दर्री सीएसईबी प्लांट में शॉर्ट सर्किट की घटना, युवक गंभीर रूप से झुलसा अयोध्यापुरी निवासी सुरेंद्र साहू रायपुर रेफर
दर्री, 7 अगस्त 2025 – दर्री सीएसईबी प्लांट के स्विच गियर रूम के पास आज सुबह लगभग 10:30 बजे एक शॉर्ट सर्किट की घटना घटी, जिसमें एक युवक गंभीर रूप से झुलस गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शॉर्ट सर्किट की चपेट में आने से युवक के हाथ और चेहरा जल गया। घायल युवक की पहचान अयोध्यापुरी निवासी सुरेंद्र साहू के रूप में हुई है। घटना के तुरंत बाद सुरेंद्र को प्राथमिक उपचार के लिए सीएसईबी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे रायपुर के कालरा अस्पताल रेफर कर दिया गया है। फिलहाल सुरेंद्र की हालत चिंताजनक बताई जा रही है। घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
भैरमगढ़ को मिला 100 बिस्तरों वाला अस्पताल, जांगला का आयुष्मान केंद्र बनेगा मॉडल हेल्थ सेंटर।
बीजापुर – छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अपने बीजापुर जिले के दौरे के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं और योजनाओं की जमीनी प्रगति का जायज़ा लिया। उन्होंने भैरमगढ़ स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को 100 बिस्तरों की सुविधा दिए जाने की औपचारिक घोषणा करते हुए कहा कि यह क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ी सौगात है और इससे सुदूर ग्रामीणों को बेहतर इलाज मिल सकेगा। मंत्री जायसवाल के साथ इस निरीक्षण दौरे में सीजीएमएससी चेयरमैन दीपक महस्के, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, स्वास्थ्य आयुक्त प्रियंका शुक्ला, कलेक्टर संबित मिश्रा, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव, जिला पंचायत की सीईओ नम्रता चौबे सहित जिले के अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक व स्वास्थ्य अधिकारी भी मौजूद रहे। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिए कि इलाज की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए, और हर मरीज को समय पर, सटीक और सुलभ इलाज मिले, यह सुनिश्चित किया जाए। भैरमगढ़ स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान, मंत्री ने “निक्षय मित्र योजना” के अंतर्गत टीबी से पीड़ित मरीजों को पोषणयुक्त फूड बास्केट प्रदान की। उन्होंने मरीजों से संवाद करते हुए उन्हें दवाएं नियमित रूप से लेने और इलाज बीच में न छोड़ने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की यह प्राथमिकता है कि टीबी जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित किसी भी मरीज को पोषण की कमी न झेलनी पड़े और इलाज के दौरान उन्हें हरसंभव सहयोग मिले। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बीजापुर के जांगला से शुरू की गई आयुष्मान भारत योजना को गरीबों और आदिवासियों के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि यह योजना अब देश के कोने-कोने में स्वास्थ्य सुरक्षा की गारंटी बन चुकी है। उन्होंने जांगला के आयुष्मान आरोग्य मंदिर का भी निरीक्षण किया और वहां की व्यवस्थाओं को देखते हुए उसे “मॉडल हेल्थ सेंटर” के रूप में विकसित करने की घोषणा की। उन्होंने निर्देश दिए कि इसके भवन की मरम्मत जल्द से जल्द कराई जाए और यहां सभी मूलभूत सुविधाएं सुलभ हों। स्वास्थ्य मंत्री ने जांगला में “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत वृक्षारोपण भी किया, जो पर्यावरण और पारिवारिक मूल्यों को जोड़ने वाली अभिनव पहल है। इसके साथ ही उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों को “आयुष्मान वय वंदना कार्ड” भी वितरित किए, जिससे बुजुर्गों को मुफ्त और सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके।
दर्री सीएसईबी प्लांट में शॉर्ट सर्किट की घटना, युवक गंभीर रूप से झुलसा अयोध्यापुरी निवासी सुरेंद्र साहू रायपुर रेफर
Lakosadan .भागीरथी यादव। दर्री, 7 अगस्त 2025 – दर्री सीएसईबी प्लांट के स्विच गियर रूम के पास आज सुबह लगभग 10:30 बजे एक शॉर्ट सर्किट की घटना घटी, जिसमें एक युवक गंभीर रूप से झुलस गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शॉर्ट सर्किट की चपेट में आने से युवक के हाथ और चेहरा जल गया। घायल युवक की पहचान अयोध्यापुरी निवासी सुरेंद्र साहू के रूप में हुई है। घटना के तुरंत बाद सुरेंद्र को प्राथमिक उपचार के लिए सीएसईबी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे रायपुर के कालरा अस्पताल रेफर कर दिया गया है। फिलहाल सुरेंद्र की हालत चिंताजनक बताई जा रही है। घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
मलेरिया मुक्त बीजापुर अभियान को मिलेगी रफ्तार, मंत्री जायसवाल ने दिए सख्त निर्देश।
बीजापुर – छत्तीसगढ़ शासन के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा तथा बीस सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज अपने बीजापुर प्रवास के दौरान जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत परखने के उद्देश्य से कई स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने सबसे पहले भैरमगढ़ स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जांगला का आयुष्मान आरोग्य मंदिर, और नैमेड़ स्थित बालिका पोटाकेबिन का निरीक्षण कर विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसके बाद जिला अस्पताल बीजापुर पहुंचकर वहां संचालित उमंग मातृ- शिशु संस्थान सहित विभिन्न वार्डों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने भर्ती मरीजों से स्वास्थ्य सेवाओं, भोजन, दवाई की उपलब्धता और अस्पताल स्टाफ के व्यवहार के संबंध में सीधा संवाद किया। निरीक्षण के उपरांत आयोजित समीक्षा बैठक में श्री जायसवाल ने जिले में मलेरिया के बढ़ते मामलों पर गंभीर चिंता जताई और कहा कि बीजापुर जैसे आदिवासी बहुल, सघन वन क्षेत्र वाले जिले में यदि मलेरिया को नियंत्रित नहीं किया गया तो यह जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर संकट बन सकता है। उन्होंने निर्देशित किया कि मलेरिया उन्मूलन के लिए केवल प्रचार-प्रसार से काम नहीं चलेगा, बल्कि घर-घर जाकर मलेरिया की स्क्रीनिंग, रक्त जांच, तथा धनात्मक (पॉजिटिव) पाए जाने वाले मरीजों को तत्काल पूर्ण उपचार मुहैया कराया जाना अनिवार्य है। मंत्री ने यह भी कहा कि इलाज अधूरा न रहे, यह सुनिश्चत करने के लिए स्वास्थ्य कर्मी मरीजों को दवा की पूरी खुराक दिलवाएं और उसका सेवन कराएं, ताकि बीमारी की पुनरावृत्ति की संभावना समाप्त हो। केवल मलेरिया ही नहीं, मंत्री ने जिले में गर्भवती महिलाओं, किशोरियों एवं बच्चों में बढ़ते कुपोषण और एनीमिया पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आवासीय विद्यालयों में बच्चों को नियमित रूप से अंडा और पोषणयुक्त भोजन उपलब्ध कराया जाए, तथा गर्भवती महिलाओं के लिए आयरन युक्त आहार एवं आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं नियमित रूप से दी जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि पोषण और स्वच्छता के क्षेत्र में जनजागरूकता बढ़ाने की जरूरत है, ताकि समुदाय स्वयं अपनी सेहत के प्रति सजग बन सके। स्वास्थ्य मंत्री ने बीजापुर जैसे दूर-दराज और दुर्गम इलाकों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने को राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में बताया और कहा कि एम्बुलेंस सेवाओं को इस उद्देश्य से और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि कई गांव और आदिवासी बस्तियां ऐसी हैं जहां चारपहिया एम्बुलेंस पहुंचना मुश्किल होता है, वहां के लिए बाइक एम्बुलेंस सेवा को दोबारा शुरू किया जाएगा, जिससे इमरजेंसी सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित हो सके। साथ ही उन्होंने सभी एम्बुलेंस वाहनों की मरम्मत, ईंधन आपूर्ति और ड्राइवरों की नियमित ड्यूटी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी घोषणा की कि बीजापुर में स्वास्थ्य अवसंरचना को और मजबूत करने के उद्देश्य से बजट में स्वीकृत नवीन 220 सीटर जिला अस्पताल तथा नर्सिंग कॉलेज का निर्माण शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। इसके लिए जमीन चयन की प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि जिले में प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की भारी कमी को दूर करने के लिए स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की भर्ती प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाएगी, ताकि सभी उपस्वास्थ्य केंद्रों, पीएचसी व सीएचसी में सेवाएं निर्बाध रूप से जारी रह सकें। इस व्यापक निरीक्षण और समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री के साथ स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, कलेक्टर श्री संबित मिश्रा, सीजीएमएससी के चेयरमैन श्री दीपक महस्के, जिला पंचायत की सीईओ श्रीमती नम्रता चौबे सहित जिले के वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी और विभिन्न विभागों के विशेषज्ञ उपस्थित रहे। मंत्री ने अधिकारियों को चेताया कि स्वास्थ्य जैसे विषय में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नेशनल-हाईवे पार करते दिखा 46 हाथियों का झुंड, VIDEO:कोरबा के 85 गांव में लगा सायरन
कोरबा जिले में बंजारी गांव के पास नेशनल हाईवे-130 पर हाथियों का झुंड सड़क पार करता नजर आया। इसका वीडियो भी सामने आया है, जो बुधवार (6 अगस्त) की शाम का है। वीडियो में 46 हाथी एक साथ नजर आ रहे है, इनमें बेबी ऐलीफेंट भी शामिल है। मामला कटघोरा वन मंडल क्षेत्र का है। जब हाथियों का झुंड रोड क्रॉस कर रहा था तब सड़क के दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतार लग गई और यातायात कुछ समय के लिए रुक गया। इस झुंड को देखने के लिए लोगों की भीड़ भी जमा हो गई थी। वहीं वन विभाग ऐप के जरिए हाथियों की निगरानी कर रहा। सायरन सिस्टम से गांव वालों को अलर्ट किया जा रहा।
युवती से रेप, प्राइवेट पार्ट में बोतल डालकर की गई निर्मम हत्या
दंतेवाड़ा जिले के कुआकोंडा थाना क्षेत्र में मानवता को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। 45 वर्षीय युवती से रेप कर एक युवक ने उसके प्राइवेट पार्ट में शराब की बोतल मार दी, जिससे गंभीर चोट के कारण उसकी मौत हो गई। वारदात के बाद युवती रातभर बारिश में घायल अवस्था में पड़ी रही। आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप: पुलिस कार्रवाई को आरोपी ने बताया दुर्भावनापूर्ण, हाईकोर्ट में दायर की याचिका यह दिल दहला देने वाली घटना 25 जुलाई को पालनार गांव में हुई, जहां बाजार आया हुआ आरोपी भीमा राम मरकाम (विवाहित) ने नशे की हालत में युवती के साथ दुष्कर्म किया। जब युवती ने विरोध किया तो उसके साथ क्रूरतापूर्वक मारपीट की और शराब की बोतल से हमला कर दिया। घटना के अगले दिन सुबह ग्रामीण महिलाओं को युवती का नग्न अवस्था में शव मिला, जिसकी सूचना पुलिस को दी गई। ASP आरके बर्मन के अनुसार, जांच के दौरान पता चला कि आरोपी घटना से पहले युवती के घर गया था और उसके बारे में पूछताछ कर रहा था। पुलिस ने संदेह के आधार पर भीमा राम को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
पुलिस लाइन में नवआरक्षक ने किया सुसाइड:किचन में नायलॉन की रस्सी से लटका मिला शव
दुर्ग जिले में एक नवआरक्षक ने अपने घर में फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। सुरेंद्र साहू (35) अनुकंपा नियुक्ति पर आरक्षक के पद पर कार्यरत थे और न्यू पुलिस लाइन ड्यूटी पर तैनात थे। बुधवार (6 अगस्त) की शाम उनकी लाश किचन के पंखे पर नायलॉन की रस्सी से लटकती मिली। मामला पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र का है। परिवार के सदस्यों ने बताया कि सुरेंद्र दोपहर 2 बजे अपनी पत्नी को राखी के लिए मायके छोड़कर आए थे। उन्होंने पत्नी को 4 बजे फोन करके लेने आने की बात कही थी। जांच में ये भी सामने आया है कि आत्महत्या से पहले सुरेंद्र ने नई नायलॉन रस्सी खरीदी और घर आकर उसी से फांसी का फंदा बनाया। जब शाम 4 बजे पत्नी ने फोन किया तो कोई जवाब नहीं मिला। चिंतित होकर जब वह घर पहुंची तो देखा कि पति किचन में फांसी पर लटके हुए हैं।
मानसिक रूप से अस्वस्थ युवती से दुष्कर्म के बाद हत्या:रायगढ़ में कोर्ट ने आरोपी को सुनाई उम्रकैद की सजा
रायगढ़।’ छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में मानसिक रूप से अस्वस्थ युवती से मारपीट कर दुष्कर्म किया। जिससे बाद उसकी मौत हो गई। अब घरघोड़ा न्यायालय के अपर सत्र न्यायाधीश अभिषेक शर्मा ने आरोपी आशीष कुमार डनसेना को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अभियोजन के अनुसार, 8 अप्रैल 2022 की रात मानसिक रूप से अस्वस्थ पीड़िता अपने गांव में आयोजित एक शादी समारोह में शामिल होने गई थी। रात करीब 11 बजे वह एक परछी में बैठी थी, तभी गांव का ही रहने वाला आशीष डनसेना वहां पहुंचा। आरोपी ने पीड़िता से गाली-गलौज करते हुए हाथ-मुक्कों से मारपीट की। जिससे उसके चेहरे, सिर और कोहनी पर गंभीर चोटें आईं।
CG Crime : शराब के नशे में हुआ विवाद, युवक ने डंडे से पीट-पीट कर कोटवार को उतारा मौत के घाट
कवर्धा। बोड़ला थाना क्षेत्र में देर रात शराब के नशे में विवाद के दौरान युवक ने कोटवार नरेंद्र मानिकपुरी की डंडे से पीट-पीटकर हत्या कर दी। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और और शव को पोस्टमार्टम के लिए मर्च्युरी भेजा। वहीं आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। पूरा मामला ग्राम पंचायत भीरा के आश्रित ग्राम मांदीभाटा का है। जानकारी के मुताबिक, कोटवार नरेंद्र मानिकपुरी का आरोपी चैन सिंह से किसी बात को लेकर विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि चैन सिंह ने आवेश में आकर डंडे से हमला कर दिया, जिससे कोटवार गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों ने घायल कोटवार को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक नरेंद्र मानिकपुरी नगर पंचायत बोड़ला के निवासी थे, जो ग्राम पंचायत भीरा के कोटवार थे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए मर्च्युरी भेजा। बोड़ला पुलिस ने मामले में तत्परता दिखाते हुए ग्राम मांदीभाटा निवासी आरोपी चैन सिंह को हिरासत में लिया है और उससे पूछताछ कर रही है। पुलिस का कहना है कि घटना शराब के नशे और आपसी कहासुनी के चलते हुई। बोड़ला थाना प्रभारी ने बताया, घटना की जांच की जा रही है। आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बांधाखार खतरनाक मोड़ पर फिर हादसा, क्षेत्रवासी चिंतित – प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग
बांधाखार, नाउमुड़ा (पाली) । 07अगस्त (गुरुवार) तिवरता पेट्रोल पंप के समीप मुख्य मार्ग पर स्थित खतरनाक मोड़ एक बार फिर दुर्घटना का कारण बना। मूंगाडीह निवासी वीरेंद्र कुमार (पिता – दिलीप कुमार, उम्र 25 वर्ष), जो खाद्य सामग्री की आपूर्ति हेतु गांव-गांव अपनी पिकअप वाहन से जाते हैं, गुरुवार सुबह उसी मोड़ के समीप दुर्घटनाग्रस्त हो गए। वाहन असंतुलित होकर सड़क किनारे स्थित नालेनुमा गड्ढे में जा गिरा। सौभाग्यवश, इस हादसे में कोई जानमाल की हानि नहीं हुई, लेकिन यह स्थान पूर्व में भी कई गंभीर हादसों का गवाह बन चुका है, जिनमें कई लोगों की जानें जा चुकी हैं। लगातार हो रही दुर्घटनाओं से क्षेत्रवासियों में भय और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस मोड़ पर सुरक्षा के स्थायी उपायों की मांग कई बार प्रशासन से की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों ने चेताया कि यदि शीघ्र ही इस मार्ग पर उपयुक्त संकेत, बैरियर या सुधार कार्य नहीं किया गया तो बड़ा जनहानि का खतरा बना रहेगा। क्या किया जा सकता है: मोड़ पर चेतावनी संकेतक लगाए जाएं रात्रि में दृश्यता के लिए रिफ्लेक्टर अथवा लाइटिंग की व्यवस्था हो मोड़ की संरचना में सुधार कर उसे सुरक्षित बनाया जाए नाले या गड्ढे को ढंका या संरक्षित किया जाए इस मार्ग पर बार-बार हो रही घटनाएं प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन इस बार कितनी गंभीरता से संज्ञान लेता है।














