किसान से 42.78 लाख की ठगी का मामला: कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू जेल भेजे गए, कोर्ट ने जमानत की खारिज

    जांजगीर-चांपा | छत्तीसगढ़ की राजनीति में उस वक्त हलचल मच गई, जब जैजैपुर से कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू को किसान से करोड़ों की धोखाधड़ी के गंभीर मामले में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। चांपा पुलिस द्वारा 9 जनवरी को चार्जशीट पेश किए जाने के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रवीण मिश्रा की अदालत ने विधायक की जमानत याचिका खारिज करते हुए उन्हें 22 जनवरी तक जेल भेजने का आदेश दिया। किसान के नाम पर लोन, ब्लैंक चेक और फर्जी हस्ताक्षर मामले में आरोप है कि विधायक बालेश्वर साहू ने अपने सहयोगी गौतम राठौर के साथ मिलकर किसान राजकुमार शर्मा (46) के नाम पर 42 लाख 78 हजार रुपए का लोन पास कराया। इसके बाद किसान से 10 ब्लैंक चेक लिए गए और इन्हीं चेकों के जरिए फर्जी हस्ताक्षर व अंगूठे का इस्तेमाल कर अलग-अलग किस्तों में पूरी रकम निकाल ली गई। बैंक मैनेजर रहते रची गई साजिश पुलिस जांच में सामने आया है कि वर्ष 2015 से 2020 के बीच बालेश्वर साहू बम्हनीडीह सहकारी बैंक में मैनेजर के पद पर पदस्थ थे, जबकि गौतम राठौर वहां विक्रेता था। दोनों ने किसान क्रेडिट कार्ड से लोन दिलाने का झांसा देकर किसान को भरोसे में लिया। इस दौरान एचडीएफसी बैंक में दो नए खाते भी खुलवाए गए, जिनका इस्तेमाल ठगी के लिए किया गया। पहली निकासी 51 हजार से शुरू, फिर बढ़ता गया खेल 15 जनवरी 2015 को पहली बार 51 हजार रुपए की निकासी हुई। इसके बाद धीरे-धीरे रकम बढ़ती चली गई। जांच में यह भी सामने आया कि 7.5 लाख रुपए विधायक की पत्नी आशा साहू के खाते में ट्रांसफर किए गए। 2020 में खुला राज, बैंक कॉल से उड़े किसान के होश पीड़ित किसान को इस धोखाधड़ी की जानकारी तब हुई, जब 2020 में एचडीएफसी बैंक चांपा से कॉल आया। बैंक ने पूछा कि क्या उसने बालेश्वर साहू को पैसे निकालने की अनुमति दी थी। किसान ने जब खाते की जानकारी निकाली, तो करोड़ों की हेराफेरी सामने आई। इसके बाद किसान विधायक के पास पहुंचा, जहां उसे 6 महीने में ब्याज समेत रकम लौटाने का आश्वासन दिया गया, लेकिन यह वादा भी खोखला साबित हुआ। चुनावी खर्च बताकर टालमटोल विधानसभा चुनाव के दौरान आरोपी सहयोगी गौतम राठौर ने इस रकम को चुनावी खर्च बताना शुरू कर दिया। लगातार टालमटोल से परेशान होकर किसान ने आखिरकार 14 अगस्त 2025 को चांपा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस जांच में पुख्ता सबूत चांपा पुलिस ने किसान, उसकी पत्नी और मां समेत कई बैंक कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। जांच में यह भी सामने आया कि 24 जनवरी 2020 की एक निकासी पर्ची में विधायक का मोबाइल नंबर दर्ज था, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि निकासी उन्हीं के निर्देश पर की गई थी। इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला पुख्ता सबूतों के आधार पर 3 अक्टूबर 2025 को विधायक बालेश्वर साहू और गौतम राठौर के खिलाफ धारा 420 (धोखाधड़ी) धारा 468 (जालसाजी) धारा 467 (सरकारी दस्तावेजों का दुरुपयोग) धारा 34 (साझा अपराध) के तहत एफआईआर दर्ज की गई। हाईकोर्ट से राहत, लेकिन कोर्ट में झटका गिरफ्तारी से बचने के लिए विधायक ने हाईकोर्ट का रुख किया था। 4 नवंबर 2025 को हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए जांच में सहयोग के निर्देश दिए थे। इसके बाद पुलिस ने चार्जशीट कोर्ट में पेश की। 9 जनवरी 2026 को कोर्ट में पेशी के दौरान जमानत की मांग की गई, लेकिन अदालत ने इसे खारिज कर विधायक को जेल भेज दिया। वहीं, आरोपी सहयोगी गौतम राठौर फिलहाल जमानत पर बाहर है।  

अवैध शराब पर चिरमिरी पुलिस का करारा प्रहार, 20 लीटर महुआ शराब जब्त — स्कूटी समेत तस्कर गिरफ्तार

✍️ भागीरथी यादव   एमसीबी/चिरमिरी। जिले में अवैध शराब और नशे के कारोबार पर लगाम कसने के उद्देश्य से चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत चिरमिरी पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार तथा सीएसपी चिरमिरी के मार्गदर्शन में, थाना चिरमिरी पुलिस द्वारा गठित विशेष टीम ने अवैध कच्ची महुआ शराब के परिवहन का भंडाफोड़ करते हुए एक आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। दिनांक 9 जनवरी 2026 को मुखबिर से प्राप्त पुख्ता सूचना पर पुलिस टीम ने सड़क दफाई–हल्दीबाड़ी क्षेत्र में घेराबंदी कर कार्रवाई की। इस दौरान एक व्यक्ति को स्कूटी से अवैध शराब ले जाते हुए पकड़ा गया। आरोपी की पहचान राजा सिंह चौहान (42 वर्ष), निवासी सड़क दफाई हल्दीबाड़ी, थाना चिरमिरी, जिला एमसीबी के रूप में हुई। तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से 20 लीटर अवैध कच्ची महुआ शराब (अनुमानित कीमत लगभग 4,000 रुपये) बरामद की गई। इसके साथ ही शराब परिवहन में प्रयुक्त कत्थई रंग की होंडा एक्टिवा स्कूटी क्रमांक CG-16-KR-2577 को भी जब्त किया गया। जब्त शराब और वाहन सहित कुल सामग्री का अनुमानित मूल्य लगभग 54,000 रुपये आंका गया है। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर विधिवत कार्रवाई की। मामला अजमानती होने के कारण आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी उपनिरीक्षक विजय सिंह, प्रधान आरक्षक संतोष सिंह, आरक्षक मदन राजवाड़े, सैनिक लेखा प्रजापति एवं महिला नव आरक्षक यशोदा राजवाड़े की सराहनीय भूमिका रही। चिरमिरी पुलिस ने दोहराया है कि जिले में अवैध शराब, नशा और तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार और सख्ती के साथ जारी रहेगा, ताकि समाज को नशे के दुष्प्रभावों से बचाया जा सके।  

अवैध शराब तस्करी पर मंत्री का सख्त संदेश, “कानून से ऊपर कोई नहीं” — भाजपा पार्षद पुत्र न्यायिक हिरासत में

✍️ भागीरथी यादव   मनेंद्रगढ़। मध्यप्रदेश से मनेंद्रगढ़ तक फैले अवैध शराब तस्करी के नेटवर्क ने अब राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में खलबली मचा दी है। इस बहुचर्चित मामले में भाजपा पार्षद के पुत्र एवं युवा मोर्चा के पूर्व उपाध्यक्ष रवि जायसवाल ने शुक्रवार को न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया, जिसके बाद अदालत ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया। पूरा मामला 18 नवंबर 2025 का है, जब झगड़ाखांड थाना क्षेत्र में पुलिस ने मध्यप्रदेश से अवैध शराब की खेप लेकर आ रहे दो तस्करों पंकज कुमार और दीपक मौर्य को वाहन सहित रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने तस्करी के संगठित नेटवर्क में रवि जायसवाल की सक्रिय भूमिका उजागर की, जिसके बाद पुलिस ने उसके विरुद्ध संगठित अपराध का गंभीर प्रकरण दर्ज किया। सूत्रों की मानें तो आरोपी रवि जायसवाल लंबे समय से खुद को मंत्री का करीबी बताकर राजनीतिक रसूख का हवाला देता रहा। सोशल मीडिया पर बड़े नेताओं के साथ तस्वीरें साझा कर कानून से बचने की कोशिश करता रहा। बताया जा रहा है कि उसने इस मामले में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से भी संरक्षण की उम्मीद की, लेकिन मंत्री ने दो टूक संदेश देते हुए साफ कहा— “अवैध कारोबार में जो भी पकड़ा जाएगा, उस पर कानून स्वतंत्र रूप से कार्रवाई करेगा।” गौरतलब है कि गुरुवार को आरोपी द्वारा हाईकोर्ट में दायर अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी। इसके बाद शुक्रवार को उसे निचली अदालत में सरेंडर करना पड़ा। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 281-बी, 111 तथा आबकारी अधिनियम की धारा 34 के तहत मामला दर्ज किया है। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि— क्या रवि जायसवाल इस पूरे खेल का अकेला मोहरा है, या फिर वह किसी बड़े और सुनियोजित नेटवर्क का हिस्सा? स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि अवैध शराब के इस धंधे में कई रसूखदार और सफेदपोश चेहरे भी शामिल हो सकते हैं। मनेंद्रगढ़ क्षेत्र में लंबे समय से अवैध शराब, नशीले इंजेक्शन और प्रतिबंधित टैबलेट की खुलेआम बिक्री की शिकायतें सामने आती रही हैं। विनय होटल के पीछे का इलाका, पुलिस की जानकारी में होने के बावजूद, लगातार संदेह के घेरे में रहा है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह ने शहर को अपराध मुक्त बनाने का संकल्प दोहराया था। पत्रकारों द्वारा भी बार-बार यह सवाल उठाया जाता रहा है कि अवैध कारोबार में प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता पर कार्रवाई कब होगी। ऐसे में यह मामला अब पुलिस की निष्पक्षता और कार्यप्रणाली की अग्निपरीक्षा बन चुका है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच छोटे आरोपियों तक सिमटती है या फिर अवैध शराब के इस काले कारोबार में शामिल बड़े नामों तक भी कानून का शिकंजा कसता है। मनेंद्रगढ़ की जनता जवाब और ठोस कार्रवाई दोनों की प्रतीक्षा कर रही है।  

मनेंद्रगढ़ गांधी चौक पर अवैध अतिक्रमण का बोलबाला, प्रशासनिक दावों की सरेआम हो रही पोल-खोल

✍️ भागीरथी यादव    एमसीबी/मनेंद्रगढ़। जिला मुख्यालय मनेंद्रगढ़ का हृदय कहे जाने वाला गांधी चौक से स्टेशन रोड तक का इलाका इन दिनों अवैध अतिक्रमण का पर्याय बन चुका है। चौक-चौराहों और मुख्य सड़कों पर बेलगाम सब्जी ठेलों का कब्ज़ा नगर प्रशासन की निष्क्रियता की गवाही दे रहा है। हैरानी की बात यह है कि नगर पालिका द्वारा सब्जी मंडी एवं स्थायी दुकानों की समुचित व्यवस्था उपलब्ध होने के बावजूद नियमों को ठेंगा दिखाकर खुलेआम सड़कों पर व्यवसाय किया जा रहा है। इस गंभीर समस्या को लेकर कुछ दिन पूर्व नगर पालिका परिषद के अधिकारियों एवं सीएमओ को प्रत्यक्ष रूप से अवगत कराया गया था, लेकिन नतीजा सिफ़र रहा। स्थिति आज भी जस की तस बनी हुई है। सुबह से शाम तक गांधी चौक और स्टेशन रोड ठेलों से पटे रहते हैं, जिससे न केवल स्थायी दुकानदारों का व्यवसाय चौपट हो रहा है, बल्कि पहले से संकरी सड़कों पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। विडंबना यह है कि जिला मुख्यालय होने के बावजूद मनेंद्रगढ़ आज भी चौड़ी और सुगम सड़कों से वंचित है। ऐसे में अवैध अतिक्रमण शहर की समस्याओं को और भयावह बना रहा है। एम्बुलेंस, स्कूल वाहन और आम नागरिकों का आवागमन आए दिन बाधित हो रहा है। गौरतलब है कि 27 दिसंबर 2025 को कई समाचार पत्रों में प्रशासन द्वारा शहर के प्रमुख मार्गों, बाजार क्षेत्रों और सार्वजनिक स्थलों से अतिक्रमण हटाने के लिए सख्त अभियान चलाने के दावे किए गए थे। नगर पालिका सीएमओ ने भी ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने और नागरिकों को राहत देने की बात कही थी तथा व्यापारियों से निर्धारित सीमा में व्यवसाय करने की अपील की थी। लेकिन ज़मीनी हकीकत इन दावों के ठीक उलट नजर आ रही है। 10 जनवरी 2026 को इस संबंध में सिटी कोतवाली थाना प्रभारी दीपेश सैनी से मुलाकात की गई। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि नगर पालिका को पहले ही स्थिति से अवगत कराया जा चुका है और आवश्यकता पड़ने पर पुलिस बल पूर्ण सहयोग के लिए तैयार है, लेकिन जब संबंधित अधिकारी ही गंभीरता नहीं दिखा रहे, तो पुलिस अकेले क्या कर सकती है। अब सवाल सीधे और तीखे हैं— क्या अधिकारी सिर्फ फाइलों में ही सक्रिय हैं? क्या कार्रवाई केवल प्रेस विज्ञप्तियों तक सीमित है? अगर नगरीय प्रशासन वास्तव में सक्रिय होता, तो गांधी चौक और शहर के अन्य प्रमुख चौराहों से अतिक्रमण अब तक हट चुका होता। अब जनता जवाब चाहती है— दावे कब ज़मीन पर उतरेंगे? या फिर अवैध अतिक्रमण यूँ ही शहर की रफ्तार रोकता रहेगा?  

छत्तीसगढ़ प्रदेश युवा कांग्रेस में कार्य विभाजन, संगठन को मिले नए प्रभारी

✍️ भागीरथी यादव   छत्तीसगढ़ प्रदेश युवा कांग्रेस ने संगठन को और अधिक सशक्त व सक्रिय बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों को विभिन्न जिलों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ सौंपी हैं। इस संबंध में प्रदेश युवा कांग्रेस द्वारा कार्य आवंटन आदेश जारी किया गया है। राजीव भवन, शंकर नगर स्थित प्रदेश कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार, युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष एवं महासचिवों को अलग-अलग जिलों का जिला प्रभारी नियुक्त किया गया है, ताकि संगठनात्मक गतिविधियों को ज़मीनी स्तर पर मज़बूती मिल सके और युवाओं की भागीदारी को और बढ़ाया जा सके। कार्य आवंटन में उपाध्यक्ष आशीष मोनू अवस्थी को कोरबा शहर एवं मुंगेली, ज़ीशान कुरैशी को दंतेवाड़ा, सुकमा एवं बीजापुर तथा मोजस्सम नज़र को मनेन्द्रगढ़ व कोरिया जिले का प्रभारी बनाया गया है। वहीं मानस पांडेय को चुनाव प्रबंधन प्रभारी की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रदेश महासचिव आदित्य सिंह को ऑल सेल प्रभारी बनाया गया है। इसके अलावा योगेंद्रप्रताप सिंह (बिलासपुर ग्रामीण), भावेंद्र गंगोत्री (कोरबा ग्रामीण), कोमल अग्रवाल (सरगुजा), भावेश शुक्ला (दुर्ग शहर), राकेश पांडेय (रायपुर शहर), संदीप वोरा (राजनांदगांव ग्रामीण), अनिमेष सिंह (रायगढ़ ग्रामीण), चेतन भानुशाली (कवर्धा-कबीरधाम) एवं जस्मीत (सोनू) शर्मा (गरियाबंद) को जिला प्रभारी नियुक्त किया गया है। प्रदेश युवा कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि इस कार्य विभाजन से संगठन की पकड़ ज़मीनी स्तर पर मजबूत होगी और आने वाले समय में युवा कांग्रेस प्रदेशभर में जनआंदोलनों व संगठनात्मक अभियानों को और प्रभावी ढंग से संचालित कर सकेगी।

अवैध शिकार पर वन विभाग का बड़ा प्रहार एंटी-स्नेयर वॉक अभियान से शिकारियों में हड़कंप, 6 गिरफ्तार

✍️ भागीरथी यादव     छत्तीसगढ़ में वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार पूरी तरह सख्त नजर आ रही है। राज्य के वन मंत्री श्री केदार कश्यप के स्पष्ट निर्देशों के बाद वन विभाग द्वारा अवैध शिकार के विरुद्ध लगातार ठोस और प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। वन मंत्री श्री कश्यप स्वयं उच्च अधिकारियों के साथ नियमित समीक्षा बैठकें कर वन सुरक्षा, संरक्षण और संवर्धन को लेकर रणनीति तय कर रहे हैं तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दे चुके हैं। इन्हीं निर्देशों के तहत प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) के कुशल मार्गदर्शन में प्रदेशभर में एंटी स्नेयर वॉक अभियान को तेज कर दिया गया है। इस अभियान के सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगे हैं और शिकारियों पर लगातार शिकंजा कसता जा रहा है। गरियाबंद में बड़ी कार्रवाई गरियाबंद जिले के कुल्हाड़ीघाट वन परिक्षेत्र अंतर्गत ओड़ सर्कल में वन विभाग ने वन्यजीव अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। सघन गश्त और सतर्क निगरानी के दौरान 6 शिकारियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें ग्राम सुनाबेड़ा (ओडिशा) के 2 और ग्राम ओड़ के 4 आरोपी शामिल हैं। वन विभाग की टीम ने आरोपियों के कब्जे से खरगोश पकड़ने के फंदे, तीर-कमान और मछली पकड़ने के जाल जैसे अवैध शिकार में प्रयुक्त उपकरण बरामद किए हैं। यह सामग्री वन्यजीवों के लिए गंभीर खतरा बनी हुई थी। कड़ी कानूनी कार्रवाई पकड़े गए सभी आरोपियों के विरुद्ध दो अलग-अलग प्रकरणों में पी.ओ.आर. (प्रारंभिक अपराध रिपोर्ट) दर्ज की गई है तथा वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है। सभी 6 अभियुक्तों को दिनांक 07 जनवरी को माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, गरियाबंद के समक्ष प्रस्तुत किया गया। आधुनिक तकनीक से बढ़ी निगरानी वन विभाग द्वारा अवैध शिकार पर रोक लगाने के लिए अब ड्रोन, ट्रैप कैमरे, आधुनिक तकनीक, सघन गश्त, वनकर्मियों की अतिरिक्त तैनाती और स्थानीय समुदायों की भागीदारी जैसे उपायों को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। खासकर पिकनिक या अन्य गतिविधियों की आड़ में होने वाले अवैध शिकार पर विशेष नजर रखी जा रही है। शिकारियों के हौसले पस्त वन विभाग की यह सख्त और सतत कार्रवाई न केवल वन्यजीवों की सुरक्षा की दिशा में अहम कदम है, बल्कि शिकारियों के हौसले तोड़ने का भी मजबूत संदेश है। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि वनों और वन्यप्राणियों के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। आने वाले समय में गश्त अभियान को और अधिक सशक्त करते हुए वन विभाग शिकार जैसी गतिविधियों पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए प्रतिबद्ध है।  

कांकेर में कॉलेज छात्रा से दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला, दो आरोपी गिरफ्तार

  कांकेर। जिले में महिला सुरक्षा को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। कॉलेज से घर लौट रही एक छात्रा का रास्ता रोककर अश्लील गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी और दुष्कर्म करने के आरोप में कांकेर पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। पीड़िता ने 8 जनवरी को थाना कांकेर में दर्ज कराई गई लिखित शिकायत में बताया कि वह उसी दिन शाम करीब 4:10 बजे कॉलेज से अपने घर लौट रही थी। इसी दौरान ग्राम पथरी जाने वाले मार्ग पर जंगलवार कॉलेज के दूसरे गेट के पास आरोपी यश साहू और उसका साथी जितेंद्र उर्फ जीतू साहू ने उसे जबरन रोक लिया। आरोप है कि दोनों ने पहले पीड़िता के साथ अश्लील गाली-गलौज की, फिर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद आरोपी यश साहू ने उसके साथ दुष्कर्म किया, जबकि उसका साथी जितेंद्र कुमार साहू इस अपराध में सहयोग करता रहा। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। जांच के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर विधिवत गिरफ्तार किया गया। आज उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। इस घटना ने एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, कांकेर पुलिस की त्वरित कार्रवाई को लेकर आमजन में संतोष भी देखा जा रहा है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि मामले की विवेचना पूरी निष्पक्षता और सख्ती के साथ की जाएगी।  

रायपुर में बौद्धिक प्रतिभा का महासंगम 12वीं छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय UCMAS एबेकस प्रतियोगिता संपन्न

✍️ भागीरथी यादव   रायपुर। UCMAS Head Office के तत्वावधान में 12वीं छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय एबेकस प्रतियोगिता का भव्य एवं गरिमामय आयोजन 4 जनवरी 2026, रविवार को श्री राम मंदिर स्थित महर्षि वाल्मीकि उत्सव भवन, रायपुर में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर पर आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में प्रदेशभर से आए होनहार विद्यार्थियों ने अपनी अद्भुत मानसिक गणना क्षमता से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। राज्य के विभिन्न जिलों से आए लगभग 1000 प्रतिभाशाली बच्चों ने इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में उत्साहपूर्वक सहभागिता की। प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य बच्चों में मानसिक गणना, एकाग्रता, आत्मविश्वास और तार्किक सोच का विकास करना रहा, जिसमें प्रतिभागियों ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया।   इसी क्रम में UCMAS NTPC साडा कॉलोनी, जमनीपाली के 6 होनहार विद्यार्थियों ने प्रतियोगिता में भाग लेकर संस्था का नाम रोशन किया। संचालक ज्योति अग्रवाल के कुशल निर्देशन और निरंतर मार्गदर्शन में बच्चों ने पिछले दो महीनों तक नियमित अभ्यास किया, जिसका शानदार परिणाम मंच पर देखने को मिला। बच्चों ने मात्र 8 मिनट में 200 प्रश्न हल कर अपनी असाधारण गणनात्मक प्रतिभा का परिचय दिया और निर्णायकों के साथ दर्शकों की भी जमकर सराहना बटोरी। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी बच्चों ने आत्मविश्वास, धैर्य और अनुशासन का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए चैंपियनशिप का गौरव हासिल किया। यह उपलब्धि न केवल बच्चों की मेहनत का परिणाम है, बल्कि संचालक एवं अभिभावकों के सतत सहयोग का भी सशक्त प्रमाण है। रनर-अप ट्रॉफी आरव घरवार (Z ग्रुप) वाणी यादव (A1 ग्रुप) ने जीतकर संस्था का मान और बढ़ाया। समापन समारोह में विजेता बच्चों को ट्रॉफी एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। आयोजकों ने सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों तथा विशेष रूप से संचालक ज्योति अग्रवाल के प्रयासों की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। यह आयोजन निश्चय ही छत्तीसगढ़ में बच्चों की बौद्धिक प्रतिभा को नई दिशा और पहचान देने वाला सिद्ध हुआ।  

स्थानांतरण की फाइल में घूस की स्याही, ACB ने सहायक ग्रेड-2 को रंगे हाथ पकड़ा

    जशपुरनगर, 9 जनवरी। महिला एवं बाल विकास विभाग में स्थानांतरण को लेकर चल रही कथित सौदेबाज़ी पर एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने कड़ा प्रहार किया है। सहायक ग्रेड-2 गिरीश कुमार वारे को रिश्वत लेते हुए विभागीय कार्यालय परिसर से गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई गुरुवार को गोपनीय योजना के तहत की गई। ACB से मिली जानकारी के अनुसार, जशपुर जिले के दोकड़ा में पदस्थ भृत्य योगेश शांडिल्य का लोदाम स्थानांतरण कराने के बदले आरोपी द्वारा 80 हजार रुपये की मांग की गई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, पहले ही 30 हजार रुपये दे दिए गए थे, इसके बाद भी शेष रकम के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा था। मामले में गंभीर आरोप यह भी है कि बाकी राशि न देने पर सहायक ग्रेड-2 ने शिकायतकर्ता की मोटरसाइकिल अपने पास रख ली थी। इससे आहत होकर पीड़ित ने एंटी करप्शन ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के सत्यापन के बाद ACB ने जाल बिछाया। जैसे ही शिकायतकर्ता ने तय योजना के अनुसार 40 हजार रुपये आरोपी को सौंपे, टीम ने तत्काल दबिश देकर उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। ACB अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच जारी है और अन्य तथ्यों की भी पड़ताल की जा रही है। इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी कामकाज में रिश्वतखोरी पर अब सीधी और सख्त नजर रखी जा रही है।  

स्कूल परिसर बना मौत का मैदान: निर्माणाधीन भवन का छज्जा गिरने से छठवीं के छात्र की दर्दनाक मौत, प्रधान पाठक निलंबित

  वाड्रफनगर। शिक्षा व्यवस्था में लापरवाही की एक और दर्दनाक तस्वीर वाड्रफनगर थाना क्षेत्र के शारदापुर गांव से सामने आई है, जहां स्कूल परिसर में निर्माणाधीन भवन की चपेट में आकर छठवीं कक्षा के मासूम छात्र की जान चली गई। इस हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। गुरुवार को खुटहन पारा स्थित माध्यमिक शाला परिसर में मध्याह्न भोजन अवकाश के दौरान छात्र खेल रहे थे। इसी दौरान छठवीं कक्षा का छात्र आलोक कुमार (पिता– रमेश देवांगन) खेलते-खेलते स्कूल के पीछे निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन तक पहुंच गया। तभी अचानक भवन का कमजोर छज्जा भरभराकर गिर पड़ा और आलोक उसके नीचे दब गया। छात्रों की चीख-पुकार सुनकर शिक्षक मौके पर पहुंचे तो मलबे में खून से लथपथ आलोक दबा मिला। ग्रामीणों की मदद से आनन-फानन में उसे बाहर निकाला गया और अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस दर्दनाक घटना के बाद गांव में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने इसे स्कूल प्रबंधन और प्रशासन की गंभीर लापरवाही बताते हुए जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की। कार्रवाई नहीं होने तक परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया, जिससे माहौल और भी तनावपूर्ण हो गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया। संयुक्त संचालक शिक्षा ने माध्यमिक शाला की प्रधान पाठक ममता गुप्ता को निलंबित कर दिया, वहीं अन्य शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इसके बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार के लिए सहमति दी। फिलहाल प्रशासन द्वारा घटना की जांच जारी है। निर्माणाधीन भवन की गुणवत्ता, सुरक्षा इंतजाम और संबंधित एजेंसी की भूमिका की भी जांच की जा रही है। यह हादसा एक बार फिर सवाल खड़े करता है कि क्या स्कूल परिसरों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर कोई ठोस व्यवस्था है या लापरवाही की कीमत मासूमों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ेगी।

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