रायपुर में मजदूर युवक का अपहरण कर यौन शोषण, आरोपी गिरफ्तार
✍️ भागीरथी यादव रायपुर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सूरत जाने के लिए ट्रेन पकड़ने पहुंचे युवक का अपहरण कर उसके साथ यौन शोषण किया गया। आरोपी ने युवक की पिटाई की, वीडियो बनाकर परिजनों से डेढ़ लाख रुपए की फिरौती भी मांगी। मौका मिलते ही पीड़ित वहां से भाग निकला और परिजनों को घटना बताई। शिकायत के बाद पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज कर मामला विधानसभा थाना रायपुर भेजा। तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी गोविंद उर्फ गोविंदा धृतलहरे को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके खिलाफ अपहरण, बंधक बनाना, मारपीट, अप्राकृतिक कृत्य, धमकी और IT एक्ट सहित कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज हुआ है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी पहले भी ऐसी घटनाओं में शामिल रहा है।
इंक्रीमेंटल प्रणाली खत्म, मूल्यांकन प्रक्रिया और सरल — पंजीयन में मिली आम जनता को बड़ी राहत
✍️ भागीरथी यादव राज्य में गाइडलाइन दरों में सुधार को लेकर 20 नवंबर 2025 से मिले सुझावों और आपत्तियों पर विचार करते हुए केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक 7 दिसंबर को संपन्न हुई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और वित्त मंत्री ओपी चौधरी के निर्देश पर आयोजित इस बैठक में पंजीयन एवं मूल्यांकन प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और जनहितैषी बनाने के लिए कई बड़े निर्णय लिए गए। सभी प्रावधान 8 दिसंबर से लागू हो चुके हैं। इंक्रीमेंटल प्रणाली समाप्त, फिर लागू होगी स्लैब व्यवस्था नगरीय क्षेत्रों में भूमि मूल्यांकन के लिए लागू इंक्रीमेंटल आधार पर गणना की व्यवस्था को अब समाप्त कर दिया गया है। इसके स्थान पर पूर्व की तरह स्लैब आधारित प्रणाली लागू रहेगी— नगर निगम : 50 डिसमिल तक नगर पालिका : 37.5 डिसमिल तक नगर पंचायत : 25 डिसमिल तक इस निर्णय से मूल्यांकन प्रक्रिया सरल होगी और नागरिकों को राहत मिलेगी। फ्लैट/दुकान के मूल्यांकन में बड़ा बदलाव बहुमंजिला इमारतों में संपत्ति अंतरण के समय अब सुपर बिल्ट-अप नहीं, बल्कि बिल्ट-अप एरिया के आधार पर मूल्यांकन होगा। साथ ही— बेसमेंट और प्रथम तल पर 10% छूट द्वितीय तल एवं ऊपर के तल पर 20% छूट लागू की गई है। इससे वर्टिकल डेवलपमेंट को बढ़ावा मिलेगा और मध्यम वर्ग को किफायती दरों पर फ्लैट व दुकानें उपलब्ध होंगी। मुख्य सड़क से दूर संपत्तियों के लिए 25% दर में कमी कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में मुख्य मार्ग से 20 मीटर दूर स्थित संपत्तियों पर भूमि गाइडलाइन दर 25% कम होगी। दूरी का माप कॉम्प्लेक्स के मुख्य सड़क वाले निर्मित हिस्से से लिया जाएगा। जिला मूल्यांकन समितियों को 31 दिसंबर तक भेजने होंगे संशोधित प्रस्ताव नई दरों के संबंध में मिले ज्ञापनों और सुझावों की समीक्षा कर जिला समितियाँ 31 दिसंबर तक अपने प्रस्ताव भेजेंगी। इन्हीं के आधार पर आगे की गाइडलाइन संरचना तय की जाएगी। ग्रामीण और नजूल भूमि के लिए बड़े सुधार नजूल, आबादी और परिवर्तित भूमि पर अब हेक्टेयर दर पहले वर्गमीटर दर लागू होती थी, जिससे जमीन का मूल्य बहुत बढ़ जाता था। अब कृषि भूमि की तरह हेक्टेयर दर लागू की गई है। उदाहरण : रायपुर वार्ड 28 — एक एकड़ भूमि का मूल्य पहले 78 करोड़ रु., अब केवल 2.4 करोड़ रु. ग्रामीण क्षेत्रों में भी राहत परिवर्तित भूमि पर सिंचित भूमि के 2.5 गुना मूल्य जोड़ने का प्रावधान समाप्त दो फसली भूमि पर 25% अतिरिक्त दर खत्म ट्यूबवेल, कुएं, वाणिज्यिक फसलें, वृक्षों का मूल्य अब भूमि मूल्य में शामिल नहीं होगा कांकेर उदाहरण: 600 पेड़ों के 78 लाख रु. मूल्य को रजिस्ट्री से बाहर किया गया। खरीदार को 8.58 लाख रु. की प्रत्यक्ष राहत मिली और पेड़ कटाई रोकने में भी मदद मिली। शहर से लगे ग्रामीण क्षेत्रों को राहत 25–37.5 डिसमिल कृषि भूमि का मूल्यांकन अब हेक्टेयर दर पर होगा। बरौदा (रायपुर) उदाहरण: पुराने प्रावधान : 26.75 लाख रु. नए प्रावधान : 6.30 लाख रु. तालाब/मछली टैंक वाली भूमि पर 1.5 गुना दर, बाउंड्री वॉल व प्लिंथ लेवल की दर जोड़ने का प्रावधान भी समाप्त कर दिया गया है। निर्मित संपत्तियों की दरें 21 से घटकर मात्र 2 नगरीय निकायों में निर्मित संपत्तियों के मूल्यांकन के लिए पहले 21 प्रकार की दरें लागू थीं। अब इन्हें घटाकर केवल दो श्रेणियाँ रखी गई हैं, जिससे आम नागरिक के लिए मूल्यांकन बेहद सरल हो गया है।
खरीदी केंद्रों का अचानक निरीक्षण, मिलर्स को धान उठाव तेज करने के सख्त निर्देश
बिलासपुर :- धान खरीदी व्यवस्था को सुचारू रखने राज्य शासन की मंशा के तहत मार्कफेड एमडी जितेंद्र शुक्ला ने आज जिले के प्रमुख खरीदी व संग्रहण केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। छतोना केंद्र में उन्होंने तौल मशीन, गुणवत्ता जांच, टोकन व्यवस्था और किसान सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की। किसान फेकू लाल से चर्चा में उन्होंने बताया कि 113 क्विंटल धान बेचने में किसी भी तरह की दिक्कत नहीं हुई। इस पर एमडी शुक्ला ने स्टाफ को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि किसानों को हर हाल में बिना परेशानी खरीदी सुविधा मिलनी चाहिए। अधिकारियों की बैठक में उन्होंने धान उठाव, परिवहन और स्टॉक प्रबंधन की स्थिति पर गहन समीक्षा की। खाद्य नियंत्रक को मिलर्स द्वारा धान उठाव में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि केंद्रों में स्टॉक न बढ़े और किसान समय पर अपना धान बेच सकें। बिल्हा संग्रहण केंद्र में भी गोदामों की क्षमता, सुरक्षा और परिवहन व्यवस्था का निरीक्षण किया। सभी चारों संग्रहण केंद्रों को पूर्ण रूप से तैयार रखने के निर्देश देते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान खाद्य नियंत्रक अमृत कुजूर, डीएमओ अमित चंद्राकर सहित अधिकारी मौजूद रहे।
भिलाई की मतदाता सूची में पहुँच गया विजय केशरवानी का नाम, निर्वाचन प्रणाली की बड़ी लापरवाही उजागर
बिलासपुर :- जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष और बेलतरा से विधानसभा चुनाव लड़ चुके विजय केशरवानी का नाम गलत तरीके से भिलाई नगर वार्ड 54 की मतदाता सूची में दर्ज कर दिया गया है। नर्मदा नगर (बिलासपुर) के स्थायी निवासी विजय जब ऑनलाइन स्टेटस जांचने पहुंचे तो पता चला कि उनका नाम मूल सूची से गायब है और भिलाई में दर्ज हो गया है, जबकि उनके परिवार के बाकी सदस्य बिलासपुर की सूची में मौजूद हैं। जिला निर्वाचन कार्यालय से मिली जानकारी में यह खुलासा हुआ कि भिलाई की बीएलओ द्वारा उनके नाम की पुष्टि कर दी गई है। बड़ा सवाल यह है कि बिलासपुर निवासी के नाम की पुष्टि भिलाई की बीएलओ ने कैसे कर दी? यह एसआईआर प्रणाली में गंभीर गड़बड़ी और निगरानी की कमी को उजागर करता है। विजय केशरवानी ने बताया कि उन्होंने नर्मदा नगर से संबंधित सभी दस्तावेज जमा किए थे और जल्द ही बिलासपुर कलेक्टर तथा जिला निर्वाचन अधिकारी को शिकायत सौंपकर अपना नाम सही सूची में दर्ज कराने की मांग करेंगे। इस घटना ने उन हजारों मतदाताओं की चिंता बढ़ा दी है जो बीएलओ के भरोसे पर अपडेट प्रक्रिया छोड़ देते हैं।
लिंगियाडीह बचाओ आंदोलन में उमड़ा जनसैलाब, पत्रकार संगठनों ने दिया समर्थन
113 परिवारों की बेदखली के खिलाफ शहर में जोरदार विरोध बिलासपुर :- लिंगियाडीह बचाओ सर्वदलीय अनिश्चितकालीन धरना आंदोलन 18वें दिन निर्णायक मोड़ पर पहुँच गया। आज धरना स्थल पर उमड़े अभूतपूर्व जनसैलाब ने साफ कर दिया कि यह संघर्ष अब सिर्फ एक मोहल्ले का नहीं, बल्कि पूरे शहर की सामूहिक लड़ाई बन चुका है। नागरिकों, सामाजिक संगठनों, व्यापारियों, युवाओं और राजनीतिक दलों की बढ़ती भागीदारी ने प्रशासन के खिलाफ जनविरोध को और तीखा कर दिया है। नगर निगम द्वारा जारी बेदखली नोटिस से दुर्गानगर व चौक क्षेत्र के 113 परिवारों में भारी डर और आक्रोश है। तीन पीढ़ियों से बसे परिवारों ने आरोप लगाया कि उन्हें राजीव आश्रय योजना में पट्टा देकर कर वसूलने के बाद अब अचानक अवैध घोषित कर दिया गया, जो न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है। लोगों का कहना है कि निगम ने न तो पारदर्शिता दिखाई और न ही पुनर्वास की कोई व्यवस्था। पिछली तोड़फोड़ कार्रवाइयों—रामनगर, श्यामनगर और चिंगराजपारा—के अनुभवों ने शहर भर में असुरक्षा बढ़ा दी है। कई परिवार अभी तक पुनर्वास को तरस रहे हैं, जिससे मोपका, बहतराई, खमतराई और मंगला जैसे क्षेत्रों में भी भय का माहौल है। धरने में महिलाओं की भागीदारी सबसे प्रभावशाली रही। सैकड़ों माताएँ और बेटियाँ “घर नहीं टूटने देंगे”, “बिना पुनर्वास बेदखली नहीं” जैसे नारों के साथ आंदोलन का नेतृत्व कर रही हैं। इधर छत्तीसगढ़ प्रखर पत्रकार महासंघ ने भी धरना स्थल पहुँचकर आंदोलन को नैतिक समर्थन दिया। प्रदेश अध्यक्ष विनय मिश्रा सहित कई पदाधिकारियों की उपस्थिति ने आंदोलन को और मजबूती प्रदान की। आंदोलनकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक बेदखली पर रोक, पट्टा की वैधता और पुनर्वास की गारंटी नहीं मिलती, वह संघर्ष और तेज होगा।
भाई की संदिग्ध मौत पर बहनों ने उठाए गंभीर सवाल: कहा— आत्महत्या नहीं, यह सुनियोजित हत्या
पोस्टमार्टम में सिर की गहरी चोट उजागर, परिवार ने उच्च स्तरीय जांच की मांग तेज की बिलासपुर। मस्तूरी क्षेत्र के जयरामनगर निवासी 28 वर्षीय सुरज वस्त्रकार की संदिग्ध मौत ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है। जहां पुलिस इसे आत्महत्या का मामला बता रही है, वहीं परिजन इस निष्कर्ष पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे “सुनियोजित हत्या” करार दे रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर गहरी चोट की पुष्टि ने परिजनों की शंका को और प्रबल कर दिया है। परिवार ने मंगलवार को कलेक्टर बिलासपुर को ज्ञापन सौंपते हुए मामले की पुनः वैज्ञानिक, पारदर्शी और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। — घटना के हालातों ने बढ़ाई रहस्य की परत घटना 14 मई 2025 की शाम 4 से 5 बजे के बीच की बताई जाती है। सुरज अपने कमरे में मृत अवस्था में मिला। उसके सिर से खून बह रहा था, गले में गमछा बंधा था, जबकि दूसरा गमछा पंखे से लटकता हुआ मिला। परिजनों का सवाल है कि— “यदि यह फांसी का मामला है, तो सिर पर गहरी चोट कैसे आई?” परिवार का दावा है कि कमरे की स्थिति और शव की दशा आत्महत्या के किसी भी सामान्य स्वरूप से मेल नहीं खाती, बल्कि यह किसी हिंसक वारदात की ओर संकेत करती है। — सुसाइड नोट पर भी संदेह, दो रंग की स्याही और हस्ताक्षरों का अभाव घटनास्थल से एक कथित सुसाइड नोट भी मिला, लेकिन परिजनों ने इसे पूरी तरह संदिग्ध बताया है। नोट— दो अलग-अलग रंग की स्याही से लिखा है इसमें सुरज के हस्ताक्षर नहीं हैं परिजनों का कहना है कि यह नोट किसी अन्य व्यक्ति द्वारा तैयार किया गया प्रतीत होता है ताकि मामले की दिशा आत्महत्या की ओर मोड़ी जा सके। — परिजनों ने प्रारंभिक पुलिस जांच को बताया लापरवाह परिवार ने मस्तूरी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि— न तो सुरज का मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) निकाला गया न ही सुसाइड नोट को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया न मोबाइल डेटा, न चैटिंग, और न ही डिजिटल ट्रेल की जांच की गई 3 जून 2025 को परिवार ने एसएसपी रजनेश सिंह और एएसपी (ग्रामीण) अर्चना झा से मिलकर विस्तृत शिकायत दर्ज कराई है। उनका कहना है कि टेक्निकल जांच से ही कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। — बहनों का दर्द – “भाई खुशमिजाज था, उसे किसी भी तनाव की समस्या नहीं” सुरज की बहनों ने कहा कि उनका भाई बेहद मिलनसार और सकारात्मक सोच वाला युवक था। न तो वह तनाव में था और न ही आत्महत्या जैसे कदम की कोई वजह थी। आरती वस्त्रकार ने कहा— “हमें यकीन है कि सुरज की मौत किसी साजिश का परिणाम है। जब तक वैज्ञानिक जांच नहीं होगी, सच सामने नहीं आएगा।” कलेक्टर से विशेष जांच टीम गठित करने की मांग परिवार ने कलेक्टर से मांग की है कि— फॉरेंसिक विशेषज्ञों तकनीकी टीम और अनुभवी पुलिस अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की जाए, ताकि हर पहलू की निष्पक्ष और विस्तृत जांच हो सके। परिजनों का कहना है कि स्पष्ट वैज्ञानिक साक्ष्यों के मिलने तक इस मौत को आत्महत्या बताना न्याय के प्रति गंभीर अन्याय होगा। — न्याय की लड़ाई जारी, परिवार ने प्रशासन व मीडिया से सहयोग की अपील की परिजनों ने कहा है कि वे तब तक संघर्ष जारी रखेंगे, जब तक सुरज की मौत की वास्तविक वजह सामने नहीं आ जाती। उन्होंने प्रशासन, मीडिया और समाज से आग्रह किया है कि इस संवेदनशील मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्हें न्याय दिलाने में सहयोग करें। परिवार को भरोसा है कि प्रशासन उनकी भावनाओं का सम्मान करेगा और सच्चाई सामने आने तक जांच को निष्पक्ष रूप से आगे बढ़ाएगा।
चैतमा धान उपार्जन केंद्र का कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने किया निरीक्षण, किसानों की समस्याओं पर जताई गंभीर चिंता
ज्ञान शंकर तिवारी की रिपोर्ट कोरबा। प्रदेश कांग्रेस कमेटी रायपुर के निर्देश पर जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण कोरबा के अध्यक्ष मनोज चौहान ने धान उपार्जन केंद्रों के सघन निरीक्षण अभियान के तहत मंगलवार को चैतमा (गोपालपुर) धान उपार्जन केंद्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने किसानों, हमालों और समिति प्रबंधन से चर्चा कर वास्तविक समस्याओं का जायजा लिया। पाली से ज्ञान शंकर तिवारी की विशेष रिपोर्ट। निरीक्षण के दौरान किसानों ने बताया कि ऑनलाइन टोकन में लगातार तकनीकी गड़बड़ियां आ रही हैं, जिसके कारण उन्हें समय पर टोकन नहीं मिल पा रहा। वहीं ऑफलाइन प्रक्रिया में भी सर्वर समस्या के चलते किसान घंटों लाइन में खड़े रहने को मजबूर हैं। किसानों का कहना है कि सरकार द्वारा बार-बार नियम बदलने से असमंजस की स्थिति बन रही है और उनकी मेहनत की कमाई समय पर बेचने में परेशानी बढ़ रही है। जिलाध्यक्ष मनोज चौहान ने किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी सभी समस्याओं को उच्च स्तर पर उठाया जाएगा। उन्होंने धान उपार्जन केंद्र प्रभारी, आदिम जाति सेवा सहकारी समिति चैतमा (पं. क्र. 3050) के प्रबंधक को निर्देशित किया कि किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। निरीक्षण के दौरान हमालों से भी मजदूरी और कार्य स्थितियों को लेकर चर्चा की गई। इस मौके पर डी.के. आदिले, अमूंदलाल भारीया, पराग मरावी सहित कांग्रेस कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि पार्टी किसानों के साथ खड़ी है और हर स्तर पर उनकी समस्याओं के समाधान के लिए संघर्ष करेगी।
बस्तर रेंज में आरक्षक भर्ती 2023-24 का अंतिम परिणाम जारी, 1,592 अभ्यर्थी चयनित
✍️ भागीरथी यादव छत्तीसगढ़ के बस्तर रेंज में लंबे इंतजार के बाद आरक्षक भर्ती वर्ष 2023-24 का अंतिम परिणाम मंगलवार को जारी कर दिया गया। पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज द्वारा अनुमोदित चयन एवं प्रतीक्षा सूची के अनुसार सातों जिलों में कुल 1,592 पदों पर अभ्यर्थियों का चयन किया गया है। यह भर्ती प्रक्रिया पुलिस मुख्यालय रायपुर द्वारा 04 अक्टूबर 2023 को जारी विज्ञापन के आधार पर शुरू हुई थी। इस बार प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए दो भर्ती समितियां गठित की गईं। प्रथम समिति जगदलपुर में बनी, जिसकी अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक बस्तर शलभ सिन्हा ने की। यह समिति सुकमा, बीजापुर, बस्तर और दंतेवाड़ा जिले की भर्ती के लिए जिम्मेदार थी। दूसरी समिति कोंडागांव में गठित हुई, जिसकी अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक कोंडागांव पंकज चंद्रा ने की। यह समिति नारायणपुर, कोंडागांव और कांकेर जिलों के अभ्यर्थियों का चयन कर रही थी। भर्ती प्रक्रिया इस प्रकार संपन्न हुई 16 नवंबर 2024 से 18 जनवरी 2025 तक दस्तावेज सत्यापन, शारीरिक नाप-जोख और दक्षता परीक्षा कंगोली स्थित छसबल की 5वीं वाहिनी तथा कोंडागांव पुलिस लाइन में आयोजित हुई। पात्र अभ्यर्थियों की लिखित परीक्षा 14 सितंबर 2025 को व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा आयोजित की गई। आरक्षक (चालक) एवं आरक्षक (ट्रेड) हेतु ट्रेड टेस्ट 17 से 19 नवंबर 2025 तक संपन्न हुआ। जिलावार चयनित अभ्यर्थियों की संख्या नारायणपुर – 470 बीजापुर – 337 बस्तर – 334 सुकमा – 128 कांकेर – 125 कोंडागांव – 103 दंतेवाड़ा – 55 महत्वपूर्ण बात यह रही कि कुल चयनित अभ्यर्थियों में 464 महिलाएं शामिल हैं, जो बस्तर रेंज में महिला सशक्तिकरण और पुलिस बल में बढ़ती भागीदारी को दर्शाती हैं। इसके अलावा, मोटर वाहन चालक एवं विभिन्न ट्रेडों के लिए 91 अभ्यर्थियों का चयन किया गया है, जिससे पुलिस बल की तकनीकी एवं परिचालन क्षमता और सुदृढ़ होने की उम्मीद है। आईजी सुंदरराज पट्टीलिंगम ने बताया कि यह भर्ती बस्तर में जनकेंद्रित पुलिसिंग को और मजबूत करेगी तथा क्षेत्र में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ आधार प्रदान करेगी।
रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में मरीजों को बड़ी राहत — अब शहर के ही नामी विशेषज्ञ देंगे इलाज, स्वास्थ्य सेवाओं में नई उड़ान
✍️ भागीरथी यादव रायगढ़। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुशासन की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। स्व. लखीराम अग्रवाल स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध संत बाबा गुरु घासीदास जी स्मृति शासकीय चिकित्सालय, रायगढ़ में अब शहर के शीर्ष विशेषज्ञ चिकित्सक अपनी नियमित सेवाएं देंगे। यह व्यवस्था दिवंगत अधिष्ठाता डॉ. विनीत जैन द्वारा किए गए प्रयासों का उल्लेखनीय परिणाम है। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इसे रायगढ़ अंचल के मरीजों के लिए अत्यंत लाभकारी बताते हुए कहा कि शासन की मंशा यही है कि रोगियों को उनके ही जिले में उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हों, जिससे बड़े शहरों पर निर्भरता कम हो और मरीजों को त्वरित उपचार मिल सके। — न्यूरो, यूरो और नेफ्रोलॉजी—एक ही छत के नीचे विशेषज्ञों की सेवाएं अस्पताल अधीक्षक डॉ. एम. के. मिंज के अनुसार— 🔹 न्यूरोसर्जन डॉ. नितीश नायक (मस्तिष्क/रीढ़ की हड्डी रोग विशेषज्ञ) हर मंगलवार — सुबह 10:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक • मस्तिष्क की गांठ, ब्रेन ट्यूमर • रीढ़ की चोट, साईटिका, लकवा • स्ट्रोक, नसों का दर्द, स्पाइन संबंधी समस्याएं • लगातार सिरदर्द, मिर्गी, चक्कर आदि का इलाज 🔹 यूरोसर्जन डॉ. के.डी. खरे (मूत्ररोग एवं पुरुष प्रजनन रोग विशेषज्ञ) हर शुक्रवार — भूतल, सर्जरी विभाग, ओपीडी कक्ष क्रमांक–01 • किडनी स्टोन, UTI • प्रोस्टेट समस्याएं, मूत्राशय–किडनी कैंसर • बांझपन, स्तंभन दोष • मूत्र रुकावट व असंयम आदि रोगों का इलाज 🔹 नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. मीना पटेल (किडनी / गुर्दा रोग विशेषज्ञ) हर शुक्रवार — प्रथम तल, मेडिसिन विभाग, ओपीडी कक्ष क्रमांक–01 • क्रोनिक किडनी डिजीज (CKD) • गुर्दे की विफलता, डायलिसिस • किडनी इंफेक्शन, मधुमेह/हाई बीपी से होने वाली किडनी समस्याएं — आसपास के जिलों के मरीजों को भी बड़ा फायदा विशेषज्ञों की नियमित उपलब्धता से— • गंभीर बीमारियों का इलाज रायगढ़ में ही संभव होगा • मरीजों का समय व खर्च दोनों बचेंगे • बड़े शहरों पर निर्भरता कम होगी • त्वरित उपचार से गंभीर मामलों में जीवनरक्षा की संभावना बढ़ेगी — जनहित में मजबूत कदम रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में विशेषज्ञ सेवाओं की शुरुआत स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में बड़ा कदम है। इससे न केवल रायगढ़ बल्कि आसपास के जिलों के हजारों मरीजों को उन्नत और विश्वसनीय चिकित्सा सेवाएं मिलेंगी।
रायपुर में दोहरी मौत से सनसनी: पति ने पत्नी की हत्या कर दी, फिर ट्रेन के सामने कूदकर दी जान
✍️ भागीरथी यादव रायपुर। राजधानी के चंडी नगर इलाके में सोमवार देर रात हुए घरेलू विवाद ने दो जिंदगियां खत्म कर दीं। वेल्डिंग काम करने वाला राजन गुप्ता पहले अपनी पत्नी रेखा गुप्ता का गला दबाकर हत्या कर दी, फिर कचना रेलवे फाटक पर ट्रेन के सामने कूदकर खुदकुशी कर ली। घटना से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। सूत्रों के मुताबिक, राजन लंबे समय से बेरोजगारी और शराब की लत से परेशान था और अक्सर पत्नी से विवाद करता था। हत्या के बाद उसने सुसाइड नोट लिखकर अपनी करतूत कबूली। सूचना मिलते ही सीएसपी रमाकांत साहू और खम्हारडीह थाना पुलिस मौके पर पहुँची। बाद में पुलिस ने आरोपी के घर से रेखा का शव भी बरामद किया। फॉरेंसिक टीम ने घर और रेलवे फाटक दोनों जगहों पर जांच की। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
















