जांजगीर-चांपा: सभी आवेदनों का समयबद्ध निराकरण करने कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश

✍️ भागीरथी यादव   जांजगीर-चांपा, 17 नवम्बर 2025   कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में जिले के विभिन्न ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों से आए नागरिकों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनदर्शन में प्राप्त हर आवेदन का त्वरित, पारदर्शी और समय-सीमा में निराकरण अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए। जनदर्शन में आज कुल 59 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें— ग्राम तुलसी (नवागढ़) निवासी श्रीमती लीला मधुकर ने राशन कार्ड संबंधी समस्या रखी। ग्राम पेण्ड्री (जांजगीर) की श्रीमती पुनीबाई ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की। बजरंगी चौक मेहर पारा (चांपा) निवासी श्रीमती सत्यभामा देवांगन ने पेंशन स्वीकृति की मांग रखी। ग्राम मरकाडीह के अरविन्द कुमार ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना से जुड़ा आवेदन प्रस्तुत किया। कलेक्टर महोबे ने सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि आवेदनकर्ता को समय पर उचित समाधान मिलना चाहिए, किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनदर्शन के माध्यम से जिला प्रशासन एक बार फिर जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराता नजर आया।

विद्यालय बना ‘मदिरालय’! नशे में चूर शिक्षक दादूराम बैगा पर गंभीर आरोप, बच्चों का भविष्य संकट में

एमसीबी/ भरतपुर। शिक्षा के मंदिर को कुछ लोग मंदिर नहीं, मदिरालय बना रहे हैं—और इसका सबसे ताज़ा उदाहरण है भरतपुर ब्लॉक के दूरस्थ वनांचल ग्राम ठोरगी की प्राथमिक शाला। महज 14–15 घरों और लगभग 100 की आबादी वाले इस छोटे से गांव की यह शाला आज गंभीर शिक्षा संकट का केंद्र बन चुकी है। स्कूल में पदस्थ प्रधानपाठक दादूराम बैगा पर ग्रामीणों ने ऐसे आरोप लगाए हैं, जिन्हें सुनकर हर अभिभावक का मन झकझोर उठे।   स्कूल में ही पीते, सोते और खाना बनाते… शिक्षा कहाँ? ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षक दादूराम बैगा का अधिकतर समय शराब के नशे में स्कूल परिसर में ही बितता है। वे स्कूल को अपना निजी आवास बनाकर वहीं सोते, खाना बनाते और नशा करते हैं। नतीजतन बच्चों की पढ़ाई बिल्कुल ठप्प पड़ गई है। ग्रामवासी हुबलाल सिंह ने बताया— “हमने कहा था कि 5वीं तक बच्चों को मन लगाकर पढ़ा दो, आगे हम संभाल लेंगे। पर गुरुजी दारू पीते हैं और कहते हैं—‘अपने आप पढ़ लो।’ बच्चे बताते हैं कि गुरुजी रोज स्कूल में ही दारू पीकर बैठे रहते हैं। ऐसे में पढ़ाई कैसे होगी?” शराब की बदबू में पढ़ते मासूम बच्चे आंगनवाड़ी कार्यकर्ता रामकली की पुष्टि और भी गंभीर तस्वीर पेश करती है— “शाम को भी पी लेते हैं, रात को भी। कहीं और कमरा नहीं लिया है, स्कूल ही ठिकाना बना लिया है।” ग्रामीणों का कहना है कि बच्चे रोज शिक्षक के नशे की बदबू और व्यवहार को देख रहे हैं, जिससे उन पर गलत असर पड़ रहा है। मिड-डे मील में भी अनियमितता—बच्चों को परोसा जा रहा खराब चावल शिक्षक पर केवल शराबखोरी ही नहीं, मिड-डे मील में खराब चावल देने के भी आरोप लगे हैं। जब प्रधानपाठक बैगा से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा— “चावल खराब नहीं है, बस पानी गिर गया था। धोकर दे रहे हैं।” पर बच्चों ने उनके दावे की पोल खोल दी। छात्र बी.एल. सिंह ने बताया— “हम वही चावल खाते हैं जो गंदा है। बस साफ कर देते हैं।” छात्र अजीत कुमार सिंह ने कहा— “गुरुजी रोज शाम को दारू पीकर कुर्सी में पलथी मारकर बैठ जाते हैं। चावल खराब ही मिलता है।” विद्यालय की हालत दयनीय—बच्चे बुनियादी ज्ञान से भी वंचित ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षक की लापरवाही ने बच्चों की पढ़ाई का पूरा ढांचा चौपट कर दिया है। कक्षा के अनुरूप बच्चों को बुनियादी जानकारी तक नहीं है। गुस्से में उपसरपंच—“गुरुजी पढ़ाने के लिए हैं, शराब पीने के लिए नहीं” उपसरपंच चंद्र प्रताप सिंह ने नाराजगी जताते हुए कहा— “बच्चों का भविष्य बर्बाद हो रहा है। ऐसे शिक्षक को तुरंत हटाया जाए और स्कूल की व्यवस्था सुधारी जाए।” प्रशासन की अनदेखी पर भी उठे सवाल ग्रामीणों का कहना है कि वे वर्षों से शिकायत कर रहे हैं, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। “यदि अधिकारी एक बार भी मौके पर आ जाएं, तो सारी सच्चाई सामने आ जाएगी। स्कूल में पढ़ाई नहीं, सिर्फ शराब की बदबू मिलती है,” ग्रामीणों ने कहा। BEO का बयान—शिकायत मिली, जांच के निर्देश विकासखंड शिक्षा अधिकारी सच्चिदानंद साहू ने कहा— “शिकायत मिली है। जांच के निर्देश दिए गए हैं। आरोप सही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी।” अब ग्रामीणों को कार्रवाई की उम्मीद गांव के लोग अब प्रशासन की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं। उनका कहना है कि यदि इस बार भी सिर्फ जांच का आश्वासन मिला और वास्तविक कार्रवाई नहीं हुई, तो बच्चों का भविष्य अंधकार में डूबता रहेगा। गांव की आवाज साफ है—“शिक्षक चाहिए, मदिराधारी नहीं। शिक्षा चाहिए, नशा नहीं। बच्चों का भविष्य बचाओ।”  

चिरमिरी में विदेशी शराब में मिलावट की आशंका! दुकानों के केबिनों पर उठे गंभीर सवाल, उपभोक्ताओं में बढ़ी चिंता

  एमसीबी/ चिरमिरी। शहर में विदेशी शराब की बिक्री को लेकर मिलावट की आशंका ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। चिरमिरी में संचालित 5 विदेशी शराब दुकानों में बने केबिन अब संदेह के केंद्र बन गए हैं। उपभोक्ताओं का दावा है कि इन केबिनों के भीतर कुछ लोगों को बोतलों की सील खोलते, छेड़छाड़ करते और संदिग्ध गतिविधियाँ करते देखा गया है, जिससे शराब की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं।   स्थानीय लोगों का कहना है कि बोतलों की सील इतनी सफाई से खोली जाती है कि आम ग्राहक को ज़रा भी अंदाजा नहीं लगता। इससे उपभोक्ताओं में यह आशंका और गहरी हो गई है कि कहीं बाजार में मिलावटी या घटिया शराब तो नहीं पहुंच रही।   इसके उलट, मनेंद्रगढ़ से लगे एमपी क्षेत्र की दुकानों में किसी तरह का केबिन नहीं है, जिससे वहां ऐसी गतिविधियों की संभावना कम मानी जाती है। यह अंतर चिरमिरी की दुकानों की कार्यप्रणाली को और संदिग्ध बना रहा है।   निवासियों ने शराब दुकानों की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि किसी उपभोक्ता को शिकायत दर्ज करवानी हो तो विभागीय अधिकारियों से संपर्क करना आसान नहीं होता। कई बार शिकायतें सही जगह तक पहुँच ही नहीं पातीं, जिससे उपभोक्ताओं की समस्याएँ अनसुनी रह जाती हैं।   लोगों ने आबकारी विभाग से व्यापक और पारदर्शी जांच की मांग की है ताकि दुकानों में बेची जा रही शराब की गुणवत्ता की पुष्टि हो सके और किसी भी संभावित अनियमितता पर अंकुश लगाया जा सके।   स्थानीय निवासियों का आरोप है कि वर्षों से एक ही जगह जमे हुए कुछ सुपरवाइजर और उनके सहयोगियों ने दुकान संचालन को अपने नियंत्रण में कर रखा है। “अंगद की तरह पैर जमाए बैठे ये लोग ऐसा खेल खेल रहे हैं कि सब कुछ पानी की तरह बह रहा है, लेकिन कोई रोकने वाला नहीं,” लोगों ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा।   इसके साथ ही कुछ अधिकारी भी सवालों के घेरे में हैं। लोगों का आरोप है कि अधिकारियों की प्राथमिकता जनता की सुरक्षा और स्वास्थ्य नहीं, बल्कि अपना लाभ साधना रह गया है। परिणामस्वरूप आम उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ हो रहा है।   स्थानीय जनता ने स्पष्ट कहा है कि यदि विभाग समय-समय पर कड़ी निगरानी, नियमित चेकिंग और सीसीटीवी आधारित पारदर्शी मॉनिटरिंग लागू करे, तो ऐसी शंकाओं पर स्वतः रोक लग सकती है और उपभोक्ता सुरक्षित रहेंगे।   चिरमिरी के नागरिक अब आबकारी विभाग से कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रहे हैं, ताकि सच सामने आ सके और शराब बिक्री व्यवस्था में सुधार लाया जा सके।

थाना चिरमिरी में चला बड़ा यातायात जागरूकता अभियान, दो ओवरलोड ट्रकों पर ₹46,000 का चालान

  एमसीबी/ चिरमिरी। थाना चिरमिरी पुलिस द्वारा शहर में सड़क सुरक्षा को लेकर व्यापक यातायात जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान के तहत विशेष यातायात जागरूकता रथ को नगर के सभी 40 वार्डों में भेजा गया, जहां लोगों को यातायात नियमों के महत्व, उनकी जरूरत और पालन से होने वाले लाभों की विस्तृत जानकारी दी गई। अभियान के दौरान नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई भी की गई। बरतूंगा से छोटीबाजार मार्ग में ओवरलोड आवाजाही की सूचना मिलने पर पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची। जांच में ट्रक क्रमांक CG10 AX 1417 में 4 टन और CG16 BL 1268 में 9 टन अतिरिक्त माल लोड पाया गया। इस पर क्रमशः ₹18,000 और ₹28,000 का चालान काटते हुए कुल ₹46,000 की कार्रवाई की गई। थाना प्रभारी विजय सिंह ने स्पष्ट किया कि पुलिस का रवैया आम जनता के लिए हमेशा सहयोगपूर्ण है, लेकिन यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों पर सख्ती जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि “सड़क सुरक्षा सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है, इसलिए हर नागरिक को यातायात नियमों का पालन करना आवश्यक है।”   इसी अभियान के तहत बीते दिन बिना हेलमेट दोपहिया चालकों पर भी विशेष जांच अभियान चलाया गया। कई चालक बिना हेलमेट पकड़े गए, जिन्हें मौके पर समझाइश दी गई। कुछ लोगों ने वहीं हेलमेट खरीदकर नियमों का पालन किया, जिससे अभियान का सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला। पुलिस ने नागरिकों से प्रमुख नियमों का पालन करने की अपील की— दोपहिया पर तीन सवारी न बैठाएं बिना हेलमेट वाहन न चलाएं सड़क पर अनावश्यक भीड़ या उत्सव कर रास्ता जाम न करें सभी कागजात, लाइसेंस साथ रखें सही नंबर प्लेट लगाएं चारपहिया में सीट बेल्ट अनिवार्य शराब पीकर वाहन न चलाएं प्रेशर हार्न का उपयोग न करें नाबालिगों को वाहन बिल्कुल न सौंपें थाना प्रभारी ने बताया कि यह जागरूकता अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा, ताकि क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सके और नागरिकों में सुरक्षित यातायात के प्रति संवेदनशीलता बढ़ सके।  

धान खरीदी को अत्यावश्यक सेवा घोषित: ईएसएमए लागू, ड्यूटी से अनुपस्थित 50 समिति प्रबंधकों पर FIR की कार्रवाई शुरू

✍️ भागीरथी यादव   रायपुर/खैरागढ़, राज्य सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए धान खरीदी कार्य को अत्यावश्यक सेवा घोषित करते हुए सख्त रुख अपनाया है। सरकार ने 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक किसी भी कर्मचारी द्वारा कार्य से इंकार करने पर रोक लगाने का आदेश जारी किया है। यह आदेश छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संधारण एवं विच्छिन्नता निवारण अधिनियम 1979 (ESMA) की धारा 4(1) और 4(2) के तहत तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।   खैरागढ़ जिले में 50 समिति प्रबंधक अनुपस्थित, FIR के लिए पत्र भेजा जिला प्रशासन खैरागढ़ के अनुसार जिले के धान उपार्जन केंद्रों में पदस्थ 50 समिति प्रबंधक 15 नवंबर को अपनी ड्यूटी पर उपस्थित नहीं हुए। प्रशासन ने इसे शासन के आदेश का उल्लंघन एवं धान खरीदी जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया में बाधा मानते हुए पुलिस अधीक्षक को FIR दर्ज करने के लिए पत्र भेजा है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि धान खरीदी जैसे संवेदनशील कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अनिवार्य रूप से की जाएगी।   नए प्रभारियों और ऑपरेटरों को प्रशिक्षण धान खरीदी व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए जिला प्रशासन द्वारा 51 नए केंद्र प्रभारियों और 51 ऑपरेटरों को धान खरीदी प्रक्रिया, पोर्टल संचालन, माप-तौल, पारदर्शिता और किसान सुविधा से संबंधित विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। स्पष्ट किया गया है कि प्रशिक्षण के बाद भी अनुपस्थित रहने वालों पर ईएसएमए के तहत कार्रवाई की जाएगी।   लापरवाही पर 4 समिति प्रबंधक निलंबित धान खरीदी कार्य में लापरवाही और ड्यूटी से अनुपस्थित रहने पर इटार, डोकराभाठा, गढ़ाडीह और हनईबंद के 4 समिति प्रबंधकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।   प्रशासन का स्पष्ट संदेश जिला प्रशासन ने दोहराया कि धान खरीदी कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की बाधा, लापरवाही, अनुपस्थिती या असहयोग को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आवश्यकतानुसार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

छत्तीसगढ़ में अवैध धान परिवहन पर बड़ी कार्रवाई: 1 से 16 नवंबर तक 19,320 क्विंटल धान जब्त, मार्कफेड ने जारी किए आंकड़े

✍️ भागीरथी यादव    रायपुर, समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू होने से पहले ही छत्तीसगढ़ सरकार अवैध धान परिवहन पर सख्त कार्रवाई में जुट गई है। मार्कफेड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार 1 से 16 नवंबर 2025 तक राज्य में कुल 19,320 क्विंटल अवैध धान जब्त किया गया है। अन्य राज्यों से धान की अवैध आवक को रोकने के लिए सीमावर्ती जिलों में चेकपोस्ट, टास्कफोर्स और इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से निगरानी लगातार बढ़ाई गई है। सबसे ज्यादा जब्ती महासमुंद में मार्कफेड के अनुसार सीमावर्ती जिलों में सर्वाधिक धान महासमुंद जिले में 4,266 क्विंटल जब्त किया गया। इसके बाद— बलरामपुर – 4,139 क्विंटल सूरजपुर – 1,750 क्विंटल रायगढ़ – 1,201 क्विंटल जशपुर – 1,157 क्विंटल जीपीएम – 967 क्विंटल कोंडागांव – 869 क्विंटल इसके अलावा प्रदेश के लगभग सभी जिलों में धान जब्ती की कार्रवाई की गई है। इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से त्वरित कार्रवाई मार्कफेड के कंट्रोल सिस्टम से मिले अलर्ट पर कोंडागांव जिले में 600 बैग (231.5 क्विंटल) अवैध धान जब्त किया गया। त्वरित रिस्पॉन्स सिस्टम और सीमावर्ती इलाकों में कड़ी निगरानी के चलते अवैध आमद पर प्रभावी रोक लगाई जा रही है। त्रिशूली में मिली 222 कट्टा अवैध धान—88.8 क्विंटल की जब्ती रात्रि गश्त के दौरान ग्राम त्रिशूली (थाना सनवाल) में अशोक सिंह के घर के बाहर बने शेड से 222 कट्टा, यानी 88.8 क्विंटल धान बरामद किया गया। विवाद की आशंका को देखते हुए दिन में तहसीलदार, थाना प्रभारी, महिला पुलिस और मंडी कर्मचारियों की उपस्थिति में विधिवत जब्ती की कार्रवाई की गई। शासन ने स्पष्ट कर दिया है कि धान खरीदी व्यवस्था में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस, जिला प्रशासन और मार्कफेड मिलकर अवैध परिवहन पर सतत निगरानी कर रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि रियल-टाइम मॉनिटरिंग से धान खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जा रहा है।  

सुकमा में सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई: तुमालपाड़ मुठभेड़ में 3 माओवादी ढेर, स्नाइपर स्पेशलिस्ट माड़वी देवा भी मारा गया

✍️ भागीरथी यादव   छत्तीसगढ़ – सुकमा जिले में रविवार सुबह सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली। भेज्जी–चिंतागुफा सीमा के túmalpāṛ जंगल व पहाड़ी क्षेत्र में जिला रिज़र्व गार्ड (DRG) की टीम और माओवादियों के बीच लंबी मुठभेड़ हुई, जिसमें तीन कुख्यात माओवादी मारे गए। मारे गए माओवादियों में जनमिलिशिया कमांडर और स्नाइपर स्पेशलिस्ट माड़वी देवा भी शामिल है, जिस पर 5 लाख रुपए का इनाम घोषित था। इसके अलावा दो महिला माओवादी — पोड़ियम गंगी और सोड़ी गंगी, दोनों पर 5-5 लाख का इनाम — भी मुठभेड़ में ढेर हुईं। मुठभेड़ स्थल से DRG जवानों ने .303 राइफल, BGL लॉन्चर, गोला-बारूद और अन्य हथियार बरामद किए हैं। विश्वसनीय सूचना पर शुरू हुआ ऑपरेशन पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने बताया कि कई निर्दोष नागरिकों की हत्या में शामिल माड़वी देवा का मारा जाना सुरक्षा बलों के लिए बड़ी सफलता है। विश्वसनीय सूचना मिलने पर DRG टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया था, जिसके दौरान सुबह से रुक-रुक कर फायरिंग हुई। जवानों ने जवाबी कार्रवाई में तीनों माओवादियों को ढेर कर दिया। माओवाद कमजोर, बस्तर में अंतिम चरण—IG सुंदरराज पट्टलिंगम बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) सुंदरराज पट्टलिंगम ने कहा कि संगठन की पकड़ तेजी से खत्म हो रही है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा— “माओवाद बस्तर में अपने अंतिम चरण में है। हिंसा और दहशत की साजिश अब नहीं चलेगी। सरेंडर ही एकमात्र विकल्प है।” 2025 में अब तक 233 माओवादी मारे गए इस वर्ष बस्तर रेंज में अब तक 233 माओवादी मारे जा चुके हैं, जिनमें सेंट्रल कमेटी मेंबर, DKSZC सदस्य और PLGA कैडर भी शामिल हैं। यह आंकड़ा माओवाद की कमजोर होती पकड़ और सुरक्षा बलों की बढ़त को दर्शाता है। ऑपरेशन अभी जारी मुठभेड़ के बाद DRG, बस्तर फाइटर्स, CRPF व अन्य बलों ने आसपास के पूरे जंगल क्षेत्र में सघन सर्चिंग शुरू कर दी है। संभावना है कि कुछ और माओवादी घायल या छिपे हो सकते हैं। ऑपरेशन पूरा होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट जारी की जाएगी।

आज का राशिफल – सभी राशियों का दैनिक भविष्यफल दिनांक – 17 नवंबर 2025

✍️ भागीरथी यादव   मेष (Aries) आज आत्मविश्वास बढ़ेगा। कार्यस्थल में नई जिम्मेदारियाँ मिल सकती हैं। धन लाभ के योग हैं। पारिवारिक माहौल सुखद रहेगा।   वृषभ (Taurus) सोचे हुए काम पूरे होंगे। निवेश से लाभ की संभावना है। मानसिक शांति रहेगी, लेकिन निर्णय सोच-समझकर लें।   मिथुन (Gemini) काम में व्यस्तता बढ़ेगी। नई योजनाओं की शुरुआत के लिए दिन अच्छा है। यात्राओं से लाभ मिलेगा। रिश्तों में मधुरता रहेगी।   कर्क (Cancer) पारिवारिक मामलों में सहयोग मिलेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। छात्रों के लिए दिन शुभ। भावनात्मक रूप से संतुलन बनाए रखें।   सिंह (Leo) आर्थिक लाभ मिलने की संभावना। कार्य क्षेत्र में सम्मान बढ़ेगा। बड़े लोगों से संपर्क फायदेमंद रहेगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।   कन्या (Virgo) पुराने रुके हुए कार्य पूरे होंगे। धन खर्च बढ़ सकता है। नई जिम्मेदारी मिलेगी। मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा।   तुला (Libra) परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। धन लाभ के अच्छे योग। व्यवसाय में नई संभावनाएँ बन सकती हैं। निर्णय सोच-समझकर लें।   वृश्चिक (Scorpio) कामकाज में सफलता मिलेगी। भाग्य का साथ मिलेगा। किसी यात्रा की योजना बन सकती है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।   धनु (Sagittarius) नए अवसर प्राप्त होंगे। लक्ष्यों को पूरा करने का अच्छा दिन है। प्रेम संबंध मजबूत होंगे। आर्थिक स्थिति अनुकूल।   मकर (Capricorn) काम में सावधानी बरतें। खर्च बढ़ सकता है। परिवार का पूरा सहयोग मिलेगा। जल्दबाज़ी से बचें।   कुंभ (Aquarius) नई शुरुआत के लिए शुभ समय। नौकरी-व्यवसाय में लाभ। मित्रों से सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य में सुधार होगा।   मीन (Pisces) आर्थिक लाभ मिलेगा। रचनात्मक कार्यों में सफलता। परिवार के साथ समय अच्छा बीतेगा। प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी।

MP के वायरल डीएसपी के नाम पर 72 लाख की ठगी

✍️ भागीरथी यादव   चार साल तक खुद को ‘डीएसपी’ बताकर महिला को छलता रहा जेसीबी ऑपरेटर, छत्तीसगढ़ पुलिस ने खोला बड़ा फर्जीवाड़ा मध्य प्रदेश पुलिस के लोकप्रिय अधिकारी और सोशल मीडिया पर 2.2 मिलियन फॉलोअर्स वाले डीएसपी संतोष पटेल भी तब सन्न रह गए, जब उन्हें पता चला कि उनके नाम का इस्तेमाल कर छत्तीसगढ़ की एक आदिवासी महिला से 72 लाख रुपए की ठगी की गई है। मामला तब सामने आया जब पीड़िता की शिकायत सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) तक पहुंच गई और छत्तीसगढ़ पुलिस जांच करते हुए एमपी पहुंची। लेकिन जब पुलिस ने असली डीएसपी संतोष पटेल से संपर्क किया तो चौकाने वाली सच्चाई धीरे-धीरे सामने आने लगी—ठगी करने वाला कोई अधिकारी नहीं, बल्कि एक जेसीबी ऑपरेटर था, जो उनकी वर्दी वाली तस्वीर को DP बनाकर चार वर्षों तक महिला को बहला-फुसलाता रहा। कैसे शुरू हुआ फर्जी डीएसपी का खेल? बलरामपुर जिले के कुसमी थाने में एक आदिवासी महिला ने शिकायत दर्ज कराई कि मध्य प्रदेश के डीएसपी संतोष पटेल ने उसके दो बेटों को पुलिस में भर्ती कराने का लालच देकर 72 लाख रुपए ऐंठ लिए। महिला का कहना था कि उसने आरोपी को कभी देखा नहीं, बातचीत सिर्फ फोन और व्हाट्सऐप कॉल पर होती थी, DP पर डीएसपी की फोटो लगी रहती थी, वह कभी वीडियो कॉल भी नहीं करता था। महिला को पूरा भरोसा था कि वह “वायरल डीएसपी संतोष पटेल” से बात कर रही है। छत्तीसगढ़ पुलिस की जांच—सच्चाई का धमाका जब छत्तीसगढ़ पुलिस की टीम बालाघाट पहुंची और असली डीएसपी संतोष पटेल को दस्तावेज दिखाए, तो अधिकारी खुद हैरान रह गए। उन्होंने कहा— > “मैं तो महिला को जानता भी नहीं। मेरी फोटो किसने इस्तेमाल की, ये देख मैं भी चौंक गया।” जांच में पता चला कि असली आरोपी संतोष पटेल पुत्र विश्वनाथ पटेल, निवासी — पड़खुरी पचोखर, थाना चुरहट, जिला सीधी (एमपी) है। साल 2016 में वह छत्तीसगढ़ में सड़क निर्माण प्रोजेक्ट में जेसीबी ऑपरेटर था। वहीं उसकी पहचान कंजिया गांव की ललकी बाई से हुई। गांव लौटने के बाद उसने महिला को फोन कर कहा— “मैं अब एमपी पुलिस में डीएसपी बन गया हूं, तुम्हारे बेटे भी पैसे देकर पुलिस में लग जाएंगे।” चार वर्षों (2018–2025) के दौरान उसने महिला से लगभग 72 लाख रुपए फोन-पे और अन्य माध्यमों से वसूल लिए। महिला ने रिश्तेदारों से उधार लिया, जमीन बेची और आरोपी की बातों में आती रही। 12 नवंबर को आरोपी को पुलिस ने पकड़ लिया। पूछताछ में उसने सारा पैसा उड़ाने की बात स्वीकार की है। “मुझे डर लगा कहीं मेरे नाम का कोई करीबी तो…” —DSP संतोष पटेल डीएसपी ने बताया कि जब उन्हें पता चला कि उनके नाम से PMO में शिकायत पहुंची है तो वे खुद घबरा गए। फिर जब कुसमी पुलिस की जांच में फर्जीवाड़ा सामने आया तो उन्होंने कहा— > “मैं छत्तीसगढ़ पुलिस का आभारी हूं। लोगों से अपील है कि सरकारी नौकरी के नाम पर किसी को भी पैसा न दें। आज सभी भर्तियां पारदर्शी तरीके से होती हैं।” सबक—सरकारी नौकरी के नाम पर ठगी से बचें यह घटना बताती है कि सरकारी नौकरी पैसों से नहीं मिलती, ठग फर्जी पहचान, वर्दी और सोशल मीडिया फोटो का गलत इस्तेमाल कर सकते हैं, किसी भी अधिकारी, कर्मचारी या एजेंट को पैसे न दें, शंका होने पर तुरंत नजदीकी थाने में शिकायत करें। छत्तीसगढ़ पुलिस ने पीड़िता को न्याय दिलाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है और मामले में आगे की जांच के निर्देश दिए गए हैं। यह मामला सोशल मीडिया के दौर में पहचान की चोरी और नौकरी के लालच में होने वाली ठगी का सबसे बड़ा उदाहरण बन गया है।

भैरमगढ़ में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, दो स्थानों से 350 बोरी अवैध धान जब्त

बीजापुर। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के बीच जिला प्रशासन ने अवैध धान तस्करी पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। भैरमगढ़ इलाके में की गई संयुक्त कार्रवाई में अधिकारियों ने दो स्थानों से करीब 350 बोरी अवैध धान बरामद किया। यह धान रमन पटेल और राजा मिश्रा के कब्जे से मिला, जिसके बाद पूरे स्टॉक को प्रशासन ने जब्त कर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है। बीजापुर जिले की सीमा महाराष्ट्र और तेलंगाना से लगने के कारण यहां बाहरी राज्यों से धान की अवैध आमद का जोखिम ज्यादा रहता है। इसको ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने अंतर्राज्यीय सीमाओं पर चौकसी बढ़ा दी है। चेकपोस्टों पर तैनात टीमों को किसी भी संदिग्ध वाहन या परिवहन की सतर्कता से जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।   भैरमगढ़ में हुई कार्रवाई के दौरान तहसीलदार, फूड इंस्पेक्टर और मंडी निरीक्षक मौजूद रहे। मौके पर धान की गुणवत्ता और दस्तावेजों की जांच की गई, लेकिन वैध प्रमाण प्रस्तुत न किए जाने पर पूरा माल प्रशासनिक कब्जे में ले लिया गया।   अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि खरीदी अवधि में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि समर्थन मूल्य प्रणाली की पारदर्शिता बनी रहे और किसानों के हक की रक्षा हो सके।   जिला प्रशासन ने किसानों से अपील करते हुए कहा है कि वे केवल अपना उत्पादित और वैध धान ही बेचें। अवैध व्यापार में शामिल पाए जाने पर संबंधित लोगों को गंभीर कानूनी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

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