बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर कांग्रेस का हल्ला बोल; रायपुर पुलिस कमिश्नर को सौंपा ज्ञापन

    रायपुर: राजधानी में बढ़ते अपराधों और चरमराती कानून व्यवस्था के खिलाफ शहर एवं ग्रामीण जिला कांग्रेस कमेटी ने मोर्चा खोल दिया है। पूर्व विधायकों और वरिष्ठ नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने रायपुर पुलिस कमिश्नर से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। प्रमुख मुद्दे: भय का माहौल और अवैध कारोबार कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि रायपुर अब हत्या, लूट, चाकूबाजी और बलात्कार जैसी घटनाओं का केंद्र बनता जा रहा है। ज्ञापन में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान आकर्षित किया गया: अपराधों में वृद्धि: खुलेआम चाकूबाजी और मारपीट से व्यापारी, महिलाएं और छात्र असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। अवैध गतिविधियां: शहर और ग्रामीण अंचलों में ऑनलाइन जुआ, सट्टा, नशा और अवैध शराब का कारोबार धड़ल्ले से फल-फूल रहा है। पुलिसिंग पर सवाल: थानों में बल की कमी और पुलिस की कथित उदासीनता के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। अनावश्यक वसूली: चालान के नाम पर आम जनता से हो रही वसूली को तत्काल रोकने की मांग की गई। उग्र आंदोलन की चेतावनी कांग्रेस ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि पुलिस प्रशासन ने अपराधियों पर लगाम नहीं कसी और अवैध अड्डों को बंद नहीं किया, तो पार्टी जनहित में उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी। प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल इस दौरान रायपुर शहर अध्यक्ष कुमार शंकर मेनन, ग्रामीण अध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारे, छाया वर्मा, प्रमोद दुबे, कुलदीप जुनेजा, विकास उपाध्याय, एजाज ढेबर और सुबोध हरितवाल सहित कई प्रमुख कांग्रेसी नेता उपस्थित रहे।

बिलासपुर: दूसरी लड़की से संबंध के शक में प्रेमिका ने प्रेमी के सीने में उतारा चाकू, युवक की मौके पर ही मौत

✍️ भागीरथी यादव     बिलासपुर: न्यायधानी के सिविल लाइन थाना क्षेत्र अंतर्गत शुभम विहार शिक्षक कॉलोनी में मंगलवार सुबह एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। चरित्र शंका और आपसी विवाद के चलते एक युवती ने अपने ही प्रेमी की चाकू मारकर हत्या कर दी। मुख्य घटनाक्रम मृतक की पहचान कांता प्रसाद सूर्यवंशी (निवासी ग्राम कर्रा, रतनपुर) के रूप में हुई है, जो उसलापुर स्थित एक होटल में काम करता था। आरोपी युवती रौशनी सूर्यवंशी (निवासी झालमला, वर्तमान निवास कुदूदंड) मंगलवार सुबह करीब 11:30 बजे कांता प्रसाद के किराए के कमरे पर पहुँची थी। हत्या की वजह: शक और मोबाइल ब्लॉक करना पुलिस की प्रारंभिक जांच में हत्या के पीछे दो मुख्य कारण सामने आए हैं: तीसरी लड़की का दखल: रौशनी को संदेह था कि कांता प्रसाद का किसी अन्य लड़की के साथ प्रेम संबंध चल रहा है। नंबर ब्लॉक करना: युवक ने युवती का मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिया था, जिससे वह काफी नाराज थी। कमरे के भीतर इसी बात को लेकर दोनों के बीच तीखी बहस हुई। विवाद इतना बढ़ा कि आवेश में आकर रौशनी ने पास रखे चाकू से कांता के सीने पर घातक वार कर दिया। हमले के कारण अत्यधिक रक्तस्राव होने से युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। पुलिस की कार्रवाई घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाइन पुलिस की टीम मौके पर पहुँची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी युवती को गिरफ्तार कर लिया है। वर्तमान स्थिति: आरोपी युवती पुलिस अभिरक्षा में है। पूछताछ के बाद उसे ज्यूडिशियल रिमांड पर जेल भेजने की तैयारी की जा रही है। पुलिस मामले में आगे के साक्ष्य जुटा रही है।

महादेव ऐप की तर्ज पर चल रहा था ‘सट्टा सिंडिकेट’, रायपुर पुलिस ने किया भंडाफोड़; 95 लाख का मशरुका जब्त

  रायपुर: राजधानी की एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) ने ऑनलाइन सट्टे के एक नए और बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। महादेव ऐप की कार्यप्रणाली को कॉपी कर ‘jmdbet777.com’ और ‘Classic777.com’ जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को दांव लगवाने वाले सिंडिकेट के 6 सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। करोड़ों का दांव और लाखों की जब्ती पुलिस ने इस कार्रवाई में आरोपियों के पास से भारी मात्रा में नगदी और सामान बरामद किया है: नगद राशि: 37 लाख 50 हजार रुपये। वाहन: 3 लग्जरी कारें। इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स: 10 मोबाइल फोन। कुल जब्ती: लगभग 95 लाख रुपये की संपत्ति। गिरफ्तार आरोपियों के नाम: रखब देव पाहुजा (दुर्ग) – मास्टर आईडी होल्डर पीयूष जैन (रायपुर) – मास्टर आईडी होल्डर जितेन्द्र कुमार कृपलानी उर्फ जित्तू (रायपुर) – लोकल डिस्ट्रीब्यूटर कमल राघवानी (रायपुर) – लोकल डिस्ट्रीब्यूटर सचिन जैन (रायपुर) – लोकल डिस्ट्रीब्यूटर दीपक अग्रवाल (बिलासपुर) – लोकल डिस्ट्रीब्यूटर ऐसे फैला था सिंडिकेट का जाल जांच में सामने आया कि यह गिरोह बेहद संगठित तरीके से काम कर रहा था। सिंडिकेट के मुख्य सदस्य रवि सोनकर (दुर्ग), नितिन मोटवानी (रायपुर) और अंकित (नागपुर) पैनल को आईडी प्रोवाइड कराते थे। पकड़े गए आरोपी रखब देव और पीयूष मास्टर आईडी को आगे डिस्ट्रीब्यूट करते थे, जबकि अन्य आरोपी स्थानीय स्तर पर लोगों को आईडी बांटकर सट्टा खिलाते थे। फरार आरोपियों की तलाश: सिंडिकेट के तीन मुख्य सदस्य रवि, नितिन और अंकित फिलहाल फरार हैं। पुलिस की विशेष टीम उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। ऐप में थे 40 से ज्यादा गेम्स आरोपी जिन वेबसाइट्स का उपयोग कर रहे थे, उनमें क्रिकेट से लेकर कैसिनो तक 40 से ज्यादा गेम्स उपलब्ध थे। पुलिस अब इन वेबसाइट्स के सर्वर और वित्तीय लेन-देन (Financial Trail) की गहराई से जांच कर रही है ताकि अन्य सफेदपोश चेहरों को बेनकाब किया जा सके।

बलौदाबाजार: रफ्तार का कहर, हाईवा की टक्कर से भाई की मौत, बहन गंभीर

✍️ भागीरथी यादव     बलौदाबाजार: जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र में आज एक तेज रफ्तार हाईवा ने एक परिवार की खुशियां उजाड़ दीं। रेत से भरे अनियंत्रित हाईवा ने मोटरसाइकिल सवार भाई-बहन को अपनी चपेट में ले लिया, जिसमें भाई की दर्दनाक मौत हो गई। कैसे हुआ हादसा? मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम बलौदी निवासी रूपेश चेलक (19 वर्ष) अपनी बहन लासिकी चेलक (21 वर्ष) को बाइक पर बैठाकर अपने जीजा के घर बलौदाबाजार आ रहा था। जैसे ही वे सकरी आईटीआई के पास पहुंचे, पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार हाईवा ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। अस्पताल में मची चीख-पुकार राहगीरों ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए दोनों घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, चोट इतनी गंभीर थी कि डॉक्टरों ने रूपेश को मृत घोषित कर दिया। वहीं, उसकी बहन लासिकी की स्थिति अब भी नाजुक बनी हुई है, जिसका उपचार जारी है। पुलिस की कार्रवाई: चालक गिरफ्तार: पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए हाईवा चालक को हिरासत में ले लिया है। वाहन जब्त: दुर्घटना कारित करने वाले हाईवा को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। जांच शुरू: कोतवाली पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। आक्रोश: इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी वाहनों की बेकाबू रफ्तार को लेकर काफी नाराजगी है। लोगों ने मांग की है कि रिहायशी इलाकों और आईटीआई जैसे संस्थानों के पास भारी वाहनों की गति पर लगाम लगाई जाए।

महासमुंद पुलिस की बड़ी स्ट्राइक: 12.50 लाख का गांजा जब्त, ओडिशा के तस्करों समेत रायपुर का मुख्य खरीदार गिरफ्तार

  महासमुंद: जिले में अवैध नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और कोमाखान पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने घेराबंदी कर 25 किलो गांजा बरामद किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 12.50 लाख रुपये आंकी गई है। रायपुर का ‘मास्टरमाइंड’ भी पुलिस की गिरफ्त में इस कार्रवाई की सबसे बड़ी उपलब्धि तस्करी की चेन को तोड़ना रही। पुलिस ने न केवल ओडिशा से गांजा ला रहे 4 अंतरराज्यीय तस्करों को पकड़ा, बल्कि रायपुर के मुख्य खरीदार बंशी साहू को भी गिरफ्तार कर लिया है। जब्त की गई संपत्ति पुलिस ने आरोपियों के पास से तस्करी में प्रयुक्त कार और अन्य सामान बरामद किया है: गांजा: 25 किलोग्राम (कीमत ₹12.50 लाख) वाहन: टाटा जेस्ट कार (CG 10 AS 9099) नगदी: ₹2,03,100 (दो लाख तीन हजार एक सौ रुपये) मोबाइल: 5 स्मार्टफोन्स कुल मशरुका: लगभग ₹19,84,100 पकड़े गए आरोपियों के नाम: प्रशांत नंदा (बलांगीर, ओडिशा) संजय नाग (बलांगीर, ओडिशा) दीपक महानंद (बलांगीर, ओडिशा) शंकर हरपाल (बलांगीर, ओडिशा) बंशी साहू (मुख्य खरीदार – आजाद चौक, रायपुर) पूरी चेन खंगाल रही है पुलिस पुलिस अब इस मामले में ‘एंड-टू-एंड’ इन्वेस्टिगेशन कर रही है। इसमें तस्करों के सोर्स पॉइंट (जहाँ से गांजा आया) और डेस्टिनेशन पॉइंट (जहाँ सप्लाई होना था) की जांच की जा रही है। साथ ही, तस्करी से अर्जित की गई अवैध संपत्तियों और वित्तीय लेन-देन का भी ब्यौरा जुटाया जा रहा है। सभी आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 20(बी)(ii)(सी) और 29 के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया है।

ड्रोन की नजर से नशाखोरों पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’: बिलासपुर पुलिस ने 10 युवकों को दबोचा

✍️ भागीरथी यादव   बिलासपुर: जिले में नशे के काले कारोबार और सार्वजनिक स्थानों पर नशा करने वालों के खिलाफ पुलिस ने अब हाईटेक अभियान छेड़ दिया है। तकनीक का सहारा लेते हुए पुलिस ने बीती रात ड्रोन कैमरों के जरिए निगरानी कर सिरगिट्टी क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। ड्रोन से हुई ‘नशेडिय़ों’ की घेराबंदी सीएसपी निमितेश सिंह और सिरगिट्टी थाना प्रभारी किशोर केंवट के नेतृत्व में पुलिस टीम ने चुचुहियापारा, तिफरा और सिरगिट्टी के अतिसंवेदनशील इलाकों में ड्रोन उड़ाए। आसमान से मिली सटीक लोकेशन के आधार पर पुलिस ने संदिग्ध अड्डों की पहचान की और अचानक दबिश दी। कार्रवाई की मुख्य बातें: गिरफ्तारी: मौके से नशा करते हुए 10 युवकों को हिरासत में लिया गया। सजा और चेतावनी: पकड़े गए युवकों को सार्वजनिक रूप से उठक-बैठक कराई गई ताकि समाज में कड़ा संदेश जाए। कानूनी एक्शन: आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। समझाइश: संदिग्ध रूप से घूम रहे अन्य लोगों को कड़ी चेतावनी देकर छोड़ा गया। “नशे के खिलाफ हमारी यह जंग आगे भी जारी रहेगी। अब अपराधियों और नशा करने वालों पर तकनीक (ड्रोन) के माध्यम से पैनी नजर रखी जा रही है, जिससे बच निकलना नामुमकिन होगा।” — पुलिस प्रशासन, बिलासपुर जनता ने किया फैसले का स्वागत पुलिस की इस अचानक हुई कार्रवाई से इलाके के नशाखोरों में हड़कंप मच गया है। स्थानीय निवासियों ने पुलिस के इस तकनीकी प्रयोग की सराहना की है, क्योंकि इससे मोहल्लों में सुरक्षा का माहौल बना है और असामाजिक तत्वों पर लगाम लगी है।  

रतनपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: NH-130 पर कार लूटने वाले 4 आरोपी गिरफ्तार, शत-प्रतिशत मशरूका बरामद

  रतनपुर। नेशनल हाईवे-130 पर स्थित हाईवे किंग ढाबा के पास हुई सनसनीखेज लूट की वारदात को रतनपुर पुलिस ने चंद घंटों में सुलझा लिया है। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए न केवल 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया, बल्कि लूटी गई कार, मोबाइल और नगदी समेत 100% सामान भी बरामद कर लिया है। घटना का संक्षिप्त विवरण घटना 1 फरवरी 2026 की तड़के करीब 3:35 बजे की है। प्रार्थी विजय कुमार राज (निवासी कोरबा) अपनी महिला रिश्तेदारों के साथ मेले से लौट रहे थे। रतनपुर के पास नेशनल हाईवे पर ढाबे के करीब रुकने के दौरान, दो कारों (क्रेटा और अर्टिगा) में सवार 4 युवकों ने उनके साथ मारपीट की और उनकी स्विफ्ट डिजायर कार, 3 मोबाइल और पर्स में रखे करीब 8,000 रुपये लूटकर फरार हो गए। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और बरामदगी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पीछा करते हुए आरोपियों को अंबिकापुर और कोरिया जिले से धर दबोचा। बरामद किया गया सामान: 01 स्विफ्ट डिजायर कार (लूटी हुई) 03 नग मोबाइल फोन 8,000 रुपये नगद कुल मशरूका: लगभग 2,28,000 रुपये (100% बरामदगी) अतिरिक्त जब्ती: घटना में प्रयुक्त क्रेटा और अर्टिगा कार सहित 4 मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। लूट के पीछे की वजह: ‘तंत्र-मंत्र’ का मामला पुलिस पूछताछ में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ। आरोपियों ने बताया कि प्रार्थी विजय कुमार राज ने उन्हें तंत्र विद्या और पूजा-पाठ के जरिए पैसा दोगुना करने का लालच देकर उनसे 2.5 लाख रुपये ठग लिए थे। बार-बार पैसे मांगने पर भी जब वापस नहीं मिले, तो आरोपियों ने पीछा कर लूट की इस वारदात को अंजाम दिया। गिरफ्तार आरोपियों के नाम: विद्यादास महंत (43 वर्ष) – सीतापुर, जिला सरगुजा। रामसुंदर (32 वर्ष) – चरचा, जिला कोरिया। राजीव कुमार सिंह (37 वर्ष) – बैकुंठपुर, जिला कोरिया। गुलशन कुजुर (47 वर्ष) – चरचा कॉलरी, जिला कोरिया। रतनपुर पुलिस ने धारा 126 (2), 309(4), 3, 5 BNS के तहत मामला दर्ज कर आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

बिना ठोस कारण पति से अलग रहने वाली पत्नी भरण-पोषण की हकदार नहीं – छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट

✍️ भागीरथी यादव     बिलासपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने वैवाहिक विवादों और गुजारा भत्ते को लेकर एक बड़ा और नजीर पेश करने वाला फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई पत्नी बिना किसी वाजिब और ठोस कारण के अपने पति और ससुराल से अलग रहने का निर्णय लेती है, तो वह पति से भरण-पोषण भत्ता पाने की हकदार नहीं होगी। बिलासपुर फैमिली कोर्ट के आदेश पर हाई कोर्ट की मुहर मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा की खंडपीठ ने बिलासपुर के प्रवीण कुमार वेदुला की पत्नी द्वारा दायर याचिका को खारिज करते हुए यह निर्णय दिया। याचिकाकर्ता (पत्नी) ने निचली अदालत (कुटुंब न्यायालय) के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें उसे गुजारा भत्ता देने से इनकार कर दिया गया था। हाई कोर्ट ने निचली अदालत के तर्क को सही पाया और उसमें किसी भी प्रकार के हस्तक्षेप से इनकार कर दिया। दांपत्य अधिकारों की बहाली का अवसर ठुकराना पड़ा भारी मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कुछ महत्वपूर्ण कानूनी पहलुओं को रेखांकित किया: धारा 09 का संदर्भ: पति ने हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 09 (दांपत्य संबंधों की पुनर्स्थापना) के तहत पत्नी को साथ रखने के लिए याचिका लगाई थी। कोर्ट ने कहा कि जब पत्नी के पास घर वापस लौटने का विकल्प था, तो उसने बिना वजह अलग रहना चुना। कानूनी उल्लंघन: न्यायालय ने CRPC की धारा 125(4) का हवाला देते हुए कहा कि यदि पत्नी बिना पर्याप्त कारण के पति के साथ रहने से इनकार करती है, तो वह भरण-पोषण का दावा नहीं कर सकती। झूठे आरोपों और कानूनी लड़ाई का अंत पत्नी द्वारा पति पर की गई कानूनी कार्रवाई के प्रयास भी विफल रहे। अधिवक्ता नेल्सन पन्ना ने बताया कि पत्नी ने FIR दर्ज कराने के लिए मजिस्ट्रेट कोर्ट और फिर सेशन कोर्ट में आवेदन लगाए थे, जो पहले ही खारिज हो चुके थे। कोर्ट की टिप्पणी: व्यवहार भी होगा न्याय का आधार हाई कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट शब्दों में कहा: “कुटुंब न्यायालय के आदेश में कोई अवैधता या त्रुटि नहीं है। जब पत्नी बिना किसी उचित आधार के अलग रह रही हो, तो ऐसी स्थिति में भरण-पोषण का आदेश देना कानून के सिद्धांतों के विपरीत होगा।”

खैरागढ़: पुरानी रंजिश में युवक पर जानलेवा हमला, आरोपियों को ग्रामीणों ने पीटा; वीडियो वायरल

  खैरागढ़। जिले के छुईखदान थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम कोटरा में पुरानी पारिवारिक दुश्मनी के चलते एक युवक पर जानलेवा हमले का मामला सामने आया है। वारदात के बाद भाग रहे आरोपियों को ग्रामीणों ने पकड़कर उनकी जमकर धुनाई कर दी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बदले की नीयत से घर में घुसकर किया हमला मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम अछोली निवासी चंद्रकुमार जंघेल (20) और ग्राम पेंड्रावन निवासी यशवंत वर्मा (23) मोटरसाइकिल पर सवार होकर ग्राम कोटरा पहुंचे। वहां उन्होंने पुरानी रंजिश का बदला लेने के लिए धुरूराम जंघेल के घर में घुसकर उन पर घातक हमला कर दिया। हमले में धुरूराम गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। भीड़ ने लिया कानून हाथ में, पुलिस ने संभाला मोर्चा वारदात को अंजाम देकर भाग रहे दोनों आरोपियों को ग्रामीणों ने घेराबंदी कर पकड़ लिया। आक्रोशित भीड़ ने आरोपियों के साथ मारपीट शुरू कर दी। मारपीट का वीडियो इंटरनेट पर वायरल होने के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई थी। सूचना मिलते ही छुईखदान पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ के चंगुल से आरोपियों को छुड़ाकर स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि कुछ वर्षों पहले उनके परिवार के साथ हुई मारपीट का बदला लेने के लिए उन्होंने यह हमला किया था। पुलिस ने मामले में निम्नलिखित कार्रवाई की है: प्राथमिकी: पीड़िता सकुन बाई जंघेल की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 33/2026 दर्ज। घटना में इस्तेमाल हथियार और मोटरसाइकिल बरामद आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद उप जेल सलोनी भेज दिया गया है। पुलिस की अपील: प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि किसी भी परिस्थिति में कानून हाथ में न लें। वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस मामले की सूक्ष्मता से जांच कर रही है।

कवर्धा: गन्ने की कीमत और धान खरीदी को लेकर किसानों का चक्काजाम, बढ़ी प्रशासन की मुश्किलें

  कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में सोमवार को किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर उग्र प्रदर्शन किया। भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में किसानों ने कवर्धा-पंडरिया मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आवागमन पूरी तरह बाधित रहा। प्रमुख मांगें जिन पर अड़े हैं किसान: गन्ने के दामों में वृद्धि: किसानों का कहना है कि पिछले 5 वर्षों से शक्कर कारखानों ने गन्ने की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की है। निजी मिलों में गन्ना ₹500 प्रति क्विंटल तक बिक रहा है, जबकि स्थानीय स्तर पर किसानों को पुरानी दरों पर ही भुगतान किया जा रहा है। धान खरीदी की तारीख बढ़ाना: जिले के लगभग एक हजार से अधिक किसान अब भी अपना धान नहीं बेच पाए हैं। खरीदी की समयसीमा समाप्त होने से किसान संकट में हैं, इसलिए पोर्टल फिर से खोलने की मांग की जा रही है। बकाया भुगतान: शुगर मिलों द्वारा गन्ने का भुगतान समय पर नहीं किए जाने से किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। प्रशासनिक दखल और चेतावनी आंदोलन की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों को समझाने और जाम खुलवाने का प्रयास किया। किसान संघ की चेतावनी: “यह तो केवल सांकेतिक प्रदर्शन है। अगर सरकार ने जल्द ही गन्ने की कीमतें नहीं बढ़ाईं और धान खरीदी की तारीख आगे नहीं बढ़ाई, तो आने वाले समय में पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन किया जाएगा।” आम जनता को हुई परेशानी अचानक हुए इस चक्काजाम के कारण यात्रियों और मालवाहक वाहनों को घंटों सड़क पर फंसे रहना पड़ा। किसानों की नारेबाजी और सड़क पर धरने के कारण पुलिस को ट्रैफिक डायवर्ट करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।

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