सड़क सुरक्षा माह 2026: छत्तीसगढ़ में दुर्घटनाओं पर लगाम के लिए सरकार का समन्वित अभियान

✍️ भागीरथी यादव   रायपुर। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तथा मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक, छत्तीसगढ़ शासन के मार्गदर्शन में अंतर्विभागीय लीड एजेंसी सड़क सुरक्षा द्वारा प्रदेशभर में सड़क सुरक्षा माह–2026 के तहत प्रतिदिन व्यापक जन-जागरूकता गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं। इस अभियान का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और सुरक्षित यातायात संस्कृति को मजबूत करना है। शीर्ष नेतृत्व की सक्रिय भागीदारी प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप द्वारा जन-जागरूकता हेतु तैयार पोस्टर और फ्लैक्स का विमोचन किया गया। वहीं उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने प्रदेश के समस्त सरपंचों एवं पंचगणों से पंचायत स्तर पर सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस पहल करने की अपील जारी की। हेलमेट रैली से अभियान का शुभारंभ 01 जनवरी 2026 को न्यायमूर्ति श्री अभय मनोहर सप्रे, अध्यक्ष—माननीय सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑफ रोड सेफ्टी, की अध्यक्षता में बेमेतरा में हेलमेट रैली को हरी झंडी दिखाकर सड़क सुरक्षा माह का शुभारंभ किया गया। उच्चस्तरीय बैठकें, ठोस कार्ययोजना 03 जनवरी को दुर्ग में संभाग स्तरीय बैठक—जिसमें संभागायुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, सात जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक सहित परिवहन, लोक निर्माण, नगरीय प्रशासन, शिक्षा, आबकारी और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी शामिल हुए। 05 जनवरी को मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव श्री विकासशील की उपस्थिति में विभागीय सचिवों की बैठक आयोजित हुई, जिसमें सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए समन्वित कार्ययोजना के निर्देश दिए गए। विशेष रूप से रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग—जहाँ दुर्घटनाएँ अधिक हैं—के लिए अलग से केंद्रित रणनीति बनाकर 2026 में दुर्घटनाओं में कमी लाने के निर्देश दिए गए। सख्ती + जागरूकता = परिणाम प्रदेश में 2025 के दौरान पिछले वर्ष की तुलना में मृत्यु दर में कमी दर्ज की गई। यातायात नियम उल्लंघन पर लगभग 45% अधिक कार्रवाई (करीब 9 लाख प्रकरण) लगभग 39 करोड़ रुपये का परिशमन शुल्क संकलन जन-जागरूकता अभियानों के परिणामस्वरूप लगभग 3% मृत्यु दर में कमी 20 जिलों में मृत्यु दर घटी; रायपुर सहित 13 अन्य जिलों में लक्षित सुधार कार्य जारी 2026 के लक्ष्य सड़क दुर्घटनाओं में न्यूनतम 10% मृत्यु दर में कमी दुर्घटना-जन्य ब्लैक स्पॉट्स पर त्वरित सुधारात्मक उपाय आकस्मिक उपचार हेतु त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली को मजबूत करना मैदान में रोज़ाना कार्रवाई सड़क सुरक्षा माह 2026 के दौरान यातायात पुलिस द्वारा प्रतिदिन अलग-अलग गतिविधियों के माध्यम से जन-जागरूकता फैलाई जा रही है। बिना हेलमेट/सीट बेल्ट, मोबाइल पर बात, नशे में ड्राइविंग, ओवरस्पीडिंग पर समझाइश नियमों का पालन करने वाले नागरिकों का सम्मान संदेश स्पष्ट है: नियमों का पालन ही सुरक्षा की कुंजी है। सरकार, प्रशासन और नागरिक—तीनों की साझा जिम्मेदारी से ही सुरक्षित सड़कों का लक्ष्य हासिल होगा।  

बिलासपुर में जनजातीय प्रतिभा का महासंगम खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स चयन ट्रायल में उमड़ा उत्साह

  बिलासपुर। जिले के बहतराई स्थित बी.आर. यादव स्टेडियम में खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स के लिए आयोजित चयन ट्रायल जनजातीय खिलाड़ियों के जोश, जुनून और प्रतिभा का जीवंत मंच बन गया। छत्तीसगढ़ सरकार के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा कराए जा रहे इस ट्रायल में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पहुंचे जनजातीय खिलाड़ियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। ऑनलाइन-ऑफलाइन पंजीयन की सुगम व्यवस्था सुबह से ही स्टेडियम में खिलाड़ियों की चहल-पहल रही। ट्रायल में भाग लेने वाले खिलाड़ियों के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह की पंजीयन व्यवस्था की गई थी। क्यूआर कोड और रजिस्ट्रेशन लिंक से जहां डिजिटल पंजीयन कराया गया, वहीं ट्रायल स्थल पर ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी उपलब्ध रही। सभी खिलाड़ियों ने अपने प्रमाण पत्र और आधार कार्ड की मूल प्रति प्रस्तुत की। बिलासपुर में पहली बार ट्राइबल गेम्स ट्रायल यह बिलासपुर में पहली बार है जब खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स का चयन ट्रायल आयोजित किया गया। राज्य स्तर पर टीम चयन के लिए 6 से 8 जनवरी तक रायपुर और बिलासपुर में ट्रायल चल रहे हैं, जिनमें कुल सात खेलों को शामिल किया गया है। खेलवार चयन इस प्रकार है— रायपुर: वेटलिफ्टिंग, कुश्ती, फुटबॉल, हॉकी बिलासपुर: तीरंदाजी, एथलेटिक्स, तैराकी बिलासपुर में तीरंदाजी, एथलेटिक्स और तैराकी के ट्रायल सुबह से ही शुरू हो गए। खास बात यह रही कि महिला और पुरुष दोनों वर्गों के लिए कोई आयु सीमा तय नहीं की गई, जिससे अधिक से अधिक प्रतिभाओं को अवसर मिल सका। “यह खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का पहला संस्करण है। छत्तीसगढ़ के जनजातीय खिलाड़ियों को स्टेट और नेशनल स्तर पर खेलने का शानदार मौका मिल रहा है।” खिलाड़ियों में दिखा जबरदस्त उत्साह अलग-अलग संभागों से आए खिलाड़ियों में ट्रायल को लेकर खासा उत्साह नजर आया। सभी ने इसे अपने खेल करियर की दिशा बदलने वाला अवसर बताया और पूरे आत्मविश्वास के साथ प्रदर्शन किया। खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स चयन ट्रायल न केवल जनजातीय खिलाड़ियों की छिपी प्रतिभा को सामने ला रहा है, बल्कि छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाने की दिशा में भी मजबूत कदम साबित हो रहा है।

दुर्ग में इंसानियत शर्मसार: सड़क सुरक्षा की सलाह बनी मौत की वजह, बुजुर्ग को पीट-पीटकर उतारा गया मौत के घाट

  दुर्ग। स्टील सिटी दुर्ग-भिलाई में बुधवार को एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। सड़क पर जिम्मेदारी से वाहन चलाने की मामूली सलाह एक बुजुर्ग के लिए मौत का फरमान बन गई। लिंक रोड कैंप-2 इलाके में युवकों की बेरहमी ने 66 वर्षीय विक्रम राय की जान ले ली। समझाइश पर भड़की हिंसा जानकारी के मुताबिक विक्रम राय अपने साथी सुनील राय के साथ एक ही बाइक पर सवार होकर पावर हाउस मार्केट की ओर जा रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार और लापरवाही से बाइक चला रहे एक युवक को विक्रम राय ने सड़क सुरक्षा को लेकर संभलकर चलने की सलाह दी। यह बात युवक को इतनी नागवार गुज़री कि उसने रास्ता रोककर पहले गाली-गलौज की और फिर हाथ-मुक्कों से हमला कर दिया। दोस्तों को बुलाकर किया जानलेवा हमला बीच-बचाव करने आए सुनील राय को भी आरोपी ने नहीं छोड़ा, उनके चेहरे पर गंभीर चोटें आईं। इसके बाद आरोपी ने अपने साथियों को मौके पर बुला लिया और सभी ने मिलकर विक्रम राय को बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। गंभीर चोटों के चलते विक्रम राय सड़क पर ही बेहोश हो गए, बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। हाल ही में कैंसर सर्जरी से उबरे थे विक्रम राय घटना को और भी दर्दनाक बनाने वाला तथ्य यह है कि विक्रम राय का कुछ दिन पहले कैंसर का ऑपरेशन हुआ था और वे स्वस्थ होकर सामान्य जीवन जी रहे थे। परिवार इस बात से टूट गया है कि एक सामान्य समझाइश इतनी क्रूर हिंसा में बदल गई। मृतक के परिजन अरविंद राय ने कहा, “यह सोचा भी नहीं था कि सड़क पर समझाइश करना किसी की जान ले लेगा। आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।” पुलिस की त्वरित कार्रवाई घटना की सूचना मिलते ही छावनी पुलिस मौके पर पहुंची और त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सुकांत उर्फ चिरागन सोनकर को गिरफ्तार कर लिया। सीएसपी प्रशांत कुमार ने बताया, “आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके खिलाफ अपराध दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।” समाज के लिए डरावना संदेश दुर्ग की इस घटना ने समाज में बढ़ती असहिष्णुता, गुस्से और हिंसक मानसिकता को उजागर कर दिया है। सड़क पर मामूली टोका-टाकी भी अब जानलेवा बनती जा रही है। इस घटना के बाद दुर्ग-भिलाई क्षेत्र में डर और आक्रोश का माहौल है, वहीं लोग सवाल उठा रहे हैं— क्या अब समझदारी और जिम्मेदारी की बात करना भी अपराध हो गया है?

महासमुंद पुलिस की बड़ी कामयाबी: 5 क्विंटल से अधिक गांजा जब्त, अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क पर करारा प्रहार

  महासमुंद। छत्तीसगढ़ के वनांचल जिले महासमुंद में पुलिस ने नशे के कारोबार पर अब तक की सबसे बड़ी चोट करते हुए 5 क्विंटल 20 किलो गांजा बरामद किया है। इस कार्रवाई में तीन अंतरराज्यीय गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जो ओडिशा से महाराष्ट्र गांजे की खेप पहुंचाने की फिराक में थे। जब्त गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 2 करोड़ 60 लाख रुपये आंकी गई है। ट्रैवल एंबुलेंस बनी तस्करी का जरिया पुलिस को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी कि ओडिशा के खरियार रोड से एक ट्रैवल एंबुलेंस में गांजे की बड़ी खेप लाई जा रही है। सूचना मिलते ही महासमुंद पुलिस हरकत में आई और कोमाखान थाना क्षेत्र में चेकिंग के दौरान संदिग्ध वाहन को रोका गया। तलाशी में एंबुलेंस के भीतर छिपाकर रखी गई 14 प्लास्टिक की बोरियों से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। गोलमोल जवाब, फिर गिरफ्तारी पूछताछ के दौरान आरोपी संतोषजनक जवाब नहीं दे सके, जिसके बाद पुलिस ने तीनों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक पूछताछ में तस्करों ने कबूल किया कि वे यह खेप ओडिशा के भवानीपटना से महाराष्ट्र के नागपुर ले जा रहे थे। एसपी के निर्देश पर सख्त अभियान जिले में नशीले पदार्थों की तस्करी पर लगाम कसने के लिए एसपी के निर्देश पर सभी थाना प्रभारियों को सख्त कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। इसी के तहत चेक पोस्टों पर लगातार सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है, जिसका यह बड़ा परिणाम सामने आया है। एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स की अहम भूमिका यह पूरी कार्रवाई थाना कोमाखान पुलिस और एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स की सतर्कता से अंजाम दी गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रतिभा पाण्डेय ने बताया कि सभी आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है। नशे के सौदागरों के लिए कड़ा संदेश महासमुंद पुलिस की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि जिले में नशे के कारोबार के लिए अब कोई जगह नहीं है। आने वाले दिनों में तस्करी से जुड़े अन्य लोगों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी की जा रही है।

बलरामपुर में अमानवीयता की हद: मटर तोड़ने पर किसान ने दो मासूम बच्चों को रस्सी से बांधकर पीटा,

  बलरामपुर। जिले के राजपुर थाना क्षेत्र से मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। खेत से मटर तोड़ने की मामूली बात पर एक किसान ने दो स्कूली बच्चों को पकड़कर रस्सी से बांध दिया और बेरहमी से पिटाई कर दी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया है। पुलिस ने मामले में आरोपी किसान को हिरासत में लेकर प्रकरण दर्ज कर लिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम लडुवा निवासी कृष्ण नाथ टोप्पो का सात वर्षीय बेटा, जो दूसरी कक्षा का छात्र है, शनिवार को गांव के ही एक अन्य बच्चे के साथ स्कूल जाने के लिए निकला था। रास्ते में पड़ने वाले खेत में मटर देखकर दोनों बच्चे मटर तोड़कर खाने लगे। इसी दौरान खेत मालिक कपिल पैकरा ने उन्हें देख लिया। बताया गया है कि कपिल ने बच्चों को आवाज दी, जिस पर दोनों डरकर भागने लगे। लेकिन किसान ने पीछा कर दोनों बच्चों को पकड़ लिया। इसके बाद उसने उन्हें रस्सी से बांध दिया और बेरहमी से पिटाई की। बच्चे रोते हुए छोड़ देने की मिन्नतें करते रहे, लेकिन आरोपी ने उनकी एक नहीं सुनी। ग्रामीणों के हस्तक्षेप के बाद बच्चों को छोड़ा गया। घटना के दौरान मौजूद कुछ लोगों ने पिटाई का वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। मारपीट से सहमा कृष्णनाथ टोप्पो का बेटा रात में बुखार से भी पीड़ित हो गया। पीड़ित बच्चे के पिता कृष्ण नाथ टोप्पो ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने पर जब वे आरोपी से पूछताछ करने गए तो कपिल ने उन्हें भी धमकाया और रिपोर्ट करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी। धमकी के कारण वे शुरुआत में थाने नहीं जा सके। हालांकि, ग्रामीणों के समझाने पर मंगलवार को वे राजपुर थाना पहुंचे और लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले में आरोपी कपिल पैकरा के खिलाफ संबंधित धाराओं में FIR दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया है। साथ ही पीड़ित बच्चे का चिकित्सकीय परीक्षण भी कराया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी और बच्चे के पिता के बीच पहले से आपसी विवाद की जानकारी भी सामने आई है। वहीं, दूसरे बच्चे के अभिभावकों ने अभी तक शिकायत दर्ज नहीं कराई है। मामले की जांच जारी है।

सड़क नहीं, सड़ा हुआ सिस्टम बिछाया गया: एमसीबी में पीएमजीएसवाई घोटाले ने सुशासन की पोल खोली

✍️ भागीरथी यादव   एमसीबी। जिला एमसीबी में सामने आया पीएमजीएसवाई सड़क घोटाला अब महज एक निर्माण में हुई गड़बड़ी नहीं रहा, बल्कि यह उस व्यवस्था का आईना बन गया है, जिसमें विकास से पहले भ्रष्टाचार की परत चढ़ा दी जाती है। छत्तीसगढ़ में सुशासन के दावों के बीच यह मामला जमीनी हकीकत को बेनकाब करता है, जहां जनता की मेहनत की कमाई विकास के नाम पर खुलेआम लूटी जा रही है। खड़गवां ब्लॉक के ग्राम पंचायत कदरेवा, भूकभूकी और बरबसपुर में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत कराई गई सड़क मरम्मत ने शासन-प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस सड़क को वर्षों तक ग्रामीणों की सेवा करनी थी, वह निर्माण के अगले ही दिन उखड़ने लगी। ग्रामीणों ने अपनी उंगलियों से डामर निकालकर घटिया गुणवत्ता की सच्चाई उजागर कर दी। स्थल पर की गई पड़ताल में सामने आया कि निर्माण कार्य में न तो मानक गुणवत्ता का डामर इस्तेमाल किया गया और न ही तय मोटाई का पालन हुआ। सड़क की मोटाई महज 4 से 5 मिलीमीटर पाई गई। मिट्टी के ऊपर सीधे डामर डाल दिया गया, बिना बेस तैयार किए और बिना रोलर से उचित कम्पैक्शन किए। यह निर्माण नहीं, बल्कि सरकारी धन का सुनियोजित दुरुपयोग प्रतीत होता है। जब ग्रामीणों ने इस घोटाले का विरोध किया, तो ठेकेदार से जुड़े लोगों ने कथित तौर पर धमकी देते हुए कहा कि उनकी “ऊपर तक सेटिंग” है और उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। यह बयान केवल ठेकेदार की दबंगई नहीं, बल्कि उस पूरे तंत्र पर सवाल है, जो भ्रष्टाचार को संरक्षण देता है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इतने गंभीर आरोप और सबूत सामने आने के बावजूद प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से जुड़े जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। उनकी यह खामोशी कई सवाल खड़े करती है—क्या यह लापरवाही है या फिर मिलीभगत? अब जनता पूछ रही है कि क्या दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी, या फिर यह मामला भी कागजों में दबाकर सुशासन के खोखले दावों से ढक दिया जाएगा। एमसीबी की यह सड़क नहीं, बल्कि सिस्टम की दरार है, जिसे अब अनदेखा करना मुश्किल हो गया है।

एनएच-30 पर रफ्तार का कहर: हिट एंड रन में ग्राम कोटवार की मौत, आक्रोशित लोगों का चक्काजाम

  कवर्धा। कवर्धा जिले में तेज रफ्तार और लापरवाही एक बार फिर जानलेवा साबित हुई। रायपुर–जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-30) पर हुए हिट एंड रन हादसे में ग्राम कोटवार दिलीप पात्रे की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन समेत फरार हो गया, जिससे लोगों में भारी रोष फैल गया। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए और न्याय की मांग को लेकर एनएच-30 पर चक्काजाम कर दिया। कुछ देर के लिए राजमार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया और दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं। सूचना पर सिटी कोतवाली थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और लोगों को समझाइश देकर जाम खुलवाया। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मर्च्युरी भेज दिया है। पुलिस ने फरार ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश तेज कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं और ट्रक की पहचान के प्रयास जारी हैं। घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से आरोपी चालक की शीघ्र गिरफ्तारी, मृतक परिवार को मुआवजा तथा एनएच-30 पर तेज रफ्तार वाहनों पर सख्त नियंत्रण की मांग की है।

एनएच-63 पर भीषण हादसा: अनियंत्रित ट्रेलर पलटा, बिजली खंभे से टकराकर धधका वाहन, चालक के जिंदा जलने की आशंका

  बीजापुर। जिले के एनएच-63 पर मंगलवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे से हड़कंप मच गया। गदामल्ली चौक नयापारा मिंगाचल के पास रायपुर पासिंग नंबर का एक ट्रेलर अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया और सड़क किनारे लगे बिजली के खंभे से जा टकराया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि देखते ही देखते ट्रेलर में भीषण आग लग गई और पूरा वाहन आग के गोले में तब्दील हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के बाद आग की लपटें दूर से दिखाई दे रही थीं, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बताया जा रहा है कि ट्रेलर हैदराबाद की ओर जा रहा था। घटना के बाद काफी देर तक चालक का कोई सुराग नहीं मिल सका, जिससे आशंका जताई जा रही है कि वह आग की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गया या उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही नैमेड थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और दमकल विभाग को बुलाया गया। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और चालक की तलाश की जा रही है। हादसे के चलते कुछ समय के लिए मार्ग पर यातायात भी प्रभावित रहा।

जांजगीर–चांपा में जुआरियों पर पुलिस का शिकंजा, 5 आरोपी रंगे हाथ गिरफ्तार

  जांजगीर–चांपा। जिले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। कोतवाली थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने जुआ फड़ पर छापा मारते हुए 5 जुआरियों को मौके पर ही रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 18 हजार 170 रुपये नकद और 52 पत्ती ताश जप्त की है। सभी आरोपी सार्वजनिक स्थान पर पैसों का दांव लगाकर जुआ खेलते पाए गए। गिरफ्तार किए गए जुआरियों में सरोज थवाईत, भरत राठौर, रामनारायण राठौर, राजकुमार सूर्यवंशी और विशाल सिंह शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक श्री विजय कुमार पांडेय (आईपीएस) के निर्देशन में की गई। मुखबिर से मिली पुख्ता सूचना के आधार पर ग्राम गौद नाला के पास घेराबंदी कर दबिश दी गई। पुलिस को देखकर आरोपी भागने का प्रयास करने लगे, लेकिन टीम की सतर्कता से सभी को पकड़ लिया गया। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की है। वहीं, पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में जुआ, सट्टा और अन्य अवैध गतिविधियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त अभियान जारी रहेगा।

पश्चिम बंगाल में गूंजा छत्तीसगढ़ का नाम: अंतरराष्ट्रीय कराटे चैंपियनशिप में बेटियों ने रचा इतिहास, दोहरे स्वर्ण पदक के साथ राज्य को मिला प्रथम स्थान

छत्तीसगढ़ की बेटियों ने अंतरराष्ट्रीय कराटे मंच पर रचा इतिहास   पश्चिम बंगाल के हावड़ा में आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कराटे व काटा प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ को प्रथम स्थान   हावड़ा/छत्तीसगढ़। पश्चिम बंगाल के हावड़ा में आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कराटे एवं काटा प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की बालिकाओं ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया और प्रदेश का नाम देश-विदेश में रोशन किया। प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की टीम ने कराटे काटा और टीम काटा दोनों वर्गों में गोल्ड मेडल जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।   कोच अनुराधा गिरी रहीं सफलता की सूत्रधार   इस ऐतिहासिक उपलब्धि के पीछे छत्तीसगढ़ की कोच अनुराधा गिरी की अहम भूमिका रही। उन्होंने न केवल खिलाड़ियों को तकनीकी रूप से सशक्त प्रशिक्षण दिया, बल्कि प्रतियोगिता के दौरान रेफरी/शेप (Referee/Shape) की भूमिका निभाते हुए निष्पक्ष और अनुशासित खेल का भी परिचय दिया। अनुराधा गिरी के मार्गदर्शन, अनुशासन और रणनीतिक तैयारी ने खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को नई ऊँचाई दी, जिसका परिणाम गोल्ड मेडल के रूप में सामने आया।   गोल्ड मेडल विजेता खिलाड़ी   • अर्चना नायक   • पल्लवी साहू   • पुष्पांजलि साहू   तीनों खिलाड़ियों ने कराटे काटा वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया। वहीं अर्चना नायक और पल्लवी साहू ने टीम काटा में भी गोल्ड मेडल जीतकर दोहरी सफलता दर्ज की।   प्रदेश में खुशी की लहर   अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली इस उपलब्धि से प्रदेश के खेल जगत में हर्ष और गर्व का माहौल है। खेलप्रेमियों ने इसे छत्तीसगढ़ की बेटियों की मेहनत, अनुशासन और सक्षम कोचिंग का प्रतिफल बताया है। खिलाड़ियों और कोच अनुराधा गिरी को बधा इयों का तांता लगा हुआ है।

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