डीएसपी कल्पना वर्मा बनाम दीपक टंडन मामला निर्णायक मोड़ पर, जाँच रिपोर्ट जल्द आईजी रायपुर रेंज को
रायपुर। छत्तीसगढ़ में चर्चित डीएसपी कल्पना वर्मा और कारोबारी दीपक टंडन से जुड़ा विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। वर्ष 2025 के अंतिम महीनों में सामने आया यह मामला अब 2026 की शुरुआत में निर्णायक मोड़ की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। सूत्रों के अनुसार, प्रकरण की जाँच लगभग पूरी हो चुकी है और शीघ्र ही इसकी विस्तृत रिपोर्ट रायपुर रेंज के आईजी को सौंपे जाने की संभावना है। जाँच से जुड़े सूत्र बताते हैं कि डीएसपी कल्पना वर्मा अपने पक्ष को मजबूत करने के लिए लगातार बयान दर्ज करा रही हैं, जबकि दूसरी ओर कारोबारी दीपक टंडन ने अपनी आय-व्यय और लेन-देन से संबंधित विस्तृत वित्तीय दस्तावेज जाँच एजेंसियों को सौंप दिए हैं। इनमें बैंक खातों, डिजिटल भुगतान, आभूषणों की खरीद-फरोख्त और कारोबारी लिमिट से जुड़े रिकॉर्ड शामिल हैं। मामले में यह तथ्य भी सामने आया है कि डीएसपी द्वारा लगाए गए 75 लाख रुपये के कथित लेन-देन के आरोपों को लेकर उनके बयान समय-समय पर बदलते रहे हैं। वहीं, उनके पिता के सेवानिवृत्ति लाभ से जुड़ी राशि के दावों को लेकर भी जाँच में ठोस प्रमाण नहीं मिल पाए हैं। सूत्रों का कहना है कि दंतेवाड़ा पुलिस ने डीएसपी की कार्यप्रणाली की अलग से जाँच शुरू की है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हुई है। जाँच के दौरान यह भी उजागर हुआ है कि दीपक टंडन ने विभिन्न बैंकों से प्राप्त कारोबारी लिमिट का उपयोग किया था और शहर के कई आभूषण व्यापारियों के खातों में बड़ी राशि का भुगतान दर्ज है। टंडन की ओर से करीब 2 करोड़ 28 लाख रुपये से जुड़े लेन-देन, डिजिटल ट्रांजेक्शन और आभूषणों का पूरा विवरण पुलिस को सौंपा गया है। इसके अलावा डीएसपी के खाते में एक लाख रुपये से अधिक की डिजिटल ट्रांसफर राशि की जानकारी भी जाँच का हिस्सा है। सूत्रों का दावा है कि इस पूरे मामले में जुटाए गए दस्तावेजी और डिजिटल सबूतों का भार लगभग 30 किलो तक पहुंच गया है। निष्पक्ष जाँच सुनिश्चित करने के लिए आईजी रायपुर रेंज ने कड़े निर्देश जारी किए हैं और दोनों पक्षों के हर पहलू की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। गौरतलब है कि दीपक टंडन और उनकी पत्नी ने पूर्व में पंडरी और खम्हारडीह थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन शुरुआती स्तर पर कार्रवाई नहीं होने के आरोप भी लगे थे। मामला मीडिया में आने के बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर जाँच रायपुर पुलिस को सौंपी गई, जो बीते चार महीनों से लगातार जारी है। दीपक टंडन ने बयान में कहा है कि उन्होंने जाँच एजेंसियों को सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध करा दिए हैं और अब निष्पक्ष निर्णय पुलिस एवं वरिष्ठ अधिकारियों पर निर्भर करता है। वहीं, पुलिस महकमे में यह चर्चा भी है कि इस प्रकरण से जुड़े अन्य शिकायतकर्ता भविष्य में सामने आ सकते हैं। डीएसपी कल्पना वर्मा बनाम दीपक टंडन का यह मामला अब केवल व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित न रहकर पुलिस तंत्र की कार्यप्रणाली और निष्पक्षता की बड़ी परीक्षा बन गया है। जाँच रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह प्रकरण किस दिशा में आगे बढ़ता है।
युवाओं की रचनात्मक पहल से तिमेड पुल बना आकर्षण का केंद्र
✍️ भागीरथी यादव LED रोशनी ने बदली पहचान, रात में पेश करता है मनमोहक दृश्य बीजापुर। बीजापुर–भोपालपटनम मार्ग पर स्थित तिमेड पुल अब केवल आवागमन का साधन नहीं रह गया है, बल्कि युवाओं की सकारात्मक सोच और सामूहिक प्रयास का जीवंत उदाहरण बनकर उभर रहा है। क्षेत्र के जागरूक युवाओं ने अपनी पहल पर आपस में धनराशि एकत्र कर पुल पर लगे स्ट्रीट लाइट के खंभों में LED स्ट्रिप लाइट लगवाने का कार्य प्रारंभ किया है। LED रोशनी से सजे खंभों ने पुल के स्वरूप को पूरी तरह बदल दिया है। जहां पहले यह पुल एक साधारण संरचना के रूप में देखा जाता था, वहीं अब रात्रि के समय यह एक आकर्षक और मनोहारी दृश्य प्रस्तुत कर रहा है। चमकती रोशनियों से सजा पुल राहगीरों को स्वतः ही अपनी ओर आकर्षित कर रहा है और क्षेत्र को एक नई पहचान दे रहा है। इस पहल की सबसे खास बात यह है कि यह कार्य बिना किसी सरकारी या औपचारिक व्यवस्था के, केवल युवाओं के आपसी सहयोग, संकल्प और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना से संभव हुआ है। युवाओं की यह पहल यह दर्शाती है कि जब सोच सकारात्मक हो और दृष्टिकोण रचनात्मक, तो छोटे प्रयास भी बड़े और स्थायी बदलाव ला सकते हैं। तिमेड पुल पर हो रहा यह सौंदर्यीकरण न केवल क्षेत्र की सुंदरता बढ़ा रहा है, बल्कि यह भी संदेश दे रहा है कि आज का युवा वर्ग अपने आसपास की सार्वजनिक संपत्तियों को संवारने और समाज के लिए कुछ करने को तत्पर है। यह पहल अन्य क्षेत्रों के युवाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत बनती जा रही है।
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: चैतन्य बघेल को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, दो मामलों में मिली जमानत
✍️ भागीरथी यादव बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को बड़ी कानूनी राहत मिली है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने चैतन्य बघेल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) और ACB/EOW द्वारा दर्ज दोनों मामलों में जमानत दे दी है। यह फैसला हाईकोर्ट के जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की सिंगल बेंच ने सुनाया। कोर्ट ने 19 दिसंबर 2025 को इस मामले में फैसला सुरक्षित रखा था, जिसे अब सुनाया गया है। कितने मामलों में मिली जमानत? हाईकोर्ट ने चैतन्य बघेल को दो अलग-अलग मामलों में जमानत दी है— ईडी द्वारा दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग का मामला छत्तीसगढ़ ACB/EOW द्वारा दर्ज भ्रष्टाचार का मामला इन दोनों मामलों में चैतन्य बघेल को राहत मिलने के बाद उनकी करीब पांच महीने की न्यायिक हिरासत समाप्त होने का रास्ता साफ हो गया है। 18 जुलाई को हुई थी गिरफ्तारी प्रवर्तन निदेशालय ने 18 जुलाई 2025 को चैतन्य बघेल को दुर्ग-भिलाई से गिरफ्तार किया था। ईडी ने उन पर शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगाए थे। इसके बाद सितंबर 2025 में ACB/EOW ने भी उन्हें जेल में रहते हुए गिरफ्तार किया था। भूपेश बघेल का बयान: ‘सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं’ जमानत के फैसले के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा— “मैं शुरू से कहता आ रहा हूं कि हमें ईडी, ईओडब्ल्यू और सीबीआई के जरिए लगातार परेशान किया जा रहा है। आज फिर साबित हुआ कि सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं हो सकता।” उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पार्टी नेतृत्व का समर्थन के लिए आभार भी जताया। कांग्रेस का आरोप: राजनीतिक प्रतिशोध कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा— “हमें पूरा विश्वास था कि देर जरूर होगी, लेकिन न्याय मिलेगा। यह बड़ी कानूनी जीत है।” कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा और केंद्र सरकार विपक्षी नेताओं को डराने के लिए जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। कांग्रेस में जश्न, भाजपा पर हमला फैसले के बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई। भिलाई नगर विधायक और कांग्रेस प्रवक्ता देवेंद्र यादव ने कहा— “जो भी भाजपा और पूंजीवाद के खिलाफ आवाज उठाता है, उसे दबाने की कोशिश की जाती है। लेकिन सच आखिरकार सामने आता है।” ईडी का दावा: 3200 करोड़ का शराब घोटाला प्रवर्तन निदेशालय ने दावा किया है कि 2019 से 2022 के बीच छत्तीसगढ़ में करीब 3200 करोड़ रुपये का शराब घोटाला हुआ। ईडी के अनुसार— शराब सिंडिकेट के जरिए अवैध कमाई राज्य के खजाने को भारी नुकसान कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और कारोबारी आरोपी ईडी ने आरोप लगाया कि चैतन्य बघेल को करीब 20 करोड़ रुपये की अवैध रकम मिली। 29,800 पन्नों की चार्जशीट ईडी ने 26 दिसंबर 2025 को शराब घोटाले से जुड़ी 29,800 पेज की चार्जशीट अदालत में दाखिल की है। एजेंसी का दावा है कि चार्जशीट में मनी लॉन्ड्रिंग के पुख्ता सबूत शामिल हैं। सौम्या चौरसिया पर भी शिकंजा ईडी ने मुख्यमंत्री कार्यालय की पूर्व उपसचिव सौम्या चौरसिया को घोटाले की अहम कड़ी बताया है। उन्हें शराब घोटाले में मध्यस्थ की भूमिका में आरोपी बनाया गया है। 17 दिसंबर 2025 को उन्हें दोबारा गिरफ्तार किया गया और वे फिलहाल जेल में हैं।
रायगढ़ में कानून पर हमला: जिंदल कोयला खदान विरोध प्रदर्शन में महिला आरक्षक से बर्बरता, दो आरोपी गिरफ्तार
रायगढ़ (छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के तमनार ब्लॉक में जिंदल पावर लिमिटेड (JPL) की कोयला खदान के विरोध के दौरान कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली गंभीर घटना सामने आई है। प्रदर्शन के दौरान एक महिला आरक्षक के साथ बर्बरता, कपड़े फाड़ने और सामूहिक हिंसा के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। इस सनसनीखेज मामले में अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य की पहचान वीडियो फुटेज के आधार पर की जा रही है। पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि “इस घटना में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। सभी आरोपियों पर गंभीर धाराओं के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।” कैसे भड़की हिंसा? यह पूरा मामला 8 दिसंबर 2025 को धौराभाठा में आयोजित जनसुनवाई के विरोध से जुड़ा है। जिंदल के प्रस्तावित गारे पेलमा सेक्टर-1 कोल ब्लॉक से प्रभावित 14 गांवों के ग्रामीण 12 दिसंबर से धरने पर बैठे थे। 27 दिसंबर की सुबह लिबरा चौक पर सैकड़ों ग्रामीण एकत्र हुए और सड़क पर बैठकर मार्ग अवरुद्ध कर दिया। प्रशासन के समझाने के बाद भी स्थिति नियंत्रित नहीं हो सकी। दोपहर तक भीड़ करीब 1000 लोगों तक पहुंच गई। घरघोड़ा के एसडीएम, एसडीओपी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लगातार माइक से शांति की अपील करते रहे, लेकिन भीड़ बार-बार उग्र होती गई। ढाई बजे बिगड़े हालात, पुलिस पर हमला करीब दोपहर 2:30 बजे स्थिति अचानक हिंसक हो गई। भीड़ ने पुलिस बैरिकेड तोड़ दिए और पत्थर, डंडों व लाठियों से हमला शुरू कर दिया। तमनार थाना प्रभारी कमला पुसाम के साथ महिलाओं द्वारा मारपीट कई महिला व पुरुष पुलिसकर्मी घायल पुलिस बस, जीप और एम्बुलेंस को आग के हवाले किया अन्य सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। महिला आरक्षक से अमानवीय हरकत, वीडियो वायरल घटना के चार दिन बाद सामने आए एक वीडियो ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया। वीडियो में कुछ लोग महिला आरक्षक के कपड़े फाड़ते और उसके साथ अमानवीय व्यवहार करते नजर आ रहे हैं। इसी वीडियो के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। जिंदल प्लांट पर हमला, करोड़ों की संपत्ति को नुकसान हिंसक भीड़ यहीं नहीं रुकी। इसके बाद उपद्रवी जिंदल के कोल हैंडलिंग प्लांट की ओर बढ़े— कन्वेयर बेल्ट को आग लगाई दो ट्रैक्टर व अन्य वाहनों को जलाया प्लांट कार्यालय में तोड़फोड़ इस हिंसा से सरकारी और निजी संपत्ति को भारी नुकसान हुआ है। हिंसा के बाद बड़ा फैसला घटना के बाद जिंदल प्रबंधन ने बड़ा कदम उठाते हुए प्रस्तावित गारे पेलमा सेक्टर-1 कोल ब्लॉक की जनसुनवाई नहीं कराने का निर्णय लिया है। सख्त संदेश: कानून हाथ में लेने वालों पर कड़ी कार्रवाई तय जिला प्रशासन और पुलिस ने साफ कर दिया है कि विरोध के नाम पर हिंसा, महिला पुलिसकर्मियों से बर्बरता और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को कानून के तहत कठोर सजा दी जाएगी। यह सिर्फ प्रदर्शन नहीं, बल्कि कानून और व्यवस्था पर सीधा हमला था — और इसका जवाब भी उसी सख्ती से दिया जाएगा।
जीपीएम जिले को मिला नया पुलिस अधीक्षक
✍️ भागीरथी यादव 2014 बैच के IPS मनोज कुमार खिलारी बने SP कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने की बड़ी जिम्मेदारी गौरेला–पेंड्रा–मरवाही, राज्य सरकार ने गौरेला–पेंड्रा–मरवाही (GPM) जिले के पुलिस नेतृत्व में बड़ा प्रशासनिक बदलाव करते हुए 2014 बैच के भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी मनोज कुमार खिलारी को जिले का नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया है। इस संबंध में आदेश देर रात जारी किया गया। नव नियुक्त एसपी मनोज कुमार खिलारी इससे पूर्व दूसरी वाहिनी, बिलासपुर में कमांडेंट के पद पर पदस्थ थे, जहां उन्होंने अनुशासन, प्रशासनिक दक्षता और प्रभावी पुलिसिंग का परिचय दिया। उनके अनुभव को देखते हुए शासन ने उन्हें जीपीएम जैसे संवेदनशील और भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण जिले की कमान सौंपी है। उल्लेखनीय है कि 31 दिसंबर को जिले के पूर्व पुलिस अधीक्षक के सेवानिवृत्त होने के बाद यह पद रिक्त चल रहा था। अब नए एसपी की नियुक्ति से जिले में कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और पुलिस प्रशासन को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। सरकारी आदेश जारी होते ही पुलिस विभाग में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि नव नियुक्त एसपी शीघ्र ही जिले में पदभार ग्रहण करेंगे, जिसके बाद जिले की पुलिसिंग रणनीति और प्राथमिकताओं को लेकर नई कार्ययोजना सामने आ सकती है। जिलेवासियों को उम्मीद है कि नए एसपी के नेतृत्व में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के साथ-साथ जन-संवाद और विश्वास आधारित पुलिसिंग को भी मजबूती मिलेगी।
लोकसदन की खबर का बड़ा असर, एसपी की सख्त कार्रवाई
कोरबा। लोकसदन में समाचार प्रकाशित होते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को समझते हुए ईमानदार और सख्त छवि वाले पुलिस अधीक्षक, कोरबा ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बड़ा फैसला लिया। सिविल लाइन जैसे अत्यंत संवेदनशील थाना में पदस्थ थाना प्रभारी प्रमोद दंसेना को तत्काल प्रभाव से हटाकर हार्दीबाजार थाना भेज दिया गया है। यह कार्रवाई पुलिस विभाग में अनुशासन और पारदर्शिता बनाए रखने की दिशा में एक मजबूत संदेश मानी जा रही है। एसपी कोरबा ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि कोयला दलाली, अवैध गतिविधियों या किसी भी प्रकार की अनैतिक संलिप्तता को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कोई भी पुलिसकर्मी वर्दी की गरिमा को ठेस पहुंचाता पाया गया, तो उसके विरुद्ध कड़ी विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस सख्त कदम से साफ है कि कोरबा पुलिस अब “जीरो टॉलरेंस” नीति पर काम कर रही है और लोकसदन में उठाई गई आवाज़ ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि सशक्त पत्रकारिता का असर जमीन पर दिखाई देता है।
आजीविका डबरी बनी ग्रामीण समृद्धि की रीढ़
नरेगा से सिंचाई, मत्स्य पालन और आय—बीजापुर के किसानों को मिला संबल बीजापुर। ग्रामीण आजीविका को मजबूती देने की दिशा में महात्मा गांधी नरेगा योजना के अंतर्गत निर्मित आजीविका डबरियां बीजापुर जिले में किसानों के लिए वरदान साबित हो रही हैं। जिला प्रशासन की पहल पर जिले में लगभग 1000 आजीविका डबरियों के निर्माण का लक्ष्य तय किया गया है, जिनमें से वर्ष 2025–26 में अब तक 9 करोड़ 75 लाख रुपये की लागत से 431 डबरियां स्वीकृत की जा चुकी हैं। इन डबरियों से जहाँ एक ओर सिंचाई सुविधाओं का विस्तार हुआ है, वहीं दूसरी ओर जल संरक्षण और भू-जल पुनर्भरण को भी नई गति मिली है। किसान अब पारंपरिक खेती के साथ-साथ मत्स्य पालन, बागवानी और बहु-आजीविका गतिविधियों से अतिरिक्त आमदनी अर्जित कर रहे हैं। मेहनत की मिसाल बने रैनधर राणा ग्राम पंचायत गंगालूर के किसान श्री रैनधर राणा ने आजीविका डबरी का सफल उपयोग कर आत्मनिर्भरता की प्रेरक कहानी लिखी है। उन्होंने डबरी में मत्स्य पालन कर लगभग 50 हजार रुपये की अतिरिक्त आय अर्जित की। साथ ही एक एकड़ भूमि में आम और अमरूद सहित 25 मिश्रित फलदार पौधों का रोपण कर दीर्घकालिक आमदनी की दिशा भी तय की है। तकनीकी मार्गदर्शन से बदली किस्मत तकनीकी सहायक श्री तोरण लाल उर्वशा ने बताया कि श्री रैनधर राणा की आजीविका डबरी का निर्माण वर्ष 2021–22 में 1 लाख 60 हजार रुपये की लागत से कराया गया था। डबरी का आकार 20×20 मीटर और गहराई 2.5 मीटर रखी गई थी, जो वर्तमान में उनकी आय वृद्धि का प्रमुख आधार बन चुकी है। वर्तमान में आजीविका और मत्स्य पालन की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 3 मीटर गहराई की डबरियों का निर्माण किया जा रहा है। रोजगार भी, जल भी—दोहरा लाभ रोजगार सहायक श्री प्रताप सेमल ने जानकारी दी कि इस एक डबरी निर्माण से ही लगभग 800 मानव दिवस का रोजगार सृजित हुआ। नरेगा के तहत निर्मित ये डबरियां न केवल किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही हैं, बल्कि स्थायी कृषि, जल संरक्षण और ग्रामीण रोजगार को भी मजबूती प्रदान कर रही हैं। ग्रामीण विकास की मजबूत नींव आजीविका डबरी आज बीजापुर जिले में ग्रामीण विकास, आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण का मजबूत आधार बन चुकी है। यह योजना छोटे किसानों के लिए केवल पानी का स्रोत नहीं, बल्कि समृद्ध भविष्य की नई राह बनकर उभर रही है।
नववर्ष पर आबकारी विभाग का बड़ा प्रहार, सक्ती में अवैध महुआ शराब फैक्ट्री ध्वस्त
✍️ भागीरथी यादव सक्ती। नववर्ष के मौके पर अवैध शराब के खिलाफ आबकारी विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। 31 दिसंबर को आबकारी वृत्त सक्ती की संयुक्त टीम ने ग्राम जुड़गा में संचालित एक अवैध महुआ शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़ कर दिया। यह कार्रवाई सहायक जिला आबकारी अधिकारी आशीष उप्पल को मिली पुख्ता मुखबिर सूचना के आधार पर की गई। सूचना के अनुसार, नववर्ष के अवसर पर ग्राम जुड़गा के नाले किनारे चोरी-छिपे महुआ शराब का बड़े पैमाने पर निर्माण किया जा रहा था। सूचना मिलते ही आबकारी विभाग ने तत्काल टीम गठित कर मौके पर दबिश दी। दबिश के दौरान मचा हड़कंप, आरोपी फरार आबकारी टीम को देखते ही मौके पर मौजूद कुछ संदिग्ध अंधेरे और झाड़ियों का फायदा उठाकर फरार हो गए। हालांकि टीम ने मौके से शराब निर्माण में लगी पांच चालू भट्टियों को नष्ट किया। 115 लीटर तैयार शराब जब्त, सैकड़ों लीटर बनने से रोकी गई कार्रवाई के दौरान झाड़ियों में छुपाकर रखी गई लगभग 115 लीटर अवैध महुआ शराब जब्त की गई। इसके साथ ही 20 बोरियों में भरा करीब 500 किलोग्राम महुआ लाहन मौके पर सैंपल लेकर नष्ट किया गया। अधिकारियों के अनुसार, इस लाहन से सैकड़ों लीटर अवैध शराब तैयार की जा सकती थी, जिसे समय रहते रोक दिया गया। जंगल और नालों में छिप रहे शराब माफिया आबकारी विभाग ने बताया कि लगातार सख्त कार्रवाई के चलते अब शराब माफिया घरों के बजाय दूर-दराज के नालों और जंगलों में फैक्ट्रियां संचालित कर रहे हैं। विभाग ने साफ किया है कि अवैध शराब के खिलाफ अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा और माफियाओं को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। नववर्ष पर की गई यह कार्रवाई आबकारी विभाग की सख्ती और सतत निगरानी का स्पष्ट संदेश है।
उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में तेंदुआ जाल में फंसा, दो आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में भेजे गए
🙏 भागीरथी यादव मैनपुर। उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व अंतर्गत वन्य प्राणियों की सुरक्षा को लेकर वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। गरियाबंद वन परिक्षेत्र के तौरेंगा बफर क्षेत्र अंतर्गत परिसर कोकड़ी के राजस्व क्षेत्र में एक नर तेंदुआ अवैध जाल-फंदे में फंसा हुआ घायल अवस्था में पाया गया, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। घटना 25 दिसंबर 2025 की है, जब वन अमले को सूचना मिली कि टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र में एक वन्य प्राणी गंभीर रूप से घायल है। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने देखा कि एक नर तेंदुआ अवैध रूप से लगाए गए जाल-फंदे में फंसा हुआ है। तत्काल रेस्क्यू कर तेंदुए को सुरक्षित बाहर निकालते हुए उपचार हेतु भेजा गया। इस गंभीर वन्य अपराध के संबंध में वन अपराध प्रकरण (POR) क्रमांक 170/24, दिनांक 25/12/2025 दर्ज कर आरोपियों की पहचान व तलाश शुरू की गई। जांच के दौरान अवैध शिकार में संलिप्त दो आरोपियों को चिन्हित कर 31 दिसंबर 2025 को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में (1) सोना सिंह मंडावी, पिता अयतु राम मंडावी, जाति गोड, उम्र 34 वर्ष (2) अयतु राम मंडावी, पिता बुधराम मंडावी, जाति गोड, उम्र 65 वर्ष निवासी ग्राम नगबेल (टांगरापानी), थाना शोभा, तहसील मैनपुर, जिला गरियाबंद (छत्तीसगढ़) शामिल हैं। दोनों आरोपियों को माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी न्यायालय, गरियाबंद के समक्ष रिमांड पर प्रस्तुत किया गया, जहां से न्यायालय के आदेशानुसार उन्हें जिला जेल गरियाबंद में दाखिल कराया गया है। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत इस तरह के अपराधों में कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही टाइगर रिजर्व एवं आसपास के क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। वन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी अवैध शिकार, जाल-फंदा या संदिग्ध गतिविधि नजर आए तो तत्काल वन विभाग या प्रशासन को सूचित करें।
**नववर्ष 2026 की हार्दिक शुभकामनाएं
✍️ भागीरथी यादव लोग सदन दैनिक समाचार परिवार की ओर से** नया साल, नई उम्मीदें और नई शुरुआत। पुराने वर्ष की यादों को संजोए और नए वर्ष के सपनों को संवारते हुए हम सभी एक नए सफर की ओर बढ़ रहे हैं। नववर्ष 2026 आप सभी के जीवन में सुख, शांति, स्वास्थ्य, समृद्धि और सफलता लेकर आए—इसी मंगलकामना के साथ लोग सदन दैनिक समाचार परिवार आप सभी पाठकों, शुभचिंतकों और सहयोगियों को नववर्ष की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित करता है। बीता वर्ष चुनौतियों के साथ-साथ अनुभवों से भरपूर रहा। इस दौरान आप सभी का स्नेह, विश्वास और सहयोग ही हमारी सबसे बड़ी ताकत रहा है। लोग सदन दैनिक समाचार सदैव आपकी आवाज़ बनकर, सच्ची, निष्पक्ष और जनहितकारी पत्रकारिता के अपने संकल्प पर अडिग रहा है और आगे भी रहेगा। नया साल नई ऊर्जा, नए विचार और नई संभावनाओं का प्रतीक है। आइए, हम सब मिलकर एक बेहतर समाज, सशक्त लोकतंत्र और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें। आपका हर दिन खुशियों से भरा हो, हर सपना साकार हो और हर कदम सफलता की ओर बढ़े—यही हमारी कामना है। नववर्ष 2026 की एक बार फिर ढेरों शुभकामनाएं। — लोग सदन दैनिक समाचार परिवार
















