मनेद्रगढ़: अतिक्रमण और बेतरतीब पार्किंग से सड़कें बेहाल, प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे सवाल

✍️ भागीरथी यादव     एमसीबी | मनेद्रगढ़ मनेद्रगढ़ शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। मुख्य सड़कों पर चार पहिया वाहनों की अवैध पार्किंग और दुकानों के बाहर पसरे अतिक्रमण ने आम नागरिकों का पैदल चलना भी दूभर कर दिया है। प्रशासनिक इच्छाशक्ति की कमी के कारण यह समस्या अब स्थायी रूप लेती जा रही है। प्रमुख समस्याएँ और हॉटस्पॉट अवैध पार्किंग: स्टेशन रोड से गांधी चौक और राम मंदिर से भगत सिंह तिराहा तक संकरी सड़कों पर चार पहिया वाहन बेतरतीब ढंग से खड़े किए जा रहे हैं। स्थायी अतिक्रमण: नियमों को ताक पर रखकर सड़कों से सटकर दुकानें और मकान बना लिए गए हैं, जिन पर निर्माण के समय कोई कार्रवाई नहीं की गई। दिखावटी कार्रवाई: पुलिस की चालानी कार्रवाई अभियान थमते ही बंद हो जाती है, जिससे स्थिति जस की तस बनी रहती है। कार्रवाई में बाधा बनता ‘सिफारिश’ का खेल स्थानीय लोगों का आरोप है कि जब भी व्यापारियों या रसूखदारों पर कार्रवाई शुरू होती है, तो राजनीतिक सिफारिशों का दौर शुरू हो जाता है। नागरिकों ने सुझाव दिया है कि पारदर्शिता लाने के लिए कार्रवाई के दौरान पत्रकारों को साथ रखा जाए और बिना किसी भेदभाव के कठोर कदम उठाए जाएं। केवल समझाइश से बात नहीं बनेगी पुलिस की बार-बार दी गई समझाइश और चेतावनी का वाहन मालिकों पर कोई असर नहीं हो रहा है। लोग जानबूझकर मुख्य मार्गों पर गाड़ियाँ खड़ी कर रहे हैं। अब शहरवासी मांग कर रहे हैं कि केवल जुर्माना ही नहीं, बल्कि निरंतर और निष्पक्ष कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि सार्वजनिक सड़कें निजी संपत्ति बनने से बच सकें।

जांजगीर-चांपा मार्ग पर चक्काजाम पड़ा भारी: मछुआ समिति के 20 सदस्यों समेत अन्य पर FIR दर्ज

    जांजगीर-चांपा। मत्स्य विभाग कार्यालय के सामने सड़क जाम कर आम जनता को परेशान करने वाले प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने शिकंजा कस दिया है। पुलिस ने मछुआ समिति के 20 नामजद सदस्यों और अन्य प्रदर्शनकारियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। 3 घंटे तक बाधित रहा मार्ग, कर्मचारियों से की अभद्रता मत्स्य विभाग के सहायक संचालक सीताराम अहिरवार की शिकायत के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने करीब तीन घंटे तक जांजगीर-चांपा मुख्य मार्ग को पूरी तरह बाधित रखा। जब विभागीय कर्मचारी उन्हें समझाने पहुंचे, तो उनके साथ गाली-गलौच और अभद्रता की गई, जिससे शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न हुई। इन प्रमुख लोगों पर हुई एफआईआर (नामजद आरोपी): पुलिस ने कुल 20 लोगों को नामजद किया है, जिनमें मुख्य रूप से नवीन धीवर, गायत्री गायग्वाल, ओम प्रकाश, बुधराम, भोजराम, दामोदर, राकेश महंत (कुलीपोटा), शिवकुमार (गोधना), करन, विजय, सरिता, मीना, मोनू (कोसा), अहिल्या, सविता (बलौदा), सरिता (घडोला), रामकुमार, गोवर्धन (लछनपुर), सहसराम और धनबाई (भोजपुर) शामिल हैं। इनके अलावा अन्य अज्ञात प्रदर्शनकारियों पर भी केस दर्ज है। कानूनी कार्रवाई और धाराएं पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय के निर्देश पर पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की निम्नलिखित धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है: धारा 126(2): गलत तरीके से रास्ता रोकना। धारा 221: लोक सेवक के आदेश की अवहेलना और शासकीय कार्य में बाधा। प्रशासन की चेतावनी: पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि विरोध प्रदर्शन के नाम पर सार्वजनिक मार्ग रोकना और अधिकारियों से बदतमीजी करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में भविष्य में भी कड़ी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।

शिवा नगर में देह व्यापार का भंडाफोड़, पुलिस ने दो आरोपियों को रंगे हाथों दबोचा

    रायगढ़। शहर के शिवा नगर इलाके में चल रहे अनैतिक देह व्यापार के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने जाल बिछाकर दबिश दी और इस धंधे में लिप्त दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। एसबीआई मेन ब्रांच के पास चल रहा था काला खेल पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि केवड़ाबाड़ी स्थित एसबीआई (SBI) मेन ब्रांच के सामने एक मकान में बाहर से महिलाएं बुलाकर देह व्यापार कराया जा रहा है। इस सूचना पर सीएसपी मयंक मिश्रा के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस की छापेमारी और गिरफ्तारी योजनाबद्ध तरीके से की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने मकान पर अचानक दबिश दी। मौके से दो लोगों को गिरफ्तार किया गया: आरोपी: राहुल यादव सहयोगी: एक महिला आरोपी बरामदगी: रेड के दौरान पुलिस ने मौके से मोबाइल फोन, नकदी और भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री जब्त की है। सख्त कानूनी कार्रवाई पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ थाना कोतवाली में अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम (PITA Act) की धारा 3, 4 और 5 के तहत मामला दर्ज किया गया है। एसएसपी का कड़ा संदेश: > जिले के एसएसपी शशिमोहन सिंह ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि रायगढ़ में किसी भी प्रकार के अनैतिक और अवैध कार्यों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिले की छवि खराब करने वाले तत्वों के खिलाफ पुलिस की यह मुहिम लगातार जारी रहेगी।

नाबालिग का अपहरण कर राजस्थान ले जाने वाला आरोपी गिरफ्तार, दर्री पुलिस की बड़ी कार्रवाई

✍️ भागीरथी यादव      कोरबा | 4 फरवरी 2026 कोरबा जिले की दर्री पुलिस ने एक नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने और उसका शारीरिक शोषण करने वाले आरोपी को राजस्थान के जयपुर से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने नाबालिग बालिका को भी सुरक्षित बरामद कर लिया है। मामले का संक्षिप्त विवरण घटना की शुरुआत 19 जनवरी 2026 को हुई, जब पीड़िता के माता-पिता ने थाना दर्री में शिकायत दर्ज कराई। परिजनों के अनुसार, गोपालपुर निवासी सूर्यप्रकाश यादव उनकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ कहीं ले गया था। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तत्काल अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की। पुलिस की त्वरित कार्रवाई मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में एक विशेष टीम का गठन किया गया। थाना प्रभारी नागेश तिवारी के मार्गदर्शन में टीम को तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जयपुर (राजस्थान) रवाना किया गया। आरोपी की गिरफ्तारी और खुलासा पुलिस टीम ने जयपुर में दबिश देकर आरोपी सूर्यप्रकाश यादव (20 वर्ष) को धर दबोचा और उसके कब्जे से नाबालिग को बरामद किया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह बालिका को भगाकर जयपुर ले गया था और वहां उसका शारीरिक शोषण किया। आरोपी का नाम: सूर्यप्रकाश यादव (पिता स्व. कृष्ण कुमार यादव) उम्र: 20 वर्ष निवासी: गोपालपुर कार्रवाई: आरोपी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया गया है। टीम की सराहनीय भूमिका इस सफल ऑपरेशन में निरीक्षक नागेश तिवारी, उप निरीक्षक रश्मि थामस, सउनि संतोष कुमार ताण्डी, आरक्षक संजय कश्यप, कृष्णा तिवारी और महिला आरक्षक शीतला उईके सहित अन्य स्टाफ का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

डूमरकछार चौक पर अवैध शराब का कहर: बाहरी दबंगों के चंगुल में फंस रहा आदिवासी समाज

✍️ भागीरथी यादव   पाली | डूमरकछार चौक और आसपास का क्षेत्र इन दिनों अवैध गतिविधियों का केंद्र बन गया है, जिससे स्थानीय आदिवासी समुदाय का भविष्य दांव पर लग गया है। उत्तर प्रदेश से आए एक परिवार द्वारा संचालित अवैध शराब के कारोबार ने न केवल गांव की शांति भंग की है, बल्कि युवाओं और बच्चों को भी नशे के अंधेरे में धकेल दिया है। प्रमुख बिंदु: संकट के घेरे में गांव खुलेआम बिक्री: राष्ट्रीय राजमार्ग के ओवरब्रिज के नीचे और सड़क किनारे धड़ल्ले से अवैध शराब बेची जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी शराब भट्टी से स्टॉक लाकर यहाँ ऊंचे दामों और अवैध तरीके से खपाया जाता है। सरकारी जमीन पर कब्जा: अवैध शराब के साथ-साथ संबंधित परिवार पर सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर मकान बनाने का भी आरोप है। दबंगई और धमकियां: जब स्थानीय आदिवासी ग्रामीण इस अवैध कार्य का विरोध करते हैं, तो उन्हें डराया-धमकाया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी पक्ष प्रशासन में ऊंची पहुंच का हवाला देकर उन्हें चुप करा देता है। प्रशासनिक मौन पर उठते सवाल इस पूरे मामले में पुलिस और आबकारी विभाग की चुप्पी ने ग्रामीणों के मन में गहरा रोष पैदा कर दिया है। चर्चा है कि इस अवैध कारोबार को कथित तौर पर संरक्षण प्राप्त है, जिसके कारण कार्रवाई फाइलों में ही दबी रह जाती है। ग्रामीणों की चेतावनी: “अगर प्रशासन ने जल्द ही अवैध कब्जे और शराब की बिक्री पर रोक नहीं लगाई, तो यह स्थिति बड़े सामाजिक संघर्ष का रूप ले सकती है। हमारी संस्कृति और बच्चों का भविष्य बर्बाद हो रहा है।”

वायरल वीडियो विवाद: पुलिस के आचरण और नागरिक जिम्मेदारी पर उठे सवाल, थाना प्रभारी लाइन हाजिर

✍️ भागीरथी यादव   एमसीबी (पोड़ी) | 03 फरवरी 2026 पोड़ी थाना क्षेत्र में 31 जनवरी की रात वाहन चेकिंग के दौरान हुई एक घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। इस प्रकरण ने जहाँ पुलिसिया कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाए हैं, वहीं नागरिकों के उत्तरदायित्व और कानून के प्रति उनके रवैये को भी बहस के केंद्र में ला खड़ा किया है। क्या है पूरा मामला? बीती 31 जनवरी की रात लगभग 9:00 बजे वाहन चेकिंग के दौरान पोड़ी पुलिस और एक चारपहिया वाहन चालक के बीच तीखी बहस हुई। वायरल वीडियो में पुलिसकर्मियों को आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करते देखा जा सकता है। पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी पोड़ी, निरीक्षक जवाहर लाल गायकवाड़ को रक्षित केंद्र (लाइन हाजिर) भेज दिया है। मामले की जांच सीएसपी चिरमिरी दीपिका मिंज को सौंपी गई है, जिन्हें तीन दिन में रिपोर्ट पेश करनी है। सिक्के का दूसरा पहलू: नागरिक जिम्मेदारी घटना के विश्लेषण से यह तथ्य भी सामने आ रहा है कि केवल पुलिस का व्यवहार ही विवाद का कारण नहीं था। जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण बिंदु उभरे हैं: वाहन न रोकना: चेकिंग के दौरान चालक ने शुरुआत में वाहन नहीं रोका, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हुई। नियमों का उल्लंघन: कथित तौर पर निजी वाहन का उपयोग व्यावसायिक (कमर्शियल) कार्य के लिए किया जा रहा था। दबाव की राजनीति: वीडियो में वाहन मालिक द्वारा “मंत्री जी लाइन पर हैं” कहकर पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश भी दिखाई दे रही है। अधूरी सच्चाई और सोशल मीडिया का प्रभाव इस मामले ने सोशल मीडिया पर सूचनाओं के ‘सिलेक्टिव’ (चुनिंदा) प्रसार पर भी सवाल उठाए हैं। घटना के पूरे संदर्भ को दिखाने के बजाय केवल विवादित अंशों को वायरल करना जनमत को गुमराह करने वाला माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करना निष्पक्ष जांच को प्रभावित कर सकता है। चालान पर भी विवाद इस मामले में चिरमिरी निवासी प्रभात केशरवानी के विरुद्ध 5,500 रुपये का ऑनलाइन चालान काटा गया है, जिसे गलत बताते हुए पीड़ित पक्ष ने आपत्ति जताई है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि चालान नियमों के तहत काटा गया या यह प्रशासनिक त्रुटि है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में पुलिस से संयम और मर्यादा की अपेक्षा की जाती है, लेकिन यह तभी संभव है जब नागरिक भी कानून का सम्मान करें। अनुशासन की नींव पुलिस और जनता, दोनों के सहयोग से ही मजबूत होती है।  

‘मनरेगा बचाओ संग्राम’: बैकुंठपुर में कांग्रेस का हल्लाबोल, कलेक्ट्रेट का घेराव कर जताया विरोध

✍️ भागीरथी यादव     कोरिया (बैकुंठपुर) | 03 फरवरी 2026 अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर आज जिला मुख्यालय बैकुंठपुर में “मनरेगा बचाओ संग्राम” अभियान के तहत कांग्रेस ने शक्ति प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कमेटी कोरिया के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र व राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। धरने के बाद सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर ज्ञापन सौंपा। सरकार पर मनरेगा को कमजोर करने का आरोप धरना प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार योजनाबद्ध तरीके से ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ ‘मनरेगा’ को खत्म करने की कोशिश कर रही है। नेताओं ने कहा कि बजट में कटौती और नियमों में बदलाव के कारण मजदूरों को न तो समय पर काम मिल रहा है और न ही मजदूरी का भुगतान हो रहा है। दिग्गज नेताओं ने साधा निशाना जेपी श्रीवास्तव (प्रदेश प्रभारी, मनरेगा): उन्होंने कहा कि भाजपा ने सिर्फ मनरेगा का नाम ही नहीं बदला, बल्कि इसका मूल स्वरूप ही बिगाड़ दिया है। अब काम ग्राम सभा के बजाय केंद्र से तय होंगे, जो ग्रामीणों के साथ छल है। गुलाब कमरो (पूर्व विधायक): उन्होंने योजना को गरीबों की जीवन रेखा बताते हुए कहा कि भाजपा सरकार इसे खत्म करना चाहती है। कांग्रेस इस अन्याय को बर्दाश्त नहीं करेगी और आंदोलन को और उग्र बनाएगी। अंबिका सिंहदेव (पूर्व विधायक): उन्होंने चिंता व्यक्त की कि सरकार की उदासीनता के कारण ग्रामीण मजदूर अब पलायन करने को मजबूर हैं। कांग्रेस सड़क से सदन तक गरीबों की आवाज उठाएगी। नजीर अजहर (पूर्व जिलाध्यक्ष): उन्होंने सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार जनता को जाति-धर्म में बांटकर असली मुद्दों से ध्यान भटका रही है। कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन आमसभा के बाद कांग्रेस का विशाल हुजूम नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचा। यहां घेराव के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। अंत में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर के माध्यम से सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा, जिसमें मजदूरों को समय पर रोजगार देने और बकाया मजदूरी के तुरंत भुगतान की मांग की गई। प्रदर्शन में इनकी रही मौजूदगी इस आंदोलन में जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों के साथ-साथ महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, NSUI और बड़ी संख्या में ग्रामीण मजदूर व आमजन शामिल हुए।

सड़क सुरक्षा पर संकट: बेखौफ दौड़ रहे नियम विरुद्ध वाहन, एमसीबी पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग

✍️ भागीरथी यादव     मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर एमसीबी जिले में यातायात नियमों की सरेआम उड़ती धज्जियां अब आम नागरिकों की जान पर भारी पड़ने लगी हैं। विशेष रूप से दो पहिया, चार पहिया और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों द्वारा किए जा रहे मोटरयान अधिनियम के उल्लंघन ने सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय स्तर पर अब यह मांग तेज हो गई है कि पुलिस प्रशासन इन वाहनों पर सख्ती बढ़ाए और चालानी कार्रवाई सुनिश्चित करे। इन नियमों की हो रही है अनदेखी सड़कों पर दौड़ते वाहनों में कई ऐसी खामियां पाई जा रही हैं, जो सीधे तौर पर दुर्घटनाओं को न्योता दे रही हैं: ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की मनमानी: बिना लाइट और रिफ्लेक्टर के रात में सड़कों पर खड़े या चलते ट्रैक्टर बड़े हादसों का कारण बन रहे हैं। दस्तावेजों का अभाव: बिना नंबर प्लेट, बीमा और वैध दस्तावेजों के बड़ी संख्या में वाहन सड़कों पर सक्रिय हैं। नाबालिग चालक: शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक नाबालिगों द्वारा वाहन संचालन एक गंभीर समस्या बन चुका है। ओवरलोडिंग: क्षमता से अधिक माल और सवारी ढोना अब आम हो गया है। “कानून का भय ही अनुशासन की नींव” सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों और नागरिकों का मानना है कि जब तक पुलिस द्वारा प्रभावी चालानी कार्रवाई नहीं की जाएगी, तब तक सुधार की गुंजाइश कम है। मोटरयान अधिनियम, 1988 के तहत त्वरित कार्रवाई न केवल राजस्व की दृष्टि से, बल्कि लोगों के जीवन की सुरक्षा के लिए भी अनिवार्य है। यातायात पुलिस की भूमिका महत्वपूर्ण जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए यातायात पुलिस छत्तीसगढ़ को सूचना संज्ञान लेकर विशेष अभियान चलाने की आवश्यकता है। कानून का कड़ाई से पालन होने पर ही सड़कें सुरक्षित हो सकेंगी और अव्यवस्थित यातायात को व्यवस्थित किया जा सकेगा। मुख्य मांग: प्रशासन बिना रिफ्लेक्टर वाले ट्रैक्टरों और ओवरलोड वाहनों पर विशेष नजर रखे, ताकि रात के समय होने वाली जानलेवा भिड़ंत को रोका जा सके।

प्रेरणा: शारीरिक बाधाओं को मात देकर मधु साहू बनीं लेखा सेवा अधिकारी, शासन ने किया सम्मानित

✍️ भागीरथी यादव     रायपुर | 03 फरवरी 2026 संघर्ष और अटूट संकल्प की प्रतिमूर्ति सुश्री मधु साहू ने यह साबित कर दिया है कि यदि इरादे मजबूत हों, तो शारीरिक अक्षमता कभी सफलता का रास्ता नहीं रोक सकती। 40 प्रतिशत अस्थि बाधित दिव्यांगता और सीमित संसाधनों के बावजूद मधु ने छत्तीसगढ़ अधीनस्थ लेखा सेवा अधिकारी (वित्त विभाग) के पद पर चयनित होकर एक नई मिसाल कायम की है। चुनौतियों को बनाया अपनी ताकत रायगढ़ जिले के तमनार ग्राम की रहने वाली मधु साहू के लिए यह सफर आसान नहीं था। शारीरिक कठिनाइयों और प्रतिकूल परिस्थितियों के बीच उन्होंने कभी हार नहीं मानी। उनकी सफलता के पीछे तीन मुख्य स्तंभ रहे: नियमित अध्ययन: बिना किसी नागा के पढ़ाई को समय देना। अनुशासित दिनचर्या: समय प्रबंधन के साथ तैयारी करना। अडिग आत्मविश्वास: खुद पर भरोसा रखना कि वे यह कर सकती हैं। शासन का मिला साथ: ‘क्षितिज अपार संभावनाएं’ मधु की इस असाधारण उपलब्धि पर समाज कल्याण विभाग ने उन्हें प्रोत्साहित किया है। विभाग द्वारा संचालित “क्षितिज अपार संभावनाएं” सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना के तहत उन्हें 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि सीधे उनके बैंक खाते (DBT) में प्रदान की गई। “यह आर्थिक सहयोग केवल एक राशि नहीं है, बल्कि मेरे संघर्ष और मेहनत को मिली सरकारी पहचान और सम्मान है।” — सुश्री मधु साहू सफलता का श्रेय और संदेश भावुक होते हुए मधु ने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार, शिक्षकों, जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग को दिया। उन्होंने कहा कि शासन की इस मदद से उनका विश्वास और मजबूत हुआ है कि राज्य सरकार हर कदम पर दिव्यांग युवाओं के साथ खड़ी है। मधु साहू की यह कहानी छत्तीसगढ़ के हजारों युवाओं के लिए संदेश है कि जब कड़ी मेहनत और संवेदनशील सरकारी नीतियों का मेल होता है, तो हर ‘असंभव’ लक्ष्य ‘संभव’ हो जाता है।

CBSE बोर्ड का बड़ा फैसला: अब डिजिटल होगी 12वीं की कॉपियों की जांच, ‘ऑन स्क्रीन मार्किंग’ सिस्टम लागू

  रायपुर: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने अपनी मूल्यांकन प्रक्रिया को हाई-टेक बनाते हुए कक्षा 12वीं की परीक्षाओं के लिए On Screen Marking System (OSMS) अपनाने का निर्णय लिया है। अब शिक्षकों को हाथ में पेन लेकर नहीं, बल्कि कंप्यूटर स्क्रीन पर कॉपियां जांचनी होंगी। कैसे काम करेगा नया सिस्टम? डिजिटल स्कैनिंग: छात्रों की फिजिकल उत्तरपुस्तिकाओं को हाई-क्वालिटी में स्कैन कर सुरक्षित डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपलोड किया जाएगा। कंप्यूटर पर मार्किंग: परीक्षक लैपटॉप या कंप्यूटर की स्क्रीन पर कॉपियां देखकर वहीं अंक दर्ज करेंगे। मार्किंग स्कीम: जांच पूरी तरह से बोर्ड द्वारा निर्धारित सॉफ्टवेयर आधारित मार्किंग स्कीम पर आधारित होगी। छात्रों और बोर्ड को होने वाले बड़े फायदे त्रुटिहीन परिणाम: डिजिटल सिस्टम से अंकों की गिनती में होने वाली मानवीय भूल (Human Error) की संभावना खत्म हो जाएगी। जल्द आएंगे नतीजे: कॉपियों को एक शहर से दूसरे शहर भेजने का समय बचेगा, जिससे रिजल्ट जल्दी घोषित हो सकेंगे। पारदर्शिता: हर कॉपी का डिजिटल रिकॉर्ड रहेगा, जिससे पुनर्मूल्यांकन (Revaluation) और क्रॉस-चेकिंग की प्रक्रिया और भी सटीक और आसान हो जाएगी। स्टेप मार्किंग का लाभ: सॉफ्टवेयर यह सुनिश्चित करेगा कि छात्र को उसके द्वारा लिखे गए सही स्टेप्स और लॉजिक के पूरे अंक मिलें। भविष्य की योजना CBSE ने संकेत दिए हैं कि यदि 12वीं कक्षा में यह प्रयोग सफल रहता है, तो आगामी सत्रों में कक्षा 10वीं की कॉपियों की जांच भी इसी आधुनिक ‘ऑन स्क्रीन’ तरीके से की जाएगी।  

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