दिल्ली से चल रहा था 20 लाख की साइबर ठगी का खेल, बस्तर पुलिस ने फर्जी कॉल सेंटर पर मारा छापा
✍️ भागीरथी यादव जगदलपुर। साइबर ठगी के खिलाफ बस्तर पुलिस ने बड़ी और निर्णायक कार्रवाई करते हुए दिल्ली में संचालित एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। नगरनार थाना क्षेत्र में दर्ज 20 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने दिल्ली के जनकपुरी इलाके से पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, नगरनार निवासी कमलोचन कश्यप ने अप्रैल माह में थाना नगरनार में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनसे इंश्योरेंस प्रीमियम और पॉलिसी लाभ दिलाने के नाम पर अलग-अलग किश्तों में करीब 20 लाख रुपये की ठगी की गई। ठगों ने उन्हें इंश्योरेंस की मैच्योरिटी राशि मिलने का झांसा दिया था, लेकिन तय समय पर रकम नहीं मिलने पर पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ। शिकायत मिलते ही नगरनार थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने तकनीकी जांच शुरू की। बैंक ट्रांजैक्शन, मोबाइल नंबरों और डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल में ठगों की लोकेशन दिल्ली के आसपास मिलने की पुष्टि हुई। इसके बाद बस्तर पुलिस की टीम ने दिल्ली पहुंचकर जनकपुरी इलाके में स्थित एक कॉल सेंटर पर छापेमार कार्रवाई की। छापे के दौरान पुलिस ने कॉल सेंटर से कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में गिरोह का मुख्य सरगना ओमप्रकाश प्रभु शामिल है। इसके अलावा कॉल सेंटर में काम कर रही चार युवतियों को भी हिरासत में लिया गया है, जो पीड़ितों से फोन पर बात कर उन्हें निवेश और इंश्योरेंस लाभ का झांसा देती थीं। बस्तर पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से वायरलेस फोन, कई मोबाइल, लैपटॉप और महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं। बरामद दस्तावेजों से यह खुलासा हुआ है कि यह गिरोह केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि देश के कई राज्यों में साइबर ठगी को अंजाम दे चुका है। छत्तीसगढ़ के भी तीन-चार जिलों में इसी तरह की ठगी के प्रमाण मिले हैं। पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। प्रारंभिक जांच में इंश्योरेंस कंपनियों से जुड़े संभावित लिंक भी उजागर हुए हैं, जिनकी विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। एसपी शलभ सिन्हा ने स्पष्ट किया कि साइबर ठगी के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए लगातार कार्रवाई जारी रहेगी और जैसे-जैसे नए लिंक सामने आएंगे, उन पर भी सख्त कदम उठाए जाएंगे। बस्तर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि इंश्योरेंस, निवेश या मैच्योरिटी के नाम पर आने वाले किसी भी कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें और संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन में सूचना दें।
बिलासपुर में शातिर ठग महिला का नया तरीका, बर्तन बदलने के बहाने लाखों के जेवर लेकर फरार
✍️ भागीरथी यादव बिलासपुर। जिले में ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां बर्तन बदलने के नाम पर एक शातिर महिला ने घर की महिलाओं को अपने झांसे में लेकर सोने-चांदी के कीमती जेवर और बर्तन लेकर फरार हो गई। घटना के बाद पीड़ित परिवार में हड़कंप मच गया। पीड़ितों की शिकायत पर चकरभाठा थाना पुलिस ने अज्ञात महिला के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मिली जानकारी के अनुसार, चकरभाठा थाना क्षेत्र के परसदा माता चौरा निवासी ममता सूर्यवंशी 29 दिसंबर को दोपहर करीब 2 बजे अपने घर में मौजूद थीं। इसी दौरान एक अज्ञात महिला उनके घर पहुंची और पुराने बर्तनों के बदले नए बर्तन देने की पेशकश करने लगी। घर में उस वक्त ममता सूर्यवंशी के साथ उनकी जेठानी शुक्रवारा बाई सूर्यवंशी और मिलापा बाई सूर्यवंशी भी मौजूद थीं। आरोपी महिला ने खुद को बर्तन बदलने का काम करने वाली बताते हुए दावा किया कि वह सोने-चांदी के जेवरों की फोटो लेकर विदेश भेजती है, जहां उनकी डिजाइन तैयार होती है। उसने भरोसा दिलाया कि फोटो लेने के बाद सभी जेवर उसी दिन वापस कर दिए जाएंगे और बदले में ज्यादा पैसा भी दिया जाएगा। महिला की चिकनी-चुपड़ी बातों में आकर ममता सूर्यवंशी ने पुराने बर्तनों के साथ सोने की माला, चांदी का हाफ करधन, छल्ला, एक जोड़ी पायल, सोने का लॉकेट और टॉप्स सौंप दिए। वहीं जेठानी शुक्रवारा बाई ने पुराने बर्तन, चांदी की चेन और बिछिया दी, जबकि जेठानी मिलापा बाई ने सोने की माला और पायल ठग महिला को सौंप दी। आरोपी महिला ने कहा कि वह शाम करीब 4 बजे डिजाइन दिखाकर सभी का बर्तन बदलकर नया बर्तन और जेवर लौटा देगी। ज्यादा मुनाफा देने का लालच देकर वह सभी जेवर और बर्तन अपने साथ लेकर चली गई, लेकिन उसके बाद वापस नहीं लौटी। काफी देर इंतजार के बाद जब महिला का कोई पता नहीं चला, तब पीड़ितों को ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद पीड़ित परिवार ने चकरभाठा थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने ममता सूर्यवंशी की रिपोर्ट पर अज्ञात महिला के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय बर्तन बदलने वाली महिलाओं की जानकारी जुटाने के साथ-साथ सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि बर्तन बदलने या जेवर जांच के नाम पर घर में आने वाले अज्ञात लोगों से सतर्क रहें और किसी भी परिस्थिति में अपने कीमती सामान किसी अनजान व्यक्ति को न सौंपें।
नए साल से पहले बड़ा प्रशासनिक एक्शन, रायपुर पुलिस में 119 अफसरों का तबादला
✍️ भागीरथी यादव 3 थानों को मिले नए प्रभारी, मैदानी व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने की कवायद रायपुर। वर्ष के आखिरी दिन रायपुर जिला पुलिस महकमे में बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायपुर ने देर रात आदेश जारी कर मैदानी पदस्थापना में कार्यरत 119 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों का तबादला कर दिया। इस फैसले को जिले की कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। जारी तबादला सूची के अनुसार इस बड़े बदलाव में 4 थाना निरीक्षक, 18 उप निरीक्षक, 37 सहायक उप निरीक्षक सहित बड़ी संख्या में प्रधान आरक्षक और आरक्षक स्तर के अधिकारी शामिल हैं। इस व्यापक फेरबदल के चलते जिले के तीन प्रमुख थानों में नए थाना प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण की रणनीति पुलिस सूत्रों के अनुसार यह कदम लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ अधिकारियों को बदलकर मैदानी व्यवस्था में नई ऊर्जा और कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से उठाया गया है। नए पदस्थापन के साथ अपराध नियंत्रण, पेट्रोलिंग और शिकायत निवारण प्रणाली को और प्रभावी बनाए जाने की उम्मीद जताई जा रही है। कानून-व्यवस्था पर रहेगा सीधा असर अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के प्रशासनिक बदलाव से न सिर्फ थानों की कार्यसंस्कृति में सुधार होगा, बल्कि आम नागरिकों के बीच पुलिस की सक्रियता और भरोसा भी बढ़ेगा। नए थाना प्रभारियों को अपराध नियंत्रण के साथ-साथ जनसंपर्क को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। नए साल से नई शुरुआत पुलिस महकमे में हुए इस बड़े फेरबदल को नए साल से पहले रणनीतिक री-सेट के तौर पर देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में इसके असर जमीन पर दिखने की उम्मीद है।
तिहाड़ जेल से छूटते ही बना लुटेरा, बिलासपुर में होटल व्यवसायी को बनाया निशाना
✍️ भागीरथी यादव दिल्ली का आरोपी अनुपपुर से गिरफ्तार, फरार साथियों की तलाश तेज बिलासपुर। दिल्ली की कुख्यात तिहाड़ जेल से हत्या के मामले में सजा काटकर बाहर निकला एक अपराधी बिलासपुर में लूट की वारदात को अंजाम देने की फिराक में था। सरकंडा थाना क्षेत्र में होटल व्यवसायी से पिस्टल अड़ाकर लूटपाट के प्रयास के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को मध्यप्रदेश के अनुपपुर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के अन्य साथी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। सुबह-सुबह हथियार के दम पर लूट का प्रयास पुलिस के अनुसार, 19 दिसंबर की सुबह करीब 7:15 बजे, जबड़ापारा निवासी लखन उर्फ निटी देवांगन अपनी एक्टिवा से कंपनी गार्डन के पास स्थित समोसा दुकान जा रहा था। आनंद डेयरी के पास पहुंचते ही बाइक सवार तीन युवकों ने रास्ता रोक लिया। पीछे बैठे आरोपी ने पीड़ित की गर्दन में पहनी सोने की चेन पकड़कर कट्टा अड़ा दिया और “चेन दे दो, नहीं तो गोली मार दूंगा” कहते हुए फायर कर जान से मारने की धमकी दी। हालांकि, पीड़ित ने हिम्मत दिखाते हुए शोर मचाया, जिससे घबराकर आरोपी मुख्य सड़क की ओर फरार हो गए। तकनीकी साक्ष्यों से पुलिस को मिली बड़ी सफलता घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देशन में एसीसीयू, साइबर सेल और सरकंडा थाना की संयुक्त टीम गठित की गई। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे करीब 300 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपियों का लोकेशन अनुपपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेस हुआ। पुलिस टीम ने मौके पर दबिश देकर गगनदीप बंसल, निवासी दिल्ली को गिरफ्तार कर लिया। तिहाड़ जेल में बनी दोस्ती, बाहर आकर शुरू किया अपराध पूछताछ में गगनदीप बंसल ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि वह पूर्व में तिहाड़ जेल में हत्या के मामले में बंद था, जहां उसकी दोस्ती विजय लाम्बा (दिल्ली) से हुई। जेल से रिहा होने के बाद विजय लाम्बा, आमीर और शकील के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई और बिलासपुर में वारदात को अंजाम दिया। चोरी की बाइक, रेलवे स्टेशन पर छोड़ी घटना को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने तखतपुर और अम्बिकापुर से दो मोटरसाइकिल चोरी की थीं। वारदात के बाद दोनों बाइक को बिलासपुर रेलवे स्टेशन के पास छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने दोनों बाइक बरामद कर ली हैं। मुख्य आरोपी फरार, हथियार की तलाश जारी पुलिस के अनुसार, वारदात में प्रयुक्त देशी कट्टा फिलहाल फरार आरोपी विजय लाम्बा के पास है। आरोपी विजय लाम्बा, आमीर और शकील की तलाश लगातार की जा रही है। पुलिस का सख्त संदेश पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जेल से छूटकर दोबारा अपराध करने वालों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और ऐसे अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। जल्द ही फरार आरोपियों को भी गिरफ्तार कर पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जाएगा।
25 टन चावल की खेप गटक गया ट्रक चालक, बेटी की शादी में उड़ा दिए 6 लाख
✍️ भागीरथी यादव तखतपुर पुलिस ने अमानत में खयानत का बड़ा मामला किया उजागर तखतपुर। अमानत में खयानत के एक सनसनीखेज मामले में तखतपुर पुलिस ने ट्रक चालक को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। रायपुर की सत्यम रोड लाइंस ट्रांसपोर्ट से बिहार भेजे जाने वाले 25 टन चावल को रास्ते में ही बेचकर आरोपी ने न केवल ट्रांसपोर्टर के भरोसे को तोड़ा, बल्कि पूरी रकम अपनी बेटी की शादी में खर्च कर दी। मामला 22 अक्टूबर 2024 का है, जब नवरंग राइस मिल, तखतपुर से बिहार भेजने के लिए 25 टन चावल सत्यम रोड लाइंस ट्रांसपोर्ट के माध्यम से बुक किया गया था। चावल परिवहन के लिए ट्रक क्रमांक BR 01 GM 7496 निर्धारित किया गया, जिसे चालक अमरनाथ चौधरी चला रहा था। ट्रांसपोर्टर द्वारा इसके एवज में ₹28,600 का भुगतान नगद और फोन-पे के माध्यम से किया गया। गंतव्य तक नहीं पहुंचा चावल, शक गहराया निर्धारित समय सीमा के बावजूद जब चावल बिहार नहीं पहुंचा, तो ट्रांसपोर्ट संचालक को संदेह हुआ। चालक से संपर्क करने पर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर थाना तखतपुर में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। जांच में हुआ बड़ा खुलासा पुलिस जांच में सामने आया कि चालक ने पूरे 25 टन चावल को रास्ते में ही बेच दिया। शिकायत के आधार पर बीएनएस की धारा 316(3) (अमानत में खयानत) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना की गई। ट्रक जब्त, गोदाम निकला खाली विवेचना के दौरान पुलिस टीम ने ट्रक को सुरतजा पेट्रोल पंप, चकसिकंदर (बिहार) से जब्त किया। इसके बाद आरोपी के किराए के गोदाम हाजीपुर (बिहार) में दबिश दी गई, लेकिन वहां चावल नहीं मिला। सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी टूट गया और अपना अपराध स्वीकार कर लिया। बेटी की शादी में खर्च की पूरी रकम आरोपी अमरनाथ चौधरी ने पुलिस को बताया कि उसने चावल को बिहार की एक दुकान में करीब ₹6 लाख में बेच दिया। इसमें से ₹5,99,000 रुपये उसने अपनी बेटी की शादी में खर्च कर दिए, जबकि मात्र ₹1,000 रुपये शेष बचे थे। गिरफ्तारी के बाद जेल भेजा गया पर्याप्त साक्ष्य, बयान और दस्तावेजी प्रमाण मिलने के बाद पुलिस ने 30 दिसंबर 2025 को सुबह 11:45 बजे आरोपी अमरनाथ चौधरी (50 वर्ष), निवासी ग्राम धंधुआ, जिला वैशाली (बिहार) को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। विवेचना जारी, और भी खुलासों की संभावना पुलिस अब यह जांच कर रही है कि चावल की बिक्री में किसी अन्य व्यापारी या बिचौलिए की भूमिका तो नहीं रही, साथ ही आरोपी का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है। पुलिस की सख्त चेतावनी पुलिस अधिकारियों ने कहा कि अमानत में खयानत जैसे अपराध समाज के भरोसे को तोड़ते हैं और ऐसे मामलों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। इस पूरे मामले के खुलासे में एसआई डी.आर. मनहर एवं आरक्षक सत्यार्थ शर्मा की सराहनीय भूमिका रही।
तखतपुर | जमीन विवाद बना खून की वजह: बैंक से अपहरण कर युवक की हत्या, 7 फरार आरोपी गिरफ्तार, कुल 12 जेल में
मुंगेली जिले के जरहागांव थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बरेला में हुए बहुचर्चित अपहरण व हत्या कांड में पुलिस को बड़ी और निर्णायक सफलता मिली है। जमीन विवाद के चलते युवक का अपहरण कर बेरहमी से हत्या करने वाले 07 फरार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही इस जघन्य हत्याकांड में अब तक कुल 12 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। बैंक परिसर से उठा ले गए युवक, पीट-पीटकर ले ली जान पुलिस के अनुसार, 26 दिसंबर 2025 को ग्राम बरेला स्थित पंजाब नेशनल बैंक परिसर से राजकुमार धुरी (21 वर्ष) का सरेआम अपहरण किया गया। आरोपियों ने उसे जबरन वाहन में बैठाकर ठकुरीकापा नर्सरी ले जाकर हाथ-मुक्कों और डंडों से बेरहमी से पीटा। गंभीर चोटों के कारण युवक की मौत हो गई। जमीन विवाद की रंजिश में रची गई थी हत्या की साजिश पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी प्रदीप उर्फ छोटू साहू का मृतक के परिवार से पिछले एक वर्ष से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी रंजिश में आरोपियों ने आपराधिक षड्यंत्र रचकर राजकुमार धुरी की हत्या की योजना बनाई और उसे अंजाम दिया। एसपी के निर्देशन में बनीं विशेष टीमें मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल (भा.पु.से.) के निर्देशन में विशेष टीमों का गठन किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवनीत कौर छाबड़ा एवं एसडीओपी मयंक तिवारी के पर्यवेक्षण में जरहागांव पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मुखबिर तंत्र और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की धरपकड़ की। राज्य से बाहर तक भागे आरोपी, फिर भी पुलिस ने दबोचा हत्या के बाद आरोपी सबूत छिपाने और पुलिस से बचने के लिए भाठापारा, रायपुर, दुर्ग, नागपुर तक भागते रहे। वाहनों को अलग-अलग स्थानों पर छिपाया गया। बावजूद इसके पुलिस ने सतर्कता दिखाते हुए 30 दिसंबर 2025 को सभी 7 फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। घटना में प्रयुक्त वाहन, डंडा और अन्य सामग्री भी विधिवत जब्त की गई है। 30 दिसंबर 2025 को गिरफ्तार आरोपी प्रदीप उर्फ छोटू साहू पिता संतोष (27) – निवासी बरेला विनीत साहू उर्फ चिन्टु पिता राकेश (20) – निवासी बरेला रवि निर्मलकर पिता स्व. बिहारी लाल (25) – निवासी बरेला राजा धुरी पिता लक्ष्मीप्रसाद (25) – निवासी बरेला प्रदीप धु्रवंशी पिता स्व. पवन (25) – निवासी बरेला मनीष साहू पिता शिव (22) – निवासी बरेला योगेश साहू पिता जितेन्द्र (25) – निवासी खपरी, थाना नांदघाट, जिला बेमेतरा न्यायिक रिमांड पर भेजे गए आरोपी थाना जरहागांव में अपराध क्रमांक 194/25 के तहत भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस की सख्त चेतावनी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है और इस हत्याकांड में संरक्षण या सहायता देने वालों पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। कानून से बचने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। यह कार्रवाई अपराधियों के लिए स्पष्ट संदेश है—कानून से ऊपर कोई नहीं।
अवैध शराब कारोबार पर पुलिस का करारा प्रहार, 33 लीटर महुआ शराब के साथ महिला तस्कर जेल भेजी गई
✍️ भागीरथी यादव चिरमिरी। नगर में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ चिरमिरी पुलिस ने बड़ी और सख्त कार्रवाई करते हुए एक महिला आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। नगर पुलिस अधीक्षक चिरमिरी दीपिका मिंज के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी विजय सिंह के नेतृत्व में क्षेत्र में लगातार पेट्रोलिंग और आसूचना संकलन किया जा रहा है। इसी क्रम में 29 दिसंबर 2025 को पेट्रोलिंग के दौरान पुलिस को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली कि डोमनहील बाजारपारा निवासी एक महिला नीले रंग के झोले में हाथ भट्टी से बनी अवैध महुआ शराब लेकर डोमनहील बाजार में बिक्री के लिए आ रही है। सूचना की तस्दीक के बाद पुलिस टीम ने डोमनहील बाजार के पास घेराबंदी कर पैदल आ रही महिला को रोककर तलाशी ली। तलाशी के दौरान महिला के पास से 33 प्लास्टिक पाउच, प्रत्येक में एक-एक लीटर महुआ शराब, कुल 33 लीटर अवैध शराब बरामद की गई। जब्त शराब की अनुमानित कीमत करीब 6 हजार 600 रुपये बताई गई है। पूछताछ में महिला ने अपना नाम प्रेमा सिंह, पति भईयालाल सिंह, उम्र 35 वर्ष, निवासी डोमनहील बाजारपारा, चिरमिरी बताया। पुलिस ने मौके पर ही पूरी शराब जब्त कर आरोपी महिला के खिलाफ थाना चिरमिरी में धारा 34(2) आबकारी अधिनियम के तहत अपराध दर्ज किया। आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद महिला को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी उप निरीक्षक विजय सिंह, प्रधान आरक्षक अशोक एक्का, प्रधान आरक्षक भगत सिंह, महिला प्रधान आरक्षक रुकमणी बंजारे, आरक्षक चन्द्रसेन राजपूत एवं नगर सैनिक लेखा प्रजापति की अहम और सराहनीय भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और इसमें संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
बिलासपुर में डिजिटल अरेस्ट ठगी का पर्दाफाश, 57 लाख की साइबर ठगी करने वाला अंतर्राज्यीय आरोपी गिरफ्तार
बिलासपुर। डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय साइबर गिरोह का रेंज साइबर थाना बिलासपुर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने उत्तरप्रदेश के बुलंदशहर से गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार करते हुए करीब 57 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी का पर्दाफाश किया है। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां एक स्थानीय निवासी को वर्चुअल और फर्जी मोबाइल नंबरों से कॉल कर खुद को जांच एजेंसी का अधिकारी बताया गया। आरोपी ने पीड़ित को मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर मामले में फंसने और डिजिटल अरेस्ट की धमकी दी। डर के माहौल में आकर पीड़ित ने आरोपी के बताए खातों में अलग-अलग किश्तों में कुल 57 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। फर्जी सिम, वर्चुअल नंबर और बैंक खातों से रची ठगी की साजिश जांच में सामने आया कि ठग गिरोह फर्जी सिम कार्ड, वर्चुअल मोबाइल नंबर और फर्जी बैंक खातों के जरिए वारदात को अंजाम देता था। ठगी की रकम निकालने के लिए सोशल मीडिया पर प्रचारित ‘लेगेसी लोन’ एप का इस्तेमाल किया जाता था, जिसके माध्यम से आम लोगों को लोन बांटने की आड़ में ठगी का पैसा आहरित किया जाता था। दिल्ली-यूपी में छापेमारी के बाद दबोचा गया आरोपी साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल, बैंक ट्रांजेक्शन डिटेल्स और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को आरोपियों के दिल्ली और उत्तरप्रदेश से जुड़े होने के अहम सुराग मिले। इसके बाद रेंज साइबर थाना की विशेष टीम ने दिल्ली और यूपी में दबिश दी। तीन दिन की कड़ी मशक्कत के बाद शिकारपुर, बुलंदशहर निवासी मनिंदर सिंह (54 वर्ष) को हिरासत में लिया गया। कंपनी के खाते में मंगवाता था ठगी का पैसा पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर मनी लॉन्ड्रिंग, ड्रग पार्सल जैसे झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देकर लोगों से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी करता था। आरोपी कमीशन के लालच में अपनी कंपनी शिकारपुरिहा रियालिटी प्राइवेट लिमिटेड के करंट अकाउंट में ठगी की रकम मंगवाता था और बाद में उसे निकाल लेता था। फिलहाल आरोपी से गहन पूछताछ जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान पूरे गिरोह और ठगी के नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों के बारे में अहम जानकारियां सामने आएंगी।
बस्तर विधायक की पत्नी अस्पताल में भर्ती, शरीर पर चोटों से मचा हड़कंप, पुलिस ने किया आत्मघाती प्रयास का खुलासा
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक लखेश्वर बघेल की पत्नी सुमित्रा बघेल (51 वर्ष) को आज सुबह जगदलपुर स्थित महारानी अस्पताल में भर्ती कराए जाने से राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया। उनके शरीर पर चोटों के निशान मिलने के बाद शुरुआत में धारदार हथियार से हमले की आशंका जताई गई, लेकिन कुछ ही देर में पुलिस ने प्रेस नोट जारी कर पूरे मामले पर बड़ा खुलासा किया। चाकू से हमला या आत्मघाती प्रयास? पुलिस ने साफ की स्थिति प्रारंभिक सूचनाओं में सुमित्रा बघेल के शरीर पर चाकू या धारदार हथियार से वार के निशान बताए जा रहे थे, जिससे सनसनी फैल गई। सोशल मीडिया पर नस काटने जैसी अफवाहें भी तेजी से वायरल होने लगीं। हालांकि, पुलिस जांच के बाद स्पष्ट किया गया कि यह कोई हादसा या बाहरी हमला नहीं, बल्कि मानसिक तनाव से प्रेरित आत्मघाती प्रयास का मामला है। मानसिक तनाव में थीं सुमित्रा बघेल पुलिस के अनुसार, अस्पताल पहुंचने के बाद परिजनों से पूछताछ की गई। प्रथम दृष्टया सामने आया कि सुमित्रा बघेल अपनी माता के निधन के बाद से मानसिक रूप से काफी तनाव में थीं और कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रही थीं। इसी मानसिक दबाव के चलते उन्होंने मंगलवार सुबह खुद को चोट पहुंचाई। हाथ और धड़ पर गहरी चोटें, हालत स्थिर अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, सुमित्रा बघेल को हाथ और धड़ पर गहरी चोटें आई थीं, जिन्हें टांके लगाकर स्टेबलाइज किया गया। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है और महारानी अस्पताल में उनका इलाज जारी है। हालांकि अस्पताल प्रबंधन की ओर से अब तक कोई औपचारिक मेडिकल बुलेटिन जारी नहीं किया गया है। परिवार और विधायक की ओर से चुप्पी घटना के बाद विधायक लखेश्वर बघेल या उनके परिवार की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पुलिस का कहना है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हर पहलू की जांच की जा रही है। आदिवासी नेता के परिवार से जुड़ा मामला, सियासी हलचल गौरतलब है कि विधायक लखेश्वर बघेल बस्तर क्षेत्र के प्रमुख आदिवासी नेताओं में शुमार हैं। उनकी पत्नी से जुड़ी इस घटना ने पूरे बस्तर अंचल में चर्चा और चिंता का माहौल बना दिया है। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और डॉक्टरों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ट्रांसपोर्ट नगर नहर में मिला अज्ञात युवक का शव, इलाके में मचा हड़कंप, जांच में जुटी पुलिस
भिलाई। ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र स्थित नहर में एक अज्ञात युवक का शव मिलने से आज सुबह इलाके में सनसनी फैल गई। नहर किनारे टहल रहे स्थानीय लोगों ने पानी में शव को तैरते हुए देखा, जिसके बाद तुरंत खुर्शीपार थाना पुलिस को इसकी सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नहर से बाहर निकलवाकर पंचनामा कार्रवाई की। प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए मर्चुरी भेज दिया है। घटना स्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। नहर किनारे शराबखोरी, कई सवाल खड़े पुलिस को जांच के दौरान नहर के आसपास शराब की खाली बोतलें भी मिली हैं। बताया जा रहा है कि यह इलाका कुछ असामाजिक तत्वों का अड्डा माना जाता है, जहां अक्सर बैठकर शराबखोरी होती है। ऐसे में युवक की मौत को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं—क्या यह हादसा है या इसके पीछे कोई आपराधिक साजिश? फॉरेंसिक टीम और CCTV से सुराग तलाश मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीम को भी मौके पर बुलाया गया, जो हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। वहीं नहर और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि मृतक की पहचान और घटना के कारणों का पता लगाया जा सके। शव की पहचान अब तक नहीं फिलहाल मृत युवक की शिनाख्त नहीं हो पाई है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और गुमशुदगी के मामलों से भी मिलान किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा हो पाएगा। अज्ञात युवक की रहस्यमयी मौत ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया है, वहीं पुलिस हर एंगल से जांच कर सच्चाई तक पहुंचने की कोशिश में जुटी हुई है।
















