सेक्स सीडी कांड में नया मोड़: सेशन कोर्ट ने CBI कोर्ट का फैसला किया रद्द, भूपेश बघेल को फिर ट्रायल का सामना

✍️ भागीरथी यादव   छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित सेक्स सीडी कांड मामले में एक बार फिर बड़ा कानूनी मोड़ सामने आया है। रायपुर सेशन कोर्ट ने 24 जनवरी को CBI की लोअर कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले को निरस्त करते हुए CBI की रिव्यू पिटिशन को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को एक बार फिर मुकदमे का सामना करना होगा। सेशन कोर्ट ने भूपेश बघेल को नियमित कोर्ट में पेश होने के निर्देश दिए हैं। इस मामले की पहली सुनवाई 23 फरवरी 2026 को तय की गई है। भूपेश बघेल के अधिवक्ता फैजल रिजवी ने कोर्ट में पेशी की तारीख की पुष्टि की है। सेशन कोर्ट के फैसले के बाद भूपेश बघेल ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह पूरी कार्रवाई राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा है। उन्होंने कहा, “यह केंद्र और राज्य सरकार की सोची-समझी चाल है। अदालत में सच्चाई सामने आएगी। हम लड़ेंगे और जीतेंगे।” गौरतलब है कि इसी मामले में 4 मार्च 2025 को रायपुर की विशेष CBI कोर्ट ने भूपेश बघेल को साक्ष्यों के अभाव में सभी आरोपों से बरी कर दिया था। कोर्ट ने स्पष्ट कहा था कि उनके खिलाफ मुकदमा चलाने का कोई ठोस आधार नहीं है और सभी धाराएं हटा दी गई थीं। हालांकि, CBI ने उस फैसले के खिलाफ सेशन कोर्ट में रिव्यू याचिका दाखिल की थी, जिसे अब स्वीकार कर लिया गया है। सेशन कोर्ट ने 2024-25 में मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा दिए गए राहत आदेश को रद्द कर दिया है, जिससे भूपेश बघेल की कानूनी मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। इससे पहले भूपेश बघेल की ओर से जबलपुर हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता मनीष दत्त ने अदालत में पक्ष रखते हुए कहा था कि उन्हें झूठे मामले में फंसाया गया है। उन्होंने दलील दी थी कि भूपेश बघेल ने न तो किसी सीडी का निर्माण कराया और न ही उसका वितरण किया, और उन्होंने किसी भी प्रकार का अपराध नहीं किया है। अब सेशन कोर्ट के फैसले के बाद यह मामला फिर से ट्रायल के दौर में प्रवेश कर गया है, जिस पर पूरे प्रदेश की राजनीतिक निगाहें टिकी हुई हैं।  

नगरनार पुलिस की बड़ी कार्रवाई: ओडिशा से रायपुर ले जाए जा रहे गांजे के साथ महिला तस्कर गिरफ्तार

✍️ भागीरथी यादव     बस्तर – नगरनार पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने ओडिशा से रायपुर ले जाए जा रहे गांजे की तस्करी का भंडाफोड़ करते हुए एक महिला को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी महिला के कब्जे से 4.667 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 2 लाख 44 हजार रुपए बताई जा रही है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 26 जनवरी को नगरनार पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई थी कि ग्राम धनपुंजी मंडी नाका, राष्ट्रीय राजमार्ग-63 के पास एक महिला गांजा लेकर रायपुर जाने वाली बस का इंतजार कर रही है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची। मौके पर पुलिस ने बताए गए हुलिए की एक महिला को सड़क किनारे नीले रंग का बैग लिए खड़ा पाया। पुलिस टीम को देखते ही महिला घबरा गई और भागने का प्रयास करने लगी, लेकिन महिला पुलिसकर्मियों की सतर्कता से उसे घेराबंदी कर पकड़ लिया गया। पूछताछ में आरोपी महिला ने अपना नाम सुमन पाल (उम्र 40 वर्ष) बताया, जो उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित संजय गांधी नगर की रहने वाली है। तलाशी के दौरान उसके बैग से दो पैकेटों में भरा कुल 4.667 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। इसके साथ ही पुलिस ने आरोपी के पास से दो मोबाइल फोन और 1,000 रुपए नकद भी जब्त किए हैं। जब्त किए गए कुल सामान की कीमत करीब 2 लाख 44 हजार 350 रुपए आंकी गई है। नगरनार पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

पखांजूर में नाबालिग से हैवानियत: 52 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार, पानी मांगने के बहाने घर में घुसा था दरिंदा

    पखांजूर। कांकेर जिले के पखांजूर क्षेत्र से मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक 52 वर्षीय व्यक्ति ने घर में अकेली पाकर एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।  प्यास बुझाने के बहाने दी दरिंदगी को अंजाम जानकारी के अनुसार, घटना 17 जनवरी 2026 की है। ग्राम पीवी 59 निवासी आरोपी विकास बाईन (52 वर्ष) सुबह करीब 10 से 11 बजे के बीच पीड़िता के घर पहुँचा। उस वक्त नाबालिग घर में अकेली थी। आरोपी ने प्यास लगने का बहाना कर पानी मांगा और जैसे ही मासूम पानी लेकर आई, आरोपी ने उसे जबरन कमरे में खींच लिया और उसके साथ अनाचार किया। पूरे परिवार को खत्म करने की दी थी धमकी हैवानियत की हदें पार करने के बाद आरोपी ने जाते-जाते मासूम को खौफजदा कर दिया। उसने धमकी दी कि यदि उसने इस घटना के बारे में किसी को बताया, तो वह उसके पूरे परिवार को जान से मार देगा। डरी-सहमी पीड़िता ने अंततः परिजनों को आपबीती सुनाई, जिसके बाद थाने में मामला दर्ज कराया गया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी कांकेर पुलिस अधीक्षक निखिल अशोक कुमार राखेचा के निर्देशन में मामले की गंभीरता को देखते हुए पखांजूर पुलिस ने जाल बिछाया। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी विकास बाईन को धर दबोचा। दर्ज धाराएं: पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64(1), 351(3) और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) की धारा 4 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है, जिसके बाद उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। इस सफल कार्रवाई में पखांजूर थाना प्रभारी लक्ष्मण केवट, SI अनिल कुमार पालेश्वर, ASI बिन्दुलता देवांगन सहित रूबेन टोप्पो और आरक्षक दिव्या की मुख्य भूमिका रही।  

अंबिकापुर में फर्जी नाम-धर्म से प्रेमजाल: आदिवासी युवती से धोखाधड़ी और शोषण का आरोप, आरोपी हिरासत में

    अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। अंबिकापुर में एक युवक पर नाम और पहचान छुपाकर आदिवासी युवती को प्रेमजाल में फंसाने, शादी का झांसा देने तथा आर्थिक व मानसिक शोषण करने के आरोप लगे हैं। पीड़िता की शिकायत पर गांधीनगर पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार आरोपी का असली नाम मोहम्मद महफूज है, जो बिहार के पटना का निवासी बताया जा रहा है। उसने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर हिंदू नाम से फर्जी आईडी बनाकर खुद को रेलवे कर्मचारी बताया और इसी झूठी पहचान के जरिए युवती से संपर्क स्थापित किया। बातचीत के दौरान आरोपी ने शादी, नौकरी और सुरक्षित भविष्य का भरोसा दिलाकर युवती का विश्वास जीता। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने फर्जी आधार कार्ड तैयार कराया था, जिसमें उसने अपना नाम और धर्म बदलकर खुद को हिंदू दर्शाया। इसी दस्तावेज के आधार पर उसने युवती को अपने झांसे में लिया। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने उससे शारीरिक संबंध बनाए और अलग-अलग बहानों से 54 हजार रुपये नकद भी लिए, जिसके स्क्रीनशॉट सबूत के तौर पर पुलिस को सौंपे गए हैं। हिंदू संगठनों ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि आरोपी अंबिकापुर के नए बस स्टैंड क्षेत्र स्थित एक लॉज में फर्जी नाम से ठहरा हुआ था। संगठन के नेताओं का दावा है कि आरोपी इसी तरह दो-तीन अन्य युवतियों को भी धोखे में रख चुका है। मामले के सामने आने के बाद संगठनों ने कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इस पूरे प्रकरण पर सीएसपी राहुल बंसल ने बताया कि युवती की शिकायत के आधार पर अपराध दर्ज कर लिया गया है। विवेचना के दौरान आरोपी के मोबाइल की जांच में यह संकेत मिले हैं कि वह पहले भी अन्य लड़कियों के साथ इसी तरह की धोखाधड़ी कर चुका है। आरोपी द्वारा पहचान छुपाकर गलत मंशा से संबंध बनाने, आर्थिक ठगी और दैहिक शोषण के प्रयास के साक्ष्य मिले हैं। फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है और मामले की अग्रिम विवेचना जारी है। पुलिस का कहना है कि यदि अन्य पीड़िताएं सामने आती हैं, तो मामले में धाराएं और बढ़ाई जा सकती हैं।

महासमुंद में बैरियर तोड़कर भागे गांजा तस्कर रायपुर में दबोचे गए, डायल 112 को मारी टक्कर

✍️ भागीरथी यादव     रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस ने नशे के कारोबार पर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र से गांजा तस्करी कर रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी महासमुंद में बैरियर तोड़कर फरार हुए थे और रायपुर में पुलिस से बचने के लिए डायल 112 की गाड़ी को टक्कर मारकर भागने की कोशिश की, लेकिन विधानसभा पुलिस की मुस्तैदी से दोनों को धर दबोचा गया। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार महासमुंद पुलिस ने विधानसभा थाना पुलिस को सूचना दी थी कि एक सफेद रंग की किया कार (क्रमांक MH 46 CV 2841) संदिग्ध सामान के साथ रायपुर की ओर तेज़ी से बढ़ रही है। इस दौरान कार सवार आरोपियों ने महासमुंद में पुलिस बैरियर को तोड़ दिया था। सूचना मिलते ही विधानसभा थाना में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक प्रफुल्ल परीक्षा के नेतृत्व में टीम ने रिंग रोड नंबर 3 पर घेराबंदी की। जैसे ही कार को रोका गया, आरोपियों ने तेज़ रफ्तार में गाड़ी भगाते हुए डायल 112 की पुलिस वाहन को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद कार की रफ्तार धीमी हुई और पुलिस ने चारों ओर से घेरकर दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम राकेश गुप्ता (निवासी ठाणे जिला) और अमित सिंह (निवासी रायगढ़, महाराष्ट्र) बताए। तलाशी के दौरान पुलिस ने उनकी गाड़ी से 35 किलो से अधिक गांजा बरामद किया। पुलिस की पुष्टि विधानसभा सीएसपी वीरेंद्र चतुर्वेदी ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों आरोपी गांजा तस्करी में शामिल थे। उन्होंने कहा कि गांजा कहां से लाया गया और कहां ले जाया जा रहा था, इस संबंध में पुलिस की टीम गहन जांच कर रही है। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। 👉 पुलिस की इस कार्रवाई को नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।

गणतंत्र दिवस के अवसर पर गांधी चौक में सांसद प्रतिनिधि राम पंजवानी ने फहराया तिरंगा

तिल्दा नेवरा। नगर के ऐतिहासिक गांधी चौक में 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर गरिमामय ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। रायपुर लोकसभा के सांसद प्रतिनिधि राम पंजवानी ने ध्वजारोहण कर राष्ट्रगान के साथ उपस्थित नागरिकों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। ध्वजारोहण के पश्चात सांसद प्रतिनिधि राम पंजवानी ने “गणतंत्र दिवस अमर रहे”, “भारत माता की जय” एवं “वंदे मातरम्” के नारों के साथ पूरे गांधी चौक को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। उपस्थित नागरिकों, बच्चों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी उत्साहपूर्वक नारों के साथ कार्यक्रम में सहभागिता निभाई। कार्यक्रम के दौरान तिरंगे के सम्मान में परेड का आयोजन किया गया तथा बच्चों द्वारा संक्षिप्त सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं, जिन्हें उपस्थित लोगों ने खूब सराहा। बड़ी संख्या में नगरवासियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की। गणतंत्र दिवस का यह आयोजन हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी उल्लास, अनुशासन एवं राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ संपन्न हुआ।

डोंगरगढ़: मड़ई मेले में खूनी संघर्ष, आयोजन समिति के सदस्य पर जानलेवा हमला; ‘आदिवासी नेता’ समेत 7 गिरफ्तार

  बोरतलाव | 25 जनवरी, 2026 डोंगरगढ़ के बोरतलाव थाना क्षेत्र में पारंपरिक ‘मड़ई मेले‘ का उल्लास उस वक्त मातम और दहशत में बदल गया, जब एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान आयोजन समिति के सदस्य पर धारदार हथियार से प्राणघातक हमला कर दिया गया। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी और कथित आदिवासी नेता उदय नेताम समेत 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। विवाद की जड़: मंच पर हुल्लड़बाजी और समझाइश घटना रविवार रात की है। ग्राम बोरतलाव में वार्षिक मड़ई के उपलक्ष्य में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां चल रही थीं। चश्मदीदों के मुताबिक, ग्राम बुढ़ानछापर निवासी उदय नेताम अपने पुत्र के साथ मंच पर चढ़कर शोर-शराबा करने लगा। जब आयोजन समिति के सदस्य बशीर मोहम्मद और अन्य साथियों ने उसे अनुशासन बनाए रखने और मंच से उतरने की समझाइश दी, तो विवाद बढ़ गया। स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप के बाद उदय वहां से चला तो गया, लेकिन यह शांति महज एक बड़े तूफान से पहले की खामोशी थी। योजनाबद्ध हमला और अफरा-तफरी कुछ ही देर बाद उदय नेताम अपने बेटे मनीष और अन्य साथियों (पंकज साहू, योगेश कोर्राम, बंटी साहू, जाफर खान, विकास गोंडाने और हर्षित निषाद) के साथ वैगनआर कार में सवार होकर वापस लौटा। आरोप है कि इन सभी ने एकजुट होकर बशीर मोहम्मद को घेर लिया और जान से मारने की नीयत से उनके पेट पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमले के बाद लहूलुहान बशीर को गिरते देख मेले में भगदड़ मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे और उत्सव का माहौल चीख-पुकार में बदल गया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई: सभी आरोपी सलाखों के पीछे मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर बोरतलाव पुलिस ने तत्काल घेराबंदी की। पुलिस ने दबिश देकर सभी सातों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जब्ती: पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई वैगनआर कार, धारदार हथियार और 6 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। धाराएं: आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) सहित अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। चिंता का विषय: मुख्य आरोपी उदय नेताम की पहचान क्षेत्र में एक सक्रिय आदिवासी नेता के रूप में है। एक सार्वजनिक मंच और सांस्कृतिक आयोजन में एक ‘नेता’ की इस तरह की हिंसक संलिप्तता ने सामाजिक और राजनीतिक हलकों में गहरी चिंता पैदा कर दी है। सुरक्षा पर सवाल मड़ई जैसे बड़े आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी ने स्थिति को और बिगड़ने से रोक लिया, लेकिन इस घटना ने पारंपरिक उत्सवों में बढ़ती गुंडागर्दी और हथियारों के बढ़ते चलन की ओर इशारा किया है।

चिरमिरी में कानून तोड़ने वालों पर सख्ती, थाना प्रभारी विजय सिंह की पैनी निगरानी

  ✍️ भागीरथी यादव    ‘ड्रंक एंड ड्राइव’ पर पुलिस का ताबड़तोड़ एक्शन, 23 दिनों में 50 हजार का जुर्माना एमसीबी/चिरमिरी। चिरमिरी शहर में अब कानून से खिलवाड़ करना आसान नहीं रहा। थाना प्रभारी विजय सिंह ने साफ शब्दों में संदेश दे दिया है कि पुलिस की कार्रवाई महज़ औपचारिकता नहीं, बल्कि ज़मीन पर दिखने वाला सख्त अभियान है। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर पुलिस की टीमें ब्रेथ एनालाइज़र के साथ लगातार तैनात हैं और हर संदिग्ध वाहन चालक पर कड़ी नजर रखी जा रही है। थाना प्रभारी विजय सिंह ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि कोई भी व्यक्ति अवैध गतिविधियों में लिप्त पाया गया या नशे की हालत में वाहन चलाते पकड़ा गया, तो उसे कानून के शिकंजे से कोई नहीं बचा सकता। शराब पीकर स्टेयरिंग संभालने वालों को सीधे कोर्ट का रास्ता दिखाया जाएगा, जहां सजा के साथ भारी जुर्माना भी तय है। इन दिनों चिरमिरी पुलिस नशे के सौदागरों और नशे में धुत होकर सड़कों पर दूसरों की जान खतरे में डालने वालों के खिलाफ पूरी तरह “फुल फॉर्म” में नजर आ रही है। पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह (IPS) के सख्त निर्देशों और सीएसपी चिरमिरी के कुशल मार्गदर्शन में चलाए जा रहे इस अभियान ने शराबियों में हड़कंप मचा दिया है। 23 दिनों में 5 केस, 50 हजार रुपए का जुर्माना थाना प्रभारी विजय सिंह के नेतृत्व में 1 जनवरी से शुरू किए गए विशेष अभियान के तहत अब तक मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के अंतर्गत 5 बड़े प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इन मामलों को जब न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, तो कोर्ट ने भी सख्त रुख अपनाते हुए आरोपियों पर कुल 50,000 रुपए का जुर्माना लगाया। चिरमिरी पुलिस की इस कार्रवाई से साफ है कि अब शहर में पहले जैसा नहीं चलेगा। सड़क सुरक्षा नियमों को नजरअंदाज करने वालों को यह समझ लेना चाहिए कि कानून सबके लिए बराबर है। चिरमिरी में इन दिनों “सिंघम” अंदाज़ में पुलिस प्रशासन गद्दी संभाले हुए है और हर नागरिक को कानून के दायरे में रहना ही होगा।

गरियाबंद में दर्दनाक हादसा: खुले कुएं में गिरने से तेंदुए की मौत, वन विभाग जांच में जुटा

✍️ भागीरथी यादव     छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से एक बेहद संवेदनशील और चिंताजनक मामला सामने आया है। पांडुका वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम टोनहीडबरी में एक तेंदुए की लाश मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों की सूचना पर मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद शव को कुएं से बाहर निकाला। जानकारी के अनुसार, गांव से लगे खेत में बने एक खुले कुएं में ग्रामीणों ने तेंदुए को पड़ा देखा। पास जाकर देखने पर उसकी मौत की पुष्टि हुई। आशंका जताई जा रही है कि तेंदुआ रात के समय शिकार की तलाश में आबादी की ओर आया होगा और अंधेरे में संतुलन बिगड़ने या शिकार का पीछा करते हुए खुले कुएं में गिर गया। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत सक्रिय हो गए। गरियाबंद के वन मंडलाधिकारी (DFO) शासिगानंदन स्वयं अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और पूरी स्थिति का जायजा लिया। उनकी निगरानी में ही तेंदुए के शव को सुरक्षित तरीके से कुएं से बाहर निकाला गया। वन विभाग ने तेंदुए की मौत के वास्तविक कारणों की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल प्राथमिक तौर पर इसे दुर्घटना माना जा रहा है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वजह की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कहीं इलाके में शिकारियों द्वारा कोई जाल तो नहीं बिछाया गया था। इस घटना ने एक बार फिर वन्यजीवों की सुरक्षा और ग्रामीण क्षेत्रों में खुले कुओं से होने वाले खतरों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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