सक्ति में पत्रकार के घर पर देर रात पथराव, पुलिस ने शुरू की जांच

    ✍️ भागीरथी यादव   सक्ति, 2 नवम्बर 2025   सक्ति नगर के वार्ड क्रमांक 1 में शनिवार देर रात एक स्थानीय पत्रकार के घर पर अज्ञात लोगों द्वारा पथराव किए जाने की घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। हमलावरों ने घर के बाहर खड़ी कार पर भी पत्थर फेंककर उसके शीशे तोड़ दिए, जिससे वाहन को नुकसान पहुंचा है।   अचानक हुए इस हमले से पत्रकार और उनके परिवार के सदस्य दहशत में आ गए। सूचना मिलते ही सक्ति थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर आसपास के क्षेत्र में पूछताछ शुरू की।   पीड़ित पत्रकार के मुताबिक, हमलावरों की पहचान अभी नहीं हो सकी है। पुलिस ने घर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है ताकि घटना में शामिल लोगों का सुराग मिल सके। थाना प्रभारी ने बताया कि मामला गंभीरता से लिया गया है और आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीम गठित की गई है। जल्द ही पथराव करने वालों की पहचान कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।   इस घटना से स्थानीय पत्रकार समुदाय में आक्रोश है और उन्होंने दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है।

कुनकुरी का मयाली नेचर कैम्प बना नया एडवेंचर डेस्टिनेशन, पर्यटकों के लिए खुला रोमांच का खज़ाना

✍️ भागीरथी यादव     जशपुरनगर,   मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशन में जशपुर जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए आगामी 6 से 9 नवम्बर तक “जशपुर जम्बुरी” का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में कुनकुरी क्षेत्र का मयाली नेचर कैम्प इन दिनों पर्यटकों के लिए रोमांच और प्राकृतिक सौंदर्य का नया केंद्र बनकर उभरा है।   हरे-भरे जंगलों और पहाड़ियों के बीच स्थित मयाली जलाशय अब सिर्फ प्राकृतिक सौंदर्य का स्थल नहीं, बल्कि जल क्रीड़ाओं का नया एडवेंचर जोन बन चुका है। यहां आने वाले पर्यटक स्पीड बोटिंग, कयाकिंग, एक्वा साइक्लिंग और बाउंस बोट जैसी गतिविधियों का आनंद ले रहे हैं। सुबह के समय झील पर दौड़ती स्पीड बोट्स और शाम को पानी पर झिलमिलाती रोशनी, मयाली कैम्प को एक अलग ही आकर्षण प्रदान करती हैं।   कयाकिंग और एक्वा साइक्लिंग युवाओं के बीच विशेष रूप से लोकप्रिय हो रही हैं, जबकि बाउंस बोट राइड बच्चों और परिवारों के लिए मनोरंजन का नया साधन बनी है। प्रत्येक गतिविधि को प्रशिक्षित स्टाफ की देखरेख में और पूर्ण सुरक्षा मानकों के साथ संचालित किया जा रहा है। पर्यटकों के लिए लाइफ जैकेट और आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था की गई है।   इस पहल में स्थानीय युवाओं को भी रोजगार के अवसर मिले हैं। वे प्रशिक्षित गाइड और सहायक स्टाफ के रूप में योगदान दे रहे हैं, जिससे पर्यटन के साथ स्थानीय आर्थिक सशक्तिकरण को भी बढ़ावा मिल रहा है।   जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग का लक्ष्य मयाली नेचर कैम्प को छत्तीसगढ़ के प्रमुख इको-टूरिज्म और एडवेंचर डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करना है। यहाँ प्रकृति की शांति, पानी का रोमांच और स्थानीय संस्कृति का संगम पर्यटकों के लिए अविस्मरणीय अनुभव प्रस्तुत कर रहा है।   अब मयाली नेचर कैम्प केवल एक पिकनिक स्थल नहीं, बल्कि “अनुभव का ठिकाना” बन चुका है — जहाँ हर आगंतुक रोमांच, सुकून और सौंदर्य का अनोखा मेल महसूस करता है।  

पशु उपचार, टीकाकरण, गर्भाधान एवं मछली पालन में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति लाने के निर्देश

✍️ भागीरथी यादव     गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कलेक्टर श्रीमती लीना कमलेश मंडावी ने कलेक्ट्रेट के अरपा सभा कक्ष में पशुधन विकास विभाग एवं मछली पालन विभाग के जिला और मैदानी अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने विभिन्न योजनाओं के तहत पशु संगणना के अनुसार जिले को मिले लक्ष्यों के मुकाबले प्राप्त उपलब्धियों की विकासखण्डवार जानकारी ली। समीक्षा के दौरान संभाग स्तर पर जीपीएम जिले का प्रदर्शन अन्य जिलों की तुलना में कमजोर पाए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को प्रत्येक माह की कार्ययोजना तैयार कर पशु उपचार, बधियाकरण, नमूना जांच, टीकाकरण, गर्भाधान तथा मछली पालन गतिविधियों में बेहतर प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, किए गए कार्यों की जानकारी विभागीय पोर्टल में समय पर दर्ज करने को कहा। कलेक्टर ने जिले में संचालित पशु औषधालयों की कार्यप्रणाली पर भी चर्चा की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी औषधालय नियमित रूप से खुले रहें तथा उनके खुलने और बंद होने के समय की जानकारी हेतु परिसर में स्पष्ट बोर्ड प्रदर्शित किया जाए। बैठक में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, झींगा पालन योजना और किसान क्रेडिट कार्ड योजना (केसीसी) की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए पंचायतों, स्वसहायता समूहों और मछुआरा समितियों को नियमों के अनुरूप तालाब आबंटन करने कहा। इसके लिए जनपद सीईओ के समन्वय से तालाब आबंटन की प्रक्रिया पूर्ण करने हेतु सहायक संचालक मछली पालन को निर्देश दिए गए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि लक्ष्य प्राप्ति में किसी प्रकार की कठिनाई हो तो शासन को प्रस्ताव भेजकर संशोधित लक्ष्य प्राप्त किया जाए। केसीसी योजना के अंतर्गत बैंकों को भेजे गए प्रकरणों का सतत फॉलोअप करते हुए यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि कोई भी प्रकरण लंबित न रहे। बैठक में जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे, उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ. वी. के. पटेल, सहायक संचालक मछली पालन देवेन्द्र वर्मा सहित दोनों विभागों के मैदानी अधिकारी उपस्थित थे।  

राज्योत्सव में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग का स्टाल बना आकर्षण का केंद्र

✍️ भागीरथी यादव   रायपुर। राज्य स्थापना दिवस के रजत जयंती वर्ष पर नवा रायपुर में आयोजित राज्योत्सव में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग का स्टाल लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस स्टाल में विभाग की प्रमुख योजनाओं और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी उपलब्धियों को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया गया है।   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2024 में शुरू की गई ‘एक पेड़ माँ के नाम’ योजना को स्टाल में विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया है। इस योजना के तहत अब तक 6.41 करोड़ पौधे छत्तीसगढ़ में लगाए जा चुके हैं। वहीं, राज्य में विकसित किए जा रहे मियावाकी फॉरेस्ट और ग्रीन गुफा जैसी पहलें हरित पर्यावरण और जलवायु संतुलन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही हैं। स्टाल में हांदावाड़ा जलप्रपात (नारायणपुर), कुटुमसर गुफा (कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान) और बारनवापारा अभयारण्य जैसे प्रमुख प्राकृतिक स्थलों की झलक भी दी गई है। वन्यजीव संरक्षण के सफल प्रयासों के चलते राज्य में काला हिरण की संख्या 77 से बढ़कर 190 और बाघों की संख्या वर्ष 2021 के 17 से बढ़कर अप्रैल 2025 में 35 तक पहुंच गई है।   विभाग की ‘गज संकेत’ ऐप और ‘गजरथ यात्रा’ जैसी पहलें मानव-हाथी संघर्ष को कम करने में कारगर साबित हुई हैं। इसके अलावा, औषधीय पौधों के संरक्षण और ‘छत्तीसगढ़ हर्बल्स’ ब्रांड के माध्यम से वन संपदा के मूल्यवर्धन पर भी बल दिया जा रहा है। स्टाल में कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान की ग्रीन गुफा परियोजना और घोटुल संस्था से जुड़ी जानकारी भी प्रदर्शित की गई है, जो बस्तर की समृद्ध आदिवासी संस्कृति को उजागर करती है।   राज्योत्सव में पहुंचे आगंतुकों ने विभाग के इस स्टाल को न केवल आकर्षक बल्कि ज्ञानवर्धक भी बताया। पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता और सतत विकास के संदेश से सुसज्जित यह स्टाल छत्तीसगढ़ की हरित उपलब्धियों की जीवंत तस्वीर पेश कर रहा है।

मोकामा के दुलारचंद यादव हत्याकांड में बड़ी कार्रवाई, पूर्व विधायक अनंत सिंह गिरफ्तार

✍️ भागीरथी यादव   पटना। बिहार विधानसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच मोकामा से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। दुलारचंद यादव हत्याकांड मामले में पुलिस ने पूर्व विधायक और बाहुबली नेता अनंत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है।   सूत्रों के मुताबिक, पटना एसएसपी के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम बाढ़ स्थित कारगिल मार्केट पहुंची और वहां से अनंत सिंह को कस्टडी में लिया। इससे पहले उनके आत्मसमर्पण की संभावना जताई जा रही थी।   इस पूरे मामले की जांच अब सीआईडी ने अपने हाथ में ले ली है। सीआईडी के डीआईजी जयंत कांत जांच की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने घटनास्थल का दौरा कर साक्ष्य जुटाने के निर्देश दिए। एफएसएल टीम के साथ मिलकर पूरे क्षेत्र की वैज्ञानिक जांच की गई।   जांच के दौरान मोकामा ताल से रेलवे पटरियों पर इस्तेमाल होने वाले पत्थर बरामद किए गए हैं, जो वहां स्वाभाविक रूप से नहीं पाए जाते। अधिकारियों ने इसे साजिश की ओर इशारा बताया है और नमूने प्रयोगशाला भेजे गए हैं।   पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, दुलारचंद यादव की मौत गोली लगने से नहीं बल्कि वाहन की चपेट में आने से हुई। उनकी छाती पर गंभीर चोट, कई हड्डियाँ टूटीं और फेफड़ों में गंभीर क्षति पाई गई। बाढ़ में तीन डॉक्टरों के पैनल ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पोस्टमॉर्टम किया।   मामले की आगे की जांच सीआईडी की निगरानी में जारी है।

बंगाल की खाड़ी में नया निम्न दबाव क्षेत्र बन सकता है, तमिलनाडु में भारी बारिश की संभावना नहीं

✍️ भागीरथी यादव   चेन्नई। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (आरएमसी) ने बताया कि रविवार को बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक नया निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है। यह प्रणाली वर्तमान में दक्षिणी म्यांमार और अंडमान सागर के ऊपर विकसित हो रही है और अगले 24 घंटों में और मजबूत हो सकती है।   मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इसकी दिशा और तीव्रता तय करेगी कि यह अवदाब रहेगा या चक्रवात में बदलेगा। यदि परिस्थितियाँ अनुकूल रहीं तो सप्ताह के अंत में आंध्र प्रदेश और उत्तर तमिलनाडु के तटीय क्षेत्रों में छिटपुट बारिश हो सकती है।   आईएमडी ने बताया कि अरब सागर में बना पूर्ववर्ती निम्न दबाव क्षेत्र अब कमजोर हो गया है और दक्षिण गुजरात तट की ओर बढ़ते हुए समाप्त हो सकता है।   चेन्नई और आसपास के जिलों में अगले कुछ दिनों तक आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। अधिकतम तापमान लगभग 35°C और न्यूनतम 26°C रहेगा। बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर क्षेत्र में मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है, क्योंकि हवा की गति 55 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

गांव-गांव तक पहुंची तहसील की सुविधा, तेज हुआ राजस्व प्रकरणों का निराकरण

  ✍️ भागीरथी यादव   25 वर्षों में कोरबा जिले में चार से बढ़कर हुईं 12 तहसीलें, प्रशासनिक दक्षता में आई उल्लेखनीय वृद्धि   कोरबा, 1 नवम्बर 2025। छत्तीसगढ़ राज्य के गठन वर्ष 2000 में कोरबा जिले में केवल चार तहसीलें — कोरबा, करतला, कटघोरा और पाली — कार्यरत थीं। सीमित प्रशासनिक ढांचे के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को अपने राजस्व प्रकरणों के समाधान के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। संसाधनों की कमी और प्रकरणों की अधिकता के चलते न्याय में विलंब आम बात थी।   पिछले 25 वर्षों की विकास यात्रा में कोरबा जिले ने प्रशासनिक विस्तार और जनसुविधा के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। बढ़ती जनसंख्या और ग्रामीण अंचलों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन ने लगातार नई तहसीलों का गठन किया। आज कोरबा जिला प्रशासनिक रूप से सशक्त हो चुका है, जहां अब कुल 12 तहसीलें कार्यरत हैं — कोरबा, करतला, कटघोरा, पाली, पोड़ी-उपरोड़ा, अजगरबहार, भैसमा, बरपाली, दर्री, दीपका, हरदीबाजार और पसान।   नई तहसीलों के गठन वर्ष इस प्रकार हैं — पोड़ी-उपरोड़ा (2008), हरदीबाजार (2020), दर्री (2020), अजगरबहार (2022), भैसमा (2022), बरपाली (2022), दीपका (2022) और पसान (2022)। इन तहसीलों के गठन से न केवल ग्रामीणों की प्रशासनिक पहुंच आसान हुई है, बल्कि राजस्व मामलों के निपटारे में पारदर्शिता और गति भी आई है।   कलेक्टर श्री अजीत वसंत के नेतृत्व में जिला प्रशासन ने राजस्व प्रकरणों के शीघ्र निराकरण को प्राथमिकता में रखा है। वे हर 15 दिनों में राजस्व अधिकारियों की बैठक लेकर लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हैं, ताकि समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित हो सके।   📊 राजस्व प्रकरणों के निराकरण में उल्लेखनीय सुधार   राजस्व वर्ष 2023-24 में कुल 12,578 प्रकरण दर्ज हुए, जिनमें से 5,828 प्रकरणों का निराकरण किया गया। वहीं 2024-25 में यह संख्या बढ़कर 16,565 प्रकरणों तक पहुंची, जिनमें से 12,642 प्रकरणों का सफल निराकरण किया गया — जो कि 76.31 प्रतिशत की उत्कृष्ट सफलता दर है। यह उपलब्धि बताती है कि कोरबा जिले में प्रशासनिक दक्षता और सेवा गुणवत्ता में निरंतर सुधार हुआ है।   🏠 स्वामित्व योजना से ग्रामीणों को मिला आत्मनिर्भरता का अधिकार   स्वामित्व योजना के अंतर्गत अब तक 9,114 अधिकार अभिलेखों का वितरण किया जा चुका है, जबकि 1 नवम्बर 2025 को 5,500 नए अधिकार अभिलेखों का वितरण किया जाएगा। यह पहल ग्रामीणों को उनके भूमि स्वामित्व का प्रमाणपत्र देकर उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।   🌾 जनता तक पहुंचा शासन, शासन तक पहुंची जनता की आवाज   यह 25 वर्षों की कहानी है बदलते कोरबा की — जहां शासन की पहुँच अब गांव-गांव तक है और जनता की आवाज सीधे शासन तक पहुंच रही है। राजस्व प्रशासन के इस सुदृढ़ीकरण ने कोरबा को विकास और सुशासन की नई पहचान दी है। आज आम नागरिकों को न केवल त्वरित सेवाएं मिल रही हैं, बल्कि प्रशासन पर विश्वास और पारदर्शिता की भावना भी मजबूत हुई है।

अवैध शराब के विरुद्ध कार्रवाई: जंगल से 215 लीटर कच्ची महुआ शराब जब्त

  ✍️ भागीरथी यादव   कलेक्टर बी.एस. उइके के निर्देश पर आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई   गरियाबंद। कलेक्टर श्री बी.एस. उइके के निर्देश पर तथा जिला आबकारी अधिकारी श्री गजेन्द्र कुमार सिंह के मार्गदर्शन में जिले में अवैध शराब निर्माण, परिवहन और बिक्री के विरुद्ध लगातार सघन अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 30 अक्टूबर को आबकारी विभाग की टीम ने ग्राम पंटोरा से लगे जंगलों में छापामार कार्रवाई करते हुए 145 बल्क लीटर अवैध कच्ची महुआ शराब बरामद की।   वहीं, दूसरी कार्रवाई में राजिम सर्कल के अंतर्गत ग्राम जोगीडीपा से लगे जंगलों में दबिश देकर लगभग 70 लीटर कच्ची महुआ शराब जब्त की गई। कार्यवाही के दौरान आरोपी के विरुद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।   जिला आबकारी अधिकारी श्री सिंह ने बताया कि जिले में अवैध शराब के निर्माण, परिवहन एवं बिक्री के विरुद्ध नियमित रूप से कार्रवाई जारी है, ताकि इस अवैध गतिविधि पर पूर्णतः अंकुश लगाया जा सके।   इस अभियान में आबकारी उपनिरीक्षक नागेशराज, रजतचंद ठाकुर, मुख्य आरक्षक चंद्रलोल गायकवाड़, आरक्षक पीताम्बर चौधरी, नगर सैनिक मनीष कश्यप, संजय नेताम, महिला नगर सैनिक कामिनी सोनी, तथा वाहन चालक गोवर्धन सिंह और कुलेश्वर निषाद का विशेष योगदान रहा।  

पेंशन हितग्राहियों का वार्षिक सत्यापन शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश निगम आयुक्त के निर्देश पर अपर आयुक्त विनय मिश्रा ने जोन उप प्रभारियों को दिए निर्देश

✍️ भागीरथी यादव   कोरबा। नगर पालिक निगम आयुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय के निर्देश पर अपर आयुक्त श्री विनय मिश्रा ने निगम के सभी जोन उप प्रभारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने जोन क्षेत्र के अंतर्गत ऐसे सभी शेष पेंशन हितग्राहियों, जिनका वार्षिक सत्यापन कार्य अभी तक पूर्ण नहीं हुआ है, का सत्यापन शीघ्रता से पूर्ण कराएं।   उन्होंने कहा कि सत्यापन कार्य में विलंब होने से हितग्राहियों को नियमित पेंशन प्राप्ति में बाधा उत्पन्न हो सकती है, इसलिए यह आवश्यक है कि प्रत्येक हितग्राही का सत्यापन तत्काल पूरा कराया जाए।   राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित केन्द्रीय पेंशन योजनाएं — इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन एवं इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना के हितग्राहियों का वार्षिक सत्यापन कार्य मोबाइल एप के माध्यम से किए जाने हेतु पूर्व में निर्देश जारी किए गए थे। इस संबंध में निगम के विभिन्न जोनों में सत्यापन शिविर भी आयोजित किए गए थे, किन्तु कुछ हितग्राहियों का सत्यापन अब भी शेष है।   अपर आयुक्त श्री मिश्रा ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी जोन उप प्रभारी अपने क्षेत्र में पुनः मुनादी कराएं तथा हितग्राहियों को अपने आधार कार्ड एवं मोबाइल नंबर के साथ शिविरों में उपस्थित कराते हुए सत्यापन कार्य पूर्ण कराएं, ताकि पेंशन भुगतान में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो और उन्हें नियमित रूप से पेंशन प्राप्त हो सके।   साथ ही, हितग्राहियों से भी अपील की गई है कि वे इस वार्षिक सत्यापन प्रक्रिया में सहयोग करें और अनिवार्य रूप से अपना सत्यापन कराएं, ताकि भविष्य में पेंशन प्राप्ति में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

नगर पालिक निगम कोरबा में आंतरिक शिकायत समिति की बैठक सम्पन्न — यौन उत्पीड़न संबंधी कोई शिकायत नहीं दर्ज

✍️ भागीरथी यादव   कोरबा। नगर पालिक निगम कोरबा में कामकाजी महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम हेतु गठित आंतरिक शिकायत परिवाद समिति की बैठक आज निगम के मुख्य प्रशासनिक भवन साकेत स्थित सभाकक्ष में सम्पन्न हुई। बैठक के दौरान यह पाया गया कि समिति के समक्ष अब तक किसी भी प्रकार की शिकायत या परिवाद न तो प्रस्तुत किया गया है और न ही कोई मामला लंबित है। इस पर समिति के सदस्यों ने प्रसन्नता व्यक्त की।   लैंगिक उत्पीड़न निवारण, प्रतिरोध और प्रतितोष अधिनियम 2013 के अंतर्गत निगम में यह समिति गठित की गई है, जिसकी समय-समय पर बैठक आयोजित की जाती है। आज की बैठक में सदस्यों ने कार्यस्थल पर महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही यह निर्णय लिया गया कि भविष्य में यदि किसी प्रकार की शिकायत प्राप्त होती है, तो उस पर त्वरित और निष्पक्ष कार्यवाही की जाएगी।   बैठक में समिति की अध्यक्ष गुलिस्ता साहू, सदस्य सचिव सुभाषिनी आशावान, सदस्य तारा भगत, कीर्ति अनंत, तिरिथबाई, विनीता सिंह, तुलसीबाई, शिवकुमारी यादव, मालती सोनी, पुष्पा बंजारे, शांतिबाई, रामबाई, तिलका बाई ध्रुव, शीतला गोंड़ एवं ललिता टंडन सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहीं।   समिति ने कहा कि निगम परिसर में लैंगिक संवेदनशीलता एवं सम्मानजनक कार्य वातावरण बनाए रखने हेतु सभी कर्मचारियों को सजग रहने की आवश्यकता है।

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