वन समिति की आड़ में काफी पाइंट में ऊगाही
कोरबा। कोरबा वनमंडल द्वारा बालको वन परिक्षेत्र में आकर्षक काफी पाइंट का निर्माण कराया गया है जिससे लोगों को कम दर पर सुविधाजनक मनोरंजन के साधन उपलब्ध हो सके साथ ही इस क्षेत्र के वन समिति के सदस्य भी आर्थिक रूप से सुदृढ़ हो सके, हालांकि कागज में काफी पाइंट का संचालन दूधीटांगर वन प्रबंधन समिति के सदस्यगण कर रहे हैं लेकिन पर्दे के पीछे इसका संचालन एक प्रभावशाली व्यक्ति द्वारा किया गया जा रहा है और वह यहां पर प्रवेश के नाम पर प्रति व्यक्ति 20 रूपए की वसूली के साथ महंगे दरों पर खाद्य सामाग्री की बिक्री कर रहा है। जिले में प्रचूर मात्रा में वन संसाधन है ऐसे में राज्य शासन की मंशा है कि कोरबा को पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान मिल सके इसके लिए बुका, सतरेंगा, बांगो बांध सहित लेमरू क्षेत्र के काफी पाइंट में अनेक मनोरंजन के साधन उपलब्ध करा विश्राम गृह का निर्माण कराया गया है ताकि दूर-दराज से पहुंचे लोग भी कम दर पर यहां के आकर्षक नजारों को अवलोकन कर सके, लेकिन इसके आड़ में प्रभावशाली लोग अपनी ठेकेदारी चमका रहे हैं। कुछ इसी तरह का वाक्या बालको वन परिक्षेत्र में संचालित काफी पाइंट में देखने को मिल रहा है। कहने को तो इसका संचालन दूधीटांगर वन प्रबंधन समिति के सदस्य कर रहे हंै और इसके लिए परिसर में बोर्ड भी लगाया गया है, लेकिन मौके पर निरीक्षण करने पर समिति के एक भी सदस्य मौजूद नहीं मिले बल्कि प्रभावशाली व्यक्ति द्वारा रखे गए व्यक्ति ही इसका संचालन कर रहे हैं। यहां पर एक कैंटिन भी संचालित है जहां पर मनमाने ढंग से रकम की वसूली कर खाद्य पदार्थ मुहैया कराया जा रहा है। यहां का नजारा काफी आकर्षक है ऐसे में प्रतिदिन सैकड़ो की संख्या में सैलानी पहुंचते हैं, लेकिन इसका लाभ वन समिति के ग्रामीणों को मिलने के बजाए कथित रसूकदार व्यक्ति को मिल रहा है। प्रवेश शुल्क के नाम पर वसूली यहां पहुंचे लोगों से 20 रूपए की प्रवेश शुल्क की वसूली की जा रही है लेकिन इसके एवज में जो रसीद दिया जा रहा है उसमें सादे कागज में सिर्फ दूधीटांगर वन समिति के साथ 20 रूपए अंकित है, इसमें किसी के हस्ताक्षर नहीं हैं, मतलब साफ है कि रसीद में हेराफेरी कर महीने में लाखों की कमाई की जा रही है इसकी जांच-पड़ताल वन विभाग के अधिकारी नहीं कर रहे हैं। कमरो का किराया मनमाना नियमानुसार यहां निर्मित विश्राम गृह के कमरों की बुकिंग ऑनलाईन होती है लेकिन ऐसा यहां पर नहीें होता है, यहां पर कार्यरत कर्मी प्रभावशाली व्यक्ति के मौखिक निर्देश पर लोगों से मनमाना रकम की वसूली कर रहे हैं। साथ ही युवक-युवतियों को घंटे के हिसाब से रूम उपलब्ध करा रहे है। इसमें रकम की गड़बड़ी हो रही है। खुलेआम मादक पदार्थ की पूर्ति इन दिनों बरसात का मौसम है जहां पर युवकों की अच्छी-खासी भीड़ लगी रहती है। अमूमन प्रतिदिन खुले जगहों के साथ कमरों पर मादक पदार्थ का सेवन युवक-युवतियां कर रहे हैं। इसकी वजह से आए दिन यहां पर मारपीट की घटना के साथ लूटपाट भी हो रही है। लेकिन विश्राम गृह क्षेत्र में किसी प्रकार के सुरक्षा की व्यवस्था नहीं है। इस संबंध में बालको वन परिक्षेत्राधिकारी जयंत सरकार के मोबाईल क्रमांक 9302882789 से संपर्क साधा गया। पूरे समय तक मोबाईल की घंटी बजी लेकिन उन्होंने स्वीकार नहीं किया। इस वजह से उनका पक्ष नहीं मिल सका।
कोरबा जिला शिक्षा विभाग में साजिश की सियासत! डीएमसी मनोज पांडेय को हटाने की हो रही कोशिशें, जातिगत समीकरणों का खेल?
कोरबा। जिले का शिक्षा विभाग इन दिनों केवल शिक्षण गतिविधियों के लिए नहीं, बल्कि अंदरूनी साजिशों और राजनीतिक रणनीतियों के लिए सुर्खियों में बना हुआ है। विभागीय सूत्रों की मानें तो डीएमसी (डिस्ट्रिक्ट मिशन कोऑर्डिनेटर) मनोज पांडेय के खिलाफ लगातार शिकायतों का सिलसिला और जांचों के बावजूद निराधार साबित हो रही बातों के बाद भी उन्हें निशाना बनाए जाने की साजिशों ने पूरे महकमे को हिलाकर रख दिया है। शिकायतें निराधार, फिर भी चल रही दबाव की राजनीति मनोज पांडेय के खिलाफ की गई शिकायतों की दो बार जांच कराई जा चुकी है। दोनों बार विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से शिकायत को गलत बताया है, यहां तक कि शिकायतकर्ता ने भी बयान बदलते हुए मूल बिंदु से हटकर बयान दिए। इसके बावजूद, उक्त प्रकरण को जबरन महिला अपराध से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। सूत्र बताते हैं कि यह सब एक सोची-समझी रणनीति के तहत किया जा रहा है, जिससे डीएमसी को हटाकर किसी अन्य व्यक्ति को लाभ पहुंचाया जा सके। सजा से बचे दोषी, लेकिन डीएमसी पर कार्रवाई का दबाव चौंकाने वाली बात यह है कि विभाग में ऐसे अधिकारी भी हैं, जिन पर पहले से गंभीर आरोप हैं, यहां तक कि एक अधिकारी पर पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ है, फिर भी वे पद पर बने हुए हैं। ऐसे मामलों पर कोई चर्चा नहीं होती, न ही कार्रवाई होती है, लेकिन मनोज पांडेय पर बिना आधार के मामलों को बार-बार उठाया जा रहा है। जातिगत समीकरणों का प्रभाव? विभाग के भीतर चर्चा है कि यह पूरा मामला जातिगत समीकरणों की राजनीति का हिस्सा है। कुछ प्रभावशाली पूर्व अधिकारी और वर्तमान में विवादों में घिरे कर्मचारी मिलकर इस साजिश को अंजाम दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि इन लोगों की मंशा अपने ऊपर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों से ध्यान भटकाना और विभाग में प्रभाव बनाए रखना है।
पेड़ के नीचे बैठकर महुआ शराब पीते रहे दरोगा, ग्रामीणों ने पकड़ा तो मुंह छुपाकर भागने लगे, तस्वीरें वायरल
CG News: छत्तीसगढ़ के कोरिया वनमंडल के देवगढ़ वन परिक्षेत्र में वन सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहे दो दरोगा खुद ही नियमों की धज्जियां उड़ाते कैमरे में कैद हो गए. मामला निग्नोहर बीट के हर्राडीह क्षेत्र का है, जहां ड्यूटी के दौरान वर्दी पहने दो दरोगा पेड़ की छांव में बैठकर महुआ शराब का सेवन करते नजर आए. ग्रामीणों ने यह दृश्य मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया और अब वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. Hariyali Teej: आज है हरियाली तीज, जानें कैसे खोला जाता है व्रत, विधि और नियम ग्रामीणों ने रंगे हाथों पकड़ा प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जब ग्रामीण युवक वहां पहुंचे तो दरोगा आराम से बैठकर बोतल से शराब पी रहे थे. एक युवक ने महुआ शराब की बोतल सूंघ कर चिल्लाते हुए कहा दारू पी रहे हो यह सुनते ही दोनों दरोगा घबरा गए और तुरंत वहां से उठकर कार्य स्थल की ओर निकल पड़े. कैमरा ताने ग्रामीण उनका पीछा करते रहे लेकिन दोनों ने एक शब्द भी नहीं कहा जिससे यह स्पष्ट हो गया कि वे आरोपों का खंडन नहीं कर पाए. अगर वे निर्दोष होते तो विरोध जरूर करते लेकिन उनकी चुप्पी ने सब कुछ बयां कर दिया. “जांच में सामने आया है कि इन दोनों दरोगाओं में से एक का नाम एस.एस. खान है जो निग्नोहर बीट में पदस्थ हैं जबकि दूसरा हर्राडीह बीट के दरोगा कुजूर हैं. दोनों ही देवगढ़ वन परिक्षेत्र के अंतर्गत कार्यरत हैं. मामले को गंभीरता से लेते हुए जब दोनों से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उन्होंने न फोन उठाया और न ही व्हाट्सएप संदेशों का कोई जवाब दिया. उनकी यह चुप्पी भी सवाल खड़े कर रही है.” हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में भगदड़, 6 लोगों की मौत, 25 से 30 लोग घायल, आज सुबह की घटना वर्दीधारी कर्मचारी खुलेआम ड्यूटी के दौरान शराब पीने लगें ग्रामीणों ने इस घटना को लेकर कड़ा विरोध जताया है और विभागीय कार्रवाई की मांग की है. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि डीएफओ और विभागीय उच्चाधिकारी इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं. क्या निलंबन होगा जांच समिति बैठेगी या फिर मामले को दबा दिया जाएगा.
सूदखोरी का अड्डा जमींदोज : फरार हिस्ट्रीशीटर रोहित तोमर के दफ्तर पर चला बुलडोजर, पुलिस और निगम की टीम मौजूद
रायपुर : परदेसिया सूदखोर और हिस्ट्रीशीटर तोमर बंधुओं के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है. नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम बुलडोजर के साथ परदेसिया बदमाश रोहित तोमर के भाटागांव के साई नगर स्थित दफ्तर पर कार्रवाई के लिए पहुंच गई है. दफ्तर को बिना नक्शा और अनाधिकृत रूप से निर्माण किया गया है. बताया जा रहा है कि इसी दफ्तर से तोमर बंधु अवैध रूप से सूदखोरी का कारोबार संचालित करते थे. जानकारी के मुताबिक, फरार परदेसिया हिस्ट्रीशीटर रोहित तोमर अपनी पत्नी भावना तोमर के नाम से दफ्तर खोल रखा था. यहीं से वह और उसका भाई परदेसिया गुंडा वीरेंद्र तोमर अवैध रूप से ब्याज पर पैसा देने का काम करते थे. दोनों आरोपी लंबे समय से फरार हैं. कार्रवाई के लिए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है. निगम की टीम ने दफ्तर से अंदर मौजूद सामान को बाहर निकालना शुरू कर दिया है. प्रशासनिक अमले की मौजूदगी में किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस की स्पेशल टीम ‘प्रहरी’ भी मौके पर मौजूद है. रायपुर आख़िरकार चल गया बुलडोजर सूदखोर और फरार हिस्ट्रीशीटर रोहित तोमर के आफिस पर चला #Buldozer रोहित ने अपनी पत्नी के नाम से खोल रखा है दफ्तर दफ्तर से ही सूदखोरी का करते थे काम लंबे समय से फरार है सूदखोर रोहित और उसका भाई वीरेंद्र तोमर#TomarBandhu #Chhattisgarh pic.twitter.com/LSUbzWca5b — Anshuman Sharma (@anshuman_sunona) July 27, 2025
मनचाहा धन पाने के लिए 7 साल की मासूम की तांत्रिक बलि, भाई-भाभी समेत 5 आरोपी गिरफ्तार
मुंगेली : छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। जिले के कोसाबाड़ी गांव में तंत्र-मंत्र और झाड़फूंक के अंधविश्वास के चलते 7 वर्षीय मासूम लाली उर्फ महेश्वरी गोस्वामी की कथित रूप से बलि दे दी गई। आरोप है कि ‘मनचाहा धन’ प्राप्त करने के लालच में परिवार के ही लोगों ने मिलकर इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। घटना 11 अप्रैल 2025 की रात की है, जब बच्ची अपनी मां के साथ घर में सो रही थी और अगली सुबह लापता पाई गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की, लेकिन बच्ची का कोई सुराग नहीं मिला। करीब एक महीने बाद, 6 मई को गांव के श्मशान के पास एक खेत में मानव खोपड़ी और अस्थियाँ मिलीं। डीएनए जांच में पुष्टि हुई कि यह अवशेष लापता बच्ची लाली के ही थे। बलि देने की खौफनाक साजिश, रिश्तेदार निकले हत्यारे पुलिस जांच में जो खुलासा हुआ, वह बेहद चौंकाने वाला था। बच्ची की हत्या की साजिश उसी के रिश्ते में भाई-भाभी ने रची थी। आरोपियों ने ‘झरन पूजा’ नामक काले तांत्रिक अनुष्ठान के लिए बच्ची की बलि दी, ताकि वे समृद्धि प्राप्त कर सकें। इस खौफनाक कांड में कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिन्होंने अपना जुर्म भी कबूल कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में बच्ची का रिश्ते में भाई चिम्मन गिरी गोस्वामी, उसकी पत्नी ऋतु गोस्वामी, बच्ची को उठाने वाला नरेंद्र मार्को, पूजा में शामिल आकाश मरावी, और झाड़फूंक करने वाला बैगा रामरतन निषाद शामिल हैं। मुख्य साजिशकर्ता ऋतु गोस्वामी बताई गई है, जिसने बैगा के साथ मिलकर पूरी योजना रची। कैसे रची गई बलि की योजना पुलिस के मुताबिक, आरोपी महिला ने तांत्रिक पूजा के लिए बैगा से संपर्क किया और बच्ची की बलि देने की साजिश रच डाली। नरेंद्र मार्को को पैसे देकर बच्ची को रात में घर से उठवाया गया। उसे काले कपड़े पहनाकर तांत्रिक क्रियाएं की गईं और फिर चाकू से उसकी बेरहमी से हत्या कर शव खेत में दफना दिया गया। वैज्ञानिक तरीकों से जांच, पुलिस को मिली सफलता बिलासपुर रेंज के आईजी डॉ. संजीव शुक्ला और मुंगेली एसपी भोजराम पटेल के नेतृत्व में गठित विशेष जांच टीम ने साइबर सेल, सीसीटीवी, गवाहों के बयान, नार्को, ब्रेन मैपिंग और पॉलिग्राफ टेस्ट की मदद से मामले की तह तक पहुंचने में सफलता हासिल की। जांच के दौरान पूजा में इस्तेमाल की गई सामग्री और हत्या में प्रयुक्त हथियार भी बरामद कर लिए गए हैं। BNS की गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ मामला गिरफ्तार सभी आरोपियों को 26 जुलाई को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं 103(1), 140, 137(2), 61 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में लोरमी थाना, साइबर सेल और राजस्व विभाग की भूमिका सराहनीय रही। गांव में मातम और आक्रोश कोसाबाड़ी गांव समेत पूरे लोरमी क्षेत्र में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश और मातम है। मासूम बच्ची की बलि जैसी अमानवीय घटना ने समाज को झकझोर कर रख दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि अब ऐसे अंधविश्वासी कृत्यों के खिलाफ कड़ा एक्शन जरूरी है। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि अंधविश्वास आज भी ग्रामीण समाज में कितनी गहराई तक जड़ें जमा चुका है और किस तरह यह इंसानियत को शर्मसार कर रहा है। प्रशासन और समाज दोनों के लिए यह एक चेतावनी है कि अब जागरूकता, शिक्षा और कानून के प्रभावी क्रियान्वयन से ही ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सकती है।
‘सैयारा’ के मोह में ना खोएं होश : इस जिले की पुलिस की चेतावनी- अगर कोई ‘love you’ कहने के बाद…
मुंगेली: फिल्म ‘सैयारा’ की रोमांटिक कहानी युवाओं के बीच भावनात्मक जुड़ाव और ट्रेंड का कारण बन रही है. सोशल मीडिया पर #SaiyaaraVibes और #LoveLikeSaiyaara जैसे ट्रेंड्स में लोग अपने जज़्बात खुलकर शेयर कर रहे हैं. लेकिन जहां एक ओर इस फिल्म ने दिलों को छुआ है, वहीं दूसरी ओर इसी भावनात्मक लहर का फायदा उठाकर साइबर ठग सक्रिय हो गए हैं. इसी को देखते हुए मुंगेली पुलिस ने एक बेहद संवेदनशील और ज़रूरी साइबर सुरक्षा संदेश जारी किया है. मुंगेली पुलिस ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा है, “सैयारा की प्रेम कहानी दिल को छू जाती है, पर ऑनलाइन दुनिया में हर ‘सैयारा’ सच्चा नहीं होता. याद रखें, प्यार में दिल दिया जाता है, OTP या पासवर्ड नहीं. अगर कोई ‘I love you’ कहने के बाद आपका पिन या OTP मांगे, तो वो आपके दिल का नहीं, आपके बैंक बैलेंस का दीवाना है.” क्यों ज़रूरी है ये चेतावनी? मुंगेली पुलिस का यह संदेश हाल ही में सामने आए ऑनलाइन रोमांस फ्रॉड के मामलों के बाद आया है, जहां अजनबी व्यक्ति प्रेमजाल में फंसा कर लोगों से बैंक डिटेल्स, OTP और पैसे की मांग करते हैं.’सैयारा’ फिल्म के ट्रेंड को देखकर ठग अब इसी नाम या भावनात्मक संवादों के ज़रिए संपर्क कर लोगों को भरोसे में लेने की कोशिश कर रहे हैं. ‘सैयारा’ का क्रेज और धोखेबाज़ी का खतरा जहां एक ओर लोग इस फिल्म की कहानी में डूबे हैं, वहीं दूसरी ओर स्कैमर्स इस भावनात्मक जुड़ाव का फायदा उठा रहे हैं. पुलिस का कहना है कि लोग जल्दी भरोसे में आ जाते हैं और ऐसे ऑनलाइन ‘सैयारा’ प्रोफाइल्स को अपना साथी मान बैठते हैं. लेकिन कई बार इन रिश्तों के पीछे सिर्फ़ एक मकसद होता है – धोखाधड़ी. मुंगेली पुलिस की सलाह अनजान ऑनलाइन रिश्तों से सतर्क रहें.OTP, बैंक डिटेल्स, UPI पिन किसी के साथ साझा न करें.प्रेम के नाम पर पैसे मांगने वालों से सावधान रहें.यदि संदेह हो, तो तुरंत नजदीकी थाना या साइबर सेल से संपर्क करें. सोशल मीडिया पर मिलने वाले ‘फिल्मी सैयारा’ आपके असली जीवन में फ्रॉड हो सकते हैं. पहल अभियान और सोशल कैंपेन मुंगेली पुलिस ने अपने इस संदेश को #SaiyaaraSeSavdhaan, #CyberSafeRaho, #OnlineScam, #ThinkBeforeYouClick, और #पहलअभियान जैसे हैशटैग्स के साथ सोशल मीडिया पर साझा किया है, ताकि लोग भावनाओं में बहने से पहले सोचें और सुरक्षित रहें.
प्रधानमंत्री के तौर पर मोदी ने बनाया कीर्तिमान, सीएम साय ने कहा- विश्व में बढ़ाया भारत का मान-सम्मान
रायपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 जुलाई को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए लगातार सबसे लंबे समय तक भारत के प्रधानमंत्री रहने वाले दूसरे व्यक्ति बन गए. इस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मोदी ने प्रधानमंत्री के रूप में हर क्षेत्र में भारत को आगे बढ़ाया है. पूरे विश्व में भारत का मान-सम्मान बढ़ाया है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मीडिया से चर्चा में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज विश्व के सर्वाधिक लोकप्रिय नेता के रूप में उभरे हैं. देश की जनता के आशीर्वाद से तीसरी बार प्रधानमंत्री बने हैं. सबका साथ सबका विकास, सबका विश्वास और सब का प्रयास को मूल मंत्र मानते हुए एक भारत श्रेष्ठ भारत का नारा बुलंद किया है. देश के पूरे 140 करोड़ भारतीयों के उत्थान के लिए वे काम कर रहे हैं.
हथनी और शावक ने मचाया जमकर उत्पात, हमले में किसान समेत 2 की मौत, इलाके में दहशत का माहौल
रायगढ़ : रायगढ़ जिले से निकलकर मादा हाथी अपने शावक के साथ जशपुर जिले के चार गांव में घुसकर उत्पात मचा रही है. बालाझार गांव में शुक्रवार सुबह इन हाथियों ने किसान समेत दो लोगों को कुचलकर दिया, मौके पर ही उनकी मौत हो गई. पिछले पांच दिनों में यह हाथी छह लोगों की जान ले चुकी है, जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल है. चाइना ओपन के सेमीफाइनल में पहुंची सात्विक-चिराग की जोड़ी, उन्नति यामागुची से हारकर बाहर जानकारी के अनुसार, धर्मजयगढ़ वन मंडल से लगे पत्थलगांव क्षेत्र में एक सरकारी स्कूल के समीप हाथी ने वन विभाग की टीम और वाहन पर हमला कर दिया. मादा हाथी ने वन विभाग की खड़ी स्कार्पियों को नुकसान पहुंचाया. बच्चों ने छत पर चढ़कर जान बचाई. स्कॉर्पियो वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और वाहन चालक समेत तीन लोगों ने किसी तरह बचकर भाग निकले. एकता कपूर का ALTT ऐप से नहीं कोई लेना-देना, सरकार के बैन लगाने पर तोड़ी चुप्पी, बोलीं- ‘4 साल पहले ही…’ पिछले पांच दिनों में यह हाथी छह लोगों की जान ले चुकी है, जिनमें से चार की मौत रायगढ़ जिले में और दो की मौत जशपुर जिले में हुई है. हाथी के डर से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है, कई गांवों में दिन और रात सन्नाटा पसरा हुआ है.
Chhattisgarh Highcourt ने SSP को अवमानना नोटिस किया जारी, जानिए पूरा मामला…
बिलासपुर: हाईकोर्ट ने सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों के अवकाश नगदीकरण भुगतान में देरी करने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह को अवमानना नोटिस (Contempt Notice) जारी किया है. जस्टिस रविन्द्र अग्रवाल की सिंगल बैंच ने आदेश की अवहेलना मानते हुए यह नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है. सचिन पायलट का रायपुर दौरा: जेल में चैतन्य बघेल से मिलने पहुंचे, महंत-शिव डहरिया समेत नेता मौजूद पुलिस विभाग से सेवानिवृत्त सहायक उप निरीक्षक बैजनाथ राय, निरीक्षक रघुनंदन शर्मा, सहायक उप निरीक्षक हनुमान प्रसाद मिश्रा सहित कुल 33 पुलिसकर्मियों ने मध्य प्रदेश राज्य के समान 300 दिन के अवकाश नगदीकरण का लाभ देने की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी. याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता धीरेन्द्र पांडेय व विजय मिश्रा ने पैरवी करते हुए दलील दी थी कि मध्य प्रदेश के कर्मचारियों की भांति छत्तीसगढ़ के पुलिसकर्मियों को भी 300 दिन के अवकाश नगदीकरण का लाभ मिलना चाहिए. गूगल मैप ने फिर दिया धोखा! खाई में गिरी कार, पुलिस ने बचाई महिला की जान… पहले भी कई बार हुआ ऐसा मामले में हाई कोर्ट ने 29 जनवरी 2025 को सुनवाई करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर को निर्देशित किया था कि वे सुप्रीम कोर्ट के फगुआ राम प्रकरण के आदेश के अनुरूप 90 दिन के भीतर याचिकाकर्ताओं के अभ्यावेदन का निराकरण कर अवकाश नगदीकरण की राशि का भुगतान करें. कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद एसएसपी बिलासपुर द्वारा निर्धारित अवधि में न तो अभ्यावेदन का निराकरण किया गया और न ही अवकाश नगदीकरण की राशि का भुगतान किया गया. इससे क्षुब्ध होकर याचिकाकर्ताओं ने हाई कोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की. अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस रविन्द्र अग्रवाल की बेंच ने प्रथम दृष्टया आदेश की अवहेलना मानते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर को अवमानना नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है.
सचिन पायलट का रायपुर दौरा: जेल में चैतन्य बघेल से मिलने पहुंचे, महंत-शिव डहरिया समेत नेता मौजूद
रायपुर: छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट रायपुर सेंट्रल जेल पहुंचकर चैतन्य बघेल से मुलाकात की। जानकारी के मुताबिक, पायलट सुबह 8:00 बजे रायपुर एयरपोर्ट पहुंचे। इसके बाद वे सेंट्रल जेल गए। इस दौरान उनके साथ सह प्रभारी जरिता लैतफलांग, विजय जांगिड़, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत, शिव डहरिया भी मौजूद रहे। गूगल मैप ने फिर दिया धोखा! खाई में गिरी कार, पुलिस ने बचाई महिला की जान… पहले भी कई बार हुआ ऐसा वहीं पायलट के दौरे पर भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा ने तंज कसा है। उनके मुताबिक दिल्ली में पप्पू और छत्तीसगढ़ में बिट्टू यही कांग्रेस की राजनीति बची है। कांग्रेस केवल परिवार तक सिमट गई है। पुरंदर ने आगे कहा कि आर्थिक नाकेबंदी के दौरान कांग्रेस ने रोजी पर मजदूर बुलाए थे जिन्हें पेमेंट नहीं करने पर वे हल्ला मचा रहे थे। लगातार बारिश से कच्चा मकान ढहा, मलबे में दबने से मासूम बच्ची की मौत, 6 लोग सुरक्षित निकाले गए… आपको बता दें कि, छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को ED ने 22 जुलाई को रायपुर की स्पेशल कोर्ट में पेश किया था। कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की ज्यूडिशियल रिमांड पर 4 अगस्त तक रायपुर जेल भेज दिया है। इससे पहले ED ने चैतन्य से 5 दिन तक पूछताछ की थी।
स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट शासकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय कोरबी में सरस्वती पूजन हर्षोल्लास से संपन्न
















