महादेव सट्टा कनेक्शन: कांकेर पुलिस का प्रधान आरक्षक निलंबित, खुफिया रिपोर्ट के बाद मचा हड़कंप
✍️ भागीरथी यादव कांकेर, 31 जनवरी। महादेव ऑनलाइन सट्टा गिरोह से कथित संबंधों को लेकर कांकेर पुलिस के प्रधान आरक्षक विजय कुमार पांडेय पर गाज गिर गई है। कांकेर पुलिस अधीक्षक निखिल राखेजा ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विजय पांडेय वर्तमान में जिले की डीसीबी/डीसीआरबी शाखा में पदस्थ था। सूत्रों के अनुसार, प्रधान आरक्षक विजय पांडेय बीते कुछ समय से राजनांदगांव जिले में सक्रिय रहकर अवैध कारोबार से जुड़े लोगों के संपर्क में था। उसकी गतिविधियों की जानकारी प्रदेश के खुफिया तंत्र को मिली, जिसके बाद खुफिया प्रमुख अमित कुमार द्वारा संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाए जाने की चर्चा है। इसी इनपुट के बाद कांकेर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए निलंबन का आदेश जारी किया। दुबई यात्रा और ईडी जांच में आया था नाम इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में यह खुलासा हो चुका है कि विजय पांडेय बिना विभागीय अनुमति के दुबई गया था। बताया गया कि दुबई में वह महादेव सट्टा एप के मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर के आतिथ्य में ठहरा था। इस खुलासे के बाद से ही वह लगातार विवादों में घिरा हुआ था। वरिष्ठ अधिकारियों से नजदीकी के भी आरोप सूत्र यह भी बताते हैं कि विजय पांडेय की प्रदेश के कई वरिष्ठ अधिकारियों से नजदीकी मानी जाती है। जानकारी के मुताबिक, वह पिछले एक सप्ताह से राजनांदगांव में अवैध कारोबारियों से मुलाकात कर रहा था और बैठकों में अवैध गतिविधियों से जुड़े संभावित प्लान पर चर्चा की जा रही थी। इन सभी गतिविधियों की रिपोर्ट खुफिया विभाग द्वारा उच्च स्तर पर भेजी गई थी। एसपी के निलंबन आदेश में क्या कहा गया पुलिस अधीक्षक उत्तर बस्तर कांकेर द्वारा जारी आदेश में उल्लेख है कि प्रधान आरक्षक विजय कुमार पांडेय को कर्तव्य से अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय रक्षित केंद्र, कांकेर रहेगा तथा वे नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता पाने के पात्र होंगे। इसके साथ ही एसपी ने मामले की प्राथमिक जांच के आदेश देते हुए 7 दिवस के भीतर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है और जांच आगे बढ़ने के साथ ही और भी बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।
पुलिस प्रताड़ना से तंग आकर युवक ने की खुदकुशी, प्रधान आरक्षक पर FIR दर्ज
अंबिकापुर (सरगुजा): छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से खाकी को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। लखनपुर थाने में पदस्थ एक प्रधान आरक्षक की कथित वसूली और मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर आशीष मिंज नामक युवक ने मौत को गले लगा लिया। पुलिस ने आरोपी प्रधान आरक्षक के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया है। रिश्वत और धमकी का खेल मृतक के परिजनों का आरोप है कि प्रधान आरक्षक पन्नालाल आशीष मिंज को लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था। बताया जा रहा है कि आशीष की प्रेमिका ने कुछ समय पहले आत्महत्या कर ली थी। इसी मामले का डर दिखाकर आरोपी आरक्षक आशीष से 50 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा था। परिजनों के अनुसार: पन्नालाल ने धमकी दी थी कि यदि पैसे नहीं दिए गए, तो वह आशीष को उसकी प्रेमिका की मौत के मामले में मुख्य आरोपी बनाकर जेल भेज देगा। इस धमकी और भारी मानसिक दबाव के कारण आशीष गहरे तनाव में था। अंततः, प्रताड़ना से हारकर आशीष ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। जांच में दोषी पाया गया आरक्षक घटना के बाद परिजनों के आक्रोश और शिकायत को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच के आदेश दिए थे। प्राथमिक जांच में प्रधान आरक्षक पन्नालाल पर लगे आरोप सही पाए गए। इसके बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लखनपुर थाने में आरोपी के खिलाफ IPC/भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। विभाग में हड़कंप एक पुलिसकर्मी पर ही आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का मामला दर्ज होने से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि: “मामले की निष्पक्ष जांच जारी है। अनुशासनहीनता और भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोष सिद्ध होने पर आरोपी के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।” वहीं, पीड़ित परिवार अब भी न्याय की गुहार लगा रहा है और आरोपी की जल्द गिरफ्तारी व कड़ी सजा की मांग कर रही है।
राजिम कुंभकल्प मेले में अव्यवस्थाओं को लेकर उबाल, अवैध वसूली के आरोप में व्यापारी सड़क पर
✍️ भागीरथी यादव राजिम कुंभकल्प मेले के शुभारंभ के साथ ही व्यवस्थाओं को लेकर विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। मेले में दुकान आवंटन के नाम पर कथित अवैध वसूली और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की अनदेखी के आरोपों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मगरलोड क्षेत्र के व्यापारियों ने लोमस ऋषि आश्रम के समीप धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। व्यापारियों का आरोप है कि मेले में दुकान लगाने के लिए उनसे जबरन एक हजार रुपये वसूले जा रहे हैं। छोटे व्यापारियों का कहना है कि धार्मिक आयोजन में इस तरह की वसूली न केवल अनुचित है, बल्कि उनके सीमित आर्थिक संसाधनों पर सीधा प्रहार भी है। इसी के विरोध में बड़ी संख्या में व्यापारी अपने कामकाज छोड़कर आंदोलन में शामिल हो गए हैं। विरोध प्रदर्शन में मगरलोड जनपद क्षेत्र के जनप्रतिनिधि भी खुलकर सामने आ गए हैं। उनका आरोप है कि इतने बड़े धार्मिक आयोजन में उन्हें पूरी तरह नजरअंदाज किया गया। न तो प्रशासन ने उनसे कोई परामर्श किया और न ही व्यवस्थाओं में उनकी सहभागिता सुनिश्चित की गई। जनप्रतिनिधियों ने गरियाबंद जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए इसे प्रशासनिक तानाशाही करार दिया। मेले के शुरुआती दिनों में ही उपजे इस विवाद ने प्रशासनिक तैयारियों की पोल खोल दी है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि समय रहते पारदर्शी और समन्वित व्यवस्था बनाई जाती, तो ऐसी स्थिति उत्पन्न ही नहीं होती। फिलहाल, व्यापारी और जनप्रतिनिधि अपनी मांगों पर डटे हुए हैं और प्रशासन से अवैध वसूली पर रोक तथा पारदर्शी व्यवस्था लागू करने की मांग कर रहे हैं।
रायपुर: पॉक्सो एक्ट के आरोपी से सांठगांठ पड़ी भारी, महिला हेड कांस्टेबल निलंबित
रायपुर। राजधानी के कबीर नगर थाने में पदस्थ एक महिला हेड कांस्टेबल को अनुशासनहीनता और संदिग्ध आचरण के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। महिला प्रधान आरक्षक पर आरोप है कि उन्होंने दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट जैसे गंभीर मामले के आरोपी से हाथ मिलाकर केस को कमजोर करने की कोशिश की। वर्दी पर लगा ‘सांठगांठ’ का दाग पूरा मामला कबीर नगर थाने में दर्ज दुष्कर्म और पाॅक्सो एक्ट (अपराध क्रमांक 13/26) से जुड़ा है। इस केस की जांच की जिम्मेदारी महिला प्रधान आरक्षक चंद्रकला साहू (नंबर 1507) के पास थी। जांच के दौरान यह शिकायत सामने आई कि चंद्रकला ने आरोपी पक्ष से मेल-जोल बढ़ाया और केस को रफा-दफा करने या कमजोर करने के लिए अनुचित लाभ की अपेक्षा की। पीड़िता पर बनाया बयान बदलने का दबाव मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि विवेचक (Investigator) होने के नाते न्याय दिलाने के बजाय, प्रधान आरक्षक पर ही पीड़िता को डराने-धमकाने का आरोप लगा है। सूत्रों के मुताबिक: आरोपी को लाभ पहुँचाने के लिए पीड़िता पर बयान बदलने का दबाव बनाया गया। आरोपी पक्ष से केस कमजोर करने के एवज में रुपयों के लेन-देन की शिकायत भी सामने आई। डीसीपी का कड़ा एक्शन जैसे ही इस गंभीर लापरवाही और भ्रष्टाचार की शिकायत पश्चिम डीसीपी संदीप पटेल तक पहुँची, उन्होंने बिना देरी किए सख्त रुख अपनाया। डीसीपी द्वारा जारी आदेश में महिला प्रधान आरक्षक के आचरण को “स्वेच्छाचारिता और संदिग्ध” मानते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है। निलंबन की अवधि के दौरान उन्हें रक्षित केंद्र (पुलिस लाइन) रायपुर भेज दिया गया है। आदेश का मुख्य अंश: “प्रकरण की विवेचना में विवेचक द्वारा संदिग्ध आचरण प्रदर्शित किए जाने के फलस्वरूप तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है।”
कवर्धा: वर्दी को शर्मसार करने वाले आरक्षक पर गाज, नशे में हंगामे के बाद सेवा से बर्खास्त
कबीरधाम। अनुशासनहीनता और नशाखोरी के खिलाफ कबीरधाम पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। वर्दी की मर्यादा भूलकर सार्वजनिक स्थान पर शराब के नशे में हंगामा करने वाले आरक्षक अभिषेक लकड़ा (क्र. 126) को पुलिस अधीक्षक ने सेवा से बर्खास्त (Dismiss) कर दिया है। इस फैसले ने विभाग के भीतर और बाहर यह स्पष्ट संदेश दिया है कि ‘खाकी’ के अपमान को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। क्या था पूरा मामला? यह घटना 30 अप्रैल 2025 की है, जब आरक्षक अभिषेक लकड़ा वर्दी पहनकर शराब के नशे में एक शोरूम में दाखिल हुआ। वहां उसने न केवल कर्मचारियों से अभद्रता की, बल्कि आम जनता के साथ भी अशिष्ट व्यवहार करते हुए जमकर हंगामा मचाया। शोरूम संचालक की शिकायत पर जब थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे, तब भी आरक्षक के व्यवहार में कोई सुधार नहीं दिखा। जांच में खुले अनुशासनहीनता के पुराने रिकॉर्ड पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह के निर्देश पर हुई विभागीय जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए: मेडिकल पुष्टि: जिला अस्पताल में हुई जांच में आरक्षक द्वारा अत्यधिक शराब सेवन की पुष्टि हुई। आदतन अपराधी: जांच में पता चला कि आरक्षक का सेवाकाल छोटा होने के बावजूद उसका रिकॉर्ड बेहद खराब था। पिछली सजाएं: उसे पूर्व में 7 बार ‘निंदा’ की सजा और 2 बार वेतनवृद्धि रोकने का दंड दिया जा चुका था, लेकिन उसके आचरण में सुधार नहीं हुआ। एसपी का सख्त फैसला: विभाग में जगह नहीं विभागीय जांच में आरोपों के सिद्ध होने और आरक्षक के जवाब संतोषजनक न पाए जाने पर एसपी कबीरधाम ने कठोर निर्णय लिया। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अनुशासनहीनता की पराकाष्ठा मानते हुए आरक्षक को तत्काल प्रभाव से नौकरी से निकाल दिया गया है। “पुलिस विभाग अनुशासन पर टिका है। वर्दी पहनकर अमर्यादित व्यवहार और नशाखोरी करने वाले कर्मचारियों के लिए विभाग में कोई स्थान नहीं है।”
महासमुंद में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 7.86 करोड़ का गांजा व नशीली सिरप जब्त
✍️ भागीरथी यादव यूट्यूबर समेत 27 आरोपी गिरफ्तार, ओडिशा–महाराष्ट्र नेटवर्क ध्वस्त महासमुंद पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने 7 से 29 जनवरी के बीच बड़ी कार्रवाई करते हुए नशे के अवैध कारोबार पर करारा प्रहार किया है। पुलिस ने 8 अलग-अलग मामलों में कुल 7.86 करोड़ रुपए मूल्य का गांजा और नशीली सिरप जब्त की है। इस दौरान एक चर्चित यूट्यूबर सहित कुल 27 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। सभी आरोपी ओडिशा और महाराष्ट्र से जुड़े बताए जा रहे हैं। यूट्यूबर आकाश जाधव निकला गांजा तस्करी का सरगना पुलिस जांच में सामने आया है कि महाराष्ट्र निवासी यूट्यूबर आकाश जाधव ओडिशा से महाराष्ट्र तक गांजा तस्करी का मुख्य सरगना था। आकाश के यूट्यूब चैनल पर 5.68 मिलियन और इंस्टाग्राम पर 3.17 लाख फॉलोअर्स हैं। वह सांपों के रेस्क्यू से जुड़े वीडियो बनाता था। पुलिस ने आकाश की करीब डेढ़ लाख रुपए की संपत्ति जब्त की है। वह पुणे के एक मामले में पिछले छह महीने से फरार था। हाल ही में एम्बुलेंस के जरिए गांजा तस्करी की जो खेप पकड़ी गई थी, वह भी उसी की बताई जा रही है। कोमाखान थाना क्षेत्र में अब तक की सबसे बड़ी बरामदगी कोमाखान थाना क्षेत्र में पुलिस को सबसे बड़ी सफलता मिली है। यहां से 950 किलो गांजा बरामद किया गया, जिसकी कीमत करीब 4.75 करोड़ रुपए आंकी गई है। इस मामले में महाराष्ट्र के जालना जिले के परिवहनकर्ताओं के साथ मुख्य व्यवस्थापक प्रदीप मुसदवले को गिरफ्तार किया गया है। एक अन्य मामले में पुलिस ने 520 किलो गांजा (कीमत करीब 2.60 करोड़ रुपए) जब्त किया। इसमें पुणे के कुख्यात सोनवाने परिवार के रामदास सोनवाने, कुनाल सोनवाने और प्रतीक सोनवाने को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही ओडिशा के कालाहांडी जिले के सप्लायर रंजन दुर्गा को भी पकड़ा गया है। ओडिशा से दुर्ग–रायपुर तक फैला नेटवर्क टूटा सिंघोड़ा पुलिस ने अंतरराज्यीय सीमा पर कार्रवाई करते हुए 50 किलो गांजा (कीमत करीब 25 लाख रुपए) के साथ परिवहनकर्ता कुशल सिंह और उत्तर प्रदेश के खरीदार राघवेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया। एक अन्य कार्रवाई में 26 किलो गांजा (कीमत करीब 13 लाख रुपए) बरामद कर पुणे और महासमुंद के तस्करों के साथ ओडिशा के सप्लायर और वाहन मालिक को गिरफ्तार किया गया। नशीली सिरप के अवैध कारोबार पर भी कार्रवाई पुलिस ने नशीली सिरप के अवैध व्यापार में शामिल नेटवर्क पर भी कार्रवाई करते हुए 146 नशीली सिरप जब्त की है। इससे ओडिशा से दुर्ग और रायपुर तक फैला नेटवर्क टूट गया है। दो अन्य मामलों में 32 किलो से अधिक गांजा भी जब्त किया गया। आरंग क्षेत्र से भी गांजा बरामद आरंग क्षेत्र से पुलिस ने 4.930 किलो गांजा जब्त कर खरीदार ओमप्रकाश रात्रे को गिरफ्तार किया है। वहीं कंधमाल (ओडिशा) के सप्लायर शिबू बिधानी को भी पकड़ा गया है। रायपुर के समता कॉलोनी निवासी हर्षित सक्सेना को इस नेटवर्क में फॉरवर्ड लिंक के रूप में चिन्हित किया गया है। तकनीकी साक्ष्यों से पूरे नेटवर्क पर शिकंजा पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स मोबाइल डेटा, लोकेशन ट्रैकिंग, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और डिजिटल लेन-देन जैसे तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर नशे की तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क को तोड़ने की कार्रवाई लगातार कर रही है।
बिलासपुर में दिनदहाड़े चाकूबाजी, युवक की हत्या से सनसनी
पुराने विवाद ने लिया जानलेवा मोड़, आरोपी फरार बिलासपुर। शहर के व्यस्ततम इलाकों में शामिल शनिचरी बाजार हैप्पी स्ट्रीट रोड पर शनिवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक युवक पर धारदार हथियार से ताबड़तोड़ हमला कर दिया गया। पुराने विवाद के चलते हुए इस जानलेवा हमले में युवक की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र की है। मृतक की पहचान सानू उर्फ अमन खान के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आरोपी ने अचानक युवक पर चाकू से कई वार किए, जिससे वह लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़ा। आसपास मौजूद लोगों ने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और क्षेत्र को घेराबंदी कर जांच शुरू की। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में मामला पुराने विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं, वहीं प्रत्यक्षदर्शियों से भी गहन पूछताछ जारी है। दिनदहाड़े हुई इस हत्या से इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में दिखा दुनिया का सबसे तेज पक्षी ‘पेरेग्रीन फाल्क
✍️ भागीरथी यादव रायपुर: छत्तीसगढ़ की समृद्ध जैव विविधता अब अंतरराष्ट्रीय स्तर के दुर्लभ पक्षियों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। इसी कड़ी में उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व से एक रोमांचित करने वाली खबर सामने आई है। यहाँ दुनिया के सबसे तेज उड़ने वाले पक्षी, पेरेग्रीन फाल्कन (स्थानीय नाम: शाहीन बाज), को एक बार फिर देखा गया है। कैमरे में कैद हुआ ‘आसमान का चीता’ इस दुर्लभ पक्षी की मौजूदगी को वन रक्षक ओमप्रकाश राव ने अपने कैमरे में कैद किया है। इससे पहले भी इस बाज़ को आमामोरा ओड़ क्षेत्र के ‘शेष पगार जलप्रपात’ के पास ड्रोन कैमरों में देखा गया था। बार-बार इसकी उपस्थिति दर्ज होना यह सिद्ध करता है कि छत्तीसगढ़ का वातावरण इन विदेशी और दुर्लभ प्रजातियों के लिए अनुकूल हो चुका है। 320 किमी/घंटा की रफ्तार से करता है शिकार पेरेग्रीन फाल्कन अपनी अविश्वसनीय गति के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है: गोता लगाने की गति: शिकार पर झपट्टा मारते समय इसकी रफ्तार 320 किमी प्रति घंटा तक पहुँच जाती है। सामान्य उड़ान: उड़ते समय भी यह करीब 300 किमी प्रति घंटा की गति बनाए रख सकता है। प्रमुख विशेषता: इसके मजबूत और नुकीले पीले पंजे उड़ते हुए पक्षियों (जैसे कबूतर और तोते) को पकड़ने में माहिर होते हैं। वन विभाग के लिए बड़ी उपलब्धि वन अधिकारियों के अनुसार, पेरेग्रीन फाल्कन का इस क्षेत्र में दिखना टाइगर रिजर्व के स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) का संकेत है। अपनी सटीक शिकार तकनीक और ऊँचाई से गोता लगाने की कला के कारण इसे ‘आसमान का चीता’ भी कहा जाता है।
बलरामपुर में नदी किनारे रेत में दबा मिला अज्ञात शव, हत्या की आशंका
✍️ भागीरथी यादव बलरामपुर जिले में सेंदुर नदी के किनारे रेत के नीचे दबा एक अज्ञात शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। यह मामला बलरामपुर कोतवाली थाना क्षेत्र का है। गुरुवार शाम कुछ ग्रामीण नदी की ओर गए थे, तभी उनकी नजर रेत में दबे शव पर पड़ी। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लिया। इसके बाद फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल की बारीकी से जांच की। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि शव को जानबूझकर रेत में दबाकर छिपाया गया था, जिससे हत्या की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। पुलिस ने शव की शिनाख्त के प्रयास शुरू कर दिए हैं। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए मर्चुरी भेज दिया गया है। थाना प्रभारी भापेंद्र साहू ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच में जुटी हुई है।
जिले में किरायेदार सत्यापन अनिवार्य, कलेक्टर के आदेश से लागू होगी सख्ती
✍️ भागीरथी यादव एमसीबी। जिले में नागरिकों की सुरक्षा, शांति और कानून व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने किरायेदार सत्यापन को अनिवार्य कर दिया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी डी. राहुल वेंकट (आईएएस) द्वारा इस संबंध में आदेश जारी किए गए हैं। जिला पुलिस प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत नगरीय एवं नगर बाह्य क्षेत्रों में प्रभावशील किया गया है। आदेश के तहत अब बिना पुलिस सत्यापन किसी भी व्यक्ति को मकान या कमरा किराए पर देना प्रतिबंधित रहेगा। मकान मालिकों पर बढ़ी जिम्मेदारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सभी मकान मालिकों को अपने किरायेदारों की पूरी जानकारी संबंधित थाना में अनिवार्य रूप से देनी होगी। इसमें किरायेदार का नाम, स्थायी पता, मोबाइल नंबर और वैध पहचान पत्र शामिल है। साथ ही, पहले से निवासरत किरायेदारों का भी तत्काल पुलिस सत्यापन कराना अनिवार्य किया गया है। संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देना होगा अनिवार्य जिला प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि बिना पहचान पत्र वाले किसी भी व्यक्ति को किराये पर न रखा जाए। यदि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करना मकान मालिक की जिम्मेदारी होगी। उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई आदेश का पालन नहीं करने पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश जारी तिथि से आगामी दो माह अथवा अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा। प्रशासन की नागरिकों से अपील जिला प्रशासन ने सभी मकान मालिकों और नागरिकों से कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने और किरायेदार सत्यापन प्रक्रिया का पूर्ण रूप से पालन करने की अपील की है।
















