कबीरधाम में बायसन शिकार का सनसनीखेज खुलासा, दो शिकारी गिरफ्तार, लापरवाही पर बीट गार्ड निलंबित
✍️ भागीरथी यादव कबीरधाम। जिले में वन्य जीव संरक्षण पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मंगलवार को सामने आए दो बायसन के शिकार के मामले में वन विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, वहीं विभागीय लापरवाही मानते हुए संबंधित क्षेत्र के बीट गार्ड को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। पूरे मामले का खुलासा वन मंडल अधिकारी निखिल अग्रवाल ने डिवीजन कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया। डीएफओ निखिल अग्रवाल ने बताया कि मंगलवार को कवर्धा वन परिक्षेत्र के बोकरखार जंगल अंतर्गत बीट क्रमांक 47 में दो बायसन की संदिग्ध मौत की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, जहां प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि दोनों बायसन की मौत करंट की चपेट में आने से हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत आरोपियों की तलाश शुरू की गई। आरोपियों की धरपकड़ के लिए अचानकमार टाइगर रिजर्व से डॉग स्क्वायड की मदद ली गई। सघन जांच और तलाशी अभियान के बाद दो जीजा-साला—दसरु और कुंवर सिंह—को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से करंट लगाने में प्रयुक्त जीआई तार, कुल्हाड़ी, पूर्व में शिकार किए गए जंगली सूअर का मांस, दांत तथा मोर के पैर बरामद किए गए हैं। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है। वन मंडल अधिकारी ने इस मामले में विभागीय जिम्मेदारी तय करते हुए संबंधित क्षेत्र के बीट गार्ड अनिल राजपूत को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वन्य प्राणियों की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि इससे पहले 21 नवंबर को चिल्फी वन परिक्षेत्र के बाहनाखोदरा बीट क्रमांक 333 में भी एक सप्ताह के भीतर दो बायसन का शिकार किया गया था। उस मामले में वन विभाग ने साल्हेवारा के पांच लोगों को गिरफ्तार किया था, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश अभी जारी है। साथ ही चिल्फी रेंजर को कारण बताओ नोटिस जारी कर विभागीय जांच भी शुरू की गई है। करीब 1582 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र वाले कबीरधाम जिले में बाघ, तेंदुआ, भालू, हिरण सहित कई दुर्लभ वन्य प्राणी पाए जाते हैं। इसके बावजूद लगातार सामने आ रहे शिकार के मामलों ने वन्य जीव सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है और प्रशासन के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।
रायपुर : पेशी पर पहुंचे कवासी लखमा बोले— “बस्तर की आवाज उठाने की सजा भुगत रहा हूं”
रायपुर। शराब घोटाले मामले में जेल में बंद पूर्व आबकारी मंत्री एवं कोंटा विधायक कवासी लखमा को बुधवार को पेशी के लिए कोर्ट लाया गया। इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने अपनी पीड़ा खुलकर रखी। लखमा ने कहा कि जनवरी में जेल जाने के बाद आज पहली बार बाहर आया हूं। कई बार बोलने के बावजूद आज यह मौका मिला। उन्होंने अपनी सेहत को लेकर चिंता जताते हुए बताया कि वे हार्ट की बीमारी से पीड़ित हैं, साथ ही उन्हें शुगर और आंखों से संबंधित समस्याएं भी हैं। बावजूद इसके, उन्हें लंबे समय से जेल में रखा गया है। विधानसभा की कार्यवाही में शामिल न हो पाने को लेकर पूछे गए सवाल पर कवासी लखमा ने भावुक अंदाज में कहा कि उन्होंने विधानसभा में बस्तर की समस्याओं और मुद्दों को मजबूती से उठाया था, और इसी की कीमत उन्हें चुकानी पड़ रही है। “बस्तर की बात उठाई, इसलिए ही मुझे जेल में रखा गया है,” उन्होंने कहा। लखमा ने बताया कि विधानसभा की कार्यवाही में शामिल होने के लिए उन्होंने राज्यपाल और विधानसभा अध्यक्ष को पत्र भी लिखा था। उन्होंने राजकुमार कॉलेज में आयोजित विधानसभा के पहले सत्र में भाग लिया था, लेकिन पुराने विधानसभा भवन में हुए सत्र में शामिल नहीं हो पाने का उन्हें गहरा अफसोस है। उन्होंने कहा कि विधानसभा में बस्तर के मुद्दे नहीं उठा पाने का दर्द उन्हें लगातार परेशान करता है। पूर्व मंत्री के इन बयानों ने एक बार फिर प्रदेश की सियासत को गरमा दिया है और शराब घोटाले मामले के साथ-साथ बस्तर के सवालों को भी चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: CMO की पूर्व उप सचिव सौम्या चौरसिया गिरफ्तार, ईडी की बड़ी कार्रवाई
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) की पूर्व उप सचिव सौम्या चौरसिया को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी मंगलवार देर शाम की गई। ईडी ने बताया कि सौम्या चौरसिया को बुधवार को विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। ईडी के अधिवक्ता सौरभ कुमार पांडे ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि सौम्या चौरसिया पहले से ही कोयला लेवी घोटाले में आरोपी हैं। उल्लेखनीय है कि उन्हें 2022 में कोयला लेवी घोटाले में गिरफ्तार किया गया था और इस साल मई में उच्चतम न्यायालय से अंतरिम जमानत मिलने के बाद वे जेल से बाहर आई थीं। शराब घोटाले की कड़ी में नई गिरफ्तारी प्रवर्तन निदेशालय का कहना है कि शराब घोटाला वर्ष 2019 से 2022 के बीच तत्कालीन भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में अंजाम दिया गया। इस घोटाले से राज्य सरकार के खजाने को 2,500 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ, जबकि शराब सिंडिकेट से जुड़े लोगों ने अवैध रूप से भारी मुनाफा कमाया। इस मामले में ईडी पहले ही कई बड़ी गिरफ्तारियां कर चुकी है। 15 जनवरी को कांग्रेस विधायक और पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को गिरफ्तार किया गया। 18 जुलाई को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को भी ईडी ने हिरासत में लिया। ईडी के गंभीर आरोप ईडी ने आरोप लगाया है कि कवासी लखमा अपराध की कमाई के मुख्य लाभार्थी थे और आबकारी मंत्री रहते हुए उन्हें बड़ी मात्रा में नकद राशि मिली। चैतन्य बघेल शराब घोटाले के सिंडिकेट के कथित मुखिया थे और उन्होंने लगभग 1,000 करोड़ रुपये की अवैध कमाई का व्यक्तिगत रूप से प्रबंधन किया। CMO तक पहुंचा मामला सौम्या चौरसिया की गिरफ्तारी के बाद यह मामला सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचता नजर आ रहा है। वे भूपेश बघेल के मुख्यमंत्री रहते हुए CMO में उप सचिव के पद पर कार्यरत थीं। उनकी भूमिका को लेकर अब जांच और तेज होने के संकेत हैं। ईडी की ताजा कार्रवाई ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर हलचल मचा दी है। आने वाले दिनों में इस घोटाले में और बड़े नाम सामने आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा।
बालोद में 1 करोड़ से ज्यादा का अवैध धान जब्त, प्रशासन की कड़ी निगरानी
✍️ भागीरथी यादव बालोद। राज्य शासन के निर्देश पर समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व्यवस्था को पूरी तरह चाक-चौबंद रखने के लिए प्रशासन ने अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्त मोर्चा खोल दिया है। धान खरीदी में गड़बड़ी, अवैध परिवहन, भंडारण और बिक्री करने वालों पर नकेल कसने के लिए प्रदेशभर में लगातार जांच-पड़ताल और कार्रवाई का अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में बालोद जिले में प्रशासन की सख्त निगरानी देखने को मिल रही है। कृषि उपज मंडी, राजस्व, खाद्य विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के संयुक्त दल द्वारा जिले के विभिन्न क्षेत्रों और सीमावर्ती इलाकों में लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। टीमों ने धान के अवैध कारोबार पर नजर रखते हुए ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान अब तक बालोद जिले में कुल 5,431.48 क्विंटल से अधिक अवैध धान जब्त किया जा चुका है। जब्त धान की अनुमानित कीमत 1 करोड़ 7 लाख 50 हजार 840 रुपये बताई जा रही है। इतनी बड़ी मात्रा में अवैध धान पकड़े जाने से धान माफियाओं में हड़कंप मच गया है। जिला प्रशासन का कहना है कि किसानों के हितों की रक्षा और समर्थन मूल्य प्रणाली की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। अवैध धान कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से स्पष्ट है कि धान खरीदी व्यवस्था में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ अब जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है।
आरक्षक भर्ती पर घमासान, सरकार ने खोले पत्ते QR कोड से दिखेंगे नंबर, जनसुनवाई से मिलेगा इंसाफ का भरोसा
✍️ भागीरथी यादव रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस आरक्षक भर्ती के नतीजों ने प्रदेशभर में हलचल मचा दी है। चयन सूची सामने आते ही अनियमितताओं के आरोप लगने लगे और सैकड़ों अभ्यर्थी न्याय की गुहार लेकर बिलासपुर हाईकोर्ट पहुंच गए। युवाओं का कहना है कि कई जिलों में ज्यादा अंक लाने वाले उम्मीदवार बाहर रह गए, जबकि कम नंबर वालों को चयनित कर लिया गया। बढ़ते विवाद ने अब सरकार को सीधे मोर्चा संभालने पर मजबूर कर दिया है। अब छिपेगा नहीं कोई नंबर भर्ती को लेकर उठ रहे सवालों के बीच गृहमंत्री विजय शर्मा ने बड़ा एलान किया है। अब पुलिस आरक्षक भर्ती के नतीजे हर जिले में QR कोड के जरिए सार्वजनिक किए जाएंगे। एक स्कैन में अभ्यर्थी अपने अंक, मेरिट रैंक, वर्गवार चयन सूची और वेटिंग लिस्ट तक पहुंच सकेंगे। सरकार का दावा है कि इससे पूरी प्रक्रिया ‘शीशे की तरह साफ’ हो जाएगी। गृहमंत्री ने कहा कि कांस्टेबल भर्ती को पूरी पारदर्शिता के साथ संचालित किया गया है। हर जिले की अलग-अलग मेरिट लिस्ट उपलब्ध है, जिसे कोई भी अभ्यर्थी देख सकता है। जिलों में चल रही शिकायतों की खुली सुनवाई सरकार ने अभ्यर्थियों की नाराजगी को देखते हुए जिलास्तर पर शिकायतों की सुनवाई शुरू कर दी है। गृहमंत्री के मुताबिक, सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक लगातार बैठकें कर युवाओं की आपत्तियां सुन रहे हैं। यह प्रक्रिया अभी तीन दिन और जारी रहेगी। 19–20 दिसंबर को पीएचक्यू में बड़ा फैसला एडीजी एसआरपी कल्लूरी ने बताया कि 19 और 20 दिसंबर को पुलिस मुख्यालय में भर्ती से जुड़ी शिकायतों की औपचारिक सुनवाई होगी। सभी जिलों की मेरिट सूची तैयार कर ली गई है और QR कोड के माध्यम से नंबर सार्वजनिक किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि हेल्प डेस्क, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और अन्य माध्यमों से अभ्यर्थियों की शंकाएं दूर की जा रही हैं। 21 दिसंबर को गृहमंत्री से आमने-सामने विवाद के बीच 21 दिसंबर को गृहमंत्री विजय शर्मा खुद मोर्चा संभालेंगे। वे रायपुर स्थित अपने सिविल लाइन निवास में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक जनसुनवाई करेंगे। जो अभ्यर्थी रायपुर नहीं पहुंच पाएंगे, वे अपने जिले के एसपी कार्यालय से ऑनलाइन जुड़ सकेंगे। गृहमंत्री ने कहा कि 6 हजार पदों की इस भर्ती में पुलिस विभाग ने पूरी ईमानदारी से काम किया है। युवाओं से धैर्य रखने की अपील करते हुए उन्होंने भरोसा दिलाया कि हर शिकायत पर गंभीरता से विचार होगा। 6000 पद, 7 लाख दावेदार एडीजी कल्लूरी के मुताबिक, 6000 आरक्षक पदों के लिए करीब 7 लाख आवेदन आए थे। भर्ती प्रक्रिया को ‘टीआरपी’ यानी ट्रांसपेरेंट रिक्रूटमेंट प्रोसेस नाम दिया गया है। सरकार का कहना है कि सभी आपत्तियों के निपटारे के बाद जल्द ही अंतिम स्थिति स्पष्ट कर दी जाएगी। अब देखना होगा कि QR कोड और सीधी जनसुनवाई के बाद युवाओं का भरोसा लौटता है या आरक्षक भर्ती का विवाद और तेज होता है।
रामानुजगंज में संदिग्ध हालात में बैगा की मौत, घर के बाहर मिला शव
✍️ भागीरथी यादव सिर-पीठ पर चोट के निशान, नाक से बह रहा था खून; समाज ने जताई हत्या की आशंका रामानुजगंज। सनावाल थाना क्षेत्र के ग्राम त्रिशूली में मंगलवार सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक बैगा समाज के व्यक्ति का शव उसके ही घर के बाहर संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। मृतक की पहचान लल्लू पंडो (52) के रूप में हुई है, जो गांव में अकेले रहकर जीवन यापन कर रहा था। ग्रामीणों के अनुसार, सुबह जब उन्होंने लल्लू पंडो के घर का दरवाजा अंदर से बंद देखा, तो उन्हें अनहोनी की आशंका हुई। पास जाकर देखने पर घर के बाहर औंधे मुंह पड़े शव को देखकर गांव में हड़कंप मच गया। शव के सिर पर गंभीर चोट के निशान थे, नाक से खून बह रहा था, वहीं कमर और पीठ पर भी चोटें पाई गईं, जिससे मामला संदिग्ध हो गया। सूचना मिलते ही सनावाल पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। घटनास्थल पर पंडो समाज के ब्लॉक सचिव हीरालाल पंडो भी पहुंचे। उन्होंने इस घटना को हत्या करार देते हुए निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है। समाज के लोगों में घटना को लेकर आक्रोश और भय का माहौल है। थाना प्रभारी बृजलाल भारद्वाज ने बताया कि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। साक्ष्य जुटाने के लिए फोरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम को भी बुलाया गया है। फिलहाल पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि लल्लू पंडो की मौत हादसा है, आत्महत्या या फिर सुनियोजित हत्या। गांव में पसरे सन्नाटे के बीच सभी की निगाहें अब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच पर टिकी हैं।
कोरबा में कोयला माफिया पर बड़ा प्रहार: दीपका पुलिस ने अदानी पावर का 335 टन कोयला किया जब्त, 5 आरोपी गिरफ्तार
✍️ भागीरथी यादव कोरबा। दीपका पुलिस ने कोयला अफरा-तफरी करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। अदानी पावर प्लांट के लिए गेवरा खदान से जयरामनगर रेलवे साइडिंग ले जाए जा रहे कोयले को बीच रास्ते में अवैध रूप से खपाने की साजिश रच रहे गिरोह के पांच सदस्यों को पुलिस ने धर दबोचा है। कार्रवाई के दौरान करीब 5 लाख 76 हजार रुपये मूल्य का 335 टन कोयला और 6 ट्रेलर जब्त किए गए हैं, जबकि कई आरोपी अब भी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के अवैध कारोबार पर सख्त अंकुश लगाने के निर्देशों के तहत, एएसपी नीतिश ठाकुर एवं सीएसपी दर्री विमल कुमार पाठक के मार्गदर्शन में दीपका पुलिस लगातार निगरानी कर रही थी। इसी क्रम में थाना प्रभारी प्रेमचंद साहू को मुखबिर से सूचना मिली कि एसईसीएल गेवरा खदान से लोड ट्रेलर निर्धारित गंतव्य के बजाय कहीं और ले जाए जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और घेराबंदी कर तीन कोयला लोड ट्रेलरों को पकड़ा गया। जांच में खुलासा हुआ कि यह कोयला अदानी पावर प्लांट के लिए जयरामनगर रेलवे साइडिंग पहुंचाया जाना था, लेकिन उसे अवैध रूप से दूसरे ठिकानों पर खपाने की तैयारी थी। पुलिस ने कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया। मामले में पुलिस ने लक्ष्मण कुमार (25) निवासी मस्तुरी बिलासपुर, तुषार खांडे (24) निवासी परसदा सकरी, गोपी किशन सोनझरी (22) निवासी खमरिया बिलासपुर, दुर्गेश कुमार साहू (22) निवासी कोरबी हरदीबाजार और अतीक मेमन (26) निवासी हरदीबाजार को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर भारी मात्रा में कोयला बरामद किया गया। इसके साथ ही अवैध परिवहन में प्रयुक्त ट्रेलर क्रमांक CG 12 BG 5024, CG 12 BQ 9913, CG 12 BJ 4253, CG 15 EH 2713, CG 10 BP 5301 एवं CG 10 BU 9401 को भी जब्त कर लिया गया है। सभी आरोपियों को वैधानिक कार्रवाई के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। फिलहाल दीपका पुलिस कोयला तस्करी के इस नेटवर्क से जुड़े फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कोयले के अवैध कारोबार पर आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
“खाकी शर्मसार! DSP कल्पना वर्मा पर करोड़ों की अवैध वसूली और ब्लैकमेलिंग का आरोप”
✍️ भागीरथी यादव डीजीपी अरुण देव गौतम से मिलकर टंडन ने की शिकायत लोकसदन के सूत्रो के अनुसार – डीएसपी का विवादों से पुराना नाता रहा अपने ही जिले में पदस्थ डीएफओ से भी कुछ इस तरह का मामला सामने आया जिसमे डीएफओ ने चक्कर में पड़कर अपनी पत्नी को दिया था तलाक साथ ही २०१६ बैच के डीएसपी परीक्षा में भी नकल करते पकड़ी गई डीएसपी परंतु आईबीसी में समाचार आने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं राजधानी रायपुर के व्यवसायी दीपक टंडन ने अपनी शिकायत में छत्तीसगढ़ पुलिस की DSP कल्पना वर्मा पर पद और प्रभाव के दुरुपयोग, अवैध वसूली, ब्लैकमेलिंग और मानसिक प्रताड़ना जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। इस संबंध में उन्होंने पुलिस महानिदेशक (DGP) को लिखित शिकायत सौंपते हुए मामले की वरिष्ठ व स्वतंत्र अधिकारी से जांच कराने की मांग की है। दीपक टंडन का कहना है – कि वे पिछले कई वर्षों से होटल व्यवसाय से जुड़े हैं और इस दौरान उनके DSP कल्पना वर्मा व उनके परिजनों से पारिवारिक व व्यावसायिक संबंध रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन संबंधों का दुरुपयोग करते हुए DSP कल्पना वर्मा ने दबाव बनाकर उनसे लाखों रुपये बैंक व नकद माध्यम से वसूल किए। 30 लाख से अधिक के लेन-देन का दावा शिकायत में उल्लेख है कि होटल व्यवसाय से जुड़े कार्यों में दीपक टंडन द्वारा RTGS के माध्यम से लगभग 30 लाख रुपये DSP कल्पना वर्मा के पिता के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए। इसके अलावा समय-समय पर अन्य खातों में भी बड़ी रकम भेजी गई। दीपक टंडन का आरोप है कि यह भुगतान दबाव और भय के माहौल में कराया गया। ब्लैकमेलिंग और पारिवारिक जीवन में दखल दीपक टंडन ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने आगे पैसे देने से इनकार किया तो DSP कल्पना वर्मा द्वारा मोबाइल चैट्स के आधार पर ब्लैकमेलिंग शुरू की गई और यहां तक कि उनके वैवाहिक जीवन में हस्तक्षेप करते हुए तलाक का दबाव बनाया गया। वाहन जब्ती को बताया गैर-कानूनी शिकायत के अनुसार, उनकी पत्नी के नाम से पंजीकृत वाहन CG-04-PA-0486 को बिना विधिसम्मत प्रक्रिया के जब्त किया गया, जबकि शिकायतकर्ता या वाहन स्वामिनी को जांच के दौरान उपस्थित होने की कोई सूचना नहीं दी गई। दीपक टंडन ने इसे स्पष्ट रूप से अधिकारों का हनन बताया है। निष्पक्ष जांच की मांग दीपक टंडन का कहना है कि चूंकि आरोपी एक DSP स्तर की अधिकारी हैं और उनके वरिष्ठ अधिकारियों से संबंध हैं, इसलिए स्थानीय स्तर पर हुई कार्रवाई निष्पक्ष नहीं कही जा सकती। उन्होंने मांग की है कि पूरे मामले की जांच किसी सक्षम वरिष्ठ IPS अधिकारी या स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए। परिवार की सुरक्षा पर खतरे का आरोप शिकायत में यह भी कहा गया है कि उन्हें और उनके परिवार को झूठे मामलों में फंसाने की धमकियां दी जा रही हैं, जिससे वे मानसिक तनाव और असुरक्षा में जीने को मजबूर हैं। दीपक टंडन ने DGP से आग्रह किया है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए DSP कल्पना वर्मा के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाए, ताकि कानून और न्याय व्यवस्था पर आम जनता का विश्वास बना रहे।
मुख्यमंत्री के दौरे से पहले मुंगेली में बड़ा खुलासा: करोड़ों की पानी टंकियां बंद, ग्रामीण बूंद-बूंद को मजबूर
✍️ भागीरथी यादव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की लापरवाही पर शिव सेना का तीखा हमला, जनदर्शन में सौंपा ज्ञापन मुंगेली | छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री के संभावित आगमन से पहले मुंगेली जिले में पेयजल व्यवस्था को लेकर एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जिले के कई गांवों में करोड़ों रुपये की लागत से बनी उच्च स्तरीय पानी टंकियां आज भी शोपीस बनकर खड़ी हैं, जबकि ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए भारी संकट का सामना करना पड़ रहा है। आने वाली भीषण गर्मी को देखते हुए जब पेयजल की उपलब्धता सबसे बड़ा सवाल बन जाती है, ऐसे समय में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) की लापरवाही ग्रामीणों पर भारी पड़ती नजर आ रही है। निर्माण कार्य पूरा होने के बावजूद कई गांवों में पानी टंकियां आज तक चालू नहीं की गई हैं, वहीं अनेक स्थानों पर पाइपलाइन और अन्य जरूरी कार्य अधूरे छोड़ दिए गए हैं। शिव सेना ने जनदर्शन में उठाई आवाज इस गंभीर मुद्दे को लेकर छत्तीसगढ़ शिव सेना ने मंगलवार, 16 दिसंबर को कलेक्टर जनदर्शन, मुंगेली में जोरदार तरीके से शिकायत दर्ज कराई। शिव सेना जिला प्रभारी रमेश सिंह राजपूत ने जिलाधीश को सौंपे गए ज्ञापन में कहा कि शासन ने ग्रामीण जनता को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पानी टंकियों का निर्माण कराया, लेकिन विभागीय उदासीनता के कारण जनता को उसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। ज्ञापन में साफ तौर पर उल्लेख किया गया कि यदि समय रहते इन टंकियों को चालू नहीं किया गया, तो आने वाले गर्मी के महीनों में गांव-गांव भयावह जल संकट से जूझने को मजबूर होंगे। यह स्थिति लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है। तत्काल कार्रवाई की मांग शिव सेना ने मांग की है कि जिन पानी टंकियों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, उन्हें अविलंब चालू कराया जाए और जहां पाइपलाइन अथवा अन्य कार्य अधूरे हैं, उन्हें जल्द से जल्द पूरा कराकर नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। इस संबंध में ज्ञापन की प्रतिलिपि कार्यपालन अभियंता, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, मुंगेली अनुविभागीय अधिकारी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, मुंगेली कार्यपालन अभियंता, लोरमी कार्यपालन अभियंता, पथरिया को भी प्रेषित किए जाने का उल्लेख किया गया है। ग्रामीणों में जगी उम्मीद, प्रशासन की परीक्षा कलेक्टर जनदर्शन में मामला उठने के बाद ग्रामीणों में उम्मीद जगी है कि प्रशासन अब इस गंभीर समस्या को गंभीरता से लेकर ठोस कदम उठाएगा। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग कब नींद से जागता है और कब गांवों तक वास्तव में पानी पहुंच पाता है। यह मामला न केवल सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत उजागर करता है, बल्कि जवाबदेही तय करने की भी सख्त जरूरत को सामने लाता है।
अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर 32 लाख की ठगी, दो अंतरराज्यीय आरोपी गिरफ्तार
✍️ भागीरथी यादव कोरिया/बैकुंठपुर अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर लाखों रुपए की ठगी करने वाले गिरोह पर बैकुंठपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने एक युवक को अश्लील वीडियो कॉल में फंसाकर डराया-धमकाया और अलग-अलग बैंक खातों के माध्यम से करीब 32 लाख रुपए की ठगी को अंजाम दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रार्थी विजसेंद्र कुमार यादव, निवासी जूना पारा, बैकुंठपुर ने थाना बैकुंठपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 21 मई 2023 को उनके मोबाइल नंबर पर एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा वीडियो कॉल किया गया। कॉल रिसीव करते ही स्क्रीन पर एक युवती नग्न अवस्था में दिखाई दी, जिससे घबराकर उन्होंने तुरंत कॉल काट दी। इसके बाद आरोपी ने वीडियो कॉल का स्क्रीनशॉट लेकर अश्लील फोटो प्रार्थी को भेजे और उन्हें वायरल करने की धमकी देते हुए 50 हजार रुपए की मांग करने लगा। बदनामी के डर से प्रार्थी लगातार दबाव में आ गया और आरोपी के बताए गए अलग-अलग बैंक खातों में कुल 32 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए। मामले में दर्ज हुआ अपराध प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना बैकुंठपुर में अपराध क्रमांक 168/23 के तहत धारा 388, 420, 120-बी IPC एवं 66(घ) आईटी एक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। हरियाणा–राजस्थान से दबोचे गए आरोपी पुलिस अधीक्षक कोरिया रवि कुमार कुर्रे के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी राजेश साहू के नेतृत्व में थाना बैकुंठपुर और साइबर सेल की संयुक्त टीम गठित की गई। बैंक खातों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मकसूद उर्फ मक्कू, पिता आजाद, उम्र 28 वर्ष, निवासी पेमा खेड़ा, थाना पुन्हाना, मेवात (हरियाणा) प्रदीप, पिता जगराम चौधरी, उम्र 20 वर्ष, निवासी तातरपुर, मेवात (हरियाणा) को मेवात (हरियाणा) एवं अलवर (राजस्थान) से गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों को 15 दिसंबर 2025 को न्यायालय में पेश किया गया। इन अधिकारियों की रही अहम भूमिका इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक विपिन लकड़ा, साइबर प्रभारी निरीक्षक विनोद पासवान, प्रधान आरक्षक दीपक पांडे, साइबर आरक्षक अमरेशा नंद एवं आरक्षक दिनेश उके का विशेष योगदान रहा। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि इस तरह के वीडियो कॉल या साइबर ब्लैकमेलिंग की स्थिति में घबराएं नहीं, तत्काल पुलिस या साइबर सेल से संपर्क करें।
















