रायगढ़ जिला न्यायालय का सख्त फैसला: नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल का कठोर कारावास

✍️ भागीरथी यादव   रायगढ़। नाबालिग से दुष्कर्म के एक गंभीर मामले में रायगढ़ जिला न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला न केवल पीड़िता को न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि समाज को यह स्पष्ट संदेश भी देता है कि नाबालिगों के खिलाफ अपराध किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।   मामला कोतरा रोड थाना क्षेत्र का है। जनवरी 2025 में ग्राम लिटाईपाली निवासी विजय जांगड़े उर्फ बिज्जू (24 वर्ष) ने शादी का झांसा देकर 16 वर्षीय नाबालिग छात्रा को घर से भगा लिया। आरोपी ने करीब एक महीने तक उसे अपने पास रखा और इस दौरान कई बार उसके साथ दुष्कर्म किया।   स्कूल जाने निकली, फिर नहीं लौटी पीड़िता के पिता ने 27 जनवरी 2025 को कोतरा रोड थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी 16 वर्षीय बेटी सुबह साढ़े 9 बजे स्कूल के लिए घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों द्वारा रिश्तेदारों व आसपास खोजबीन के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद आशंका जताई गई कि किसी अज्ञात युवक ने बहला-फुसलाकर उसे भगा लिया है।   पुलिस ने गुम इंसान का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान पता चला कि नाबालिग ग्राम लिटाईपाली में मौजूद है। 5 फरवरी को पुलिस ने छात्रा को बरामद किया और आरोपी विजय जांगड़े को गिरफ्तार किया।   पीड़िता के बयान से हुआ खुलासा पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि आरोपी ने उससे शादी का वादा किया था और इसी बहाने उसे घर से भगा ले गया। इस दौरान उसने कई बार उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। पूछताछ में आरोपी ने भी अपना अपराध स्वीकार कर लिया।   पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 65(1), 87 तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 4 और 6 के तहत प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में पेश किया।   20 साल कठोर कारावास और जुर्माना मामले की सुनवाई अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, एफटीएससी पॉक्सो कोर्ट रायगढ़, न्यायाधीश देवेन्द्र साहू के समक्ष हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार दिया। अदालत ने विजय जांगड़े उर्फ बिज्जू को 20 वर्ष के कठोर कारावास और 6 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में 4 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।   इस प्रकरण में अपर लोक अभियोजक मोहन सिंह ठाकुर ने प्रभावी पैरवी की।   न्याय का सशक्त संदेश यह फैसला नाबालिगों के खिलाफ अपराध करने वालों के लिए कड़ा चेतावनी संदेश है कि कानून ऐसे मामलों में बेहद सख्त है और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

पैदल भक्ति यात्रा का दर्री में भव्य स्वागत, बाबा सालासर बालाजी के जयघोष से गूंजा क्षेत्र

✍️ भागीरथी यादव    दर्री। बाबा सालासर बालाजी के प्रति अटूट श्रद्धा और गहन आस्था का अद्भुत उदाहरण उस समय देखने को मिला, जब संबलपुर से सालासर धाम (जयपुर) की ओर पैदल यात्रा पर निकले अग्रबंधु श्री प्रमोद राठी जी (58 वर्ष) का मारवाड़ी युवा मंच, दर्री–जमनीपाली–जैलगांव शाखा द्वारा दर्री क्षेत्र में भव्य, श्रद्धापूर्ण और गरिमामय स्वागत किया गया। बालाजी सुपर बाजार के सामने आयोजित इस स्वागत समारोह में समाजबंधुओं और मंच के सदस्यों की बड़ी उपस्थिति रही। पुष्पगुच्छ, माल्यार्पण, तिलक और करताल-ध्वनि के साथ किए गए आत्मीय अभिनंदन ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। चारों ओर “जय बाबा सालासर बालाजी” के जयघोष गूंजते रहे। उल्लेखनीय है कि श्री प्रमोद राठी जी संबलपुर से पैदल यात्रा प्रारंभ कर भटली में श्याम बाबा के दर्शन के पश्चात चंद्रहासिनी–रायगढ़–सक्ती–कोरबा–जमनीपाली–कटघोरा मार्ग से होते हुए सालासर धाम की ओर अग्रसर हैं। उनकी यह कठिन, लंबी और आस्था से परिपूर्ण यात्रा समाज के लिए संकल्प, विश्वास और भक्ति का सशक्त संदेश बनकर उभरी है। इस अवसर पर मंच के राष्ट्रीय संयोजक श्री मनीष अग्रवाल, प्रांतीय उपाध्यक्ष श्री सुमित अग्रवाल, प्रांतीय संयोजक श्री विकास अग्रवाल, शाखा अध्यक्ष श्री प्रतीक अग्रवाल, कोषाध्यक्ष श्री बलकिशन अग्रवाल सहित अनेक गणमान्य अग्रबंधु उपस्थित रहे। सभी ने श्री राठी जी के साहस, दृढ़ संकल्प और धार्मिक भावना की मुक्तकंठ से सराहना की। कार्यक्रम के दौरान मंच द्वारा श्री प्रमोद राठी जी के भोजन एवं रात्रि विश्राम की समुचित व्यवस्था की गई, जिससे सेवा, सहयोग और सामाजिक समर्पण की भावना का सुंदर उदाहरण प्रस्तुत हुआ।   समारोह के अंत में उपस्थित सभी समाजबंधुओं ने बाबा सालासर बालाजी से श्री प्रमोद राठी जी की यात्रा के सफल, सुरक्षित और मंगलमय होने की कामना की। मारवाड़ी युवा मंच परिवार ने इस पावन क्षण का साक्षी बनकर स्वयं को गौरवान्वित महसूस किया और भविष्य में भी ऐसे धार्मिक व सामाजिक आयोजनों के आयोजन का संकल्प दोहराया।

**₹5 लाख से ₹2.5 करोड़ का लालच बना मौत का मंत्र

✍️ भागीरथी यादव   कोरबा में तांत्रिक अनुष्ठान के नाम पर 3 की हत्या, 6 आरोपी सलाखों के पीछे**   कोरबा – अंधविश्वास ने एक बार फिर खून की कीमत वसूल ली। तंत्र-मंत्र से रातों-रात करोड़पति बनने के झांसे में आए स्क्रैप कारोबारी समेत तीन युवकों की बेरहमी से मौत कर दी गई। तांत्रिक अनुष्ठान की आड़ में की गई इस खौफनाक वारदात में पुलिस ने अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार कर सभी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।   11 दिसंबर की सुबह बरबसपुर स्थित फार्महाउस में जब तीन शव मिले, तब किसी को अंदाजा भी नहीं था कि यह मामला अंधविश्वास, लालच और कथित तंत्र-साधना की ऐसी भयावह साजिश निकलेगा, जिसने तीन जिंदगियां निगल लीं।   पुलिस जांच में सामने आया है कि बिलासपुर निवासी बैगा राजेंद्र कुमार ने मृतकों को यह भरोसा दिलाया था कि तंत्र-मंत्र के जरिए पांच लाख रुपये को ढाई करोड़ रुपये में बदला जा सकता है। इसी झांसे में आकर 10 दिसंबर की देर रात फार्महाउस में कथित पूजा-अनुष्ठान कराया गया।   जांच में खुलासा हुआ है कि तांत्रिक क्रिया के दौरान तीनों युवकों को अलग-अलग समय पर बंद कमरे में बुलाया गया। उन्हें नींबू देकर भीतर बैठाया गया और दरवाजा बंद कर दिया गया। 15 से 30 मिनट बाद जब कमरे खोले गए, तो तीनों जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे थे—कुछ ही देर में तीनों की सांसें थम गईं।   पुलिस को शक है कि तांत्रिक अनुष्ठान के नाम पर जहर देकर योजनाबद्ध तरीके से हत्या की गई। मुख्य तांत्रिक सहित छह आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि मामले की परतें अभी और खुलनी बाकी हैं।   पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट से ही यह तय होगा कि मौत का असली कारण क्या था, लेकिन इतना साफ है कि अंधविश्वास और लालच ने तीन घरों के चिराग बुझा दिए।   सवाल अब भी बाकी है— यह सिर्फ ठगी थी या सुनियोजित सामूहिक हत्या? असली सच जांच के बाद ही सामने आएगा।  

एसआईआर में गड़बड़ी का आरोप, कांग्रेस ने कलेक्टर से की शिकायत

✍️ भागीरथी यादव   बिलासपुर। मतदाता गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में अनियमितता के आरोपों को लेकर कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी संजय अग्रवाल से मुलाकात कर निष्पक्ष जांच की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने मतदाता सूची में नाम गलत स्थान पर दर्ज होने को गंभीर चूक बताया।   कांग्रेस ने दावा किया कि वरिष्ठ नेता विजय केशरवानी का नाम एसआईआर के दौरान गलत तरीके से भिलाई नगर निगम की मतदाता सूची में दर्शाया गया, जबकि वे वर्षों से बिलासपुर के मतदाता रहे हैं। इसे लेकर प्रतिनिधिमंडल ने प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए।   कलेक्टर संजय अग्रवाल ने शिकायत को गंभीर बताते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ), रायपुर से जांच कराने का आश्वासन दिया। कांग्रेस नेताओं ने एसआईआर कार्य में सुधार, सावधानी और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की है।

जनता का टैक्स, जवाबदेही नदारद

✍️ भागीरथी यादव   डीएफओ मनीष कश्यप सवालों से क्यों बच रहे हैं?   एमसीबी। जिले के वनमंडलाधिकारी (डीएफओ) मनीष कश्यप इन दिनों लगातार सुर्खियों में हैं। लेकिन यह सुर्खियाँ जवाबदेही की हैं या फिर प्रशंसा की आड़ में छुपे सवालों की—यही सबसे बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। भालू हमलों की बढ़ती घटनाएँ, अवैध वृक्ष कटाई, लकड़ी तस्करी और भ्रष्टाचार जैसे गंभीर आरोपों के बीच वन विभाग की कार्यप्रणाली पर अब जनता खुलकर सवाल उठा रही है।   लोकतंत्र में आलोचना अस्वाभाविक नहीं है, लेकिन चिंता का विषय यह है कि सवालों के जवाब देने के बजाय उनसे बचने की प्रवृत्ति दिखाई दे रही है। जैसे ही डीएफओ किसी विवाद के घेरे में आते हैं, वैसे ही सोशल मीडिया और कुछ चुनिंदा माध्यमों में अचानक प्रशंसा से भरी खबरों की बाढ़ आ जाती है। यह संयोग है या सुनियोजित छवि निर्माण—यह सवाल भी अब चर्चा में है।   ‘महुआ बचाओ’ अभियान हो या 29.3 करोड़ वर्ष पुराने गोंडवाना मरीन फॉसिल पार्क की पहचान—उपलब्धियों का प्रचार तो जोर-शोर से होता है, लेकिन इन योजनाओं पर खर्च हुई सरकारी राशि, ठेके और चयन प्रक्रिया, निगरानी तंत्र और जमीनी परिणामों पर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आती। यदि सब कुछ पारदर्शी और सफल है, तो फिर स्वतंत्र पत्रकारों के सवालों से दूरी क्यों?   प्रेस वार्ताओं से बचना और सभी मीडिया संस्थानों को एक मंच पर बुलाकर खुली जानकारी साझा न करना—क्या यह प्रशासनिक आत्मविश्वास की कमी नहीं दर्शाता? यह याद रखना जरूरी है कि ये किसी एक अधिकारी की व्यक्तिगत उपलब्धियाँ नहीं, बल्कि जनता के टैक्स से संचालित सरकारी योजनाएँ हैं। ऐसे में सवाल पूछना अपराध नहीं, बल्कि नागरिक अधिकार है।   इसी बीच एक और गंभीर मामला सामने आया है। जून माह में भरतपुर–सोनहत के पूर्व विधायक एवं राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त नेता गुलाब कमरो ने कुंवारपुर, बहरासी और बिहारपुर रेंज में वर्षों से चल रही अवैध लकड़ी कटाई को लेकर सनसनीखेज आरोप लगाए। उनका दावा है कि वन विभाग की मिलीभगत से बाहरी माफिया साल और सागौन जैसी बहुमूल्य प्रजातियों की खुलेआम कटाई कर रहे हैं। कटी लकड़ियाँ चोरी-छिपे उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में ऊँचे दामों पर बेची जा रही हैं।   पूर्व विधायक ने इस संबंध में मुख्यमंत्री, वन मंत्री और कलेक्टर को लिखित शिकायत देकर स्वतंत्र उच्चस्तरीय जांच की मांग की थी, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि अब तक ठोस कार्रवाई शून्य नजर आ रही है।   कागजों में मनचाही खबरें छपवाकर छवि जरूर चमकाई जा सकती है, लेकिन जमीनी सच्चाई से मुँह मोड़ना प्रशासनिक ईमानदारी पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है। अभी भी समय है। यदि डीएफओ मनीष कश्यप के कार्य वास्तव में निष्पक्ष, नियमसम्मत और मजबूत हैं, तो उन्हें प्रेस और जनता के सवालों का खुलकर सामना करना चाहिए। क्योंकि लोकतंत्र में प्रशंसा से कहीं अधिक मूल्य जवाबदेही और पारदर्शिता का होता है।

उप जेल मनेन्द्रगढ़ का त्रैमासिक निरीक्षण, बंदियों के अधिकारों और सुविधाओं की गहन समीक्षा

✍️ भागीरथी यादव    मनेन्द्रगढ़। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के निर्देशों तथा माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा रिट याचिका (सी) क्रमांक 1404/2023 सुकन्या संस्था बनाम यूनियन ऑफ इंडिया एवं अन्य में पारित आदेश के अनुपालन में आज उप जेल मनेन्द्रगढ़ का विस्तृत निरीक्षण किया गया। इस निरीक्षण का उद्देश्य जेल में निरुद्ध बंदियों को प्राप्त विधिक अधिकारों एवं मूलभूत सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन करना था।   निरीक्षण दल का नेतृत्व प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री शैलेश कुमार तिवारी ने किया। उनके साथ कलेक्टर श्री डी. राहुल वेंकट, पुलिस अधीक्षक श्रीमती रत्ना सिंह, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री लोकेश कुमार बंजारा, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती अमृता दिनेश मिश्रा तथा जिला विजिटर बोर्ड के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।   निरीक्षण के दौरान बंदियों को निरुद्ध अवधि में मिलने वाली विधिक सहायता, स्वास्थ्य, स्वच्छता, आवासीय व्यवस्था एवं भोजन की गुणवत्ता की विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि सभी बंदियों को समय पर निःशुल्क विधिक सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं और उनके साथ किसी भी प्रकार का जातिगत या अन्य भेदभाव नहीं किया जा रहा है। निरीक्षण बोर्ड ने बंदियों से प्रत्यक्ष संवाद कर उनकी समस्याएं, शिकायतें एवं सुझाव भी सुने।   दल द्वारा जेल की अधोसंरचना, बैरकों की स्थिति, शौचालयों की स्वच्छता एवं रख-रखाव का निरीक्षण किया गया। साथ ही बंदियों को प्रदत्त भोजन की गुणवत्ता की भी जांच की गई, जो संतोषजनक पाई गई। निरीक्षण के दौरान जेल परिसर में किसी भी प्रकार का भेदभाव सामने नहीं आया।   इसके अतिरिक्त जेल परिसर में संचालित लीगल एड क्लीनिक का भी निरीक्षण किया गया, जहां बंदियों को दी जा रही विधिक सहायता, परामर्श एवं सुविधाओं की स्थिति का अवलोकन किया गया। अधिकारियों ने क्लीनिक के प्रभावी संचालन पर संतोष व्यक्त किया।   उल्लेखनीय है कि माननीय उच्चतम न्यायालय के 03 अक्टूबर 2024 के निर्णय के निर्देशों के अनुरूप जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला विजिटर बोर्ड, एमसीबी द्वारा उप जेल मनेन्द्रगढ़ का प्रत्येक तिमाही निरीक्षण किया जाता है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जेल में निरुद्ध प्रत्येक बंदी को उसके संवैधानिक अधिकारों के साथ-साथ सभी मूलभूत सुविधाएं समय पर एवं बिना भेदभाव के उपलब्ध हों।

जशपुर को मिली खेलों की ऐतिहासिक सौगात, बनेगा अत्याधुनिक तीरंदाजी अकादमी

✍️ भागीरथी यादव   ग्रामीण और आदिवासी युवाओं को मिलेगा विश्व स्तरीय प्रशिक्षण, 20.53 करोड़ से बनेगा आर्चरी सेंटर   जशपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के दूरदर्शी नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में खेल अधोसंरचना को मजबूत करने की दिशा में जशपुर जिले को एक और बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि मिली है। जिले के बगीचा विकासखंड अंतर्गत पंडरा पाठ में अत्याधुनिक तीरंदाजी अकादमी (आर्चरी सेंटर) के निर्माण को स्वीकृति प्रदान की गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए एनटीपीसी लिमिटेड द्वारा कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) मद से 20.53 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी।   यह अत्याधुनिक तीरंदाजी अकादमी केवल एक भवन नहीं, बल्कि जशपुर के युवाओं के सपनों को नई उड़ान देने वाला केंद्र बनेगी। यहां विश्व स्तरीय प्रशिक्षण व्यवस्था, आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित इनडोर एवं आउटडोर तीरंदाजी रेंज, हाई परफॉर्मेंस ट्रेनिंग सेंटर और खिलाड़ियों के लिए छात्रावास जैसी उत्कृष्ट सुविधाएं विकसित की जाएंगी।   ग्रामीण और आदिवासी प्रतिभाओं को मिलेगा अंतर्राष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का अवसर अकादमी के निर्माण से जिले के ग्रामीण और आदिवासी अंचलों में छिपी तीरंदाजी प्रतिभाओं को निखरने का सुनहरा अवसर मिलेगा। यह केंद्र आने वाले वर्षों में जशपुर को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय तीरंदाजी मानचित्र पर एक मजबूत पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।   मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और उन्हें वैश्विक स्तर तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता का यह सशक्त प्रमाण है। उनके नेतृत्व में राज्य सरकार लगातार ऐसे प्रयास कर रही है, जिससे छत्तीसगढ़ के युवा खेलों में देश और दुनिया का नाम रोशन कर सकें।   एनटीपीसी का CSR सहयोग बना विकास का आधार एनटीपीसी लिमिटेड द्वारा CSR के तहत दिया जा रहा यह वित्तीय सहयोग सामाजिक विकास और खेल प्रोत्साहन की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल है। स्थानीय युवाओं में इस घोषणा को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है और उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।   अत्याधुनिक तीरंदाजी अकादमी के निर्माण के साथ ही जशपुर न केवल खेल के क्षेत्र में एक नई पहचान बनाएगा, बल्कि देश के उभरते तीरंदाजों के लिए एक प्रमुख प्रशिक्षण केंद्र के रूप में स्थापित होगा। यह परियोजना निश्चित रूप से खेलों के विकास और भावी अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों की तैयारी की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम साबित होगी।

पशु तस्करी के शक में दरिंदगी: गुरुर में भीड़ का कहर, निर्वस्त्र कर पीटा, पेशाब कर किया अपमान — वीडियो वायरल, समाज में उबाल

✍️ भागीरथी यादव   गुरुर थाना क्षेत्र में कानून को हाथ में लेने की एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। पशु तस्करी के शक में भीड़ ने तीन युवकों को जिस तरह अमानवीय यातनाएं दीं, उसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। आरोपियों ने न सिर्फ युवकों को वाहन से खींचकर बेरहमी से पीटा, बल्कि उनके कपड़े उतरवाकर उन पर पेशाब तक किया। इस शर्मनाक घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही हड़कंप मच गया। रात के अंधेरे में हैवानियत पीड़ितों के अनुसार, धमतरी निवासी वेद प्रकाश साहू समेत तीन युवक वैध दस्तावेजों के साथ छह बछड़ों को टाटा एस वाहन में भरकर करहिभदर मवेशी बाजार ले जा रहे थे। बीती रात करीब 11:15 बजे भरदा–पेवरों मार्ग पर कुछ लोगों ने उनकी गाड़ी को जबरन रुकवाया। इसके बाद तीनों को नीचे उतारकर बेल्ट, डंडे और हाथ-मुक्कों से बेरहमी से पीटा गया। मारपीट यहीं नहीं रुकी—अपमान की सारी हदें पार करते हुए पीड़ितों के कपड़े उतरवाए गए और उन पर पेशाब किया गया। हमले में तीनों युवक गंभीर रूप से घायल हुए हैं। पीड़ित वेद प्रकाश साहू का कहना है कि शरीर पर आज भी मारपीट के गहरे निशान हैं और वे मानसिक रूप से बुरी तरह टूट चुके हैं।   वीडियो वायरल, पुलिस हरकत में घटना का वीडियो सामने आने के बाद गुरुर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अपराध दर्ज किया। अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।   थाने में प्रदर्शन, आंदोलन की चेतावनी मामले को लेकर आज दोपहर साहू समाज के लोग बड़ी संख्या में गुरुर थाना पहुंचे और कड़ा विरोध दर्ज कराया। समाज का कहना है कि उनके समाज के युवकों के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया है। वीडियो सबूत होने के बावजूद सभी आरोपियों की गिरफ्तारी न होना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। समाज ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द शेष आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।   पुलिस का पक्ष पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि मवेशी ले जाने वाले युवकों के खिलाफ भी पशु क्रूरता अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।   फिलहाल यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। एक ओर भीड़ की हैवानियत से लोग आक्रोशित हैं, तो दूसरी ओर प्रशासन पर सभी दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।

बिलासपुर में युवती पर सनसनीखेज हमला, स्कूटी सवार को नुकीले हथियार से किया घायल

✍️ भगीरथी यादव   बिलासपुर। चकरभाठा थाना क्षेत्र में बुधवार दोपहर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब स्कूटी से घर लौट रही एक युवती पर दो अज्ञात बाइक सवार युवकों ने जानलेवा हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले में युवती को शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है।   प्राप्त जानकारी के अनुसार सरकंडा क्षेत्र के कपिल नगर निवासी 24 वर्षीय अनामिका तिवारी पेट्रोल पंप में नोजल ऑपरेटर के रूप में कार्यरत हैं। बुधवार दोपहर ड्यूटी समाप्त कर वह स्कूटी से बिलासपुर की ओर लौट रही थीं। दोपहर करीब 1:30 बजे जब वह चकरभाठा थाना क्षेत्र अंतर्गत ओयो होटल और हिर्री माइंस के पास पहुंचीं, तभी पीछे से तेज रफ्तार बाइक पर सवार दो युवक उनके करीब आ गए।   बताया जा रहा है कि बाइक सवार युवकों ने युवती को जबरन रोकने की कोशिश की और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने लगे। स्थिति को भांपते हुए अनामिका ने स्कूटी की रफ्तार बढ़ा दी। इसी दौरान बाइक पर पीछे बैठे युवक ने अचानक नुकीले हथियार से उन पर हमला कर दिया।   हमले में अनामिका की दाहिनी जांघ, बाएं हाथ और सिर के पिछले हिस्से में गहरी चोटें आईं। खून बहता देख वह घबरा गईं और मदद के लिए चिल्लाने लगीं। युवती की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके की ओर बढ़े, जिससे घबराकर आरोपी युवक बाइक मोड़ते हुए पेण्ड्रीडीह चौक की दिशा में फरार हो गए।   घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायल युवती ने हिम्मत जुटाई और सीधे चकरभाठा थाना पहुंचकर पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर लिया।   पुलिस अधिकारियों के अनुसार घटना स्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। हमलावरों की पहचान और उनकी मोटरसाइकिल का सुराग जुटाने के लिए आसपास के थाना क्षेत्रों को अलर्ट किया गया है। फिलहाल पीड़िता का उपचार जारी है, जबकि पुलिस टीमें आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं।   इस घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।

मैट्रिमोनी साइट से दोस्ती, फिर ब्लैकमेल और दुष्कर्म का आरोप दिल्ली निवासी आरोपी के खिलाफ रायपुर में केस दर्ज

  ✍️ भागीरथी यादव   रायपुर। पुरानीबस्ती पुलिस ने मैट्रिमोनी साइट शादी डॉट कॉम के जरिए एक महिला आरक्षक से संपर्क कर शादी का झांसा देकर दोस्ती बढ़ाने, अंतरंग तस्वीरें लेकर ब्लैकमेल करने और दुष्कर्म करने के आरोप में दिल्ली निवासी आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। फिलहाल आरोपी फरार है और उसकी गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।   पुलिस के अनुसार मोबाइल बातचीत के बाद आरोपी रायपुर आया और पीड़िता से नजदीकियां बढ़ाईं। तीन–चार महीनों में आरोपी ने महिला आरक्षक से करीब 4 लाख रुपये वसूल लिए। लगातार पैसों की मांग से परेशान होकर पीड़िता ने पुलिस से शिकायत की। सीएसपी पुरानीबस्ती ने बताया कि पीड़िता विधवा है और आरोपी ने शादी का भरोसा देकर संबंध बनाए।   अश्लील फोटो वायरल करने की धमकी का दूसरा मामला इधर टिकरापारा पुलिस ने एक युवती की शिकायत पर अश्लील तस्वीरें वायरल करने की धमकी और गालीगलौज कर पैसे मांगने के आरोप में अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा 308, 79 बीएनएस के तहत एफआईआर दर्ज की है। मामला मूल रूप से धमतरी जिले के मगरलोड थाने में दर्ज हुआ था, जिसे शून्य में रायपुर स्थानांतरित कर जांच जारी है।   पुलिस दोनों मामलों में आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है।  

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