जनसमस्याओं पर फूटा कांग्रेस का गुस्सा, कलेक्टर कार्यालय का किया घेराव

✍️ भागीरथी यादव   एमसीबी में प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ सड़क पर उतरी जनता, समाधान तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी एमसीबी। जिले में लगातार बढ़ती जनसमस्याओं और प्रशासन की निष्क्रियता के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी ने मंगलवार को जोरदार प्रदर्शन किया। पहले विशाल आम सभा के माध्यम से जनता की पीड़ा को मंच से उठाया गया, फिर सैकड़ों कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर प्रशासन को चेताया कि अब उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पूरे कार्यक्रम के दौरान आक्रोश, नाराजगी और बदलाव की मांग साफ झलकती रही। आम सभा को संबोधित करते हुए कोरबा लोकसभा सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने कहा कि भाजपा शासन में आम जनता की आवाज को सुनने वाला कोई नहीं है। मनरेगा को कमजोर करना, किसानों पर दबाव बनाना, गरीबों के घर उजाड़ना, दूषित पानी से हो रही मौतें और लगातार बिजली कटौती सरकार की असफल नीतियों का परिणाम हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हर अन्याय के खिलाफ जनता के साथ खड़ी है और यह संघर्ष रुकने वाला नहीं है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कलेक्टर कार्यालय जनता की समस्याओं को केवल कागजों तक सीमित कर रहा है। धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही, जिससे आम नागरिक परेशान हैं। कांग्रेस ने आज के घेराव के जरिए स्पष्ट कर दिया है कि यदि हालात नहीं बदले, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। पूर्व विधायक गुलाब कमरों ने कहा कि यह आंदोलन किसी एक दल का नहीं, बल्कि पूरे जिले की आवाज है। गरीब, किसान, मजदूर और कर्मचारी वर्ग लगातार शोषण का शिकार हो रहा है और कांग्रेस उनकी लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ेगी। एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडे ने युवाओं की भागीदारी को आंदोलन की ताकत बताते हुए कहा कि बेरोजगारी और अवसरों की कमी से युवा निराश हैं। आज युवाओं की मौजूदगी यह संकेत है कि अब अन्याय के खिलाफ नई ऊर्जा के साथ संघर्ष होगा। विधायक प्रत्याशी रमेशचंद्र सिंह ने कहा कि दूषित पेयजल और अघोषित बिजली कटौती ने जनता का जीना दूभर कर दिया है। सरकार और प्रशासन इन मुद्दों से आंखें मूंदे हुए हैं, जिसका जवाब जनता आने वाले समय में देगी। मनेंद्रगढ़ शहर ब्लॉक अध्यक्ष सौरव मिश्रा ने कहा कि यह घेराव चेतावनी है, यदि शीघ्र समाधान नहीं मिला तो आंदोलन जिले भर में फैलाया जाएगा। इस प्रदर्शन में पूर्व विधायक विनय जायसवाल, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष प्रभा पटेल, राजकुमार केसरवानी, मनेंद्रगढ़ ग्रामीण अध्यक्ष रामनरेश पटेल, चिरमिरी ब्लॉक अध्यक्ष शिवांश जैन सहित सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता और आम नागरिक शामिल रहे। आम सभा और कलेक्टर कार्यालय घेराव ने यह स्पष्ट कर दिया कि जनता अब खामोश नहीं रहेगी। जनसमस्याओं के समाधान तक कांग्रेस का संघर्ष लगातार और निर्णायक रूप से जारी रहेगा।

छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन को मिला नया नेतृत्व अनिल द्विवेदी बने प्रांतीय अध्यक्ष, कर्मचारियों में उत्साह

    रायपुर – छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन के प्रांतीय कार्यकारिणी चुनाव में अनिल द्विवेदी को सर्वसम्मति से प्रांतीय अध्यक्ष चुना गया है। उनके चयन के साथ ही प्रदेशभर के विद्युत कर्मचारियों में हर्ष और उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। प्रांतीय अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालते हुए अनिल द्विवेदी ने साथियों के प्रति आभार जताते हुए कहा कि यह पद उनके लिए केवल सम्मान नहीं, बल्कि कर्मचारियों की आशाओं, संघर्षों और अधिकारों की बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे पूरे मन, पूर्ण ईमानदारी और अटूट संकल्प के साथ प्रत्येक कर्मचारी के हक़, सम्मान और सुरक्षित भविष्य के लिए निरंतर संघर्ष करते रहेंगे। उन्होंने आगे कहा कि साथियों द्वारा मिला विश्वास और स्नेह ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है, और इसी ताकत के बल पर वे संगठन को और अधिक सशक्त बनाने, कर्मचारियों की समस्याओं को मजबूती से उठाने तथा अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर आवाज़ बुलंद करेंगे। अनिल द्विवेदी के प्रांतीय अध्यक्ष चुने जाने को संगठन के लिए एक नई ऊर्जा और नई दिशा के रूप में देखा जा रहा है। कर्मचारियों को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में यूनियन और अधिक मजबूती से कर्मचारियों के हितों की लड़ाई

तखतपुर : कर्तव्य की राह में बुझ गया एक समर्पित प्रहरी, थाना प्रभारी नंदलाल पैकरा का सड़क हादसे में निधन

  तखतपुर। पुलिस विभाग से एक बेहद हृदयविदारक खबर सामने आई है। जरहागांव थाना प्रभारी नंदलाल पैकरा का शासकीय कर्तव्य निभाते हुए सड़क दुर्घटना में असामयिक निधन हो गया। वे एक गुमशुदा व्यक्ति की तलाश के सिलसिले में राजस्थान गए हुए थे, तभी यह दर्दनाक हादसा घटित हुआ। इस अचानक घटना ने उनके परिवार, पुलिस महकमे और पूरे क्षेत्र को गहरे शोक में डुबो दिया है। कर्तव्य के प्रति निष्ठा और जिम्मेदारी की मिसाल रहे नंदलाल पैकरा, अपने पीछे आंसुओं, यादों और अधूरे सपनों का सैलाब छोड़ गए। जिस वर्दी को उन्होंने ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ जिया, उसी वर्दी की सेवा करते हुए उनका जीवन थम गया। एक अधिकारी नहीं, इंसान थे पैकरा नंदलाल पैकरा को केवल एक थाना प्रभारी के रूप में नहीं, बल्कि एक संवेदनशील, मिलनसार और जनसेवा के लिए हमेशा तत्पर अधिकारी के रूप में जाना जाता था। आमजन की समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुनना, पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए अथक प्रयास करना और अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ परिवार जैसा व्यवहार करना उनकी पहचान थी। पुलिस विभाग को अपूरणीय क्षति उनके निधन से पुलिस विभाग ने एक अनुभवी, ईमानदार और जमीनी अधिकारी को खो दिया है। सहकर्मियों का कहना है कि पैकरा साहब हर हाल में ड्यूटी को प्राथमिकता देते थे और कभी भी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटे।

बीजापुर मुठभेड़: नेशनल पार्क क्षेत्र में सुरक्षा बलों की बड़ी कामयाबी, 6 कुख्यात माओवादी ढेर

  बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के नेशनल पार्क क्षेत्र में सुरक्षा बलों को नक्सल विरोधी अभियान के तहत बड़ी सफलता हाथ लगी है। शनिवार 17 जनवरी 2026 को चलाए गए सघन सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस और माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में दो और वर्दीधारी माओवादी कैडरों के शव बरामद किए गए, जिनके पास से INSAS राइफल और .303 राइफल जब्त की गई है। इसके साथ ही अब तक इस मुठभेड़ और सर्च ऑपरेशन में कुल 6 माओवादी कैडरों के शव बरामद हो चुके हैं, जिनमें 4 महिला नक्सली शामिल हैं। मुठभेड़ स्थल से AK-47, INSAS, कार्बाइन और .303 राइफल सहित कुल 6 ग्रेडेड हथियार बरामद किए गए हैं, जो माओवादियों की भारी हथियारबंदी को दर्शाता है। संयुक्त बलों की निर्णायक कार्रवाई पुलिस अधीक्षक बीजापुर डॉ. जितेन्द्र यादव ने बताया कि 17 जनवरी 2026 से डीआरजी, कोबरा और एसटीएफ की संयुक्त टीम नेशनल पार्क क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चला रही है। इसी दौरान सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच रुक-रुक कर कई बार मुठभेड़ हुई, जिसमें सुरक्षा बलों ने रणनीतिक बढ़त हासिल की। कुख्यात माओवादियों की हुई पहचान पहचान की कार्रवाई में मारे गए माओवादी नेशनल पार्क एरिया कमेटी के कुख्यात सदस्य पाए गए हैं। मृतकों में DVCM दिलीप बेड़जा, ACM माड़वी कोसा, ACM लक्खी मड़काम, पार्टी मेंबर राधा मेट्टा शामिल हैं। वहीं, मारे गए दो अन्य माओवादियों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। IG बस्तर का स्पष्ट संदेश पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज सुंदरराज पट्टिलिंगम ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और जनकल्याण सुनिश्चित करना सुरक्षा बलों की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सशस्त्र माओवादियों के खिलाफ सटीक और निर्णायक अभियान आगे भी जारी रहेगा। फिलहाल, आसपास के जंगल और पहाड़ी क्षेत्रों में सघन सर्चिंग अभियान लगातार जारी है। सुरक्षा बल किसी भी संभावित खतरे को खत्म करने के लिए पूरी सतर्कता और पेशेवर प्रतिबद्धता के साथ मोर्चा संभाले हुए हैं।  

बिलासपुर पुलिस का डबल स्ट्राइक: पेट्रोल पंप लूट गिरोह और हाईवे मर्डर-लूट गैंग का एक ही दिन में खुलासा

✍️ भगीरथी यादव   बिलासपुर। जिले में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ बिलासपुर पुलिस ने बड़ी और निर्णायक कार्रवाई करते हुए एक ही दिन में दो सनसनीखेज मामलों का खुलासा कर अपराधियों को कड़ा संदेश दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के नेतृत्व में चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत पुलिस ने जहां पेट्रोल पंपों में लूट करने वाले अंतरजिला गिरोह को धर दबोचा, वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग पर लूट के दौरान हुई हत्या के मामले में शामिल शातिर अपराधियों को भी गिरफ्तार किया है। देशी कट्टा दिखाकर पेट्रोल पंपों में लूट करने वाला गिरोह गिरफ्तार पहला मामला थाना रतनपुर क्षेत्र का है। 11 जनवरी 2026 की रात ग्राम जाली स्थित बी.बी. पेट्रोल पंप में पल्सर मोटरसाइकिल से पहुंचे तीन युवकों ने पेट्रोल भरवाने के बाद सेल्समैन को देशी कट्टा दिखाकर करीब 15 हजार रुपये लूट लिए और फरार हो गए। घटना को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी के निर्देश पर एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ए.सी.सी.यू.) और थाना रतनपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर तंत्र के आधार पर पुलिस ने वेद प्रकाश वैष्णो, अभिषेक प्रजापति और कपिल पटेल को बेलतरा क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने रतनपुर, चैतमा (कोरबा) और पाली क्षेत्र में पेट्रोल पंप व एक प्रॉपर्टी डीलर से लूट की वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया। पुलिस ने इनके पास से दो मोटरसाइकिल (एक चोरी की पल्सर), देशी कट्टा व कारतूस, धारदार चाकू, नकदी और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। मुख्य आरोपी वेद प्रकाश पूर्व में भी चोरी के मामलों में जेल जा चुका है। आरोपियों के खिलाफ रतनपुर थाना में बीएनएस की धारा 309(4), 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। हाईवे पर लूट के दौरान हत्या करने वाला गिरोह भी बेनकाब दूसरा बड़ा खुलासा राष्ट्रीय राजमार्ग पर लूट व हत्या से जुड़े मामले में हुआ। पुलिस ने कोनी, हिर्री और चकरभाठा थाना क्षेत्र में ट्रक चालकों से लूटपाट करने वाले गिरोह के तीन सदस्यों जय दिवाकर, सूरज साहू और प्रदीप धुरी को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान कई सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी इनपुट और स्थानीय मुखबिरों की मदद से आरोपियों की पहचान की गई। आरोपियों ने पूछताछ में लूट के दौरान हत्या की वारदात को स्वीकार किया। इनके कब्जे से पल्सर मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन, धारदार हथियार, अन्य लूटे गए मोबाइल और नकदी बरामद की गई है। तीनों आरोपी आदतन अपराधी हैं और पहले भी जेल जा चुके हैं। पुलिस टीम को मिलेगा नगद इनाम इन दोनों बड़ी सफलताओं में एएसपी मधुलिका सिंह, एएसपी पंकज पटेल, एएसपी/ए.सी.सी.यू. अनुज कुमार, सीएसपी गगन कुमार (भा.पु.से.), एसडीओपी नूपूर उपाध्याय, थाना प्रभारी रतनपुर निरीक्षक निलेश पाण्डेय, थाना प्रभारी कोनी निरीक्षक भावेश सेंड्रे सहित ए.सी.सी.यू. और संबंधित थानों की टीम की अहम भूमिका रही। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने उत्कृष्ट कार्य के लिए पूरी टीम की सराहना करते हुए नगद पुरस्कार देने की घोषणा की है। अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश लगातार हो रही इन प्रभावी कार्रवाइयों से साफ है कि बिलासपुर पुलिस संगठित अपराध और आदतन अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है। आने वाले समय में भी जिले में अपराधियों पर ऐसी ही सख्त और त्वरित कार्रवाई जारी रहेगी।  

चिरमिरी पुलिस की सख्त कार्रवाई, सट्टा पट्टी काटने वाला आरोपी सीधे जेल

✍️ भागीरथी यादव   एमसीबी/चिरमिरी। जिले में अवैध गतिविधियों पर लगाम कसने के लिए पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार चलाए जा रहे शराब–जुआ–नशामुक्ति अभियान के तहत चिरमिरी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। थाना चिरमिरी क्षेत्र में सट्टा पट्टी काटते एक आरोपी को रंगे हाथों पकड़ते हुए पुलिस ने उसे सीधे जेल भेज दिया। थाना प्रभारी विजय सिंह के नेतृत्व में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान हल्दीबाड़ी निवासी हनुमान प्रसाद तिवारी (पिता स्व. विष्णुदत्त तिवारी, उम्र लगभग 59 वर्ष) को सट्टा पट्टी काटते हुए गिरफ्तार किया गया। आरोपी के पास से 830 रुपये नकद एवं सट्टा पट्टी बरामद की गई। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 6 के तहत विधिवत कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से जेल वारंट जारी होने पर आरोपी को जेल दाखिल कर दिया गया। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी विजय सिंह के साथ प्रधान आरक्षक अशोक एक्का, प्रधान आरक्षक संतोष सिंह, प्रधान आरक्षक विश्वनाथ सिंह एवं आरक्षक मदन राजवाड़े की अहम भूमिका रही। चिरमिरी पुलिस की इस सख्त कार्रवाई से थाना क्षेत्र में अवैध जुआ, सट्टा एवं अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में संलिप्त लोगों के बीच खौफ का माहौल बना हुआ है। पुलिस ने स्पष्ट संकेत दिया है कि अवैध कार्य करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

खेत में मिली अज्ञात महिला की सड़ी-गली लाश, इलाके में फैली सनसनी

✍️ भागीरथी यादव    एक सप्ताह पुराना बताया जा रहा शव, पहचान में जुटी पुलिस दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। कुम्हारी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम परसदा के एक खेत में अज्ञात महिला की सड़ी-गली लाश मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी गई। जानकारी के अनुसार खेत की ओर से तेज बदबू आने पर ग्रामीणों को संदेह हुआ। जब ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो उन्होंने खेत में एक महिला का शव पड़ा देखा, जिसकी हालत काफी खराब थी। इसके बाद तत्काल कुम्हारी थाना पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच शुरू की। पुलिस के अनुसार शव करीब एक सप्ताह पुराना प्रतीत हो रहा है और पूरी तरह से डीकंपोज़ हो चुका है। घटनास्थल पर FSL एवं सीन ऑफ क्राइम टीम की मौजूदगी में शव का निरीक्षण किया गया। पुलिस ने शव को चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज, कच्चांदुर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार मृत महिला की उम्र लगभग 40 से 45 वर्ष के बीच बताई जा रही है। फिलहाल पुलिस ने शव की पहचान के लिए आसपास के सभी थानों को सूचना भेज दी है और गुमशुदगी की रिपोर्ट से मिलान किया जा रहा है। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच में जुटी हुई है।  

रायपुर में हैवानियत पर प्रशासन का कड़ा प्रहार, रेप आरोपी का अवैध मकान तोड़ने की तैयारी

  रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नौ साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म के सनसनीखेज मामले ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस जघन्य अपराध के आरोपी अब्दुल सज्जाद अंसारी (65) के खिलाफ अब प्रशासन ने भी सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। नगर निगम रायपुर ने आरोपी के अवैध रूप से निर्मित मकान को ध्वस्त करने का नोटिस जारी कर दिया है। यह मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। नगर निगम अधिकारियों की जांच में सामने आया है कि सज्जाद का मकान नगर नियोजन नियमों का उल्लंघन कर बनाया गया है। निगम ने स्पष्ट किया है कि तय समय-सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर मकान को गिराने की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने दो टूक कहा है कि नाबालिगों के खिलाफ जघन्य अपराध करने वालों के प्रति किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी। सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत अपराधी चाहे कोई भी हो, उसके खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी ने जनवरी के दूसरे सप्ताह में अपने ही मोहल्ले की मासूम बच्ची को खाने-पीने का लालच देकर कई बार अपने घर बुलाया और उसके साथ दरिंदगी की। आरोपी बच्ची को धमकाकर चुप रहने के लिए मजबूर करता रहा, जिससे वह लंबे समय तक दर्द और डर में जीती रही। 12 जनवरी को जब बच्ची की तबीयत अचानक बिगड़ी और वह असहनीय दर्द से कराहने लगी, तब परिजनों को पूरे घटनाक्रम की जानकारी मिली। परिजन तुरंत बच्ची को लेकर थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने बिना देरी किए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। आरोपी की गिरफ्तारी का वीडियो भी सामने आया है, जिसने लोगों के आक्रोश को और भड़का दिया है। इस मामले में प्रशासनिक कार्रवाई को पीड़िता के लिए न्याय की दिशा में एक कड़ा और निर्णायक कदम माना जा रहा है।

बिलासपुर में उत्तराधिकार प्रमाण पत्र पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

✍️ भागीरथी यादव   राजस्व अधिकारियों की सीमा तय, ग्रेच्युटी-पीएफ पर केवल सिविल कोर्ट का अधिकार बिलासपुर। शिक्षिका की मौत के बाद खुद को जैविक संतान बताकर सरकारी लाभ हासिल करने के मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण और दूरगामी फैसला सुनाया है। कोर्ट ने साफ कर दिया है कि कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर या तहसीलदार जैसे राजस्व अधिकारी केवल परिवार पेंशन (कंट्रीब्यूटरी फैमिली पेंशन) के उद्देश्य से ही आश्रित प्रमाण पत्र जारी कर सकते हैं। ग्रेच्युटी, पीएफ और अन्य वित्तीय लाभों के लिए उत्तराधिकार तय करने का अधिकार केवल सक्षम सिविल कोर्ट को है। मामला बिलासपुर जिले के बिल्हा स्थित रहंगी मिडिल स्कूल में पदस्थ उच्च वर्ग की शिक्षिका शमशाद बेगम से जुड़ा है। उनकी मृत्यु के बाद काजोल खान ने खुद को मृतका की जैविक पुत्री बताते हुए कलेक्टर कार्यालय में आवेदन दिया। इस पर तत्कालीन डिप्टी कलेक्टर ने जून 2014 में उसे एकमात्र कानूनी वारिस घोषित करते हुए प्रमाण पत्र जारी कर दिया। इसी प्रमाण पत्र के आधार पर काजोल खान को पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य शासकीय लाभ प्राप्त हो गए। इस फैसले को मृतका के भाइयों मोहम्मद इखलाक खान और मोहम्मद इकबाल खान ने हाईकोर्ट में चुनौती दी। उन्होंने याचिका में बताया कि शमशाद बेगम अविवाहित थीं, ऐसे में उनके निधन के बाद मिलने वाले सभी शासकीय लाभों पर उनका अधिकार बनता है। मामले की सुनवाई जस्टिस राकेश मोहन पाण्डेय की एकलपीठ में हुई। कोर्ट ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1976 के नियम 47(14) और राज्य सरकार के 17 दिसंबर 2003 के सर्कुलर का विस्तृत विश्लेषण किया। कोर्ट ने पाया कि राजस्व अधिकारियों को केवल परिवार पेंशन के लिए आश्रितों की पहचान करने का सीमित अधिकार है। इसके विपरीत, ग्रेच्युटी, पीएफ जैसे अन्य वित्तीय लाभों के लिए भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम, 1925 के तहत सिविल कोर्ट से प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट टिप्पणी करते हुए कहा कि इस मामले में डिप्टी कलेक्टर ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर प्रमाण पत्र जारी किया, जो कानूनन गलत है। कोर्ट का यह फैसला न सिर्फ इस प्रकरण में बल्कि भविष्य में ऐसे सभी मामलों के लिए एक मजबूत नजीर माना जा रहा है।  

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