स्कूल परिसर बना मौत का मैदान: निर्माणाधीन भवन का छज्जा गिरने से छठवीं के छात्र की दर्दनाक मौत, प्रधान पाठक निलंबित
वाड्रफनगर। शिक्षा व्यवस्था में लापरवाही की एक और दर्दनाक तस्वीर वाड्रफनगर थाना क्षेत्र के शारदापुर गांव से सामने आई है, जहां स्कूल परिसर में निर्माणाधीन भवन की चपेट में आकर छठवीं कक्षा के मासूम छात्र की जान चली गई। इस हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। गुरुवार को खुटहन पारा स्थित माध्यमिक शाला परिसर में मध्याह्न भोजन अवकाश के दौरान छात्र खेल रहे थे। इसी दौरान छठवीं कक्षा का छात्र आलोक कुमार (पिता– रमेश देवांगन) खेलते-खेलते स्कूल के पीछे निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन तक पहुंच गया। तभी अचानक भवन का कमजोर छज्जा भरभराकर गिर पड़ा और आलोक उसके नीचे दब गया। छात्रों की चीख-पुकार सुनकर शिक्षक मौके पर पहुंचे तो मलबे में खून से लथपथ आलोक दबा मिला। ग्रामीणों की मदद से आनन-फानन में उसे बाहर निकाला गया और अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस दर्दनाक घटना के बाद गांव में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने इसे स्कूल प्रबंधन और प्रशासन की गंभीर लापरवाही बताते हुए जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की। कार्रवाई नहीं होने तक परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया, जिससे माहौल और भी तनावपूर्ण हो गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया। संयुक्त संचालक शिक्षा ने माध्यमिक शाला की प्रधान पाठक ममता गुप्ता को निलंबित कर दिया, वहीं अन्य शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इसके बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार के लिए सहमति दी। फिलहाल प्रशासन द्वारा घटना की जांच जारी है। निर्माणाधीन भवन की गुणवत्ता, सुरक्षा इंतजाम और संबंधित एजेंसी की भूमिका की भी जांच की जा रही है। यह हादसा एक बार फिर सवाल खड़े करता है कि क्या स्कूल परिसरों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर कोई ठोस व्यवस्था है या लापरवाही की कीमत मासूमों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ेगी।
बेहतर पुलिसिंग की मिसाल: विभिन्न समाजों व संस्थाओं ने थाना प्रभारी चिरमिरी का किया सम्मान
✍️ भागीरथी यादव चिरमिरी। थाना चिरमिरी के थाना प्रभारी विजय सिंह द्वारा क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने, अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने और जन-जागरूकता के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों की व्यापक सराहना हो रही है। इन्हीं प्रयासों के चलते विभिन्न समाजों एवं संस्थाओं ने अलग-अलग अवसरों पर थाना प्रभारी को सम्मानित किया। श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के 359वें प्रकाश पर्व के अवसर पर निकाले गए नगर संकीर्तन के दौरान चिरमिरी क्षेत्र में सट्टा, जुआ, कबाड़ जैसी अवैध आपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण, यातायात जागरूकता एवं साइबर अवेयरनेस के लिए किए गए कार्यों की प्रशंसा करते हुए गुरुद्वारा सभा द्वारा थाना प्रभारी विजय सिंह को शाल एवं स्मृति-चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इसी क्रम में ख्वाजा गरीब नवाज के उर्स के अवसर पर मुस्लिम समाज की कमेटी ने भी थाना क्षेत्र में मजबूत पुलिसिंग, सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने और प्रभावी कार्यप्रणाली के लिए थाना प्रभारी चिरमिरी का सम्मान किया। वहीं स्वामी आत्मानंद स्कूल, गोदरीपारा में आयोजित साइबर एवं यातायात जागरूकता कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने भी थाना प्रभारी के प्रयासों की सराहना करते हुए सम्मानित किया। इस अवसर पर थाना प्रभारी ने विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन भी किया। कार्यक्रमों में उपस्थित नागरिकों ने कहा कि थाना प्रभारी विजय सिंह के नेतृत्व में चिरमिरी क्षेत्र में पुलिस-जन सहयोग और अधिक मजबूत हुआ है। अपराध नियंत्रण के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता को भी नई दिशा मिली है, जो बेहतर और सुरक्षित समाज की ओर एक सकारात्मक कदम है।
बाल काटने से मना करना पड़ा जानलेवा, नाबालिग ने दोस्तों संग रची सैलून संचालक की हत्या की साजिश
दुर्ग। दुर्ग जिले से एक चौंकाने वाला और समाज को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां बाल काटने से मना करना एक सैलून संचालक के लिए जानलेवा साबित होते-होते रह गया। मामूली विवाद ने इस कदर हिंसक रूप ले लिया कि एक नाबालिग ने अपने साथियों के साथ मिलकर सैलून संचालक की हत्या की योजना बना डाली। यह सनसनीखेज वारदात छावनी थाना क्षेत्र की है। 4 जनवरी की सुबह एक नाबालिग युवक बाल कटवाने क्लासिक कट्स सैलून पहुंचा। उस वक्त सैलून संचालक पूनाराम सेन उर्फ विक्की पहले से ही एक ग्राहक के बाल काट रहा था। पूनाराम ने नाबालिग से थोड़ी देर इंतजार करने या बाद में आने को कहा। बस इसी बात पर नाबालिग आगबबूला हो गया। बाल काटने से इनकार बना हत्या की वजह बताया गया कि नाबालिग ने सैलून में ही विवाद शुरू कर दिया, गाली-गलौज हुई और गुस्से में वह वहां से चला गया। इसके बाद उसने अपने दोस्त शेख साहिल को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी, जिसने आगे निकेश सेन उर्फ लव को इस बारे में बताया। यहीं से सैलून संचालक की हत्या की साजिश रची गई। दोस्त ने दिया चाकू, स्कूटी पर बैठाकर ले गया पुलिस जांच में सामने आया कि शेख साहिल ने नाबालिग को चाकू उपलब्ध कराया। तीनों ने मिलकर पूनाराम सेन को जान से मारने की योजना बनाई। घटना वाले दिन शाम को शेख साहिल अपनी स्कूटी (CG 07 CZ 2805) से नाबालिग को पीछे बैठाकर निकला। शास्त्री नगर शिव मंदिर के पास गली में मौका पाकर उन्होंने पूनाराम सेन पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल पूनाराम किसी तरह जान बचाने में सफल रहा और फिलहाल ICU में भर्ती है। उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। तीन आरोपी गिरफ्तार, नाबालिग भी हिरासत में पुलिस ने संदेह के आधार पर नाबालिग को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां उसने पूरी साजिश का खुलासा कर दिया। लगातार दबिश के बाद 7 जनवरी को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला थाना छावनी में आरोपियों के खिलाफ धारा 109, 61(2), 3(5) बीएनएस एवं 25-27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। गिरफ्तार आरोपी शेख साहिल (22 वर्ष) – निवासी खुर्सीपार, दुर्ग निकेश सेन उर्फ लव (27 वर्ष) – निवासी उड़िया मोहल्ला एक नाबालिग आरोपी
नशे ने तोड़ा परिवार, घर बना हत्या का गवाह: कांकेर में पिता की लाठी-डंडों से हत्या
✍️ भागीरथी यादव कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पारिवारिक रिश्तों और समाज में बढ़ती नशे की समस्या पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ एक परिवार ने अपने ही मुखिया की पीट-पीटकर हत्या कर दी। वजह—रोज़ का शराबी उत्पात, गाली-गलौच और जानलेवा हिंसा। यह सनसनीखेज घटना नरहरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम मर्रामपानी की है। मृतक भगवान सिंह लंबे समय से शराब का आदी था। बताया जा रहा है कि वह रोज नशे में धुत होकर घर लौटता और माँ, पत्नी व बच्चों के साथ मारपीट करता था। परिवार वर्षों से उसकी इस आदत और अत्याचार को सह रहा था, लेकिन हालात उस दिन बेकाबू हो गए। मंगलवार को भगवान सिंह शराब के नशे में और ज्यादा उग्र हो गया। उसने परिजनों के साथ मारपीट की और विरोध करने पर टंगिया दिखाकर जान से मारने की धमकी दे डाली। डर, गुस्से और रोज़-रोज की प्रताड़ना से टूट चुके परिवार ने अंततः लाठी-डंडों से उस पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और जांच शुरू की। पूछताछ में माँ, पत्नी, बहन और बच्चों ने हत्या की बात कबूल कर ली। पुलिस का कहना है कि हत्या के पीछे मुख्य कारण मृतक की शराब की लत और घरेलू हिंसा है। फिलहाल पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर मामला दर्ज कर लिया है। यह घटना केवल एक हत्या नहीं, बल्कि नशे की उस भयावह तस्वीर को दिखाती है, जहाँ एक पूरा परिवार अपराध के दलदल में धकेल दिया गया। सवाल यह है—अगर समय रहते नशे और घरेलू हिंसा पर रोक लगती, तो क्या यह परिवार बिखरने से बच सकता था?
खेल मासूमियत में बदला मातम, कुएं में डूबने से 4 साल के बच्चे की दर्दनाक मौत
✍️ भागीरथी यादव जिले के मानिकपुर चौकी क्षेत्र में बुधवार को एक मासूम की मौत ने पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया। खेलते-खेलते कुएं में नहाने गए चार वर्षीय प्रशांत यादव की डूबने से मौत हो गई। यह हादसा कुछ ही पलों में खुशियों को मातम में बदल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रशांत अपने हमउम्र बच्चों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान सभी बच्चे पास स्थित कुएं की ओर चले गए और नहाने लगे। मासूम प्रशांत को गहराई का अंदाजा नहीं था और वह अचानक गहरे पानी में चला गया। देखते ही देखते वह डूबने लगा, जिससे अन्य बच्चे घबरा गए और शोर मचाते हुए गांव की ओर दौड़े। सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बच्चे को कुएं से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। मासूम की जान नहीं बचाई जा सकी। बताया जा रहा है कि घटना के समय प्रशांत के माता-पिता रोज़गार के सिलसिले में बाहर गए हुए थे। बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में शोक का माहौल व्याप्त है। यह हादसा एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा और खुले जलस्रोतों की घेराबंदी को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: सौम्या चौरसिया की जमानत पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार से मांगा जवाब
✍️ भागीरथी यादव छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में आरोपी सौम्या चौरसिया को लेकर हाईकोर्ट में अहम सुनवाई हुई। दूसरी बार जेल भेजी गईं सौम्या की जमानत याचिका पर न्यायमूर्ति अरविंद कुमार वर्मा की एकलपीठ ने राज्य शासन से जवाब तलब किया है। शासन की ओर से समय मांगे जाने पर कोर्ट ने बुधवार तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है, जबकि मामले की अगली सुनवाई आज होगी। सुनवाई के दौरान सौम्या चौरसिया ने ईडी द्वारा की गई दूसरी गिरफ्तारी को चुनौती दी। उनके अधिवक्ता के जरिए दायर याचिका में गिरफ्तारी की वैधता पर सवाल उठाए गए। वहीं एसीबी और ईओडब्ल्यू के प्रोडक्शन वारंट को लेकर भी कोर्ट में बहस हुई। ईओडब्ल्यू से जुड़े मामले की सुनवाई 8 जनवरी को तय की गई है। इस बीच शराब घोटाले से जुड़े मामलों में 13 जनवरी से स्पेशल कोर्ट में ट्रायल शुरू होने जा रहा है। ईडी की जांच में 3200 करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले का आरोप है, जिससे यह मामला एक बार फिर सियासी और प्रशासनिक हलकों में गर्मा गया है।
दिनदहाड़े ज्वेलरी शॉप पर हाथ साफ करने की कोशिश, CCTV में कैद शातिर चोर
बलौदाबाजार जिले में अपराधियों के हौसले इस कदर बढ़ गए हैं कि अब भीड़भाड़ वाले बाजार भी सुरक्षित नहीं रहे। पलारी थाना क्षेत्र के रोहंसी रोड स्थित दिलीप ज्वेलर्स में बुधवार शाम एक शातिर चोर ग्राहक बनकर दुकान में घुसा और मौका मिलते ही लाखों के सोने के जेवरात उठाकर भागने लगा। हालांकि दुकान कर्मचारी महेंद्र साहू की सतर्कता से बड़ी चोरी टल गई। पीछा होते देख घबराए आरोपी ने जेवरात वहीं छोड़ दिए और फरार हो गया। पूरी वारदात दुकान में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई है। घटना की सूचना पर पलारी पुलिस मौके पर पहुंची। CCTV फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान और तलाश जारी है। इस घटना ने एक बार फिर व्यापारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
नेहरू चौक पर युवतियों से बदसलूकी, नाश्ते के दौरान थप्पड़ मारने की घटना से शहर में आक्रोश
✍️ भागीरथी यादव बिलासपुर के व्यस्त नेहरू चौक पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। रतन लस्सी दुकान में सुबह नाश्ता करने पहुंची दो युवतियों के साथ खुलेआम बदसलूकी और मारपीट की गई। जानकारी के मुताबिक, आरोपी अन्ना डोसा संचालक संजय तरण पुष्कर ने जबरन पास बैठने की कोशिश की। विरोध करने पर उसने पहले गाली-गलौच की और फिर दोनों युवतियों को थप्पड़ मार दिए। घटना से अफरा-तफरी मच गई, जबकि आरोपी मौके से फरार हो गया। पीड़ित युवतियों की शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा और असामाजिक तत्वों पर सख्त कार्रवाई की जरूरत को फिर से उजागर करती है।
ज्वाइनिंग से इनकार पड़ा महंगा: सरगुजा में 10 सहायक शिक्षक निलंबित
✍️ भागीरथी यादव सरगुजा। छत्तीसगढ़ में युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत जारी पदस्थापना आदेशों की अनदेखी अब महंगी पड़ने लगी है। सरगुजा जिले में स्थानांतरण के बाद भी नए स्कूलों में ज्वाइनिंग नहीं देने वाले 10 सहायक शिक्षकों को जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) डॉ. दिनेश कुमार झा ने निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई प्रशासनिक अनुशासन को लेकर शिक्षा विभाग के सख्त रुख को दर्शाती है। नियमों के उल्लंघन का आरोप डीईओ द्वारा जारी निलंबन आदेश में स्पष्ट किया गया है कि संबंधित शिक्षकों का आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियमों का उल्लंघन है। विभाग का कहना है कि स्थानांतरण आदेश लागू होने के बाद सेवा दायित्वों से बचना अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। पहले भी हो चुकी है कार्रवाई यह पहला मामला नहीं है। कुछ दिन पहले ही ज्वाइनिंग नहीं देने वाले पांच शिक्षकों को संयुक्त संचालक (जेडी) स्तर से निलंबित किया जा चुका है। इसके बाद डीईओ स्तर पर की गई यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि विभाग अब किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। निलंबित शिक्षकों की सूची निलंबन की कार्रवाई जिन सहायक शिक्षकों पर की गई है, उनमें— गीता चौधरी (प्राथमिक शाला रिखीमुंडा), अजय कुमार मिश्रा (प्राथमिक शाला बांधपारा), सीमा सोनी (प्राथमिक शाला चठीरमा), अल्पना गुप्ता (प्राथमिक शाला हर्राटिकरा), मधु गुप्ता (प्राथमिक शाला बिसुनपुर), भीष्म सिंह (प्राथमिक शाला मुड़ापारा), अंजुला श्रीवास्तव (प्राथमिक शाला हर्राटिकरा), निर्मला तिर्की (प्राथमिक शाला दरिमा), बिंदु जायसवाल (प्राथमिक शाला चिटकीपारा, संकुल टपरकेला) और गीता देवी (प्राथमिक शाला रजपुरीखुर्द) शामिल हैं। संदेश साफ शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश गया है कि युक्तियुक्तकरण और स्थानांतरण आदेशों का पालन अनिवार्य है, और आदेशों की अवहेलना करने वालों पर अब सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई तय है।
सरकार का सख्त अल्टीमेटम: 13 जनवरी तक जॉइनिंग नहीं तो होगी कड़ी कार्रवाई
✍️ भागीरथी यादव रायपुर, 7 जनवरी। छत्तीसगढ़ शासन ने स्थानांतरण आदेशों की अवहेलना करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर अब सख्त रुख अपना लिया है। सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने सभी विभागों के सचिवों को स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि 13 जनवरी 2026 तक हर हाल में नए पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण किया जाए, अन्यथा अनुशासनात्मक कार्रवाई तय मानी जाएगी। जीएडी ने अपने पत्र में साफ किया है कि राज्य के कई विभागों में ट्रांसफर आदेश जारी होने के बावजूद अधिकारी-कर्मचारी नई पोस्टिंग पर जॉइन नहीं कर रहे हैं। इसका सीधा असर जिलों में चल रही जनहित योजनाओं और प्रशासनिक सेवाओं पर पड़ रहा है, जिससे शासन की कार्यक्षमता प्रभावित हो रही है। तत्काल कार्यमुक्ति के निर्देश विभाग ने निर्देश दिए हैं कि जो अधिकारी और कर्मचारी अब तक नई जगह जॉइन नहीं कर पाए हैं, उन्हें तुरंत कार्यमुक्त किया जाए और स्पष्ट रूप से चेतावनी दी जाए कि वे 13 जनवरी 2026 तक अनिवार्य रूप से कार्यभार ग्रहण करें। लापरवाही बर्दाश्त नहीं सरकार ने दो टूक कहा है कि तय समय-सीमा के बाद भी यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी आदेशों की अनदेखी करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह कदम प्रशासनिक अनुशासन को मजबूत करने और योजनाओं के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। संकेत साफ है—अब ट्रांसफर आदेश सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहेंगे, समय पर जॉइनिंग अनिवार्य होगी, वरना कार्रवाई तय है।















