकांड में तीन दिनों में सनसनीखेज खुलासा पुरानी रंजिश में युवक की हत्या, दो आरोपी गिरफ्तार
✍️ भागीरथी यादव बिलासपुर – कोटा थाना क्षेत्र के घोरामार गांव में युवक धीरज साहू की हत्या के रहस्य से पुलिस ने मात्र तीन दिनों में पर्दा उठा दिया। 30 नवंबर की रात अपने पोल्ट्री फार्म में सोने गए धीरज की अचानक हुई गुमशुदगी ने परिवार को चिंता में डाल दिया था। अगले दिन उसका मोबाइल बंद मिला और कोई सुराग हाथ नहीं लगा। 1 दिसंबर को परिजनों ने कोटा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। 7 दिसंबर—तालाब में मिला शव, खुला हत्या का राज लगातार खोजबीन के बीच 7 दिसंबर को घोरामार के बांधा तालाब में एक युवक का शव संदिग्ध हालत में तैरता मिला, जिसकी पहचान धीरज साहू के रूप में हुई। पोस्टमार्टम में हत्या की पुष्टि होते ही पुलिस ने मर्ग को हत्या में बदलकर जांच तेज कर दी। सीसीटीवी से लेकर मोबाइल डेटा तक—जांच में जुटी पुलिस जांच दल ने क्षेत्रभर के सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगाले, हजारों मोबाइल नंबरों का तकनीकी विश्लेषण किया और धीरज के परिजनों व परिचितों से गहन पूछताछ की। इसी दौरान दो नाम लगातार संदेह के घेरे में आए—अनिल साहू और जगन्नाथ उर्फ अंगद साहू। दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने अपराध स्वीकार कर लिया। एक साल पुरानी रंजिश बनी मौत की वजह पुलिस के अनुसार मृतक और आरोपी अनिल साहू के बीच करीब एक वर्ष से विवाद चल रहा था। इसी रंजिश को खत्म करने के लिए दोनों आरोपियों ने धीरज की हत्या की योजना बनाई। ऐसे रची गई वारदात की पटकथा 30 नवंबर की रात करीब 11:30 बजे आरोपी धीरज के पोल्ट्री फार्म के पास पहुंचे। मोटर पंप निकालने का बहाना बनाकर उसे बाहर बुलाया और चाकू से बेरहमी से हत्या कर दी। पहचान छुपाने के लिए शव में पत्थर बांधकर बांधा तालाब में फेंक दिया। वहीं वारदात में उपयोग किए गए चाकू, कपड़े और मोबाइल फोन को कोरी डेम में ठिकाने लगा दिया। हत्या का खुलासा, आरोपियों के सपने सलाखों के पीछे तकनीकी साक्ष्यों, फील्ड इन्वेस्टिगेशन और आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखते हुए पुलिस ने तीन दिनों के भीतर पूरा मामला सुलझा लिया। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। इस तेज कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया कि ठोस रणनीति, तकनीकी दक्षता और सतत मॉनिटरिंग किसी भी जघन्य अपराध को सुलझाने की कुंजी है।
युवा शक्ति ही बनाएगी विकसित भारत का आधार : सुशांत शुक्ला
बिलासपुर :- भारतीय जनता युवा मोर्चा, बिलासपुर ग्रामीण द्वारा आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत आयोजित विशेष बैठक में बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने युवाओं को आत्मनिर्भरता और उद्यमिता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भारत को पुनः वैश्विक नेतृत्व की ओर ले जाने में युवा शक्ति ही वास्तविक धुरी बनेगी। शुक्ला ने कहा कि आज भी कई युवा सरकारी नौकरी को ही रोजगार मानते हैं, जबकि देश में स्टार्टअप, नवाचार और कौशल विकास के असीम अवसर खुल चुके हैं। उन्होंने युवाओं से कौशल व संसाधनों पर भरोसा कर नए आयाम स्थापित करने का आह्वान किया। बैठक में जिला ग्रामीण प्रभारी प्रबल प्रताप जूदेव ने कहा कि विश्व का सबसे युवा राष्ट्र होने के नाते भारत की प्रगति युवाओं के संकल्प पर निर्भर करती है। जिला मंत्री निखिल केशरवानी ने आत्मनिर्भर भारत अभियान को राष्ट्र निर्माण का महाअभियान बताया, वहीं जिलाध्यक्ष मोहित जायसवाल ने कौशल व तकनीक के आधुनिक अवसरों को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने पर जोर दिया। बैठक में बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे और आत्मनिर्भर भारत अभियान को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया।
झारखंड में बंधक श्रमिकों की सकुशल वापसी कलेक्टर की त्वरित पहल से 16 मजदूरों को मिली आज़ादी
✍️ भागीरथी यादव बिलासपुर। जनदर्शन में मिली शिकायत पर जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए झारखंड के सेमडेगा में बंधक बनाए गए बिलासपुर जिले के 16 श्रमिकों—जिनमें महिलाएँ, पुरुष और दो बच्चे शामिल थे—को सकुशल मुक्त करा लिया। मस्तूरी के सरगवाँ गांव के निवासी अमित कुमार मधुकर ने 9 दिसंबर को जनदर्शन में कलेक्टर संजय अग्रवाल को बताया था कि सभी श्रमिक एक ईंट भट्ठे पर अमानवीय परिस्थितियों में काम करने को मजबूर हैं और उनके साथ मारपीट, प्रताड़ना व जबरन श्रम कराया जा रहा है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने तत्काल श्रम विभाग को कार्रवाई के निर्देश दिए। विभाग ने लेबर ठेकेदार नीलकंठ अंबेडकर को नोटिस जारी किया और श्रम न्यायालय में कार्रवाही की तैयारी शुरू कर दी। बिलासपुर और सेमडेगा जिला प्रशासन के समन्वय से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। टीमों ने मौके पर पहुंचकर सभी 16 श्रमिकों को सुरक्षित मुक्त कराया और उनकी वापसी की व्यवस्था की। 10 दिसंबर की सुबह सभी मजदूर सकुशल अपने गांव लौट आए। परिजनों में खुशी का माहौल है। श्रमिकों ने प्रशासन व कलेक्टर संजय अग्रवाल के प्रति आभार जताया। प्रशासन ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाने और लेबर ठेकेदारों पर कड़ी निगरानी की घोषणा की है। यह मामला जनदर्शन की प्रभावशीलता और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के महत्व को एक बार फिर साबित करता है।
कोनी में पत्नी की निर्मम हत्या, आरोपी पति चंद घंटों में गिरफ्तार
✍️ भागीरथी यादव बिलासपुर – कोनी क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां जितेंद्र केवट ने पत्नी संतोषी केवट की लोहे के सब्बल से हत्या कर दी और फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही एसएसपी रजनीश सिंह के निर्देश पर पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए एडिशनल एसपी राजेंद्र जायसवाल और इंस्पेक्टर भावेश शेंडे की टीम गठित की। पुलिस ने संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की और आरोपी को दूसरे राज्य भागने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक जांच में चरित्र पर शक को हत्या की वजह बताया जा रहा है। आरोपी से पूछताछ जारी है। पुलिस की यह त्वरित कार्रवाई बेहद सराहनीय मानी जा रही है।
तखतपुर में पूर्व सरपंच प्रतिनिधि की हत्या, गांव में दहशत
✍️ भागीरथी यादव बिलासपुर के तखतपुर क्षेत्र के ग्राम चोरभट्टीखुर्द में बीती रात पूर्व सरपंच प्रतिनिधि मनबोध यादव की अज्ञात हमलावरों ने धारदार हथियार से हत्या कर दी। उनका खून से लथपथ शव सुबह मुर्गी फार्म के पास मिला, जिससे गांव में सनसनी फैल गई। जानकारी के मुताबिक, मनबोध यादव बुधवार रात 8 बजे घर से निकले थे और लौटे नहीं। सुबह ग्रामीणों की सूचना पर सकरी पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। बताया जा रहा है कि वह रात में एक व्यक्ति के साथ शराब पीते देखे गए थे, पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। मामले में हर पहलू को खंगालते हुए अज्ञात आरोपियों की तलाश की जा रही है।
सिरगिटटी में अधजली लाश का रहस्य सुलझा — तकनीकी साक्ष्यों ने खोला हत्या का पूरा राज़, दो आरोपी गिरफ्तार
✍️ भागीरथी यादव बिलासपुर – सिरगिटटी थाना क्षेत्र में एक माह पहले मिली अधजली लाश के रहस्य से आखिरकार पर्दा उठ गया है। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, स्थानीय सुरागों और गहन पूछताछ के आधार पर मृतक की पहचान के साथ-साथ हत्या के दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। 7 नवंबर को तिफरा इलाके स्थित होटल ग्रैंड लोटस के पीछे झाड़ियों में एक अज्ञात युवक का अधजला शव बरामद हुआ था। पहचान न होने पर पुलिस ने पूरे प्रदेश में इश्तहार जारी किए और गुम इंसान रिपोर्टों से शव का मिलान कराया। इस बीच, पुलिस ने घटनास्थल के आसपास मिले मोबाइल टावर डंप का विश्लेषण किया, जिसके आधार पर मृतक के परिजनों तक पहुंचने में सफलता मिली। मृतक की पहचान गोपाल कोल (26 वर्ष), निवासी सेमिया नेवारी, थाना जुगैल जिला सोनभद्र (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई। पहचान होते ही पुलिस ने घटना की परतें खोलने के लिए विशेष टीमें गठित कीं। CCTV फुटेज, मुखबिरों की जानकारी और तकनीकी तथ्यों के आधार पर दो संदिग्ध— अरुण दास मानिकपुरी (30) और धनेश लोधी उर्फ राजू (34) — को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने चौंकाने वाला खुलासा किया। घटना की रात गोपाल तिफरा सब्जी मंडी रोड के पास शराब पी रहा था। इसी दौरान दोनों आरोपी भी वहां पहुंचे। शराब के नशे में आपसी विवाद इतना बढ़ गया कि अरुण और धनेश ने मिलकर गोपाल की बेरहमी से पिटाई की और सिर पर पत्थर मारकर उसकी हत्या कर दी। अपराध को छिपाने के लिए दोनों ने शव व कपड़ों को आग के हवाले कर फरार हो गए। सिरगिटटी पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई तेज कर दी है। यह खुलासा न केवल क्षेत्र में सनसनी फैला रहा है बल्कि तकनीकी जांच और पुलिस की त्वरित कार्रवाई का मजबूत उदाहरण भी पेश करता है।
खरीदी केंद्रों का अचानक निरीक्षण, मिलर्स को धान उठाव तेज करने के सख्त निर्देश
बिलासपुर :- धान खरीदी व्यवस्था को सुचारू रखने राज्य शासन की मंशा के तहत मार्कफेड एमडी जितेंद्र शुक्ला ने आज जिले के प्रमुख खरीदी व संग्रहण केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। छतोना केंद्र में उन्होंने तौल मशीन, गुणवत्ता जांच, टोकन व्यवस्था और किसान सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की। किसान फेकू लाल से चर्चा में उन्होंने बताया कि 113 क्विंटल धान बेचने में किसी भी तरह की दिक्कत नहीं हुई। इस पर एमडी शुक्ला ने स्टाफ को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि किसानों को हर हाल में बिना परेशानी खरीदी सुविधा मिलनी चाहिए। अधिकारियों की बैठक में उन्होंने धान उठाव, परिवहन और स्टॉक प्रबंधन की स्थिति पर गहन समीक्षा की। खाद्य नियंत्रक को मिलर्स द्वारा धान उठाव में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि केंद्रों में स्टॉक न बढ़े और किसान समय पर अपना धान बेच सकें। बिल्हा संग्रहण केंद्र में भी गोदामों की क्षमता, सुरक्षा और परिवहन व्यवस्था का निरीक्षण किया। सभी चारों संग्रहण केंद्रों को पूर्ण रूप से तैयार रखने के निर्देश देते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान खाद्य नियंत्रक अमृत कुजूर, डीएमओ अमित चंद्राकर सहित अधिकारी मौजूद रहे।
















